RBSE Class 11th 2018 Physics-2018 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2018
Subject Physics-2018
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 11th Physics-2018 2018 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा, 2017-18
Yearly Examination, 2017-18

विषय – भौतिक विज्ञान
Subject – Physics

कक्षा – 11
Class – XI

समय : 3¼ घंटे
Time : 3¼ Hrs.

पूर्णांक : 70
M.M. : 70


  1. निम्न राशियों के विमीय सूत्र लिखिए –
    Write the Dimensional formula of following quantity –

    1. बल नियतांक (Force Constant)
    2. बोल्ट्ज़मैन नियतांक (Boltzmann Constant)

    हल / Solution:

    (a) बल नियतांक (Force Constant): बल नियतांक k = F/x, जहाँ F बल है और x विस्थापन।
    बल का विमीय सूत्र = [M L T⁻²], विस्थापन का विमीय सूत्र = [L]
    अतः बल नियतांक का विमीय सूत्र = [M L T⁻²] / [L] = [M T⁻²]

    (b) बोल्ट्ज़मैन नियतांक (Boltzmann Constant): kB = E/T, जहाँ E ऊर्जा और T ताप।
    ऊर्जा का विमीय सूत्र = [M L² T⁻²], ताप का विमीय सूत्र = [K]
    अतः बोल्ट्ज़मैन नियतांक का विमीय सूत्र = [M L² T⁻² K⁻¹]

  2. संख्या 0.00707 में कितने सार्थक अंक हैं?
    How many significant figures are there in 0.00707?

    हल / Solution: संख्या 0.00707 में, बायीं ओर के शून्य सार्थक नहीं होते। केवल 7, 0 और 7 सार्थक हैं। अतः 3 सार्थक अंक हैं।

  3. सदिश A = 4i + 3j – 5k के अनुदिश एकांक सदिश ज्ञात कीजिए।
    Determine the value of unit vector of the vector A = 4i + 3j – 5k.

    हल / Solution:

    सदिश A का परिमाण |A| = √(4² + 3² + (-5)²) = √(16 + 9 + 25) = √50 = 5√2

    एकांक सदिश Â = A / |A| = (4i + 3j – 5k) / (5√2)

    Â = (4/5√2) i + (3/5√2) j – (5/5√2) k = (4/5√2) i + (3/5√2) j – (1/√2) k

  4. चन्द्रमा पर वायुमण्डल की अनुपस्थिति का कारण लिखिए।
    Write the cause of absence of atmosphere on the moon.

    हल / Solution: चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण बल पृथ्वी की तुलना में बहुत कम (लगभग 1/6) होता है। इस कारण चन्द्रमा का पलायन वेग (escape velocity) बहुत कम (लगभग 2.38 km/s) है। गैस के अणुओं की औसत चाल इस पलायन वेग से अधिक होती है, जिसके कारण वे चन्द्रमा के गुरुत्वाकर्षण से बचकर अंतरिक्ष में चले जाते हैं। अतः चन्द्रमा पर वायुमण्डल नहीं है।

  5. घड़ी के सेकण्ड की सुई का कोणीय वेग क्या होता है?
    What is the angular velocity of the second's needle/hand of a watch?

    हल / Solution: सेकण्ड की सुई 60 सेकण्ड में एक पूरा चक्कर (2π रेडियन) लगाती है।
    कोणीय वेग ω = कुल कोणीय विस्थापन / समय = 2π / 60 = π/30 रेडियन/सेकण्ड।
    अतः ω = π/30 rad/s ≈ 0.1047 rad/s

  6. पॉइसन अनुपात क्या है? इसका मान लिखिए।
    What is Poisson's ratio? Write its value.

    हल / Solution: पॉइसन अनुपात (σ) अनुप्रस्थ विकृति और अनुदैर्ध्य विकृति का अनुपात है।
    σ = (अनुप्रस्थ विकृति) / (अनुदैर्ध्य विकृति) = (Δd/d) / (ΔL/L)
    पॉइसन अनुपात का मान: अधिकांश पदार्थों के लिए इसका मान -1 से 0.5 के बीच होता है। रबर के लिए यह लगभग 0.5 होता है, जबकि धातुओं के लिए सामान्यतः 0.2 से 0.4 के बीच।

  7. वह ताप बताइये जिस पर जल का पृष्ठ तनाव अधिकतम होता है।
    At what temperature, the surface tension of water is maximum?

    हल / Solution: जल का पृष्ठ तनाव 0°C पर अधिकतम होता है। ताप बढ़ने पर पृष्ठ तनाव घटता है और क्रांतिक ताप (374°C) पर शून्य हो जाता है।

  8. किरचॉफ नियम का कथन लिखिए।
    Write the statement of Kirchhoff's Law.

    हल / Solution: किरचॉफ के दो नियम हैं:

    प्रथम नियम (संधि नियम): किसी विद्युत परिपथ में किसी संधि पर मिलने वाली सभी धाराओं का बीजगणितीय योग शून्य होता है। अर्थात, संधि पर आने वाली धाराओं का योग = संधि से जाने वाली धाराओं का योग।

    द्वितीय नियम (लूप नियम): किसी बंद लूप में विद्युत वाहक बलों (emf) का योग, उस लूप में प्रतिरोधों पर होने वाले विभव पतन के योग के बराबर होता है। अर्थात, Σ E = Σ IR

  9. गैस के अणुगति सिद्धान्त के अनुसार परम शून्य ताप पर गैस के अणु की चाल क्या होती है?
    According to Kinetic theory of gas, what is the speed of gas molecules at absolute zero temperature?

    हल / Solution: अणुगति सिद्धान्त के अनुसार, गैस के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा परम ताप के समानुपाती होती है (E ∝ T)। परम शून्य ताप (0 K या -273.15°C) पर, गैस के अणुओं की गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है, अतः गैस के अणुओं की चाल शून्य होती है

  10. उष्मागतिकी के प्रथम नियम का कथन लिखिए।
    Write the statement of first Law of Thermodynamics.

    हल / Solution: उष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण का नियम है। इसके अनुसार, किसी निकाय को दी गई ऊष्मा (ΔQ) उसकी आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि (ΔU) और निकाय द्वारा किए गए कार्य (ΔW) के योग के बराबर होती है।
    ΔQ = ΔU + ΔW

  11. घर्षण कितने प्रकार का होता है? उनके नियम लिखिए।
    How many types of friction are there? Write their laws.

    हल / Solution: घर्षण मुख्यतः दो प्रकार का होता है:

    1. स्थैतिक घर्षण (Static Friction): वह घर्षण जो दो संपर्क में रखी वस्तुओं के बीच सापेक्ष गति का विरोध करता है जब तक कि वे गति न करें।
    2. गतिज घर्षण (Kinetic Friction): वह घर्षण जो दो संपर्क में रखी वस्तुओं के बीच सापेक्ष गति होने पर कार्य करता है।

    घर्षण के नियम:

    1. घर्षण बल संपर्क क्षेत्रफल पर निर्भर नहीं करता।
    2. घर्षण बल अभिलम्ब प्रतिक्रिया (N) के अनुक्रमानुपाती होता है: f ∝ N, या f = μN, जहाँ μ घर्षण गुणांक है।
    3. स्थैतिक घर्षण का अधिकतम मान, गतिज घर्षण से अधिक होता है।
    4. गतिज घर्षण बल सापेक्ष वेग पर निर्भर नहीं करता (कम वेगों के लिए)।
  12. केपलर के ग्रहीय गति संबंधी तीनों नियम लिखिए।
    Write Kepler's three laws of planetary motion.

    हल / Solution: केपलर के तीन नियम निम्नलिखित हैं:

    1. प्रथम नियम (कक्षा का नियम): प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमता है, जिसके एक फोकस पर सूर्य स्थित होता है।
    2. द्वितीय नियम (क्षेत्रफल का नियम): सूर्य से ग्रह को मिलाने वाली रेखा (त्रिज्या सदिश) समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है। अर्थात, ग्रह की क्षेत्रीय चाल नियत होती है।
    3. तृतीय नियम (आवर्तकाल का नियम): किसी ग्रह का परिक्रमण काल (T) का वर्ग, उसकी कक्षा के अर्ध-दीर्घ अक्ष (a) के घन के अनुक्रमानुपाती होता है। अर्थात, T² ∝ a³

Physics 2018 – Page 2

प्रश्न 11

ग्रहों की गति के सम्बन्ध में केप्लर के तीन नियम लिखिए।

Write the three laws of Kepler about the motion of Planets.

उत्तर / Answer:
  1. प्रथम नियम (कक्षाओं का नियम): प्रत्येक ग्रह सूर्य के चारों ओर एक दीर्घवृत्ताकार कक्षा में घूमता है, जिसके एक फोकस पर सूर्य स्थित होता है।
  2. द्वितीय नियम (क्षेत्रफल का नियम): सूर्य से ग्रह को मिलाने वाली रेखा समान समय अंतरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है।
  3. तृतीय नियम (आवर्तकाल का नियम): किसी ग्रह का परिक्रमण काल (T) का वर्ग, उसकी कक्षा के अर्ध-दीर्घ अक्ष (a) के घन के समानुपाती होता है। अर्थात T² ∝ a³

प्रश्न 12

किसी पिंड को पृथ्वी तल से पलायन वेग के दुगुने वेग से फेंका जाता है। इसका अनंत पर शेष वेग क्या होगा?

If a particle is thrown with two times of the escape velocity from the surface of the Earth. What would be the remaining velocity at infinity of this particle?

उत्तर / Answer:

पलायन वेग \( v_e = \sqrt{\frac{2GM}{R}} \) है। यदि पिंड को \( 2v_e \) वेग से फेंका जाए, तो ऊर्जा संरक्षण के नियम से:

प्रारंभिक गतिज ऊर्जा + प्रारंभिक स्थितिज ऊर्जा = अंतिम गतिज ऊर्जा + अंतिम स्थितिज ऊर्जा

\( \frac{1}{2}m(2v_e)^2 - \frac{GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 + 0 \)

\( \frac{1}{2}m \cdot 4v_e^2 - \frac{GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 \)

\( 2mv_e^2 - \frac{GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 \)

चूँकि \( v_e^2 = \frac{2GM}{R} \), तो \( 2m \cdot \frac{2GM}{R} - \frac{GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 \)

\( \frac{4GMm}{R} - \frac{GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 \) ⇒ \( \frac{3GMm}{R} = \frac{1}{2}mv^2 \)

\( v^2 = \frac{6GM}{R} = 3 \cdot \frac{2GM}{R} = 3v_e^2 \)

अतः अनंत पर शेष वेग \( v = \sqrt{3} v_e \) होगा।


प्रश्न 13

स्प्रिंगों के समानांतर संयोजन में प्रभावी स्प्रिंग नियतांक का व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।

Derive the expression for effective spring constant of Parallel Combination of Springs.

उत्तर / Answer:

मान लीजिए दो स्प्रिंग जिनके स्प्रिंग नियतांक \( k_1 \) और \( k_2 \) हैं, समानांतर क्रम में जुड़े हैं। जब एक बल F लगाया जाता है, तो दोनों स्प्रिंगों में समान विस्थापन x होता है।

प्रत्येक स्प्रिंग में उत्पन्न बल: \( F_1 = k_1 x \) और \( F_2 = k_2 x \)

कुल बल \( F = F_1 + F_2 = k_1 x + k_2 x = (k_1 + k_2)x \)

यदि समतुल्य स्प्रिंग नियतांक \( k_{eff} \) हो, तो \( F = k_{eff} x \)

अतः \( k_{eff} x = (k_1 + k_2)x \) ⇒ \( k_{eff} = k_1 + k_2 \)

n स्प्रिंगों के लिए: \( k_{eff} = k_1 + k_2 + ... + k_n \)


प्रश्न 14

एक ही धातु के दो तारों की त्रिज्याओं का अनुपात 2:1 है। इनको समान बल आरोपित करके खींचा जाए तो उनमें उत्पन्न प्रतिबलों का अनुपात क्या होगा?

The ratio of radius of two wires of same material is 2:1. If they are stretched by applying similar force then what would be ratio of stress generated.

उत्तर / Answer:

प्रतिबल (Stress) = बल (F) / अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल (A)

क्षेत्रफल \( A = \pi r^2 \) होता है।

माना पहले तार की त्रिज्या \( r_1 = 2r \) और दूसरे की \( r_2 = r \) है।

प्रतिबलों का अनुपात:

\( \frac{\sigma_1}{\sigma_2} = \frac{F/A_1}{F/A_2} = \frac{A_2}{A_1} = \frac{\pi r_2^2}{\pi r_1^2} = \frac{r^2}{(2r)^2} = \frac{1}{4} \)

अतः प्रतिबलों का अनुपात 1:4 होगा।


प्रश्न 15

पास्कल का नियम लिखिए तथा इसके दो अनुप्रयोग समझाइए।

Write Pascal's Law and explain its two applications.

उत्तर / Answer:

पास्कल का नियम: विरामावस्था में किसी द्रव में किसी बिंदु पर लगाया गया दाब द्रव के सभी भागों में समान रूप से संचरित होता है।

अनुप्रयोग:

  1. हाइड्रोलिक लिफ्ट: छोटे पिस्टन पर लगाया गया बल द्रव द्वारा बड़े पिस्टन पर संचरित होता है, जिससे भारी वस्तुओं को उठाया जा सकता है।
  2. हाइड्रोलिक ब्रेक: ब्रेक पेडल पर लगाया गया बल ब्रेक द्रव द्वारा पहियों के ब्रेक शूज तक पहुँचता है, जिससे वाहन रुकता है।

प्रश्न 16

ऊष्मा स्थानान्तरण से क्या तात्पर्य है? संवहन विधि द्वारा ऊष्मा स्थानान्तरण कैसे होता है? समझाइए।

What is the meaning of Heat transfer? Explain the Convection method of Heat transfer.

उत्तर / Answer:

ऊष्मा स्थानान्तरण: ऊष्मा स्थानान्तरण वह प्रक्रिया है जिसमें तापमान अंतर के कारण ऊष्मा ऊर्जा एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होती है।

संवहन विधि: संवहन में ऊष्मा का स्थानान्तरण द्रव या गैस के कणों की वास्तविक गति द्वारा होता है। जब द्रव या गैस के निचले भाग को गर्म किया जाता है, तो वह हल्का होकर ऊपर उठता है और ठंडा भाग नीचे आता है। इस प्रकार संवहन धाराएँ बनती हैं जो ऊष्मा को स्थानांतरित करती हैं। उदाहरण: पानी उबालना, कमरे में हीटर से गर्म हवा का ऊपर उठना।


प्रश्न 17

एक कार्नो इंजन 527°C पर स्रोत से 200 जूल ऊष्मा लेता है और 127°C पर सिंक को देता है। तब इंजन की दक्षता एवं किए गए कार्य की गणना करो।

A Carnot engine takes 200 Joule heat from a source at 527°C and it gives heat to sink at 127°C. Then calculate the efficiency of engine and work done.

उत्तर / Answer:

स्रोत का तापमान \( T_1 = 527°C = 527 + 273 = 800 K \)

सिंक का तापमान \( T_2 = 127°C = 127 + 273 = 400 K \)

कार्नो इंजन की दक्षता: \( \eta = 1 - \frac{T_2}{T_1} = 1 - \frac{400}{800} = 1 - 0.5 = 0.5 \) या 50%

दक्षता \( \eta = \frac{W}{Q_1} \), जहाँ \( Q_1 = 200 \) जूल

\( W = \eta \times Q_1 = 0.5 \times 200 = 100 \) जूल

अतः इंजन की दक्षता 50% और किया गया कार्य 100 जूल है।


प्रश्न 18

37°C ताप पर किसी गैस के एक अणु की माध्य गतिज ऊर्जा की गणना कीजिए। [\( k_B = 1.38 \times 10^{-23} JK^{-1} \)]

Calculate the mean kinetic energy of one molecule of a gas at temperature 37°C. [\( k_B = 1.38 \times 10^{-23} JK^{-1} \)]

उत्तर / Answer:

तापमान \( T = 37°C = 37 + 273 = 310 K \)

गैस के एक अणु की माध्य गतिज ऊर्जा: \( \overline{K} = \frac{3}{2} k_B T \)

\( \overline{K} = \frac{3}{2} \times 1.38 \times 10^{-23} \times 310 \)

\( \overline{K} = \frac{3}{2} \times 427.8 \times 10^{-23} \)

\( \overline{K} = 641.7 \times 10^{-23} \)

\( \overline{K} = 6.417 \times 10^{-21} \) जूल

अतः 37°C पर एक अणु की माध्य गतिज ऊर्जा \( 6.417 \times 10^{-21} \) जूल है।


प्रश्न 19

प्रक्षेप्य गति हेतु अधिकतम ऊँचाई (H) एवं क्षैतिज परास (R) हेतु व्यंजक प्राप्त कीजिए। आवश्यक चित्र बनाइए।

Derive formulae for maximum Height (H) and horizontal range (R) of Projectile motion. Draw the necessary diagram.

उत्तर / Answer:

माना प्रक्षेप्य को प्रारंभिक वेग \( u \) से प्रक्षेपण कोण \( \theta \) पर फेंका जाता है।

वेग के घटक: \( u_x = u \cos\theta \), \( u_y = u \sin\theta \)

अधिकतम ऊँचाई (H): अधिकतम ऊँचाई पर ऊर्ध्वाधर वेग शून्य होता है।

\( v_y^2 = u_y^2 - 2gH \) ⇒ \( 0 = (u \sin\theta)^2 - 2gH \)

\( H = \frac{u^2 \sin^2\theta}{2g} \)

क्षैतिज परास (R): उड़ान काल \( T = \frac{2u \sin\theta}{g} \)

क्षैतिज परास = क्षैतिज वेग × उड़ान काल

\( R = u \cos\theta \times \frac{2u \sin\theta}{g} = \frac{u^2 \sin 2\theta}{g} \)

चित्र: (एक परवलयाकार प्रक्षेप पथ दिखाएँ जिसमें प्रारंभिक बिंदु, अधिकतम ऊँचाई H, क्षैत

Physics 2018 – Page 3

Question 3

पूर्णतः अप्रत्यास्थ संघट्ट (Completely Inelastic Collision) – व्याख्या कीजिए।

अथवा / OR

“यदि किसी वाहन की चाल 2 m/sec बढ़ाने पर उसकी गतिज ऊर्जा दुगनी हो जाती है, तो वाहन की प्रारंभिक चाल क्या होगी?”

If on increasing the speed of a vehicle by 2 m/sec, the kinetic energy gets doubled, then what would be its initial speed?

Solution (Numerical):

Let initial speed = u m/s. Final speed = u + 2 m/s.

Kinetic energy (K.E.) ∝ v². Given: K.E.final = 2 × K.E.initial

⇒ (u + 2)² = 2 × u²

⇒ u² + 4u + 4 = 2u²

⇒ u² – 4u – 4 = 0

⇒ u = [4 ± √(16 + 16)] / 2 = [4 ± √32] / 2 = [4 ± 4√2] / 2 = 2 ± 2√2

Since speed cannot be negative, u = 2 + 2√2 ≈ 4.828 m/s.

Answer: प्रारंभिक चाल ≈ 4.83 m/s.

Question 4

समांतर अक्षों की प्रमेय का कथन लिखकर सिद्ध कीजिए। आवश्यक चित्र बनाइए।

Write the statement of theorem of parallel axes and prove it. Draw necessary diagram.

अथवा / OR

दो कणों के निकाय के द्रव्यमान केन्द्र की स्थिति का व्यंजक प्राप्त कीजिए।

Calculate the position coordinates of the centre of mass of two particles in a system.

Solution (Theorem of Parallel Axes):

Statement: The moment of inertia of a body about any axis is equal to the sum of its moment of inertia about a parallel axis passing through its centre of mass and the product of its mass and the square of the distance between the two axes.

Mathematically: I = Icm + Mh², where h is the perpendicular distance between the axes.

Proof (brief): Consider a rigid body of mass M. Let Icm be M.I. about an axis through centre of mass (CM). Consider another axis parallel to it at distance h. For a particle of mass mi at distance ri from CM, its distance from the new axis is (ri + h) in the perpendicular direction. Then I = Σ mi (ri + h)² = Σ mi ri² + 2h Σ mi ri + h² Σ mi. Since Σ mi ri = 0 (by definition of CM), we get I = Icm + Mh². (Diagram: two parallel axes, one through CM, with distance h marked.)

OR

Centre of Mass of Two Particles: For two particles of masses m₁ and m₂ at positions x₁ and x₂ on a line, the centre of mass coordinate is:

Xcm = (m₁x₁ + m₂x₂) / (m₁ + m₂)

In vector form: Rcm = (m₁r₁ + m₂r₂) / (m₁ + m₂)

Question 5

यदि किसी तार को बाहर से बल लगाकर उसकी लम्बाई में वृद्धि की जाये तो सिद्ध कीजिए कि तार के प्रति एकांक आयतन पर किया गया कार्य = ½ × प्रतिबल × विकृति।

If length of any wire is increased by applying external force, then prove that the work done per unit volume of wire = ½ × stress × strain.

Solution:

Let a wire of length L and cross-sectional area A be stretched by a force F. The extension is ΔL.

Stress (σ) = F/A, Strain (ε) = ΔL/L.

Work done in stretching by a small extension dx is dW = F dx = (σA) dx.

Total work done: W = ∫₀ΔL σA dx. Since σ ∝ strain (Hooke's law), σ = Y ε, where Y is Young's modulus.

Also, dx = L dε. So W = ∫₀ε (Y ε) A (L dε) = A L Y ∫₀ε ε dε = A L Y (ε²/2).

But Y = σ/ε, so W = A L (σ/ε) (ε²/2) = (A L σ ε)/2.

Volume = A L, so work per unit volume = W/(A L) = ½ σ ε = ½ × stress × strain.

Hence proved.

Question 6

केशिकत्व क्या है? केशिका उन्नयन विधि द्वारा जल के पृष्ठ तनाव ज्ञात करने की प्रायोगिक विधि का वर्णन करो।

What is capillarity? Describe the experimental method to determine the surface tension of water using capillarity.

Solution:

Capillarity: The phenomenon of rise or fall of a liquid in a narrow tube (capillary) due to surface tension is called capillarity.

Experimental method to determine surface tension of water:

  1. Take a clean capillary tube of known radius r.
  2. Dip it vertically in water. Water rises to height h in the tube.
  3. Measure the height h using a travelling microscope.
  4. Also measure the radius r of the tube (using a microscope or by weighing mercury).
  5. Let density of water = ρ, acceleration due to gravity = g.
  6. Surface tension (T) is given by: T = (h ρ g r) / (2 cos θ), where θ is the contact angle (for water and clean glass, θ ≈ 0°, so cos θ = 1).
  7. Thus, T = (h ρ g r) / 2.

By measuring h and r, surface tension can be calculated.

Question 7

यदि किसी भोजन पात्र में रखा भोजन 7 min में 60°C से 40°C तक ठंडा हो जाता है, तब अगले 7 min बाद भोजन का ताप ज्ञात कीजिये, यदि कमरे का ताप 10°C है।

If food kept in a utensil cools down from 60°C to 40°C in 7 min, then determine the temperature of food in next 7 min, if the temperature of room is 10°C.

Solution (Newton's Law of Cooling):

According to Newton's law of cooling: Rate of cooling ∝ (Temperature difference with surroundings).

For first 7 min: Average temperature = (60 + 40)/2 = 50°C. Temperature difference = 50 – 10 = 40°C.

Rate of cooling = (60 – 40)/7 = 20/7 °C/min.

So, 20/7 = k × 40 ⇒ k = (20/7)/40 = 1/14 per min.

For next 7 min: Let final temperature = T°C. Average temperature = (40 + T)/2. Temperature difference = [(40 + T)/2] – 10 = (40 + T – 20)/2 = (20 + T)/2.

Rate of cooling = (40 – T)/7 = k × [(20 + T)/2] = (1/14) × [(20 + T)/2] = (20 + T)/28.

⇒ (40 – T)/7 = (20 + T)/28

⇒ Multiply both sides by 28: 4(40 – T) = 20 + T

⇒ 160 – 4T = 20 + T

⇒ 160 – 20 = T + 4T

⇒ 140 = 5T

⇒ T = 28°C

Answer: अगले 7 min बाद भोजन का ताप 28°C होगा।

Question 8

रुद्धोष्म प्रक्रम के लिए अवस्था समीकरण की व्युत्पत्ति कीजिए।

Derive the equation of state for adiabatic process.

Solution:

For an adiabatic process, no heat exchange occurs (dQ = 0). From first law: dU = –dW.

For an ideal gas, dU = n Cv dT and dW = P dV.

So, n Cv dT = –P dV.

Using ideal gas equation: P = nRT/V, we get:

n Cv dT = – (nRT/V) dV

⇒ Cv dT/T = –R dV/V

Integrating: Cv ln T = –R ln V + constant

⇒ ln T + (R/Cv) ln V = constant

But R = Cp – Cv, and γ = Cp/Cv, so R/Cv = γ – 1.

Thus, ln T + (γ – 1) ln V = constant ⇒ ln (T Vγ–1) = constant

⇒ T Vγ–1 = constant.

Using ideal gas law, T = PV/(nR), we get: (PV) Vγ–1 = constant ⇒ P Vγ = constant.

This is the equation of state for an adiabatic process.

Question 9

एक परमाणुक, द्विपरमाणुक एवं बहुपरमाणुक गैस के लिए Cv, Cp एवं γ के मान ज्ञात करो।

Determine the values of Cv, Cp and γ for monoatomic, diatomic and polyatomic gas.

Solution:

For an ideal gas, Cv = (f/2)R, Cp = Cv + R = (f/2 + 1)R, γ = Cp/Cv = (f + 2)/f, where f is degrees of freedom.

  • Monoatomic gas: f = 3 (translational only). Cv = (3/2)R, Cp = (5/2)R, γ = 5/3 ≈ 1.67.
  • Diatomic gas (at moderate temperatures): f = 5 (3 translational + 2 rotational). Cv = (5/2)R, Cp = (7/2)R, γ = 7/5 = 1.4.
  • Polyatomic gas (non-linear): f = 6 (3 translational + 3 rotational). Cv = 3R, Cp = 4R, γ = 4/3 ≈ 1.33.

Question 10

प्रश्न 27 (4 अंक)

ध्वनि तरंगों के लिए डॉप्लर प्रभाव का वर्णन कीजिए तथा आभासी आवृत्ति का सूत्र ज्ञात कीजिए जब:

  1. स्रोत स्थिर प्रेक्षक की ओर गतिमान है।
  2. प्रेक्षक स्थिर स्रोत की ओर गतिमान है।

डॉप्लर प्रभाव: जब ध्वनि स्रोत और प्रेक्षक के बीच आपेक्षिक गति होती है, तो प्रेक्षक द्वारा सुनी गई आवृत्ति (आभासी आवृत्ति) वास्तविक आवृत्ति से भिन्न होती है। इसे डॉप्लर प्रभाव कहते हैं।

(i) जब स्रोत स्थिर प्रेक्षक की ओर गतिमान है:

माना स्रोत की वास्तविक आवृत्ति n है, ध्वनि का वेग v है, और स्रोत का वेग vs है। आभासी आवृत्ति n' का सूत्र:

n' = n × [v / (v - vs)]

(ii) जब प्रेक्षक स्थिर स्रोत की ओर गतिमान है:

माना प्रेक्षक का वेग vo है। आभासी आवृत्ति n' का सूत्र:

n' = n × [(v + vo) / v]

प्रश्न 28 (5 अंक)

हुक के नियम की सहायता से यंग प्रत्यास्थता गुणांक, आयतन प्रत्यास्थता गुणांक एवं दृढ़ता गुणांक की परिभाषा दीजिए। यंग प्रत्यास्थता गुणांक ज्ञात करने की सरल विधि (सियरल विधि) का वर्णन कीजिए।

हुक का नियम: प्रत्यास्थता सीमा के अंदर, प्रतिबल विकृति के समानुपाती होता है।

परिभाषाएं:

  • यंग प्रत्यास्थता गुणांक (Y): अनुदैर्ध्य प्रतिबल और अनुदैर्ध्य विकृति का अनुपात। Y = (F/A) / (ΔL/L)
  • आयतन प्रत्यास्थता गुणांक (K): आयतन प्रतिबल और आयतन विकृति का अनुपात। K = (ΔP) / (ΔV/V)
  • दृढ़ता गुणांक (G): स्पर्शरेखीय प्रतिबल और अपरूपण विकृति का अनुपात। G = (F/A) / θ

सियरल विधि (यंग गुणांक ज्ञात करने के लिए): इसमें एक पतले तार को ऊर्ध्वाधर लटकाकर उसके निचले सिरे पर भार लटकाया जाता है। तार की लंबाई में वृद्धि मापी जाती है। सूत्र: Y = (MgL) / (πr²ΔL), जहाँ M भार, g गुरुत्वीय त्वरण, L मूल लंबाई, r तार की त्रिज्या, ΔL लंबाई में वृद्धि है।

अथवा

(i) वेंचुरीमापी द्वारा नली में प्रति सेकंड बहने वाले द्रव की मात्रा के लिए सूत्र स्थापित कीजिए।

(ii) स्पिन करती गेंद के पथ में परिवर्तन का कारण समझाइए।

(i) वेंचुरीमापी द्वारा प्रवाह दर: वेंचुरीमापी में बरनौली के सिद्धांत और सातत्य समीकरण का उपयोग करते हुए, प्रति सेकंड बहने वाले द्रव का आयतन Q = A₁A₂√[2gh/(A₁² - A₂²)] होता है, जहाँ A₁ और A₂ क्रमशः चौड़े और संकरे भाग के अनुप्रस्थ काट क्षेत्रफल हैं, h दाबांतर के कारण द्रव स्तंभ की ऊंचाई है।

(ii) स्पिन करती गेंद के पथ में परिवर्तन: जब गेंद घूमती है, तो उसके एक ओर हवा का वेग बढ़ जाता है और दूसरी ओर घट जाता है (बरनौली सिद्धांत)। इससे दाबांतर उत्पन्न होता है, जो गेंद को घुमाव की दिशा में विक्षेपित करता है। इसे मैग्नस प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 29 (5 अंक)

(i) स्टीफन के नियम की व्याख्या कीजिए एवं इससे न्यूटन के शीतलन के नियम को व्युत्पन्न कीजिए।

(ii) कृष्णिका हेतु स्पेक्ट्रमी ऊर्जा विवरण ग्राफ बनाइए।

स्टीफन का नियम: कृष्णिका द्वारा उत्सर्जित कुल ऊर्जा E उसके परम ताप T की चौथी घात के समानुपाती होती है: E = σT⁴, जहाँ σ स्टीफन-बोल्ट्जमान नियतांक है।

न्यूटन के शीतलन नियम की व्युत्पत्ति: माना पिंड का ताप T और परिवेश का ताप T₀ है। स्टीफन नियम से, पिंड द्वारा उत्सर्जित ऊर्जा E₁ = σT⁴ और अवशोषित ऊर्जा E₂ = σT₀⁴। शुद्ध ऊर्जा हानि E = σ(T⁴ - T₀⁴)। यदि तापांतर (T - T₀) छोटा है, तो T⁴ - T₀⁴ ≈ 4T₀³(T - T₀)। अतः E ∝ (T - T₀), जो न्यूटन का शीतलन नियम है।

कृष्णिका का स्पेक्ट्रमी ऊर्जा विवरण ग्राफ: यह ग्राफ तरंगदैर्ध्य λ के फलन के रूप में ऊर्जा घनत्व दर्शाता है। विभिन्न तापों पर वक्र अलग-अलग होते हैं, जिनमें एक निश्चित तरंगदैर्ध्य पर अधिकतम ऊर्जा होती है (वीन का विस्थापन नियम)।

अथवा

कार्नो के उत्क्रमणीय इंजन की कार्यविधि लिखते हुए प्रत्येक प्रक्रम में किए गए कार्य को P-V वक्र द्वारा ज्ञात कीजिए तथा दक्षता का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

कार्नो इंजन की कार्यविधि: कार्नो इंजन चार उत्क्रमणीय प्रक्रमों में कार्य करता है:

  1. समतापी प्रसार: स्रोत (ताप T₁) से ऊष्मा Q₁ लेकर गैस का समतापी प्रसार होता है। कार्य W₁ = nRT₁ ln(V₂/V₁)
  2. रुद्धोष्म प्रसार: गैस का ताप T₁ से T₂ तक गिरता है। कार्य W₂ = nR(T₁ - T₂)/(γ-1)
  3. समतापी संपीडन: सिंक (ताप T₂) को ऊष्मा Q₂ देकर गैस का समतापी संपीडन होता है। कार्य W₃ = nRT₂ ln(V₄/V₃)
  4. रुद्धोष्म संपीडन: गैस का ताप T₂ से T₁ तक बढ़ता है। कार्य W₄ = nR(T₂ - T₁)/(γ-1)

P-V वक्र: P-V आरेख पर ये चार प्रक्रम एक बंद वक्र बनाते हैं, जिसका क्षेत्रफल कुल किए गए कार्य W के बराबर होता है।

दक्षता का सूत्र: कार्नो इंजन की दक्षता η = 1 - (Q₂/Q₁) = 1 - (T₂/T₁)

प्रश्न 30 (5 अंक)

गैसों के अणुगति सिद्धांत के आधार पर आदर्श गैस द्वारा पात्र की दीवारों पर लगाए गए औसत दाब का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

व्युत्पत्ति: माना एक घनाकार पात्र जिसकी भुजा L है, में N अणु हैं, प्रत्येक का द्रव्यमान m है। एक अणु का वेग v है जिसके घटक vₓ, vᵧ, v₂ हैं।

एक अणु द्वारा x-दिशा में दीवार पर संवेग परिवर्तन = 2mvₓ

दो क्रमिक टक्करों के बीच समय = 2L/vₓ

एक अणु द्वारा दीवार पर बल = 2mvₓ / (2L/vₓ) = mvₓ²/L

सभी अणुओं द्वारा कुल बल F = Σ(mvₓ²/L) = (m/L) Σvₓ²

दाब P = F/A = (m/L³) Σvₓ² = (m/V) Σvₓ², जहाँ V = L³ आयतन है।

चूंकि v² = vₓ² + vᵧ² + v₂² और सभी दिशाओं में समान, Σvₓ² = (1/3) Σv²

अतः P = (m/3V) Σv² = (1/3) (Nm/V) (Σv²/N) = (1/3) ρ v̅², जहाँ ρ = Nm/V घनत्व और v̅² वर्ग माध्य मूल वेग का वर्ग है।

या P = (1/3) ρ c², जहाँ c = √(v̅²) वर्ग माध्य मूल वेग है।

अथवा

गैसों के अणुगति सिद्धांत के अभिगृहीतों को लिखते हुए उससे बॉयल, चार्ल्स, गे-लुसाक एवं डाल्टन के नियमों की व्याख्या कीजिए।

अभिगृहीत:

  1. गैस अत्यधिक छोटे कणों (अणुओं) से बनी होती है जो निरंतर यादृच्छिक गति में रहते हैं।
  2. अणुओं का आकार उनके बीच की दूरी की तुलना में नगण्य होता है।
  3. अणुओं के बीच कोई अंतर-आण्विक बल नहीं होता (आदर्श गैस)।
  4. टक्करें प्रत्यास्थ होती हैं, अर्थात गतिज ऊर्जा संरक्षित रहती है।
  5. दाब अणुओं द्वारा दीवारों पर लगाए गए संवेग परिवर्तन के कारण होता है।
  6. गैस का औसत गतिज ऊर्जा उसके परम ताप के समानुपाती होती है।

नियमों की व्याख्या:

  • बॉयल का नियम: स्थिर ताप पर, P ∝ 1/V (क्योंकि P = (1/3) ρ c² और ρ ∝ 1/V, c² स्थिर)
  • चार्ल्स का नियम: स्थिर दाब पर, V ∝ T (क्योंकि P स्थिर, ρ ∝ 1/V, और c² ∝ T)
  • गे-लुसाक का नियम: स्थिर आयतन पर, P ∝ T (क्योंकि V स्थिर, ρ स्थिर, और c² ∝ T)
  • डाल्टन का नियम: मिश्रण का कुल दाब अलग-अलग गैसों के आंशिक दाबों के योग के बराबर होता है (क्योंकि अणु स्वतंत्र रूप से गति करते हैं)।