RBSE Class 12th 2010 Drawing (History Of Indian Painting & Sculpture)-SS-45-2010 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2010 |
| Subject | Drawing (History Of Indian Painting & Sculpture)-SS-45-2010 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2010 Drawing (History Of Indian Painting & Sculpture)-SS-45-2010
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Rajasthan Board Class 12th Drawing (History Of Indian Painting & Sculpture)-SS-45-2010 2010 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010
चित्रकला (अनिवार्य) ललित कला वर्ग 'सैद्धान्तिक'
DRAWING
भारतीय चित्रकला एवं मूर्तिकला का इतिहास
(History of Indian Painting and Sculpture)
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
नामांक Roll No.
No. of Questions — 5 SS—45—Draw. (Hist. of I.P. & S.)
No. of Printed Pages — 3
SS—45—Draw. (Hist. of I.P. & S.) SS-592 [ Turn over ]
खण्ड 'अ' (Section ‘A’)
नोट : सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए । उत्तर वर्णनात्मक होने चाहिए ।
Note : Attempt all the questions. Answer should be narrative.
प्रश्न 1. भारत में प्रागैतिहासिक कला के विकास का संक्षिप्त परिचय दीजिए । प्रागैतिहासिक कला में चित्रित विषय क्या हैं ? इन चित्रों की मुख्य कलात्मक विशेषताओं का वर्णन कीजिए ।
Give a brief introduction of the development of the pre-historic art in India. What are the subjects painted in pre-historic art ? Describe the main artistic characteristics of these paintings. [5]
उत्तर : भारत में प्रागैतिहासिक कला का विकास मुख्यतः भीमबेटका (मध्य प्रदेश) जैसे स्थलों पर हुआ, जहाँ गुफाओं और शैलाश्रयों में चित्र मिलते हैं। ये चित्र पुरापाषाण काल से लेकर ऐतिहासिक काल तक फैले हैं। प्रागैतिहासिक कला में चित्रित विषयों में मुख्यतः शिकार के दृश्य, जानवर (बाइसन, हाथी, बाघ, हिरण), मानव आकृतियाँ, नृत्य, और सामूहिक गतिविधियाँ शामिल हैं। इन चित्रों की मुख्य कलात्मक विशेषताएँ हैं: (1) प्राकृतिक रंगों (लाल, पीला, सफेद) का उपयोग, (2) रेखाओं की सरलता और गतिशीलता, (3) आकृतियों का यथार्थवादी चित्रण, (4) परिप्रेक्ष्य का अभाव, और (5) जीवन की दैनंदिन गतिविधियों का चित्रण।
प्रश्न 2. मौर्यकालीन मूर्तिकला का भारतीय मूर्तिकला में क्या महत्व है ? प्रमुख मूर्तिशिल्पों का उदाहरण देते हुए समझाइए ।
What is the importance of Mauryan sculpture in the Indian sculpture ? Illustrate with main sculptures. [2½+2½=5]
उत्तर : मौर्यकालीन मूर्तिकला भारतीय मूर्तिकला में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत में पत्थर पर निर्मित मूर्तियों की पहली व्यवस्थित परंपरा है। इसका महत्व शाही संरक्षण, यथार्थवादी शैली, और बौद्ध धर्म के प्रसार में है। प्रमुख मूर्तिशिल्पों के उदाहरण हैं: (1) सारनाथ का सिंह स्तंभ – चार सिंहों की मूर्ति, जो आज भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है, (2) दीदारगंज की यक्षी मूर्ति – पॉलिश की गई पत्थर की सुंदर प्रतिमा, (3) रामपुरवा का बैल स्तंभ, और (4) लौरिया नंदनगढ़ का स्तंभ। ये मूर्तियाँ उच्च स्तर की शिल्पकला, चमकदार पॉलिश, और प्राकृतिक अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 3. एलोरा एवं एलीफेन्टा की मूर्तिकला का वर्णन कीजिए ।
Describe the sculptures of Ellora and Elephanta. [2½+2½=5]
उत्तर : एलोरा की मूर्तिकला (महाराष्ट्र) में कैलाश मंदिर (गुफा 16) सबसे प्रसिद्ध है, जो एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया है। इसमें हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों की मूर्तियाँ हैं, जैसे शिव की नटराज मूर्ति, विष्णु के अवतार, और बुद्ध की मूर्तियाँ। एलीफेन्टा की मूर्तिकला (मुंबई के पास) में त्रिमूर्ति (तीन मुख वाले शिव) सबसे प्रसिद्ध है, जो 20 फीट ऊँची है। यहाँ की मूर्तियाँ शिव के विभिन्न रूपों (अर्धनारीश्वर, गंगाधर) को दर्शाती हैं। दोनों स्थलों की मूर्तिकला में गतिशीलता, भावनात्मक अभिव्यक्ति, और विस्तृत अलंकरण की विशेषता है।
प्रश्न 4. यामिनी राय एवं अमृता शेरगिल की कला का समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए उनकी विचारधारा स्पष्ट कीजिए ।
Presenting the critical study of the art of Yamini Roy and Amrita Shergil, explain their ideology. [2½+2½=5]
उत्तर : यामिनी राय (1887-1972) ने बंगाल स्कूल से प्रभावित होकर भारतीय लोक कला (जैसे कालीघाट पटचित्र) को आधुनिक शैली में प्रस्तुत किया। उनकी विचारधारा भारतीय परंपरा को सरल रेखाओं, चमकीले रंगों, और सपाट आकृतियों में व्यक्त करना था। उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं: "कृष्ण और बलराम", "कटनी वाली"। अमृता शेरगिल (1913-1941) ने यूरोपीय यथार्थवाद को भारतीय विषयों से जोड़ा। उनकी विचारधारा भारतीय ग्रामीण जीवन की गरीबी और संवेदनाओं को चित्रित करना था। उनकी प्रसिद्ध कृतियाँ हैं: "ब्राइड्स टॉयलेट", "थ्री गर्ल्स"। दोनों ने भारतीय आधुनिक कला को नई दिशा दी।
प्रश्न 5. राजस्थानी कला शैलियों के महत्व को समझाइए ।
Explain the importance of Rajasthani styles of Art. [5]
उत्तर : राजस्थानी कला शैलियाँ (जैसे मेवाड़, मारवाड़, किशनगढ़, बूंदी, कोटा) भारतीय लघु चित्रकला की महत्वपूर्ण धारा हैं। इनका महत्व निम्नलिखित है: (1) धार्मिक और पौराणिक विषयों (जैसे रासलीला, रामायण) का सजीव चित्रण, (2) राजपूत संस्कृति, वीरता, और प्रेम कथाओं का प्रदर्शन, (3) चमकीले रंगों (लाल, पीला, नीला) और सूक्ष्म रेखाओं का उपयोग, (4) प्रकृति और वास्तुकला का विस्तृत चित्रण, और (5) भारतीय लोक कला और मुगल शैली के सम्मिश्रण का उदाहरण। ये शैलियाँ भारतीय कला की समृद्ध परंपरा को संरक्षित करती हैं।
खण्ड 'ब' (Section ‘B’)
नोट : सभी लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर दीजिए ।
Note : Attempt all the Short Answer Type questions.
प्रश्न 6. किशनगढ़ शैली के प्रसिद्ध चित्र का नाम लिखिए ।
Name the famous painting of Kishangarh School. [1]
उत्तर : किशनगढ़ शैली का प्रसिद्ध चित्र "बनी-ठनी" (या "राधा और कृष्ण") है, जिसे निहाल चंद ने चित्रित किया था।
प्रश्न 7. हेब्बर का पूरा नाम लिखिए ।
Write the full name of Hebbar. [1]
उत्तर : हेब्बर का पूरा नाम कट्टिंकेरी कृष्ण हेब्बर (K. K. Hebbar) है।
SS—45—Draw. (Hist. of I.P. & S.) SS-592
प्रश्न 8
कृपाल सिंह शेखावत की कला शैली के बारे में लिखिए।
Write about the art style of Kripal Singh Shekhawat.
कृपाल सिंह शेखावत राजस्थानी लघु चित्रकला परंपरा के प्रसिद्ध चित्रकार थे। उनकी कला शैली की मुख्य विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
- उन्होंने राजस्थानी शैली (विशेषकर बूंदी और कोटा शैली) को आधुनिक दृष्टिकोण से विकसित किया।
- उनके चित्रों में रेखाओं की सफाई, रंगों का सजीव प्रयोग और प्रकृति चित्रण प्रमुख है।
- उन्होंने पारंपरिक विषयों (जैसे रागमाला, ऋतु चित्रण) को नए तकनीकी प्रयोगों के साथ प्रस्तुत किया।
- उनकी शैली में लोक कला और शास्त्रीय चित्रकला का सम्मिश्रण देखने को मिलता है।
प्रश्न 9
रवि वर्मा के चित्रों की कलात्मक विशेषताएँ लिखिए।
Write about the artistic features of the Raja Ravi Verma's paintings.
राजा रवि वर्मा के चित्रों की प्रमुख कलात्मक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- यथार्थवादी शैली: उन्होंने भारतीय पौराणिक विषयों को यथार्थवादी ढंग से चित्रित किया, जिसमें मानवीय भाव-भंगिमाओं और शारीरिक संरचना पर विशेष ध्यान दिया गया।
- रंगों का प्रयोग: उन्होंने तैल रंग (oil paint) का प्रयोग कर चित्रों में गहराई और चमक पैदा की।
- प्रकाश-छाया का कुशल उपयोग: उनके चित्रों में प्रकाश और छाया का प्रभावी प्रयोग देखने को मिलता है, जिससे चित्र त्रि-आयामी प्रतीत होते हैं।
- पौराणिक और ऐतिहासिक विषय: उन्होंने रामायण, महाभारत और पुराणों के दृश्यों को जीवंत रूप दिया।
- भारतीय परिधान और आभूषण: उनके चित्रों में भारतीय संस्कृति के परिधानों और आभूषणों का सुंदर चित्रण मिलता है।
प्रश्न 10
भवेश चन्द्र सान्याल के प्रसिद्ध चित्र का नाम लिखिए।
Name the famous painting of B.C. Sanyal.
भवेश चन्द्र सान्याल (B.C. Sanyal) का प्रसिद्ध चित्र "मदर एंड चाइल्ड" (Mother and Child) है। यह चित्र मातृत्व और मानवीय संवेदनाओं को अभिव्यक्त करने के लिए जाना जाता है।
प्रश्न 11
"भागीरथ की तपस्या" का दृश्य किस मूर्तिकला केन्द्र पर उत्कीर्ण है?
In which centre is the sculpture titled 'Bhagirath Ki Tapasya' carved?
"भागीरथ की तपस्या" का दृश्य महाबलीपुरम (Mahabalipuram) के मूर्तिकला केन्द्र पर उत्कीर्ण है। यह पल्लव काल की प्रसिद्ध शैल-उत्कीर्ण मूर्ति है, जिसमें भगीरथ को गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए तपस्या करते दिखाया गया है।
प्रश्न 12
"एलीफेन्टा" की गुफाएँ कहाँ स्थित हैं?
Where are the caves of 'Elephanta' situated?
एलीफेन्टा की गुफाएँ मुंबई (Mumbai) के निकट एलीफेन्टा द्वीप पर स्थित हैं। ये गुफाएँ अपनी शैल-निर्मित मूर्तियों, विशेषकर त्रिमूर्ति (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) की विशाल प्रतिमा के लिए प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 13
देलवाड़ा का मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
Why is the Delwara temple famous?
देलवाड़ा का मंदिर (माउंट आबू, राजस्थान) अपनी अद्भुत संगमरमर की नक्काशी के लिए प्रसिद्ध है। यह जैन धर्म का प्रमुख तीर्थ स्थल है। इस मंदिर की विशेषता इसकी अत्यंत सूक्ष्म और जटिल नक्काशी है, जिसमें फूल-पत्तियाँ, देवी-देवता और ज्यामितीय आकृतियाँ बनी हैं। मंदिर का गुंबद और स्तंभ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
प्रश्न 14
कैलाश मंदिर की प्रसिद्ध मूर्ति का नाम लिखिए।
Name the famous sculpture of Kailash temple.
कैलाश मंदिर (एलोरा) की प्रसिद्ध मूर्ति "रावण द्वारा कैलाश पर्वत को उठाना" (Ravana lifting Mount Kailash) है। यह मूर्ति रावण की शक्ति और भगवान शिव की शांति को दर्शाती है।
प्रश्न 15
गुप्तकाल भारतीय मूर्तिकला का स्वर्णयुग क्यों था?
Why was the 'Gupta period' golden period of the Indian sculpture?
गुप्तकाल को भारतीय मूर्तिकला का स्वर्णयुग माना जाता है, इसके निम्नलिखित कारण हैं:
- आदर्शवादी शैली: इस काल में मूर्तियों में आदर्श सौंदर्य और संतुलन देखने को मिलता है। मूर्तियाँ न तो अत्यधिक यथार्थवादी होती थीं और न ही अमूर्त, बल्कि एक आदर्श रूप प्रस्तुत करती थीं।
- धार्मिक मूर्तियों का विकास: बौद्ध, हिंदू और जैन धर्मों की मूर्तियाँ इस काल में अपने चरम पर पहुँच गईं। विशेषकर बुद्ध की मूर्तियाँ (जैसे सारनाथ की बुद्ध प्रतिमा) अत्यंत प्रसिद्ध हैं।
- तकनीकी उन्नति: मूर्तिकारों ने पत्थर, धातु और मिट्टी पर उत्कृष्ट कार्य किया। मथुरा और सारनाथ जैसे केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता की मूर्तियाँ बनाई गईं।
- प्रभावशाली विरासत: गुप्तकाल की मूर्तिकला ने बाद की भारतीय कला शैलियों को गहराई से प्रभावित किया।