RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010 Previous Year Papers

You opened the RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010 Previous Year Papers page — a focused place to read the real previous year question paper for that subject and year. RBSE Solution keeps exam-year sets together so you can practise the same cycle your seniors faced.

Previous year papers reward patience: read instructions, note mark distribution, then attempt questions before peeking at solutions elsewhere on the site. This URL always loads the same free previous year papers content for Drawing-SS-17-2010 (2010).

Use the details table to confirm class and year, then scroll to the paper images or PDF below. More subjects from 2010 are linked later on this page.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Drawing-SS-17-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2010, and subject Drawing-SS-17-2010 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

How to practise with this question paper

Stage one: read the Drawing-SS-17-2010 question paper from 2010 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.

Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.

RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010

Scroll through the Previous Year Papers pages for Drawing-SS-17-2010 (2010).

RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2010 Drawing-SS-17-2010 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 12th Drawing-SS-17-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक समूह I (मानविकी) / OPTIONAL GROUP I (Humanities)

चित्रकला / DRAWING

समय / Time : 3¼ घण्टे    पूर्णांक / Max. Marks : 40


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  5. प्रश्न संख्या 1 से 10 तक लघु उत्तरीय प्रश्न हैं जिनके उत्तर प्रत्येक दो से तीन पंक्तियों में लिखिए।
    Question Nos. 1 to 10 are short answer type questions. The answers of these questions should be given in two to three lines each.
  6. प्रश्न संख्या 11 से 15 तक निबन्धात्मक प्रश्न हैं जिनके उत्तर प्रत्येक लगभग तीन पृष्ठों में लिखिए।
    Question Nos. 11 to 15 are essay type questions. The answers of these questions should be given approximately in 3 pages each.

55—17—Drawing    [ Turn over ]

कम्पनी शैली के दो प्रमुख चित्रकारों के नाम लिखिए।

Write the names of two main artists of company school.

उत्तर: कम्पनी शैली के दो प्रमुख चित्रकार हैं:

  1. सेवक राम (Sewak Ram)
  2. शेख ज़ैनुद्दीन (Sheikh Zainuddin)

राजा रवि वर्मा की कला पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a short note on the art of Raja Ravi Verma.

उत्तर: राजा रवि वर्मा (1848-1906) भारतीय चित्रकला के एक महान चित्रकार थे। उनकी कला में यथार्थवाद और भारतीय पौराणिक विषयों का अद्भुत सम्मिलन देखने को मिलता है। उन्होंने तेल चित्रण (Oil Painting) तकनीक को भारत में लोकप्रिय बनाया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'शकुंतला', 'लक्ष्मी', 'सरस्वती' और 'रामायण' के दृश्य शामिल हैं। उन्होंने भारतीय कला को जन-सुलभ बनाने के लिए लिथोग्राफ प्रेस की स्थापना भी की।

बंगाल शैली से आप क्या समझते हैं?

What do you understand about Bengal School?

उत्तर: बंगाल शैली (Bengal School) भारतीय चित्रकला की एक प्रमुख शैली है जो 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में अबनिंद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व में विकसित हुई। यह शैली पश्चिमी यथार्थवाद के विरोध में भारतीय परंपराओं और आध्यात्मिकता पर आधारित थी। इसमें मुगल लघु चित्रकला, अजंता भित्तिचित्र और जापानी सुलेख का प्रभाव देखा जा सकता है। इस शैली के प्रमुख चित्रकारों में नंदलाल बोस, असित कुमार हालदार और मुकुल डे शामिल हैं।

के. के. हेब्बर के तीन प्रसिद्ध चित्रों के नाम लिखिए।

Write the names of three famous paintings of K.K. Hebbar.

उत्तर: के. के. हेब्बर (K.K. Hebbar) के तीन प्रसिद्ध चित्र हैं:

  1. ग्रामीण जीवन (Rural Life)
  2. भिखारी (Beggar)
  3. नृत्य (Dance)

बेन्द्रे का पूरा नाम क्या है? बेन्द्रे की दो प्रसिद्ध कृतियों के नाम लिखिए।

What is the full name of Bendre? Write the names of two famous paintings of Bendre.

उत्तर: बेन्द्रे का पूरा नाम एन. एस. बेन्द्रे (N.S. Bendre) है। उनकी दो प्रसिद्ध कृतियाँ हैं:

  1. मदर एंड चाइल्ड (Mother and Child)
  2. लैंडस्केप (Landscape)

सारनाथ के सिंह शीर्षस्थ परगहा के बारे में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a short note on the pedestal of lion capital of Sarnath.

उत्तर: सारनाथ के सिंह शीर्षस्थ (Lion Capital) का परगहा (pedestal) अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह एक गोलाकार आधार है जिस पर चार सिंह खड़े हैं। परगहा पर एक घंटी के आकार का कमल (lotus) उकेरा गया है, जो ज्ञान और शुद्धता का प्रतीक है। इसके नीचे एक चक्र (धर्मचक्र) और चार जानवर (हाथी, घोड़ा, बैल और शेर) बने हैं, जो बुद्ध के जीवन की चार महत्वपूर्ण घटनाओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। यह मूर्ति मौर्य काल (तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व) की है और भारत का राष्ट्रीय प्रतीक है।

'चावर ग्राहिणी' प्रतिमा कहाँ से प्राप्त हुई? यह किस काल की है?

From where was the idol 'Chawar Grahini' found? To which period did it belong?

उत्तर: 'चावर ग्राहिणी' (Chawar Grahini) प्रतिमा दीदारगंज (Didarganj), पटना, बिहार से प्राप्त हुई थी। यह प्रतिमा मौर्य काल (Mauryan period) की है, लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व। यह एक स्त्री की पॉलिश की गई बलुआ पत्थर की मूर्ति है जो अपने हाथ में चावर (चामर या फ्लाई व्हिस्क) धारण किए हुए है।

'एलिफेन्टा' पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a short note on 'Elephanta'.

उत्तर: एलिफेन्टा (Elephanta) मुंबई के निकट एक द्वीप है जो अपनी गुफाओं और मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ की गुफाएँ (Elephanta Caves) 5वीं से 7वीं शताब्दी ईस्वी में निर्मित हुई थीं और ये हिंदू देवता शिव को समर्पित हैं। सबसे प्रसिद्ध मूर्ति 'त्रिमूर्ति' (Trimurti) है, जिसमें शिव को तीन मुखों (सृष्टि, स्थिति और संहार के प्रतीक) के साथ दर्शाया गया है। यह स्थल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

'रावण का कैलाश उठाना' मूर्तिशिल्प का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

Describe in brief on the sculpture of 'Ravan Ka Kailash Uthana'.

उत्तर: 'रावण का कैलाश उठाना' (Ravan Ka Kailash Uthana) एक प्रसिद्ध मूर्तिशिल्प है जो एलोरा की गुफाओं (Cave 16, कैलाश मंदिर) में स्थित है। यह मूर्ति रावण द्वारा कैलाश पर्वत को उठाने के प्रयास को दर्शाती है। इसमें रावण को दस सिर और बीस भुजाओं के साथ शक्तिशाली रूप में दिखाया गया है, जो पर्वत को हिलाने का प्रयास कर रहा है। ऊपर शिव और पार्वती शांतिपूर्वक बैठे हैं, जबकि पार्वती भयभीत होकर शिव से लिपटी हुई हैं। यह मूर्ति राष्ट्रकूट काल (8वीं शताब्दी) की है और भारतीय मूर्तिकला की उत्कृष्ट कृति मानी जाती है।

प्रश्न 10: "गंगावतरण" नामक मूर्तिशिल्प पर प्रकाश डालिए।

Throw light on sculpture named 'Gangavataran'.

उत्तर: 'गंगावतरण' (Descent of the Ganges) एक प्रसिद्ध मूर्तिशिल्प है जो महाबलीपुरम (Mahabalipuram) में स्थित है। यह पल्लव काल (7वीं शताब्दी) की उत्कृष्ट कृति है, जिसे एक विशाल चट्टान पर उकेरा गया है। इसमें भगवान शिव द्वारा गंगा नदी को पृथ्वी पर उतारने की कथा को दर्शाया गया है। मूर्ति में ऋषि भगीरथ, देवी-देवता, नाग, पशु-पक्षी और भक्तों को अत्यंत जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह भारतीय शिल्पकला का अद्वितीय उदाहरण है।

प्रश्न 11: राम जैसवाल की प्रसिद्ध कलाकृतियों के बारे में लिखिए।

Write about the famous paintings of Ram Jaiswal.

उत्तर: राम जैसवाल (Ram Jaiswal) एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार थे, जिन्होंने मुख्यतः जलरंग (watercolor) और तैल चित्रण (oil painting) में काम किया। उनकी प्रसिद्ध कलाकृतियों में शामिल हैं:

  • "ग्रामीण जीवन" (Rural Life): इसमें भारतीय गाँवों की सादगी और सौंदर्य को दर्शाया गया है।
  • "बाजार दृश्य" (Market Scene): इसमें रंग-बिरंगे बाजारों की चहल-पहल को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।
  • "प्रकृति चित्रण" (Nature Paintings): इनमें पहाड़ों, नदियों और वनों के सुंदर दृश्य शामिल हैं।

उनकी कला में यथार्थवाद (realism) और भावनात्मक गहराई (emotional depth) की विशेषता है।

प्रश्न 12: साँची व भरहुत की कला के बारे में विस्तार से लिखिए।

Write in detail about the art of Sanchi and Bharhut.

उत्तर: साँची और भरहुत की कला मौर्योत्तर काल (Post-Mauryan period) की महत्वपूर्ण बौद्ध कला के उदाहरण हैं।

साँची की कला (Art of Sanchi):

  • साँची का स्तूप (Sanchi Stupa) मध्य प्रदेश में स्थित है, जो सम्राट अशोक द्वारा बनवाया गया था।
  • इसकी तोरण द्वार (torana gates) और वेदिका (railing) पर बुद्ध के जीवन की घटनाओं और जातक कथाओं का अंकन किया गया है।
  • यहाँ बुद्ध को प्रतीकात्मक रूप में (जैसे पदचिह्न, सिंहासन, बोधि वृक्ष) दर्शाया गया है, न कि मानव रूप में।
  • मूर्तियों में सादगी, संतुलन और धार्मिक भावना की प्रधानता है।

भरहुत की कला (Art of Bharhut):

  • भरहुत (मध्य प्रदेश) का स्तूप भी बौद्ध कला का महत्वपूर्ण केंद्र था।
  • यहाँ की वेदिका और तोरण पर जातक कथाओं और बुद्ध के जीवन के दृश्यों को उकेरा गया है।
  • भरहुत की मूर्तियों में अधिक विस्तार और सजावटी तत्व (ornamental details) देखने को मिलते हैं।
  • यहाँ बुद्ध को मानव रूप में भी दर्शाया गया है, जो बाद की कला का संकेत है।

दोनों स्थलों की कला बौद्ध धर्म के प्रसार और भारतीय शिल्पकला के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

प्रश्न 13: गुप्तकालीन प्रमुख मूर्तिशिल्पों की व्याख्या कीजिए।

Describe the main sculptures of Gupta period.

उत्तर: गुप्तकाल (4थी-6वीं शताब्दी) को भारतीय कला का स्वर्ण युग (Golden Age) माना जाता है। प्रमुख मूर्तिशिल्प निम्नलिखित हैं:

  • सारनाथ की बुद्ध मूर्ति (Buddha from Sarnath): यह धर्मचक्र प्रवर्तन मुद्रा (teaching posture) में बुद्ध की प्रतिमा है, जो अत्यंत शांत और आध्यात्मिक भाव को दर्शाती है।
  • दशावतार मंदिर, देवगढ़ (Dashavatara Temple, Deogarh): इसमें भगवान विष्णु के दशावतारों और अन्य देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियाँ उकेरी गई हैं।
  • उदयगिरि की गुफाएँ (Udayagiri Caves): यहाँ वराह अवतार (Varaha avatar) की विशाल मूर्ति है, जो पृथ्वी को उठाते हुए दिखाई देती है।
  • मथुरा की मूर्तियाँ (Mathura Sculptures): इनमें बुद्ध, जैन तीर्थंकरों और हिंदू देवताओं की मूर्तियाँ शामिल हैं, जो स्थानीय लाल बलुआ पत्थर (red sandstone) से बनी हैं।

गुप्तकालीन मूर्तियों में आदर्शवाद (idealism), संतुलन (balance), और सौंदर्यबोध (aesthetic sense) की विशेषता है।

प्रश्न 14: देलवाड़ा के जैन मन्दिर की कलात्मक विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

Describe the artistic characteristics of the Jain temples of Delwara.

उत्तर: देलवाड़ा के जैन मंदिर (Delwara Jain Temples) राजस्थान के माउंट आबू में स्थित हैं, जो 11वीं-13वीं शताब्दी में बनाए गए थे। इनकी कलात्मक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • संगमरमर की नक्काशी (Marble Carving): मंदिरों की दीवारें, छतें और स्तंभ सफेद संगमरमर से बने हैं, जिन पर अत्यंत सूक्ष्म और जटिल नक्काशी की गई है।
  • गुंबद और मंडप (Domes and Mandapas): मुख्य मंदिर (लूना वसही) में एक विशाल गुंबद है, जिस पर 16 विद्यादेवियों की मूर्तियाँ उकेरी गई हैं।
  • स्तंभों की सजावट (Pillar Decoration): स्तंभों पर बेल-पत्तियों, फूलों और ज्यामितीय आकृतियों की नक्काशी की गई है, जो अत्यंत नाजुक है।
  • मूर्तियाँ (Sculptures): मंदिरों में जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ स्थापित हैं, जो ध्यान मुद्रा में हैं।
  • प्रकाश व्यवस्था (Lighting): संगमरमर की पारदर्शिता के कारण मंदिरों में प्राकृतिक प्रकाश का सुंदर प्रभाव दिखता है।

ये मंदिर भारतीय शिल्पकला की उत्कृष्टता का प्रतीक हैं।

प्रश्न 15: बी.सी. सान्याल की कला एवं कुषाण कालीन कला पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a short note on the art of B.C. Sanyal and art of Kushan period.

उत्तर:

बी.सी. सान्याल की कला (Art of B.C. Sanyal): बी.सी. सान्याल (B.C. Sanyal) एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार और मूर्तिकार थे। उनकी कला में मानवीय भावनाओं और सामाजिक यथार्थ (social realism) का चित्रण मिलता है। उन्होंने जलरंग और तैल चित्रण में काम किया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में "द लास्ट सपर" (The Last Supper) और "ग्रामीण दृश्य" (Rural Scenes) शामिल हैं। उनकी शैली में सादगी और गहराई है।

कुषाण कालीन कला (Art of Kushan Period): कुषाण काल (पहली-तीसरी शताब्दी) में भारतीय कला में महत्वपूर्ण विकास हुआ। इस काल की प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  • गांधार कला (Gandhara Art): इसमें ग्रीक-रोमन प्रभाव (Hellenistic influence) दिखता है, जिसमें बुद्ध की मानव रूप में मूर्तियाँ बनाई गईं।
  • मथुरा कला (Mathura Art): यह भारतीय परंपरा पर आधारित थी, जिसमें बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ लाल बलुआ पत्थर से बनाई गईं।
  • स्तूप और मठ (Stupas and Monasteries): इस काल में कई बौद्ध स्तूप और मठ बनाए गए, जैसे कनिष्क का स्तूप।

कुषाण कालीन कला ने बुद्ध की प्रतिमा निर्माण की परंपरा को स्थापित किया।