RBSE Class 10th 2015 Social Science-S-08-2015 Previous Year Papers
Class 10th students hunting authentic previous year papers for Social Science-S-08-2015 (2015) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.
Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2015 |
| Subject | Social Science-S-08-2015 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 10th, year 2015, and subject Social Science-S-08-2015 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
Turning 2015 papers into insight
One Social Science-S-08-2015 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.
Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 10th expect clear numbering even in practice sessions.
RBSE Class 10th 2015 Social Science-S-08-2015
Scroll through the Previous Year Papers pages for Social Science-S-08-2015 (2015).
Rajasthan Board Class 10th Social Science-S-08-2015 2015 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2015
SECONDARY EXAMINATION, 2015
सामाजिक विज्ञान
SOCIAL SCIENCE
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें ।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि / अंतर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
S—08—Soc. Sc. S - 4008 [ Turn over
प्रश्न संख्या 6 से 30 तक के लिए अंक और शब्द सीमा
| प्रश्न संख्या | प्रति प्रश्न अंक | उत्तर की शब्द सीमा |
|---|---|---|
| 1-6 | 1 | 20 शब्द |
| 7-13 | 2 | 40 शब्द |
| 14-23 | 3 | 100 शब्द |
| 24-30 | 4 | 50 शब्द |
विशेष निर्देश
- प्रश्न संख्या 3 मानचित्र कार्य से संबंधित है और 5 अंक का है।
- प्रश्न संख्या 5 से 7 तक में से दो प्रश्नों का उत्तर देना है।
- प्रश्न संख्या 24 से 27 और 29 में आन्तरिक विकल्प हैं।
प्रश्न (1 अंक, 20 शब्द)
प्रश्न 1. 1929 के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष कौन थे?
Who was the President of Lahore session of the Congress in 1929?
उत्तर: 1929 के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू थे।
प्रश्न 2. कौन-सी शासन व्यवस्था अपनी कुछ कमियों के बावजूद पूरे विश्व में स्वीकार्य है?
Which form of government is accepted throughout the world despite of some shortcomings?
उत्तर: लोकतंत्र (Democracy) वह शासन व्यवस्था है जो अपनी कुछ कमियों के बावजूद पूरे विश्व में स्वीकार्य है।
प्रश्न 3. प्राथमिक क्षेत्र किसे कहते हैं?
What is primary sector?
उत्तर: प्राथमिक क्षेत्र वह आर्थिक क्षेत्र है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का सीधे उपयोग करके वस्तुओं का उत्पादन किया जाता है, जैसे कृषि, मछली पकड़ना, वनों से लकड़ी प्राप्त करना और खनन।
प्रश्न 4. बैंक चेक क्या है?
What is Bank Cheque?
उत्तर: बैंक चेक एक लिखित आदेश है जिसके द्वारा खाताधारक बैंक को निर्देश देता है कि वह उसमें उल्लिखित राशि किसी विशिष्ट व्यक्ति या संस्था को दे दे।
प्रश्न 5. वैश्वीकरण से क्या अभिप्राय है?
What is meant by globalisation?
उत्तर: वैश्वीकरण से अभिप्राय विभिन्न देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और तकनीकी आदान-प्रदान की प्रक्रिया से है, जिससे दुनिया एक वैश्विक गाँव बन रही है।
प्रश्न 1
अन्तिम वस्तुएँ कौन-सी होती हैं ?
Which are final goods?
उत्तर: अन्तिम वस्तुएँ वे वस्तुएँ होती हैं जो उपभोग या निवेश के लिए तैयार होती हैं और जिनका आगे कोई उत्पादन प्रक्रिया में उपयोग नहीं होता। उदाहरण: ब्रेड, कपड़े, मशीनरी।
प्रश्न 2
अन्तराष्ट्रीय संसाधनों का अभिप्राय स्पष्ट कीजिए ।
Clarify the meaning of international resources.
उत्तर: अन्तराष्ट्रीय संसाधन वे संसाधन हैं जो किसी एक देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, बल्कि सभी देशों द्वारा साझा किए जाते हैं। इनमें महासागरों के जल, समुद्री जीवन, अंतरिक्ष, और ध्रुवीय क्षेत्र शामिल हैं। इनका उपयोग अंतरराष्ट्रीय कानूनों और समझौतों के अनुसार होता है।
प्रश्न 3
मरुस्थलीय मृदा की कोई दो विशेषताएँ लिखिए ।
Write any two features of Arid soil.
उत्तर: मरुस्थलीय मृदा की दो विशेषताएँ:
- इसमें जल धारण करने की क्षमता कम होती है और यह रेतीली होती है।
- इसमें कार्बनिक पदार्थों की मात्रा बहुत कम होती है, लेकिन लवणों की मात्रा अधिक होती है।
प्रश्न 4
वनों एवं वन्य जीवन का संरक्षण क्यों आवश्यक है ?
Why is conservation of forest & wildlife necessary?
उत्तर: वनों एवं वन्य जीवन का संरक्षण आवश्यक है क्योंकि:
- वन जलवायु को संतुलित रखते हैं, वर्षा लाते हैं, और मिट्टी के कटाव को रोकते हैं।
- वन्य जीवन जैव विविधता को बनाए रखता है और पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन के लिए आवश्यक है।
प्रश्न 5
आपके मतानुसार “'बाँध' कैसे उपयोगी है ?
In your opinion how is 'Dam' useful?
उत्तर: बाँध निम्नलिखित रूपों में उपयोगी है:
- यह सिंचाई के लिए जल संग्रहण करता है, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ता है।
- यह बिजली उत्पादन (जल विद्युत) में सहायक होता है।
- यह बाढ़ नियंत्रण में मदद करता है और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
प्रश्न 6
गेहूँ की खेती के लिये भौगोलिक परिस्थितियों का वर्णन कीजिए ।
Describe the geographical conditions for wheat farming.
उत्तर: गेहूँ की खेती के लिए भौगोलिक परिस्थितियाँ:
- तापमान: 10°C से 25°C के बीच तापमान उपयुक्त होता है।
- वर्षा: 50-100 सेमी वार्षिक वर्षा आवश्यक है, या सिंचाई की व्यवस्था होनी चाहिए।
- मिट्टी: दोमट या चिकनी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी होती है, जिसमें जल निकासी अच्छी हो।
- समय: यह रबी की फसल है, जिसे अक्टूबर-नवंबर में बोया जाता है और मार्च-अप्रैल में काटा जाता है।
प्रश्न 7
किन दो प्रमुख भूगर्भिक युगों की शैलों से कोयला पाया जाता है ? नाम बताइए ।
Name the two rock series of two main geological ages in which coal occurs.
उत्तर: कोयला निम्नलिखित दो प्रमुख भूगर्भिक युगों की शैलों में पाया जाता है:
- कार्बोनिफेरस युग (Carboniferous Age) – इस युग की शैलों में सबसे अधिक कोयला पाया जाता है।
- गोंडवाना युग (Gondwana Age) – भारत में अधिकांश कोयला इसी युग की शैलों में मिलता है।
प्रश्न 8
“भारत में लौह इस्पात उद्योग का पूर्ण विकास नहीं हो सका ।' इसके कोई दो कारण लिखिए ।
"Iron and Steel industry could not develop fully in India." Give any two reasons for this.
उत्तर: भारत में लौह इस्पात उद्योग के पूर्ण विकास न होने के दो कारण:
- पूंजी की कमी: इस उद्योग में अत्यधिक पूंजी निवेश की आवश्यकता होती है, जो भारत में सीमित है।
- आधुनिक तकनीक का अभाव: पुरानी और अकुशल तकनीक के कारण उत्पादन लागत अधिक और गुणवत्ता कम रहती है।
प्रश्न 9
गाँधीजी द्वारा रचित पुस्तक का नाम बताइये । उन्होंने स्वतन्त्रता प्राप्ति हेतु अंग्रेजों के विरुद्ध असहयोग की नीति क्यों अपनाई ?
Name the book written by Gandhiji. Why did he adopt the policy of Non-cooperation against the British to achieve independence?
उत्तर: गाँधीजी द्वारा रचित पुस्तक का नाम "हिंद स्वराज" (Hind Swaraj) है।
गाँधीजी ने असहयोग की नीति इसलिए अपनाई क्योंकि:
- वे अहिंसक तरीके से अंग्रेजों के खिलाफ जन आंदोलन खड़ा करना चाहते थे।
- उनका मानना था कि अंग्रेजों का शासन भारतीयों के सहयोग पर टिका है, इसलिए सहयोग वापस लेने से वे कमजोर हो जाएंगे।
- यह नीति जनता को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम में भागीदारी बढ़ाने का एक प्रभावी साधन थी।
सूचना : प्रश्न संख्या 15 से 17 तक किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिये।
Note : Attempt any two questions from Q. Nos. 15 to 17.
प्रश्न 15. प्रथम विश्वयुद्ध किन दो यूरोपीय ताकतवर गुटों के बीच लड़ा गया ? “यह पहला आधुनिक औद्योगिक युद्ध था।” इस कथन से आप कहाँ तक सहमत हैं ?
Between which two European power blocs was First World War fought ? How far do you agree with the statement that 'it was the first modern industrial war' ? (1+2=3)
उत्तर: प्रथम विश्वयुद्ध दो यूरोपीय ताकतवर गुटों – त्रिगुट (ट्रिपल एलायंस) जिसमें जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी और इटली शामिल थे, तथा त्रिगुट (ट्रिपल एंटेंटे) जिसमें ब्रिटेन, फ्रांस और रूस शामिल थे – के बीच लड़ा गया।
मैं इस कथन से पूरी तरह सहमत हूँ कि यह पहला आधुनिक औद्योगिक युद्ध था, क्योंकि:
- इसमें मशीनगन, टैंक, तोपें, और रासायनिक हथियार जैसे औद्योगिक उत्पादों का बड़े पैमाने पर उपयोग हुआ।
- युद्ध में रेलवे, टेलीग्राफ और मोटर वाहनों जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
- कारखानों में बड़े पैमाने पर हथियार और गोला-बारूद का उत्पादन किया गया, जिसने युद्ध को अभूतपूर्व विनाशकारी बना दिया।
प्रश्न 16. बम्बई की चॉल का अपने शब्दों में वर्णन कीजिये। यह व्यवस्था कहाँ से अपनाई गई ?
Describe the chawls of Bombay in your own words. From where was this system adopted ? (2+2=3)
उत्तर: बम्बई की चॉल बहुमंजिला इमारतें थीं जिनमें मजदूरों के लिए छोटे-छोटे कमरे बने होते थे। प्रत्येक कमरा लगभग 10 फीट × 12 फीट का होता था, जिसमें एक पूरा परिवार रहता था। इनमें साझा शौचालय और नल की सुविधा होती थी। चॉल में भीड़भाड़ और गंदगी का माहौल रहता था, और प्राकृतिक रोशनी व हवा की कमी होती थी।
यह व्यवस्था बम्बई के मूल निवासियों (मुख्यतः मछुआरों और किसानों) के पारंपरिक आवास पद्धति से अपनाई गई थी, जहाँ वे एक ही छत के नीचे रहते थे। बाद में इसे मजदूरों के लिए बड़े पैमाने पर विकसित किया गया।
प्रश्न 17. बाजार में श्रम की बहुतायत से मजदूर वर्ग के जीवन पर पड़ने वाले कोई तीन प्रभाव बताइये।
State any three impacts of the abundance of labour in the market on the life of labour class. (3)
उत्तर: बाजार में श्रम की बहुतायत के मजदूर वर्ग के जीवन पर निम्नलिखित तीन प्रभाव पड़े:
- मजदूरी में कमी: श्रमिकों की अधिक संख्या के कारण नियोक्ता कम मजदूरी पर श्रमिकों को काम पर रखने लगे, जिससे मजदूरों की आय घट गई।
- बेरोजगारी और असुरक्षा: श्रम की अधिकता के कारण कई मजदूरों को काम नहीं मिल पाता था, और जिन्हें मिलता भी था, उनकी नौकरी अस्थायी और असुरक्षित होती थी।
- रहने की स्थिति में गिरावट: कम मजदूरी और अनिश्चित रोजगार के कारण मजदूरों को झुग्गियों या चॉल जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहना पड़ता था, जहाँ स्वच्छता और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था।
प्रश्न 18. भारत में संविधान संशोधन करके भारतीय लोकतंत्र के स्वशासी निकायों को अधिक शक्तिशाली तथा प्रभावी बनाने हेतु क्या कदम उठाये गए ?
What steps were taken to make the third tier of Indian democratic system more powerful & effective by amending Constitution of India ? (1+1+1=3)
उत्तर: भारतीय लोकतंत्र के तीसरे स्तर (स्थानीय स्वशासी निकायों) को अधिक शक्तिशाली और प्रभावी बनाने के लिए 73वें और 74वें संविधान संशोधन (1992) के माध्यम से निम्नलिखित कदम उठाए गए:
- संवैधानिक दर्जा: पंचायती राज और नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया, जिससे वे राज्य सरकारों के अधीन न रहकर स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें।
- नियमित चुनाव: हर पाँच वर्ष में इन निकायों के चुनाव अनिवार्य किए गए, और राज्य चुनाव आयोग को इन चुनावों की निगरानी का अधिकार दिया गया।
- महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटों का आरक्षण अनिवार्य किया गया, जिससे स्थानीय शासन में समावेशिता बढ़ी।
प्रश्न 19. क्या लोकतंत्र उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन है ? अपने दृष्टिकोण के पक्ष में तर्क दीजिए।
Is democracy accountable, responsive and legitimate government ? Give reasons in favour of your view. (1+1+1=3)
उत्तर: हाँ, लोकतंत्र उत्तरदायी, जिम्मेवार और वैध शासन है। इसके पक्ष में निम्नलिखित तर्क हैं:
- उत्तरदायी: लोकतंत्र में जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं। यदि वे अपने कर्तव्यों का पालन नहीं करते, तो अगले चुनाव में उन्हें हटाया जा सकता है।
- जिम्मेवार: लोकतांत्रिक सरकार संविधान और कानूनों के प्रति जिम्मेवार होती है। इसे न्यायपालिका, मीडिया और नागरिक समाज की निगरानी में काम करना पड़ता है, जिससे मनमानी नहीं हो पाती।
- वैध: लोकतंत्र में सरकार जनता की सहमति से बनती है, इसलिए इसकी वैधता सर्वमान्य होती है। नियमित चुनाव और जनभागीदारी इसे वैध बनाते हैं।
प्रश्न 20. आपके विचार में सार्वजनिक क्षेत्र क्यों आवश्यक है ? कोई तीन बिन्दु लिखिए।
In your view, why is public sector a must ? Write any three points. (1+1+1=3)
उत्तर: मेरे विचार में सार्वजनिक क्षेत्र निम्नलिखित कारणों से आवश्यक है:
- बुनियादी ढाँचे का विकास: सार्वजनिक क्षेत्र सड़क, रेलवे, बिजली, संचार जैसे बुनियादी ढाँचे का विकास करता है, जिसमें निजी क्षेत्र निवेश करने में रुचि नहीं दिखाता।
- सामाजिक न्याय और समानता: सार्वजनिक क्षेत्र शिक्षा, स्वास्थ्य और पीने के पानी जैसी बुनियादी सेवाएँ सभी नागरिकों को सस्ती दरों पर उपलब्ध कराता है, जिससे सामाजिक असमानता कम होती है।
- आर्थिक स्थिरता: सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग (जैसे तेल, कोयला, बैंकिंग) अर्थव्यवस्था को स्थिरता प्रदान करते हैं और संकट के समय में निजी क्षेत्र की विफलता से बचाते हैं।
21.
ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों की गतिविधियाँ बढ़ाने हेतु कोई तीन सुझाव दीजिए।
Give any three suggestions to increase activities of cooperatives in the rural areas.
सुझाव:
- सहकारी समितियों को ऋण वितरण के साथ-साथ विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधाएँ प्रदान करनी चाहिए।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सहकारी समितियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएँ।
- सरकार द्वारा सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता और कर में छूट प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे अधिक सक्रिय हो सकें।
22.
वैश्वीकरण में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी की भूमिका को किन्हीं तीन आधारों पर स्पष्ट कीजिए।
Explain the role of information and communication technology in globalisation on any three bases.
भूमिका:
- संचार में तीव्रता: इंटरनेट और मोबाइल तकनीक ने दुनिया भर में तुरंत संवाद संभव बनाया, जिससे व्यापार और सहयोग बढ़ा।
- सूचना तक पहुँच: डिजिटल मीडिया ने वैश्विक बाजारों, समाचारों और ज्ञान तक पहुँच को आसान बनाया।
- व्यापार का विस्तार: ई-कॉमर्स और ऑनलाइन भुगतान प्रणालियों ने सीमाओं के पार वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को सरल किया।
23.
भारत में उपभोक्ता आन्दोलन क्यों प्रारम्भ हुआ? इस आन्दोलन का वर्णन कीजिए।
Why did consumer movement begin in India? Describe this movement.
कारण: भारत में उपभोक्ता आन्दोलन उपभोक्ताओं के शोषण, मिलावट, अधिक मूल्य वसूली और खराब गुणवत्ता के विरुद्ध शुरू हुआ।
वर्णन: यह आन्दोलन 1960 के दशक में उपभोक्ता संरक्षण के लिए जागरूकता के रूप में उभरा। 1986 में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम पारित हुआ, जिसने उपभोक्ताओं को सुरक्षा, सूचना और निवारण का अधिकार दिया। आज यह आन्दोलन उपभोक्ता शिक्षा, शिकायत निवारण और न्यायालयों के माध्यम से मजबूत हुआ है।
24.
8 वीं सदी में विभिन्न धार्मिक आन्दोलनों द्वारा पश्चिमी शक्तियों के खिलाफ जागृति फैलाने के क्या प्रयास किये?
अथवा
ग्रेट ब्रिटेन के 'आदर्श राष्ट्र-राज्य' बनने के कारण स्पष्ट कीजिए।
प्रयास (8वीं सदी के धार्मिक आन्दोलन): 8वीं सदी में इस्लामिक आन्दोलनों ने पश्चिमी शक्तियों के खिलाफ जागृति फैलाने के लिए धार्मिक एकता, शिक्षा और प्रचार पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय भाषाओं में धार्मिक ग्रंथों का अनुवाद किया और सामाजिक सुधारों के माध्यम से लोगों को संगठित किया।
अथवा
ग्रेट ब्रिटेन के 'आदर्श राष्ट्र-राज्य' बनने के कारण:
- संसदीय लोकतंत्र और कानून के शासन की स्थापना।
- औद्योगिक क्रांति के कारण आर्थिक शक्ति में वृद्धि।
- साम्राज्यवादी विस्तार और नौसेना की प्रभुता।
- सांस्कृतिक और राजनीतिक एकता का विकास।
25.
9 वीं सदी के अंत में मुद्रण संस्कृति ने महिलाओं को किस प्रकार प्रभावित किया?
अथवा
दक्षिण भारत में महिलाओं का उपन्यास लेखन में क्या योगदान था?
प्रभाव (9वीं सदी के अंत में मुद्रण संस्कृति): मुद्रण संस्कृति ने महिलाओं को शिक्षा और साहित्य तक पहुँच प्रदान की। महिलाओं ने पत्रिकाओं और पुस्तकों के माध्यम से अपने विचार व्यक्त किए, जिससे सामाजिक सुधार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला।
अथवा
दक्षिण भारत में महिलाओं का उपन्यास लेखन में योगदान: दक्षिण भारत की महिला लेखिकाओं ने सामाजिक मुद्दों, पारिवारिक जीवन और महिलाओं के संघर्षों को चित्रित किया। उन्होंने तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में उपन्यास लिखकर साहित्य को समृद्ध किया और महिला दृष्टिकोण को प्रस्तुत किया।
खंड – दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 26. भारत में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने हेतु क्या प्रयास किये गये ? विवेचना कीजिए ।
उत्तर: भारत में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए गए हैं:
- संवैधानिक प्रावधान: संविधान में समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-16) और राज्य के नीति निदेशक तत्वों में महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए।
- 73वां और 74वां संवैधानिक संशोधन (1992): पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई (33%) सीटें आरक्षित की गईं।
- महिला आरक्षण विधेयक (2010): लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव राज्यसभा में पारित हुआ, किंतु लोकसभा में लंबित है।
- राजनीतिक दलों की पहल: कुछ राजनीतिक दलों ने आंतरिक रूप से महिलाओं को टिकट देने की नीति अपनाई है, जैसे कांग्रेस और भाजपा ने चुनावों में महिला उम्मीदवारों की संख्या बढ़ाई है।
- महिला सशक्तिकरण योजनाएं: सरकार द्वारा 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ', 'महिला हेल्पलाइन', और 'उज्ज्वला योजना' जैसी योजनाओं से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहन मिला है।
इन प्रयासों के बावजूद, महिलाओं का राजनीतिक प्रतिनिधित्व अभी भी कम है और इसे बढ़ाने के लिए और अधिक प्रयासों की आवश्यकता है।
अथवा
प्रश्न 26. भारतीय राजनीति में “जाति” की भूमिका को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर: भारतीय राजनीति में जाति की भूमिका महत्वपूर्ण और बहुआयामी है। इसे निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- वोट बैंक की राजनीति: राजनीतिक दल जाति के आधार पर वोट बैंक बनाते हैं। वे विशिष्ट जातियों के मुद्दों को उठाकर उनका समर्थन प्राप्त करते हैं।
- चुनावी गठबंधन: चुनावों में जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर उम्मीदवारों का चयन किया जाता है और गठबंधन बनाए जाते हैं।
- आरक्षण नीति: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण ने जाति को राजनीति का केंद्रीय मुद्दा बना दिया है।
- जातीय पहचान की राजनीति: कई राजनीतिक दल जातीय पहचान के आधार पर बने हैं, जैसे बहुजन समाज पार्टी (दलितों के लिए) और जनता दल (यूनाइटेड) (अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए)।
- सामाजिक न्याय का मुद्दा: जाति आधारित भेदभाव और असमानता को दूर करने के लिए राजनीतिक दल सामाजिक न्याय के मुद्दे उठाते हैं।
हालांकि, जाति की भूमिका ने लोकतंत्र को मजबूत किया है, लेकिन इसने सांप्रदायिकता और विभाजन को भी बढ़ावा दिया है।
प्रश्न 27. भारत में राजनीतिक दलों के समक्ष चार चुनौतियों की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर: भारत में राजनीतिक दलों के समक्ष निम्नलिखित चार प्रमुख चुनौतियाँ हैं:
- आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: अधिकांश राजनीतिक दलों में निर्णय लेने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है। नेतृत्व परिवार या कुछ व्यक्तियों तक सीमित रहता है, जिससे आंतरिक लोकतंत्र कमजोर होता है।
- धन और बल का प्रभाव: चुनावों में धन और बल का उपयोग बढ़ रहा है। अपराधी पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों का टिकट देना और चुनावी खर्चों पर नियंत्रण का अभाव एक गंभीर चुनौती है।
- जाति और धर्म पर आधारित राजनीति: राजनीतिक दल अक्सर जाति और धर्म के आधार पर वोट बैंक बनाते हैं, जिससे सामाजिक विभाजन बढ़ता है और विकास के मुद्दे पीछे रह जाते हैं।
- दलबदल की प्रवृत्ति: नेताओं का बार-बार पार्टी बदलना और सत्ता के लिए गठबंधन बनाना राजनीतिक स्थिरता को प्रभावित करता है। दलबदल विरोधी कानून के बावजूद यह समस्या बनी हुई है।
अथवा
प्रश्न 27. भारतीय जनता पार्टी एवं भारतीय राष्ट्रीय काँग्रेस की चार प्रमुख नीतियों-कार्यक्रमों को लिखिए ।
उत्तर: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की चार प्रमुख नीतियाँ-कार्यक्रम निम्नलिखित हैं:
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा):
- एक राष्ट्र, एक कर प्रणाली: वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू करना और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना।
- राष्ट्रवाद और सुरक्षा: राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देना, आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सीमाओं की मजबूती।
- विकास और बुनियादी ढांचा: 'मेक इन इंडिया', 'डिजिटल इंडिया', और 'स्मार्ट सिटी' जैसी योजनाओं के माध्यम से आर्थिक विकास और बुनियादी ढांचे का विस्तार।
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: भारतीय संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देना, जैसे 'योग दिवस' और 'गंगा सफाई अभियान'।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस:
- समावेशी विकास: गरीबी उन्मूलन, सामाजिक न्याय और आर्थिक असमानता को कम करने पर जोर, जैसे 'मनरेगा' और 'खाद्य सुरक्षा कानून'।
- धर्मनिरपेक्षता: सभी धर्मों का सम्मान और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा, सांप्रदायिकता के खिलाफ खड़ा होना।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: 'शिक्षा का अधिकार' (RTE) और 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन' जैसी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार।
- विदेश नीति: गुटनिरपेक्षता और बहुपक्षीय संबंधों पर आधारित विदेश नीति, पड़ोसी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध।
प्रश्न 28. आपके मतानुसार लोकतन्त्र को पुनर्परिभाषित करने में किन बातों को जोड़ा जा सकता है ?
उत्तर: मेरे मतानुसार, लोकतंत्र को पुनर्परिभाषित करने में निम्नलिखित बातों को जोड़ा जा सकता है:
- सामाजिक न्याय और समानता: लोकतंत्र केवल बहुमत का शासन नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक समानता सुनिश्चित करना चाहिए।
- भागीदारी और पारदर्शिता: नागरिकों की सक्रिय भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता आवश्यक है। सूचना का अधिकार और जनसुनवाई जैसे उपायों को शामिल किया जाना चाहिए।
- जवाबदेही: सरकार और जनप्रतिनिधियों को जनता के प्रति जवाबदेह होना चाहिए। भ्रष्टाचार और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए दंड का प्रावधान होना चाहिए।
- बहुलवाद और सहिष्णुता: लोकतंत्र में विभिन्न विचारों, संस्कृतियों और धर्मों के प्रति सहिष्णुता और सम्मान होना चाहिए। अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा आवश्यक है।
प्रश्न 29. आपकी दृष्टि में शिक्षा के स्तर के आधार पर दो राज्यों के मध्य विकास की तुलना का श्रेष्ठ मापदण्ड क्या है ?
उत्तर: मेरी दृष्टि में, शिक्षा के स्तर के आधार पर दो राज्यों के मध्य विकास की तुलना का श्रेष्ठ मापदण्ड मानव विकास सूचकांक (Human Development Index - HDI) है। HDI में शिक्षा के तीन प्रमुख संकेतक शामिल होते हैं:
- साक्षरता दर: 7 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में साक्षरता का प्रतिशत।
- स्कूली शिक्षा का औसत वर्ष: 25 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों द्वारा प्राप्त शिक्षा के औसत वर्ष।
- अपेक्षित स्कूली शिक्षा के वर्ष: स्कूल जाने वाले बच्चों द्वारा प्राप्त की जाने वाली शिक्षा के अपेक्षित वर्ष।
इन संकेतकों के अलावा, शिक्षा की गुणवत्ता (जैसे छात्र-शिक्षक अनुपात, परीक्षा परिणाम) और शिक्षा तक पहुंच (जैसे स्कूलों की संख्या, नामांकन दर) भी महत्वपूर्ण मापदण्ड हैं। HDI एक व्यापक और विश्वसनीय मापदण्ड है जो शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और आय को भी शामिल करता है, जिससे विकास की समग्र तस्वीर मिलती है।
अथवा
प्रश्न 29. आपकी दृष्टि में, विकास की धारणीयता के सन्दर्भ में हमारे लक्ष्य क्या होने चाहिये ? समझाइए ।
उत्तर: विकास की धारणीयता (सतत विकास) के संदर्भ में हमारे लक्ष्य निम्नलिखित होने चाहिए:
- पर्यावरण सं
प्रश्न 30: निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए
(i) अन्तरराष्ट्रीय व्यापार (International trade)
अन्तरराष्ट्रीय व्यापार दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के आदान-प्रदान को कहते हैं। यह देशों को उन संसाधनों और उत्पादों तक पहुँच प्रदान करता है जो उनके पास प्रचुर मात्रा में नहीं हैं। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देता है, रोजगार के अवसर पैदा करता है, और विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक एवं तकनीकी आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करता है। भारत के लिए अन्तरराष्ट्रीय व्यापार आर्थिक विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।
(ii) भूतापीय ऊर्जा (Geothermal energy)
भूतापीय ऊर्जा पृथ्वी के आंतरिक भाग से प्राप्त ऊष्मा ऊर्जा है। यह ऊर्जा पृथ्वी की पपड़ी के नीचे गर्म पानी और भाप के रूप में संग्रहीत होती है। इसका उपयोग बिजली उत्पादन और सीधे तापन के लिए किया जाता है। यह एक नवीकरणीय और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा स्रोत है, क्योंकि इससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बहुत कम होता है। भारत में लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में भूतापीय ऊर्जा की संभावनाएँ हैं।
प्रश्न 31: भारत के रेखा मानचित्र में अंकित कीजिए
(क) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित को अंकित कीजिए :
- बंगाल (Bengal) – पूर्वी भारत में स्थित, बंगाल की खाड़ी के तट पर।
- पंजाब (Punjab) – उत्तर-पश्चिमी भारत में, पाकिस्तान की सीमा से लगा हुआ।
नोट: यह एक मानचित्र-आधारित प्रश्न है। छात्रों को दिए गए रेखा मानचित्र में बंगाल (पश्चिम बंगाल) और पंजाब राज्यों की सीमाओं को सही ढंग से चिह्नित करना चाहिए। बंगाल को पूर्वी भाग में और पंजाब को उत्तर-पश्चिमी भाग में दर्शाया जाना चाहिए।
(ख) दिए गए भारत के रेखा मानचित्र में निम्न को अंकित कीजिए :
- जवाहरलाल नेहरू समुद्री पत्तन (Jawaharlal Nehru Seaport) – महाराष्ट्र में, मुंबई के पास स्थित।
- सूतीवस्त्र उद्योग-पोरबन्दर (Cotton textile industry-Porbandar) – गुजरात राज्य में, पश्चिमी तट पर।
- ऊनी वस्त्र उद्योग-बीकानेर (Woolen textile industry-Bikaner) – राजस्थान राज्य में, उत्तर-पश्चिमी भाग में।
नोट: यह एक मानचित्र-आधारित प्रश्न है। छात्रों को दिए गए रेखा मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को सही ढंग से चिह्नित करना चाहिए:
- जवाहरलाल नेहरू समुद्री पत्तन (JNPT) – महाराष्ट्र के तट पर, मुंबई के दक्षिण-पूर्व में।
- पोरबन्दर (सूतीवस्त्र उद्योग) – गुजरात के पश्चिमी तट पर, काठियावाड़ प्रायद्वीप पर।
- बीकानेर (ऊनी वस्त्र उद्योग) – राजस्थान के उत्तर-पश्चिमी भाग में, थार रेगिस्तान के पास।
नामांक / Roll No.
S—008—Social Science
माध्यमिक परीक्षा, 2015
SECONDARY EXAMINATION, 2015
SOCIAL SCIENCE
S-008