RBSE Class 11th 2023 Physics-160123-2023 Previous Year Papers

Physics-160123-2023 from the 2023 exam year is part of the Class 11th previous year papers archive on RBSE Solution. Many learners start here after finishing the textbook to see how questions were actually framed on the Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) paper.

Treat this question paper as a mock under gentle timing first, then as a marking exercise the second time. The introduction on this page is written only for this subject-and-year pair, not copied from other pages.

Bookmark the link if you coach juniors — the layout stays stable for search engines and classroom sharing.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2023
Subject Physics-160123-2023
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 11th, year 2023, and subject Physics-160123-2023 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

Turning 2023 papers into insight

One Physics-160123-2023 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.

Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 11th expect clear numbering even in practice sessions.

RBSE Class 11th 2023 Physics-160123-2023

Scroll through the Previous Year Papers pages for Physics-160123-2023 (2023).

RBSE Class 11th 2023 Physics-160123-2023 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 11th 2023 Physics-160123-2023 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 11th Physics-160123-2023 2023 solved Previous Year Question Papers

अर्द्धवार्षिक परीक्षा सत्र 2022-23

समय: 3.45 घंटे     पूर्णांक: 50

विषय: भौतिक विज्ञान


सामान्य निर्देश:

  1. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
  2. सभी प्रश्नों के उत्तर दी गई उत्तर पुस्तिका में ही लिखें।
  3. प्रश्न संख्या 28 से 30 में आन्तरिक विकल्प है।
  4. प्रत्येक प्रश्न का अंक भार उनके सामने अंकित है।

प्रश्न

  1. सबसे क्षीण मूल बल का नाम लिखिए।

    उत्तर: गुरुत्वाकर्षण बल (Gravitational force) सबसे क्षीण मूल बल है।

  2. आपेक्षिकता का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया?

    उत्तर: आपेक्षिकता का सिद्धान्त अल्बर्ट आइंस्टीन (Albert Einstein) ने प्रतिपादित किया।

  3. जड़त्व का विमीय सूत्र लिखिए।

    उत्तर: जड़त्व का विमीय सूत्र [M1L0T0] है।

  4. 2.023 में सार्थक अंक ज्ञात कीजिए।

    उत्तर: 2.023 में 4 सार्थक अंक हैं।

  5. वेग-समय वक्र का ढाल किस भौतिक राशि को व्यक्त करता है?

    उत्तर: वेग-समय वक्र का ढाल त्वरण (Acceleration) को व्यक्त करता है।

  6. सदिश राशि किसे कहते हैं?

    उत्तर: वे भौतिक राशियाँ जिनमें परिमाण के साथ-साथ दिशा भी होती है, सदिश राशियाँ कहलाती हैं। उदाहरण: वेग, बल, विस्थापन।

  7. यदि A = 4i - 3j + 5k है, तो सदिश A का परिणाम ज्ञात कीजिए।

    हल: सदिश A का परिणाम = √(4² + (-3)² + 5²) = √(16 + 9 + 25) = √50 = 5√2

  8. G का SI पद्धति में मान लिखिए।

    उत्तर: G (गुरुत्वाकर्षण नियतांक) का SI मान 6.67 × 10-11 Nm²/kg² है।

  9. हुक का नियम लिखिए।

    उत्तर: हुक के नियम के अनुसार, किसी प्रत्यास्थ पदार्थ में उत्पन्न विकृति (strain) प्रतिबल (stress) के समानुपाती होती है, जब तक कि प्रत्यास्थ सीमा पार न की जाए।

  10. प्रत्यास्थता गुणांक किसे कहते हैं?

    उत्तर: प्रत्यास्थता गुणांक वह भौतिक राशि है जो किसी पदार्थ की प्रत्यास्थता की माप होती है। इसे प्रतिबल और विकृति के अनुपात के रूप में परिभाषित किया जाता है।

  11. पास्कल का नियम लिखिए।

    उत्तर: पास्कल के नियम के अनुसार, किसी स्थिर द्रव में किसी बिंदु पर लगाया गया दाब द्रव के सभी भागों में समान रूप से संचरित होता है।

  12. पृष्ठ तनाव को प्रभावित करने वाले कारक लिखिए।

    उत्तर: पृष्ठ तनाव को प्रभावित करने वाले कारक हैं: (1) द्रव का तापमान, (2) द्रव की प्रकृति, (3) अशुद्धियों की उपस्थिति।

  13. हवाई जहाज और रिक्शे के फ्रेम खोखले क्यों बनाए जाते हैं?

    उत्तर: हवाई जहाज और रिक्शे के फ्रेम खोखले बनाए जाते हैं ताकि वे हल्के हों और साथ ही मजबूती बनी रहे। खोखली संरचना में पदार्थ कम लगता है, जिससे वजन कम होता है और ईंधन की बचत होती है।

  14. आदर्श गैस समीकरण लिखिए।

    उत्तर: आदर्श गैस समीकरण: PV = nRT, जहाँ P = दाब, V = आयतन, n = मोलों की संख्या, R = गैस नियतांक, T = परम ताप।

  15. किसी वस्तु द्वारा nवें सेकण्ड में तय की गई दूरी का सूत्र स्थापित कीजिए।

    हल: माना वस्तु का प्रारंभिक वेग u तथा त्वरण a है।
    n सेकण्ड में तय दूरी: Sn = un + ½ an²
    (n-1) सेकण्ड में तय दूरी: Sn-1 = u(n-1) + ½ a(n-1)²
    nवें सेकण्ड में तय दूरी: Sn - Sn-1 = [un + ½ an²] - [u(n-1) + ½ a(n-1)²]
    = u + ½ a[2n - 1]

  16. एक कार विराम से चलकर 2 सेकण्ड में 30 मी/से का वेग प्राप्त करती है। सेकण्ड के अंत में कार का त्वरण ज्ञात कीजिए।

    हल: प्रारंभिक वेग u = 0, अंतिम वेग v = 30 मी/से, समय t = 2 सेकण्ड
    त्वरण a = (v - u)/t = (30 - 0)/2 = 15 मी/से²

  17. न्यूटन की गति का प्रथम नियम लिखिए।

    उत्तर: न्यूटन के गति के प्रथम नियम (जड़त्व का नियम) के अनुसार, कोई वस्तु अपनी विराम अवस्था या एकसमान गति की अवस्था में तब तक बनी रहती है जब तक उस पर कोई बाह्य बल कार्य न करे।

  18. संगामी बलों के सन्तुलन की आवश्यक शर्त लिखिए।

    उत्तर: संगामी बलों के सन्तुलन के लिए आवश्यक शर्त है कि सभी बलों का परिणामी शून्य हो, अर्थात् ΣF = 0।

  19. M द्रव्यमान की एक स्थिर किन्तु स्वतन्त्र रखी बन्दूक से m द्रव्यमान की गोली V वेग से छोड़ी जाती है। बन्दूक का प्रतिक्षेप वेग क्या होगा?

    हल: संवेग संरक्षण के नियम से, प्रारंभिक संवेग = अंतिम संवेग
    0 = MV' + mV (जहाँ V' बन्दूक का प्रतिक्षेप वेग है)
    MV' = -mV
    V' = - (m/M)V
    अतः बन्दूक का प्रतिक्षेप वेग (m/M)V होगा, जो गोली की दिशा के विपरीत होगा।

  20. क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथों को पीछे क्यों खींचता है?

    उत्तर: क्रिकेट का खिलाड़ी गेंद को लपकते समय अपने हाथों को पीछे खींचता है ताकि गेंद को रोकने में लगने वाला समय बढ़ जाए। इससे बल का आवेग (F × t) समान रहने पर बल का मान कम हो जाता है, जिससे हाथों को चोट लगने की संभावना कम होती है।

प्रश्न 22

बल F = 3i + 4j - 5k तथा विस्थापन d = 5i - 4j + 3k के लिए किए गए कार्य का मान ज्ञात कीजिए।

हल: कार्य (W) = बल (F) · विस्थापन (d) = (3i + 4j - 5k) · (5i - 4j + 3k)

= (3 × 5) + (4 × -4) + (-5 × 3) = 15 - 16 - 15 = -16

अतः किए गए कार्य का मान -16 मात्रक है।

प्रश्न 23

कार्य-ऊर्जा प्रमेय का कथन लिखते हुए इसे स्थापित कीजिए।

कथन: कार्य-ऊर्जा प्रमेय के अनुसार, किसी वस्तु पर किया गया कुल कार्य उसकी गतिज ऊर्जा में परिवर्तन के बराबर होता है।

स्थापना: माना m द्रव्यमान की वस्तु पर बल F लगने से वस्तु में u से v तक वेग परिवर्तन होता है तथा विस्थापन s है।

न्यूटन के द्वितीय नियम से: F = ma

गति के तृतीय समीकरण से: v² = u² + 2as ⇒ as = (v² - u²)/2

कार्य W = F·s = ma·s = m(as) = m(v² - u²)/2 = ½mv² - ½mu²

अतः W = ΔK (गतिज ऊर्जा में परिवर्तन) सिद्ध हुआ।

प्रश्न 24

गुरुत्वीय त्वरण (g) के मान में ऊँचाई (h) के साथ परिवर्तन का सूत्र स्थापित कीजिए।

हल: पृथ्वी तल पर g = GM/R², जहाँ R पृथ्वी की त्रिज्या है।

पृथ्वी तल से h ऊँचाई पर g' = GM/(R+h)²

अतः g'/g = R²/(R+h)² = 1/(1 + h/R)²

यदि h << R, तो g' ≈ g(1 - 2h/R)

यही ऊँचाई के साथ g में परिवर्तन का सूत्र है।

प्रश्न 25

एक ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी के समान लेकिन उसका घनत्व पृथ्वी का आठ गुना है। ऐसे ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी तल से कितने गुना होगा?

हल: माना पृथ्वी का द्रव्यमान M, घनत्व ρ, त्रिज्या R है।

ग्रह का द्रव्यमान M' = M, घनत्व ρ' = 8ρ

द्रव्यमान M = (4/3)πR³ρ, ग्रह के लिए M = (4/3)πR'³(8ρ)

अतः R'³ = R³/8 ⇒ R' = R/2

ग्रह पर g' = GM/R'² = GM/(R/2)² = 4GM/R² = 4g

अतः ग्रह पर गुरुत्वीय त्वरण पृथ्वी तल से 4 गुना होगा।

प्रश्न 26

एक सरल लोलक का दोलन काल (T) उसकी लम्बाई (l), गोलक के द्रव्यमान (m) और गुरुत्वीय त्वरण (g) पर निर्भर करता है। विमीय विधि की सहायता से इसके दोलन काल के लिए सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

हल: माना T ∝ la mb gc

विमाएँ: [T] = [L]a [M]b [LT⁻²]c = [Mb La+c T-2c]

दोनों ओर विमाओं की तुलना करने पर:

b = 0, a + c = 0, -2c = 1 ⇒ c = -1/2, a = 1/2

अतः T ∝ l1/2 g-1/2 ⇒ T = k√(l/g)

प्रयोग द्वारा k = 2π, अतः T = 2π√(l/g)

प्रश्न 27

बरनौली प्रमेय क्या है? इसका निगमन कीजिए।

बरनौली प्रमेय: किसी असम्पीड्य, अश्यान तथा धारारेखी प्रवाह में द्रव के किसी बिन्दु पर दाब ऊर्जा, गतिज ऊर्जा तथा स्थितिज ऊर्जा का योग नियत रहता है।

निगमन: माना किसी द्रव नली में दो बिन्दु A और B हैं। A पर दाब P₁, क्षेत्रफल A₁, वेग v₁, ऊँचाई h₁ तथा B पर दाब P₂, क्षेत्रफल A₂, वेग v₂, ऊँचाई h₂ है।

कार्य-ऊर्जा प्रमेय से: (P₁ - P₂)V = ½ρV(v₂² - v₁²) + ρVg(h₂ - h₁)

जहाँ V आयतन है। दोनों ओर V से भाग देने पर:

P₁ - P₂ = ½ρ(v₂² - v₁²) + ρg(h₂ - h₁)

⇒ P₁ + ½ρv₁² + ρgh₁ = P₂ + ½ρv₂² + ρgh₂

अतः P + ½ρv² + ρgh = नियतांक (बरनौली प्रमेय सिद्ध)

प्रश्न 28

एक वस्तु पहले 40 मिनट में 52°C से 40°C तक ठण्डी होती है। अगले 40 मिनट में 32°C तक ठण्डी होती है तो उसके अगले 40 मिनट के पश्चात ताप ज्ञात कीजिए।

हल: न्यूटन के शीतलन नियम से: dθ/dt ∝ (θ - θ₀)

माना कमरे का ताप θ₀ है। पहले 40 मिनट में: (52 - 40)/40 = k[(52+40)/2 - θ₀]

⇒ 12/40 = k(46 - θ₀) ...(i)

दूसरे 40 मिनट में: (40 - 32)/40 = k[(40+32)/2 - θ₀]

⇒ 8/40 = k(36 - θ₀) ...(ii)

(i) और (ii) से: 12/8 = (46 - θ₀)/(36 - θ₀) ⇒ 3/2 = (46 - θ₀)/(36 - θ₀)

⇒ 108 - 3θ₀ = 92 - 2θ₀ ⇒ θ₀ = 16°C

अब तीसरे 40 मिनट में: माना अंतिम ताप θ है, तो (32 - θ)/40 = k[(32+θ)/2 - 16]

k का मान (i) से: k = 12/(40×30) = 1/100

अतः (32 - θ)/40 = (1/100)[(32+θ)/2 - 16]

⇒ (32 - θ)/40 = (1/100)(θ/2) = θ/200

⇒ 32 - θ = θ/5 ⇒ 160 - 5θ = θ ⇒ 6θ = 160 ⇒ θ = 26.67°C

अतः अगले 40 मिनट के पश्चात ताप 26.67°C होगा।

प्रश्न 29

त्रिभुज नियम क्या है? त्रिभुज नियम की सहायता से दो सदिशों के सदिश योग से प्राप्त सदिश के परिणाम का सूत्र स्थापित कीजिए। आवश्यक चित्र भी बनाइए।

त्रिभुज नियम: यदि दो सदिशों को परिमाण एवं दिशा में एक त्रिभुज की दो क्रमागत भुजाओं द्वारा प्रदर्शित किया जाए, तो त्रिभुज की तीसरी भुजा उनके परिणामी सदिश को परिमाण एवं दिशा में प्रदर्शित करती है।

सूत्र स्थापना: माना दो सदिश A और B हैं जिनके बीच कोण θ है। परिणामी R = A + B

चित्र में, माना OA = A, AB = B, तथा OB = R

त्रिभुज OAB में, कोण OAB = 180° - θ

कोज्या नियम से: R² = A² + B² - 2AB cos(180° - θ)

= A² + B² + 2AB cosθ

अतः परिणामी का परिमाण: R = √(A² + B² + 2AB cosθ)

परिणामी की दिशा: tanα = B sinθ/(A + B cosθ), जहाँ α, A से R का कोण है।

अथवा

प्रश्न 29 (वैकल्पिक)

प्रक्षेप्य गति किसे कहते हैं? प्रक्षेप्य गति कर रहे किसी पिंड की परास और अधिकतम ऊँचाई का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

प्रक्षेप्य गति: जब किसी वस्तु को पृथ्वी तल से किसी कोण पर फेंका जाता है और वह केवल गुरुत्वाकर्षण बल के प्रभाव में गति करती है, तो उसे प्रक्षेप्य गति कहते हैं।

परास का सूत्र: u वेग से θ कोण पर प्रक्षेपित पिंड के लिए:

क्षैतिज परास R = u cosθ × T, जहाँ T = 2u sinθ/g

अतः R = u cosθ × 2u sinθ/g = u² sin2θ/g

अधिकतम ऊँचाई का सूत्र: ऊर्ध्वाधर गति के लिए v² = u² - 2gh

अधिकतम ऊँचाई पर v = 0, अतः 0 = u²sin²θ - 2gH

⇒ H = u²sin²θ/2g

प्रश्न 30

प्रत्यास्थ टक्कर किसे कहते हैं? दो वस्तुओं की सीधी प्रत्यास्थ टक्कर के लिए टक्कर के बाद वस्तुओं का वेग ज्ञात करने का सूत्र स्थापित कीजिए।

प्रत्यास्थ टक्कर: वह टक्कर जिसमें संवेग और गतिज ऊर्जा दोनों संरक्षित रहते हैं, प्रत्यास्थ टक्कर कहलाती है।

सूत्र स्थापना: माना m₁ और m₂ द्रव्यमान की दो वस्तुएँ क्रमशः u₁ और u₂ वेग से चलती हुई प्रत्यास्थ टक्कर करती हैं। टक्कर के बाद वेग v₁ और v₂ हैं।

संवेग संरक्षण से: m₁u₁ + m₂u₂ = m₁v₁ + m₂v₂ ...(i)

गतिज ऊर्जा संरक्षण से: ½m₁u₁² + ½m₂u₂² = ½m₁v₁² + ½m₂v₂² ...(ii)

(i) से: m₁(u₁ - v₁) = m₂(v₂ - u₂) ...(iii)

(ii) से: m₁(u₁² - v₁²) = m₂(v₂² - u₂²) ⇒ m₁(u₁ - v₁)(u₁ + v₁) = m₂(v₂ - u₂)(v₂ + u₂) ...(iv)

(iii) को (iv) में रखने पर: u₁ + v₁ = v₂ + u₂ ⇒ v₂ = u₁ + v₁ - u₂ ...(v)

(