RBSE Class 10th 2018 ) (Supp.)-S-74-2018 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2018
Subject ) (Supp.)-S-74-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th ) (Supp.)-S-74-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2018

SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2018

पंजाबी (PUNJABI)

(THIRD LANGUAGE)

समय: 3 घंटे 15 मिनट  |  Time: 3¼ Hours

अधिकतम अंक: 80  |  Maximum Marks: 80


निर्देश:

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सामने अंकित हैं।
  2. प्रश्नों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उत्तर स्पष्ट रूप से लिखें।
  3. उत्तर पुस्तिका के पहले पृष्ठ पर अपना नामांक (Roll No.) अवश्य लिखें।
  4. प्रश्न पत्र के सभी पृष्ठों की संख्या जाँच लें। यदि कोई पृष्ठ गायब या क्षतिग्रस्त हो, तो तुरंत परीक्षक को सूचित करें।

नामांक (Roll No.): ____________________

प्रश्नों की संख्या (No. of Questions): 0

मुद्रित पृष्ठों की संख्या (No. of Printed Pages): 4

प्रश्न पत्र कोड: S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

[Turn over]

प्रश्न 1. (क) गुरुमुखी लिपि की विशेषताएँ लिखिए।

गुरुमुखी लिपि पंजाबी भाषा की मुख्य लिपि है। इसकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • यह एक ध्वन्यात्मक लिपि है, जिसमें प्रत्येक ध्वनि के लिए एक निश्चित चिह्न होता है।
  • इसमें 35 अक्षर (पैंती अक्षर) होते हैं, जिनमें 3 स्वर और 32 व्यंजन शामिल हैं।
  • यह बाएँ से दाएँ लिखी जाती है।
  • इसमें मात्राओं का प्रयोग स्वरों को दर्शाने के लिए किया जाता है।
  • यह लिपि सिख धर्म के ग्रंथों और पंजाबी साहित्य में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है।

प्रश्न 1. (ख) पंजाबी भाषा के विकास में गुरुमुखी लिपि का क्या योगदान है?

गुरुमुखी लिपि ने पंजाबी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसने पंजाबी भाषा को एक मानक लिखित रूप प्रदान किया, जिससे साहित्य, धार्मिक ग्रंथों और शिक्षा का प्रसार संभव हुआ। गुरुमुखी लिपि के माध्यम से ही गुरु ग्रंथ साहिब जैसे महान ग्रंथ लिखे गए, जिसने पंजाबी भाषा को समृद्ध किया। इस लिपि ने पंजाबी भाषा को एक पहचान दी और इसे अन्य भाषाओं से अलग किया।

प्रश्न 1. (ग) गुरुमुखी लिपि में कितने अक्षर होते हैं?

गुरुमुखी लिपि में 35 अक्षर (पैंती अक्षर) होते हैं।

प्रश्न 1. (घ) गुरुमुखी लिपि की उत्पत्ति किस लिपि से हुई?

गुरुमुखी लिपि की उत्पत्ति ब्राह्मी लिपि से हुई मानी जाती है।

प्रश्न 1. (ङ) गुरुमुखी लिपि का प्रयोग किन-किन भाषाओं में होता है?

गुरुमुखी लिपि का प्रयोग मुख्य रूप से पंजाबी भाषा में होता है। इसके अलावा, इसका प्रयोग सिंधी, डोगरी और कुछ अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में भी किया जाता है।

प्रश्न 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. (क) घरेलू पशुओं के नाम लिखिए।
    • गाय
    • भैंस
    • बकरी
    • भेड़
    • घोड़ा
  2. (ख) फलों के नाम लिखिए।
    • सेब
    • केला
    • अंगूर
    • संतरा
    • आम
  3. (ग) सब्जियों के नाम लिखिए।
    • आलू
    • प्याज
    • टमाटर
    • गोभी
    • मटर
  4. (घ) फूलों के नाम लिखिए।
    • गुलाब
    • चमेली
    • गेंदा
    • सूरजमुखी
    • कमल

प्रश्न 3. नीचे दिए गए वाक्यों को पंजाबी में अनुवाद कीजिए:

(क) मैं स्कूल जाता हूँ।
(ख) वह किताब पढ़ रहा है।
(ग) हम खेल खेलते हैं।
(घ) तुम कहाँ जा रहे हो?
(ङ) वे लोग बाजार गए हैं।

प्रश्न 4. (क) पंजाबी भाषा के विकास में गुरुमुखी लिपि का क्या महत्व है? 2 अंक

गुरुमुखी लिपि ने पंजाबी भाषा को एक मानक लिखित रूप प्रदान किया, जिससे साहित्य, धार्मिक ग्रंथों और शिक्षा का प्रसार संभव हुआ। इसने पंजाबी भाषा को एक पहचान दी और इसे समृद्ध किया।

प्रश्न 4. (ख) पंजाबी भाषा में कितने स्वर और व्यंजन होते हैं? 2 अंक

पंजाबी भाषा में 10 स्वर और 32 व्यंजन होते हैं।

प्रश्न 4. (ग) पंजाबी भाषा के विकास में गुरुमुखी लिपि का क्या योगदान है? 2 अंक

गुरुमुखी लिपि ने पंजाबी भाषा को एक मानक लिखित रूप प्रदान किया, जिससे साहित्य, धार्मिक ग्रंथों और शिक्षा का प्रसार संभव हुआ। इसने पंजाबी भाषा को एक पहचान दी और इसे समृद्ध किया।

5. (8) उठेपी प्रघट (cet fea nee)

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S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

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S-75-Punjabi (T.L.) (Supp.)

प्रश्न 5 (क)

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समाधान: यह प्रश्न सिंधी भाषा के व्याकरण या पाठ्य सामग्री से संबंधित है। दिए गए वाक्य में रिक्त स्थानों की पूर्ति करनी है। सही शब्दों का चयन करके वाक्य को पूरा करें।

प्रश्न 5 (ख)

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समाधान: इस भाग में भी सिंधी भाषा के वाक्य को पूरा करना है। उपयुक्त शब्दों का प्रयोग करें।

प्रश्न 6

Vihm§Or _moQ>a gmB[H$b Mmoar {WU Or [anmoQ>© dmfAVoxma Am°\$sga lo XO© H$am*moY&

समाधान: यह प्रश्न सिंधी भाषा के पाठ से संबंधित है। दिए गए निर्देशानुसार उत्तर लिखें।

प्रश्न 7

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समाधान: यह एक लंबा उत्तर वाला प्रश्न है। इसमें सिंधी भाषा के पाठ से संबंधित विवरण दिया गया है। छात्रों को इस पाठ के आधार पर उत्तर लिखना है।

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प्रश्न 20. (क) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 30-40 शब्दों में लिखिए :

(i) नमस्कारार्थं इरगो मुखं कथं भवति ?

उत्तर : नमस्कारार्थं इरगो मुखं "जय जयकार" इति भवति। अर्थात् नमस्कार करते समय "जय जयकार" शब्द का उच्चारण किया जाता है।

(ii) आदर्श विद्यालय में छात्रों को किस प्रकार का शिक्षण दिया जाता है ?

उत्तर : आदर्श विद्यालय में छात्रों को नैतिक, सांस्कृतिक एवं व्यावहारिक शिक्षा दी जाती है। यहाँ शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण पर भी बल दिया जाता है।

(iii) सिन्धी भाषा में कितने वर्ण हैं ?

उत्तर : सिन्धी भाषा में कुल ५२ वर्ण होते हैं, जिनमें स्वर और व्यंजन शामिल हैं।

(iv) सिन्धी साहित्य में गद्य और पद्य के भेद को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर : गद्य वह रचना है जिसमें छंद या तुक नहीं होता, जबकि पद्य छंदबद्ध एवं तुकांत होता है। सिन्धी साहित्य में दोनों विधाओं का समान रूप से विकास हुआ है।

(v) शाह जी रिसालो में कितने सूर (अध्याय) हैं ?

उत्तर : शाह जी रिसालो में कुल ३० सूर (अध्याय) हैं।

प्रश्न 20. (ख) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर 40-50 शब्दों में लिखिए :

(i) सिन्धी भाषा के विकास में समाचार पत्रों का क्या योगदान है ?

उत्तर : समाचार पत्रों ने सिन्धी भाषा को जन-जन तक पहुँचाया। इन्होंने भाषा को मानक रूप देने, शब्द भंडार बढ़ाने और लेखन शैली को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

(ii) सिन्धी साहित्य में कविता की प्रमुख विधाएँ कौन-सी हैं ?

उत्तर : सिन्धी कविता की प्रमुख विधाओं में गीत, काफी, वाई, दोहा, सोरठा और नज्म शामिल हैं। प्रत्येक विधा की अपनी विशेष छंद योजना और भावभूमि होती है।

(iii) सिन्धी नाटक के विकास में प्रमुख नाटककारों के नाम लिखिए।

उत्तर : प्रमुख सिन्धी नाटककारों में लालचंद जगतियाणी, मोहन कल्पना, हरीश वासवानी और किशन छाबड़ा के नाम उल्लेखनीय हैं। इन्होंने सिन्धी रंगमंच को समृद्ध किया।

प्रश्न 21. सिन्धी भाषा के विकास में विभिन्न संस्थाओं की भूमिका का वर्णन कीजिए।

उत्तर : सिन्धी भाषा के विकास में अनेक संस्थाओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सिन्धी साहित्य अकादमी, सिन्धी भाषा विकास परिषद, और विभिन्न सिन्धी सांस्कृतिक संगठनों ने भाषा के प्रचार-प्रसार, पाठ्यक्रम निर्माण, पुस्तक प्रकाशन और शोध कार्यों को बढ़ावा दिया। इन संस्थाओं ने सिन्धी भाषा को शिक्षा, साहित्य और मीडिया में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

प्रश्न 22

“उजाला आमि नगर ओ बोलिहम इरवर हबम अहमेर ओ नमाम लिखमोय” – इस वाक्य का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: इस वाक्य का अर्थ है: “उजाला नगर में बोलने वाले लोगों को अहमेर का नमाम लिखना चाहिए।” यह एक निर्देश या आदेश है जो किसी विशेष कार्य को करने के लिए कहता है।

प्रश्न 23

निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

अगम लो अहम एवता ए 30 ओ 5>05 जमव ए जमव !
उजो हा जोएदमगर जोहवा जिब अगमज ए जमव !

अल नत अबुश ओ,>दह गव दमना,
अजे वय जोना, नजम नत>ज होवामय ।

(4) इस पद्यांश का भावार्थ लिखिए।

उत्तर: इस पद्यांश में कवि कहता है कि अगम (दुर्गम) स्थानों पर भी अहम (प्रेम) का वास है। जोएदमगर (जीवन) में जोहवा (प्रकाश) है, वह अगमज (अगम जैसा) है। अल नत (अलग नहीं) अबुश (अभिशाप) ओ,>दह (और दुःख) गव दमना (गए दमन), अजे वय जोना (अजेय वह जोना), नजम नत>ज होवामय (नजम नहीं होता)। भाव यह है कि प्रेम और प्रकाश सर्वत्र व्याप्त हैं, और दुःख-दमन से मुक्ति मिलती है।

(4) इस पद्यांश का शीर्षक लिखिए।

उत्तर: इस पद्यांश का शीर्षक “अगम लो अहम” है।

24.

होड़ में शामिल होने के लिए 30-40 शब्दों में एक पत्र लिखिए।

बयानों में से ... 24242 (6)

  1. कबीर के दोहों में से किसी एक दोहे का अर्थ स्पष्ट कीजिए?

उत्तर: कबीर के दोहे का अर्थ: मनुष्य को सत्य और सादगी का जीवन जीना चाहिए। ईश्वर भक्ति में मन लगाना चाहिए, न कि बाहरी दिखावे में।

  1. गी) अगम में निगोड़ा उपयोग में नहीं हटाना चाहिए?

उत्तर: अगम का अर्थ है जो दुर्लभ या अप्राप्य हो। निगोड़ा का तात्पर्य है कि किसी वस्तु का उपयोग व्यर्थ नहीं करना चाहिए।

  1. (7) हड़प्पा सभ्यता में दुर्ग स्थल नहीं मिला?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता में दुर्ग स्थल नहीं मिला, क्योंकि यह सभ्यता नगर योजना और व्यापार पर केंद्रित थी।

  1. 670 जीवों में से कितने जीवों में नहीं मिलते?

उत्तर: 670 जीवों में से कुछ जीवों में विशेष लक्षण नहीं मिलते, जैसे कि कुछ सूक्ष्मजीवों में कोशिका भित्ति का अभाव होता है।

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उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है, कृपया स्पष्ट करें।

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उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है, कृपया स्पष्ट करें।

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उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है, कृपया स्पष्ट करें।

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उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है, कृपया स्पष्ट करें।

25.

हड़प्पा सभ्यता के निवासी किस प्रकार के अनाज का उपयोग करते थे?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता के लोग गेहूं, जौ, मटर, खजूर और तिल जैसे अनाज का उपयोग करते थे। वे कृषि पर निर्भर थे और सिंचाई के लिए नहरों का उपयोग करते थे।

हड़प्पा सभ्यता के लोग किस प्रकार के पशुओं का पालन करते थे?

उत्तर: हड़प्पा सभ्यता के लोग गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और सूअर जैसे पशुओं का पालन करते थे। वे घोड़ों का भी उपयोग करते थे, हालांकि इस पर बहस है।

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उत्तर: यह प्रश्न अस्पष्ट है, कृपया स्पष्ट करें।

26.

‘एम अक्षर बड़ा है’ इस विषय पर 100 शब्दों में निबंध लिखिए। (4)

उत्तर: ‘एम’ अक्षर का अर्थ है ‘महान’ या ‘बड़ा’। यह जीवन में बड़े सोच और बड़े कार्यों को दर्शाता है। हमें छोटी-छोटी बातों में न उलझकर बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ना चाहिए। बड़ा सोचने से ही बड़ी उपलब्धियां मिलती हैं। यह अक्षर हमें सिखाता है कि हमें अपने कार्यों में महानता लानी चाहिए और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए।

S-74-Sindhi (T.L.) (Supp.) .24 (6) .25

प्रश्न पत्र : सिंधी (T.L.) (पूरक) 2018

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