RBSE Class 11th 2024 Hindi Compulsory-APS (1111)-2024 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 11th
Exam year 2024
Subject Hindi Compulsory-APS (1111)-2024
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 11th Hindi Compulsory-APS (1111)-2024 2024 solved Previous Year Question Papers

वार्षिक परीक्षा सत्र 2023-24

कक्षा — 11

विषय — अनिवार्य हिन्दी

समय : 3.15 घंटे      पूर्णांक : 100

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर अपना अनुक्रमांक अनिवार्यतः लिखें।
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ लिखें।

खण्ड-अ

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर अपनी उत्तर पुस्तिका में कोष्ठक में लिखिए। (1×8=8 अंक)

विभिन्न देशों एवं देश के विभिन्न स्थानों पर अटन करना 'देशाटन' कहलाता है, इसे पर्यटन भी कह सकते हैं। मानव की जिज्ञासा, महत्त्वाकांक्षा, सौन्दर्यप्रियता एवं जान लिप्सा की प्रवृत्ति के कारण देशाटन में रुचि जागृत होती है। यायावरी लोग अनेक कारणों से देशाटन में प्रवृत्त होते हैं। परन्तु शैक्षिक दृष्टि से भी देशाटन और पर्यटन का अपना महत्त्व है। केवल पुस्तक से हम सर्वांगीण और स्थायी ज्ञान प्राप्त नहीं कर सकते। यही कारण है कि आज पाश्चात्य देशों में छात्रों को अधिक से अधिक स्थानों की सैर कराते हुए उन स्थानों के ऐतिहासिक गौरव और विशिष्टता का परिचय देने पर जोर दिया जाता है। यह परिभ्रमण भूगोल और इतिहास के छात्रों के लिए विशेष उपयोगी होता है। पर्यटन और देशाटन की महत्ता का उल्लेख हमारे प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। वेदों में तो 'चरैवेति, चरैवेति' कहकर निरंतर चलते रहने की शिक्षा दी गयी है। महाभारत से ज्ञात होता है कि विभिन्न विषयों के ज्ञानार्जन हेतु अर्जुन ने गंधर्व-लोक तक छान डाला था। विश्वविख्यात भू-पर्यटक फाह्यान और इब्नबतूता इत्यादि का भी ज्ञान-विज्ञान के संचय के निमित देशाटन और पर्यटन करते हुए भारत में आगमन हुआ था। इन सबके मूल में प्राचीन काल में भी देशाटन और पर्यटन की महत्ता दृष्टिगोचर होती है।

  1. प्रस्तुत गद्यांश का उचित शीर्षक है:

    • (अ) देशाटन
    • (ब) पर्यटन
    • (स) भ्रमण का महत्त्व
    • (द) उपर्युक्त सभी

    व्याख्या: गद्यांश में देशाटन, पर्यटन और भ्रमण के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया है, अतः सभी शीर्षक उपयुक्त हैं।

  2. मानव की जिज्ञासा, महत्त्वाकांक्षा, सौन्दर्यप्रियता के कारण किसमें रुचि जाग्रत होती है?

    • (अ) देशाटन में
    • (ब) धन कमाने में
    • (स) धार्मिक कार्यों में
    • (द) पढ़ाई में

    व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, "मानव की जिज्ञासा, महत्त्वाकांक्षा, सौन्दर्यप्रियता एवं जान लिप्सा की प्रवृत्ति के कारण देशाटन में रुचि जागृत होती है।"

  3. पाश्चात्य देशों में छात्रों को अधिक से अधिक स्थानों की सैर कराने का उद्देश्य होता है:

    • (अ) मनोरंजन के लिए
    • (ब) सर्वांगीण एवं स्थायी ज्ञान प्राप्ति
    • (स) भौगोलिक क्षेत्रों के ज्ञान के लिए
    • (द) ऐतिहासिक क्षेत्रों का ज्ञान

    व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है कि केवल पुस्तक से सर्वांगीण और स्थायी ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता, इसलिए पाश्चात्य देशों में छात्रों को अधिक स्थानों की सैर कराई जाती है।

  4. परिभ्रमण किन छात्रों के लिए विशेष उपयोगी होता है?

    • (अ) विज्ञान वर्ग के लिए
    • (ब) वाणिज्य वर्ग के लिए
    • (स) इतिहास और भूगोल के छात्रों के लिए
    • (द) उपर्युक्त में से कोई नहीं

    व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है, "यह परिभ्रमण भूगोल और इतिहास के छात्रों के लिए विशेष उपयोगी होता है।"

  5. फाह्यान का भारत आगमन किस उद्देश्य से हुआ?

    • (अ) धन-संचय
    • (ब) धर्म प्रसार
    • (स) ज्ञान-संचय
    • (द) आक्रमण कार्य

    व्याख्या: गद्यांश के अनुसार, फाह्यान और इब्नबतूता का भारत आगमन "ज्ञान-विज्ञान के संचय के निमित" हुआ था।

  6. "पर्यटन" शब्द में उपसर्ग है:

    • (अ) परि
    • (ब) पर
    • (स) पर्य
    • (द) प्र

    व्याख्या: 'पर्यटन' शब्द 'परि' उपसर्ग और 'अटन' धातु से मिलकर बना है। 'परि' का अर्थ 'चारों ओर' होता है।

  7. "चरैवेति-चरैवेति" में कौनसा अलंकार प्रयुक्त हुआ है?

    उत्तर: 'चरैवेति-चरैवेति' में पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार (या वीप्सा अलंकार) प्रयुक्त हुआ है, क्योंकि एक ही शब्द की पुनरावृत्ति से अर्थ में विशेषता आई है।

  8. "पर्यटन" किसे कहते हैं?

    उत्तर: गद्यांश के अनुसार, विभिन्न देशों एवं देश के विभिन्न स्थानों पर भ्रमण करना 'देशाटन' या 'पर्यटन' कहलाता है।

खंड (i) – अपठित काव्यांश

निम्नलिखित अपठित काव्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर कोष्ठक में लिखिए – (7×1=5 अंक)

ब्रह्मा से कुछ लिखा भाग्य में, मनुज नहीं लाया है।
अपना सुख उसने अपने, चल भुजबल से ही पाया है।
प्रकृति नहीं झुकती है, कभी भाग्य के बल से।
सदा हारती वह मनुष्य के उद्यम से, श्रम जल से।
क्या अभिलेख पढ़ा, करते हैं अनुद्यमी प्राणी।
बहा कुअंक भाल के, बहा श्रुवों से पानी।
भाग्यवाद आवरण पाप का, और शस्त्र शोषण का।
जिससे रखता दबा एक जन, भाग दूसरे जन का।
एक मनुज संचित करता है, अर्च पाप के बल से।
और भोगता उसे दूसरा, भाग्यवाद के छल से।

  1. मनुष्य ने सुख किससे पाया है?

    • (अ) भाग्य से
    • (ब) माता-पिता से
    • (स) परिवार से
    • (द) भुजबल से

    स्पष्टीकरण: काव्यांश की पंक्ति "अपना सुख उसने अपने, चल भुजबल से ही पाया है" से स्पष्ट है कि मनुष्य ने सुख अपने भुजबल से पाया है।

  2. प्रकृति किससे डरकर झुकती है?

    • (अ) उद्यम से
    • (ब) भाग्य से
    • (स) व्यर्थ जल से
    • (द) मनुष्य से

    स्पष्टीकरण: काव्यांश में कहा गया है कि प्रकृति भाग्य के बल से नहीं झुकती, बल्कि मनुष्य के उद्यम से झुकती है।

  3. मनुष्य के उद्यम, श्रम-जल से कौन हारती है?

    • (अ) विधाता
    • (ब) संस्कृति
    • (स) प्रकृति
    • (द) उपर्युक्त सभी

    स्पष्टीकरण: काव्यांश की पंक्ति "सदा हारती वह मनुष्य के उद्यम से, श्रम जल से" में 'वह' प्रकृति के लिए प्रयुक्त हुआ है।

  4. ब्रह्मा का अभिलेख कौन पढ़ते हैं?

    • (अ) कर्मवीर
    • (ब) युद्धवीर
    • (स) दानवीर
    • (द) अनुद्यमी प्राणी

    स्पष्टीकरण: काव्यांश में "क्या अभिलेख पढ़ा, करते हैं अनुद्यमी प्राणी" से स्पष्ट है कि अनुद्यमी प्राणी ब्रह्मा का अभिलेख पढ़ते हैं।

  5. अनुद्यमी प्राणी क्या करते रहते हैं?

    • (अ) कर्म करते रहते हैं
    • (ब) भुजबल से उद्यम करते हैं
    • (स) भाग्य भरोसे रोते रहते हैं
    • (द) उपर्युक्त सभी

    स्पष्टीकरण: काव्यांश में अनुद्यमी प्राणियों को भाग्य के भरोसे रोते हुए दिखाया गया है, जो कर्म नहीं करते।

  6. भाग्यवाद क्या है?

    • (अ) पाप का आवरण
    • (ब) शोषण का शस्त्र
    • (स) पाप का बल
    • (द) उपर्युक्त सभी

    स्पष्टीकरण: काव्यांश में भाग्यवाद को पाप का आवरण, शोषण का शस्त्र और पाप का बल बताया गया है।

  7. प्रस्तुत काव्यांश का उचित शीर्षक क्या है?

    उत्तर: प्रस्तुत काव्यांश का उचित शीर्षक "भाग्यवाद की आलोचना" या "उद्यम की महिमा" हो सकता है।


खंड (ii) – वस्तुनिष्ठ प्रश्न

निम्नलिखित वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर दीजिए – (5×1=5 अंक)

  1. “नमक का दारोगा” कहानी के अन्त में विजय दिखाई गई है –

    • (अ) धन पर धर्म की
    • (ब) पद पर धन की
    • (स) धन पर प्रतिष्ठा की
    • (द) ईमानदारी पर धन की

    स्पष्टीकरण: कहानी में मुंशी वंशीधर की ईमानदारी और धर्म की विजय होती है, जो धन से ऊपर है।

  2. “दुर्बल गाय बलशाली गाय के चले जाने पर प्रसन्न है।” यहाँ दुर्बल गाय है –

    • (अ) भारत की जनता
    • (ब) लॉर्ड कर्जन
    • (स) राजा एडवर्ड
    • (द) इंग्लैण्ड की जनता

    स्पष्टीकरण: यह व्यंग्य है, जहाँ दुर्बल गाय लॉर्ड कर्जन का प्रतीक है जो बलशाली गाय (भारत) के चले जाने पर प्रसन्न है।

  3. “टूटा लोहा” किसके नष्ट होने का प्रतीक है?

    • (अ) धन का अभिमान
    • (ब) कारीगरी का अभिमान
    • (स) कुशल-बुद्धि का अभिमान
    • (द) कुलीनता का अभिमान

    स्पष्टीकरण: 'टूटा लोहा' कुलीनता के अभिमान के नष्ट होने का प्रतीक है, जो पुराने मूल्यों के पतन को दर्शाता है।

  4. “स्लिप भेजकर भीतर आना चाहिए” – ये शब्द हैं –

    • (अ) रजिस्ट्रार निदेशक के
    • (ब) हैडमास्टर के
    • (स) के. के.
    • (द) सम्पादक के

    स्पष्टीकरण: ये शब्द हैडमास्टर के हैं, जो अनुशासन और औपचारिकता पर बल देते हैं।

  5. लेखिका ने दिल्ली के किस बादशाह सलामत का नाम लिया?

    • (अ) बादशाह जहाँगीर का
    • (ब) बादशाह शेरशाह का
    • (स) बहादुरशाह जफर का
    • (द) औरंगजेब का

    स्पष्टीकरण: लेखिका ने बहादुरशाह जफर का नाम लिया है, जो अंतिम मुगल बादशाह थे।


खंड (iii) – रिक्त स्थान पूर्ति

उचित शब्द से रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए – (5×1=5 अंक)

  1. जिस शब्द के अर्थ प्रसंगानुसार एक से अधिक होते हैं, उन्हें बहुअर्थी शब्द कहते हैं।

रिक्त स्थानों की पूर्ति

  1. किसी शब्द के समान अर्थ की प्रतीति कराने वाले पर्यायवाची कहलाते हैं।
  2. जिन शब्दों में लिंग, वचन, कारक और काल के अनुसार रूप परिवर्तन होता है, वे विकारी शब्द कहते हैं।
  3. लिंग, वचन, कारक आदि के कारण जिनमें रूप परिवर्तन नहीं होता, वे अविकारी शब्द कहलाते हैं।
  4. रचना की दृष्टि से क्रिया-विशेषण के तीन भेद होते हैं।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 1 अंक)

  1. प्रश्न: वास्तुसर्प को लेकर स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
    उत्तर: स्थानीय लोगों ने कहा कि वास्तुसर्प को मारना नहीं चाहिए, क्योंकि यह घर का रक्षक होता है।
  2. प्रश्न: 'चिरागा' किसका प्रतीक है?
    उत्तर: 'चिरागा' आशा और उजाले का प्रतीक है।
  3. प्रश्न: 'फीडबैक' किसे कहते हैं?
    उत्तर: फीडबैक किसी कार्य या संदेश के प्रति प्राप्त प्रतिक्रिया या समीक्षा को कहते हैं।
  4. प्रश्न: राजस्थान के किस क्षेत्र में खड़िया पट्टी है?
    उत्तर: राजस्थान के झुंझुनूँ और सीकर क्षेत्र में खड़िया पट्टी है।
  5. प्रश्न: 'अगला कोना' से क्या आशय है?
    उत्तर: 'अगला कोना' से आशय जीवन के अगले पड़ाव या भविष्य से है।
  6. प्रश्न: मास्टर त्रिलोकसिंह ने धनराम को क्या काम सौंपा था?
    उत्तर: मास्टर त्रिलोकसिंह ने धनराम को स्कूल की चारदीवारी बनाने का काम सौंपा था।
  7. प्रश्न: मीरा की भक्ति किस प्रकार की मानी जाती है?
    उत्तर: मीरा की भक्ति प्रेममयी और समर्पण भाव वाली मानी जाती है।
  8. प्रश्न: कवि ने 'लक्ष्य ही न दुहराव' को किसका प्रतीक माना है?
    उत्तर: कवि ने 'लक्ष्य ही न दुहराव' को जीवन में निरंतर आगे बढ़ने और एकरसता से बचने का प्रतीक माना है।
  9. प्रश्न: जुलूसों में पहुँचने पर लोग नेहरूजी का स्वागत किससे करते थे?
    उत्तर: लोग नेहरूजी का स्वागत फूलों की वर्षा और जयकारों से करते थे।
  10. प्रश्न: 'राग मालकोस' किसे कहते हैं?
    उत्तर: 'राग मालकोस' एक प्रकार का संगीत राग है, जो गहरे और गंभीर स्वरों में गाया जाता है।
  11. प्रश्न: 'मगर कवि का हाथ ठंडा था' इसमें क्या व्यंजना हुई है?
    उत्तर: इसमें व्यंजना है कि कवि का हाथ ठंडा होने का अर्थ है कि वह मृत या बेजान हो चुका था, अर्थात कवि की मृत्यु हो गई थी।
  12. प्रश्न: कबीर को हजारी प्रसाद द्विवेदी ने क्या कहा है?
    उत्तर: हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कबीर को 'लोकमानस के सम्राट' कहा है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

(प्रत्येक प्रश्न 2 अंक)

  1. प्रश्न: समाचार के मुख्य तत्त्व कौन-कौन से हैं?
    उत्तर: समाचार के मुख्य तत्त्व हैं: सत्यता, ताजगी, रुचिकरता, महत्त्व, निकटता, और स्पष्टता। ये तत्त्व समाचार को प्रभावी और विश्वसनीय बनाते हैं।
  2. प्रश्न: घड़ी के उपमान द्वारा कवि क्या कहना चाहता है?
    उत्तर: घड़ी के उपमान द्वारा कवि यह कहना चाहता है कि समय निरंतर चलता रहता है और जीवन की गति भी उसी प्रकार अनवरत है। घड़ी की सुइयों की तरह मनुष्य को भी अपने लक्ष्य की ओर निरंतर बढ़ते रहना चाहिए।
  3. प्रश्न: रजनी ने सम्पादक जी से अखबार की क्या भूमिका बतायी?
    उत्तर: रजनी ने सम्पादक जी से कहा कि अखबार की भूमिका समाज का दर्पण बनने की है, जो सच्चाई और निष्पक्षता को उजागर करे, न कि केवल सनसनी फैलाने का काम करे।
  4. प्रश्न: मिश्रित वाक्य किसे कहते हैं?
    उत्तर: मिश्रित वाक्य वह वाक्य होता है जिसमें एक प्रधान उपवाक्य और एक या अधिक आश्रित उपवाक्य होते हैं। उदाहरण: 'जो लड़का मेहनत करता है, वह सफल होता है।'
  5. प्रश्न: 'ब्याह तुम्हारा होगा, तुम गौने जाओगी।' कवि की यह बात सुनकर चम्पा ने क्या उत्तर दिया?
    उत्तर: चम्पा ने उत्तर दिया कि वह किसी से ब्याह नहीं करेगी और न ही गौने जाएगी, क्योंकि वह अपने जीवन को अपनी शर्तों पर जीना चाहती है।
  6. प्रश्न: 'उसकी आँखों में एक सर्जक की चमक थी'—कहानी का यह वाक्य किसके लिए कहा गया है?
    उत्तर: यह वाक्य कहानी के एक पात्र के लिए कहा गया है जो रचनात्मकता और नवीनता से भरा हुआ है, संभवतः एक कलाकार या लेखक के लिए।
  7. प्रश्न: फ्यूज़ पेटिंग क्या है?
    उत्तर: फ्यूज़ पेटिंग एक कला तकनीक है जिसमें कांच के टुकड़ों को गर्म करके एक साथ जोड़ा जाता है, जिससे रंगीन और आकर्षक डिज़ाइन बनते हैं।
  8. प्रश्न: 'दुनिया सोती थी, पर दुनिया की जीभ जागती थी।' आशय स्पष्ट कीजिए।
    उत्तर: इस वाक्य का आशय है कि भले ही लोग शारीरिक रूप से सो रहे हों, लेकिन उनकी चुगली और बातें करने की प्रवृत्ति जागृत रहती है। यह समाज में व्याप्त द्वेष और चर्चा की आदत को दर्शाता है।
  9. प्रश्न: काम करते हुए बेबी हालदार ने पढ़ना-लिखना कैसे शुरू किया?
    उत्तर: बेबी हालदार ने काम करते हुए अपने सहकर्मियों और आसपास के लोगों से अक्षर सीखे, और धीरे-धीरे समाचार पत्र पढ़कर तथा लिखने का अभ्यास करके पढ़ना-लिखना शुरू किया।
  10. प्रश्न: मीराँ को भगवद्-भक्ति रूपी आनन्द-फल कैसे प्राप्त हुआ?

प्रश्न 10

निम्नलिखित गद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए: (5 अंक)

"आदमी को काटने वाली बात पर डॉक्टर साहब ने भरपूर विरोध किया, 'आप जानते नहीं हैं, आजकल प्लास्टिक सर्जरी उन्नति कर चुकी है। मैं तो समझता हूँ, अगर इस आदमी को बीच में से काटकर निकाल लिया जाए तो प्लास्टिक सर्जरी से धड़ के स्थान से इस आदमी को फिर से जोड़ा जा सकता है।'"
"लेकर हमारे साउंड-रिकॉर्डिस्ट भूपेन बाबू बैठा करते थे। हम शूटिंग के वक्त उन्हें देख नहीं सकते थे, फिर भी उनकी आवाज सुन सकते थे। हर शॉट के बाद हम उनसे पूछते, 'साउंड ठीक है न?' भूपेन बाबू इस पर 'हाँ' या 'ना' जवाब देते।"

दीर्घ लघूत्तरात्मक प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (2×4=8 अंक)

(1) बीते हुए जमाने और आज के जमाने के सम्बन्ध में मियाँ नसीरुद्दीन ने क्या राय व्यक्त की? (2 अंक)

उत्तर: मियाँ नसीरुद्दीन ने कहा कि बीते हुए जमाने में लोग सादगी और ईमानदारी से जीते थे, जबकि आज के जमाने में दिखावा और स्वार्थ बढ़ गया है। उनके अनुसार, पुराने समय में मेहनत और कला का सम्मान था, पर अब लोग जल्दी धन कमाने के चक्कर में मूल्यों को भूल रहे हैं।

अथवा

नौकरी छूटने पर वंशीधर की उपेक्षा क्यों हुई? (2 अंक)

उत्तर: नौकरी छूटने पर वंशीधर की उपेक्षा इसलिए हुई क्योंकि समाज में लोगों का मूल्यांकन उनकी आर्थिक स्थिति और पद के आधार पर किया जाता है। जब वंशीधर बेरोजगार हो गया, तो लोगों ने उसे तुच्छ समझा और उसकी बातों को अनसुना कर दिया। यह दर्शाता है कि समाज में पैसे और पद का ही सम्मान होता है, इंसानियत का नहीं।

(2) फोटो पत्रकारिता का क्या महत्त्व है? स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)

उत्तर: फोटो पत्रकारिता का महत्त्व यह है कि यह घटनाओं को सजीव और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करती है। तस्वीरें शब्दों से अधिक गहरा प्रभाव डालती हैं और सच्चाई को तुरंत सामने लाती हैं। यह समाज में जागरूकता फैलाने, अन्याय को उजागर करने और ऐतिहासिक घटनाओं को संरक्षित करने में सहायक होती है।

अथवा

राजस्थान में मिलने वाले पानी के तीनों रूपों में अंतर स्पष्ट कीजिए। (2 अंक)

उत्तर: राजस्थान में पानी के तीन रूप मिलते हैं: (1) वर्षा का पानी – यह सबसे शुद्ध होता है और सीधे आसमान से गिरता है। (2) भूजल – यह जमीन के नीचे से निकाला जाता है, इसमें खनिज होते हैं। (3) नदी-तालाब का पानी – यह सतही जल है, जो अक्सर गंदला और प्रदूषित हो सकता है। तीनों में शुद्धता, उपलब्धता और उपयोग के आधार पर अंतर है।

निबंधात्मक प्रश्न

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए: (5×3=15 अंक)

(1) कवि के पिता ने अपने पाँचवें पुत्र को 'सोने पर सुहागा' क्यों कहा है? (5 अंक)

उत्तर: कवि के पिता ने अपने पाँचवें पुत्र को 'सोने पर सुहागा' इसलिए कहा क्योंकि वह पुत्र उनके लिए अप्रत्याशित वरदान था। पाँच पुत्रों में सबसे छोटा होने के कारण वह परिवार में खुशियों का कारण बना। पिता की दृष्टि में यह पुत्र पहले से मौजूद चार पुत्रों (सोने) के समान था, और पाँचवाँ पुत्र उस सोने पर सुहागा (अतिरिक्त शोभा) के समान था। यह पिता के अत्यधिक स्नेह और गर्व को दर्शाता है।

अथवा

'यह शरारती होने के साथ-साथ हठीली बालिका भी है।' इस कथन को सिद्ध कीजिए। (5 अंक)

उत्तर: यह कथन बालिका के दोहरे स्वभाव को दर्शाता है। वह शरारती है क्योंकि वह छोटी-छोटी बातों पर मस्ती करती है, दूसरों को चिढ़ाती है और अपनी मनमर्जी करती है। साथ ही, वह हठीली भी है क्योंकि जब वह किसी बात पर अड़ जाती है, तो उसे मनवाकर ही छोड़ती है। उदाहरण के लिए, वह अपनी माँ से किसी खिलौने या मिठाई की जिद करती है और बिना मिले चैन नहीं लेती। यह उसके बालसुलभ स्वभाव को दर्शाता है।

(2) "3 नहीं न सही आदमी का ख्वाब सही, कोई हसीन नजारा तो है नजर के लिए।" इसमें कवि ने क्या भाव व्यक्त किया है? (5 अंक)

उत्तर: इस पंक्ति में कवि ने यह भाव व्यक्त किया है कि यदि वास्तविकता में कुछ अच्छा नहीं मिलता, तो कम से कम सपने तो देखे जा सकते हैं। मनुष्य के पास कल्पना की शक्ति है, जो उसे सुंदर दृश्य और अनुभव प्रदान कर सकती है। कवि कहते हैं कि भले ही बाहरी दुनिया में सब कुछ अच्छा न हो, लेकिन आँखों के लिए कोई न कोई सुंदर नजारा (सपने के रूप में) जरूर होता है। यह आशावाद और कल्पना की शक्ति को उजागर करता है।

अथवा

कबीर के अनुसार इस सृष्टि का रचनाकार एक ही है। स्पष्ट कीजिए। (5 अंक)

उत्तर: कबीरदास के अनुसार, इस सृष्टि का रचनाकार एक ही ईश्वर है, जो निराकार, सर्वव्यापी और सर्वशक्तिमान है। वे कहते हैं कि हिंदू और मुसलमान एक ही परमात्मा की संतान हैं, भले ही वे अलग-अलग नामों से पुकारें। कबीर ने धार्मिक भेदभाव का विरोध किया और यह सिखाया कि ईश्वर एक है, वह मंदिर-मस्जिद में नहीं, बल्कि हर प्राणी के हृदय में बसता है। सृष्टि के सभी तत्व उसी एक रचनाकार की देन हैं।

(3) "बिछुड़न-समय बड़ा करुणोत्पादक होता है।" इस कथन को सप्रमाण स्पष्ट कीजिए। (5 अंक)

उत्तर: यह कथन सत्य है कि बिछुड़ने का समय अत्यंत करुणा उत्पन्न करने वाला होता है। जब प्रियजन एक-दूसरे से अलग होते हैं, तो उनके मन में दुख, वेदना और अकेलापन उत्पन्न होता है। उदाहरण के लिए, जब कोई बेटा पढ़ाई के लिए घर से दूर जाता है, तो माता-पिता की आँखें नम हो जाती हैं। इसी प्रकार, किसी मित्र या प्रेमी का बिछुड़ना हृदय को विदीर्ण कर देता है। यह मानवीय संबंधों की गहराई और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है।

अथवा

'स्त्री और लोहा' कहानी का उद्देश्य/मूल भाव क्या है? बताइए। (5 अंक)

उत्तर: 'स्त्री और लोहा' कहानी का मूल भाव स्त्री की मजबूरी और समाज में उसकी दयनीय स्थिति को उजागर करना है। कहानी में स्त्री को लोहे (पुरुष) के समान कठोर और मजबूत बताया गया है, लेकिन समाज उसे कमजोर समझता है। कहानी का उद्देश्य यह दिखाना है कि स्त्री में असीम सहनशक्ति और धैर्य है, फिर भी उसे पुरुष प्रधान समाज में उपेक्षित किया जाता है। यह स्त्री के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता की आवश्यकता पर बल देती है।

पत्र लेखन

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर पत्र लिखिए: (5 अंक)

(1) जिला कलेक्टर, जालोर की ओर से राजस्व सचिव, राजस्थान सरकार को स्वच्छता अभियान