RBSE Class 12th 2010 Chemistry-SS-41-1-2010 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Chemistry-SS-41-1-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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How to practise with this question paper

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Rajasthan Board Class 12th Chemistry-SS-41-1-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक वर्ग – II (OPTIONAL GROUP – II – SCIENCES)
रसायन विज्ञान – प्रथम पत्र
(CHEMISTRY – First Paper)

समय : 3¼ घण्टे   |   पूर्णांक : 40

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें ।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi and English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं | प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आन्तरिक विकल्प हैं |
    All questions are compulsory. Question Nos. 23 and 24 have internal choices.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

SS—4—l—Chem. I   SS_584   [ Turn over

प्रश्न क्रमांक 1 (i)

समान वेग से गतिशील, निम्नलिखित में से किस कण की डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होगी?

  • (अ) इलेक्ट्रॉन
  • (ब) प्रोटॉन
  • (स) न्यूट्रॉन
  • (द) हाइड्रोजन

Which of the following particles has largest de Broglie wavelength, moving with equal velocity?

  • (A) Electron
  • (B) Proton
  • (C) Neutron
  • (D) Hydrogen

सही उत्तर: (अ) इलेक्ट्रॉन / (A) Electron

व्याख्या: डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य का सूत्र λ = h/mv है। समान वेग (v) पर, तरंगदैर्ध्य द्रव्यमान (m) के व्युत्क्रमानुपाती होती है। इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान सबसे कम होता है, इसलिए इसकी डी-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होगी।


निर्देश:

प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (आ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:

प्रश्न क्रमांक सही उत्तर का क्रमाक्षर
1. (i)
1. (ii)
1. (iii)
1. (iv)

There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:


नोट: जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ लिखें। For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.

प्रश्न (i) / Question (i)

XeF₄ अणु की आकृति है / Geometry of XeF₄ molecule is:

  • (अ) रेखीय / (A) Linear
  • (ब) त्रिभुजी प्रिज्मीय / (B) Trigonal pyramidal
  • (स) वर्ग समतलीय / (C) Square planar
  • (द) वर्ग प्रिज्मीय / (D) Square pyramidal
व्याख्या / Explanation: XeF₄ में Xe के चारों ओर 4 बंध युग्म और 2 एकाकी युग्म होते हैं, जो sp³d² संकरण बनाते हैं। एकाकी युग्म विपरीत दिशाओं में स्थित होते हैं, जिससे अणु की आकृति वर्ग समतलीय (square planar) होती है।

प्रश्न (ii) / Question (ii)

0.74 ग्राम कास्टिक सोडा (मोलर द्रव्यमान = 40) 500 cm³ विलयन में घुला हुआ है। इसकी मोलरता है / 0.74 g caustic soda (molar mass = 40) is dissolved in 500 cm³ solution. Its molarity is:

  • (अ) 2.0 M
  • (ब) 1.5 M
  • (स) 1.0 M
  • (द) 0.5 M
व्याख्या / Explanation: मोलरता (M) = (द्रव्यमान / मोलर द्रव्यमान) × (1000 / आयतन mL में) = (0.74 / 40) × (1000 / 500) = 0.0185 × 2 = 0.037 M? यहाँ गणना में त्रुटि है। वास्तव में: (0.74 / 40) = 0.0185 मोल, आयतन = 0.5 L, अतः मोलरता = 0.0185 / 0.5 = 0.037 M, जो विकल्पों में नहीं है। प्रश्न में संभवतः 0.74 के स्थान पर 20 ग्राम होना चाहिए। यदि 20 ग्राम हो तो मोलरता = (20/40) / 0.5 = 0.5 / 0.5 = 1.0 M, अतः सही विकल्प (स) 1.0 M है।

प्रश्न (iii) / Question (iii)

अभिक्रिया A + B → 2C में, A के लुप्त होने का वेग 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ है, तो C के बनने का वेग होगा / In the reaction A + B → 2C, the rate of disappearance of A is 10⁻² mole lit⁻¹ sec⁻¹. Then the rate of formation of C is:

  • (अ) 0.5 × 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ / (A) 0.5 × 10⁻² mole lit⁻¹ sec⁻¹
  • (ब) 1.0 × 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ / (B) 1.0 × 10⁻² mole lit⁻¹ sec⁻¹
  • (स) 1.5 × 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ / (C) 1.5 × 10⁻² mole lit⁻¹ sec⁻¹
  • (द) 2.0 × 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹ / (D) 2.0 × 10⁻² mole lit⁻¹ sec⁻¹
व्याख्या / Explanation: अभिक्रिया A + B → 2C के लिए, वेग = -d[A]/dt = -d[B]/dt = (1/2) d[C]/dt। दिया है -d[A]/dt = 10⁻², अतः d[C]/dt = 2 × 10⁻² = 2.0 × 10⁻² मोल लीटर⁻¹ सेकंड⁻¹। सही विकल्प (द) 2.0 × 10⁻² है।

प्रश्न पत्र – रसायन विज्ञान (SS-41-1-2010) – पृष्ठ 4

  1. O2+, O2 और O22- को बन्ध क्रम के बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करके लिखिए।

    Arrange and write O2+, O2 and O22- in increasing bond order.

    हल: आण्विक कक्षक सिद्धांत के अनुसार, बन्ध क्रम (Bond Order) = (बन्धन इलेक्ट्रॉनों की संख्या – प्रतिबन्धन इलेक्ट्रॉनों की संख्या) / 2

    • O2+ (15 इलेक्ट्रॉन): बन्ध क्रम = 2.5
    • O2 (16 इलेक्ट्रॉन): बन्ध क्रम = 2.0
    • O22- (18 इलेक्ट्रॉन): बन्ध क्रम = 1.0

    बढ़ता क्रम: O22- < O2 < O2+

  2. आयोडीन से बनने वाले विस्फोटक यौगिक का अणुसूत्र लिखिए।

    Write the molecular formula of explosive in which iodine is used in the manufacturing.

    उत्तर: आयोडीन से बनने वाला विस्फोटक यौगिक आयोडोफॉर्म (CHI3) है। इसका अणुसूत्र CHI3 है।

  3. एक विलयन का उदाहरण लिखिए जिसमें उसका कुल आयतन, विलेय के आयतन और विलायक के आयतन के योग के बराबर होता है।

    Write one example of the solution in which total volume of the solution is equal to the sum of the volumes of solute and solvent.

    उत्तर: ऐसे विलयन का उदाहरण बेंजीन और टॉलूईन का विलयन है। ये दोनों द्रव आदर्श विलयन बनाते हैं, जिनमें कुल आयतन, विलेय और विलायक के आयतनों के योग के बराबर होता है।

  4. अभिक्रिया A + 3B → 2C के लिए वेग नियतांक का मात्रक लिखिए।

    Write the unit of rate constant for the reaction A + 3B → 2C.

    हल: अभिक्रिया की कोटि = 1 + 1 = 2 (द्वितीय कोटि अभिक्रिया)

    द्वितीय कोटि अभिक्रिया के लिए वेग नियतांक (k) का मात्रक = L mol-1 s-1 या M-1 s-1

  5. जालक यौगिक क्या हैं? इन यौगिकों का एक उदाहरण दीजिए।

    What are lattice compounds? Write one example of such compounds.

    उत्तर: जालक यौगिक (Lattice compounds) वे यौगिक होते हैं जो एक क्रिस्टल जालक में उपस्थित रिक्त स्थानों में अन्य परमाणुओं या अणुओं के समावेश से बनते हैं। ये गैर-स्टॉइकियोमीट्रिक यौगिक होते हैं।

    उदाहरण: PdH0.6 (पैलेडियम हाइड्राइड) – इसमें हाइड्रोजन परमाणु पैलेडियम धातु के जालक में रिक्त स्थानों में समाविष्ट होते हैं।

  6. सह-गुणधर्म क्या हैं? इन गुणों का एक उदाहरण दीजिए।

    What are colligative properties? Give one example of such properties.

    उत्तर: सह-गुणधर्म (Colligative properties) वे गुण हैं जो किसी विलयन में उपस्थित विलेय कणों की संख्या पर निर्भर करते हैं, न कि उनके प्रकार या प्रकृति पर।

    उदाहरण: वाष्पदाब का अवनमन (Lowering of vapour pressure) – जब किसी शुद्ध विलायक में कोई अवाष्पशील विलेय मिलाया जाता है, तो विलयन का वाष्पदाब शुद्ध विलायक के वाष्पदाब से कम हो जाता है।

  7. ट्राउटन का नियम क्या है? इस नियम का पालन नहीं करने वाले एक द्रव का नाम लिखिए।

    What is Trouton's rule? Write the name of one liquid, which does not obey this rule.

    उत्तर: ट्राउटन का नियम (Trouton's rule) कहता है कि अधिकांश द्रवों के लिए, उनके क्वथनांक (Tb) पर वाष्पीकरण की मोलर एन्थैल्पी (ΔHvap) और क्वथनांक (केल्विन में) का अनुपात लगभग स्थिर होता है, जो लगभग 85-88 J K-1 mol-1 होता है।

    ΔHvap / Tb ≈ 85-88 J K-1 mol-1

    इस नियम का पालन नहीं करने वाला द्रव: जल (H2O) – जल में हाइड्रोजन बंध के कारण इसका मान लगभग 109 J K-1 mol-1 होता है।

9. यौगिक Na₃[Co(NO₂)₆] के समन्वय मण्डल को लिखिए । इसके लिगैण्ड व लिगैण्ड की संख्या भी दीजिए ।

Write coordination sphere of compound Na₃[Co(NO₂)₆]. Also give its ligand with its number.

समन्वय मण्डल (Coordination Sphere): [Co(NO₂)₆]³⁻

लिगैण्ड (Ligand): NO₂⁻ (नाइट्राइट आयन)

लिगैण्ड की संख्या (Number of Ligands): 6

Explanation: समन्वय मण्डल में धातु आयन (Co³⁺) और उससे जुड़े लिगैण्ड (NO₂⁻) शामिल होते हैं। बाह्य आयन (Na⁺) समन्वय मण्डल का भाग नहीं हैं।

10. उत्क्रमणीय प्रक्रम और अनुत्क्रमणीय प्रक्रम में कोई दो अन्तर लिखिए ।

Write any two differences between reversible and irreversible processes.

उत्क्रमणीय प्रक्रम (Reversible Process) अनुत्क्रमणीय प्रक्रम (Irreversible Process)
1. इसे विपरीत दिशा में लौटाया जा सकता है। 1. इसे विपरीत दिशा में नहीं लौटाया जा सकता।
2. यह अत्यंत धीमी गति से होता है और साम्यावस्था से होकर गुजरता है। 2. यह तीव्र गति से होता है और साम्यावस्था से नहीं गुजरता।

11. अभिक्रिया 5Br⁻ + BrO₃⁻ + 6H⁺ → 3Br₂ + 3H₂O की क्रियाविधि का वेग निर्धारक पद और अभिक्रिया की कोटि लिखिए ।

Write rate determining step of mechanism and order of reaction for the reaction 5Br⁻ + BrO₃⁻ + 6H⁺ → 3Br₂ + 3H₂O.

वेग निर्धारक पद (Rate Determining Step): BrO₃⁻ + 5Br⁻ + 6H⁺ → 3Br₂ + 3H₂O (यह एक जटिल अभिक्रिया है, प्रायः वेग निर्धारक पद में BrO₃⁻, Br⁻ और H⁺ शामिल होते हैं।)

अभिक्रिया की कोटि (Order of Reaction): प्रायः प्रथम कोटि BrO₃⁻ के सापेक्ष, प्रथम कोटि Br⁻ के सापेक्ष, और प्रथम कोटि H⁺ के सापेक्ष, कुल कोटि 3 होती है। (वास्तविक कोटि प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित होती है।)

12. आयनिक यौगिक AB का सैद्धान्तिक अणुभार 58.2 एवं प्रेक्षित अणुभार 30 हैं । इसका वान्ट हॉफ गुणांक और वियोजन की मात्रा की गणना कीजिए ।

Theoretical molar mass and observed molar mass of ionic compound AB are 58.2 and 30 respectively. Calculate its van't Hoff factor and degree of dissociation.

दिया गया है:

  • सैद्धान्तिक अणुभार (M_theoretical) = 58.2
  • प्रेक्षित अणुभार (M_observed) = 30

वान्ट हॉफ गुणांक (i) की गणना:

i = M_theoretical / M_observed = 58.2 / 30 = 1.94

वियोजन की मात्रा (α) की गणना:

माना AB → A⁺ + B⁻ (वियोजन पर कणों की संख्या n = 2)

α = (i - 1) / (n - 1) = (1.94 - 1) / (2 - 1) = 0.94

उत्तर: वान्ट हॉफ गुणांक (i) = 1.94, वियोजन की मात्रा (α) = 0.94 (या 94%)

13. n-प्रकार के अर्द्ध-चालक का चित्र दीजिए ।

Give the diagram of n-type semiconductor.

n-प्रकार के अर्द्ध-चालक में, शुद्ध अर्द्ध-चालक (जैसे सिलिकॉन या जर्मेनियम) में पंचसंयोजी अशुद्धि (जैसे आर्सेनिक, फॉस्फोरस) मिलाई जाती है। इससे एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन उपलब्ध होता है जो चालन में सहायक होता है।

चित्र:

Si  -  Si  -  Si
 |     |     |
Si  -  As  -  Si
 |     |     |
Si  -  Si  -  Si

यहाँ As (आर्सेनिक) पंचसंयोजी अशुद्धि है, जो एक अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन (e⁻) प्रदान करती है, जिससे n-प्रकार का अर्द्ध-चालक बनता है।

4. एन्ट्रॉपी और मोलर एन्ट्रॉपी क्या हैं ? एन्ट्रॉपी परिवर्तन का सूत्र एवं मोलर एन्ट्रॉपी का मात्रक दीजिए । जल, बर्फ एवं भाप की एन्ट्रॉपी को घटते क्रम में व्यवस्थित कीजिए ।

What are entropy and molar entropy ? Write the formula of entropy change and unit of molar entropy. Arrange the entropy of water, ice and steam in decreasing order.

एन्ट्रॉपी (Entropy): यह किसी निकाय में अव्यवस्था या यादृच्छिकता की माप है। इसे S से दर्शाया जाता है।

मोलर एन्ट्रॉपी (Molar Entropy): किसी पदार्थ के एक मोल में उपस्थित एन्ट्रॉपी को मोलर एन्ट्रॉपी कहते हैं।

एन्ट्रॉपी परिवर्तन का सूत्र: ΔS = Sअंतिम – Sप्रारंभिक या ΔS = qrev / T (जहाँ qrev उत्क्रमणीय ऊष्मा है और T ताप है)

मोलर एन्ट्रॉपी का मात्रक: J K–1 mol–1

एन्ट्रॉपी का घटता क्रम: भाप (Steam) > जल (Water) > बर्फ (Ice)

5. निम्नलिखित के कारणों की व्याख्या कीजिए :

Explain the reasons of the following :

  1. [Fe(CN)6]3– की अपेक्षा [Fe(CN)6]4– अधिक स्थायी है ।
  2. Ti3+ जलीय विलयन के संकुल आयन का रंग बैंगनी दिखाई देता है ।

(i) [Fe(CN)6]4– अधिक स्थायी है: [Fe(CN)6]4– में Fe की ऑक्सीकरण अवस्था +2 है, जबकि [Fe(CN)6]3– में Fe की ऑक्सीकरण अवस्था +3 है। CN एक प्रबल क्षेत्र लिगैंड है, जो Fe2+ (d6) के साथ निम्न प्रचक्रण संकुल बनाता है, जिसमें सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित हो जाते हैं, जिससे अधिक स्थायित्व मिलता है। Fe3+ (d5) के साथ भी निम्न प्रचक्रण संकुल बनता है, लेकिन Fe2+ का आकार बड़ा होने के कारण लिगैंड के साथ अधिक प्रभावी अतिव्यापन होता है, जिससे [Fe(CN)6]4– अधिक स्थायी होता है।

(ii) Ti3+ जलीय विलयन का बैंगनी रंग: Ti3+ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास [Ar] 3d1 है। जलीय विलयन में यह [Ti(H2O)6]3+ संकुल बनाता है। इसमें d-कक्षकों का विपाटन होता है और d-d संक्रमण के कारण प्रकाश के दृश्य भाग का अवशोषण होता है, जिससे पूरक रंग बैंगनी दिखाई देता है।

6. AgBr क्रिस्टल में पायी जाने वाली त्रुटियों के नाम दीजिए । इन त्रुटियों की व्याख्या कारण सहित कीजिए ।

Give the names of defects found in AgBr crystal. Explain these defects with reason.

AgBr क्रिस्टल में पाई जाने वाली त्रुटियाँ:

  1. फ्रेंकेल दोष (Frenkel Defect): इसमें Ag+ आयन अपने सामान्य स्थान से हटकर अंतराकाशी स्थान में चला जाता है, जिससे रिक्तिका और अंतराकाशी दोष उत्पन्न होते हैं। यह AgBr में पाया जाता है क्योंकि Ag+ का आकार छोटा होता है।
  2. शॉट्की दोष (Schottky Defect): इसमें समान संख्या में धनायन और ऋणायन अपने स्थान से हटकर क्रिस्टल की सतह पर चले जाते हैं, जिससे रिक्तिकाएँ उत्पन्न होती हैं। यह AgBr में भी पाया जाता है, विशेषकर उच्च ताप पर।

कारण: AgBr में Ag+ और Br आयनों के आकार में अंतर के कारण फ्रेंकेल दोष प्रमुख होता है, जबकि शॉट्की दोष भी कम मात्रा में पाया जाता है।

7. विसरण और परासरण में क्या अन्तर है ? प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए । विसरण और परासरण क्रियाओं को नामांकित चित्रों द्वारा दर्शाईये ।

What is the difference between diffusion and osmosis ? Give one example of each. Exhibit diffusion and osmosis through labelled diagrams.

अंतर:

विसरण (Diffusion) परासरण (Osmosis)
कणों का उच्च सांद्रता से निम्न सांद्रता की ओर स्वत: गति। विलायक अणुओं का अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से निम्न सांद्रता से उच्च सांद्रता की ओर गति।
किसी झिल्ली की आवश्यकता नहीं। अर्धपारगम्य झिल्ली आवश्यक है।
उदाहरण: कमरे में इत्र की सुगंध फैलना। उदाहरण: मूलों द्वारा मिट्टी से जल का अवशोषण।

नामांकित चित्र:

विसरण: एक बर्तन में दो गैसों (A और B) को अलग-अलग रखा गया है, मध्य में झिल्ली हटाने पर वे मिश्रित हो जाती हैं।

परासरण: एक U-नली में अर्धपारगम्य झिल्ली द्वारा शुद्ध जल और शर्करा विलयन अलग किए गए हैं, जल का स्तर शर्करा विलयन की ओर बढ़ता है।

प्रश्न 8

ऊष्मागतिकी के प्रथम व द्वितीय नियम की सहायता से सिद्ध कीजिए कि “किसी तंत्र की मुक्त ऊर्जा परिवर्तन उस तंत्र द्वारा किये जाने वाले कार्यक्षमता के बराबर है''।

With the help of first and second laws of Thermodynamics prove that "Free energy change of any system is equal to the efficiency of useful work done by the system".

उत्तर:

ऊष्मागतिकी के प्रथम नियम के अनुसार, ΔU = q + w, जहाँ ΔU आंतरिक ऊर्जा में परिवर्तन, q अवशोषित ऊष्मा, और w किया गया कार्य है। द्वितीय नियम के अनुसार, ΔS ≥ q/T (अनुक्रमणीय प्रक्रम के लिए समानता)।

मुक्त ऊर्जा (गिब्स मुक्त ऊर्जा) G = H - TS, जहाँ H = U + PV। स्थिर ताप और दाब पर, ΔG = ΔH - TΔS।

प्रथम नियम से, ΔU = q + w। यदि कार्य को उपयोगी कार्य (wuseful) और विस्तार कार्य (-PΔV) में विभाजित करें, तो w = wuseful - PΔV। अतः ΔU = q + wuseful - PΔV।

एन्थैल्पी परिवर्तन ΔH = ΔU + PΔV = q + wuseful

द्वितीय नियम से, अनुक्रमणीय प्रक्रम के लिए q = TΔS। अतः ΔH = TΔS + wuseful

इसलिए, ΔG = ΔH - TΔS = (TΔS + wuseful) - TΔS = wuseful

अतः सिद्ध हुआ कि मुक्त ऊर्जा परिवर्तन (ΔG) तंत्र द्वारा किए जाने वाले उपयोगी कार्य (कार्यक्षमता) के बराबर है।

प्रश्न 9

(i) मोलर चालकता और तुल्यांकी चालकता में क्या अन्तर है ? यदि BaCl2 की मोलर चालकता 0.4 ohm-1 cm2 mole-1 है, तो इसकी तुल्यांकी चालकता ज्ञात कीजिए।

(ii) विद्युत-रासायनिक तुल्यांक और रासायनिक तुल्यांक में क्या अन्तर है ? ये दोनों किस प्रकार एक दूसरे से सम्बन्धित हैं ?

(i) What is the difference between molar conductance and equivalent conductance ? Determine equivalent conductance of BaCl2, if its molar conductance is 0.4 ohm-1 cm2 mole-1.

(ii) What is the difference between electrochemical equivalent and chemical equivalent ? How are both related to each other ?

उत्तर (i):

अन्तर: मोलर चालकता (Λm) एक मोल विद्युत-अपघट्य के सभी आयनों द्वारा प्रदर्शित चालकता है, जबकि तुल्यांकी चालकता (Λeq) एक ग्राम-तुल्यांक विद्युत-अपघट्य के आयनों द्वारा प्रदर्शित चालकता है।

गणना: BaCl2 का तुल्यांकी भार = अणुभार / 2 (क्योंकि Ba2+ का आवेश 2 है)। अतः Λeq = Λm / 2 = 0.4 / 2 = 0.2 ohm-1 cm2 eq-1

उत्तर (ii):

अन्तर: विद्युत-रासायनिक तुल्यांक (Z) वह द्रव्यमान है जो 1 कूलॉम आवेश प्रवाहित करने पर इलेक्ट्रोड पर निक्षेपित या मुक्त होता है। रासायनिक तुल्यांक (E) वह द्रव्यमान है जो 1 ग्राम हाइड्रोजन से संयोग या प्रतिस्थापन करता है।

सम्बन्ध: फैराडे के नियमानुसार, E = Z × F, जहाँ F = 96500 कूलॉम (फैराडे स्थिरांक)। अतः रासायनिक तुल्यांक = विद्युत-रासायनिक तुल्यांक × 96500।

प्रश्न 20

सक्रियण ऊर्जा और देहली ऊर्जा में क्या अन्तर है ? अभिक्रिया-ऊर्जा आरेख में सक्रियण ऊर्जा और देहली ऊर्जा को दर्शाइए। टक्कर सिद्धान्त की अपेक्षा संक्रमण अवस्था सिद्धान्त क्यों श्रेष्ठ है?

What is the difference between activation energy and threshold energy ? Indicate activation energy and threshold energy in reaction-energy diagram. Why is transition state theory better than collision theory?

उत्तर:

अन्तर: देहली ऊर्जा (Threshold energy) वह न्यूनतम ऊर्जा है जो अणुओं के पास टक्कर के समय होनी चाहिए ताकि अभिक्रिया हो सके। सक्रियण ऊर्जा (Activation energy) वह अतिरिक्त ऊर्जा है जो अभिकारकों को सक्रियित संकुल (activated complex) बनाने के लिए आवश्यक होती है; यह देहली ऊर्जा और अभिकारकों की औसत ऊर्जा का अन्तर है।

आरेख: अभिक्रिया-ऊर्जा आरेख में, X-अक्ष अभिक्रिया पथ और Y-अक्ष ऊर्जा है। अभिकारकों की ऊर्जा स्तर से सक्रियित संकुल की ऊर्जा तक की ऊँचाई सक्रियण ऊर्जा (Ea) है। देहली ऊर्जा (ET) सक्रियित संकुल की ऊर्जा के बराबर होती है।

संक्रमण अवस्था सिद्धान्त की श्रेष्ठता: टक्कर सिद्धान्त केवल द्विअणुक अभिक्रियाओं पर लागू होता है और इसमें अणुओं की ज्यामिति तथा अभिविन्यास को ध्यान में नहीं रखा जाता। संक्रमण अवस्था सिद्धान्त अभिक्रिया की दर को सक्रियित संकुल के निर्माण और विघटन से समझाता है, जो अणुओं के अभिविन्यास, ऊर्जा वितरण, और ऊष्मागतिकी मापदंडों को शामिल करता है, जिससे यह अधिक व्यापक और सटीक है।

प्रश्न 21

(i) नमक, जिंक, कॉपर सल्फेट एवं ग्रेफाइट चालकों को आयनिक और इलेक्ट्रॉनिक चालकों में वर्गीकृत कीजिए।

(ii) संगलित नमक के वैद्युत अपघटन में कैथोड पर होने वाली अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण दीजिए। यदि इसमें संगलित नमक के स्थान पर जलीय विलयन प्रयुक्त किया जाता है तो क्या प्रभाव होगा?

उत्तर (i):

  • आयनिक चालक: नमक (जब पिघला हुआ या जलीय विलयन में), कॉपर सल्फेट (जलीय विलयन में)
  • इलेक्ट्रॉनिक चालक: जिंक (धातु), ग्रेफाइट (अधातु)

उत्तर (ii):

संगलित नमक (जैसे NaCl) के वैद्युत अपघटन में कैथोड पर अभिक्रिया:

Na⁺ + e⁻ → Na

यदि संगलित नमक के स्थान पर जलीय विलयन (NaCl का जलीय विलयन) प्रयुक्त किया जाता है, तो कैथोड पर सोडियम धातु के बजाय हाइड्रोजन गैस उत्पन्न होती है, क्योंकि जल में H⁺ आयनों का अपचयन Na⁺ की तुलना में अधिक सरलता से होता है।

2H₂O + 2e⁻ → H₂ + 2OH⁻

प्रश्न 22

(i) लैन्थेनाइड संकुचन क्या है? इसे समझाइए।

(ii) मिश्र धातु क्या है? इनका एक उपयोग लिखिए।

(iii) Mn उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था क्यों प्रदर्शित करता है? इसके कारण की व्याख्या कीजिए।

(iv) Cu²⁺ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास लिखिए। इसके चुम्बकीय आघूर्ण की गणना कीजिए।

उत्तर (i): लैन्थेनाइड संकुचन का अर्थ है कि लैन्थेनाइड श्रेणी (La से Lu तक) में परमाणु क्रमांक बढ़ने के साथ परमाणु त्रिज्या और आयनिक त्रिज्या में क्रमिक कमी आती है। इसका कारण 4f कक्षकों में इलेक्ट्रॉनों का प्रवेश है, जो नाभिकीय आवेश को प्रभावी ढंग से परिरक्षित नहीं कर पाते, जिससे नाभिकीय आकर्षण बढ़ता है और आकार घटता है।

उत्तर (ii): मिश्र धातु (Misch metal) लैन्थेनाइड तत्वों (लगभग 95% Ce, La, Nd, Pr) और लोहे (लगभग 5%) का एक मिश्रण है। इसका एक उपयोग चकमक पत्थर (flint) बनाने में होता है, जो हल्के से घर्षण पर चिंगारी उत्पन्न करता है।

उत्तर (iii): Mn (मैंगनीज) उच्चतम ऑक्सीकरण अवस्था +7 प्रदर्शित करता है क्योंकि इसके 3d और 4s कक्षकों में कुल 7 इलेक्ट्रॉन (3d⁵ 4s²) होते हैं, जो सभी रासायनिक अभिक्रियाओं में भाग ले सकते हैं। इसके अतिरिक्त, Mn का छोटा आकार और उच्च आयनन एन्थैल्पी इसे उच्च ऑक्सीकरण अवस्था में स्थिर करने में सहायक होते हैं।

उत्तर (iv): Cu²⁺ का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास: [Ar] 3d⁹

चुम्बकीय आघूर्ण की गणना: Cu²⁺ में अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों की संख्या (n) = 1

चुम्बकीय आघूर्ण (μ) = √[n(n+2)] = √[1(1+2)] = √3 ≈ 1.73 B.M.

प्रश्न 23 (Question 23)

(i) आण्विक बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर चालक और अर्द्धचालक की व्याख्या कीजिए।

(ii) B2 अणु के ऊर्जा तल आरेख को चित्रित कीजिए। इसका अणु कक्षक विन्यास, बन्ध क्रम और इसकी चुम्बकीय प्रकृति लिखिए।

(iii) बर्फ का घनत्व, जल के घनत्व की अपेक्षा कम क्यों है? कारण सहित व्याख्या कीजिए।

(1+2+4=7)

अथवा

(i) द्विध्रुव आघूर्ण के आधार पर 1,2-डाईक्लोरोएथीन की ध्रुवीय एवं अध्रुवीय प्रकृति की व्याख्या कीजिए।

(ii) C2 अणु का ऊर्जा तल आरेख को चित्रित कीजिए। इसका अणु कक्षक विन्यास, बन्ध क्रम और उसकी चुम्बकीय प्रकृति लिखिए।

(iii) H2O का क्वथनांक H2S से अधिक क्यों है? कारण सहित समझाइए।

(1+2+4=7)


English Version

(i) On the basis of molecular band theory, explain conductors and semiconductors.

(ii) Draw the energy level diagram of B2 molecule. Write its molecular orbital configuration, bond order and its magnetic nature.

(iii) Why is density of ice lower than density of water? Explain with reason.

(1+2+4=7)

OR

(i) On the basis of dipole moment, explain the polar and non-polar properties of 1,2-dichloroethene.

(ii) Draw the energy level diagram of C2 molecule. Write its molecular orbital configuration, bond order and its magnetic nature.

(iii) Why is boiling point of H2O higher than H2S? Explain with reason.

(1+2+4=7)

उत्तर (Answer):

(i) चालक एवं अर्द्धचालक की व्याख्या (आण्विक बैण्ड सिद्धान्त के आधार पर):

आण्विक बैण्ड सिद्धान्त के अनुसार, ठोसों में परमाणु कक्षकों के अतिव्यापन से आण्विक कक्षकों का निर्माण होता है, जो ऊर्जा बैण्ड बनाते हैं। चालकों में संयोजी बैण्ड और चालन बैण्ड के बीच अंतराल (बैण्ड गैप) नहीं होता या वे अतिव्यापित होते हैं, जिससे इलेक्ट्रॉन सरलता से चालन बैण्ड में जा सकते हैं और विद्युत का चालन करते हैं। अर्द्धचालकों में संयोजी बैण्ड और चालन बैण्ड के बीच एक छोटा ऊर्जा अंतराल (लगभग 1 eV) होता है, जिसे ताप या अशुद्धि डोपन द्वारा पाटा जा सकता है, जिससे ये चालक बन जाते हैं।

(ii) B2 अणु का ऊर्जा तल आरेख, अणु कक्षक विन्यास, बन्ध क्रम एवं चुम्बकीय प्रकृति:

ऊर्जा तल आरेख: B2 अणु में कुल 10 इलेक्ट्रॉन होते हैं। आरेख में σ1s, σ*1s, σ2s, σ*2s, π2px = π2py, σ2pz, π*2px = π*2py, σ*2pz कक्षकों को ऊर्जा क्रम में दर्शाया जाता है। B2 के लिए π2p कक्षक σ2p से निम्न ऊर्जा पर होते हैं।

अणु कक्षक विन्यास: (σ1s)2 (σ*1s)2 (σ2s)2 (σ*2s)2 (π2px)1 (π2py)1

बन्ध क्रम: (बन्धन कक्षकों में इलेक्ट्रॉन - प्रतिबन्धन कक्षकों में इलेक्ट्रॉन) / 2 = (6 - 4) / 2 = 1

चुम्बकीय प्रकृति: दो अयुग्मित इलेक्ट्रॉनों (π2px और π2py में) के कारण B2 अनुचुम्बकीय है।

(iii) बर्फ का घनत्व जल से कम क्यों होता है?

जल में अंतराआण्विक हाइड्रोजन बंध होते हैं। जमने पर (बर्फ में) जल के अणु एक खुली षट्कोणीय जाली संरचना बनाते हैं, जिसमें अणुओं के बीच अधिक रिक्त स्थान होता है। इसके विपरीत, द्रव जल में अणु अधिक निकट होते हैं और संरचना अपेक्षाकृत संकुचित होती है। अतः बर्फ का घनत्व (लगभग 0.92 g/cm³) जल के घनत्व (लगभग 1.0 g/cm³) से कम होता है, जिसके कारण बर्फ जल पर तैरती है।


अथवा (OR) के उत्तर:

(i) द्विध्रुव आघूर्ण के आधार पर 1,2-डाईक्लोरोएथीन की ध्रुवीय एवं अध्रुवीय प्रकृति:

1,2-डाईक्लोरोएथीन के दो समावयवी होते हैं: cis और transcis रूप में दोनों Cl परमाणु एक ही ओर होते हैं, जिससे द्विध्रुव आघूर्ण शून्य नहीं होता और यह ध्रुवीय होता है। trans रूप में Cl परमाणु विपरीत दिशाओं में होते हैं, जिससे द्विध्रुव आघूर्ण परस्पर निरस्त हो जाते हैं और यह अध्रुवीय होता है।

(ii) C2 अणु का ऊर्जा तल आरेख, अणु कक्षक विन्यास, बन्ध क्रम एवं चुम्बकीय प्रकृति:

ऊर्जा तल आरेख: C2 अणु में कुल 12 इलेक्ट्रॉन होते हैं। आरेख में σ1s, σ*1s, σ2s, σ*2s, π2px = π2py, σ2pz, π*2px = π*2py, σ*2pz कक्षकों को ऊर्जा क्रम में दर्शाया जाता है। C2 के लिए π2p कक्षक σ2p से निम्न ऊर्जा पर होते हैं।

अणु कक्षक विन्यास: (σ1s)2 (σ*1s)2 (σ2s)2 (σ*2s)2 (π2px)2 (π2py)2

बन्ध क्रम: (8 - 4) / 2 = 2

चुम्बकीय प्रकृति: सभी इलेक्ट्रॉन युग्मित होते हैं, अतः C2 प्रतिचुम्बकीय है।

(iii) H2O का क्वथनांक H2S से अधिक क्यों होता है?

H2O में प्रबल अंतराआण्विक हाइड्रोजन बंध पाए जाते हैं, जबकि H2S में हाइड्रोजन बंध नहीं बनते (क्योंकि S की विद्युत ऋणात्मकता कम होती है)। हाइड्रोजन बंधों को तोड़ने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, इसलिए H2O का क्वथनांक (100°C) H2S के क्वथनांक (-60°C) से बहुत अधिक होता है।

प्रश्न 24

(0) त्रिविम सिलिकेट क्या हैं? इनके कोई दो उदाहरण दीजिए।

(i) सिलिकेट एवं सिलिकॉन में कोई दो अन्तर लिखिए।

(ii) शुद्ध एवं निर्जल एलुमिना से एलुमिनियम धातु प्राप्त करने के विद्युत अपघटनी सेल का नामांकित चित्र बनाइए। जब इसमें क्रायोलाइट एवं फ्लुओस्पार नहीं मिलाया जाता है तो क्या दो प्रभाव होंगे?

(0) त्रिविम सिलिकेट (Three-dimensional silicates): ये वे सिलिकेट होते हैं जिनमें सिलिकॉन और ऑक्सीजन परमाणु तीनों दिशाओं में जुड़कर एक त्रिविमीय जालक (3D network) बनाते हैं। इनमें प्रत्येक ऑक्सीजन परमाणु दो सिलिकॉन परमाणुओं से जुड़ा होता है, जिससे एक स्थायी संरचना बनती है।

दो उदाहरण:

  • क्वार्ट्ज (SiO₂)
  • फेल्डस्पार (जैसे ऑर्थोक्लेज, KAlSi₃O₈)

(i) सिलिकेट एवं सिलिकॉन में अन्तर:

सिलिकेट सिलिकॉन
ये प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले खनिज हैं जिनमें SiO₄⁴⁻ इकाई होती है। ये कृत्रिम बहुलक (polymer) होते हैं जिनमें Si-O-Si श्रृंखला होती है और कार्बनिक समूह जुड़े होते हैं।
ये प्रायः ठोस, कठोर और उच्च गलनांक वाले होते हैं। ये तेल, ग्रीस या रबर जैसे पदार्थ होते हैं, जल-विकर्षक और कम गलनांक वाले होते हैं।

(ii) विद्युत अपघटनी सेल का नामांकित चित्र:

(चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाए जाते हैं: कार्बन एनोड, कार्बन कैथोड, पिघला हुआ एलुमिना + क्रायोलाइट + फ्लुओस्पार, एलुमिनियम धातु का संग्रह, बाह्य विद्युत स्रोत।)

प्रभाव जब क्रायोलाइट और फ्लुओस्पार नहीं मिलाए जाते:

  1. एलुमिना का गलनांक बहुत अधिक (लगभग 2050°C) होता है, जिससे विद्युत अपघटन के लिए अत्यधिक उच्च तापमान की आवश्यकता होगी, जो आर्थिक रूप से लाभदायक नहीं है।
  2. शुद्ध एलुमिना विद्युत का सुचालक नहीं है, अतः विद्युत धारा प्रवाहित नहीं हो पाएगी और एलुमिनियम धातु का निष्कर्षण संभव नहीं होगा।

अथवा

@) He, Ne, Ar को अक्रिय एवं विरल गैसें क्यों कहते हैं?

(४) Ne एवं Ar के भौतिक गुणों में कोई दो अन्तर दीजिए।

(ii) वायु से उत्कृष्ट गैसों के पृथक्करण की रैले उपकरण का नामांकित चित्र बनाइए। जब इसमें वायु के साथ O₂ नहीं है, तो क्या दो प्रभाव होंगे?

@) He, Ne, Ar को अक्रिय एवं विरल गैसें कहने के कारण:

  • अक्रिय गैसें: इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास पूर्ण (ns²np⁶) होता है, जिसके कारण ये रासायनिक रूप से बहुत कम अभिक्रियाशील होती हैं और सामान्य परिस्थितियों में यौगिक नहीं बनाती हैं।
  • विरल गैसें: ये वायुमंडल में बहुत कम मात्रा में पाई जाती हैं (जैसे, Ar ~0.93%, Ne ~0.0018%, He ~0.0005%)।

(४) Ne एवं Ar के भौतिक गुणों में अन्तर:

गुण Ne (नियॉन) Ar (आर्गन)
परमाणु द्रव्यमान 20.18 u 39.95 u
गलनांक -248.6°C -189.3°C
क्वथनांक -246.1°C -185.8°C
घनत्व (STP पर) 0.900 g/L 1.784 g/L

(उपरोक्त में से कोई दो अन्तर लिखे जा सकते हैं।)

(ii) रैले उपकरण का नामांकित चित्र:

(चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाए जाते हैं: वायु का इनलेट, कार्बन डाइऑक्साइड और जलवाष्प हटाने के लिए KOH और CaCl₂ ट्यूब, तरल वायु के लिए संपीडन और प्रशीतन इकाई, आंशिक आसवन स्तंभ, विभिन्न गैसों के संग्रह के लिए आउटलेट।)

प्रभाव जब वायु में O₂ नहीं है:

  1. वायु का घनत्व कम हो जाएगा, जिससे द्रवीकरण और पृथक्करण की प्रक्रिया प्रभावित होगी।
  2. आंशिक आसवन में ऑक्सीजन का क्वथनांक (-183°C) न होने के कारण, नाइट्रोजन और उत्कृष्ट गैसों का पृथक्करण अलग तापमान पर होगा, जिससे शुद्धता और दक्षता बदल जाएगी।

l+l+2=4

SS—4-l—Chem. I SS584

60.

(i) Why are He, Ne, Ar called as inert and rare gases?

These gases are called inert because they have a completely filled valence shell (octet for Ne, Ar; duplet for He) and are chemically unreactive under normal conditions. They are called rare because their abundance in the Earth's atmosphere is very low (He ~5 ppm, Ne ~18 ppm, Ar ~0.93% by volume).

(ii) Write any two differences in the physical properties of Ne and Ar.

Property Neon (Ne) Argon (Ar)
Atomic mass 20.18 u 39.95 u
Boiling point –246 °C –186 °C
Density (at STP) 0.900 g/L 1.784 g/L

Any two differences from the table above are acceptable.

(iii) Draw the labelled diagram of Rayleigh apparatus in the separation of noble gases from air. What will be the two effects when O2 is not mixed with air?

Labelled diagram of Rayleigh apparatus:

      ┌─────────────────────────────────────┐
      │         Air inlet (CO₂ & H₂O removed) │
      │                 ↓                    │
      │   ┌─────────────────────────────┐   │
      │   │   Liquefied air (liquid O₂, │   │
      │   │   N₂, Ar, Ne, Kr, Xe)       │   │
      │   └────────────┬────────────────┘   │
      │                │                    │
      │   ┌────────────▼────────────────┐   │
      │   │   Fractional distillation   │   │
      │   │   column (low temp.)        │   │
      │   └────────────┬────────────────┘   │
      │                │                    │
      │   ┌────────────▼────────────────┐   │
      │   │   Noble gas mixture (Ar, Ne,│   │
      │   │   Kr, Xe)                   │   │
      │   └────────────┬────────────────┘   │
      │                │                    │
      │   ┌────────────▼────────────────┐   │
      │   │   Rayleigh's apparatus      │   │
      │   │   (selective adsorption /   │   │
      │   │   diffusion)                │   │
      │   └────────────┬────────────────┘   │
      │                │                    │
      │   ┌────────────▼────────────────┐   │
      │   │   Separated noble gases     │   │
      │   │   (He, Ne, Ar, Kr, Xe)      │   │
      │   └─────────────────────────────┘   │
      └─────────────────────────────────────┘
    

Two effects when O2 is not mixed with air:

  1. Oxygen is essential for combustion; without O2, burning of fuels (e.g., in engines or furnaces) would not be possible.
  2. Oxygen is required for respiration in most living organisms; its absence would make the air unbreathable for aerobic life.

(Note: In the context of noble gas separation, O2 is removed before liquefaction to avoid explosion risks and to prevent condensation of oxygen which would interfere with the distillation process.)


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