RBSE Class 10th 2019 )-S-74-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 10th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | )-S-74-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 10th 2019 )-S-74-2019
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Rajasthan Board Class 10th )-S-74-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
माध्यमिक परीक्षा, 2019
SECONDARY EXAMINATION, 2019
सिन्धी
SINDHI
(Third Language)
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
नोट : सभेई सुवाल अनिवार्य आहिनि।
Sl. No. : Roll No. :
No. of Questions - 26 S-74-Sindhi (T.L.)
No. of Printed Pages - 7
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प्रश्न पत्र – सिंधी (T.L.) – 2019
भाग – (अ)
सभी प्रश्न करना अनिवार्य है।
नीचे दिए गए टुकड़े को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए –
"तलबार जो घाउ छुटी सघे, पर जुबान जो घाउ मेटिजी न थो सघे। जीअं कमान मां निकितलु तीर वापसि नथो अचे, उसी तरह जुबान मां निकितलु उल्टा ऐं उबिता कड़ा ऐ कहिरी अखर पिणु वापसि कोन था। वरनि सांई रोचलदास सदाईं हिक सिट ते ज़ोरू सा हो, वर बर करे पहिंजे प्रेमियुनि खे फरमायो: 'जुबान रोको'। ज़िभ खे रोकियो, ज़िभ या जुबान खे न रोकण करे तिरछी पैदा थी सघे थी, खुलम बरी सघनि था। दंगा फसाद छिड़ी सघनि था।"
-
(1) मथिएं टुकिरे जो सिरो (शीर्षक) लिखो। [1]
उत्तर: "जुबान जो घाउ" या "जुबान रोको"
-
(2) जुबान जो घाउ छो न थो मेटिजी सघे ? [1]
उत्तर: जुबान जो घाउ (बोलने से लगा जख्म) कभी नहीं भरता, क्योंकि बोले हुए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते।
-
(3) सांई रोचलदास कहिड़ी सिख्या डिनी ae ? [1]
उत्तर: सांई रोचलदास ने यह सिखाया कि "जुबान रोको" – अपनी जीभ या जुबान पर नियंत्रण रखो।
-
(4) दंगा फसाद अखर जी माना लिखो। [1]
उत्तर: दंगा फसाद का अर्थ है – झगड़ा, हिंसा, या सार्वजनिक अशांति।
-
(5) मथिएं टुकिरे जो सार लिखो। [1]
उत्तर: इस टुकड़े का सार यह है कि तलवार के घाव भले ही भर जाएं, पर जुबान (बोली) के घाव कभी नहीं भरते। इसलिए अपनी जुबान पर काबू रखना चाहिए, नहीं तो झगड़े और दंगे हो सकते हैं।
S-74-Sindhi (T.L.) 5009
प्रश्न पत्रिका – सिंधी (T.L.) – 2019 – S-74
प्रश्न 4. (क) निम्नलिखित शब्दों के अर्थ लिखिए – (कोई 4) [4]
- पसन्द – पसंद
- wet – गीला
- aig – अंडा
- पेंसिल – पेंसिल
- जफ़ाकशी – जफ़ाकशी (मेहनत)
प्रश्न 4. (ख) गाल्हाइण जा घणा ऐ कहिड़ा लफ़्ज़ आहिनि? [2]
उत्तर: गाल्हाइण (गाली) के लिए प्रयुक्त शब्द हैं – (i) गाल्ह, (ii) गाल्ही, (iii) गाल्हाइण, (iv) गाल्हाइणी।
प्रश्न 4. (ग) हेठियनि इस्तलाहनि जी माना लिखी जुमिले में कमु आणियो (के बि ब) [2]
- सांई सांई करणु – बहुत अधिक प्रार्थना करना
- आनाकानी करणु – टालमटोल करना
- खुंदु खुंदु करणु – बड़बड़ाना
- कंडे बांगुर चुभणु – काँटे चुभना (कष्ट देना)
प्रश्न 4. (घ) डुखियनि अखरनि जी माना लिखो : (के बि ब) [2]
- सियासी – राजनीतिक
- मरकज़ी – केंद्रीय
- उलथो – उल्टा
- aa – आ (हाँ)
प्रश्न 4. (ङ) FAR छाखे चड़बो आहे Glet AAT [2]
उत्तर: यह वाक्य सिंधी भाषा में है जिसका अर्थ है – "फर छाखे चढ़बो आहे" अर्थात "फर (फल) तोड़ने के लिए चढ़ना है।" यह एक मुहावरा है जिसका अर्थ कठिन कार्य करना होता है।
प्रश्न पत्र – सिंधी (T.L.) – 2019 (S-74)
प्रश्न 4
(4) निम्नलिखित शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए (कोई दो) : [2]
- (i) कल
- (ii) गम
- (iii) फूल
- (iv) पति
उत्तर:
- (i) कल – कल (पर्यायवाची: कल – कल ही है, या 'कल' का अर्थ 'कला' भी हो सकता है, परंतु यहाँ 'कल' शब्द का पर्यायवाची 'कल' ही है।)
- (ii) गम – गम (पर्यायवाची: गम – गम ही है, या 'गम' का अर्थ 'दुख' भी हो सकता है।)
- (iii) फूल – फूल (पर्यायवाची: फूल – फूल ही है, या 'फूल' का अर्थ 'पुष्प' भी हो सकता है।)
- (iv) पति – पति (पर्यायवाची: पति – पति ही है, या 'पति' का अर्थ 'स्वामी' भी हो सकता है।)
नोट: यहाँ सभी शब्दों के पर्यायवाची शब्द स्वयं ही हैं, क्योंकि ये शब्द सिंधी भाषा में प्रचलित हैं।
प्रश्न 5
(5) निम्नलिखित विषयों में से किसी एक पर मज़मून (निबंध) लिखिए (अधिकतम 200 शब्दों में) : [6]
- (i) वोट की राजनीति
- (ii) स्वच्छता अभियान
- (iii) सिंधी भाषा का महत्व
- (iv) मोबाइल फ़ोन – वरदान या अभिशाप
उदाहरण निबंध (विषय: स्वच्छता अभियान):
स्वच्छता अभियान भारत सरकार का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसे 2 अक्टूबर 2014 को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य देश को स्वच्छ बनाना और लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है। यह अभियान गाँवों और शहरों दोनों में चलाया जाता है। इसमें सड़कों, नालियों, सार्वजनिक स्थानों की सफाई, शौचालयों का निर्माण और कचरे का उचित निपटान शामिल है। स्वच्छता अभियान से न केवल बीमारियाँ कम होती हैं, बल्कि पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। हम सभी को इस अभियान में भाग लेना चाहिए और अपने आस-पास सफाई रखनी चाहिए। स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा जब हर नागरिक स्वच्छता को अपनी आदत बनाएगा।
प्रश्न 6
(6) निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर पत्र लिखिए : [5]
- (i) अपने मित्र को गर्मी की छुट्टियों में किसी ऐतिहासिक स्थान पर घूमने के लिए आमंत्रित करते हुए पत्र लिखिए।
- (ii) स्कूल के प्रिंसिपल को बीमारी के कारण छुट्टी माँगने के लिए प्रार्थना पत्र लिखिए।
उदाहरण पत्र (विषय: मित्र को ऐतिहासिक स्थान पर घूमने का निमंत्रण):
दिनांक: 15 मार्च 2019
प्रिय मित्र,
सप्रेम नमस्ते।
आशा है तुम स्वस्थ और प्रसन्न होगे। मैं तुम्हें यह पत्र इसलिए लिख रहा हूँ क्योंकि गर्मी की छुट्टियाँ शुरू होने वाली हैं। मैंने सोचा है कि हम सब मिलकर किसी ऐतिहासिक स्थान पर घूमने जाएँ। मैं जयपुर के हवामहल और आमेर किला देखने का प्रस्ताव रखता हूँ। यह स्थान बहुत सुंदर और ऐतिहासिक है। वहाँ जाकर हमें बहुत मज़ा आएगा और हम इतिहास के बारे में भी बहुत कुछ सीखेंगे।
कृपया मुझे बताओ कि तुम इस योजना से सहमत हो या नहीं। यदि तुम आना चाहते हो, तो हम तारीख और अन्य व्यवस्थाओं पर बात कर सकते हैं।
तुम्हारा मित्र,
[आपका नाम]
पता: [आपका पता]
पृष्ठ 4 का अंत
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प्रश्न 8 (8 अंक)
तदव्हांजे हॉस्टिल मां तव्हांजो पर्स चोरी थियण जी रिपोर्ट वास्तेदार ऑफीसर खे दर्ज करायो।
प्रश्न 9 (4 अंक)
हवालो समझायो:
"सूष्टीअ में जेडाहं निहारि ओडाहं ओट ale जो कानून डिसण में ईन्दो"
"अमड़ि भगवान अलाए कंहिजे भागे थो डिए।"
प्रश्न 10 (6 अंक)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखो (30-40 शब्दों में):
-
(i) तरतीब सां पढ़हण सां कहिड़ा सुठा फायदा आहिनि?
तरतीब सां पढ़हण सां विद्यार्थी खे विषय जी गहरी समझ मिले थी, याद रखण में सहूलियत थिये थी, आणि समय जी बचत थिये थी। ए सुठा फायदा आहिनि के पढ़हण जो क्रम निर्धारित होण सां मन एकाग्र रहे थो आणि ज्ञान स्थायी थिये थो।
-
(ii) रूकमणीअ खे नऐं ज़माने जा कहिड़ा काइदा नथा वणनि?
रूकमणीअ खे नऐं ज़माने जा काइदा नथा वणनि जिहिड़ा समाज में बदलाव आणि आधुनिकता जे कारणे थिये रहिया हैं। ए काइदा पुराने रीति-रिवाजां सां अलग हैं आणि नई पीढ़ी खे प्रभावित करण वाला हैं।
-
(iii) टैगोर हिक श्रेष्ठ साहित्यकार हो सो कीअं?
टैगोर हिक श्रेष्ठ साहित्यकार हो सो कीअं के उन्हां जी रचनाओं में मानवता, प्रकृति आणि आध्यात्मिकता जो गहरो संदेश हो। उन्हां जी कविता, कहाणी आणि उपन्यास साहित्य जगत में अमूल्य योगदान देण वाला हैं।
-
(iv) मुल्ह कहाणीअ में अमां बाबत विचार लिखो?
मुल्ह कहाणीअ में अमां बाबत विचार ए हैं के अमां जीवन जो एक महत्वपूर्ण हिस्सो हैं। कहाणी में अमां जे माध्यम सां समाज जी सच्चाई, संघर्ष आणि मानवीय भावनाओं जो चित्रण कियो गियो हैं।
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प्रश्न पत्रिका – सिंधी (T.L.) S-74-2019
प्रश्न 15 (20 अंक)
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(2) मुल्ह कहाणी तव्हांखे SR कदुर वणी खोले लिखो ? [6]
या
'सफ़र' कहाणी पहिंजे लफ्ज़नि में खोले erat :- [4]
(22) Aud? एकांकीअ जे लेखक मंघाराम मल्काणीअ जो परिचय लिखो ? [4]
या
सुन्दरी उतमचन्दाणीअ जी जीवनी खोले लिखो | [4]
(23) बैत जो मतलबु लिखो :- [4]
(0) हित फिक्र जो wart ag ज़र जो थी ज़मानो हथ कर तू हू खज़ानो, ही माल वियो त छा थियो -
या
ढूंढे ढूंढे राम शहर ए बरू, करे गोल्हा लधी मूं ख़ासु ख़बर, आहे ज़ात उहा हिक सागी पर उन ज़ात जा रूप हज़ार ड्रिठनि
समाधान
प्रश्न 15 (2): मुल्ह कहाणी तव्हांखे SR कदुर वणी खोले लिखो – इस प्रश्न में 'मुल्ह कहाणी' (मूल कहानी) के बारे में पूछा गया है। 'SR कदुर' संभवतः 'सर कदुर' (सरकारी कदुर) या किसी विशेष संदर्भ का संकेत है। सही उत्तर के लिए पाठ्यपुस्तक देखें।
या: 'सफ़र' कहाणी पहिंजे लफ्ज़नि में खोले – 'सफ़र' कहानी को अपने शब्दों में समझाइए। यह एक यात्रा या सफर पर आधारित कहानी है।
प्रश्न 22: एकांकीअ जे लेखक मंघाराम मल्काणीअ जो परिचय – मंघाराम मल्काणीअ सिंधी साहित्य के प्रसिद्ध एकांकीकार हैं। उनका जन्म 1920 में हुआ था और उन्होंने कई प्रसिद्ध एकांकी लिखे।
या: सुन्दरी उतमचन्दाणीअ जी जीवनी – सुन्दरी उतमचन्दाणीअ एक प्रसिद्ध सिंधी लेखिका थीं। उनका जीवन और साहित्यिक योगदान महत्वपूर्ण है।
प्रश्न 23 (0): बैत का अर्थ – यह एक सिंधी शेर (बैत) है जो जीवन के सत्य और धन के महत्व को दर्शाता है। पहला बैत: "हित फिक्र जो..." का अर्थ है कि धन की चिंता ही सबसे बड़ी चिंता है। दूसरा बैत: "ढूंढे ढूंढे राम..." राम की खोज और भक्ति का संदेश देता है।
पृष्ठ 6 का 7
प्रश्न पत्र – सिंधी (T.L.) – S-74-2019 (पृष्ठ 7)
प्रश्न 24 (अटिकल 30-40 लफ्ज़नि में उत्तर दें) [2+2+2=6]
- शायर “अर्जुन शाद” उजिड़यल चमन खे कीअ ठाहिण ae?
- भारतवासी दाता खां कहिड़ो दान थो धुरे?
- नारायण श्याम “BR, त साणु इएं जीअं हाणे” में कहिड़ो संदेश feat आहे.
उत्तर:
- शायर अर्जुन शाद ने उजिड़यल चमन (बर्बाद बगीचे) को फिर से हरा-भरा करने की प्रेरणा दी है, जो जीवन में उम्मीद और पुनर्निर्माण का संदेश देता है।
- भारतवासी दाता खां को दान देने वाला कहा गया है, क्योंकि वह निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करता था।
- नारायण श्याम ने “BR, त साणु इएं जीअं हाणे” में प्रेम और एकता का संदेश दिया है, जो समाज में भाईचारे को बढ़ावा देता है।
प्रश्न 25 (खोले लिखो) [6]
प्रोफ़ेसर राम पंजवाणीअ' ईश्वर जे सरूप जो कहिड़े नमूने बयान कयो आहे? खोले लिखो।
उत्तर: प्रोफ़ेसर राम पंजवाणी ने ईश्वर के स्वरूप को सृष्टि के विभिन्न रूपों में देखा है। उनके अनुसार ईश्वर सर्वव्यापी है और प्रकृति, मानव, और जीव-जंतुओं में समाया हुआ है। उन्होंने ईश्वर को निराकार और साकार दोनों रूपों में वर्णित किया है, जो हर जीव में विद्यमान है।
प्रश्न 26 (खोले लिखो) [6]
कवि कृष्ण राहीअ माणहू AES मुल्क जा' में छा समझायो आहे? खोले लिखो।
उत्तर: कवि कृष्ण राही ने 'माणहू AES मुल्क जा' में मनुष्य को अपने देश का प्रतिनिधि बताया है। उन्होंने समझाया है कि मनुष्य को अपने देश की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का पालन करना चाहिए। देश की उन्नति मनुष्य के आचरण और नैतिकता पर निर्भर करती है।
या
कवि हरि erik 'गुलनि जी टोकरी' कविता ज़रीए कहिड़ी समुझाणी डिनी आहे?
उत्तर: कवि हरि ने 'गुलनि जी टोकरी' कविता के माध्यम से यह समझाया है कि जीवन में सुंदरता और खुशी को संजोकर रखना चाहिए। फूलों की टोकरी की तरह, हमें अपने जीवन में अच्छे कर्मों और सकारात्मकता को इकट्ठा करना चाहिए।
प्रश्न 27 (सारू लिखो) [4]
सचल सरमस्त' 'जोई आहियां सोई आहियां' में छा चयो आहे? खोले सारू लिखो।
उत्तर: सचल सरमस्त ने 'जोई आहियां सोई आहियां' में यह कहा है कि जो कुछ भी है, वही सत्य है। उन्होंने जीवन की वास्तविकता को स्वीकार करने और भ्रम से दूर रहने का संदेश दिया है। यह कविता आत्म-साक्षात्कार और सादगी पर जोर देती है।
या
“कुदरत IN बैत में किशनचन्द् बेवस' सृष्टिअ जी साराह कींअ कई आहे? खोले समझायो।
उत्तर: किशनचन्द बेवस ने 'कुदरत IN बैत' में सृष्टि की सुंदरता और विविधता की सराहना की है। उन्होंने प्रकृति के हर रूप में ईश्वर की उपस्थिति को दर्शाया है और मनुष्य को प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहने की सीख दी है।