RBSE Class 10th 2026 HINDI-S-01 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 10th
Exam year 2026
Subject HINDI-S-01
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 10th 2026 HINDI-S-01

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Rajasthan Board Class 10th HINDI-S-01 2026 solved Previous Year Question Papers

माध्यमिक परीक्षा, 2026

SECONDARY EXAMINATION, 2026

विषय: हिंदी (S-01)  |  प्रश्न-पत्र कोड: S-01-Hindi

समय: 3 घंटे (15 मिनट पढ़ने का समय)  |  पूर्णांक: 80

कुल प्रश्न: 22  |  मुद्रित पृष्ठ: 11


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश:

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न हल करना अनिवार्य हैं।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
  4. जिन प्रश्नों में आंतरिक खंड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
  5. प्रश्न का उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।

[पृष्ठ 1 का 11]

खण्ड - 'अ'

निर्देश: निम्नलिखित बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए। [1×6=6]

  1. प्रश्न: ऐसे शब्द जिनके स्वरूप में लिंग, वचन, काल आदि के प्रभाव से कोई परिवर्तन नहीं होता, क्या कहलाते हैं?

    • संज्ञा
    • अव्यय
    • विशेषण
    • क्रिया

    स्पष्टीकरण: अव्यय शब्द वे होते हैं जिनमें लिंग, वचन, काल आदि के कारण कोई रूप-परिवर्तन नहीं होता। ये सदैव एक समान रहते हैं।

  2. प्रश्न: निम्नलिखित में से 'समाचार' शब्द में किस उपसर्ग का प्रयोग हुआ है?

    • सम्
    • सम
    • चार
    • सम्

    स्पष्टीकरण: 'समाचार' शब्द में 'सम्' उपसर्ग है। 'सम्' + 'आचार' = समाचार।

  3. प्रश्न: मन्नू भण्डारी का जन्म हुआ था?

    • अजमेर
    • लखनऊ
    • दिल्ली
    • भानपुरा

    स्पष्टीकरण: मन्नू भण्डारी का जन्म 3 अप्रैल 1931 को मध्य प्रदेश के भानपुरा गाँव में हुआ था।

  4. प्रश्न: अकेले सफर का वक्त काटने के लिए नवाब साहब ने क्या खरीदे?

    • खीरे
    • अखबार
    • सेकंड क्लास का टिकट
    • पानी

    स्पष्टीकरण: 'अकेले सफर का वक्त काटने के लिए नवाब साहब ने अखबार खरीदे' - यह पाठ 'लखनवी अंदाज' से लिया गया है।

  5. प्रश्न: नेताजी की मूर्ति किस की बनी थी?

    • लोहे की
    • पीतल की
    • संगमरमर की
    • मिट्टी की

    स्पष्टीकरण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति संगमरमर की बनी थी, जैसा कि पाठ में वर्णित है।

  6. प्रश्न: तुलसीदास ने 'हारिल की लकड़ी' किसे कहा है?

    • कृष्ण को
    • उद्धव को
    • सूरदास को
    • अक्रूर को

    स्पष्टीकरण: तुलसीदास ने सूरदास को 'हारिल की लकड़ी' कहा है, जो भक्ति काव्य में एक प्रसिद्ध उपमा है।

vii) 'दंतुरित मुसकान' की मोहकता कब और बढ़ जाती है?

  • अ) जब वह रोने लगता है
  • ब) जब झोंपड़ी में कमल खिल जाते हैं
  • स) जब पत्थर पिघलने लगता है
  • द) जब उसके साथ नजरों का जुड़ जाता है

स्पष्टीकरण: 'दंतुरित मुसकान' कविता में मुस्कान की मोहकता तब बढ़ जाती है जब वह नजरों से जुड़ जाती है, जिससे भावनाओं का गहरा संबंध बनता है।

viii) मुख्य गायक का स्वर कैसा है?

  • अ) चट्टान जैसा भारी
  • ब) गूँजता हुआ
  • स) कमजोर, काँपता हुआ
  • द) उत्साहित

स्पष्टीकरण: पाठ के अनुसार मुख्य गायक का स्वर कमजोर और काँपता हुआ था, जो उसकी भावनात्मक स्थिति को दर्शाता है।

ix) बाबूंजी आटे की गोलियाँ बनाकर कहाँ ले जाते थे?

  • अ) भोलाराम के साथ खेलने
  • ब) कबूतरों को देने
  • स) मछलियों को खिलाने
  • द) गाय को खिलाने

स्पष्टीकरण: बाबूंजी आटे की गोलियाँ बनाकर मछलियों को खिलाने के लिए तालाब पर ले जाते थे, जो उनकी दयालुता को दर्शाता है।

x) चोट लगने पर घावों पर मइयाँ ने क्या लगाया?

  • अ) फिटकरी
  • ब) दवा
  • स) चावल का आटा
  • द) पीसी हुई हल्दी

स्पष्टीकरण: मइयाँ ने घावों पर पीसी हुई हल्दी लगाई, जो एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है और घाव भरने में सहायक होती है।

xi) 'साता-साना हाथ जोड़ि' पाठ में भारत के किस राज्य की यात्रा का वर्णन है?

  • अ) सिक्किम
  • ब) अरुणाचल प्रदेश
  • स) असम
  • द) हिमाचल प्रदेश

स्पष्टीकरण: इस पाठ में असम राज्य की यात्रा का वर्णन है, जहाँ लेखक ने वहाँ की संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण किया है।

xii) 'सूर्यकांत त्रिपाठी निराला' ने हिरोशिमा पर कविता लिखी

  • अ) जापान में
  • ब) हिरोशिमा में
  • स) भारत लौटकर
  • द) अस्पताल में

स्पष्टीकरण: निराला ने हिरोशिमा पर कविता भारत लौटने के बाद लिखी, जिसमें उन्होंने परमाणु बम के विनाशकारी प्रभावों का मार्मिक चित्रण किया।

2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए। [6×1=6]

  1. तत्पुरुष समास के छः भेद होते हैं।
  2. 'गणेश' शब्द में गुण संधि है।
  3. ऐसे शब्द जो संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बतलाते हैं, विशेषण कहलाते हैं।
  4. जो शब्दांश किसी शब्द के बाद में लगकर नए अर्थ का बोध कराते हैं, उन्हें प्रत्यय कहते हैं।
  5. पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के होते हैं।
  6. जिस शब्द से किसी कार्य के करने या होने का बोध होता है, उसे क्रिया कहते हैं।

व्याख्या: ये सभी हिंदी व्याकरण के मूलभूत नियमों पर आधारित प्रश्न हैं। तत्पुरुष समास के छः भेद होते हैं, 'गणेश' में 'गण' + 'ईश' से गुण संधि है, विशेषण संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता बताते हैं, प्रत्यय शब्द के अंत में जुड़ते हैं, पुरुषवाचक सर्वनाम तीन प्रकार के (उत्तम, मध्यम, अन्य) होते हैं, और क्रिया कार्य के होने का बोध कराती है।

3. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए। [6×1=6]

वाणी व्यक्ति के व्यवहार की पहचान होती है। मधुर वाणी कोयल की चारित्रिक विशेषता होती है। कौए की कर्कश बोली के कारण ही उसकी स्थिति कोयल से निम्न होती है। मीठी वाणी सभी को प्रिय होती है। किसी ने सच ही कहा है - 'ऐसी वाणी बोलिए मन का आपा खोए, औरन को शीतल करे आप शीतल होए।' मीठी वाणी का श्रोता पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उसका चित्त प्रसन्न हो जाता है। मीठी वाणी बोलने वाले की संगति सभी करना चाहेंगे। मधुर वाणी से शत्रु भी मित्र हो जाते हैं। ठीक इसके विपरीत कटु वचन से मन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। श्रोता का मन खिन्न हो जाता है। कटुभाषी को जीवन-व्यापार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। मीठी वाणी से सम्बन्धों में घनिष्ठता आती है। कटु वाणी बोलने वाले से कोई भी मित्रता नहीं करना चाहेगा।

  1. कोयल की चरित्रगत विशेषता है:

    • अ) काला रंग
    • ब) मधुर वाणी
    • स) कटु स्वर
    • द) कर्कशता

    सही उत्तर: ब) मधुर वाणी। गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि "मधुर वाणी कोयल की चारित्रिक विशेषता होती है।"

  2. कटुभाषी को जीवन में किसका सामना करना पड़ता है?

    • अ) कठिनाइयों का
    • ब) सफलता का
    • स) मित्रता का
    • द) सरलता का

    सही उत्तर: अ) कठिनाइयों का। गद्यांश के अनुसार, "कटुभाषी को जीवन-व्यापार में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।"

प्रश्न 3 (गद्यांश पर आधारित)

iii) मीठी वाणी का श्रोता पर कैसा प्रभाव पड़ता है?

  • अ) सकारात्मक
  • ब) नकारात्मक
  • स) दुखी
  • द) बुरा

व्याख्या: मीठी वाणी सुनने वाले पर सकारात्मक प्रभाव डालती है, जिससे मन प्रसन्न होता है और संबंध मजबूत होते हैं।

iv) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।

उत्तर: मीठी वाणी का महत्व / मधुर वाणी का प्रभाव

v) मीठी वाणी का सम्बन्धों पर क्या प्रभाव पड़ता है?

उत्तर: मीठी वाणी से संबंधों में मधुरता आती है, आपसी प्रेम और विश्वास बढ़ता है, तथा झगड़े और मनमुटाव कम होते हैं।

vi) व्यक्ति के व्यवहार की पहचान किससे होती है?

उत्तर: व्यक्ति के व्यवहार की पहचान उसकी वाणी और बोलने के तरीके से होती है।


प्रश्न 4 (अपठित पद्यांश)

नीलाम्बर-परिधान, हरित-पट पर सुन्दर है |
सूर्य-चन्द्र, युग-मुकुट मेखला रत्नाकर है ।
नदियाँ प्रेम-प्रबाह, फूल तारे मण्डन हैं।
बन्दीजन खगवृन्द, शेषफन सिंहासन है |
करते अभिषेक पयोद हैं, बलिहारी इस रूप की |
हे मातृभूमि ! तू सत्य ही सगुण मूर्ति सर्वेश की ।

i) कवि ने सर्वेश की सगुण मूर्ति किसे कहा है?

  • अ) नीलाम्बर को
  • ब) नदियों को
  • स) मातृभूमि को
  • द) सत्य को

व्याख्या: कवि के अनुसार मातृभूमि ही ईश्वर (सर्वेश) की सगुण मूर्ति है, क्योंकि इसमें प्रकृति के सभी सौंदर्य और दिव्यता समाहित हैं।

ii) मातृभूमि का परिधान है

  • अ) नीलाम्बर
  • ब) रत्नाकर
  • स) शेषफन
  • द) फूल

व्याख्या: 'नीलाम्बर-परिधान' का अर्थ है नीले आकाश के समान वस्त्र, जो मातृभूमि का आवरण है।

iii) नदियाँ किसकी प्रतीक हैं?

  • अ) बन्दीजन की
  • ब) खगवृन्द की
  • स) सत्य की
  • द) प्रेम की

व्याख्या: कवि ने नदियों को 'प्रेम-प्रबाह' कहा है, अर्थात वे प्रेम की प्रतीक हैं जो निरंतर बहती रहती हैं।

iv) उपर्युक्त पद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।

उत्तर: मातृभूमि का सौंदर्य / भारत माता की वंदना

v) कवि ने युग-मुकुट किसे कहा है?

उत्तर: कवि ने सूर्य और चंद्रमा को युग-मुकुट (दो मुकुटों के समान) कहा है, जो मातृभूमि के सिर पर सुशोभित हैं।

vi) इस सुन्दर वेश का अभिषेक कौन करता है?

उत्तर: बादल (पयोद) इस सुन्दर वेश (मातृभूमि) का अभिषेक करते हैं, अर्थात वर्षा करके इसे सींचते हैं।

5. निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर पुस्तिका में लिखिए | [3×1=3]

वैदिक इतिहास में शहनाई का कोई उल्लेख नहीं मिलता । इसे संगीत शास्त्रान्तर्गत 'सुषिर-वाद्य' में गिना जाता है । अरब देश में फूँककर बजाए जाने वाले वाद्य जिनमें नाड़ी (नल या ट्यूब) होती है, 'नय' बोलते हैं । शहनाई को “शाहेनय' अर्थात्‌ 'सुषिर वाद्यों में शाह' की उपाधि दी गई है । सोलहवीं शताब्दी के मध्य में तानसेन के द्वारा रची बंदिश-जो संगीत गंगा कल्पद्रुम से प्राप्त होती है, में शहनाई, मुस्ली, नफीरी, पीपी एवं मोरचंग आदि का वर्णन आया है ।

  1. (i) 'नय' किसे बोलते हैं ?

    उत्तर: अरब देश में फूँककर बजाए जाने वाले वाद्य जिनमें नाड़ी (नल या ट्यूब) होती है, उन्हें 'नय' बोलते हैं।

  2. (ii) शहनाई को किसकी उपाधि दी गई है ?

    उत्तर: शहनाई को 'शाहेनय' अर्थात् 'सुषिर वाद्यों में शाह' की उपाधि दी गई है।

  3. (iii) तानसेन द्वारा रचित बंदिश में किन वाद्यों का वर्णन आया है ?

    उत्तर: तानसेन द्वारा रचित बंदिश में शहनाई, मुस्ली, नफीरी, पीपी एवं मोरचंग आदि वाद्यों का वर्णन आया है।


अथवा

एक बार कॉलेज से प्रिंसिपल का पत्र आया कि पिताजी आकर मिलें और बताएँ कि मेरी गतिविधियों के कारण मेरे ख़िलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए ? पत्र पढ़ते ही पिताजी आग-बबूला | “यह लड़की मुझे कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रखेगी ... पता नहीं क्या-क्या सुनना पड़ेगा वहाँ जाकर ! चार बच्चे पहले भी पढ़े, किसी ने ये दिन नहीं दिखाया |" गुस्से से भन्नाते हुए ही वे गए थे । लौटकर क्या कहर बरपा होगा, इसका अनुमान था, सो मैं पड़ोस की एक मित्र के यहाँ जाकर बैठ गई । माँ को कह दिया कि लौटकर बहुत कुछ गुबार निकल जाए, तब बुलाना |

  1. (i) प्रिंसिपल ने पत्र में क्या लिखा था ?

    उत्तर: प्रिंसिपल ने पत्र में लिखा था कि पिताजी आकर मिलें और बताएँ कि लेखिका की गतिविधियों के कारण उसके ख़िलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

  2. (ii) पिताजी के क्रोध से बचने के लिए लेखिका ने क्या किया ?

    उत्तर: पिताजी के क्रोध से बचने के लिए लेखिका पड़ोस की एक मित्र के यहाँ जाकर बैठ गई।

  3. (iii) लेखिका ने माँ से क्या कहा ?

    उत्तर: लेखिका ने माँ से कहा कि जब पिताजी लौटकर अपना सारा गुबार निकाल लें, तब उन्हें बुलाना।

निम्नलिखित पठित पद्यांश को पढ़कर नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर-पुस्तिका में लिखिए |

सुनहु राम जेहि प्राय तोरा | सहसबाहु सम सो रिपु मोरों |
सो बिलगाउ-बिहाई समाजा | न त मारे जैहहिं संब राजा |
सुनि मुनिबचन लखन मुसुकाने | बोले परसुधरहि अवमाने |
बहु धनुही तोरी लरिकाईं | कबहुँ न असि रिस आर गोसाईं ||
येहि धनु पर ममता केहि हेतू | रिसाइल केह भूगुकुलकेतू ||

  1. i) शिवधनुष किसने तोड़ा?

    शिवधनुष श्रीराम ने तोड़ा था।

  2. ii) धनुष तोड़ने वाले को किसके समान बताया है?

    धनुष तोड़ने वाले को सहस्रबाहु के समान बताया है।

  3. iii) परशुराम को क्रोध क्यों आया?

    परशुराम को क्रोध इसलिए आया क्योंकि लक्ष्मण ने उनका अपमान किया और धनुष तोड़ने पर उन्होंने उन्हें बालक कहा।

अथवा

से, तुम हो अति बड़भागी |
अपरस ते सनेह तगा तैं, नाहिन मन अनुरगी |
पुरइनि पात रहत जल भीतर, ता रस देह न दागी |
ज्यौं जल माह तेल की गागरि, बूँद न ताकौं लागी |
प्रीति-नदी मैं पाउँ न बोग्यौ, दृष्टि ने रूप परागी |
'सूरदास' अबला हम भोरी, गुर चाँटी सी पागी ||

  1. i) गोपियों ने किसे बड़भागी कहा है?

    गोपियों ने श्रीकृष्ण को बड़भागी कहा है।

  2. ii) पुरइनि पात कहाँ रहता है?

    पुरइनि पात (कमल का पत्ता) जल के भीतर रहता है।

  3. iii) 'भोरी-अबला' किसे कहा है?

    'भोरी-अबला' गोपियों ने स्वयं को कहा है, जिसका अर्थ है भोली-भाली और अबला स्त्री।


खण्ड - 'ब'

निम्नलिखित लघूत्तरात्मक प्रश्नों का उत्तर लगभग 40 शब्दों में लिखिए |

7. लेखिका के पिताजी की सबसे बड़ी दुर्बलता क्या थी? “एक कहानी यह भी” पाठ के आधार पर लिखिए।

लेखिका के पिताजी की सबसे बड़ी दुर्बलता यह थी कि वे अपने बच्चों की शिक्षा और भविष्य के प्रति अत्यधिक चिंतित रहते थे। वे चाहते थे कि उनकी बेटियाँ भी उच्च शिक्षा प्राप्त करें और आत्मनिर्भर बनें, जिसके लिए वे समाज के रूढ़िवादी विचारों के विरुद्ध भी खड़े हो जाते थे।

“नौबतखाने में इबादत” पाठ के आधार पर बताइए।

“नौबतखाने में इबादत” पाठ में लेखक ने बताया है कि नौबतखाना एक ऐसा स्थान है जहाँ संगीत की साधना की जाती है। यहाँ संगीत को ईश्वर की इबादत (उपासना) के रूप में देखा जाता है। लेखक ने इस पाठ में संगीत के प्रति समर्पण और उसकी पवित्रता को दर्शाया है।

8. जीवन के आरंभिक दिनों में अमीरुद्दीन की संगीत के प्रति आसक्ति किसके प्रभाव से हुई?

जीवन के आरंभिक दिनों में अमीरुद्दीन की संगीत के प्रति आसक्ति उनके पिता के प्रभाव से हुई। उनके पिता स्वयं एक संगीतज्ञ थे और उन्होंने अमीरुद्दीन को संगीत की शिक्षा दी और उनमें संगीत के प्रति रुचि जगाई।

प्रश्न 9 से 15 (अति लघु उत्तरीय प्रश्न)

  1. आग के आविष्कार में किसकी प्रेरणा रही होगी?

    आग के आविष्कार में प्रकृति की प्रेरणा रही होगी। मनुष्य ने जंगल की आग, बिजली गिरने से लगी आग, या पत्थरों के टकराने से निकली चिंगारी को देखकर आग बनाने की प्रेरणा ली होगी।

  2. 'संस्कृति' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

    इस प्रश्न में पूर्ण विवरण नहीं है। कृपया पाठ के संदर्भ में स्पष्ट करने योग्य बिंदु का उल्लेख करें।

  3. "उत्साह' कविता में 'निराला' ने बादल का चित्रण किस रूप में किया है?

    निराला ने बादल को एक उत्साही, गर्जनशील और क्रांतिकारी योद्धा के रूप में चित्रित किया है। वे बादल को 'नवजीवन' और 'नवनिर्माण' का प्रतीक मानते हैं जो प्यासी धरती पर जल बरसाकर नई चेतना जगाता है।

  4. "अट नहीं रही है' कविता में कवि ने फागुन की सुंदरता को किन संदर्भों में देखा है?

    कवि ने फागुन की सुंदरता को प्रकृति के विभिन्न रूपों में देखा है - पेड़ों पर नई कोपलें, फूलों का खिलना, भौंरों का गुंजन, और वातावरण में व्याप्त मस्ती। यह सब देखकर कवि का मन अट नहीं पाता।

  5. 'संगतकार' कविता में कवि ने किसकी भूमिका का महत्त्व बताया है?

    कवि ने संगतकार की भूमिका का महत्त्व बताया है। संगतकार मुख्य गायक का साथ देता है, उसकी कला को निखारता है और उसे प्रोत्साहित करता है। वह पर्दे के पीछे रहकर भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।

  6. गैंगटॉक' का असली नाम क्या है और इसका क्या अर्थ है?

    गैंगटॉक का असली नाम 'गैंगटॉक' ही है। इसका अर्थ है 'ऊँची पहाड़ी' या 'पर्वत शिखर'। यह सिक्किम की राजधानी है।

  7. 'साना-साना हाथ जोड़ि' पाठ के आधार पर लिखिए।

    इस प्रश्न में पूर्ण विवरण नहीं है। कृपया पाठ के संदर्भ में लिखने योग्य बिंदु का उल्लेख करें।

प्रश्न 12 (लघु उत्तरीय प्रश्न)

  1. भोलानाथ और उसके साथी कौन-कौन से खेल खेलते थे? 'माता का अँचल' पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।

    भोलानाथ और उसके साथी कई तरह के खेल खेलते थे - गिल्ली-डंडा, कबड्डी, लुका-छिपी, और पतंग उड़ाना। वे नदी में नहाने और मछली पकड़ने भी जाते थे। ये सब गाँव के बच्चों के पारंपरिक खेल थे।

  2. "आस्तीन का साँप होना' मुहावरे का अर्थ लिखकर वाक्य में प्रयोग कीजिए।

    अर्थ: वह व्यक्ति जो बाहर से मित्र दिखे लेकिन अंदर से शत्रु हो, धोखेबाज या कपटी व्यक्ति।

    वाक्य: राम ने सोचा था कि श्याम उसका सच्चा मित्र है, लेकिन बाद में पता चला कि वह आस्तीन का साँप है।

खण्ड 'ड' (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

  1. "हालदार साहब भावुक हैं। इतनी-सी बात पर उनकी आँखें भर आईं।" हालदार साहब की आँखें क्यों भर आईं? "नेताजी का चश्मा' पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।

    (उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

    हालदार साहब की आँखें इसलिए भर आईं क्योंकि उन्होंने देखा कि नेताजी की मूर्ति पर चश्मा लगाने वाला बढ़ई मर चुका था, लेकिन उसकी जगह एक नया व्यक्ति उसी निष्ठा से चश्मा लगा रहा था। यह देखकर उन्हें एहसास हुआ कि कैसे एक सामान्य व्यक्ति भी अपने कर्तव्य को निभाने के लिए कितना समर्पित हो सकता है। इस भावना ने उन्हें भावुक कर दिया।

अथवा

  1. बालगोबिन भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेले छोड़कर क्यों चली गई? "बालगोबिन भगत' पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।

    (उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

    बालगोबिन भगत की पुत्रवधू उन्हें अकेला छोड़कर इसलिए चली गई क्योंकि वह अपने पति की मृत्यु के बाद पुनर्विवाह करना चाहती थी। बालगोबिन भगत ने उसे यह स्वतंत्रता दी और कहा कि वह अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुन सकती है। वह अपने बेटे की मृत्यु के बाद भी बहू को बंधन में नहीं रखना चाहते थे, इसलिए उन्होंने उसे जाने दिया।

प्रश्न 7

गोपियों ने उद्धव की योग-साधना को कड़वी-ककेड़ी क्यों बताया है? पठित पद के आधार पर उत्तर दीजिए।

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

गोपियों के अनुसार, उद्धव की योग-साधना उनके लिए कड़वी-ककेड़ी के समान है क्योंकि वे कृष्ण के प्रेम में डूबी हुई हैं। योग-साधना उन्हें कृष्ण से दूर करने वाली है, जबकि वे तो कृष्ण के प्रेम में ही अपना जीवन सार्थक मानती हैं। गोपियों के लिए कृष्ण का प्रेम ही सबसे बड़ा सुख है, इसलिए योग-साधना उन्हें कड़वी लगती है।


अथवा

"प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही सृजन संभव है।" 'फसल' कविता के आधार पर स्पष्ट कीजिए।

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

'फसल' कविता में कवि ने दिखाया है कि फसल का सृजन प्रकृति और मनुष्य के सहयोग से ही संभव है। मिट्टी, पानी, हवा, धूप जैसे प्राकृतिक तत्व फसल को जन्म देते हैं, लेकिन किसान की मेहनत, उसकी देखभाल और उसका पसीना भी उतना ही आवश्यक है। प्रकृति के बिना फसल नहीं उग सकती और मनुष्य के बिना उसकी देखभाल नहीं हो सकती। दोनों के सहयोग से ही फसल का सृजन होता है।

प्रश्न 8

पिताजी के खाना खिला देने के बाद भी मइयाँ भोलानाथ को थोड़ा और खिलाने के लिए हठ क्यों करती थी? 'माँ का अँचल' पाठ के आधार पर उत्तर दीजिए।

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

मइयाँ भोलानाथ को थोड़ा और खिलाने के लिए हठ करती थी क्योंकि माँ का स्नेह और ममता उसे ऐसा करने के लिए प्रेरित करती थी। पिताजी के खाना खिला देने के बाद भी माँ को लगता था कि बच्चा भूखा रह गया है। माँ का हृदय अपने बच्चे के प्रति इतना संवेदनशील होता है कि वह उसे हमेशा और अधिक देने की इच्छा रखती है। यह माँ के असीम प्रेम और बच्चे के प्रति उसकी चिंता को दर्शाता है।


अथवा

"अनुभव से अनुभूति गहरी चीज है।" 'मैं क्यों लिखता हूँ?' पाठ के आधार पर बताइए कि लेखक के अनुसार उनके लेखन में क्या अधिक मदद करता है?

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

लेखक के अनुसार, उनके लेखन में अनुभव से अधिक अनुभूति मदद करती है। अनुभव तो बाहरी घटनाओं का संग्रह है, लेकिन अनुभूति उन घटनाओं को गहराई से महसूस करने की क्षमता है। लेखक का मानना है कि केवल अनुभवों को लिख देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन अनुभवों से उत्पन्न भावनाओं और संवेदनाओं को व्यक्त करना ही सच्चा लेखन है। अनुभूति ही लेखन को जीवंत और सार्थक बनाती है।

प्रश्न 9

'सूरदास' के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

सूरदास हिंदी साहित्य के महान कवि थे, जिनका जन्म 1478 ई. में मथुरा के पास सीही गाँव में हुआ था। वे वल्लभाचार्य के शिष्य थे और अष्टछाप के कवियों में प्रमुख थे। उनकी प्रसिद्ध रचना 'सूरसागर' है, जिसमें श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और प्रेम का सुंदर वर्णन है। उनकी रचनाओं में भक्ति, प्रेम और वात्सल्य रस की प्रधानता है। सूरदास जन्म से अंधे थे, लेकिन उनकी काव्य-दृष्टि अत्यंत गहरी थी।


अथवा

'जयशंकर प्रसाद' के व्यक्तित्व एवं कृतित्व का संक्षिप्त परिचय दीजिए।

(उत्तर सीमा 60-80 शब्द)

जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के महान कवि, नाटककार और कहानीकार थे। उनका जन्म 1889 ई. में वाराणसी में हुआ था। वे छायावादी युग के प्रमुख स्तंभ थे। उनकी प्रमुख रचनाओं में 'कामायनी' (महाकाव्य), 'चंद्रगुप्त' (नाटक), 'आँसू' और 'लहर' (काव्य संग्रह) शामिल हैं। उनकी रचनाओं में राष्ट्रीयता, प्रेम, प्रकृति और दर्शन का सुंदर समन्वय मिलता है। प्रसाद जी की भाषा शैली अत्यंत प्रभावशाली और कलात्मक थी।

खण्ड - 'द'

निबंधात्मक प्रश्न

20. निम्नलिखित विषयों में से किसी एक विषय पर लगभग 300 शब्दों में निबंध लिखिए। (6 अंक)

  1. आतंकवाद : एक समस्या
    • प्रस्तावना
    • आतंकवाद के संभावित कारण
    • आतंकवाद के उद्देश्य
    • आतंकवाद को रोकने के उपाय
    • उपसंहार
  2. "मेक इन इंडिया" - स्वदेशी जागरण का नया रूप
    • प्रस्तावना
    • मेक इन इंडिया और स्वदेशी जागरण का अर्थ
    • आम भारतीय नागरिक के कर्त्तव्य
    • राष्ट्र के विकास में स्वदेशी जागरण का योगदान
    • उपसंहार
  3. विद्यार्थी जीवन और अनुशासन
    • प्रस्तावना
    • अनुशासन का अर्थ और परिभाषा
    • विद्यार्थी जीवन में अनुशासन
    • अनुशासन की उपयोगिता
    • उपसंहार

प्रश्न 22

2. अन्तर्विद्यालयी बाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर अपनी छोटी बहिन को एक बधाई पत्र लिखिए।

अथवा

स्वयं को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय राजगढ़ का छात्र रितेश मानते हुए अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को शुल्क मुक्ति हेतु प्रार्थना-पत्र लिखिए।

बधाई पत्र (विकल्प 1):

प्रिय छोटी बहिन,

स्नेहाशीष। आज मुझे यह जानकर अत्यंत हर्ष हुआ कि तुमने अन्तर्विद्यालयी बाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह तुम्हारी मेहनत और आत्मविश्वास का परिणाम है। तुमने न केवल अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है, बल्कि हम सभी को गौरवान्वित किया है। तुम्हारी इस सफलता के लिए मैं तुम्हें हार्दिक बधाई देता हूँ। आशा है कि तुम इसी प्रकार आगे भी सफलता प्राप्त करती रहोगी।

तुम्हारा भाई,
[नाम]

प्रार्थना-पत्र (विकल्प 2):

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य जी,
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजगढ़

विषय: शुल्क मुक्ति हेतु प्रार्थना-पत्र।

महोदय,

सविनय निवेदन है कि मैं रितेश, आपके विद्यालय का कक्षा 10वीं का छात्र हूँ। मेरे पिता एक मजदूर हैं और उनकी आय बहुत कम है। परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण मैं विद्यालय का शुल्क अदा करने में असमर्थ हूँ। अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि मुझे शुल्क मुक्ति प्रदान करने की कृपा करें, ताकि मैं अपनी पढ़ाई जारी रख सकूँ।

आपकी अति कृपा होगी।

धन्यवाद।

आपका आज्ञाकारी शिष्य,
रितेश
कक्षा 10वीं

प्रश्न 23

निम्नलिखित अवतरण का संक्षिप्तीकरण कीजिए।

वास्तव में हृदय वही है; जो कोमल भावों और स्वदेश प्रेम से ओत-प्रोत हो। प्रत्येक देशबासी को अपने वतन से प्रेम होता है। चाहे उसका देश सूखा, गर्म या दलदलों से युक्त हो। देश-प्रेम के लिए किसी आकर्षण की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि वह तो अपनी भूमि के प्रति मनुष्य मात्र की स्वाभाविक ममता है। मानव ही नहीं, पशु-पक्षियों तक को अपना देश प्यारा होता है। संध्या समय पक्षी अपने घोंसले की ओर उड़े चले जाते हैं। देश-प्रेम का अंकुर सभी में विद्यमान है। कुछ लोग समझते हैं कि मातृभूमि के नारे लगाने से ही देश-प्रेम व्यक्त होता है। दिन-भर वे त्याग, बलिदान और वीरता की कथा सुनाते नहीं थकते; लेकिन परीक्षा की घड़ी आने पर भाग खड़े होते हैं। ऐसे लोग स्वार्थ त्यागकर, जान-जोखिम में डालकर देश की सेवा क्या करेंगे? आज ऐसे लोगों की आवश्यकता नहीं है।

संक्षिप्तीकरण:

सच्चा हृदय वही है जो स्वदेश प्रेम से भरा हो। देश-प्रेम मनुष्य की स्वाभाविक ममता है, जो पशु-पक्षियों में भी पाई जाती है। यह केवल नारों या बातों से नहीं, बल्कि कठिन समय में त्याग और बलिदान से प्रकट होता है। जो लोग परीक्षा के समय भाग जाते हैं, वे सच्चे देशभक्त नहीं हैं।

अथवा

निम्नलिखित पंक्ति का पल्लवन कीजिए:

"पराधीन सपनेहूँ सुख नाहीं"

पल्लवन:

प्रस्तुत पंक्ति का अर्थ है कि पराधीन व्यक्ति को स्वप्न में भी सुख नहीं मिलता। परतंत्रता मनुष्य के जीवन को दुखमय बना देती है। वह अपनी इच्छा से कुछ नहीं कर सकता, हर कदम पर दूसरों के आदेश का पालन करना पड़ता है। यहाँ तक कि उसकी सोच और भावनाएँ भी स्वतंत्र नहीं रहतीं। स्वतंत्रता के बिना जीवन नीरस और कष्टमय हो जाता है। इसलिए मनुष्य को सदैव स्वतंत्र रहने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि पराधीनता में सुख संभव नहीं है।