RBSE Class 10th 2019 Automobile-V-101-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2019
Subject Automobile-V-101-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th Automobile-V-101-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा – X) परीक्षा, 2019

लेवल – द्वितीय

विषय – ऑटोमोबाइल

समय : 2 घण्टे 5 मिनट   |   पूर्णांक : 30

No. of Questions — 38   |   No. of Printed Pages — 7

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. परीक्षार्थी यथासम्भव प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में अपने शब्दों में निर्धारित शब्द सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 10 तक (बहुविकल्पीय प्रश्नों) के उत्तर तालिका बनाकर उत्तर-पुस्तिका में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 11 से 20 तक के उत्तर 'सही' या 'गलत' में लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 21 से 30 तक के उत्तर एक शब्द में लिखें।
  7. प्रश्न संख्या 31 से 36 तक के उत्तर दो से चार पंक्तियों में लिखें।
  8. प्रश्न संख्या 37 एवं 38 के उत्तर एक पृष्ठ में लिखें।

भाग - क

सही विकल्प चुनें :

  1. वाहन चैनल सैक्शन किस सामग्री का बना होता है?

    • (अ) इस्पात ✓ सही उत्तर
    • (ब) एल्युमीनियम
    • (स) लोहा
    • (द) लकड़ी

    व्याख्या: वाहन चैनल सैक्शन प्रायः इस्पात (स्टील) से बना होता है क्योंकि यह मजबूत और टिकाऊ होता है।

  2. आई. एस. ओ. के अनुसार A4 कागज का आकार होता है।

    • (अ) 594 × 841 मि.मी.
    • (ब) 841 × 1189 मि.मी.
    • (स) 210 × 297 मि.मी. ✓ सही उत्तर
    • (द) 297 × 420 मि.मी.

    व्याख्या: ISO मानकों के अनुसार A4 पेपर का आकार 210 × 297 मिमी होता है।

  3. घर्षण अश्व शक्ति (FHP) होती है -

    • (अ) I.H.P. × B.H.P.
    • (ब) I.H.P. + B.H.P.
    • (स) B.H.P. – I.H.P.
    • (द) I.H.P. – B.H.P. ✓ सही उत्तर

    व्याख्या: घर्षण अश्व शक्ति (FHP) = संकेतित अश्व शक्ति (I.H.P.) – ब्रेक अश्व शक्ति (B.H.P.) होती है।

  4. इंजन के सिलिण्डर में ऊपर नीचे गति करता है।

    • (अ) ब्रेक लाइट
    • (ब) डिस्क पेड
    • (स) पिस्टन ✓ सही उत्तर
    • (द) क्रैंकशाफ्ट

    व्याख्या: इंजन के सिलिण्डर में पिस्टन ऊपर-नीचे गति करता है, जो क्रैंकशाफ्ट को घुमाता है।

प्रश्न 5

ऑटोमोबाइल में ए.बी.एस. का पूरा नाम है।

  1. व्हील लॉक ब्रेकिंग सिस्टम
  2. एन्टी लॉक बियरिंग सिस्टम
  3. व्हील लॉक ब्लॉक सिस्टम
  4. एन्टी लॉक बूस्टिंग सिस्टम

व्याख्या: ए.बी.एस. (ABS) का पूरा नाम एन्टी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम (Anti-lock Braking System) होता है। यह वाहन में ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से बचाता है, जिससे वाहन नियंत्रण में रहता है। दिए गए विकल्पों में से 'एन्टी लॉक बूस्टिंग सिस्टम' सबसे उपयुक्त है, हालांकि सही शब्द 'एन्टी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम' है।

प्रश्न 6

सोल्डर में क्या होती है?

  1. राँगा (टिन) और ताँबा
  2. ताँबा और लोहा
  3. सीसा और लोहा
  4. राँगा (टिन) और सीसा (लेड)

व्याख्या: सोल्डर एक मिश्रधातु है जिसका उपयोग धातुओं को जोड़ने के लिए किया जाता है। इसमें मुख्यतः राँगा (टिन) और सीसा (लेड) होता है। यह मिश्रण कम तापमान पर पिघलता है और जोड़ने में सहायक होता है।

प्रश्न 7

धातु अपनयन क्रियाओं हेतु निम्न औजारों में से प्रयोग किया जाता है -

  1. रेतियों का
  2. स्पेनर का
  3. प्लास का
  4. पेचकस का

व्याख्या: धातु अपनयन (Metal Filing) क्रिया में धातु की सतह को चिकना करने या आकार देने के लिए रेतियों (Files) का प्रयोग किया जाता है। स्पेनर, प्लास और पेचकस अन्य कार्यों के लिए उपयोग होते हैं।

प्रश्न 8

सामान्यतः कार द्वारा कितनी दूरी तय करने के पश्चात् इंजन ऑयल बदलना चाहिये?

  1. 5000 किमी
  2. 1000 किमी
  3. 5000 किमी
  4. 50,000 किमी

व्याख्या: सामान्यतः कार में इंजन ऑयल को हर 5000 किलोमीटर (या निर्माता के निर्देशानुसार) बदलने की सलाह दी जाती है। इससे इंजन की स्नेहन क्षमता बनी रहती है और इंजन लंबे समय तक चलता है।

प्रश्न 9

अधिविक्रेता/डीलर का मुख्य कार्य है -

  1. वाहनों का निर्माण करना
  2. वाहन खरीदना
  3. वाहन विक्रय करना
  4. वाहन मरम्मत करना

डीलर का मुख्य कार्य वाहनों को खरीददारों को बेचना (विक्रय करना) होता है।

प्रश्न 10

अति मृदु इस्पात में कार्बन की मात्रा होती है -

  1. 0.05 से 0.15% तक
  2. 0.08 से 0.30% तक
  3. 0.90 से 1.40% तक
  4. 0.30 से 0.60% तक

अति मृदु इस्पात (माइल्ड स्टील) में कार्बन की मात्रा 0.05% से 0.15% तक होती है।


भाग - ख

निम्नलिखित वाक्य सही है या गलत लिखिये।

  1. शीतलक, इंजन से गर्मी हटाने का काम करता है।

    सही - शीतलक (कूलेंट) इंजन से अतिरिक्त गर्मी को हटाकर इंजन को ठंडा रखता है।

  2. प्रतिरोध की इकाई ओहम (OHM) होती है।

    सही - विद्युत प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) होता है।

  3. नव भुज (नॉनॉगन) नौ भुजाओं की समतल संरचना है।

    सही - नॉनागन (नवभुज) एक नौ भुजाओं वाली समतल आकृति है।

  4. एसीटिलीन गैस ज्वलनशील नहीं है।

    गलत - एसीटिलीन गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और वेल्डिंग में प्रयोग की जाती है।

  5. हाइब्रिड वाहन बिजली की मोटरों के साथ गैस इंजन का गठबन्धन है।

    सही - हाइब्रिड वाहनों में पेट्रोल/डीजल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर का संयोजन होता है।

  6. डिस्क का प्रयोग ब्रेक के लिये किया जाता है।

    सही - डिस्क ब्रेक प्रणाली में डिस्क का उपयोग ब्रेक लगाने के लिए किया जाता है।

भाग - 7

  1. वाहन विक्रेता द्वारा ग्राहक को सभी जानकारी नहीं देनी चाहिये।

    उत्तर: यह कथन गलत है। वाहन विक्रेता को ग्राहक को वाहन से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी (जैसे कीमत, माइलेज, सर्विस शर्तें, वारंटी आदि) देनी चाहिए ताकि ग्राहक सही निर्णय ले सके।
  2. वाहन की सेवा नियम पुस्तिका की महत्वता को जानना अति आवश्यक है।

    उत्तर: यह कथन सत्य है। सेवा नियम पुस्तिका में वाहन के रखरखाव, सर्विस अंतराल, और सावधानियों के बारे में जानकारी होती है, जिससे वाहन की लंबी उम्र और बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित होता है।
  3. वाहन की बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में पतला सल्फ्यूरिक एसिड काम में लिया जाता है।

    उत्तर: यह कथन सत्य है। लेड-एसिड बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में तनु सल्फ्यूरिक अम्ल (H₂SO₄) का उपयोग किया जाता है, जो रासायनिक अभिक्रिया में सहायक होता है।
  4. वाहनों के टायरों में हवा कम होने पर माइलेज बढ़ता है।

    उत्तर: यह कथन गलत है। टायरों में हवा कम होने पर घर्षण बढ़ जाता है, जिससे इंजन पर अधिक भार पड़ता है और माइलेज कम हो जाता है।

  1. रास्ता बताने के लिये आजकल वाहनों में ................. प्रणाली काम में ली जाती है।

    उत्तर: GPS (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) प्रणाली काम में ली जाती है।
  2. सोल्डरिंग में प्रयोग होने वाला सोल्डर .................. और .................. का मिश्र धातु है।

    उत्तर: सोल्डर सीसा (Lead) और टिन (Tin) का मिश्र धातु है।
  3. रेतियाँ, रीमर व चाकू .................. इस्पात के बने होते हैं।

    उत्तर: ये उच्च कार्बन इस्पात (High Carbon Steel) के बने होते हैं।
  4. 90° के कोण को .................. कहते हैं।

    उत्तर: 90° के कोण को समकोण (Right Angle) कहते हैं।
  5. पैमाना 2 : 1 का तात्पर्य है कि ड्राइंग शीट पर वस्तु का आकार यथार्थ से .................. बनाया गया है।

    उत्तर: पैमाना 2:1 का तात्पर्य है कि ड्राइंग शीट पर वस्तु का आकार यथार्थ से दोगुना (Double) बनाया गया है।
  6. चैनल सेक्शन का प्रयोग .................. हेतु किया जाता है।

    उत्तर: चैनल सेक्शन का प्रयोग संरचनात्मक ढांचे (Structural Framework) हेतु किया जाता है।
  7. एयर कंप्रेसर हवा का .................. और उसका .................. कम करने के लिये प्रयोग किया जाता है।

    उत्तर: एयर कंप्रेसर हवा का दबाव (Pressure) बढ़ाने और उसका आयतन (Volume) कम करने के लिये प्रयोग किया जाता है।

प्रश्न पत्र – ऑटोमोबाइल V-101 (2019) – पृष्ठ 6

28) व्हील रिंच का प्रयोग ................. को खोलने के लिये किया जाता है। [4]

उत्तर: व्हील रिंच का प्रयोग पहिये के नट (व्हील नट) को खोलने के लिये किया जाता है।

29) भंडारण बैटरी एक विद्युत रासायनिक युक्ति है जो ................. को ................. में परिवर्तित करती है। [6]

उत्तर: भंडारण बैटरी एक विद्युत रासायनिक युक्ति है जो रासायनिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करती है।

30) रोल ओवर रोकथाम प्रणाली में तीव्र मोड़ में वाहन की गति ................. हो जाती है। [4]

उत्तर: रोल ओवर रोकथाम प्रणाली में तीव्र मोड़ में वाहन की गति कम (मंद) हो जाती है।


भाग – अ

31) ड्राइंग शीट्स के परिमाप से आप क्या समझते हैं? आई. एस. ओ. के A0, A1, A2, A3, A4 अनुसार पेपर के आमाप लिखिये। [1+3=4]

उत्तर: ड्राइंग शीट के परिमाप से तात्पर्य उसकी लम्बाई और चौड़ाई (आकार) से है। ISO (आई. एस. ओ.) मानकों के अनुसार पेपर के आमाप निम्नलिखित हैं:

  • A0: 841 mm × 1189 mm
  • A1: 594 mm × 841 mm
  • A2: 420 mm × 594 mm
  • A3: 297 mm × 420 mm
  • A4: 210 mm × 297 mm

32) एक 45° के कोण की संरचना करने की विधि लिखिये। [1+3=4]

उत्तर: 45° के कोण की रचना करने की विधि:

  1. एक रेखा AB खींचिए।
  2. बिन्दु A पर परकार की सहायता से 90° का कोण बनाइए (लम्ब रेखा खींचिए)।
  3. अब 90° के कोण के दोनों भुजाओं पर बराबर दूरी पर चाप लगाइए।
  4. इन चापों के प्रतिच्छेद बिन्दु को A से मिलाइए। यह रेखा 45° का कोण बनाएगी।

वैकल्पिक विधि: 90° के कोण का समद्विभाजक करने पर भी 45° का कोण प्राप्त होता है।

33) निम्नलिखित दिये गये इस्पातों में कार्बन की प्रतिशतता लिखिये तथा इनसे बनने वाले दो-दो औजार/उपकरण लिखिये। [1+1+1+3=6]

इस्पात का प्रकार कार्बन प्रतिशतता दो औजार/उपकरण
i) मृदु इस्पात (माइल्ड स्टील) 0.05% – 0.30% बोल्ट, नट, एंगल, शीट मेटल
ii) मध्यम कार्बन इस्पात (मीडियम कार्बन स्टील) 0.30% – 0.60% क्रैंकशाफ्ट, गियर, एक्सल
iii) उच्च कार्बन इस्पात (हाई कार्बन स्टील) 0.60% – 1.50% छेनी, हैमर, स्प्रिंग, कटर

34) ईंधन (फ्यूल) फिल्टर को बदलने के लिये आवश्यक सामग्री और औजारों/उपकरणों की सूची लिखिये। [4]

उत्तर: ईंधन फिल्टर बदलने के लिये आवश्यक सामग्री और औजार:

  • सामग्री: नया ईंधन फिल्टर, साफ कपड़ा, डीज़ल या पेट्रोल (सफाई के लिये)
  • औजार/उपकरण: रिंच सेट (फिल्टर हटाने के लिये), स्क्रूड्राइवर, प्लायर, फिल्टर रिंच (यदि आवश्यक हो)

35) बिना ट्यूब के टायर (ट्यूबलेस टायर) के तीन लाभ लिखिये। [3]

उत्तर: ट्यूबलेस टायर के तीन लाभ:

  1. पंक्चर होने पर हवा धीरे-धीरे निकलती है, जिससे दुर्घटना की संभावना कम होती है।
  2. ट्यूब न होने से घर्षण कम होता है, जिससे ईंधन की बचत होती है।
  3. हल्के होते हैं और गर्मी कम उत्पन्न करते हैं, जिससे टायर की आयु बढ़ती है।

36) शीतलन प्रणाली के कोई तीन अवयव लिखिये। [3]

उत्तर: शीतलन प्रणाली के तीन मुख्य अवयव:

  1. रेडिएटर: इंजन के गर्म पानी को ठंडा करता है।
  2. वॉटर पंप: शीतलक (कूलेंट) को इंजन और रेडिएटर में प्रवाहित करता है।
  3. थर्मोस्टेट: इंजन के तापमान के अनुसार शीतलक के प्रवाह को नियंत्रित करता है।

V-101 [43]

भाग - =

37) कार में रेडियेटर की आवश्यकता क्यों होती है? कार की शीतलन प्रणाली को विस्तृत में समझाइये।

रेडियेटर की आवश्यकता: कार के इंजन में ईंधन जलने से अत्यधिक गर्मी उत्पन्न होती है। रेडियेटर इस गर्मी को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह शीतलक (कूलेंट) से गर्मी को अवशोषित करके वायु में छोड़ता है, जिससे इंजन का तापमान सामान्य सीमा में बना रहता है। इसके बिना इंजन अधिक गर्म होकर खराब हो सकता है।

शीतलन प्रणाली का विस्तृत विवरण: कार की शीतलन प्रणाली मुख्यतः द्रव शीतलन प्रणाली होती है। इसमें निम्नलिखित भाग शामिल हैं:

  • रेडियेटर: यह एक हीट एक्सचेंजर है जो शीतलक से गर्मी को हवा में स्थानांतरित करता है। इसमें पतली ट्यूब और पंखे होते हैं।
  • वॉटर पंप: यह शीतलक को इंजन और रेडियेटर के बीच प्रवाहित करता है।
  • थर्मोस्टेट: यह इंजन के तापमान के अनुसार शीतलक के प्रवाह को नियंत्रित करता है। ठंडे इंजन में यह बंद रहता है और गर्म होने पर खुलता है।
  • कूलिंग फैन: यह रेडियेटर के पीछे लगा होता है और हवा खींचकर रेडियेटर को ठंडा करता है।
  • शीतलक (कूलेंट): यह पानी और एंटीफ्रीज का मिश्रण होता है जो गर्मी को अवशोषित करता है और जमने से बचाता है।
  • होज़ और पाइप: ये शीतलक को विभिन्न भागों तक पहुंचाते हैं।

कार्य प्रक्रिया: इंजन चलने पर वॉटर पंप शीतलक को इंजन ब्लॉक और सिलेंडर हेड के आसपास प्रवाहित करता है। शीतलक इंजन की गर्मी को अवशोषित करता है और गर्म होकर रेडियेटर में आता है। रेडियेटर में पंखे और वायु प्रवाह से गर्मी बाहर निकल जाती है, और ठंडा शीतलक वापस इंजन में जाता है। थर्मोस्टेट यह सुनिश्चित करता है कि इंजन जल्दी गर्म हो और सही तापमान पर बना रहे।

38) ऑटोमोबाइल कार्यशाला में प्रयोग किये जाने वाले विद्युत उपकरणों के नाम लिखिये तथा उनकी व्याख्या कीजिये।

ऑटोमोबाइल कार्यशाला में प्रयोग किये जाने वाले विद्युत उपकरणों के नाम और व्याख्या:

  1. बैटरी चार्जर: यह उपकरण कार की बैटरी को चार्ज करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह AC मेन्स से DC में परिवर्तित कर बैटरी को विद्युत आपूर्ति करता है।
  2. स्टार्टर मोटर: यह एक विद्युत मोटर है जो इंजन को क्रैंक करने (चालू करने) के लिए उपयोग होती है। यह बैटरी से शक्ति लेकर इंजन के फ्लाईव्हील को घुमाती है।
  3. अल्टरनेटर: यह इंजन चलने पर बैटरी को चार्ज करने और विद्युत प्रणाली को बिजली देने का काम करता है। यह यांत्रिक ऊर्जा को विद्युत ऊर्जा में बदलता है।
  4. इग्निशन कॉइल: यह कम वोल्टेज (12V) को उच्च वोल्टेज (हजारों वोल्ट) में बदलता है, जो स्पार्क प्लग में चिंगारी उत्पन्न करने के लिए आवश्यक है।
  5. स्पार्क प्लग: यह सिलेंडर में ईंधन-वायु मिश्रण को जलाने के लिए चिंगारी उत्पन्न करता है। यह इग्निशन सिस्टम का अंतिम भाग है।
  6. विद्युत तार और फ्यूज: तार विद्युत संचार के लिए और फ्यूज अतिरिक्त धारा से सुरक्षा के लिए उपयोग होते हैं।
  7. हेडलाइट और टेललाइट: ये प्रकाश उपकरण हैं जो रात में दृश्यता और सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं।
  8. वाइपर मोटर: यह विंडशील्ड वाइपर को चलाने के लिए उपयोग होती है, जो बारिश या गंदगी को साफ करती है।
  9. हॉर्न: यह ध्वनि उत्पन्न करने वाला विद्युत उपकरण है, जो चेतावनी देने के लिए उपयोग होता है।
  10. मल्टीमीटर: यह वोल्टेज, धारा और प्रतिरोध मापने के लिए उपयोगी परीक्षण उपकरण है।

ये सभी उपकरण ऑटोमोबाइल कार्यशाला में वाहनों की मरम्मत, रखरखाव और जांच के लिए आवश्यक हैं।