RBSE Class 11th 2024 Hindi Compulsory-2024 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2024
Subject Hindi Compulsory-2024
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 11th 2024 Hindi Compulsory-2024

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Rajasthan Board Class 11th Hindi Compulsory-2024 2024 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा सत्र - 2023-24 (NKT)

हिन्दी अनिवार्य

कक्षा: XI (ग्यारहवीं) | पूर्णांक: 100

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश:

  1. प्रश्न-पत्र पर अपना नामांक अवश्य लिखें।
  2. सभी प्रश्न करना अनिवार्य है। प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।

1. निम्नलिखित अपठित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे लिखे हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

देश-प्रेम क्या है? प्रेम ही तो है। इस प्रेम का आलम्बन क्या है? सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नदी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि। यह प्रेम किस प्रकार का है? यह साहचर्य प्रेम है, जिनके मध्य हम रहते हैं, जिन्हें बराबर आँखों से देखते हैं, जिनकी बातें बराबर सुनते हैं, जिनका और हमारा हर घड़ी का साथ रहता है, जिनके सानिध्य का हमें अभ्यास हो जाता है, उनके प्रति लोभ या राग हो सकता है। देश-प्रेम यदि वास्तव में अन्तःकरण का कोई भाव है तो यही हो सकता है।

  1. देश-प्रेम का आलम्बन माना गया है -

    • (क) पशु-पक्षी
    • (ख) नदी-नाले
    • (ग) वन-पर्वत
    • (घ) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि देश-प्रेम का आलम्बन "सारा देश अर्थात् मनुष्य, पशु, पक्षी, नदी, नाले, वन-पर्वत सहित सारी भूमि" है। अतः सभी विकल्प सही हैं।

  2. देश-प्रेम किस कोटि का माना जाता है -

    • (क) साहचर्यगत
    • (ख) असाहचर्यगत
    • (ग) क और ख दोनों
    • (घ) इनमें से कोई नहीं

    व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है, "यह साहचर्य प्रेम है"। अतः देश-प्रेम साहचर्यगत कोटि का है।

  3. सानिध्य से उत्पन्न होता है -

    • (क) लोभ या राग
    • (ख) नफरत-हिंसा
    • (ग) आकर्षण-अपेक्षा
    • (घ) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, "जिनके सानिध्य का हमें अभ्यास हो जाता है, उनके प्रति लोभ या राग हो सकता है।" अतः सानिध्य से लोभ या राग उत्पन्न होता है, जो विकल्प (क) में है।

  4. देश-प्रेम वास्तव में भाव माना जाता है -

    • (क) अन्तःकरण का
    • (ख) बाह्यकरण का
    • (ग) क और ख दोनों
    • (घ) इनमें से कोई नहीं

    व्याख्या: गद्यांश के अंत में कहा गया है, "देश-प्रेम यदि वास्तव में अन्तःकरण का कोई भाव है तो यही हो सकता है।" अतः यह अन्तःकरण का भाव है।

  5. साहचर्यगत प्रेम की क्रियाएँ हैं -

    • (क) साथ रहना
    • (ख) आँखों से देखना
    • (ग) बराबर सुनना
    • (घ) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: गद्यांश में साहचर्य प्रेम की क्रियाओं में "साथ रहना", "आँखों से देखना" और "बराबर सुनना" सभी का उल्लेख है।

  6. उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक है -

    • (क) प्रेम
    • (ख) देश-प्रेम
    • (ग) साहचर्य-प्रेम
    • (घ) पृथ्वी

    व्याख्या: पूरा गद्यांश देश-प्रेम की व्याख्या करता है, अतः 'देश-प्रेम' सबसे उपयुक्त शीर्षक है।


2. निम्नलिखित अपठित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हरि! डाला जाऊँ।
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ।
मुझे तोड़ लेना वनमाली, उस पथ पर तुम देना फेंक,
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पथ पर जाएँ वीर अनेक।

प्रश्न 1. (i) कवि किसकी इच्छा का वर्णन कर रहे हैं?

  • (क) पेड़
  • (ख) वीर
  • (ग) पुष्प
  • (घ) वनमाली

सही उत्तर: (ग) पुष्प

व्याख्या: प्रस्तुत पद्यांश 'पुष्प की अभिलाषा' कविता से लिया गया है, जिसमें कवि पुष्प की इच्छा का वर्णन कर रहे हैं।

प्रश्न 2. पुष्प की अभिलाषा है-

  • (क) सुन्दरी के बालों में सजना
  • (ख) सम्राटों के शव पर चढ़ना
  • (ग) ईश्वर को अर्पित करना
  • (घ) वीरों के रास्ते में सजना

सही उत्तर: (घ) वीरों के रास्ते में सजना

व्याख्या: कविता में पुष्प की अभिलाषा है कि वह वीरों के पद-मार्ग पर बिखरकर अपना जीवन सार्थक करे।

प्रश्न 3. इन पंक्तियों में पुष्प की कौनसी भावना व्यक्त होती है -

  • (क) सौन्दर्य प्रेम
  • (ख) राष्ट्र प्रेम
  • (ग) ईश्वर प्रेम
  • (घ) श्रृंगार प्रेम

सही उत्तर: (ख) राष्ट्र प्रेम

व्याख्या: पुष्प वीरों के मार्ग पर बिखरकर देश के लिए बलिदान देने की भावना व्यक्त करता है, जो राष्ट्र प्रेम को दर्शाता है।

प्रश्न 4. 'चाह नहीं देवों के सिर पर इठलाऊ' में 'चाह' का अर्थ है -

  • (क) इच्छा
  • (ख) अभिलाषा
  • (ग) कामना
  • (घ) सभी

सही उत्तर: (घ) सभी

व्याख्या: 'चाह' शब्द के पर्यायवाची इच्छा, अभिलाषा और कामना सभी हैं।

प्रश्न 5. कौनसा कथन सत्य है -

  • (क) पुष्प श्रृंगार में सजना चाहता है।
  • (ख) पुष्प देवों के सिर पर चढ़कर इठलाना चाहता है।
  • (ग) पुष्प सम्राटों के शवों पर बिखरना चाहता है।
  • (घ) वीरों के पद-मार्ग में बिखरना चाहता है।

सही उत्तर: (घ) वीरों के पद-मार्ग में बिखरना चाहता है।

व्याख्या: कविता के अनुसार पुष्प वीरों के पद-मार्ग पर बिखरकर अपनी अभिलाषा पूरी करना चाहता है।

प्रश्न 6. उपर्युक्त पद्यांश का शीर्षक है-

  • (क) पुष्प की अभिलाषा
  • (ख) वनमाली की अभिलाषा
  • (ग) वीरों की अभिलाषा
  • (घ) मातृभूमि

सही उत्तर: (क) पुष्प की अभिलाषा

व्याख्या: यह पद्यांश 'पुष्प की अभिलाषा' कविता से लिया गया है, जिसके रचयिता माखनलाल चतुर्वेदी हैं।


निम्न प्रश्नों के उत्तर सत्य/असत्य के रूप में दीजिए -

  1. "नमक का दारोगा" प्रेमचन्द की प्रसिद्ध कहानी है।

    उत्तर: सत्य

  2. "पथेर पांचाली" पहली बोलती फिल्म है।

    उत्तर: असत्य

    व्याख्या: 'पथेर पांचाली' पहली बोलती फिल्म नहीं है, यह सत्यजीत राय द्वारा निर्देशित एक प्रसिद्ध फिल्म है।

  3. "रजनी" मन्नू भंडारी द्वारा उचित समस्या प्रधान पठकथा है।

    उत्तर: सत्य

  4. कबीर आदिकाल के कवि हैं।

    उत्तर: असत्य

    व्याख्या: कबीर भक्तिकाल के कवि हैं, आदिकाल के नहीं।

  5. त्रिलोचन हिन्दी में सॉनेट (अंग्रेजी छंद) को स्थापित करने वाले कवि के रूप में जाने जाते हैं।

    उत्तर: सत्य


रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए -

  1. मीरा की भक्ति प्रेमभाव की है। (दास्यभाव / प्रेमभाव)

  2. "घर की याद" कविता भवानीप्रसाद मिश्र की है। (भवानीप्रसाद मिश्र / सुमित्रानन्दन पंत)

  3. हिन्दी में गजल विधा अपनाने का श्रेय दुष्यन्त कुमार को दिया जाता है। (नागार्जुन / दुष्यन्त कुमार)

  4. 'स्पीति में बारिश' एक यात्रा वृत्तान्त है। (कहानी / यात्रा वृत्तान्त)

  5. कृष्णा सोबती का जन्म सन् 1925 में हुआ था। (1925 / 1927)


निम्न प्रश्नों के उत्तर एक या दो पंक्ति में लिखें -

  1. "पथेर पांचाली" फिल्म में बाल-कलाकारों के नाम क्या थे?

    उत्तर: 'पथेर पांचाली' फिल्म में बाल-कलाकारों के नाम सुबीर बनर्जी (अपू) और उमा दासगुप्ता (दुर्गा) थे।

  2. 'शिवशम्भू के चिट्ठे' व्यंग्य रचना किसकी है?

    उत्तर: 'शिवशम्भू के चिट्ठे' व्यंग्य रचना हरिशंकर परसाई की है।

  3. ऋग्वेद में कितनी ऋचाएँ होती हैं?

    उत्तर: ऋग्वेद में 1028 ऋचाएँ होती हैं।

  4. "जामुन का पेड़" कहानी में किस पर व्यंग्य किया गया है?

    उत्तर: 'जामुन का पेड़' कहानी में सामाजिक रूढ़ियों और अंधविश्वासों पर व्यंग्य किया गया है।

  5. कबीर को 'वाणी का डिक्टेटर' किसने कहा?

    उत्तर: कबीर को 'वाणी का डिक्टेटर' डॉ. हजारीप्रसाद द्विवेदी ने कहा।

  6. "ग्राम को वे न त्तरसें।" इसमें कवि ने क्या इच्छा व्यक्त की है?

    उत्तर: इस पंक्ति में कवि ने ग्राम को तरसने (प्यास से व्याकुल) न देखने की इच्छा व्यक्त की है, अर्थात गाँव में पानी की कमी न हो।

  7. "निर्मला पुधुला" का जन्म कब व कहाँ हुआ?

    उत्तर: निर्मला पुधुला का जन्म 1938 में उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ था।

लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. (viii) लता की लोकप्रियता का मुख्य मर्म क्या है?

    लता मंगेशकर की लोकप्रियता का मुख्य मर्म उनकी मधुर, भावपूर्ण और सुरीली आवाज़ तथा संगीत के प्रति समर्पण है। उन्होंने विभिन्न भाषाओं में गीत गाकर सभी वर्गों के श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।

  2. (ix) “राजस्थान की रजत बूँदें” किन्हें कहा गया है?

    “राजस्थान की रजत बूँदें” राजस्थान के लोक गायकों और गायिकाओं को कहा गया है, जिन्होंने अपनी मधुर आवाज़ से राजस्थान की संगीत परंपरा को समृद्ध किया।

  3. (x) “आलो-आँधारि” रचना किस भाषा में लिखी गई थी?

    “आलो-आँधारि” रचना बांग्ला भाषा में लिखी गई थी।

विस्तृत उत्तरीय प्रश्न

  1. 6. कुमार गंधर्व ने लता को बेजोड़ गायिका और युग का चमत्कार क्यों कहा है?

    कुमार गंधर्व ने लता मंगेशकर को बेजोड़ गायिका और युग का चमत्कार इसलिए कहा क्योंकि उनकी आवाज़ में अद्भुत मिठास, सुरों की गहरी पकड़ और भावनाओं को व्यक्त करने की असाधारण क्षमता थी। उन्होंने संगीत की विभिन्न विधाओं में महारत हासिल की और अपने गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

  2. 7. “कुंई हर दिन सोने का अण्डा देने वाली मुर्गी की कहानी चरितार्थ करती है।” कैसे?

    यह कथन उस स्थिति को दर्शाता है जब कोई व्यक्ति या वस्तु निरंतर लाभ दे रही हो, लेकिन लालच या अदूरदर्शिता के कारण उसे नष्ट कर दिया जाए। कुंई (एक प्रकार का कुआँ या संसाधन) यदि प्रतिदिन लाभ दे रहा है, तो उसे संरक्षित करना चाहिए, न कि उसका दोहन करके नष्ट करना। यह मुर्गी की कहानी के समान है जहाँ सोने का अण्डा पाने के लालच में मुर्गी को मार दिया गया।

  3. 8. “महेश पढ़ता है और गीता खेलती है।” प्रयुक्त वाक्य में कौनसा वाक्य है? उसकी परिभाषा भी लिखिए।

    यह एक संयुक्त वाक्य है।

    परिभाषा: जिस वाक्य में दो या दो से अधिक स्वतंत्र उपवाक्य किसी समुच्चयबोधक अव्यय (जैसे 'और', 'लेकिन', 'इसलिए' आदि) से जुड़े हों, उसे संयुक्त वाक्य कहते हैं। इसमें प्रत्येक उपवाक्य का अपना अर्थ होता है और वे एक-दूसरे पर आश्रित नहीं होते।

  4. 9. 'पथेर पांचाली' फिल्म के निर्देशक को फिल्म निर्माण में किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?

    सत्यजित राय द्वारा निर्देशित 'पथेर पांचाली' फिल्म के निर्माण में अनेक समस्याएँ आईं:

    • आर्थिक समस्या: फिल्म के लिए पर्याप्त धन नहीं था, जिसके कारण निर्माण बीच में रुक गया था।
    • समय की कमी: फिल्म को पूरा करने में कई वर्ष लग गए।
    • तकनीकी समस्या: उस समय उपलब्ध संसाधन सीमित थे, जिससे शूटिंग और संपादन में कठिनाई हुई।
    • कलाकारों की समस्या: बाल कलाकारों के साथ काम करना चुनौतीपूर्ण था।
  5. 10. भारतमाता के प्रति नेहरू जी की क्या अवधारणा थी?

    नेहरू जी भारतमाता को एक जीवंत, प्रगतिशील और समावेशी राष्ट्र के रूप में देखते थे। उनके लिए भारतमाता केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, इतिहास और विविधता का प्रतीक थीं। वे चाहते थे कि भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी और सामाजिक न्याय के मार्ग पर आगे बढ़े।

  6. 11. मीरा ने “सहज मिले अविनासी” क्यों कहा है?

    मीरा ने “सहज मिले अविनासी” इसलिए कहा क्योंकि उन्हें अपने आराध्य श्रीकृष्ण की प्राप्ति बिना किसी कठिन साधना या बाहरी आडंबर के, स्वाभाविक रूप से हो गई। उनके लिए भक्ति का मार्ग सरल और सहज था, जिसमें प्रेम और समर्पण ही मुख्य था।

  7. 12. “सबसे खतरनाक होता है, मुर्दा शांति से भर जाना” पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।

    इस पंक्ति का भाव है कि जब कोई व्यक्ति या समाज अन्याय, अत्याचार और समस्याओं के प्रति पूरी तरह से उदासीन और निष्क्रिय हो जाता है, तो वह स्थिति सबसे खतरनाक होती है। मृत शांति का अर्थ है कि लोगों में विरोध करने की शक्ति और इच्छा समाप्त हो गई है, जो किसी भी समाज के पतन का कारण बन सकती है।

  8. 13. निर्मला पुतुल ने “आओ, मिलकर बचाएँ” कविता में किसका चित्रण किया है?

    निर्मला पुतुल ने इस कविता में पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति मानवीय जिम्मेदारी का चित्रण किया है। वे पेड़-पौधों, जल, वायु और जीव-जंतुओं को बचाने का आह्वान करती हैं, क्योंकि ये सभी मानव जीवन के लिए आवश्यक हैं।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न

  1. 14. “रजनी” पटकथा के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए प्रमुख पात्र रजनी का चरित्र चित्रण कीजिए।

    उद्देश्य: “रजनी” पटकथा का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार, अन्याय और सामाजिक बुराइयों को उजागर करना तथा एक सामान्य महिला के संघर्ष के माध्यम से सकारात्मक बदलाव की संभावना दिखाना है।

    रजनी का चरित्र चित्रण: रजनी एक साहसी, निडर और सिद्धांतवादी महिला है। वह अपने अधिकारों के लिए लड़ती है और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती है। वह एक आदर्श माँ और पत्नी है, लेकिन जब समाज में गलत होता है, तो वह चुप नहीं बैठती। उसका चरित्र आम भारतीय महिलाओं की शक्ति और संकल्प का प्रतीक है।

    अथवा

    “नमक का दारोगा” कहानी के प्रमुख पात्र वंशीधर के चरित्र की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

    वंशीधर “नमक का दारोगा” कहानी का प्रमुख पात्र है, जिसकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

    • ईमानदारी: वह अपने कर्तव्य के प्रति अत्यंत ईमानदार है और रिश्वत लेने से इनकार करता है।
    • साहस: वह शक्तिशाली व्यापारी मुंशी नबील के सामने भी अपनी बात पर अडिग रहता है।
    • न्यायप्रियता: वह न्याय के प्रति समर्पित है और गरीबों के हितों की रक्षा करता है।
    • स्वाभिमान: वह अपने स्वाभिमान की रक्षा के लिए नौकरी छोड़ने तक को तैयार हो जाता है।
  2. 15. “घर की याद” कविता का मूल भाव स्पष्ट करते हुए बताइए कि घर से अलग होकर आप किस तरह याद करते हैं?

    मूल भाव: “घर की याद” कविता में कवि ने घर से दूर रहने वाले व्यक्ति की मनोदशा और घर के प्रति उसके गहरे लगाव को व्यक्त किया है। घर के छोटे-छोटे सुख, परिवार के सदस्यों का प्यार, और बचपन की यादें उसे बेचैन कर देती हैं।

    व्यक्तिगत अनुभव: घर से अलग होकर मैं घर की याद इस तरह करता हूँ:

    • माँ के हाथ का बना खाना याद आता है।
    • पिता जी की बातें और उनका मार्गदर्शन याद आता है।
    • भाई-बहनों के साथ बिताए पल याद आते हैं।
    • घर के आँगन और छत पर बैठकर की गई बातें याद आती हैं।
    • त्योहारों पर घर पर होने वाली खुशियाँ याद आती हैं।

    अथवा

    “सबसे खतरनाक” कविता में निहित संदेश को स्पष्ट कीजिए।

    “सबसे खतरनाक” कविता में कवि ने समाज में व्याप्त निष्क्रियता और उदासीनता को सबसे खतरनाक बताया है। कविता का संदेश है कि अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाना आवश्यक है। चुप रहना और सब कुछ सहन करना समाज के लिए घातक है। कवि लोगों को जागरूक करना चाहता

प्रश्न 8: निम्नपद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए

पद्यांश:

संतों देखत जग बौराना।
साँच कहीं तो मारन धावै, झूठे जग पतियाना।
नेमी देखा धरमी देखा, प्रात करै असनाना।
आतम भारि पखानहिं पूजै, उनमें नहीं सुध बुध।
बहुतक देखा पीर औलिया, पढ़ें कुराना।
के मुरीद आदि आदि, उनमें से जो ज्ञाना।
आसन मारि डिंभ धरि बैठे, मन में बहुत गुमाना।
पीपर पाथर पूजन लागे, तीरथ गर्व भुलाना।

सप्रसंग व्याख्या:

संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश कबीरदास जी द्वारा रचित है। इसमें कबीर ने संसार के लोगों के बाहरी आडंबर और पाखंड पर व्यंग्य किया है।

प्रसंग: कबीर कहते हैं कि संतों, देखो तो यह संसार पागल हो गया है। सच बोलने वाले को मारने दौड़ते हैं, और झूठ पर विश्वास कर लेते हैं। मैंने नियम धारण करने वालों और धर्मात्माओं को देखा जो सुबह स्नान करते हैं, लेकिन वे आत्मा को भारी मानकर पत्थरों की पूजा करते हैं, उनमें कोई चेतना नहीं है। मैंने बहुत से पीर और औलिया देखे जो कुरान पढ़ते हैं, और उनके मुरीद भी देखे, लेकिन उनमें से किसी को सच्चा ज्ञान नहीं है। वे आसन लगाकर बैठते हैं और मन में बहुत अभिमान रखते हैं। वे पीपल और पत्थर की पूजा करने लगे हैं, और तीर्थों के घमंड में भूल गए हैं।

व्याख्या: कबीर ने इस पद्यांश में समाज में व्याप्त धार्मिक पाखंड और आडंबर पर करारा व्यंग्य किया है। वे कहते हैं कि लोग बाहरी रीति-रिवाजों और दिखावे में फंसे हुए हैं, लेकिन सच्चे आध्यात्मिक ज्ञान से कोसों दूर हैं। सच बोलने वाले को वे मारने दौड़ते हैं, जबकि झूठ पर विश्वास कर लेते हैं। नियम-धर्म का पालन करने वाले, पीर-औलिया, सभी बाहरी आडंबरों में लिप्त हैं। वे पत्थर, पीपल, तीर्थ आदि की पूजा करते हैं, लेकिन उनमें सच्ची भक्ति और ज्ञान का अभाव है। कबीर का संदेश है कि सच्चा धर्म बाहरी दिखावे में नहीं, बल्कि आंतरिक साधना और सच्चाई में है।


अथवा

पद्यांश:

जब गंभीर तम अर्द्ध-नेशा में जग को ढक लेता है।
अंतरिक्ष की छत्त पर तारों को छिटका देता है।
सस्मित-वदन जगत का स्वामी मृदु गति से आता है।
तट पर खड़ा गगन-गंगा के मधुर गीत गाता है।

सप्रसंग व्याख्या:

संदर्भ: प्रस्तुत पद्यांश सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' जी की कविता 'संध्या सुंदरी' से लिया गया है। इसमें संध्या के समय के सौंदर्य का वर्णन है।

प्रसंग: कवि संध्या के समय के दृश्य का चित्रण कर रहे हैं। जब गहरा अंधकार आधी नींद की अवस्था में संसार को ढक लेता है, और आकाश में तारे बिखर जाते हैं। तब मुस्कुराते हुए चंद्रमा (जगत का स्वामी) धीरे-धीरे आता है और आकाशगंगा के किनारे खड़ा होकर मधुर गीत गाता है।

व्याख्या: इस पद्यांश में कवि ने संध्या के समय के अद्भुत सौंदर्य का वर्णन किया है। 'गंभीर तम' से तात्पर्य गहरे अंधकार से है, जो 'अर्द्ध-नेशा' (आधी नींद) में जग को ढक लेता है। तारे आकाश में बिखर जाते हैं। फिर चंद्रमा मुस्कुराते हुए धीरे-धीरे उदय होता है। 'गगन-गंगा' आकाशगंगा का प्रतीक है, जिसके तट पर खड़ा चंद्रमा मधुर गीत गाता है। यह एक कल्पनाशील और सुंदर चित्रण है जो संध्या के समय के रोमांटिक और शांत वातावरण को दर्शाता है।


प्रश्न 9: 'युवाओं में बढ़ती फैशन परस्ती' विषय पर फीचर लिखिए

फीचर: युवाओं में बढ़ती फैशन परस्ती

आज का युवा वर्ग फैशन के प्रति अत्यधिक आकर्षित हो रहा है। यह प्रवृत्ति केवल कपड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीवनशैली, खान-पान, बोलने के तरीके और सोशल मीडिया पर अपनी छवि बनाने तक फैल गई है। फैशन परस्ती का अर्थ है बिना सोचे-समझे नवीनतम फैशन ट्रेंड्स का अंधानुकरण करना।

इसके कई कारण हैं - सोशल मीडिया का प्रभाव, फिल्मी सितारों की नकल, विज्ञापनों का दबाव, और साथियों के बीच प्रतिस्पर्धा। युवा अपनी पहचान बनाने के लिए फैशन को एक माध्यम मानते हैं। लेकिन इसका नकारात्मक पक्ष भी है। अत्यधिक फैशन परस्ती से आर्थिक बोझ बढ़ता है, समय की बर्बादी होती है, और मानसिक तनाव भी पैदा होता है। कई बार युवा अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान नहीं दे पाते।

फैशन का अपना महत्व है, लेकिन संतुलन आवश्यक है। युवाओं को चाहिए कि वे फैशन को अपनी पहचान का एक छोटा सा हिस्सा बनाएं, न कि पूरी पहचान। उन्हें अपने व्यक्तित्व, शिक्षा और कौशल पर अधिक ध्यान देना चाहिए। माता-पिता और शिक्षकों को भी युवाओं को सही मार्गदर्शन देना चाहिए ताकि वे फैशन के अंधानुकरण से बच सकें और एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकें।


अथवा: विद्यालय में मनाए गए 'कैरियर दिवस' पर एक प्रतिवेदन तैयार कीजिए

प्रतिवेदन: विद्यालय में मनाया गया कैरियर दिवस

दिनांक: 15 जनवरी, 2024
स्थान: राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सीकर
आयोजक: विद्यालय की कैरियर परामर्श समिति

विद्यालय में कैरियर दिवस का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी देना और उन्हें अपने भविष्य के लिए सही दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रधानाचार्य महोदय के स्वागत भाषण से हुई। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने अपने-अपने करियर के बारे में जानकारी दी। इंजीनियरिंग, मेडिकल, कानून, प्रबंधन, कला, और सिविल सेवाओं जैसे क्षेत्रों के बारे में विस्तार से बताया गया। विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया।

दोपहर के सत्र में एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक रहा और उन्हें अपने करियर के प्रति एक नई दृष्टि प्रदान की।

हस्ताक्षर:
(नाम)
कैरियर परामर्श समिति के सचिव


प्रश्न 10: निम्न शब्दों के पर्यायवाची शब्द लिखिए

  1. (i) बादल: मेघ, घन, जलद, नीरद, पयोद, वारिद, अंबुद, जलधर।
  2. (ii) चन्द्रमा: चंद्र, शशि, सुधाकर, निशाकर, रजनीश, इंदु, सोम, हिमांशु।

प्रश्न 11: निम्न मुहावरों के अर्थ बताते हुए वाक्य में प्रयोग कीजिए

  1. (i) गागर में सागर भरना:

    अर्थ: थोड़े शब्दों में बहुत बड़ी बात कहना।

    वाक्य प्रयोग: कबीर के दोहे गागर में सागर भरने का उत्तम उदाहरण हैं, वे थोड़े से शब्दों में गहन जीवन दर्शन प्रस्तुत करते हैं।

  2. (ii) रंग में भंग पड़ना:

    अर्थ: किसी आनंद या उत्सव में बाधा आना।

    वाक्य प्रयोग: हम सब मिलकर पिकनिक मना रहे थे कि अचानक बारिश शुरू हो गई और हमारे रंग में भंग पड़ गया।


प्रश्न 12: जिलाधीश नीम का थाना की ओर से स्वास्थ्य सचिव, राजस्थान सरकार को कार्यालयी पत्र

कार्यालयी पत्र

सेवा में,
स्वास्थ्य सचिव,
राजस्थान सरकार,
जयपुर।

विषय: क्षेत्र में फैली अज्ञात बीमारी में राहत हेतु चिकित्सकों की टीम भिजवाने के संबंध में।

महोदय,

मैं, जिलाधीश नीम का थाना, आपके ध्यान में लाना चाहता हूँ कि हमारे क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से एक अज्ञात बीमारी तेजी से फैल रही है। इस बीमारी से अब तक 50 से