RBSE Class 10th 2021 Science-S-07-2021 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2021
Subject Science-S-07-2021
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 10th Science-S-07-2021 2021 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक परीक्षा, 2021
SECONDARY EXAMINATION, 2021

विज्ञान
SCIENCE

समय : 3¼ घण्टेपूर्णांक : 80

No. of Questions — 28No. of Printed Pages — 15


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों के आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
  5. प्रश्न पत्र के हिन्दी एवं अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  6. प्रश्न क्रमांक 20 से 28 में आन्तरिक विकल्प हैं।
    There are internal choice in Q. No. 20 to 28.

S-07-Science   S-504*   [ Turn over ]

प्रश्नों का प्रकार एवं अंक विभाजन

Weightage of marks for the question is as follows:

खण्ड प्रश्नों की संख्या अंक प्रत्येक प्रश्न कुल अंक भार
खण्ड - अ (A) 1 से 4 = 4 1 4
खण्ड - ब (B) 5 से 9 = 5 2 10
खण्ड - स (C) 10 से 19 = 10 3 30
खण्ड - द (D) 20 से 23 = 4 4 16
खण्ड - य (E) 24 से 26 = 3 5 15

खण्ड - अ (Section - A)

1. निम्नांकित प्रश्नों में दिये गये सही विकल्प का चयन कर उत्तर पुस्तिका में लिखिए।

Write in the answer-book by selecting the correct option given in the following questions:

  1. विटामिन B (B) की कमी से होने वाला रोग है

    • (a) रतौंधी
    • (b) बेरी-बेरी
    • (c) रिकेट्स
    • (d) स्कर्वी

    Disease caused by deficiency of Vitamin B is:

    • (A) Night blindness
    • (B) Beri-beri
    • (C) Rickets
    • (D) Scurvy

    सही उत्तर: (b) बेरी-बेरी / (B) Beri-beri

    विटामिन B (विशेषकर B1 या थायमिन) की कमी से बेरी-बेरी रोग होता है, जो तंत्रिका तंत्र और हृदय को प्रभावित करता है।

  2. कौन से वैज्ञानिक को "आनुवंशिकी का जनक" कहा जाता है?

    • (a) बेट्सन
    • (b) मेण्डल
    • (c) मॉर्गन
    • (d) पन्नेट

    Which scientist is called the 'father of genetics'?

    • (A) Bateson
    • (B) Mendel
    • (C) Morgan
    • (D) Punnet

    सही उत्तर: (b) मेण्डल / (B) Mendel

    ग्रेगर मेंडल को मटर के पौधों पर किए गए प्रयोगों के कारण "आनुवंशिकी का जनक" कहा जाता है, जिन्होंने वंशानुक्रम के नियमों की खोज की।

प्रश्न 3 (ii)

माँ के दूध में पाये जाने वाला प्रतिरक्षी है:

  1. IgG
  2. IgM
  3. IgD
  4. IgA

सही उत्तर: (D) IgA

व्याख्या: माँ के दूध में मुख्य रूप से IgA (स्रावी IgA) पाया जाता है, जो शिशु को संक्रमण से बचाने में मदद करता है।

प्रश्न 3 (iii)

प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र है:

  1. CaSO₄·½H₂O
  2. Na₂CO₃·10H₂O
  3. CaSO₄·2H₂O
  4. Na₂CO₃·H₂O

सही उत्तर: (A) CaSO₄·½H₂O

व्याख्या: प्लास्टर ऑफ पेरिस का रासायनिक सूत्र CaSO₄·½H₂O (कैल्शियम सल्फेट हेमीहाइड्रेट) होता है।

प्रश्न 3 (iv)

सक्रियता श्रेणी के आधार पर Cu से कम सक्रियता वाला तत्व कौन-सा है?

  1. Na
  2. Ca
  3. Au
  4. Zn

सही उत्तर: (C) Au

व्याख्या: सक्रियता श्रेणी में तत्वों को उनकी अभिक्रियाशीलता के क्रम में रखा जाता है। Cu से कम सक्रिय तत्व Au (सोना) है, जबकि Na, Ca और Zn Cu से अधिक सक्रिय हैं।

(vi) विद्युत शक्ति का मात्रक है

  • (A) वाट (watt)
  • (B) जूल (joule)
  • (C) न्यूटन × मीटर (newton × metre)
  • (D) न्यूटन (newton)

सही उत्तर: (A) वाट (watt)

व्याख्या: विद्युत शक्ति का SI मात्रक वाट (W) है। 1 वाट = 1 जूल/सेकंड। जूल ऊर्जा का मात्रक है, न्यूटन × मीटर कार्य का मात्रक है, और न्यूटन बल का मात्रक है।

(vii) निम्नलिखित में से कौन-सा नवीकरणीय संसाधन है

  • (A) सौर ऊर्जा (Solar energy)
  • (B) कोयला (Coal)
  • (C) प्राकृतिक गैस (Natural gas)
  • (D) पेट्रोलियम (Petroleum)

सही उत्तर: (A) सौर ऊर्जा (Solar energy)

व्याख्या: सौर ऊर्जा एक नवीकरणीय संसाधन है क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से पुनः उत्पन्न होती है। कोयला, प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम जीवाश्म ईंधन हैं जो सीमित मात्रा में उपलब्ध हैं और नवीकरणीय नहीं हैं।

(viii) एड्स रोधी गुण किसमें पाए जाते हैं?

  • (A) सिनकोना (Cinchona)
  • (B) विनक्रिस्टीन (Vincristine)
  • (C) विनब्लास्टीन (Vinblastine)
  • (D) शतावरी (Shatavari)

सही उत्तर: (B) विनक्रिस्टीन (Vincristine)

व्याख्या: विनक्रिस्टीन एक एल्कलॉइड है जो पेरिविंकल (Catharanthus roseus) पौधे से प्राप्त होता है और इसमें एड्स रोधी गुण पाए जाते हैं। सिनकोना से कुनैन मिलता है, विनब्लास्टीन कैंसर रोधी है, और शतावरी एक औषधीय पौधा है।

प्रश्न 5 (बहुविकल्पीय प्रश्न)

(x) एक संकर संकरण में F2 पीढ़ी का लक्षणप्रारूप अनुपात प्राप्त होता है:

  1. 3:1
  2. 1:3
  3. 2:2
  4. 4:2

Correct Answer: A (3:1)

Explanation: In a monohybrid cross, the F2 generation shows a phenotypic ratio of 3:1 (dominant : recessive).


प्रश्न 6 (बहुविकल्पीय प्रश्न)

एक 50 kg द्रव्यमान के पिण्ड पर 100 N बल लगाने पर वह 20 m दूरी बल की दिशा में तय करती है तो कार्य होगा (N×m में):

  1. 2000
  2. 10000
  3. 200
  4. 5000

Correct Answer: A (2000)

Explanation: Work = Force × Displacement = 100 N × 20 m = 2000 N·m (Joules).


अति लघु उत्तरीय प्रश्न (एक पंक्ति में उत्तर)

प्रश्न 2: नाइट्रोजन व हाइड्रोजन की अभिक्रिया से अमोनिया प्राप्त करने के प्रक्रम में प्रयुक्त उत्प्रेरक का नाम लिखिए।

उत्तर: लोहा (आयरन) – Fe (आयरन ऑक्साइड के रूप में, जिसमें K2O और Al2O3 जैसे प्रवर्तक मिले होते हैं)।

3. एक किलोवाट-घंटा का मान जूल में लिखिए ।
Write the value of one kilowatt-hour in joule.

उत्तर / Answer:

1 किलोवाट-घंटा (kWh) = 3.6 × 106 जूल (J)

व्याख्या: 1 kWh = 1000 W × 3600 s = 3,600,000 J = 3.6 × 106 J

4. गिर राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में स्थित है ?
Gir National Park is located in which state ?

उत्तर / Answer:

गिर राष्ट्रीय उद्यान गुजरात राज्य में स्थित है।
Gir National Park is located in the state of Gujarat.

5. लाख कीट का वैज्ञानिक नाम लिखिए ।
Write the scientific name of lac insect.

उत्तर / Answer:

लाख कीट का वैज्ञानिक नाम Laccifer lacca (या Kerria lacca) है।
The scientific name of lac insect is Laccifer lacca (or Kerria lacca).

6. भारत के किस घाट पर एशियाई हाथी पाए जाते हैं ?
Asian Elephants are found at which ghat of India ?

उत्तर / Answer:

एशियाई हाथी भारत के पश्चिमी घाट (Western Ghats) पर पाए जाते हैं।
Asian Elephants are found at the Western Ghats of India.

7. कार्बन के पूर्ण दहन पर प्राप्त गैस का रासायनिक सूत्र लिखिए ।
Write the chemical formula of the gas obtained by complete combustion of carbon.

उत्तर / Answer:

कार्बन के पूर्ण दहन पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्राप्त होती है, जिसका रासायनिक सूत्र CO2 है।
The gas obtained by complete combustion of carbon is carbon dioxide, with chemical formula CO2.

रासायनिक समीकरण: C + O2 → CO2

8. 'चरक' शब्द का क्या अर्थ है ?
What is the meaning of 'Charak' ?

उत्तर / Answer:

'चरक' शब्द का अर्थ है घुमक्कड़ या यात्रा करने वाला। यह प्राचीन भारतीय चिकित्सक चरक के नाम से भी जाना जाता है।
The meaning of 'Charak' is wanderer or traveler. It is also known as the name of an ancient Indian physician.

रिक्त स्थानों की पूर्ति कर उत्तर पुस्तिका में लिखिए :

Fill in the blanks and write the answer in the answer-book :

  1. गाजर, पादप के जड़ भाग से प्राप्त होती है।

    Carrot is obtained from root part of the plant.

    Explanation: Carrot is a modified tap root that stores food, making it a root vegetable.

  2. पृथ्वी पर पाया जाने वाला सर्वाधिक तत्व ऑक्सीजन है।

    The most abundant element found on the earth is oxygen.

    Explanation: Oxygen makes up about 46% of the Earth's crust by mass, followed by silicon.

  3. सर सी. वी. रमन को नोबल पुरस्कार से 1930 वर्ष में सम्मानित किया गया।

    Sir C. V. Raman was awarded the Nobel Prize in the year 1930.

    Explanation: Sir C. V. Raman received the Nobel Prize in Physics in 1930 for his work on the scattering of light (Raman Effect).


खण्ड - ब

Section - B

12. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए :

Match the following :

कॉलम-A (रक्त समूह)
Column-A (Blood group)
कॉलम-B (रक्त में उपस्थित प्रतिजन)
Column-B (Antigen present in blood)
(i) A (d) A
(ii) B (c) B
(iii) AB (b) A and B
(iv) O (a) None of A and B

Correct Matching:

  • (i) A → (d) A (Blood group A has A antigen)
  • (ii) B → (c) B (Blood group B has B antigen)
  • (iii) AB → (b) A and B (Blood group AB has both A and B antigens)
  • (iv) O → (a) None of A and B (Blood group O has no A or B antigens)

प्रश्न 3 (i)

फिटकरी के एक अणु में उपस्थित क्रिस्टलन जल के अणुओं की संख्या लिखिए।

उत्तर: फिटकरी (पोटैशियम एल्युमिनियम सल्फेट) का सूत्र KAl(SO₄)₂·12H₂O है। इसमें क्रिस्टलन जल के 12 अणु उपस्थित होते हैं।

प्रश्न 3 (ii)

उदासीनीकरण की परिभाषा लिखिए।

उत्तर: उदासीनीकरण वह रासायनिक अभिक्रिया है जिसमें कोई अम्ल और क्षार (बेस) परस्पर अभिक्रिया करके लवण और जल बनाते हैं। इस अभिक्रिया में अम्ल और क्षार के गुण नष्ट हो जाते हैं।

उदाहरण: HCl + NaOH → NaCl + H₂O

प्रश्न 4

रासायनिक परिवर्तन को समझाइये। रासायनिक परिवर्तन का कोई एक उदाहरण लिखिए।

उत्तर: रासायनिक परिवर्तन वह परिवर्तन है जिसमें पदार्थ के अणुओं के बीच रासायनिक बंध टूटते हैं और नए बंध बनते हैं, जिससे नए पदार्थ का निर्माण होता है। इसमें पदार्थ के रासायनिक गुण बदल जाते हैं और यह परिवर्तन सामान्यतः अपरिवर्तनीय होता है।

उदाहरण: लोहे में जंग लगना (Fe + O₂ + H₂O → Fe₂O₃·xH₂O)

प्रश्न 5

परीक्षण संकरण को सोदाहरण समझाइये।

उत्तर: परीक्षण संकरण (Test Cross) एक आनुवंशिकी विधि है जिसमें किसी अज्ञात जीनोटाइप (जैसे Tt या TT) वाले व्यक्ति का संकरण अप्रभावी जीनोटाइप (tt) वाले व्यक्ति से कराया जाता है। इससे अज्ञात जीनोटाइप का पता चलता है।

उदाहरण: यदि कोई पौधा लंबा है (अज्ञात जीनोटाइप Tt या TT) और उसका संकरण बौने पौधे (tt) से कराया जाए:

  • यदि सभी संतति लंबी हों → अज्ञात जीनोटाइप TT (समयुग्मजी प्रभावी)
  • यदि आधी लंबी और आधी बौनी हों → अज्ञात जीनोटाइप Tt (विषमयुग्मजी)

प्रश्न 6

स्तम्भ A को स्तम्भ B से सुमेलित कीजिए:

स्तम्भ A (भौतिक राशि) स्तम्भ B (मात्रक)
(i) विस्थापन (c) मीटर
(ii) आवेश (a) कूलॉम
(iii) विद्युत धारा (d) ऐम्पियर
(iv) विद्युत विभव (b) वोल्ट

सही सुमेलन: (i)→(c), (ii)→(a), (iii)→(d), (iv)→(b)

प्रश्न 7

निम्नांकित रासायनिक समीकरण में X तथा Y पदार्थ का रासायनिक सूत्र लिखिए:

NH₂CONH₂ + H₂O → X + Y

Write chemical formulae of compounds X and Y in the following chemical equation:

NH₂CONH₂ + H₂O → X + Y

उत्तर:

यह यूरिया (NH₂CONH₂) का जल-अपघटन है।

  • X = अमोनिया (NH₃)
  • Y = कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)

रासायनिक समीकरण: NH₂CONH₂ + H₂O → 2NH₃ + CO₂


प्रश्न 8

यदि पानी का अपवर्तनांक 4/3 हो एवं काँच का अपवर्तनांक 3/2 हो, तो पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक ज्ञात कीजिए।

Refractive indexes of water and glass are 4/3 and 3/2 respectively. Find the refractive index of glass with respect to water.

हल:

दिया है:

  • पानी का अपवर्तनांक (nw) = 4/3
  • काँच का अपवर्तनांक (ng) = 3/2

पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक (ngw) = ng / nw

= (3/2) ÷ (4/3) = (3/2) × (3/4) = 9/8

उत्तर: पानी के सापेक्ष काँच का अपवर्तनांक 9/8 है।


प्रश्न 9

एक 80 kg का व्यक्ति 40 सेकण्ड में 10 मीटर ऊँचाई तक जाता है। व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई शक्ति ज्ञात कीजिए। (g = 10 m/s²)

A person of mass 80 kg reaches a height of 10 m in 40 seconds. Find the power used by the person. (g = 10 m/s²)

हल:

दिया है:

  • द्रव्यमान (m) = 80 kg
  • ऊँचाई (h) = 10 m
  • समय (t) = 40 s
  • g = 10 m/s²

कार्य (W) = m × g × h = 80 × 10 × 10 = 8000 J

शक्ति (P) = कार्य / समय = 8000 / 40 = 200 W

उत्तर: व्यक्ति द्वारा उपयोग में ली गई शक्ति 200 वॉट है।


खण्ड - स (Section - C)

प्रश्न 20

(i) पादप के किस भाग से अफीम प्राप्त होता है? प्राप्त एल्केलॉयड का नाम लिखिए।

(ii) अफीम के उपयोग से होने वाली दो हानियाँ समझाइए।

(i) From which part of the plant is opium obtained? Write the name of obtained alkaloid.

(ii) Explain two disadvantages (losses) of using opium.

उत्तर:

(i) अफीम पादप पापावर सोम्निफेरम (अफीम का पौधा) के कच्चे फल (कैप्सूल) से प्राप्त होता है। इसमें प्रमुख एल्केलॉयड मॉर्फिन होता है।

(ii) अफीम के उपयोग से होने वाली दो हानियाँ:

  1. शारीरिक निर्भरता और लत: अफीम के नियमित उपयोग से व्यक्ति इसका आदी हो जाता है और इसके बिना रहना कठिन हो जाता है।
  2. स्वास्थ्य समस्याएँ: अफीम के सेवन से श्वसन अवसाद, कब्ज, भूख में कमी और मानसिक विकार हो सकते हैं।

अथवा / OR

(प्रश्न का वैकल्पिक भाग यहाँ दिया गया है, कृपया मूल पृष्ठ देखें।)

प्रश्न 20

(i) तम्बाकू पादप का कुल एवं प्राप्त एल्केलॉयड का नाम लिखिए।

(ii) तम्बाकू के उपयोग से होने वाली दो हानियाँ समझाइए।

उत्तर:

(i) तम्बाकू पादप का कुल Solanaceae (सोलेनेसी) है। इससे प्राप्त मुख्य एल्केलॉयड निकोटीन (Nicotine) है।

(ii) तम्बाकू के उपयोग से होने वाली दो हानियाँ:

  1. तम्बाकू के सेवन से कैंसर (विशेषकर फेफड़ों और मुंह का कैंसर) होने का खतरा बढ़ जाता है।
  2. यह हृदय रोगों और रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) की समस्याओं का कारण बनता है।

प्रश्न 21

वनों के संरक्षण हेतु चार उपाय लिखिए।

उत्तर: वनों के संरक्षण के चार उपाय:

  1. वृक्षारोपण (Afforestation) को बढ़ावा देना और नए वन लगाना।
  2. अवैध कटाई (Illegal logging) पर रोक लगाना और कड़े कानून बनाना।
  3. वन्यजीव अभयारण्यों और राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना करना।
  4. जन जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को वनों के महत्व के प्रति जागरूक करना।

अथवा

राजस्थान में प्रचलित जल संचयन की चार स्वदेशी पद्धतियों को लिखिए।

उत्तर: राजस्थान में प्रचलित जल संचयन की चार स्वदेशी पद्धतियाँ:

  1. टांका (Tanka) – वर्षा जल संग्रहण के लिए भूमिगत टैंक।
  2. बावड़ी (Baoli) – सीढ़ीदार कुएँ जो भूजल तक पहुँच प्रदान करते हैं।
  3. जोहड़ (Johad) – छोटे तालाब जो वर्षा जल को रोकते हैं।
  4. नाड़ी (Nadi) – गाँव के पास बने तालाब जो पशुओं और सिंचाई के लिए उपयोग होते हैं।

प्रश्न 22

दो अनाज उत्पादक पादपों के सामान्य एवं वानस्पतिक नाम लिखिए।

उत्तर: दो अनाज उत्पादक पादप:

  1. गेहूँ (Wheat) – वानस्पतिक नाम: Triticum aestivum
  2. चावल (Rice) – वानस्पतिक नाम: Oryza sativa

अथवा

दो औषधीय पादपों के सामान्य एवं वानस्पतिक नाम लिखिए जिनके पत्तों से औषधि प्राप्त होती है।

उत्तर: दो औषधीय पादप जिनके पत्तों से औषधि प्राप्त होती है:

  1. तुलसी (Holy Basil) – वानस्पतिक नाम: Ocimum sanctum (पत्तियाँ सर्दी-खाँसी में उपयोगी)
  2. नीम (Neem) – वानस्पतिक नाम: Azadirachta indica (पत्तियाँ एंटीसेप्टिक और त्वचा रोगों में उपयोगी)

प्रश्न 23

रमन प्रकीर्णन क्या है? सर सी. वी. रमन का विज्ञान के क्षेत्र में क्या योगदान है?

उत्तर:

रमन प्रकीर्णन (Raman Scattering): जब प्रकाश किसी पारदर्शी माध्यम (जैसे द्रव, गैस या ठोस) से गुजरता है, तो प्रकाश का एक छोटा भाग अपनी मूल तरंगदैर्ध्य से भिन्न तरंगदैर्ध्य पर प्रकीर्णित होता है। इस घटना को रमन प्रकीर्णन कहते हैं।

सर सी. वी. रमन का योगदान: भारतीय भौतिक विज्ञानी सर चंद्रशेखर वेंकट रमन ने 1928 में रमन प्रकीर्णन की खोज की। इस खोज के लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनके कार्य ने अणुओं की संरचना और पदार्थों की पहचान में क्रांति ला दी।

अथवा

भारतीय परमाणु विज्ञान का पिता किसे कहा गया है? इनके निर्देशन में कौन-कौन से रिएक्टरों की स्थापना हुई?

उत्तर:

भारतीय परमाणु विज्ञान का पिता डॉ. होमी जहांगीर भाभा (Homi J. Bhabha) को कहा जाता है।

उनके निर्देशन में स्थापित प्रमुख रिएक्टर:

  1. अप्सरा (Apsara) – भारत का पहला परमाणु रिएक्टर (1956, ट्रॉम्बे)।
  2. साइरस (CIRUS) – कनाडा-भारत संयुक्त रिएक्टर (1960, ट्रॉम्बे)।
  3. ध्रुव (Dhruva) – भारत का स्वदेशी अनुसंधान रिएक्टर (1985, ट्रॉम्बे)।

खण्ड - द / Section - D

24.

(i) मानव के उत्सर्जन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।

(ii) तीन विभिन्न प्रकार के नाइट्रोजनी अपशिष्ट को सोदाहरण समझाइये।

OR

(i) मानव के मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये।

(ii) मानव के मादा जनन तंत्र की कोई तीन द्वितीयक लैंगिक अंगों की संरचना का वर्णन कीजिये।

उत्तर (विकल्प 1):

(i) मानव उत्सर्जन तंत्र का नामांकित चित्र:

मानव उत्सर्जन तंत्र में निम्नलिखित अंग होते हैं:

  • गुर्दे (Kidneys): दो बीन के आकार के अंग, जो रक्त को छानकर मूत्र बनाते हैं।
  • मूत्रवाहिनी (Ureters): दो नलिकाएं जो गुर्दे से मूत्र को मूत्राशय तक ले जाती हैं।
  • मूत्राशय (Urinary Bladder): मूत्र को संग्रह करने वाला थैलीनुमा अंग।
  • मूत्रमार्ग (Urethra): मूत्र को शरीर से बाहर निकालने वाली नलिका।

(चित्र में इन अंगों को दर्शाया जाना चाहिए।)

(ii) तीन प्रकार के नाइट्रोजनी अपशिष्ट:

  1. अमोनिया (Ammonia): यह अत्यधिक विषैला होता है और इसे बाहर निकालने के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। उदाहरण: मछलियां अमोनिया उत्सर्जित करती हैं।
  2. यूरिया (Urea): यह अमोनिया से कम विषैला होता है और कम पानी में घुल जाता है। उदाहरण: मनुष्य और स्तनधारी यूरिया उत्सर्जित करते हैं।
  3. यूरिक अम्ल (Uric Acid): यह सबसे कम विषैला होता है और पानी की बहुत कम मात्रा में घुलता है। उदाहरण: पक्षी और सरीसृप यूरिक अम्ल उत्सर्जित करते हैं।

उत्तर (विकल्प 2):

(i) मानव मादा जनन तंत्र का नामांकित चित्र:

मादा जनन तंत्र में निम्नलिखित अंग होते हैं:

  • अंडाशय (Ovaries): दो अंडाकार अंग जो अंडाणु (डिंब) का निर्माण करते हैं।
  • डिंबवाहिनी (Fallopian Tubes/Oviducts): दो नलिकाएं जो अंडाशय से गर्भाशय तक अंडाणु ले जाती हैं।
  • गर्भाशय (Uterus): नाशपाती के आकार का अंग जहां भ्रूण का विकास होता है।
  • योनि (Vagina): गर्भाशय से बाहर की ओर जाने वाली नलिका।

(चित्र में इन अंगों को दर्शाया जाना चाहिए।)

(ii) तीन द्वितीयक लैंगिक अंगों की संरचना:

  1. स्तन ग्रंथियां (Mammary Glands): ये वक्ष स्थल पर स्थित होती हैं और दूध का स्राव करती हैं। इनमें दूध नलिकाएं और एल्वियोली होती हैं।
  2. गर्भाशय (Uterus): यह एक मांसपेशीय अंग है जिसमें तीन परतें होती हैं - बाहरी पेरीमीट्रियम, मध्य मायोमीट्रियम और आंतरिक एंडोमीट्रियम।
  3. योनि (Vagina): यह एक मांसपेशीय नलिका है जो गर्भाशय ग्रीवा से बाहरी जननांग तक जाती है। इसकी दीवारें लचीली होती हैं और इसमें श्लेष्मा ग्रंथियां पाई जाती हैं।

25.

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

(i) ज्वालामुखी

(ii) भूकम्प

OR

निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए:

(i) अपक्षयण शक्तियों का कृषि में लाभ

(ii) अपरदन

उत्तर (विकल्प 1):

(i) ज्वालामुखी (Volcano): ज्वालामुखी पृथ्वी की पपड़ी में एक दरार या छिद्र है जिसके माध्यम से पिघली हुई चट्टान (मैग्मा), गैसें और राख पृथ्वी की सतह पर निकलते हैं। जब मैग्मा सतह पर आता है तो इसे लावा कहते हैं। ज्वालामुखी सक्रिय, निष्क्रिय या विलुप्त हो सकते हैं। ये पृथ्वी की आंतरिक गर्मी को बाहर निकालने का एक प्राकृतिक माध्यम हैं।

(ii) भूकम्प (Earthquake): भूकम्प पृथ्वी की पपड़ी में अचानक ऊर्जा के मुक्त होने के कारण होने वाला कंपन है। यह मुख्यतः टेक्टोनिक प्लेटों के हिलने-डुलने के कारण होता है। भूकम्प की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर मापी जाती है। भूकम्प के केंद्र को हाइपोसेंटर और सतह पर सबसे ऊपर के बिंदु को एपीसेंटर कहते हैं।

उत्तर (विकल्प 2):

(i) अपक्षयण शक्तियों का कृषि में लाभ (Advantages of Weathering Forces in Agriculture): अपक्षयण (Weathering) चट्टानों के टूटने और विघटन की प्रक्रिया है। इसके कृषि में निम्नलिखित लाभ हैं:

  • यह चट्टानों को तोड़कर मिट्टी का निर्माण करता है, जो कृषि के लिए आवश्यक है।
  • अपक्षयण से चट्टानों में उपस्थित खनिज (जैसे पोटैशियम, फास्फोरस) मिट्टी में मिल जाते हैं, जो पौधों के लिए पोषक तत्व प्रदान करते हैं।
  • यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में सहायक होता है।
  • अपक्षयण से मिट्टी की बनावट में सुधार होता है, जिससे जल धारण क्षमता और वायु संचार बेहतर होता है।

(ii) अपरदन (Erosion): अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें मिट्टी, चट्टानों या अन्य पदार्थों को जल, वायु, हिम या गुरुत्वाकर्षण जैसे प्राकृतिक कारकों द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है लेकिन मानवीय गतिविधियों (जैसे वनों की कटाई, अत्यधिक चराई) के कारण यह तेज हो जाती है। मृदा अपरदन कृषि के लिए हानिकारक है क्योंकि यह उपजाऊ मिट्टी की ऊपरी परत को हटा देता है।

खण्ड - व / Section - E

प्रश्न 26 (A)

NH₃ का संयुग्मी अम्ल लिखिए।

Write conjugate acid of NH₃.

उत्तर / Answer: NH₄⁺ (अमोनियम आयन)

व्याख्या: ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार, संयुग्मी अम्ल वह है जो एक प्रोटॉन (H⁺) ग्रहण करने पर बनता है। NH₃ एक प्रोटॉन ग्रहण करके NH₄⁺ बनाता है।

प्रश्न 26 (B)

हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के कोई तीन उपयोग लिखिए।

Write any three uses of hydrochloric acid.

उत्तर / Answer:

  1. धातुओं की सफाई (अचार बनाने) में उपयोग किया जाता है।
  2. पेट में भोजन पचाने में सहायक (गैस्ट्रिक जूस में)।
  3. पीवीसी और अन्य रसायनों के निर्माण में।

प्रश्न 26 (C)

एक विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता 1 × 10⁻⁷ मोल प्रति लीटर है। इस विलयन की pH व प्रकृति लिखिए।

In a solution the concentration of hydrogen ions is 1 × 10⁻⁷ mole per litre. Write the pH and nature of this solution.

हल / Solution:

pH = -log[H⁺] = -log(1 × 10⁻⁷) = 7

प्रकृति / Nature: उदासीन (Neutral)

व्याख्या: 25°C पर शुद्ध जल की pH 7 होती है, जो उदासीन प्रकृति दर्शाती है।


अथवा / OR

प्रश्न 26 (A)

H₂O का संयुग्मी क्षार लिखिए।

Write conjugate base of H₂O.

उत्तर / Answer: OH⁻ (हाइड्रॉक्साइड आयन)

व्याख्या: ब्रॉन्स्टेड-लोरी सिद्धांत के अनुसार, संयुग्मी क्षार वह है जो एक प्रोटॉन (H⁺) खोने पर बनता है। H₂O एक प्रोटॉन खोकर OH⁻ बनाता है।

प्रश्न 26 (B)

नाइट्रिक अम्ल के कोई तीन उपयोग लिखिए।

Write any three uses of nitric acid.

उत्तर / Answer:

  1. उर्वरकों (जैसे अमोनियम नाइट्रेट) के निर्माण में।
  2. विस्फोटकों (जैसे टीएनटी) के निर्माण में।
  3. धातुओं को शुद्ध करने और नक्काशी में।

प्रश्न 26 (C)

एक विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता 1 × 10⁻³ मोल प्रति लीटर है। इस विलयन की pH व प्रकृति लिखिए।

In a solution the concentration of hydrogen ions is 1 × 10⁻³ mole per litre. Write the pH and nature of this solution.

हल / Solution:

pH = -log[H⁺] = -log(1 × 10⁻³) = 3

प्रकृति / Nature: अम्लीय (Acidic)

व्याख्या: pH का मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय प्रकृति का होता है।

प्रश्न 26

(A) HCl का संयुग्मी क्षार लिखिए।

उत्तर: HCl का संयुग्मी क्षार Cl⁻ (क्लोराइड आयन) है।

(B) विरंजक चूर्ण के कोई तीन उपयोग लिखिए।

उत्तर: विरंजक चूर्ण (ब्लीचिंग पाउडर) के तीन उपयोग निम्नलिखित हैं:

  1. कपड़ों को विरंजित (सफेद) करने में।
  2. पेयजल को शुद्ध करने (कीटाणुनाशक के रूप में) में।
  3. रासायनिक उद्योगों में ऑक्सीकरण एजेंट के रूप में।

(C) एक विलयन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता 4 × 10⁻³ मोल प्रति लीटर है। इस विलयन का pH एवं प्रकृति लिखिए।

हल:

दिया गया है: [H⁺] = 4 × 10⁻³ M

pH = -log₁₀[H⁺] = -log₁₀(4 × 10⁻³) = -[log₁₀4 + log₁₀10⁻³] = -[0.6021 - 3] = -(-2.3979) = 2.3979 ≈ 2.40

चूँकि pH का मान 7 से कम है, अतः विलयन अम्लीय प्रकृति का है।

pH ≈ 2.40, प्रकृति: अम्लीय


प्रश्न 27

(A) उत्तल लेंस के मुख्य फोकस को परिभाषित कीजिए।

उत्तर: उत्तल लेंस का मुख्य फोकस वह बिंदु है, जहाँ मुख्य अक्ष के समांतर आने वाली प्रकाश किरणें अपवर्तन के बाद अभिसरित (मिलती) होती हैं। इसे F से निरूपित किया जाता है।

(B) किरण चित्रों की सहायता से उत्तल लेंस में प्रतिबिम्ब की स्थिति व स्वरूप को समझाइए जबकि बिम्ब:

(i) अनन्त पर हो।

(ii) फोकस F₁ और 2F₁ के बीच हो।

उत्तर:

(i) जब बिम्ब अनन्त पर हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: मुख्य फोकस F₂ पर।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: वास्तविक, उल्टा और अत्यधिक छोटा (बिंदु रूप में)।

किरण चित्र: अनन्त से आने वाली समांतर किरणें लेंस से अपवर्तित होकर मुख्य फोकस F₂ पर मिलती हैं।

(ii) जब बिम्ब फोकस F₁ और 2F₁ के बीच हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: 2F₂ से परे (लेंस के दूसरी ओर)।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: वास्तविक, उल्टा और बड़ा (आवर्धित)।

किरण चित्र: बिम्ब के शीर्ष से मुख्य अक्ष के समांतर किरण अपवर्तन के बाद F₂ से गुजरती है, और दूसरी किरण प्रकाशिक केंद्र O से सीधी निकल जाती है। ये दोनों किरणें 2F₂ से परे मिलती हैं, जहाँ बड़ा प्रतिबिम्ब बनता है।


अथवा / OR

(प्रश्न 27 का वैकल्पिक भाग यहाँ दिया गया है। कृपया मूल पृष्ठ पर दिए गए वैकल्पिक प्रश्न को देखें।)

प्रश्न 8 (A) – अवतल लेंस के मुख्य अक्ष को परिभाषित कीजिए।

परिभाषा: अवतल लेंस के मुख्य अक्ष को उस सीधी रेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है जो लेंस के दोनों वक्र पृष्ठों के वक्रता केंद्रों से होकर गुजरती है। यह रेखा लेंस के केंद्र (प्रकाशिक केंद्र) से भी गुजरती है।

प्रश्न 8 (B) – किरण चित्रों की सहायता से अवतल लेंस में प्रतिबिम्ब की स्थिति व स्वरूप को समझाइए जबकि बिम्ब:

(i) अनन्त पर हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: फोकस (F) पर।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: अत्यधिक छोटा, आभासी, सीधा।
  • व्याख्या: जब बिम्ब अनन्त पर होता है, तो उससे आने वाली किरणें मुख्य अक्ष के समानांतर होती हैं। अवतल लेंस से अपवर्तन के बाद ये किरणें इस प्रकार अपसरित होती हैं कि उनका आभासी प्रतिबिम्ब फोकस पर बनता है।

(ii) अनन्त और प्रकाशिक केंद्र O के बीच हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: फोकस (F) और प्रकाशिक केंद्र (O) के बीच।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: छोटा, आभासी, सीधा।
  • व्याख्या: जब बिम्ब अनन्त और O के बीच कहीं भी रखा जाता है, तो अपवर्तन के बाद किरणें अपसरित होती हैं और इनके पीछे की ओर बढ़ाने पर प्रतिबिम्ब F और O के बीच बनता है। यह प्रतिबिम्ब हमेशा आभासी और सीधा होता है।

नोट: अवतल लेंस सदैव आभासी, सीधा और छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है, चाहे बिम्ब कहीं भी रखा जाए।


अथवा / OR

प्रश्न 8 (A) – उत्तल लेंस की फोकस दूरी को परिभाषित कीजिए।

परिभाषा: उत्तल लेंस की फोकस दूरी वह दूरी है जो लेंस के प्रकाशिक केंद्र (O) और मुख्य फोकस (F) के बीच होती है। इसे 'f' से प्रदर्शित किया जाता है। यह लेंस की प्रकाश किरणों को अभिसरित करने की क्षमता को दर्शाती है।

प्रश्न 8 (B) – किरण चित्रों की सहायता से अवतल दर्पण में प्रतिबिम्ब की स्थिति व स्वरूप को समझाइए जबकि बिम्ब:

(i) अनन्त पर हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: फोकस (F) पर।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: अत्यधिक छोटा, वास्तविक, उल्टा।
  • व्याख्या: अनन्त से आने वाली समानांतर किरणें अवतल दर्पण से परावर्तन के बाद फोकस पर मिलती हैं, जिससे एक बिंदु आकार का वास्तविक प्रतिबिम्ब बनता है।

(ii) वक्रता केंद्र (C) पर हो:

  • प्रतिबिम्ब की स्थिति: वक्रता केंद्र (C) पर ही।
  • प्रतिबिम्ब का स्वरूप: बिम्ब के आकार का, वास्तविक, उल्टा।
  • व्याख्या: जब बिम्ब वक्रता केंद्र पर रखा जाता है, तो परावर्तन के बाद किरणें वापस उसी बिंदु पर मिलती हैं, जिससे बिम्ब के आकार का वास्तविक और उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है।

नोट: अवतल दर्पण में बिम्ब की स्थिति के अनुसार प्रतिबिम्ब का आकार और प्रकृति बदलती रहती है।

28.

(अ) जैव विविधता को परिभाषित कीजिए।

(ब) जैव विविधता संकट के चार कारण लिखिए।

OR

(अ) आनुवंशिक विविधता को परिभाषित कीजिए।

(ब) स्वःस्थाने संरक्षण एवं बहिःस्थाने संरक्षण को समझाइए।

OR

(अ) प्रजाति विविधता को परिभाषित कीजिए।

(ब) जैव विविधता के चार महत्व लिखिए।

उत्तर (पहला विकल्प)

(अ) जैव विविधता की परिभाषा: जैव विविधता (Biodiversity) पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी प्रकार के जीवों (पौधों, जंतुओं, सूक्ष्मजीवों) तथा उनके बीच पारिस्थितिक तंत्रों की विविधता को कहते हैं। इसमें आनुवंशिक विविधता, प्रजाति विविधता और पारिस्थितिक तंत्र विविधता शामिल है।

(ब) जैव विविधता संकट के चार कारण:

  1. आवास का विनाश: वनों की कटाई, शहरीकरण और कृषि विस्तार के कारण जीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं।
  2. अत्यधिक दोहन: मानव द्वारा प्राकृतिक संसाधनों (जैसे मछली, वन्यजीव) का अत्यधिक उपयोग।
  3. प्रदूषण: रासायनिक प्रदूषक, प्लास्टिक और औद्योगिक अपशिष्ट जैव विविधता को हानि पहुँचाते हैं।
  4. आक्रामक प्रजातियाँ: विदेशी प्रजातियों का आगमन स्थानीय प्रजातियों के लिए खतरा बनता है।

उत्तर (दूसरा विकल्प)

(अ) आनुवंशिक विविधता की परिभाषा: आनुवंशिक विविधता (Genetic diversity) एक ही प्रजाति के विभिन्न सदस्यों में पाए जाने वाले जीनों की विविधता को कहते हैं। यह प्रजातियों को पर्यावरणीय परिवर्तनों के अनुकूल बनने में मदद करती है।

(ब) स्वःस्थाने संरक्षण एवं बहिःस्थाने संरक्षण:

  • स्वःस्थाने संरक्षण (In-situ conservation): इसमें जीवों को उनके प्राकृतिक आवास में ही संरक्षित किया जाता है। उदाहरण: राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य, बायोस्फीयर रिजर्व।
  • बहिःस्थाने संरक्षण (Ex-situ conservation): इसमें जीवों को उनके प्राकृतिक आवास से बाहर लाकर संरक्षित किया जाता है। उदाहरण: चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, जीन बैंक।

उत्तर (तीसरा विकल्प)

(अ) प्रजाति विविधता की परिभाषा: प्रजाति विविधता (Species diversity) किसी विशेष क्षेत्र में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजातियों की संख्या और उनकी सापेक्ष बहुतायत को कहते हैं।

(ब) जैव विविधता के चार महत्व:

  1. पारिस्थितिक संतुलन: जैव विविधता पारिस्थितिक तंत्र के संतुलन को बनाए रखती है (जैसे खाद्य श्रृंखला, पोषक चक्र)।
  2. आर्थिक महत्व: यह भोजन, दवाइयाँ, ईंधन और अन्य संसाधन प्रदान करती है।
  3. वैज्ञानिक महत्व: नई प्रजातियों की खोज और आनुवंशिक अनुसंधान में सहायक।
  4. सांस्कृतिक महत्व: कई संस्कृतियों और धर्मों में प्रकृति और जैव विविधता का विशेष स्थान है।