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Paper details
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| Board |
RBSE |
| Class |
Class 10th |
| Exam year |
2013 |
| Subject |
Social Science-S-08-2013 |
| Resource type |
Previous Year Papers |
| Category |
RBSE Previous Year Question Papers |
| Website |
RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2013 Social Science-S-08-2013
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Rajasthan Board Class 10th Social Science-S-08-2013 2013 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2013
SECONDARY EXAMINATION, 2013
सामाजिक विज्ञान
SOCIAL SCIENCE
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
- सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory.
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें ।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
S—08—Soc. Sc. S — 07 [ Turn over
सामान्य निर्देश (General Instructions)
5. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि / अंतर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
6. प्रश्न संख्या एवं अंक योजना (Question Number and Marks Scheme):
| प्रश्न संख्या (Q. Nos.) |
अंक (Marks per question) |
उत्तर की शब्द सीमा (Word limit of answer) |
| 1-6 |
2 |
20 शब्द (20 words) |
| 7-13 |
2 |
40 शब्द (40 words) |
| 14-23 |
3 |
100 शब्द (100 words) |
| 24-30 |
4 |
150 शब्द (150 words) |
7. प्रश्न संख्या 31 मानचित्र कार्य से संबंधित है और 5 अंक का है ।
Question No. 31 is related to map-work carrying 5 marks.
8. प्रश्न संख्या 5 से 7 में से किन्हीं दो का उत्तर करना है । प्रश्न संख्या 24 से 27 और 29 में आन्तरिक विकल्प हैं ।
Two questions are to be answered from Q. Nos. 5 to 7. There are internal choices in Q. Nos. 24 to 27 and 29.
प्रश्न (Questions)
1. दलित वर्ग एसोसियेशन का गठन कब हुआ ?
When was Depressed Class Association formed ?
उत्तर (Answer): दलित वर्ग एसोसियेशन का गठन 1930 में डॉ. भीमराव अम्बेडकर द्वारा किया गया था।
The Depressed Class Association was formed in 1930 by Dr. B. R. Ambedkar.
2. दबाव समूह का अर्थ बताइए ।
Write the meaning of pressure groups.
उत्तर (Answer): दबाव समूह ऐसे संगठित समूह होते हैं जो सरकार की नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, लेकिन वे स्वयं चुनाव नहीं लड़ते या सत्ता में नहीं आते। ये समूह अपने सदस्यों के हितों की रक्षा के लिए सरकार पर दबाव डालते हैं।
Pressure groups are organized groups that try to influence government policies and decisions, but they do not contest elections or come to power themselves. These groups exert pressure on the government to protect the interests of their members.
S—08—Soc. Sc.
3. मानव विकास सूचकांक के कोई दो सूचकों के नाम लिखिए।
Write the names of any two indicators of Human Development Index.
उत्तर / Answer:
- जीवन प्रत्याशा (Life Expectancy)
- शिक्षा स्तर (Education Level) / प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income)
4. तृतीयक क्षेत्र की कोई दो सेवाओं के नाम लिखिए।
Write the names of any two services of tertiary sector.
उत्तर / Answer:
- बैंकिंग (Banking)
- परिवहन (Transportation)
5. “वैश्वीकरण” का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Explain the meaning of ‘Globalisation’.
उत्तर / Answer:
वैश्वीकरण का अर्थ है विभिन्न देशों के बीच वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, प्रौद्योगिकी और सूचना का मुक्त आदान-प्रदान। इससे देशों की अर्थव्यवस्थाएँ एक-दूसरे से जुड़ जाती हैं और वैश्विक स्तर पर व्यापार, निवेश तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ता है।
6. विद्युत उपकरणों एवं खाद्य वस्तुओं पर अंकित शब्द चिह्न और प्रमाणकों के नाम लिखिए।
Write the names of logo and certification used on electric equipment and food products.
उत्तर / Answer:
- विद्युत उपकरणों पर: ISI चिह्न (ISI Mark)
- खाद्य वस्तुओं पर: FSSAI प्रमाणक (FSSAI Logo) या AGMARK
7. काली मृदा की दो विशेषताएँ लिखिए।
Write two characteristics of Black soil.
उत्तर / Answer:
- यह मृदा नमी को लंबे समय तक संग्रहित रखती है।
- इसमें चूना, पोटाश और मैग्नीशियम की प्रचुरता होती है तथा यह कपास की खेती के लिए उपयुक्त होती है।
8. प्राणियों की संकटग्रस्त प्रजातियों को बचाने हेतु दो सुझाव दीजिए।
Give two suggestions to survival of endangered species of wildlife.
उत्तर / Answer:
- अवैध शिकार पर सख्त प्रतिबंध लगाना और वन्यजीव अभयारण्यों का विस्तार करना।
- प्राकृतिक आवासों का संरक्षण करना और प्रदूषण को नियंत्रित करना।
9. बहुउद्देशीय परियोजनाओं को स्पष्ट कीजिए।
Explain the multipurpose projects.
उत्तर: बहुउद्देशीय परियोजनाएँ वे जल संसाधन विकास परियोजनाएँ हैं जो एक साथ कई उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं, जैसे सिंचाई, बिजली उत्पादन, बाढ़ नियंत्रण, पेयजल आपूर्ति, और मत्स्य पालन। उदाहरण: भाखड़ा-नांगल परियोजना, हीराकुंड बांध।
Answer: Multipurpose projects are water resource development projects that serve multiple purposes simultaneously, such as irrigation, electricity generation, flood control, drinking water supply, and fisheries. Example: Bhakra-Nangal Project, Hirakud Dam.
10. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए:
Match the following:
| गैर पारम्परिक ऊर्जा स्रोत (Non-conventional sources of energy) |
अवस्थित क्षेत्र (Located areas) |
| (i) सौर ऊर्जा (Solar energy) |
(d) जैसलमेर (Jaisalmer) |
| (ii) पवन ऊर्जा (Wind energy) |
(b) भुज-माधापुर (Bhuj-Madhapur) |
| (iii) ज्वारीय ऊर्जा (Tidal energy) |
(a) कच्छ की खाड़ी (Gulf of Kachchh) |
| (iv) भू-तापीय ऊर्जा (Geothermal energy) |
(c) लद्दाख (Ladakh) |
सही मिलान (Correct Matching):
- (i) सौर ऊर्जा → (d) जैसलमेर
- (ii) पवन ऊर्जा → (b) भुज-माधापुर
- (iii) ज्वारीय ऊर्जा → (a) कच्छ की खाड़ी
- (iv) भू-तापीय ऊर्जा → (c) लद्दाख
व्याख्या: जैसलमेर में सौर ऊर्जा की अधिक संभावना है, भुज-माधापुर पवन ऊर्जा के लिए प्रसिद्ध है, कच्छ की खाड़ी में ज्वारीय ऊर्जा उत्पन्न की जाती है, और लद्दाख में भू-तापीय ऊर्जा के स्रोत पाए जाते हैं।
Explanation: Jaisalmer has high solar energy potential, Bhuj-Madhapur is famous for wind energy, tidal energy is generated in the Gulf of Kachchh, and geothermal energy sources are found in Ladakh.
प्रश्न 1: चावल की कृषि का वर्णन निम्न बिन्दुओं के आधार पर कीजिए:
Describe the cultivation of rice under the following points: (1+1=2)
- जलवायु (Climate): चावल की कृषि के लिए उच्च तापमान (लगभग 25°C से 30°C) और अधिक वर्षा (100 से 200 सेमी) की आवश्यकता होती है। यह नम जलवायु में अच्छी तरह उगता है।
- उत्पादक क्षेत्र (Producing area): भारत में चावल के प्रमुख उत्पादक क्षेत्र पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, पंजाब, तमिलनाडु, और बिहार हैं। ये क्षेत्र गर्म और आर्द्र जलवायु के लिए उपयुक्त हैं।
स्पष्टीकरण: चावल एक खरीफ फसल है जिसे अधिक पानी और गर्मी की आवश्यकता होती है। यह मुख्यतः नदी के डेल्टा और मैदानी क्षेत्रों में उगाया जाता है जहाँ जल की उपलब्धता अधिक होती है।
प्रश्न 2: खनिज संसाधनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है? समझाइए।
Why is conservation of mineral resources essential? Explain. (2)
खनिज संसाधनों का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि:
- खनिज संसाधन अनवीकरणीय (non-renewable) हैं, अर्थात इनका निर्माण लाखों वर्षों में होता है और एक बार समाप्त होने पर पुनः प्राप्त नहीं किए जा सकते।
- ये औद्योगिक विकास, ऊर्जा उत्पादन, और आधुनिक जीवन के लिए आवश्यक हैं।
- अत्यधिक दोहन से भविष्य की पीढ़ियों के लिए इनकी कमी हो सकती है, इसलिए संरक्षण आवश्यक है।
प्रश्न 3: भूमि निम्नीकरण संरक्षण के दो उपाय बताइए।
Mention two measures for conservation of land degradation. (1+1=2)
- वृक्षारोपण (Afforestation): अधिक से अधिक पेड़ लगाकर मिट्टी के कटाव को रोका जा सकता है। पेड़ों की जड़ें मिट्टी को बांधे रखती हैं और हवा तथा पानी के कटाव से बचाती हैं।
- समोच्च जुताई (Contour Ploughing): ढलान वाली भूमि पर समोच्च रेखाओं के अनुसार जुताई करने से पानी का बहाव धीमा होता है और मिट्टी का कटाव कम होता है।
प्रश्न 4: “महात्मा गाँधी की दांडी यात्रा ब्रिटिश शासन के खिलाफ प्रतिरोध का असरदार प्रतीक थी।” समझाइए।
“Dandi March of Mahatma Gandhi was an effective tool of opposing against British rule.” Explain. (3)
महात्मा गाँधी की दांडी यात्रा (1930) ब्रिटिश शासन के खिलाफ एक प्रभावी प्रतीक थी क्योंकि:
- यह नमक कानून (Salt Law) के विरोध में एक शांतिपूर्ण सविनय अवज्ञा आंदोलन था, जिसमें गाँधी जी ने 24 दिनों में 240 मील की पैदल यात्रा कर समुद्र तट पर नमक बनाकर कानून तोड़ा।
- इस यात्रा ने पूरे भारत में जनजागरण किया और लाखों लोगों को ब्रिटिश शासन के खिलाफ एकजुट किया।
- यह अहिंसक प्रतिरोध का एक शक्तिशाली उदाहरण था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को समर्थन दिलाया और ब्रिटिश सरकार को झुकने पर मजबूर किया।
प्रश्न संख्या 5 से 7 तक में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
Attempt any two questions from Q. Nos. 5 to 7:
5. उन्नीसवीं सदी में इंग्लैण्ड में उपलब्ध मनोरंजन के साधनों का वर्णन कीजिये।
Describe the means of entertainment available in England in the Nineteenth Century. (3 अंक)
उत्तर: उन्नीसवीं सदी में इंग्लैण्ड में मनोरंजन के विभिन्न साधन उपलब्ध थे, जो औद्योगीकरण और शहरीकरण के प्रभाव से विकसित हुए। प्रमुख साधन निम्नलिखित थे:
- थिएटर और नाटक: लंदन और अन्य बड़े शहरों में थिएटर लोकप्रिय थे, जहाँ शेक्सपियर और अन्य नाटककारों के नाटक दिखाए जाते थे।
- संगीत और नृत्य: संगीत कार्यक्रम, ओपेरा और बॉलरूम नृत्य उच्च वर्ग के बीच प्रचलित थे।
- खेल: फुटबॉल, क्रिकेट और घुड़दौड़ जैसे खेलों का आयोजन होता था, जो सभी वर्गों को आकर्षित करते थे।
- पार्क और मेले: शहरी पार्कों में सैर-सपाटा और मेलों में जादू, सर्कस और झूले लोगों के मनोरंजन के साधन थे।
- पुस्तकालय और समाचार पत्र: पढ़ने के शौकीनों के लिए सार्वजनिक पुस्तकालय और समाचार पत्र उपलब्ध थे, जो ज्ञानवर्धन के साथ मनोरंजन भी प्रदान करते थे।
6. औद्योगीकरण से आप क्या समझते हैं? इसका प्रारम्भ इंग्लैण्ड से ही क्यों हुआ? स्पष्ट कीजिये।
What do you understand by Industrialization? Why did it start from England only? Clarify. (3 अंक)
उत्तर: औद्योगीकरण से तात्पर्य उस प्रक्रिया से है जिसमें अर्थव्यवस्था कृषि प्रधान से मशीनों और कारखानों पर आधारित उद्योगों की ओर स्थानांतरित हो जाती है। इसमें वस्तुओं का बड़े पैमाने पर उत्पादन, नई तकनीकों का उपयोग और श्रम विभाजन शामिल है।
इंग्लैण्ड से प्रारम्भ होने के कारण:
- प्राकृतिक संसाधन: इंग्लैण्ड में कोयला और लौह अयस्क प्रचुर मात्रा में उपलब्ध थे, जो उद्योगों के लिए आवश्यक थे।
- कृषि क्रांति: कृषि में सुधारों से खाद्य उत्पादन बढ़ा और अतिरिक्त श्रमिक उद्योगों में काम करने के लिए उपलब्ध हुए।
- व्यापारिक साम्राज्य: इंग्लैण्ड का विशाल उपनिवेशी साम्राज्य कच्चे माल का स्रोत और तैयार माल का बाजार प्रदान करता था।
- राजनीतिक स्थिरता: ब्रिटिश सरकार ने उद्योगों को प्रोत्साहित करने वाली नीतियाँ अपनाईं, जैसे पेटेंट कानून और व्यापार को बढ़ावा।
- तकनीकी आविष्कार: स्टीम इंजन, स्पिनिंग जेनी और पावर लूम जैसे आविष्कारों ने उत्पादन को तीव्र और सस्ता बनाया।
7. 'सिल्क रूट' क्या है? इसका महत्व बताइये।
What is 'Silk Route'? Describe its importance. (3 अंक)
उत्तर: 'सिल्क रूट' प्राचीन काल में चीन को मध्य एशिया, भारत, फारस और यूरोप से जोड़ने वाला एक व्यापारिक मार्ग था। इसका नाम चीन से निर्यात होने वाले रेशम (सिल्क) के कारण पड़ा।
महत्व:
- व्यापार: इस मार्ग से रेशम, मसाले, कीमती पत्थर, कांच और अन्य वस्तुओं का आदान-प्रदान होता था।
- सांस्कृतिक आदान-प्रदान: इसने विभिन्न सभ्यताओं के बीच धर्म (बौद्ध धर्म का प्रसार), कला, भाषा और विज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
- तकनीकी प्रसार: कागज बनाने की तकनीक, बारूद और कम्पास जैसे आविष्कार इसी मार्ग से पश्चिमी दुनिया में पहुँचे।
- आर्थिक विकास: इस मार्ग पर स्थित शहर (जैसे समरकंद) व्यापारिक केंद्र बनकर समृद्ध हुए।
8. भारत में राजनीतिक दलों को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता देने के क्या मापदण्ड हैं?
What are the criteria to recognition of national political party in India? (3 अंक)
उत्तर: भारत में किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित निम्नलिखित मापदण्ड हैं:
- दल को कम से कम तीन राज्यों में राज्य स्तरीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त होनी चाहिए।
- लोकसभा या विधानसभा के आम चुनाव में दल को कम से कम चार राज्यों में कुल वैध मतों का 6% प्राप्त होना चाहिए, और साथ ही उसे लोकसभा की कम से कम चार सीटें जीतनी चाहिए।
- वैकल्पिक रूप से, दल को लोकसभा की कम से कम 11 सीटें (कुल सीटों का 2%) कम से कम तीन अलग-अलग राज्यों से जीतनी चाहिए।
9. श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष की विवेचना कीजिए।
Discuss the ethnic problem in Sri Lanka. (3 अंक)
उत्तर: श्रीलंका में जातीय संघर्ष मुख्यतः बहुसंख्यक सिंहली समुदाय और अल्पसंख्यक तमिल समुदाय के बीच हुआ। इसके प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
- भाषा नीति: 1956 में सिंहली भाषा को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया, जिससे तमिलों को नौकरियों और शिक्षा में नुकसान हुआ।
- शैक्षिक और आर्थिक भेदभाव: तमिलों को विश्वविद्यालय प्रवेश और सरकारी नौकरियों में आरक्षण के माध्यम से हाशिए पर डाला गया।
- नागरिकता कानून: भारतीय मूल के तमिलों को नागरिकता से वंचित किया गया, जिससे वे राजनीतिक रूप से कमजोर हो गए।
- सशस्त्र संघर्ष: तमिलों ने अलग राज्य (ईलम) की मांग को लेकर लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के नेतृत्व में सशस्त्र संघर्ष शुरू किया, जो 1983 से 2009 तक चला और हजारों लोगों की जान ले गया।
10. धारणीय विकास पर लघु टिप्पणी लिखिए।
Write a short note on sustainable development. (3 अंक)
उत्तर: धारणीय विकास (Sustainable Development) वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करता है, बिना भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए। इसके मुख्य सिद्धांत हैं:
- पर्यावरण संरक्षण: प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और प्रदूषण को कम करना।
- सामाजिक समानता: सभी लोगों को विकास के लाभों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना।
- आर्थिक दक्षता: ऐसी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना जो पर्यावरण को नुकसान न पहुँचाएँ, जैसे नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग।
उदाहरण के लिए, सौर ऊर्जा का उपयोग, वनों का संरक्षण और जल संसाधनों का पुनर्चक्रण धारणीय विकास के अंतर्गत आते हैं।
प्रश्न 22: असंगठित क्षेत्र की तीन विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
Explain any three characteristics of unorganised sector.
असंगठित क्षेत्र की तीन विशेषताएँ:
- छोटे पैमाने पर कार्य: इस क्षेत्र में अधिकांश इकाइयाँ छोटे पैमाने पर काम करती हैं, जैसे हाथ से बनी वस्तुएँ, छोटी दुकानें, या घरेलू उद्योग।
- नियमों का अभाव: यहाँ श्रमिकों को सरकारी नियमों (जैसे न्यूनतम मजदूरी, कार्य घंटे, सुरक्षा) का लाभ नहीं मिलता।
- अनियमित रोजगार: इस क्षेत्र में नौकरी की सुरक्षा नहीं होती; श्रमिकों को अस्थायी या मौसमी आधार पर काम मिलता है और उन्हें सामाजिक सुरक्षा (जैसे पेंशन, बीमा) नहीं मिलती।
प्रश्न 23: विदेशी व्यापार विभिन्न देशों के बाजारों के एकीकरण में किस प्रकार सहायक होता है? समझाइए।
How does foreign trade help in integration of markets in different countries? Explain.
विदेशी व्यापार बाजारों के एकीकरण में निम्नलिखित प्रकार से सहायक होता है:
- वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान: विदेशी व्यापार के माध्यम से देश एक-दूसरे से वस्तुएँ और सेवाएँ खरीदते-बेचते हैं, जिससे विभिन्न देशों के बाजार आपस में जुड़ जाते हैं।
- मूल्य समानता: जब एक ही वस्तु विभिन्न देशों में बेची जाती है, तो उसकी कीमतें धीरे-धीरे समान होने लगती हैं, जिससे बाजार एकीकृत होते हैं।
- प्रतिस्पर्धा और विकल्प: विदेशी व्यापार से उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प मिलते हैं और कंपनियों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है, जिससे बाजार एकीकरण को बढ़ावा मिलता है।
प्रश्न 24: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के अंतर्गत उपभोक्ता को प्रदत्त तीन अधिकारों का वर्णन कीजिए।
Describe any three rights provided to the consumer in Consumer Protection Act, 1986.
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत तीन प्रमुख अधिकार:
- सुरक्षा का अधिकार: उपभोक्ता को ऐसी वस्तुओं और सेवाओं से सुरक्षा का अधिकार है जो जीवन या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
- सूचना का अधिकार: उपभोक्ता को किसी उत्पाद या सेवा के बारे में पूरी जानकारी (जैसे मूल्य, सामग्री, उपयोग विधि) प्राप्त करने का अधिकार है।
- निवारण का अधिकार: यदि कोई उत्पाद या सेवा दोषपूर्ण है, तो उपभोक्ता को शिकायत दर्ज कराने और उचित मुआवजा प्राप्त करने का अधिकार है।
प्रश्न 25: रुमानीवाद से आप क्या समझते हैं? रुमानीवाद ने राष्ट्रीयता की धारणा के विकास में किस प्रकार योगदान दिया? वर्णन कीजिए।
What do you understand by Romanticism? How did Romanticism contribute to develop the idea of Nationalism? Explain.
रुमानीवाद: रुमानीवाद 18वीं और 19वीं शताब्दी का एक सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने तर्क और बुद्धिवाद के बजाय भावनाओं, कल्पना और व्यक्तिगत अनुभव पर जोर दिया। इसने कला, साहित्य और संगीत में नए विचारों को जन्म दिया।
राष्ट्रीयता के विकास में योगदान:
- लोक संस्कृति और भाषा पर जोर: रुमानीवाद ने लोकगीतों, लोककथाओं और स्थानीय भाषाओं को महत्व दिया, जिससे विभिन्न समुदायों में अपनी सांस्कृतिक पहचान के प्रति जागरूकता बढ़ी।
- साझा इतिहास और परंपराओं का निर्माण: रुमानीवादी कलाकारों और लेखकों ने एक साझा अतीत और गौरवशाली परंपराओं की कल्पना की, जिससे लोगों में एक राष्ट्र के रूप में एकजुट होने की भावना विकसित हुई।
- राष्ट्रीय भावना का जागरण: रुमानीवाद ने लोगों को अपनी मातृभूमि से प्रेम करने और विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष करने के लिए प्रेरित किया, जैसे जर्मनी और इटली में राष्ट्रीय एकीकरण आंदोलनों में देखा गया।
अथवा / OR
प्रश्न 25 (वैकल्पिक): फ्रांसीसियों द्वारा उपनिवेशों के विकास हेतु किये गये कार्यों का वर्णन कीजिए।
Describe the role of French for the development of colonies.
फ्रांसीसियों द्वारा उपनिवेशों के विकास हेतु किए गए कार्य:
- बुनियादी ढाँचे का विकास: फ्रांसीसियों ने उपनिवेशों में सड़कें, रेलवे, बंदरगाह और पुल बनाए, जिससे व्यापार और परिवहन में सुधार हुआ।
- शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ: उन्होंने स्कूल और अस्पताल स्थापित किए, जिससे स्थानीय लोगों को शिक्षा और चिकित्सा सुविधाएँ मिलीं।
- आर्थिक विकास: फ्रांसीसियों ने वृक्षारोपण (जैसे कॉफी, चाय, रबर) और खनन उद्योगों को बढ़ावा दिया, जिससे उपनिवेशों की अर्थव्यवस्था को गति मिली। हालाँकि, यह विकास मुख्यतः फ्रांस के हितों के लिए किया गया था।
25. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए :
(क) भारत में मुद्रण युग से पहले की पांडुलिपियाँ
मुद्रण युग से पहले भारत में पांडुलिपियाँ ही ज्ञान का मुख्य स्रोत थीं। ये हस्तलिखित ग्रंथ थे, जो ताड़पत्र, भोजपत्र, कपड़े या कागज पर लिखे जाते थे। इनमें धार्मिक, दार्शनिक, वैज्ञानिक और साहित्यिक विषयों का संग्रह होता था। ये पांडुलिपियाँ अत्यंत नाजुक होती थीं और इनकी संख्या सीमित थी, जिससे ज्ञान का प्रसार सीमित रहता था।
(ख) मुद्रण और गरीब जनता
मुद्रण के आगमन ने गरीब जनता के लिए ज्ञान और सूचना तक पहुँच को सस्ता और सुलभ बना दिया। पहले जो ज्ञान केवल अमीरों और उच्च वर्गों तक सीमित था, वह अब सस्ती पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार पत्रों के माध्यम से आम जनता तक पहुँचने लगा। इससे सामाजिक जागरूकता बढ़ी और गरीबों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने में मदद मिली।
अथवा
(क) मराठी उपन्यास
मराठी उपन्यास का आरंभ 19वीं शताब्दी में हुआ। हरि नारायण आपटे को मराठी उपन्यास का जनक माना जाता है। उनके उपन्यासों में सामाजिक सुधार और राष्ट्रीय भावना का समावेश था। बाद में वि.स. खांडेकर, रणजीत देसाई और शिवाजी सावंत जैसे लेखकों ने मराठी उपन्यास को समृद्ध किया।
(ख) बंगला उपन्यास
बंगला उपन्यास का विकास 19वीं शताब्दी में बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय के 'दुर्गेशनंदिनी' (1865) से हुआ। बंकिमचंद्र ने ऐतिहासिक और सामाजिक उपन्यास लिखे। रवींद्रनाथ टैगोर ने 'गोरा' और 'घरे-बाइरे' जैसे उपन्यासों से बंगला साहित्य को नई दिशा दी। शरतचंद्र चट्टोपाध्याय ने ग्रामीण जीवन और सामाजिक समस्याओं को अपने उपन्यासों में चित्रित किया।
26. भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणाम पर प्रकाश डालिए ।
भारत में सामाजिक विभाजनों (जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र) की राजनीति के निम्नलिखित परिणाम हुए हैं:
- सकारात्मक परिणाम: इसने हाशिए पर पड़े समुदायों (जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग) को राजनीतिक प्रतिनिधित्व और आरक्षण दिलाया। इससे सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा मिला।
- नकारात्मक परिणाम: इसने सामाजिक तनाव और संघर्ष को बढ़ाया। जाति और धर्म के आधार पर वोट बैंक की राजनीति हुई, जिससे समाज में विभाजन गहराया। कई बार हिंसा और दंगे भी हुए।
- लोकतंत्र पर प्रभाव: सामाजिक विभाजनों की राजनीति ने लोकतंत्र को मजबूत भी किया और कमजोर भी। एक ओर इसने विविध समुदायों को आवाज दी, वहीं दूसरी ओर इसने राजनीति को संकीर्ण और स्वार्थी बना दिया।
कुल मिलाकर, भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के मिश्रित परिणाम रहे हैं। इसने सामाजिक न्याय को बढ़ावा दिया, लेकिन साथ ही सामाजिक सद्भाव को भी चुनौती दी।
अथवा
भारत में लैंगिक विषमता को स्पष्ट कीजिए ।
भारत में लैंगिक विषमता का अर्थ है पुरुषों और महिलाओं के बीच असमानता। यह निम्नलिखित रूपों में दिखाई देती है:
- शिक्षा में: महिलाओं की साक्षरता दर पुरुषों की तुलना में कम है। ग्रामीण क्षेत्रों में लड़कियों को अक्सर शिक्षा से वंचित रखा जाता है।
- रोजगार में: महिलाओं को कम वेतन और कम अवसर मिलते हैं। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और भेदभाव आम है।
- स्वास्थ्य में: महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं में कम प्राथमिकता दी जाती है। कन्या भ्रूण हत्या और लिंगानुपात में असंतुलन इसका गंभीर परिणाम है।
- राजनीतिक प्रतिनिधित्व में: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बहुत कम है।
- सामाजिक जीवन में: दहेज प्रथा, घरेलू हिंसा, और पितृसत्तात्मक मानसिकता महिलाओं को दबाए रखती है।
सरकार ने लैंगिक समानता के लिए कई कदम उठाए हैं, जैसे बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना, महिला आरक्षण विधेयक, और विभिन्न कानूनी सुधार। फिर भी, सामाजिक जागरूकता और व्यवहार में बदलाव की आवश्यकता है।
27. लोकतंत्र में नागरिक गरिमा के महत्व को स्पष्ट कीजिए।
लोकतंत्र में नागरिक गरिमा का महत्व:
- लोकतंत्र का मूल आधार प्रत्येक नागरिक को समान गरिमा प्रदान करना है। यह सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिकों को समान अधिकार और अवसर मिलें, चाहे उनकी जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति कुछ भी हो।
- नागरिक गरिमा लोकतंत्र में व्यक्ति के आत्मसम्मान की रक्षा करती है। जब नागरिकों को गरिमा मिलती है, तो वे सरकार की नीतियों में भागीदारी करते हैं और अपने विचार व्यक्त करने में सक्षम होते हैं।
- यह सामाजिक न्याय और समानता को बढ़ावा देती है। लोकतंत्र में कानून के समक्ष सभी समान होते हैं, जो नागरिकों की गरिमा को सुनिश्चित करता है।
- नागरिक गरिमा लोकतांत्रिक शासन को वैधता प्रदान करती है। जब नागरिकों को लगता है कि उनकी गरिमा का सम्मान होता है, तो वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास करते हैं और इसे बनाए रखने में योगदान देते हैं।
अथवा
भारत के संदर्भ में सामाजिक विविधता में सामंजस्य की विवेचना कीजिए।
भारत में सामाजिक विविधता में सामंजस्य:
- भारत एक बहुभाषी, बहुधार्मिक और बहुसांस्कृतिक देश है। यहाँ विभिन्न जातियों, धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों के लोग रहते हैं।
- लोकतंत्र ने इन विविधताओं को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संविधान ने सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं, जैसे कि धर्म की स्वतंत्रता, भाषा का अधिकार, और सांस्कृतिक संरक्षण।
- सामाजिक विविधता में सामंजस्य के लिए सरकार ने आरक्षण नीति, अल्पसंख्यक कल्याण कार्यक्रम, और क्षेत्रीय भाषाओं को संरक्षण जैसे कदम उठाए हैं।
- हालांकि, कभी-कभी साम्प्रदायिक तनाव और जातिगत संघर्ष उत्पन्न होते हैं, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाएँ और नागरिक समाज इन मुद्दों को हल करने में मदद करते हैं।
- भारत की विविधता में एकता की अवधारणा सामाजिक सामंजस्य को मजबूत करती है, जहाँ विभिन्न समुदाय एक-दूसरे के त्योहारों और परंपराओं का सम्मान करते हैं।
28. लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के कार्यों पर प्रकाश डालिए।
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के प्रमुख कार्य:
- कानून निर्माण: लोकतांत्रिक सरकार जनता की भलाई के लिए कानून बनाती है। ये कानून संसद या विधानसभा में बहस और चर्चा के बाद पारित किए जाते हैं।
- नीति निर्धारण और कार्यान्वयन: सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, अर्थव्यवस्था आदि क्षेत्रों में नीतियाँ बनाती है और उन्हें लागू करती है।
- न्याय प्रदान करना: लोकतंत्र में एक स्वतंत्र न्यायपालिका होती है जो नागरिकों को न्याय प्रदान करती है और कानून के शासन को सुनिश्चित करती है।
- जनता की भागीदारी सुनिश्चित करना: लोकतांत्रिक सरकार चुनाव, जनमत संग्रह, और नागरिक संवाद के माध्यम से जनता की भागीदारी सुनिश्चित करती है।
- सामाजिक कल्याण: सरकार गरीबी उन्मूलन, रोजगार सृजन, और सामाजिक सुरक्षा जैसे कार्यक्रम चलाती है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा: सरकार देश की सीमाओं की रक्षा करती है और आंतरिक सुरक्षा बनाए रखती है।
29. आपके दृष्टिकोण से वस्तु विनिमय प्रणाली और मौद्रिक प्रणाली में कौन सी प्रणाली श्रेष्ठ है और क्यों?
मौद्रिक प्रणाली श्रेष्ठ है, क्योंकि:
- मूल्य का सामान्य मापक: मुद्रा सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापने का एक सामान्य माध्यम प्रदान करती है, जबकि वस्तु विनिमय में मूल्य निर्धारण कठिन होता है।
- भंडारण में आसानी: मुद्रा को आसानी से संग्रहीत किया जा सकता है, जबकि वस्तुएँ खराब हो सकती हैं या उन्हें संग्रहीत करना मुश्किल हो सकता है।
- विनिमय में सुविधा: मुद्रा के माध्यम से लेन-देन तुरंत और आसानी से हो जाता है, जबकि वस्तु विनिमय में दोहरी आवश्यकताओं का मिलान करना पड़ता है।
- विभाज्यता: मुद्रा को छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जा सकता है, जबकि वस्तुओं को विभाजित करना हमेशा संभव नहीं होता।
- पोर्टेबिलिटी: मुद्रा को आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाया जा सकता है, जबकि भारी वस्तुओं का परिवहन कठिन होता है।
अथवा
शहरी गरीबों व अमीरों के ऋणों में औपचारिक व अनौपचारिक साख के योगदान की तुलना कीजिए। औपचारिक क्षेत्र की ऋणों के सृजन में भागीदारी बढ़ाने हेतु कोई दो सुझाव दीजिए।
शहरी गरीबों और अमीरों के ऋणों में औपचारिक और अनौपचारिक साख का योगदान:
| पहलू |
शहरी गरीब |
शहरी अमीर |
| औपचारिक साख (बैंक, सहकारी) |
बहुत कम उपयोग; संपत्ति की कमी, दस्तावेजों की कमी, और उच्च ब्याज दरों के कारण पहुँच सीमित। |
अधिक उपयोग; संपत्ति, अच्छे क्रेडिट इतिहास और कम ब्याज दरों के कारण आसान पहुँच। |
| अनौपचारिक साख (साहूकार, रिश्तेदार) |
अधिक उपयोग; आसानी से उपलब्ध, लेकिन बहुत अधिक ब्याज दरें (50-100% तक) और शोषणकारी शर्तें। |
कम उपयोग; केवल आपात स्थिति में या व्यावसायिक जरूरतों के लिए। |
औपचारिक क्षेत्र की ऋणों में भागीदारी बढ़ाने के लिए दो सुझाव:
- बैंक शाखाओं का विस्तार: गरीब बस्तियों और दूरदराज के क्षेत्रों में बैंक शाखाएँ खोलें, ताकि लोगों को औपचारिक ऋण आसानी से मिल सके।
- सरल प्रक्रिया और कम ब्याज दर: छोटे ऋणों के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता कम करें और ब्याज दरों को किफायती बनाएं, ताकि गरीब लोग साहूकारों के बजाय बैंकों से ऋण लें।
30. निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए :
Write short notes on the following :
(i) आधारभूत उद्योग का महत्व / Importance of infrastructure industry
आधारभूत उद्योग वे उद्योग हैं जो अन्य उद्योगों के लिए कच्चा माल, मशीनरी और बुनियादी सुविधाएँ प्रदान करते हैं। इनका महत्व निम्नलिखित है:
- ये अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं और औद्योगिक विकास की नींव रखते हैं।
- ये बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं।
- ये देश के बुनियादी ढाँचे (जैसे सड़क, बिजली, संचार) को मजबूत करते हैं।
- ये निर्यात को बढ़ावा देकर विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायक होते हैं।
- उदाहरण: लोहा और इस्पात उद्योग, सीमेंट उद्योग, रसायन उद्योग।
(ii) अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में पर्यटन का महत्व / Importance of tourism in International trade
अन्तरराष्ट्रीय व्यापार में पर्यटन का महत्व निम्नलिखित है:
- पर्यटन एक प्रमुख सेवा क्षेत्र है जो विदेशी मुद्रा अर्जित करने में सहायक होता है।
- यह स्थानीय हस्तशिल्प, कला, और सांस्कृतिक उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देता है।
- पर्यटन से होटल, परिवहन, और खाद्य उद्योग जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
- यह देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी समझ को बढ़ावा देता है।
- पर्यटन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है और बुनियादी ढाँचे का विकास होता है।
31. (क) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए :
On the given outline map of India, mark the following:
- (i) अमृतसर (Amritsar)
- (ii) चंपारण (Champaran)
(ख) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए :
On the given outline map of India, mark the following:
- (i) मरुस्थलीय मृदा का क्षेत्र (Desert soil region)
- (ii) गोंडवाना कोयला क्षेत्र (Gondwana coal field)
- (iii) मुम्बई बन्दरगाह (Mumbai port)
Map Based Questions
(a) Mark the following in the given outline map of India: (1+1=2)
- (i) Amritsar
- (ii) Champaran
(b) Mark the following in the given outline map of India: (3)
- (i) Areas of arid soil
- (ii) Areas of Gondwana coal
- (iii) Mumbai port
Solution (Reference):
- Amritsar: Located in the state of Punjab, in the northwestern part of India.
- Champaran: Located in the state of Bihar, in the eastern part of India.
- Areas of arid soil: Found mainly in the western part of India, covering most of Rajasthan and parts of Gujarat and Haryana.
- Areas of Gondwana coal: Found in the central and eastern parts of India, mainly in the states of Jharkhand, Odisha, Chhattisgarh, Madhya Pradesh, and West Bengal.
- Mumbai port: Located on the western coast of India, in the state of Maharashtra.
S—08—Soc. Sc. S—07 [ Turn over ]
माध्यमिक परीक्षा, 2013
SECONDARY EXAMINATION, 2013
S—08—Social Science
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