RBSE Class 10th 2021 Agriculture-V-110-2021 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2021
Subject Agriculture-V-110-2021
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2021 Agriculture-V-110-2021

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Rajasthan Board Class 10th Agriculture-V-110-2021 2021 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा - X) परीक्षा, 2021

लेवल - द्वितीय वर्ष

विषय - कृषि (एग्रीकल्चर)

समय : 3 घंटे 25 मिनट     पूर्णांक : 30


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. परीक्षार्थी यथासंभव प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में अपने शब्दों में निर्धारित शब्द सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 3 तक के उत्तर एक पंक्ति में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 4 से 9 तक के उत्तर दो से चार पंक्तियों में लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 10 से 14 तक के उत्तर दो पृष्ठ तक लिखें।

प्रश्न पत्र कोड : V-110

प्रश्नों की संख्या : 4 (चार)     मुद्रित पृष्ठों की संख्या : 3

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा - X) परीक्षा, 2021

लेवल - द्वितीय वर्ष

विषय - कृषि (एग्रीकल्चर)


नोट : यह पृष्ठ परीक्षा प्रारंभ होने से पूर्व का है। कृपया इसे न काटें।

खण्ड - अ

  1. तनाव क्या है?
  2. स्वरोजगार किसे कहते हैं?
  3. स्थायी विकास क्या है?

खण्ड - ब

  1. सिंचाई के कोई चार महत्व लिखिए।

उत्तर: सिंचाई के चार महत्व निम्नलिखित हैं:

  1. फसलों को आवश्यक नमी प्रदान करना, विशेषकर वर्षा के अभाव में।
  2. भूमि की उर्वरता बनाए रखना और फसल उत्पादन बढ़ाना।
  3. बहुफसली प्रणाली को संभव बनाना, जिससे किसानों की आय बढ़ती है।
  4. सूखे के प्रभाव को कम करना और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  1. छिड़काव (Sprinkler) सिंचाई विधि के कोई चार लाभ लिखिए।

उत्तर: छिड़काव सिंचाई विधि के चार लाभ:

  1. पानी का समान वितरण होता है, जिससे फसलों को एकसमान नमी मिलती है।
  2. पानी की बचत होती है क्योंकि वाष्पीकरण और रिसाव कम होता है।
  3. उबड़-खाबड़ भूमि पर भी आसानी से उपयोग किया जा सकता है।
  4. उर्वरकों और कीटनाशकों को पानी के साथ मिलाकर छिड़का जा सकता है, जिससे समय और श्रम बचता है।
  1. i) एकबीजपत्री (मोनोकोट) दो खरपतवारों के नाम लिखिए।

उत्तर: एकबीजपत्री खरपतवारों के दो नाम:

  1. गिनी घास (Panicum maximum)
  2. बरसीम (Trifolium alexandrinum) - यह द्विबीजपत्री है, सही उदाहरण: नरवल (Echinochloa colona) या मोथा (Cyperus rotundus)
  1. ii) एकीकृत कीट प्रबंधन को समझाइये।

उत्तर: एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) एक पर्यावरण-अनुकूल दृष्टिकोण है जिसमें कीटों को नियंत्रित करने के लिए जैविक, सांस्कृतिक, यांत्रिक और रासायनिक विधियों का समन्वित उपयोग किया जाता है। इसका उद्देश्य कीटनाशकों के उपयोग को कम करना और पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित रखना है।

  1. i) परिपक्वता सूचकांक (Maturity indices) को समझाइये।

उत्तर: परिपक्वता सूचकांक वे संकेतक हैं जो फसलों या फलों की कटाई के उचित समय का निर्धारण करते हैं। ये दृश्य, भौतिक या रासायनिक परिवर्तनों पर आधारित होते हैं, जैसे फल का रंग बदलना, आकार, गूदे की कठोरता, या शर्करा की मात्रा।

  1. ii) जलने पर प्राथमिक उपचार लिखिए।

उत्तर: जलने पर प्राथमिक उपचार:

  1. जले हुए स्थान को तुरंत ठंडे पानी से 10-15 मिनट तक धोएं।
  2. साफ, सूखे कपड़े से ढकें, बर्फ या मक्खन न लगाएं।
  3. फफोले न फोड़ें।
  4. गंभीर जलन होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
  1. प्रभावी संचार क्या है? इसकी दो बाधाएँ लिखिए।

उत्तर: प्रभावी संचार वह प्रक्रिया है जिसमें संदेश स्पष्ट, सटीक और समझने योग्य रूप में प्रेषित और प्राप्त होता है। इसकी दो बाधाएँ:

  1. भाषा संबंधी बाधा: विभिन्न भाषाओं या शब्दावली के कारण संदेश गलत समझा जा सकता है।
  2. मनोवैज्ञानिक बाधा: पूर्वाग्रह, भावनाएँ या ध्यान की कमी संचार को प्रभावित करती है।
  1. हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में कोई दो अन्तर लिखिए।

उत्तर: हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर में दो अंतर:

हार्डवेयर सॉफ्टवेयर
भौतिक उपकरण जिन्हें छुआ जा सकता है (जैसे मॉनिटर, कीबोर्ड)। निर्देशों और डेटा का समूह जो हार्डवेयर को कार्य करने का निर्देश देता है (जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम)।
यह मशीनरी है और इसे बदलने या मरम्मत करने की आवश्यकता होती है। यह अमूर्त है और इसे अपडेट या इंस्टॉल किया जा सकता है।

खण्ड - स

  1. खरपतवारों के कोई छः लक्षण लिखिए।

उत्तर: खरपतवारों के छः लक्षण:

  1. तेजी से बढ़ने और फैलने की क्षमता।
  2. प्रतिकूल परिस्थितियों में भी जीवित रहना।
  3. अधिक बीज उत्पादन करना।
  4. बीजों का लंबे समय तक मिट्टी में निष्क्रिय रहना।
  5. फसलों के साथ पोषक तत्वों, पानी और प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करना।
  6. कीटों और रोगों के लिए मेजबान का काम करना।

अथवा

  1. खरपतवारनाशी के अनुप्रयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ लिखिए।

उत्तर: खरपतवारनाशी के अनुप्रयोग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियाँ:

  1. सुरक्षात्मक कपड़े, दस्ताने और मास्क पहनें।
  2. निर्धारित मात्रा और समय पर ही छिड़काव करें।
  3. हवा की दिशा का ध्यान रखें ताकि रसायन फसलों या जल स्रोतों पर न जाए।
  4. बच्चों और पशुओं को छिड़काव क्षेत्र से दूर रखें।
  5. उपयोग के बाद उपकरणों को अच्छी तरह साफ करें।
  6. खाली कंटेनरों को सुरक्षित तरीके से नष्ट करें या रीसायकल करें।

प्रश्न 5. टमाटर के फल बोरर का नियंत्रण लिखिए।

टमाटर फल बोरर (हेलिकोवर्पा आर्मिगेरा) का नियंत्रण:

  • सांस्कृतिक नियंत्रण: प्रभावित फलों को तोड़कर नष्ट करें, गहरी जुताई करें, और फसल चक्र अपनाएं।
  • जैविक नियंत्रण: ट्राइकोग्रामा अंड परजीवी का प्रयोग करें।
  • रासायनिक नियंत्रण: आवश्यकता पड़ने पर क्विनालफॉस 25 ईसी (2 मिली/लीटर पानी) या इंडोक्साकार्ब 15.8 एससी (1 मिली/लीटर पानी) का छिड़काव करें।

अथवा

टमाटर की अल्टरनेरिया ब्लाइट रोग का नियंत्रण लिखिए।

अल्टरनेरिया ब्लाइट (अल्टरनेरिया सोलानी) का नियंत्रण:

  • सांस्कृतिक नियंत्रण: रोग प्रतिरोधी किस्मों का चयन करें, फसल चक्र अपनाएं, और प्रभावित पौधों को हटाकर नष्ट करें।
  • रासायनिक नियंत्रण: मैन्कोजेब 75 डब्ल्यूपी (2 ग्राम/लीटर पानी) या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड (3 ग्राम/लीटर पानी) का छिड़काव 10-15 दिन के अंतराल पर करें।

प्रश्न 6. बैंगन की ग्रेडिंग और कटाई के बाद की हैंडलिंग लिखिए।

बैंगन की ग्रेडिंग और कटाई के बाद की हैंडलिंग:

  • ग्रेडिंग: फलों को आकार, रंग, और गुणवत्ता के आधार पर वर्गीकृत करें। बड़े, मध्यम और छोटे आकार के फलों को अलग-अलग करें।
  • कटाई के बाद की हैंडलिंग:
    • फलों को सुबह या शाम के समय तोड़ें।
    • तोड़ने के तुरंत बाद फलों को छाया में रखें।
    • प्लास्टिक क्रेट या बांस की टोकरियों में रखें, अधिक भराई न करें।
    • भंडारण तापमान 10-12°C और आर्द्रता 85-90% रखें।

अथवा

मिर्च की कटाई (तुड़ाई) के बाद की हैंडलिंग लिखिए।

मिर्च की कटाई के बाद की हैंडलिंग:

  • मिर्च को पूरी तरह पकने से पहले हरे रंग में ही तोड़ें।
  • तोड़ने के बाद फलों को साफ पानी से धोकर सुखाएं।
  • ग्रेडिंग करें - बड़े, मध्यम और छोटे फलों को अलग करें।
  • पॉलीथिन बैग या वेंटिलेटेड क्रेट में पैक करें।
  • भंडारण तापमान 7-10°C और आर्द्रता 90-95% रखें।

प्रश्न 7. मैनुअल कटाई (मैनुअल हार्वेस्टिंग) को समझाइये।

मैनुअल हार्वेस्टिंग: यह फसल कटाई की पारंपरिक विधि है जिसमें मानव श्रम का उपयोग किया जाता है। किसान हाथों से या सरल औजारों (जैसे दरांती, हँसिया) की सहायता से फसल काटते हैं। यह विधि छोटे और मध्यम आकार के खेतों के लिए उपयुक्त है। इसमें फसल का चयनात्मक कटाई संभव है, जिससे केवल पके फल या अनाज ही काटे जाते हैं। हालांकि, यह समय लेने वाली और श्रम गहन विधि है।

अथवा

यांत्रिक कटाई (मैकेनिकल हार्वेस्टिंग) को समझाइये।

मैकेनिकल हार्वेस्टिंग: इस विधि में फसल कटाई के लिए मशीनों और यंत्रों का उपयोग किया जाता है। कंबाइन हार्वेस्टर, ट्रैक्टर चालित रीपर आदि इसके उदाहरण हैं। यह विधि बड़े खेतों और वाणिज्यिक खेती के लिए उपयुक्त है। इसके लाभों में तेज गति, कम श्रम की आवश्यकता, और कम लागत शामिल हैं। हालांकि, इसमें फसल का चयनात्मक कटाई संभव नहीं है और मशीनों की प्रारंभिक लागत अधिक होती है।

प्रश्न 8. कृषि श्रम प्रबंधन (फार्म लेबर मैनेजमेंट) को समझाइये।

फार्म लेबर मैनेजमेंट: यह कृषि कार्यों के लिए श्रमिकों की योजना, संगठन, निर्देशन और नियंत्रण की प्रक्रिया है। इसमें निम्नलिखित पहलू शामिल हैं:

  • श्रमिकों की भर्ती: आवश्यकता अनुसार कुशल और अकुशल श्रमिकों का चयन।
  • कार्य विभाजन: श्रमिकों को उनकी क्षमता अनुसार कार्य सौंपना।
  • प्रशिक्षण: नई तकनीकों और उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण देना।
  • मजदूरी निर्धारण: उचित और समय पर मजदूरी का भुगतान।
  • श्रमिक कल्याण: आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना।
  • उत्पादकता मूल्यांकन: श्रमिकों के कार्य प्रदर्शन का नियमित मूल्यांकन।

प्रश्न 9. "कचरा प्रबन्धन" के भौतिक उपायों का वर्णन कीजिए।

कचरा प्रबंधन के भौतिक उपाय:

  • लैंडफिलिंग: कचरे को जमीन में गड्ढे खोदकर दबा दिया जाता है। यह सबसे सामान्य विधि है।
  • कम्पोस्टिंग: जैविक कचरे को खाद में बदलना। इसमें सूक्ष्मजीवों की सहायता से कचरा विघटित होता है।
  • भस्मीकरण: कचरे को उच्च तापमान पर जलाकर राख में बदलना। इससे कचरे की मात्रा कम होती है।
  • रीसाइक्लिंग: पुन: उपयोग योग्य सामग्री (जैसे कागज, प्लास्टिक, धातु) को अलग करके नए उत्पाद बनाना।
  • श्रेडिंग: बड़े कचरे को छोटे टुकड़ों में काटना ताकि आगे की प्रक्रिया आसान हो।
  • बेलिंग: कचरे को संकुचित करके गांठों में बांधना, जिससे परिवहन और भंडारण आसान हो।