RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers

You opened the RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers page — a focused place to read the real previous year question paper for that subject and year. RBSE Solution keeps exam-year sets together so you can practise the same cycle your seniors faced.

Previous year papers reward patience: read instructions, note mark distribution, then attempt questions before peeking at solutions elsewhere on the site. This URL always loads the same free previous year papers content for Biology-SS-42-2-2010 (2010).

Use the details table to confirm class and year, then scroll to the paper images or PDF below. More subjects from 2010 are linked later on this page.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Biology-SS-42-2-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2010, and subject Biology-SS-42-2-2010 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

Turning 2010 papers into insight

One Biology-SS-42-2-2010 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.

Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 12th expect clear numbering even in practice sessions.

RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010

Scroll through the Previous Year Papers pages for Biology-SS-42-2-2010 (2010).

RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 3
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 4
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 5
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Biology-SS-42-2-2010 Previous Year Papers 6
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 12th Biology-SS-42-2-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

नामांक Roll No.

No. of Questions — 24 SS—42-2—Bio . II

No. of Printed Pages — 7

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक वर्ग I ( OPTIONAL GROUP II — SCIENCES )

जीवविज्ञान -- द्वितीय पत्र

( BIOLOGY — Second Paper )

समय : 3 घण्टे

पूर्णांक : 40

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें ।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
    All the questions are compulsory.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  5. जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत्‌ लिखें ।
    For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.
  6. प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आंतरिक विकल्प हैं ।
    Question Nos. 23 and 24 have internal choice.

खण्ड – ब (Section – B)

7. प्रश्न संख्या 2 से 5 तक अति लघु उत्तरीय प्रश्न हैं जिनके प्रत्येक उत्तर लगभग एक शब्द से तीस शब्दों तक में देने हैं।

Question Nos. 2 to 5 are very short answer type questions. The answers of these questions should be given in one word to thirty words each.

8. प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (अ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:

There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:

प्रश्न क्रमांक
Question No.
सही उत्तर का क्रमाक्षर
Correct letter of the Answer
1. (i)
1. (ii)
1. (iii)
1. (iv)

प्रश्न 1 (i) / Question 1 (i)

जब एक मनुष्य के रुधिर में एन्टीजन ए तथा बी दोनों पाये जाते हैं, लेकिन एन्टीबॉडीज नहीं होती तो उसका रुधिर समूह होगा

In a human blood when both antigens A and B are present, but there are no antibodies, his blood group is

  • (अ) ओ / (A) O
  • (ब) ए / (B) A
  • (स) बी / (C) B
  • (द) एबी / (D) AB

सही उत्तर: (द) एबी / (D) AB

व्याख्या: यदि रुधिर में एन्टीजन A और B दोनों उपस्थित हैं, लेकिन कोई एन्टीबॉडी नहीं है, तो यह AB रुधिर समूह है। AB समूह में एन्टीजन A और B होते हैं, जबकि एन्टीबॉडी अनुपस्थित होती हैं।

प्रश्न 40 (Question 40)

यदि अर्द्धवृत्ताकार नलिकाएँ अपना कार्य करना बन्द कर दें तो निम्न में से कौन-सी क्रिया प्रभावित होगी?

Which of the following functions will be affected, if the semicircular canals stop functioning?

  • (अ) श्वसन / Respiration
  • (ब) शरीर सन्तुलन / Balance of body
  • (स) सुनना / Hearing
  • (द) भोजन का अवशोषण / Absorption of food

सही उत्तर: (ब) शरीर सन्तुलन / Balance of body

व्याख्या: अर्द्धवृत्ताकार नलिकाएँ (Semicircular canals) आंतरिक कर्ण का भाग हैं जो शरीर के संतुलन (Balance) को बनाए रखने में मदद करती हैं। ये श्वसन, सुनने या भोजन अवशोषण में सीधे भाग नहीं लेतीं।

प्रश्न 41 (Question 41)

अण्डजनन की क्रिया में एक प्राथमिक अण्डक से कितने अण्डाणु व ध्रुवीय कायों का निर्माण होगा?

How many ova and polar bodies will be formed from one primary oocyte in the process of Oogenesis?

  • (अ) दो अण्डाणु व दो ध्रुवीय काय / Two ova and two polar bodies
  • (ब) तीन अण्डाणु व एक ध्रुवीय काय / Three ova and one polar body
  • (स) एक अण्डाणु व तीन ध्रुवीय काय / One ovum and three polar bodies
  • (द) चार अण्डाणु व एक ध्रुवीय काय / Four ova and one polar body

सही उत्तर: (स) एक अण्डाणु व तीन ध्रुवीय काय / One ovum and three polar bodies

व्याख्या: अण्डजनन (Oogenesis) में एक प्राथमिक अण्डक (Primary oocyte) से अर्धसूत्री विभाजन द्वारा एक कार्यात्मक अण्डाणु (Ovum) और तीन अक्रिय ध्रुवीय काय (Polar bodies) बनते हैं। यह असमान विभाजन के कारण होता है ताकि अण्डाणु में अधिकतम कोशिकाद्रव्य संचित हो सके।

प्रश्न 42 (Question 42)

विषमयुग्मजी लम्बे पौधे को बौने पौधे से क्रॉस कराने पर सन्तति क्या होगी?

What will be the progeny when a heterozygous tall plant is crossed with dwarf plant?

  • (अ) 100% लम्बे / 100% tall
  • (ब) 100% बौने / 100% dwarf
  • (स) 75% लम्बे व 25% बौने / 75% tall and 25% dwarf
  • (द) 50% लम्बे व 50% बौने / 50% tall and 50% dwarf

सही उत्तर: (द) 50% लम्बे व 50% बौने / 50% tall and 50% dwarf

व्याख्या: विषमयुग्मजी लम्बे पौधे (Tt) और बौने पौधे (tt) के बीच क्रॉस (Test cross) करने पर, Tt × tt से 50% संतति लम्बी (Tt) और 50% बौनी (tt) होगी। यह मेंडल के नियमों के अनुसार एक परीक्षार्थ क्रॉस का परिणाम है।

ऑस-इन्नोमिनेटम क्या है? / What is os-innominatum?

उत्तर: ऑस-इन्नोमिनेटम (Os-innominatum) मानव श्रोणि (pelvis) की एक हड्डी है, जो तीन हड्डियों – इलियम (ilium), इस्कियम (ischium) और प्यूबिस (pubis) – के मिलने से बनती है। यह कूल्हे की हड्डी (hip bone) भी कहलाती है।

हीमेटूरिया रोग क्या है? / What is haematuria disease?

उत्तर: हीमेटूरिया (Haematuria) एक रोग है जिसमें मूत्र में रक्त (blood) आता है। यह गुर्दे, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय या मूत्रमार्ग में संक्रमण, पथरी या चोट के कारण हो सकता है।

शुक्र कायान्तरण को परिभाषित कीजिए। / Define Spermiogenesis.

उत्तर: शुक्र कायान्तरण (Spermiogenesis) वह प्रक्रिया है जिसमें शुक्राणुजन (spermatids) परिपक्व शुक्राणु (spermatozoa) में रूपांतरित होते हैं। इसमें कोशिका आकार में परिवर्तन, अग्रकाय (acrosome) का निर्माण, कशाभिका (flagellum) का विकास और अधिकांश कोशिकाद्रव्य का निष्कासन शामिल है।

अपराधी सिन्ड्रोम से ग्रसित मनुष्य के लिंग गुणसूत्रों में क्या व्यवस्था होगी? / What will be the arrangement of sex chromosomes in human suffering from criminal syndrome?

उत्तर: अपराधी सिन्ड्रोम (Criminal syndrome) से ग्रसित मनुष्य में लिंग गुणसूत्रों की व्यवस्था XYY होती है। इसमें पुरुष में एक अतिरिक्त Y गुणसूत्र पाया जाता है, जिसे जैकब सिन्ड्रोम (Jacob's syndrome) भी कहते हैं।

मानव शरीर में आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज को कहाँ व किस रूप में संचित किया जाता है? / Where and in which form is excess of glucose stored in human body?

उत्तर: मानव शरीर में आवश्यकता से अधिक ग्लूकोज को यकृत (liver) और मांसपेशियों (muscles) में ग्लाइकोजन (glycogen) के रूप में संचित किया जाता है। ग्लाइकोजन एक बहुशर्करा (polysaccharide) है जो आवश्यकता पड़ने पर पुनः ग्लूकोज में टूट जाता है।

ऑक्सीजनीकरण को परिभाषित कीजिए। / Define oxygenation.

उत्तर: ऑक्सीजनीकरण (Oxygenation) वह प्रक्रिया है जिसमें ऑक्सीजन (O₂) रक्त में घुलकर या हीमोग्लोबिन से जुड़कर शरीर के ऊतकों तक पहुँचती है। फेफड़ों में गैसीय विनिमय के दौरान रक्त ऑक्सीजन से संतृप्त होता है।

द्विनेत्रीय दृष्टि क्या है? इसका एक उदाहरण दीजिए। / What is binocular vision? Give one example.

उत्तर: द्विनेत्रीय दृष्टि (Binocular vision) वह क्षमता है जिसमें दोनों आँखें एक साथ किसी वस्तु को देखती हैं और मस्तिष्क दो अलग-अलग प्रतिबिंबों को जोड़कर एक त्रिविमीय (3D) छवि बनाता है। इससे गहराई और दूरी का अनुमान लगाने में मदद मिलती है।

उदाहरण: मनुष्य (Human) में द्विनेत्रीय दृष्टि पाई जाती है।

एड्रीनल मेडूला को 3F ग्रन्थि क्यों कहा जाता है? / Why is adrenal medulla called 3F gland?

उत्तर: एड्रीनल मेडूला (Adrenal medulla) को 3F ग्रन्थि इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह तीन प्रकार की प्रतिक्रियाओं में सहायक होती है – Fight (लड़ाई), Flight (भागना), और Fright (डर)। यह एड्रीनलीन और नॉरएड्रीनलीन हार्मोन स्रावित करके शरीर को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करती है।

रंजकहीनता को समझाइए। / Explain 'albinism'.

उत्तर: रंजकहीनता (Albinism) एक आनुवंशिक विकार है जिसमें शरीर में मेलेनिन (melanin) वर्णक का उत्पादन कम या बिल्कुल नहीं होता। इसके कारण त्वचा, बाल और आँखों का रंग हल्का या सफेद हो जाता है। यह एक ऑटोसोमल अप्रभावी (autosomal recessive) रोग है, जो टायरोसिनेज एंजाइम की कमी के कारण होता है।

सबसे छोटे व सबसे लम्बे जीन का वैज्ञानिक नाम लिखिए। / Write the scientific names of the smallest and the largest genes.

उत्तर:

  • सबसे छोटा जीन (Smallest gene): FOXP2 (मानव में भाषा से संबंधित जीन) या SRY (लिंग निर्धारण जीन) – इनमें से SRY को सबसे छोटा माना जाता है।
  • सबसे लम्बा जीन (Largest gene): DMD (ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जीन) – यह मानव जीनोम का सबसे लंबा जीन है, जिसकी लंबाई लगभग 2.4 मिलियन बेस जोड़े होती है।

2.

प्रश्न: MRI तकनीक किस सिद्धान्त पर कार्य करती है ? इसकी एक विशेषता लिखिए।

Question: MRI technique is based on which principle? Write one of its characteristics.

उत्तर / Answer: MRI तकनीक नाभिकीय चुंबकीय अनुनाद (Nuclear Magnetic Resonance – NMR) के सिद्धांत पर कार्य करती है।

विशेषता: यह एक गैर-आक्रामक (non-invasive) तकनीक है जो शरीर के कोमल ऊतकों (soft tissues) की उच्च-गुणवत्ता वाली छवियाँ प्रदान करती है, और इसमें आयनकारी विकिरण (ionizing radiation) का उपयोग नहीं होता।

प्रश्न: स्पिनिंग क्या है?

Question: What is spinning?

उत्तर / Answer: स्पिनिंग (Spinning) एक क्वांटम यांत्रिक गुण है जो प्राथमिक कणों (जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, न्यूट्रॉन) का आंतरिक कोणीय संवेग (intrinsic angular momentum) है। यह कणों के चुंबकीय आघूर्ण (magnetic moment) का कारण बनता है और NMR/MRI में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

प्रश्न: तंत्रिका तंत्र के द्वारा हृदय दर के नियमन को समझाइए।

Question: Explain the regulation of heart rate by the nervous system.

उत्तर / Answer: हृदय दर का नियमन स्वायत्त तंत्रिका तंत्र (Autonomic Nervous System) द्वारा होता है, जिसमें दो भाग होते हैं:

  • सहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Sympathetic Nervous System): यह हृदय दर को बढ़ाता है। तनाव या व्यायाम के समय, सहानुभूति तंतु नॉरएड्रेनालाईन (noradrenaline) छोड़ते हैं, जो SA नोड (sinoatrial node) को उत्तेजित करता है और हृदय दर बढ़ जाती है।
  • परासहानुभूति तंत्रिका तंत्र (Parasympathetic Nervous System): यह हृदय दर को घटाता है। विश्राम के समय, वेगस तंत्रिका (vagus nerve) एसिटाइलकोलीन (acetylcholine) छोड़ती है, जो SA नोड को धीमा कर देता है और हृदय दर कम हो जाती है।

इस प्रकार, ये दोनों तंत्र हृदय दर को संतुलित रखते हैं।

प्रश्न: यदि अपरा की कोरियोनिक उपकला को नष्ट कर दिया जाय तो कौन-सी क्रियाएँ प्रभावित होंगी? कारण सहित समझाइए।

Question: Which functions will be affected on the destruction of chorionic epithelium of placenta? Explain with reason.

उत्तर / Answer: कोरियोनिक उपकला (chorionic epithelium) अपरा का वह भाग है जो मातृ रक्त के सीधे संपर्क में आता है। इसके नष्ट होने पर निम्नलिखित क्रियाएँ प्रभावित होंगी:

  • पोषक तत्वों और गैसों का आदान-प्रदान: कोरियोनिक उपकला माता से भ्रूण तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों के स्थानांतरण तथा कार्बन डाइऑक्साइड और अपशिष्टों के निष्कासन में मदद करती है। इसके नष्ट होने से यह आदान-प्रदान रुक जाएगा, जिससे भ्रूण का विकास प्रभावित होगा।
  • हार्मोन स्राव: कोरियोनिक उपकला मानव कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (hCG) जैसे हार्मोन स्रावित करती है, जो गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसके नष्ट होने से hCG का स्राव रुक जाएगा और गर्भपात हो सकता है।

कारण: कोरियोनिक उपकला में माइक्रोविली (microvilli) होते हैं जो सतह क्षेत्र बढ़ाते हैं और यह अर्ध-पारगम्य झिल्ली के रूप में कार्य करता है। इसके बिना, माता और भ्रूण के बीच पदार्थों का आदान-प्रदान असंभव हो जाता है।

प्रश्न: मासिक चक्र में पीत पिण्ड प्रावस्था को समझाइए।

Question: Explain Luteal phase in the Menstrual cycle.

उत्तर / Answer: पीत पिण्ड प्रावस्था (Luteal phase) मासिक चक्र का तीसरा चरण है, जो ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्ग) के बाद शुरू होता है और अगले मासिक धर्म तक रहता है (लगभग 14 दिन)।

  • ओव्यूलेशन के बाद, ग्राफियन पुटिका (Graafian follicle) का शेष भाग पीत पिण्ड (corpus luteum) में बदल जाता है।
  • पीत पिण्ड प्रोजेस्टेरोन (progesterone) और कुछ एस्ट्रोजन (estrogen) स्रावित करता है।
  • प्रोजेस्टेरोन गर्भाशय की एंडोमेट्रियम (endometrium) को मोटा करता है और इसे भ्रूण प्रत्यारोपण (implantation) के लिए तैयार करता है।
  • यदि निषेचन (fertilization) नहीं होता, तो पीत पिण्ड क्षीण हो जाता है, हार्मोन का स्तर गिर जाता है, और मासिक धर्म शुरू हो जाता है।
  • यदि निषेचन होता है, तो पीत पिण्ड बना रहता है और गर्भावस्था को बनाए रखने के लिए हार्मोन स्रावित करता रहता है।

प्रश्न: चिरभ्रूणता व शावकीजनन में अन्तर लिखिए। प्रत्येक का एक-एक उदाहरण दीजिए।

Question: Differentiate between neoteny and paedogenesis. Give an example of each.

उत्तर / Answer:

चिरभ्रूणता (Neoteny) शावकीजनन (Paedogenesis)
इसमें किसी जीव की लार्वा अवस्था में यौन परिपक्वता आ जाती है और वयस्क अवस्था प्राप्त नहीं होती। इसमें लार्वा अवस्था में ही अलैंगिक प्रजनन (जैसे अंडे देना) होता है, बिना वयस्क बने।
उदाहरण: एक्सोलोटल (Axolotl) – यह सैलामैंडर का लार्वा है जो जीवन भर लार्वा अवस्था में रहता है और प्रजनन करता है। उदाहरण: कुछ मच्छरों की प्रजातियाँ (जैसे Culex) जिनके लार्वा अंडे देते हैं।

प्रश्न: यदि शुक्राणु पूर्वी कोशिका के गॉल्जीकाय को नष्ट कर दिया जाय तो कौन-सी क्रिया प्रभावित होगी? कारण सहित समझाइए।

Question: If the golgi body of spermatid is destroyed, which function will be affected? Explain with reason.

उत्तर / Answer: शुक्राणु पूर्वी कोशिका (spermatid) में गॉल्जीकाय (Golgi body) का मुख्य कार्य एक्रोसोम (acrosome) का निर्माण करना है। एक्रोसोम शुक्राणु के सिर के अग्र भाग पर स्थित एक थैली होती है जिसमें हाइड्रोलाइटिक एंजाइम (जैसे हायलूरोनिडेज़, एक्रोसिन) होते हैं।

प्रभावित क्रिया: यदि गॉल्जीकाय नष्ट हो जाता है, तो एक्रोसोम का निर्माण नहीं होगा। इसके कारण शुक्राणु अंडे के ज़ोना पेलुसिडा (zona pellucida) को भेदने में असमर्थ होगा, जिससे निषेचन (fertilization) प्रभावित होगा।

कारण: गॉल्जीकाय में प्रोटीन का संशोधन और पैकेजिंग होती है, जो एक्रोसोमल एंजाइमों के निर्माण के लिए आवश्यक है। इसके बिना, शुक्राणु अंडे को निषेचित नहीं कर सकता।

प्रश्न: प्रजनीय क्लोनिंग की प्रक्रिया में केन्द्रक प्रतिरोपण तकनीक व होनोलूलू तकनीक में अन्तर लिखिए।

Question: Differentiate between nuclear transplantation technique and Honolulu technique in the process of reproductive cloning.

उत्तर / Answer:

केन्द्रक प्रतिरोपण तकनीक (Nuclear Transplantation) होनोलूलू तकनीक (Honolulu Technique)
इसमें दाता कोशिका के केन्द्रक को एक अकेन्द्रित अंड कोशिका (enucleated egg) में प्रत्यारोपित किया जाता है।

20. वेस्टर्न ब्लॉट परीक्षण से किस रोग का निदान किया जाता है ? इस रोग के रोगजनक का वैज्ञानिक नाम व चार लक्षण लिखिए ।

Western blot test is done for the diagnosis of which disease ? Write the scientific name of the pathogen and four symptoms of this disease.

उत्तर: वेस्टर्न ब्लॉट परीक्षण एड्स (AIDS) रोग के निदान के लिए किया जाता है।

  • रोगजनक का वैज्ञानिक नाम: Human Immunodeficiency Virus (HIV)
  • चार लक्षण:
    1. प्रतिरक्षा तंत्र का कमजोर होना (बार-बार संक्रमण होना)
    2. लंबे समय तक बुखार, रात में पसीना आना और वजन कम होना
    3. लसीका ग्रंथियों (lymph nodes) का स्थायी रूप से बढ़ जाना
    4. त्वचा पर दाद (herpes) या फंगल संक्रमण का दिखाई देना

21. निम्न विशेषता वाली मधुमक्खियों के वैज्ञानिक नाम लिखिए :

Write the scientific names of honeybees having the following characteristics :

  • (i) आकार में सबसे छोटी व डरपोक प्रकृति (Smaller in size and timid in nature): Apis florea
  • (ii) आकार में सबसे बड़ी व सर्वाधिक मात्रा में शहद उत्पादन (Largest in size and produces highest yield of honey): Apis dorsata
  • (iii) छोटी व मृदु स्वभाव (Small in size and mild in nature): Apis cerana indica
  • (iv) व्यापारिक दृष्टि से सर्वाधिक उपयोगी (Most useful for commercial purpose): Apis mellifera

22. लिंग सहलग्नी वंशागति को परिभाषित कीजिए । इसकी चार प्रमुख विशेषताएँ लिखिए । प्रोटेनर प्रकार के लिंग निर्धारण को उपयुक्त उदाहरण द्वारा समझाइए व इसका रेखीय चित्र बनाइए ।

Define sex-linked inheritance. Write its four characteristics. Explain protenor type of sex determination with suitable example and draw its ray diagram.

परिभाषा: लिंग सहलग्नी वंशागति (Sex-linked inheritance) वह आनुवंशिकता है जिसमें लक्षणों के जीन लिंग गुणसूत्रों (X या Y) पर स्थित होते हैं और इनका वंशानुक्रम लिंग के अनुसार होता है।

चार प्रमुख विशेषताएँ:

  1. ये लक्षण पुरुषों में अधिक पाए जाते हैं क्योंकि पुरुषों में केवल एक X गुणसूत्र होता है।
  2. पिता से पुत्र को लिंग सहलग्नी लक्षण सीधे नहीं जाते (क्योंकि पिता पुत्र को Y गुणसूत्र देता है)।
  3. माता से पुत्र को X गुणसूत्र के माध्यम से लक्षण जाते हैं (क्रिस-क्रॉस वंशानुक्रम)।
  4. पुत्रियों में यह लक्षण तभी प्रकट होता है जब दोनों X गुणसूत्रों पर अप्रभावी जीन हों।

प्रोटेनर प्रकार का लिंग निर्धारण (Protenor type of sex determination):

इसमें मादा में दो X गुणसूत्र (XX) और नर में केवल एक X गुणसूत्र (XO) होता है। नर में Y गुणसूत्र अनुपस्थित होता है।

उदाहरण: कुछ कीट जैसे टिड्डे (Grasshopper) और प्रोटेनर जाति के कीट।

रेखीय चित्र:

माता (XX) × पिता (XO)
    ↓
संतति:
मादा (XX) — 50%
नर (XO) — 50%

नोट: चित्र में X गुणसूत्र को एक रेखा और O को एक बिंदु या खाली स्थान द्वारा दर्शाया जाता है।

प्रश्न 23

मनुष्य के पाचन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइए। ग्रहणी व छोटी आंत में पाचन की क्रियाविधि को समझाइए।

अथवा

चल संधि का नामांकित चित्र बनाइए। इसकी संरचना व दो उप-प्रकारों को उदाहरण सहित समझाइए।


Draw a labelled diagram of digestive system of human. Explain the mechanism of digestion in duodenum and small intestine. (1+2+1=4)

OR

Draw a labelled diagram of Synovial joint. Explain its structure and two subtypes by giving example. (1+2+1=4)

उत्तर (पहला विकल्प – पाचन तंत्र):

नामांकित चित्र: मनुष्य के पाचन तंत्र में मुख, ग्रासनली, आमाशय, छोटी आंत (ग्रहणी, मध्यांत्र, शेषांत्र), बड़ी आंत, मलाशय और गुदा शामिल हैं। यकृत, अग्न्याशय और पित्ताशय भी सहायक अंग हैं। (चित्र स्वयं बनाएं)

ग्रहणी में पाचन: ग्रहणी में यकृत से पित्त रस और अग्न्याशय से अग्न्याशयी रस आता है। पित्त रस वसा का पायसीकरण करता है। अग्न्याशयी रस में ट्रिप्सिन, काइमोट्रिप्सिन (प्रोटीन पाचन), एमाइलेज (कार्बोहाइड्रेट पाचन), और लाइपेज (वसा पाचन) एंजाइम होते हैं। यहाँ क्षारीय माध्यम में पाचन होता है।

छोटी आंत में पाचन: छोटी आंत (मध्यांत्र और शेषांत्र) में आंत्र रस (सक्कस एंटेरिकस) स्रावित होता है। इसमें एंटेरोकाइनेज, डाइपेप्टिडेज, माल्टेज, सुक्रेज, लैक्टेज, न्यूक्लियोटिडेज आदि एंजाइम होते हैं। यहाँ कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज में, प्रोटीन अमीनो अम्ल में, और वसा फैटी अम्ल व ग्लिसरॉल में पूर्ण रूप से पच जाते हैं। अवशोषण के लिए विलाई उपस्थित होती है।

उत्तर (दूसरा विकल्प – चल संधि):

नामांकित चित्र: चल संधि (साइनोवियल जॉइंट) में दो हड्डियों के सिरे उपास्थि से ढके होते हैं, जोड़ के चारों ओर एक संयुक्त कैप्सूल होता है, और उसके अंदर साइनोवियल द्रव भरा होता है। (चित्र स्वयं बनाएं)

संरचना: इसमें दो हड्डियों के बीच एक जोड़ स्थान होता है जो साइनोवियल झिल्ली से घिरा होता है। यह झिल्ली साइनोवियल द्रव स्रावित करती है जो जोड़ को चिकनाई प्रदान करता है और घर्षण कम करता है। हड्डियों के सिरे हाइलीन उपास्थि से ढके होते हैं।

दो उप-प्रकार (उदाहरण सहित):

  • कब्जा संधि (Hinge joint): यह एक अक्ष पर गति करती है, जैसे कोहनी का जोड़ या घुटने का जोड़। उदाहरण: कोहनी (ह्यूमरस और अल्ना के बीच)।
  • गेंद-खल्लिका संधि (Ball and socket joint): इसमें एक हड्डी का गोल सिरा दूसरी हड्डी के कप जैसे खात में फिट होता है, जिससे सभी दिशाओं में गति संभव होती है। उदाहरण: कंधे का जोड़ (ह्यूमरस और स्कैपुला के बीच) या कूल्हे का जोड़।

प्रश्न 24

मानव मस्तिष्क का नामांकित चित्र बनाइए। इसके विभिन्न भागों के कार्यों को समझाइए।

अथवा

नेफ्रोन किसे कहते हैं? इसका नामांकित चित्र बनाइए व इसकी संरचना को समझाइए।


Draw a labelled diagram of human brain. Explain the functions of its various parts. (1+3=4)

OR

What is nephron? Draw a labelled diagram and explain its structure. (1+1+2=4)

उत्तर (पहला विकल्प – मानव मस्तिष्क):

नामांकित चित्र: मानव मस्तिष्क के मुख्य भाग – अग्रमस्तिष्क (सेरेब्रम, थैलेमस, हाइपोथैलेमस), मध्यमस्तिष्क, और पश्चमस्तिष्क (सेरेबेलम, पोंस, मेडुला ऑब्लांगेटा) दर्शाएं। (चित्र स्वयं बनाएं)

विभिन्न भागों के कार्य:

  • अग्रमस्तिष्क (Forebrain): सेरेब्रम – सोच, स्मृति, बुद्धि, स्वैच्छिक गतियाँ; थैलेमस – संवेदी सूचनाओं का रिले स्टेशन; हाइपोथैलेमस – शरीर तापमान, भूख, प्यास, नींद का नियंत्रण।
  • मध्यमस्तिष्क (Midbrain): दृष्टि और श्रवण से संबंधित प्रतिवर्ती क्रियाएँ, आंखों की गति।
  • पश्चमस्तिष्क (Hindbrain): सेरेबेलम – शरीर संतुलन और समन्वय; पोंस – श्वास नियंत्रण; मेडुला ऑब्लांगेटा – हृदय गति, श्वसन, रक्तचाप जैसी अनैच्छिक क्रियाएँ।

उत्तर (दूसरा विकल्प – नेफ्रोन):

नेफ्रोन की परिभाषा: नेफ्रोन वृक्क (किडनी) की कार्यात्मक इकाई है। प्रत्येक वृक्क में लगभग 10 लाख नेफ्रोन होते हैं, जो रक्त के निस्यंदन और मूत्र निर्माण का कार्य करते हैं।

नामांकित चित्र: नेफ्रोन में बोमन कैप्सूल, ग्लोमेरुलस, समीपस्थ कुंडलित नलिका, हेनले लूप, दूरस्थ कुंडलित नलिका और संग्रह नलिका दर्शाएं। (चित्र स्वयं बनाएं)

संरचना:

  • बोमन कैप्सूल और ग्लोमेरुलस: ग्लोमेरुलस केशिकाओं का एक गुच्छा है जो बोमन कैप्सूल से घिरा होता है। यहाँ रक्त का निस्यंदन होता है।
  • समीपस्थ कुंडलित नलिका (PCT): यहाँ ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, और अधिकांश जल का पुनःअवशोषण होता है।
  • हेनले लूप: इसमें अवरोही और आरोही भाग होते हैं। यह मूत्र को सांद्रित करने में सहायक होता है।
  • दूरस्थ कुंडलित नलिका (DCT): यहाँ आयनों (Na⁺, K⁺) और जल का पुनःअवशोषण हार्मोनल नियंत्रण में होता है।
  • संग्रह नलिका: यह कई नेफ्रॉन से मूत्र एकत्र करके वृक्क श्रोणि तक ले जाती है।