RBSE Class 10th 2021 Apparel Made-Up and Home Furnishing-V-108-2021 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2021
Subject Apparel Made-Up and Home Furnishing-V-108-2021
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2021 Apparel Made-Up and Home Furnishing-V-108-2021

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Rajasthan Board Class 10th Apparel Made-Up and Home Furnishing-V-108-2021 2021 solved Previous Year Question Papers

व्यावसायिक शिक्षा (कक्षा - X) परीक्षा, 2021

लेवल - द्वितीय वर्ष

विषय - एपरल मेड-अप एण्ड होम फर्नीशिंग

समय : 3 घंटे 15 मिनट   |   पूर्णांक : 30


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. परीक्षार्थी यथासंभव प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में अपने शब्दों में निर्धारित शब्द सीमा में लिखें।
  4. प्रश्न संख्या 1 से 3 तक के उत्तर एक पंक्ति में लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 4 से 9 तक के उत्तर दो से चार पंक्तियों में लिखें।
  6. प्रश्न संख्या 10 से 14 के उत्तर दो पृष्ठों तक लिखें।

No. of Questions — 4   |   No. of Printed Pages — 3

Sl. No. : ___________   |   नामांक : ___________   |   Roll No. : ___________

(यहाँ से काटिए | Turn over)

खण्ड-अ (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

  1. जीवन का तनाव दूर करने के तरीके बताइये।

    जीवन का तनाव दूर करने के कुछ प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:

    • नियमित व्यायाम और योग करना
    • गहरी साँस लेना और ध्यान (मेडिटेशन) करना
    • पर्याप्त नींद लेना
    • संतुलित आहार लेना
    • अपने शौक और रुचियों के लिए समय निकालना
    • दोस्तों और परिवार से बात करना
    • समय प्रबंधन में सुधार करना
  2. एक उद्यमी की प्रमुख विशेषताएँ लिखिये।

    एक उद्यमी की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

    • आत्मविश्वास और दृढ़ इच्छाशक्ति
    • जोखिम लेने की क्षमता
    • नवाचार और रचनात्मकता
    • नेतृत्व क्षमता
    • निर्णय लेने की क्षमता
    • लचीलापन और अनुकूलनशीलता
    • दूरदर्शिता और योजना बनाने की क्षमता
  3. एक विद्यार्थी के द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिए किये जाने वाले प्रमुख कर्तव्य/कार्य लिखिये।

    एक विद्यार्थी के द्वारा पर्यावरण सुरक्षा के लिए किये जाने वाले प्रमुख कर्तव्य/कार्य निम्नलिखित हैं:

    • पेड़-पौधे लगाना और उनकी देखभाल करना
    • पानी और बिजली का संयम से उपयोग करना
    • कचरे का उचित निपटान करना और पुनर्चक्रण को बढ़ावा देना
    • प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करना
    • सार्वजनिक स्थानों पर सफाई बनाए रखना
    • पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना
    • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना

खण्ड-ब

  1. अपनी बात, सामने वाले व्यक्ति को समझाने के लिए (प्रभावी संचार) की आवश्यक बातें बताइये।

    प्रभावी संचार के लिए आवश्यक बातें निम्नलिखित हैं:

    • स्पष्ट और सरल भाषा का प्रयोग करें
    • सुनने की क्षमता विकसित करें
    • आँखों से आँख मिलाकर बात करें
    • शरीर की भाषा (बॉडी लैंग्वेज) का सही उपयोग करें
    • भावनाओं को नियंत्रित रखें
    • प्रश्न पूछकर सुनिश्चित करें कि सामने वाले ने समझ लिया है
    • सम्मान और विनम्रता बनाए रखें
  2. वर्तमान महामारी (कोविड काल) में "ऑनलाइन एजुकेशन" का महत्व लिखिये।

    कोविड महामारी के दौरान ऑनलाइन शिक्षा का महत्व निम्नलिखित है:

    • शिक्षा का निरंतर प्रवाह बना रहा
    • सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए सीखना संभव हुआ
    • डिजिटल संसाधनों तक पहुँच बढ़ी
    • लचीला समय और स्थान प्रदान किया
    • शिक्षकों और छात्रों के बीच नए तकनीकी कौशल विकसित हुए
    • रिकॉर्डेड कक्षाओं के माध्यम से पुनरावलोकन संभव हुआ
  3. "स्कर्ट" में प्रयोग की जाने वाली 'प्लीट्स' का नाम लिखें व उनका सचित्र वर्णन करें।

    स्कर्ट में प्रयोग की जाने वाली प्लीट्स के प्रकार निम्नलिखित हैं:

    • नाइफ प्लीट्स (Knife Pleats): ये एक ही दिशा में मुड़ी हुई प्लीट्स होती हैं, जो एक के बाद एक समानांतर रूप में बनाई जाती हैं।
    • बॉक्स प्लीट्स (Box Pleats): इनमें प्लीट्स दो विपरीत दिशाओं में मुड़ी होती हैं, जिससे एक बॉक्स जैसा आकार बनता है।
    • एकॉर्डियन प्लीट्स (Accordion Pleats): ये बहुत छोटी और संकरी प्लीट्स होती हैं, जो एकॉर्डियन (हारमोनियम) की तरह दिखती हैं।
    • सनरे प्लीट्स (Sunray Pleats): ये प्लीट्स कमर पर संकरी और नीचे की ओर चौड़ी होती जाती हैं, जो सूर्य की किरणों जैसा प्रभाव देती हैं।

    (चित्र स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि नाइफ प्लीट्स एक दिशा में मुड़ी होती हैं, बॉक्स प्लीट्स दो विपरीत दिशाओं में, एकॉर्डियन प्लीट्स बहुत छोटी और संकरी होती हैं, और सनरे प्लीट्स कमर पर संकरी तथा नीचे चौड़ी होती हैं।)

  4. "पाइपिंग" का प्रयोग पोशाक में किन स्थानों पर किया जाता है? चित्र बनाकर समझाइये।

    पाइपिंग का प्रयोग पोशाक में निम्नलिखित स्थानों पर किया जाता है:

    • कॉलर के किनारों पर
    • आस्तीन के मुंह पर
    • जेब के किनारों पर
    • पोशाक के निचले किनारे (हेम) पर
    • सीम (Seams) के साथ-साथ
    • बटन प्लैकेट पर

    (चित्र में दिखाया गया है कि पाइपिंग एक संकरी पट्टी होती है जिसे कपड़े के किनारों पर सिलाई करके लगाया जाता है, जिससे पोशाक को एक साफ और सजावटी रूप मिलता है।)

  5. जॉब कार्ड का उद्योग में महत्व बताइये।

    जॉब कार्ड का उद्योग में निम्नलिखित महत्व है:

    • यह कार्य की योजना और निर्धारण में सहायक होता है
    • प्रत्येक कार्य की प्रगति को ट्रैक करने में मदद करता है
    • श्रमिकों के कार्य-घंटे और उत्पादन का रिकॉर्ड रखता है
    • लागत नियंत्रण और बजट प्रबंधन में सहायता करता है
    • गुणवत्ता नियंत्रण और समय प्रबंधन में सुधार लाता है
    • प्रबंधन को निर्णय लेने में डेटा प्रदान करता है
  6. निम्न को समझाइये:

    1. डार्ट (Dart)
    2. पैच पॉकेट (Patch Pocket)

    i) डार्ट (Dart): डार्ट एक सिलाई तकनीक है जिसमें कपड़े को एक नुकीले कोण पर मोड़कर सिल दिया जाता है। इसका उपयोग पोशाक को शरीर के आकार में ढालने के लिए किया जाता है, विशेषकर छाती, कमर और कंधों पर। यह पोशाक को फिट और आकर्षक बनाता है।

    ii) पैच पॉकेट (Patch Pocket): पैच पॉकेट एक प्रकार की जेब होती है जिसे कपड़े के एक टुकड़े को काटकर पोशाक के बाहरी भाग पर सिल दिया जाता है। यह आमतौर पर शर्ट, कुर्ते, जैकेट और स्कर्ट पर पाया जाता है। यह सजावटी और उपयोगी दोनों होता है।

खण्ड-स (दो पृष्ठों तक में उत्तर दीजिए)

  1. विभिन्न सिलाई (Stitch) का पोशाक निर्माण में प्रयोग पर विस्तृत लेख लिखिये।

    पोशाक निर्माण में विभिन्न प्रकार की सिलाई का प्रयोग किया जाता है, जिनमें से प्रमुख निम्नलिखित हैं:

    • रनिंग स्टिच (Running Stitch): यह सबसे सरल सिलाई है, जिसमें सुई को कपड़े में ऊपर-नीचे करके सीधी रेखा में सिला जाता है। इसका उपयोग अस्थायी सिलाई (बस्टिंग) और साधारण जोड़ने के लिए किया जाता है।
    • बैक स्टिच (Back Stitch): यह मजबूत सिलाई है, जिसमें सुई को पीछे की ओर ले जाकर सिला जाता है। इसका उपयोग सीम (Seams) को मजबूत बनाने और हाथ से सिलाई करने में किया जाता है।
    • हेम स्टिच (Hem Stitch): इसका उपयोग पोशाक के निचले किनारे (हेम) को मोड़कर सिलने के लिए किया जाता है, ताकि किनारे खुले न रहें।
    • बटनहोल स्टिच (Buttonhole Stitch): यह बटन के छेद के किनारों को मजबूत बनाने के लिए उपयोग की जाती है, ताकि छेद फटे नहीं।
    • ब्लाइंड स्टिच (Blind Stitch): इसका उपयोग हेम और लाइनिंग को छिपाकर सिलने के लिए किया जाता है, जिससे सिलाई बाहर से दिखाई नहीं देती।
    • ज़िगज़ैग स्टिच (Zigzag Stitch): यह मशीन सिलाई है, जिसका उपयोग कपड़े के किनारों को फटने से बचाने और स्ट्रेचेबल कपड़ों को सिलने में किया जाता है।

12. पोशाक निर्माण में dart (चुन्नट) व प्लीट्स के प्रयोग को विस्तार से समझाइये (सचित्र)।

Dart (चुन्नट): यह कपड़े में त्रिकोणीय आकार की सिलाई होती है जो कपड़े को शरीर के आकार में ढालने के लिए प्रयोग की जाती है। यह मुख्यतः छाती, कमर और कूल्हों पर अतिरिक्त कपड़े को समायोजित करती है।

प्लीट्स: ये कपड़े में बनाए गए स्थायी या अस्थायी मोड़ होते हैं जो पोशाक में सुंदरता और आयाम जोड़ते हैं। प्लीट्स मुख्यतः स्कर्ट, कुर्ती और सलवार में प्रयोग होते हैं।

प्रमुख प्रकार:

  • नाइफ प्लीट: एक ही दिशा में मुड़ी हुई प्लीट्स
  • बॉक्स प्लीट: दोनों तरफ से मुड़ी हुई प्लीट्स
  • एकॉर्डियन प्लीट: हारमोनियम की तरह सिलवटें
  • डार्ट: कमर, छाती या कंधे पर त्रिकोणीय सिलाई

(चित्र में डार्ट और विभिन्न प्लीट्स के आकार दर्शाए जा सकते हैं।)

13. निम्न में से किन्हीं दो को समझाइये:

i) बटन व बटन होल

बटन: यह एक छोटा गोल या अंडाकार फास्टनर होता है जो पोशाक के दो हिस्सों को जोड़ने का काम करता है। यह प्लास्टिक, धातु, लकड़ी या कपड़े का बना हो सकता है।

बटन होल: यह कपड़े में बनाया गया एक छोटा छेद होता है जिसमें बटन फंसाया जाता है। इसे मशीन या हाथ से सिला जाता है। बटन होल का आकार बटन के व्यास से थोड़ा बड़ा होना चाहिए।

ii) जॉब कार्ड में प्रयुक्त अनुदेश

जॉब कार्ड में निम्नलिखित अनुदेश प्रयुक्त होते हैं:

  • कपड़े का प्रकार और मात्रा
  • सिलाई की विधि (हाथ/मशीन)
  • सीम भत्ता (seam allowance)
  • बटन/ज़िप का स्थान और प्रकार
  • फिनिशिंग के निर्देश
  • गुणवत्ता जांच के बिंदु

iii) ज़िप का प्रयोग

ज़िप एक आधुनिक फास्टनर है जो पोशाक के दो किनारों को जोड़ने या खोलने के लिए प्रयोग होता है। इसका प्रयोग स्कर्ट, पैंट, जैकेट, कुर्ती और बैग में किया जाता है। ज़िप को सिलने से पहले कपड़े को सही तरीके से काटना और चिपकाना आवश्यक है।

14. परिधान के विभिन्न हिस्सों के नाम लिखिये साथ ही विभिन्न प्रकार की 'नेक लाइन' व 'स्लीव्स' के नामों का सचित्र वर्णन कीजिए।

परिधान के मुख्य हिस्से:

  • बॉडी (आगे और पीछे का भाग)
  • स्लीव्स (आस्तीन)
  • कॉलर (गले का भाग)
  • नेक लाइन (गर्दन की कटाई)
  • हेम (नीचे का किनारा)
  • सीम (जोड़ने की रेखा)
  • प्लैकेट (बटन लगाने की पट्टी)

नेक लाइन के प्रकार:

  • राउंड नेक (गोल)
  • वी-नेक (V आकार)
  • स्क्वायर नेक (चौकोर)
  • बोट नेक (नाव के आकार की)
  • स्वीटहार्ट नेक (दिल के आकार की)
  • ऑफ-शोल्डर (कंधे से नीचे)

स्लीव्स के प्रकार:

  • शॉर्ट स्लीव (छोटी आस्तीन)
  • लॉन्ग स्लीव (लंबी आस्तीन)
  • थ्री-क्वार्टर स्लीव (तीन-चौथाई)
  • कैप स्लीव (कंधे तक छोटी)
  • बेल स्लीव (घंटी के आकार की)
  • पफ स्लीव (फूली हुई)
  • रागलान स्लीव (कंधे से गोल)

(चित्र में विभिन्न नेक लाइन और स्लीव्स के आकार दर्शाए जा सकते हैं।)

अथवा

पोशाकों में "फास्टनर" (बटनों) के प्रयोग पर विस्तृत लेख लिखिये।

फास्टनर (बटन) का परिचय: फास्टनर पोशाक के दो हिस्सों को जोड़ने या बंद करने का उपकरण है। बटन सबसे प्राचीन और प्रचलित फास्टनर है।

बटनों के प्रकार:

  • सामान्य बटन: 2 या 4 छेद वाले, सिलाई द्वारा लगाए जाते हैं
  • शैंक बटन: पीछे एक डंठल होता है, कोट आदि में प्रयोग
  • स्नैप बटन: दबाने से बंद होने वाले, बिना छेद के
  • टॉगल बटन: लकड़ी या प्लास्टिक के लंबे बटन
  • डेकोरेटिव बटन: सजावट के लिए, कार्यात्मक नहीं

बटन लगाने की विधि:

  1. बटन का स्थान चिन्हित करें
  2. बटन होल का आकार बटन से थोड़ा बड़ा रखें
  3. बटन को मजबूती से सिलें, धागे को ढीला न छोड़ें
  4. बटन के नीचे थोड़ा स्थान छोड़ें ताकि कपड़ा आसानी से मुड़े

बटनों के लाभ:

  • पोशाक को आसानी से खोलना-बंद करना
  • सजावटी रूप प्रदान करना
  • पोशाक के आकार को समायोजित करना
  • टिकाऊ और पुन: प्रयोग योग्य

सावधानियां: बटन का आकार और रंग पोशाक के अनुसार चुनें। बटन होल को मजबूती से सिलें। भारी कपड़ों के लिए बड़े और मजबूत बटन का प्रयोग करें।