RBSE Class 11th 2026 HALF-YEARLY-HINDI-1103 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 11th |
| Exam year | 2026 |
| Subject | HALF-YEARLY-HINDI-1103 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 11th 2026 HALF-YEARLY-HINDI-1103
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Rajasthan Board Class 11th HALF-YEARLY-HINDI-1103 2026 solved Previous Year Question Papers
कक्षा 11वीं अर्द्धवार्षिक परीक्षा, 2025-26
हिन्दी अनिवार्य / HINDI COMPULSORY
कुल प्रश्नों की संख्या : 48 | Total No. of Questions: 48
समय : 3.5 घंटे | Time: 3.5 Hours
पूर्णांक : 70 | Maximum Marks: 70
सामान्य निर्देश: General Instructions:
- प्रश्न-पत्र के पहले पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें। You must write your roll number on the first page of the question paper.
- प्रत्येक प्रश्न के सामने उसका अंक भार अंकित है। Marks for each question are indicated against it.
खण्ड - अ
बहुविकल्पीय प्रश्न
निम्नलिखित अपठित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर दिए गए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के उत्तर अपनी अभ्यास पुस्तिका में लिखिए:
चाह नहीं, मैं सुरबाला के
गहनों में गूँथा जाऊँ।
चाह नहीं, प्रेमी-माला में
बिंध प्यारी को ललचाऊँ।॥
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर,
है हरि, डाला जाऊँ।
चाह नहीं, देवों के सिर पर
चढ़ूँ, भाग्य पर इठलाऊँ॥
मुझे तोड़ लेना वनमाली!
उस पथ पर देना तुम फेंक॥
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने,
जिस पथ पर जाएँ वीर अनेक॥
-
उक्त पद्यांश का उचित शीर्षक है:
- (क) सुरबाला की चाह
- (ख) शहीद की अभिलाषा
- (ग) पुष्प की चाह
- (घ) पुष्प की अभिलाषा
व्याख्या: यह पद्यांश 'पुष्प की अभिलाषा' कविता से लिया गया है, जिसमें पुष्प अपनी इच्छा व्यक्त करता है कि वह देश के लिए बलिदान होने वाले वीरों के पथ पर फेंका जाए।
-
पद्यांश का सन्देश है:
- (क) फूलों की भाँति यशरूपी सुगंध फैलाना चाहिए।
- (ख) वीर सैनिक बनकर शत्रु से लोहा लेना चाहिए।
- (ग) अपना जीवन देश-सेवा में अर्पित करना चाहिए।
- (घ) भाग्य के भरोसे ही रहना चाहिए।
व्याख्या: कवि ने पुष्प के माध्यम से यह संदेश दिया है कि जीवन का सर्वोच्च लक्ष्य देश के लिए बलिदान होना है, न कि सुख-सुविधाओं या यश की प्राप्ति।
-
"मुझे तोड़ लेना वनमाली" यह कथन किसका है?
- (क) देशभक्त वीर का
- (ख) पुष्प का
- (ग) सुरबाला का
- (घ) वनमाली का
व्याख्या: यह कथन पुष्प का है, जो वनमाली (माली) से विनती करता है कि वह उसे तोड़कर उस पथ पर फेंक दे जहाँ से देश के लिए बलिदान होने वाले वीर जाते हैं।
-
पद्यांश में पुष्प की कौनसी भावना प्रकट हुई है?
- (क) बलिदान की भावना
- (ख) विनय की भावना
- (ग) देशभक्ति की भावना
- (घ) प्रेम की भावना
व्याख्या: पुष्प देश के वीरों के पथ पर बिछने की इच्छा व्यक्त करता है, जो उसकी देशभक्ति की भावना को दर्शाता है।
-
पुष्प किनमें गूँथा जाना नहीं चाहता?
- (क) सुरबाला के गहनों में
- (ख) प्रेमी-माला में
- (ग) सम्राटों के शव पर
- (घ) शहीदों के चरण-रज को स्पर्श करने के लिए
व्याख्या: पुष्प सुरबाला के गहनों, प्रेमी-माला, सम्राटों के शव और देवों के सिर पर चढ़ने की इच्छा नहीं रखता; वह केवल शहीदों के पथ पर बिछना चाहता है।
-
प्रेमी-माला में कौन नहीं बिंधना चाहता है?
- (क) पुष्प
- (ख) हरि
- (ग) वनमाली
- (घ) सैनिक
व्याख्या: पुष्प प्रेमी-माला में बिंधकर प्यारी को ललचाना नहीं चाहता, इसलिए वह ऐसी माला का हिस्सा नहीं बनना चाहता।
[79-प]
अपठित गद्यांश
समय प्रकृति का दिया हुआ सबसे अधिक मूल्यवान उपहार है। समय का सदुपयोग करना चाहिए। बीता हुआ समय लौटाया नहीं जा सकता। अनेक लोग कहते हैं कि काश मेरे पास कुछ समय और होता। बहुत से व्यक्ति समय निकलने पर पछताते हैं। यह सत्य है कि इन लोगों को कुछ समय और मिल जाता तो परिणाम कुछ और ही होता, लेकिन यह संभव नहीं है कि बीते हुए समय को फिर लौटाया जाए। यदि ये अपने कार्य कुछ समय पहले ही शुरू कर देते तो फिर उन्हें पछताना नहीं पड़ता।
प्रत्येक सफल कार्य का विश्लेषण करने पर ज्ञात होता है कि समय के सदुपयोग ने उस कार्य की सफलता में सर्वाधिक योग दिया है। समय पर कार्य करने वाला व्यक्ति कभी निराशा का मुँह नहीं देखता। समय पर पढ़ने वाला विद्यार्थी असफल नहीं होता। समय पर किया गया हर कार्य सफलता में परिवर्तित हो जाता है जबकि समय बीतने पर विशेष प्रयास से भी उसे सिद्ध नहीं किया जा सकता। समय के मूल्य को विपत्तिकाल में ही पहचाना जाता है। यदि समय रहते कार्य किया जाए तो विपत्ति को दूर से ही टाला जा सकता है। इसलिए समय के मूल्य को समझकर कार्य करना चाहिए। अपने जीवन में समय को नष्ट नहीं करना चाहिए।
प्रश्न (i) से (vi) - बहुविकल्पीय प्रश्न
-
इस अवतरण का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है -
- (क) समय ही धन है
- (ख) समय का सदुपयोग ✓
- (ग) समय बड़ा बलवान
- (घ) समय का महत्व
व्याख्या: गद्यांश में समय के सदुपयोग पर बल दिया गया है, इसलिए 'समय का सदुपयोग' सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है।
-
"समय पर कार्य करने वाला व्यक्ति" कैसा होता है?
- (क) बीमार
- (ख) निराश
- (ग) उपयोगी ✓
- (घ) पश्चातापी
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार समय पर कार्य करने वाला व्यक्ति सफल होता है और उपयोगी कार्य करता है।
-
समय का मूल्य कब पहचाना जाता है?
- (क) सुख काल में
- (ख) आराम काल में
- (ग) विपत्ति काल में ✓
- (घ) इनमें से कोई नहीं
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि समय के मूल्य को विपत्तिकाल में ही पहचाना जाता है।
-
समय किसके द्वारा प्रदत्त मूल्यवान उपहार है?
- (क) भगवान का
- (ख) वैज्ञानिक का
- (ग) मानव का
- (घ) प्रकृति का ✓
व्याख्या: गद्यांश के प्रारंभ में ही कहा गया है कि समय प्रकृति का दिया हुआ सबसे मूल्यवान उपहार है।
-
कौनसा विद्यार्थी असफल नहीं होता?
- (क) आलसी विद्यार्थी
- (ख) पढ़ाई नहीं करने वाला विद्यार्थी
- (ग) समय पर पढ़ने वाला विद्यार्थी ✓
- (घ) इनमें से कोई नहीं
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि समय पर पढ़ने वाला विद्यार्थी असफल नहीं होता।
-
निम्न में से क्या कभी लौटाया नहीं जा सकता है?
- (क) रुपया-पैसा
- (ख) सोना
- (ग) पुस्तकें
- (घ) बीता हुआ समय ✓
व्याख्या: गद्यांश में बार-बार कहा गया है कि बीता हुआ समय लौटाया नहीं जा सकता।
प्रश्न (ग) - बहुविकल्पीय प्रश्न (20×1=20 अंक)
-
"गाने का ऐसा अंदाज जो एक आम आदमी को भी भावविभोर कर दे।" लता के गानों में शत-प्रतिशत उपस्थित किस विशेषता के बारे में यह कहा गया है?
- (क) लय
- (ख) गानपन
- (ग) राग ✓
- (घ) ताल
व्याख्या: लता मंगेशकर के गानों में राग की विशेषता शत-प्रतिशत उपस्थित होती है जो सुनने वाले को भावविभोर कर देती है।
-
संगीत का मुख्य गुणधर्म है -
- (क) गंभीरता
- (ख) जल्दबाजी और चपलता
- (ग) लय ✓
- (घ) कोई भी नहीं
व्याख्या: संगीत का मुख्य गुणधर्म लय है, जो संगीत को सुव्यवस्थित और सुंदर बनाता है।
-
"रजत बूंदे" रचना है -
- (क) लम्बी-डंडी वाला फावड़ा
- (ख) कुदाल का एक प्रकार
- (ग) कई खोदने वाली बड़ी मशीन
- (घ) डंडी का छोटे फावड़े जैसा औजार ✓
व्याख्या: 'रजत बूंदे' एक छोटे फावड़े जैसा औजार है जिसकी डंडी छोटी होती है।
प्रश्न (घ) - रिक्त स्थानों की पूर्ति (7×1=7 अंक)
-
जिन शब्दों के स्वरूप में लिंग, वचन, काल, पुरुष एवं कारक आदि के प्रभाव से कोई विकार नहीं होता, उन्हें अव्यय कहते हैं।
-
जिन अव्यय शब्दों के द्वारा हर्ष, शोक, घृणा, आश्चर्य इत्यादि भावों की अभिव्यक्ति होती है, उन्हें विस्मयादिबोधक कहते हैं।
-
गेहूँ तद्भव शब्द का तत्सम रूप गोधूम है।
-
चाय शब्द चीनी भाषा का है।
-
(रिक्त स्थान स्पष्ट नहीं है)
-
(रिक्त स्थान स्पष्ट नहीं है)
-
(रिक्त स्थान स्पष्ट नहीं है)
खण्ड - अ
निम्नलिखित अति लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर एक पंक्ति में दीजिए -
- मुंशी वंशीधर द्वारा नमक ले जाने वाली गाड़ियाँ किसकी थी?
- मियाँ नसीरुद्दीन ने रोटी पकाने का हुनर कहाँ से सीखा था?
- 'पथेर पांचाली' फिल्म में अपू का किरदार किस लड़के ने निभाया?
- विदाई संभाषण किस अंग्रेज वायसराय के शासन में भारतीयों की स्थिति का खुलासा करता है?
- कबीरदास जी को 'वाणी का डिक्टेटर' किसने कहा?
- मीरा किस राजघराने की बहू थी?
- घर की याद कविता के रचयिता कौन हैं?
- साये में धूप गज़ल संग्रह के रचयिता कौन हैं?
- जनसंचार के कोई दो कार्य लिखिए।
- जनसंचार माध्यमों में भाषा की क्या भूमिका होती है?
- चेलवांजी कौन होते हैं?
- आलो-आँधारि का क्या अर्थ है?
खण्ड - ब
निम्नलिखित लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर अधिकतम 40 शब्दों में दीजिए -
- धनराम को मोहन के किस व्यवहार पर आश्चर्य होता है और क्यों?
- लेखिका मियाँ नसीरुद्दीन के पास क्यों गई?
- कर्जन को इस्तीफा क्यों देना पड़ा?
- मायके आई बहन के लिए कवि ने घर को परिताप का घर क्यों कहा है?
- कवि ने चंपा को पढ़ने-लिखने के घर के क्या-क्या लाभ गिनाए?
- “तेरा निज़ाम है सिल दे जुबान शायर की” पंक्ति का क्या आशय है?
- बेबी हालदार को रातभर खुले आसमान के नीचे क्यों रहना पड़ा?
- पानी निकालने में छोटी बाल्टी के बदले छोटी चड़स का उपयोग क्यों किया जाता है?
- लेखक ने लता के गायन की क्या विशेषताएं बताई हैं?
- भारत में टेलीविजन की शुरुआत कब हुई थी तथा जनसंचार दूरदर्शन के कोई तीन उद्देश्य लिखिए।
खण्ड - स
निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए -
पद्यांश:
हम तौ एक एक करे जांनां।
अलग तिनहीं कौं दोजग जिन नाहिंन पहिचांनां।।
एके पवन एक ही पानी एक जोति सेमांनां।
एके खाक गढ़े सब एके कोहरा सांनां।।
जैसे बाढ़ी एक ही काटै अगिनि न काटै कोई।
सब घटि अंतरि व्यापक धरै सरूपै सोई।।
माया देखि के जगत लुभांनां काहे रे नर गरबांनां।
भया कछू नहीं अब नहीं कबीर दीवांनां।।
प्रसंग: प्रस्तुत पद्यांश कबीरदास जी द्वारा रचित है। इसमें कबीर ने मानव जाति की एकता और ईश्वर की सर्वव्यापकता पर प्रकाश डाला है।
व्याख्या: कबीर कहते हैं कि हम सब एक ही हैं, उन्हें अलग समझना नरक के समान है। सबमें एक ही हवा, पानी और ज्योति है। सब एक ही मिट्टी से बने हैं और एक ही कोहरे (अज्ञान) से ढके हैं। जैसे बढ़ई एक ही लकड़ी को काटता है, आग किसी को नहीं काटती, वैसे ही ईश्वर सबमें व्याप्त है। माया को देखकर जगत लुभाता है, व्यर्थ ही अभिमान करता है। कबीर कहते हैं कि जो कुछ हुआ, वह नहीं है, अब मैं कबीर दीवाना हूँ।
अथवा
पद्यांश:
और कहना मस्त हूँ मैं,
कालने में व्यस्त हूँ मैं,
वजन सत्तर किलो मेरा,
और भोजन ढेर मेरा,
कूदता हूँ, खेलता हूँ,
डट कर ठेलता हूँ,
और कहना मस्त हूँ मैं
यों न कहना अस्त हूँ मैं।
प्रसंग: प्रस्तुत पद्यांश में कवि ने अपने जीवन की सक्रियता और प्रसन्नता का वर्णन किया है।
व्याख्या: कवि कहता है कि मैं मस्त हूँ, हमेशा काम में व्यस्त रहता हूँ। मेरा वजन सत्तर किलो है और मैं खूब खाता हूँ। मैं कूदता, खेलता और जोर से धक्का देता हूँ। इसलिए मुझे मस्त कहो, यह मत कहो कि मैं थका या उदास हूँ।
प्रश्न 8
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए - (शब्द सीमा - 60-80 शब्द)
-
'तेल लोहा' पाठ का मूलभाव स्पष्ट कीजिए।
अथवा
पांचाली फिल्म की शूटिंग का काम ढाई साल तक क्यों चला?
-
"पेक के चेहरे पर किसी दबे हुए अंधड़ के आसार देख यह मजमून न छेड़ने का फैसला किया।" इस कथन के पहले और बाद के प्रसंग का उल्लेख करते हुए स्पष्ट कीजिए।
अथवा
'नमक का दारोगा' कहानी में पंडित आलोपीदीन के व्यक्तित्व के कौन से दो पहलू (पक्ष) उभरकर आते हैं?
-
लोग मीरा को बावरी क्यों कहते हैं और वह जगत को देखकर क्यों रोती है?
अथवा
कबीर ने अपने को दीवाना क्यों कहा है?
-
'घर की याद' कविता में कवि सावन से अपने बारे में बताने के लिए क्या-क्या अनुरोध करता है और क्यों?
अथवा
कवि ने चंपा की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?
-
आलो-आँधारि रचना ने बेबी की व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ कई सामाजिक मुद्दों को समेटे हैं। प्रमुख दो समस्याओं पर अपने विचार प्रकट कीजिए।
अथवा
जल निर्माण से संबंधित निम्न शब्दों की जानकारी दीजिए - पालरपानी, पातालपानी, रेजाणीपानी
खण्ड
-
आपके वार्ड में सड़क निर्माण एवं सीवरेज मरम्मत हेतु कर अधिकारी को पत्र लिखिए।
अथवा
स्वयं को जिला शिक्षा अधिकारी, माध्यमिक, बाँसवाड़ा मानते हुए बोर्ड परीक्षा केन्द्र खोलने हेतु माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को एक पत्र लिखिए।
-
"भ्रष्टाचार-एक गंभीर समस्या" इस विषय को आधार बनाकर आपके विद्यालय में आयोजित वार्षिकोत्सव पर एक प्रतिवेदन तैयार कीजिए।
-
निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर सारगर्भित निबंध लिखिए:
- युवा वर्ग में बढ़ता असंतोष - कारण व निवारण
- मोबाइल की उपयोगिता और नुकसान
- पर्यावरण संरक्षण - प्रदूषण की समस्या एवं समाधान
- जनसंख्या वृद्धि की समस्या और उसके समाधान