RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-1-2010 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2010 |
| Subject | Biology-SS-42-1-2010 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-1-2010
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Rajasthan Board Class 12th Biology-SS-42-1-2010 2010 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010
वैकल्पिक वर्ग I (OPTIONAL GROUP II – SCIENCES)
जीवविज्ञान — प्रथम पत्र
(BIOLOGY — First Paper)
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं । प्रश्न क्रमांक 23 एवं 24 में आन्तरिक विकल्प हैं ।
All questions are compulsory. Question Nos. 23 and 24 have internal choice. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखिए ।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत लिखें ।
For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.
SS—42-—Bio. I SS-588 [ Turn over
खण्ड - 2
6. जहाँ आवश्यक हो, स्वच्छ नामांकित चित्र बनाइए।
Draw neat labelled diagram wherever necessary.
7. प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (आ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:
There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:
| प्रश्न क्रमांक Question No. |
सही उत्तर का क्रमाक्षर Correct letter of the Answer |
|---|---|
| 1. (i) | |
| 1. (ii) | |
| 1. (iii) | |
| 1. (iv) |
प्रश्न 1. (i)
पोलिनियम संरचना दर्शाने वाले पादपों का सही युग्म है:
- (a) केलोट्रोपिस-आरकिड्स
- (ब) केलोट्रोपिस-चिनोपोडियम
- (स) आरकिड्स-चिनोपोडियम
- (द) आरकिड्स-पारथिनियम
Correct pair of plants showing pollinium structure is:
- (A) Calotropis orchids
- (B) Calotropis chenopodium
- (C) Orchids chenopodium
- (D) Orchids parthenium
सही उत्तर / Correct Answer: (A) केलोट्रोपिस-आरकिड्स / Calotropis orchids
व्याख्या / Explanation: पोलिनियम (pollinium) परागकणों का एक समूह होता है जो एक साथ चिपके रहते हैं। यह संरचना मुख्यतः एस्क्लेपियाडेसी (Asclepiadaceae) कुल के पादपों (जैसे केलोट्रोपिस/Calotropis) और ऑर्किडेसी (Orchidaceae) कुल के पादपों (जैसे आरकिड्स/Orchids) में पाई जाती है। चिनोपोडियम (Chenopodium) और पारथिनियम (Parthenium) में पोलिनियम संरचना नहीं होती।
प्रश्न 1 (0)
सूक्ष्म प्रवर्धन में उपयोगी पादप हार्मोन्स का सही युग्म है
- (अ) ऑक्सिन-एथिलीन
- (ब) ऑक्सिन-साइटोकाइनिन
- (स) साइटोकाइनिन-एथिलीन
- (द) ऑक्सिन-जिबरेलिन
Correct pair of plant hormones useful in micro-propagation is
- (A) Auxin-Ethylene
- (B) Auxin-Cytokinin
- (C) Cytokinin-Ethylene
- (D) Auxin-Gibberellin
व्याख्या: सूक्ष्म प्रवर्धन में ऑक्सिन और साइटोकाइनिन का संतुलित उपयोग कैलस निर्माण और प्ररोह विकास के लिए आवश्यक होता है।
प्रश्न (Gi)
आनुवंशिक रूपान्तरित जीव द्वारा उत्पादित हार्मोन का उदाहरण है
- (अ) ह्यमिलिन
- (ब) हीरुडिन
- (स) थायरोक्सिन
- (द) ऐडििनेलीन
Example of hormone produced by genetically modified prokaryote organism is
- (A) Humulin
- (B) Hirudin
- (C) Thyroxin
- (D) Adrenalin
व्याख्या: ह्यमिलिन (मानव इंसुलिन) आनुवंशिक रूप से संशोधित E. coli जीवाणु द्वारा उत्पादित पहला हार्मोन है।
प्रश्न (iv)
कौन-सी जैव-प्रौद्योगिकी विधि अपराधियों व बच्चों के जनकों को पहचानने में सहायक है?
- (अ) बायोसेन्सर
- (ब) बायोफिल्म
- (स) रुधिर समूह
- (द) डी एन ए अंगुलिमुद्रण
Which bio-technological method is useful to identify the parents of criminals and children?
- (A) Bio-sensor
- (B) Biofilm
- (C) Blood group
- (D) DNA fingerprinting
व्याख्या: डीएनए अंगुलिमुद्रण (DNA fingerprinting) व्यक्तियों की आनुवंशिक पहचान के लिए उपयोग किया जाता है, जो अपराधियों और पितृत्व निर्धारण में सहायक है।
प्रश्न 1
क्रियाशील गुलिकाओं से लेगहीमोग्लोबिन वर्णक हटा दिया जाय तो नाइट्रोजन स्थिरीकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
If leghaemoglobin pigment is removed from active nodules, what will be its effect on nitrogen fixation?
उत्तर: लेगहीमोग्लोबिन एक ऑक्सीजन-बाइंडिंग प्रोटीन है जो नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाले जीवाणुओं (राइजोबियम) के लिए अवायवीय वातावरण बनाए रखता है। यदि इसे हटा दिया जाए, तो ऑक्सीजन की उपस्थिति में नाइट्रोजनेज एंजाइम निष्क्रिय हो जाएगा, जिससे नाइट्रोजन स्थिरीकरण की प्रक्रिया रुक जाएगी या बहुत कम हो जाएगी।
प्रश्न 2
खनिज पोषक पोटेशियम की कमी से पादप जीवन पर पड़ने वाले दो प्रभाव लिखिए।
Write two effects due to deficiency of Potassium mineral nutrient on plant life.
उत्तर: पोटेशियम की कमी से पादप जीवन पर निम्नलिखित दो प्रभाव पड़ते हैं:
- पत्तियों के किनारे और सिरे पीले पड़कर झुलसने लगते हैं (लीफ स्कॉर्च)।
- तने कमजोर हो जाते हैं और पौधे की वृद्धि रुक जाती है, साथ ही फलों और बीजों का विकास बाधित होता है।
प्रश्न 3
पारिस्थितिकी तंत्र में नेट प्राथमिक उत्पादकता को परिभाषित कीजिए।
Define net primary productivity in an ecosystem.
उत्तर: नेट प्राथमिक उत्पादकता (NPP) वह ऊर्जा या कार्बनिक पदार्थ की मात्रा है जो उत्पादकों (पौधों) द्वारा प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से संचित की जाती है, उसमें से श्वसन में उपयोग की गई ऊर्जा को घटाने के बाद बचती है। इसे सूत्र द्वारा व्यक्त किया जाता है: NPP = GPP – R (जहाँ GPP सकल प्राथमिक उत्पादकता और R श्वसन हानि है)।
प्रश्न 4
नग्न चट्टानों पर मरुक्रमक के द्वितीय चरण में पाये जाने वाले दो पादपों के नाम लिखिए।
Write the names of two plants found in second step of Xerosere on bare rocks.
उत्तर: नग्न चट्टानों पर मरुक्रमक (Xerosere) के द्वितीय चरण (क्रस्टोज़ लाइकेन के बाद) में पाए जाने वाले दो पादप हैं:
- फोलियोज़ लाइकेन (जैसे पार्मेलिया)
- मॉस (जैसे पॉलीट्रिकम)
प्रश्न 5
जड़ में मृदा जल का मूलरोम से जायलम तक अवशोषण पथ को एक नामांकित चित्र बनाकर दर्शाइये।
Draw labelled diagram showing pathway of soil water absorption from root hair to xylem in root.
उत्तर: जड़ में मृदा जल का अवशोषण मूलरोम से जायलम तक निम्नलिखित पथ से होता है:
पथ: मृदा जल → मूलरोम → एपिडर्मिस → कॉर्टेक्स → एंडोडर्मिस → पेरीसाइकिल → जायलम वाहिकाएँ।
नामांकित चित्र:
[मृदा जल] → [मूलरोम] → [एपिडर्मिस] → [कॉर्टेक्स] → [एंडोडर्मिस (कैस्पेरियन पट्टी)] → [पेरीसाइकिल] → [जायलम वाहिकाएँ]
नोट: चित्र में मूलरोम, एपिडर्मिस, कॉर्टेक्स, एंडोडर्मिस, पेरीसाइकिल और जायलम को लेबल करें।
प्रश्न 6
भारत के चार आनुवंशिक अभियांत्रिकी केन्द्रों के नाम लिखिए।
Write the names of four genetic engineering centres of India.
उत्तर: भारत के चार प्रमुख आनुवंशिक अभियांत्रिकी केन्द्र निम्नलिखित हैं:
- राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (NBRI), लखनऊ
- भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली
- राष्ट्रीय कोशिका विज्ञान केंद्र (NCCS), पुणे
- जीव विज्ञान केंद्र (CDFD), हैदराबाद
प्रश्न 7
चिकित्सा विज्ञान में जीन चिप के दो उपयोग लिखिए।
Write two uses of gene chip in medical science.
उत्तर: चिकित्सा विज्ञान में जीन चिप (DNA माइक्रोएरे) के दो उपयोग निम्नलिखित हैं:
- कैंसर जैसे रोगों में जीन अभिव्यक्ति प्रोफाइलिंग द्वारा रोग का निदान और वर्गीकरण करना।
- दवाओं के प्रति रोगियों की आनुवंशिक प्रतिक्रिया का अध्ययन करके व्यक्तिगत चिकित्सा (फार्माकोजीनोमिक्स) में सहायता करना।
प्रश्न 8
मनुष्य पर पराजीनी पादपों के कारण पड़ने वाले दो दुष्प्रभाव लिखिए।
Write two harmful effects of transgenic plants on human beings.
उत्तर: मनुष्य पर पराजीनी पादपों (ट्रांसजेनिक पौधों) के कारण पड़ने वाले दो दुष्प्रभाव निम्नलिखित हैं:
- एलर्जी: ट्रांसजेनिक पौधों में नए प्रोटीन उत्पन्न हो सकते हैं जो मनुष्यों में एलर्जी प्रतिक्रिया उत्पन्न कर सकते हैं।
- एंटीबायोटिक प्रतिरोध: इन पौधों में प्रयुक्त मार्कर जीन (जैसे एंटीबायोटिक प्रतिरोध जीन) मानव आंत के जीवाणुओं में स्थानांतरित हो सकते हैं, जिससे एंटीबायोटिक दवाओं की प्रभावशीलता कम हो सकती है।
लवणमृदोद्भिद् पादपों में पाये जाने वाले दो प्रमुख कार्यिकीय अनुकूलन लिखिए।
Write two important physiological adaptations occurring in halophytes.
उत्तर: लवणमृदोद्भिद् (हैलोफाइट्स) पादपों में पाए जाने वाले दो प्रमुख कार्यिकीय अनुकूलन निम्नलिखित हैं:
- लवण उत्सर्जन (Salt Excretion): ये पादप अपनी पत्तियों या तने पर स्थित विशेष लवण ग्रंथियों (salt glands) के माध्यम से अतिरिक्त लवण को बाहर निकाल देते हैं, जिससे कोशिकाओं में लवण की सांद्रता नियंत्रित रहती है।
- रसधानी में लवण का संचय (Salt Accumulation in Vacuoles): ये पादप अतिरिक्त लवण को अपनी कोशिकाओं की रसधानियों (vacuoles) में संचित कर लेते हैं, जिससे कोशिका द्रव्य (cytoplasm) में लवण की मात्रा कम रहती है और एंजाइम सुरक्षित रहते हैं।
दो औषधीय महत्त्व के पादपों के वानस्पतिक नाम एवं प्रत्येक का एक औषधीय उपयोग लिखिए।
Write botanical names of two medicinal plants and one medicinal use of each plant.
उत्तर:
- वानस्पतिक नाम: Azadirachta indica (नीम) — औषधीय उपयोग: इसके पत्तों का उपयोग त्वचा रोगों (जैसे फोड़े-फुंसी) और एंटीसेप्टिक के रूप में किया जाता है।
- वानस्पतिक नाम: Withania somnifera (अश्वगंधा) — औषधीय उपयोग: इसका उपयोग तनाव कम करने, शारीरिक शक्ति बढ़ाने और नींद संबंधी विकारों में किया जाता है।
बायोडीजल प्रदान करने वाले दो पादपों के नाम लिखिए।
Write the names of two plants from which Biodiesel is yielded.
उत्तर: बायोडीजल प्रदान करने वाले दो पादपों के नाम निम्नलिखित हैं:
- जटरोफा (Jatropha) — Jatropha curcas
- करंज (Pongamia) — Pongamia pinnata
आण्विक कृषि से आप क्या समझते हैं? इसका एक उदाहरण दीजिए।
What do you mean by molecular farming? Give an example of it.
उत्तर: आण्विक कृषि (Molecular Farming) एक जैव प्रौद्योगिकी तकनीक है जिसमें आनुवंशिक रूप से संशोधित पादपों (जैसे तम्बाकू, चावल, मक्का) का उपयोग करके औषधीय प्रोटीन, एंटीबॉडी, वैक्सीन या अन्य मूल्यवान जैव-अणुओं का उत्पादन किया जाता है।
उदाहरण: तम्बाकू के पादपों में हेपेटाइटिस बी वैक्सीन (HBsAg) का उत्पादन करना आण्विक कृषि का एक प्रमुख उदाहरण है।
रसारोहण की क्रियाविधि को वाष्पोत्सर्जनाकर्षण सिद्धान्त के अनुसार समझाइए।
Explain the mechanism of ascent of sap according to transpiration pull.
उत्तर: वाष्पोत्सर्जनाकर्षण सिद्धान्त (Transpiration Pull Theory) के अनुसार रसारोहण की क्रियाविधि निम्नलिखित चरणों में होती है:
- वाष्पोत्सर्जन: पत्तियों की कोशिकाओं से जल का वाष्प के रूप में वायुमंडल में निकलना (वाष्पोत्सर्जन) होता है, जिससे पत्तियों की कोशिकाओं में जल की कमी हो जाती है।
- जल का अवशोषण: इस कमी को पूरा करने के लिए पत्तियों की कोशिकाएं जाइलम वाहिकाओं से जल खींचती हैं, जिससे जाइलम में एक तनाव (tension) उत्पन्न होता है।
- ससंजक बल: जाइलम वाहिकाओं में जल के अणु आपस में ससंजक बल (cohesive force) द्वारा जुड़े रहते हैं, जिससे जल का एक सतत स्तंभ (continuous column) बना रहता है।
- जल का ऊपर चढ़ना: पत्तियों से उत्पन्न तनाव (वाष्पोत्सर्जनाकर्षण) जाइलम वाहिकाओं के माध्यम से जड़ों तक संचारित होता है, जिससे जड़ों से जल ऊपर की ओर खिंचता है और पत्तियों तक पहुँचता है।
इस प्रकार, वाष्पोत्सर्जन द्वारा उत्पन्न खिंचाव (pull) ही रसारोहण का मुख्य कारण है।
पाइरूविक अम्ल को यदि ऑक्सीजन नहीं मिले तो श्वसन क्रिया पर पड़ने वाले प्रभाव को समझाइए।
Explain the effect on respiration, if oxygen is not available to pyruvic acid.
उत्तर: यदि पाइरूविक अम्ल को ऑक्सीजन नहीं मिलता है, तो श्वसन क्रिया पर निम्नलिखित प्रभाव पड़ते हैं:
- अवायवीय श्वसन (Anaerobic Respiration): ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में पाइरूविक अम्ल का पूर्ण ऑक्सीकरण (क्रेब्स चक्र और इलेक्ट्रॉन परिवहन श्रृंखला) नहीं हो पाता है। इसके बजाय, कोशिका अवायवीय श्वसन (किण्वन) का सहारा लेती है।
- अपूर्ण ऑक्सीकरण: पाइरूविक अम्ल का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिसके परिणामस्वरूप यीस्ट में एथेनॉल (इथाइल अल्कोहल) और CO₂, तथा मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल का निर्माण होता है।
- कम ऊर्जा उत्पादन: अवायवीय श्वसन में प्रति ग्लूकोज अणु से केवल 2 ATP अणु उत्पन्न होते हैं, जबकि वायवीय श्वसन में 36-38 ATP अणु उत्पन्न होते हैं। इस प्रकार, ऊर्जा उत्पादन बहुत कम हो जाता है।
- NAD⁺ का पुनर्चक्रण: अवायवीय श्वसन में NADH का ऑक्सीकरण कर NAD⁺ पुनः प्राप्त किया जाता है, जो ग्लाइकोलिसिस को जारी रखने के लिए आवश्यक है।
श्वसन एवं किण्वन की क्रिया में चार प्रमुख अन्तर लिखिए।
Write four main differences between respiration and fermentation.
उत्तर: श्वसन (Respiration) और किण्वन (Fermentation) में चार प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:
| क्रमांक | श्वसन (Respiration) | किण्वन (Fermentation) |
|---|---|---|
| 1. | यह ऑक्सीजन की उपस्थिति में होता है (वायवीय श्वसन) या अनुपस्थिति में (अवायवीय श्वसन)। | यह केवल ऑक्सीजन की अनुपस्थिति में होता है (अवायवीय प्रक्रिया)। |
| 2. | ग्लूकोज का पूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे CO₂ और H₂O बनते हैं। | ग्लूकोज का अपूर्ण ऑक्सीकरण होता है, जिससे एथेनॉल या लैक्टिक अम्ल जैसे कार्बनिक यौगिक बनते हैं। |
| 3. | इसमें बहुत अधिक ऊर्जा (36-38 ATP प्रति ग्लूकोज) उत्पन्न होती है। | इसमें बहुत कम ऊर्जा (केवल 2 ATP प्रति ग्लूकोज) उत्पन्न होती है। |
| 4. | यह माइटोकॉन्ड्रिया में होता है (क्रेब्स चक्र और ETS)। | यह कोशिका द्रव्य (साइटोप्लाज्म) में होता है। |
सीमाकारी एन्डोन्यूक्लिएज एन्जाइम्स के नामकरण के प्रमुख नियम लिखिए।
Write the main rules of nomenclature of restriction endonuclease enzymes.
उत्तर: सीमाकारी एन्डोन्यूक्लिएज एन्जाइम्स (Restriction Endonucleases) के नामकरण के प्रमुख नियम निम्नलिखित हैं:
- जीवाणु वंश का पहला अक्षर (Genus): एन्जाइम के नाम का पहला अक्षर उस जीवाणु के वंश (genus) के नाम से लिया जाता है, जो इटैलिक में लिखा जाता है। उदाहरण: Escherichia के लिए 'E'।
- जीवाणु जाति के पहले दो अक्षर (Species): दूसरे और तीसरे अक्षर जीवाणु की जाति (species) के नाम से लिए जाते हैं। उदाहरण: Escherichia coli के लिए 'co'।
- प्रतिबल (Strain) का संकेत: यदि जीवाणु का कोई विशिष्ट प्रतिबल (strain) है, तो उसे चौथे अक्षर के रूप में दर्शाया जाता है। उदाहरण: Escherichia coli RY13 के लिए 'R'।
- रोमन अंक (Roman Numeral): अंत में एक रोमन अंक (I, II, III, आदि) लिखा जाता है, जो उस जीवाणु में पाए जाने वाले विभिन्न सीमाकारी एन्जाइमों के क्रम को दर्शाता है।
उदाहरण: EcoRI — यहाँ 'E
Classify the xerophytic plants on the basis of drought resistance. Write botanical names of any two xerophytic plants. शुष्कता प्रतिरोधी क्षमता के आधार पर मरूद्भिद पादपों का वर्गीकरण: दो मरूद्भिद पौधों के वानस्पतिक नाम: Name the plant produced by the transferring of gene from plants cereal for protein synthesis in potato plant and write its important characters. तैयार पादप का नाम: पोटैटो-प्रोटीन प्लांट (Potato-Protein Plant) या आलू में प्रोटीन युक्त जीन स्थानांतरण द्वारा तैयार पादप को "प्रोटीन-समृद्ध आलू" (Protein-rich Potato) कहा जाता है। महत्वपूर्ण गुण: Describe the economic and environmental importance of Bioagriculture. आर्थिक महत्व: पारिस्थितिक महत्व: Describe the main objectives of plant breeding in brief. पादप प्रजनन के मुख्य उद्देश्य: Define ideal vector and write four characteristics. Draw labelled diagram of pBR322 and describe the structure. उत्तम वाहक की परिभाषा: उत्तम वाहक (Ideal Vector) एक ऐसा DNA अणु (जैसे- प्लास्मिड, बैक्टीरियोफेज) है जिसमें विदेशी DNA को जोड़कर उसे मेजबान कोशिका में प्रवेश कराया जा सकता है और वहां उसकी प्रतिकृति बनाई जा सकती है। चार गुणधर्म: pBR322 का नामांकित चित्र और संरचना: संरचना का वर्णन: pBR322 एक कृत्रिम प्लास्मिड है जिसका आकार 4361 बेस पेयर होता है। इसमें दो एंटीबायोटिक प्रतिरोध जीन होते हैं: एम्पीसिलिन प्रतिरोध (AmpR) और टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध (TetR)। इसमें कई अद्वितीय प्रतिबंधन स्थल (जैसे- EcoRI, BamHI, HindIII, SalI, PstI, PvuI) होते हैं जो विदेशी DNA को जोड़ने के लिए उपयोग होते हैं। इसमें प्रतिकृति उद्गम स्थल (ori) होता है जो मेजबान कोशिका में स्वतंत्र प्रतिकृति की अनुमति देता है। अथवा पराग-स्त्रीकेसर पारस्परिक क्रिया को समझाइए। पराग नली का बीजाण्ड में प्रवेश करने की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए एवं किसी एक विधि का नामांकित चित्र बनाइए। द्विनिषेचन की परिभाषा: द्विनिषेचन (Double Fertilization) आवृतबीजी पादपों की एक विशेष प्रक्रिया है जिसमें एक नर युग्मक (शुक्राणु) अंड कोशिका से मिलकर युग्मनज (Zygote) बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक (Secondary nucleus) से मिलकर त्रिगुणित भ्रूणपोष (Triploid endosperm) बनाता है। द्विबीजपत्री पादप में भ्रूण विकास: परिपक्व भ्रूण का नामांकित चित्र: अथवा (वैकल्पिक प्रश्न): पराग-स्त्रीकेसर पारस्परिक क्रिया: परागकण के स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र पर पहुंचने के बाद, वर्तिकाग्र पर मौजूद रसायन परागकण को अंकुरित होने के लिए प्रेरित करते हैं। पराग नली वर्तिका (Style) से होते हुए बीजांड (Ovule) की ओर बढ़ती है। यह पारस्परिक क्रिया परागकण और स्त्रीकेसर के बीच रासायनिक संकेतों द्वारा नियंत्रित होती है। पराग नली का बीजाण्ड में प्रवेश करने की विधियाँ: पोरोगैमी विधि का नामांकित चित्र: प्रश्न: द्वि-निषेचन को परिभाषित कीजिए। द्विबीजपत्री पादप में भ्रूण के विकास की व्याख्या कीजिए। परिपक्व भ्रूण का नामांकित चित्र बनाइए। (1+2+1=4 अंक) द्वि-निषेचन (Double Fertilization): यह आवृतबीजी पादपों में होने वाली एक अनोखी प्रक्रिया है जिसमें एक नर युग्मक (स्पर्म) अंड कोशिका से मिलकर युग्मनज (2n) बनाता है, जबकि दूसरा नर युग्मक द्वितीयक केंद्रक (2n) से मिलकर त्रिगुणित भ्रूणपोष (3n) बनाता है। द्विबीजपत्री पादप में भ्रूण विकास: परिपक्व भ्रूण का नामांकित चित्र: (चित्र में बीजपत्र, प्रांकुर, मूलांकुर, सस्पेंसर और भ्रूणपोष दर्शाएं) प्रश्न: पराग-स्त्रीकेसर अन्योन्यक्रिया (Pollen-pistil interaction) की व्याख्या कीजिए। बीजांड में पराग नलिका के प्रवेश की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए। किसी एक विधि का नामांकित चित्र बनाइए। (1+2+1=4 अंक) पराग-स्त्रीकेसर अन्योन्यक्रिया: यह वह प्रक्रिया है जिसमें परागकण स्त्रीकेसर के वर्तिकाग्र पर पहुंचकर अंकुरित होता है और पराग नलिका वर्तिका से होते हुए बीजांड तक पहुंचती है। इसमें परागकण और वर्तिकाग्र के बीच रासायनिक संकेतों का आदान-प्रदान होता है, जो अनुकूलता या असंगति निर्धारित करता है। पराग नलिका के प्रवेश की विधियाँ: पोरोगैमी का नामांकित चित्र: (चित्र में बीजांडद्वार, पराग नलिका, भ्रूणकोष, अंड कोशिका, द्वितीयक केंद्रक दर्शाएं) प्रश्न: क्लोरोप्लास्ट की आन्तरिक संरचना का नामांकित चित्र बनाइए। प्रकाश संश्लेषण की प्रकाशिक अभिक्रिया का वर्णन कीजिए एवं इसका महत्त्व लिखिए। (1+2+1=4 अंक) क्लोरोप्लास्ट की आन्तरिक संरचना: क्लोरोप्लास्ट एक दोहरी झिल्ली से घिरा हुआ अंगक है। इसके अंदर थायलाकॉइड (Thylakoid) नामक चपटी थैलियाँ होती हैं, जो ग्रैना (Granum) नामक ढेरों में व्यवस्थित होती हैं। ग्रैना के बीच स्ट्रोमा (Stroma) नामक तरल भाग होता है। थायलाकॉइड झिल्ली में क्लोरोफिल और अन्य प्रकाश-अवशोषक वर्णक होते हैं। प्रकाशिक अभिक्रिया (Light Reaction): यह थायलाकॉइड झिल्ली पर होती है। इसमें सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके ATP और NADPH का निर्माण होता है। मुख्य चरण: महत्त्व: प्रकाशिक अभिक्रिया में उत्पन्न ATP और NADPH का उपयोग अंधकार अभिक्रिया (कैल्विन चक्र) में कार्बन डाइऑक्साइड के स्थिरीकरण और ग्लूकोज निर्माण के लिए होता है। यह पादपों में ऊर्जा संचय का प्रारंभिक चरण है। प्रश्न: हैच-स्लैक चक्र (Hatch-Slack cycle) को आरेखी चित्र की सहायता से समझाइए तथा इसका महत्त्व लिखिए। (1+2+1=4 अंक) हैच-स्लैक चक्र (C₄ पथ): यह C₄ पादपों (जैसे मक्का, गन्ना) में कार्बन स्थिरीकरण का एक वैकल्पिक मार्ग है। इसे हैच और स्लैक (1960) ने खोजा था। चक्र के चरण: आरेखी चित्र: (चित्र में मीसोफिल कोशिका, बंडल शीथ कोशिका, PEP, OAA, मैलेट, CO₂, कैल्विन चक्र दर्शाएं) महत्त्व:20. शुष्कता प्रतिरोधी क्षमता के आधार पर मरूद्भिद पादपों का वर्गीकरण कीजिए | दो मरूद्भिद् पौधों के वानस्पतिक नाम लिखिए।
21. रामदाने पादप में प्रोटीन बनाने वाली जीन को आलू के पादप में स्थानान्तरण से तैयार पादप का नाम एवं इसके महत्वपूर्ण गुण लिखिए।
22. जैविक कृषि के आर्थिक एवं पारिस्थितिक महत्व का वर्णन कीजिए।
23. पादप प्रजनन के मुख्य उद्देश्यों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।
24. उत्तम वाहक की परिभाषा एवं चार गुणधर्म लिखिए। pBR322 का नामांकित चित्र बनाकर संरचना का वर्णन कीजिए।
EcoRI
|
-----------
| |
| pBR322 |
| (4361 bp)|
| |
-----------
| |
| PstI |
| PvuI |
| BamHI |
| SalI |
| HindIII|
-----------
| |
| AmpR | (एम्पीसिलिन प्रतिरोध जीन)
| TetR | (टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध जीन)
| ori | (प्रतिकृति उद्गम स्थल)
-----------
25. द्विनिषेचन की परिभाषा लिखिए। द्विबीजपत्री पादप में भ्रूण विकास को समझाइए। परिपक्व भ्रूण का नामांकित चित्र बनाइए।
----------
| बीजपत्र |
| (Cotyledon)|
----------
| प्ररोह |
| शीर्ष |
| (Plumule)|
----------
| मूलांकुर|
| (Radicle)|
----------
----------
| पराग नली |
----------
|
|
----------
| बीजांडद्वार|
| (Micropyle)|
----------
| बीजांड |
| (Ovule) |
प्रश्न 24
रब (Rubber) – परिभाषा एवं भ्रूण विकास
अथवा (OR)
प्रश्न 25
क्लोरोप्लास्ट एवं प्रकाश संश्लेषण
अथवा (OR)