RBSE Class 12th 2010 Economics-SS-10-2-2010 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Economics-SS-10-2-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Economics-SS-10-2-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक वर्ग I— कला (OPTIONAL GROUP I — ARTS)

अर्थशास्त्र — द्वितीय पत्र (ECONOMICS — Second Paper)

समय : 3¼ घण्टे | पूर्णांक : 60

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। प्रश्न क्रमांक 23 व 24 में आंतरिक विकल्प हैं।
    All the questions are compulsory. There are internal choices in Question Nos. 23 and 24.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  5. जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंकवाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत् लिखें।
    For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.

55–709–2–_–टका. II 55 हा2–ा [ Turn over ]

खण्ड – अ (भाग 1)

निर्देश: प्रश्न संख्या 2 से 5 तक अति लघूत्तरात्मक प्रश्न हैं, जिनके उत्तर प्रत्येक 5 शब्दों तक देने हैं। प्रश्न संख्या 6 से 8 तक के प्रत्येक उत्तर 30 शब्दों तक एवं प्रश्न संख्या 4 से 24 तक के प्रत्येक उत्तर 400 शब्दों तक देने हैं। प्रत्येक प्रश्न के अंक उसके सामने दिए गए हैं।

Question Nos. 2 to 5 are very short answer type. Their answers are to be given in 1 to 5 words each. Answers to Question Nos. 6 to 8 are to be given within 30 words each and answers to Question Nos. 4 to 24 are to be given within 400 words each. Marks of each question are given against it.

7. प्रश्न क्रमांक 1 के चार भाग (i, ii, iii, iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (A, B, C एवं D) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:

There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:

प्रश्न क्रमांक
Question No.
सही उत्तर का क्रमाक्षर
Correct letter of the Answer
1. (i)  
1. (ii)  
1. (iii)  
1. (iv)  

55-70-2--_##€का., II 55 हा2ठ-ा

प्रश्न 1: भारत का गैर परम्परागत निर्यात है

Non-conventional export of India is

  • (अ) चाय (Tea)
  • (ब) दस्तकारी सामान (Handicrafts) ✓ सही उत्तर
  • (स) मसाले (Spices)
  • (द) काजू (Cashewnuts)

व्याख्या: भारत के पारंपरिक निर्यात में चाय, मसाले और काजू शामिल हैं, जबकि दस्तकारी सामान (हैंडीक्राफ्ट्स) गैर-पारंपरिक निर्यात की श्रेणी में आता है। गैर-पारंपरिक निर्यात में वे वस्तुएं शामिल होती हैं जो पारंपरिक निर्यात वस्तुओं (जैसे कृषि उत्पाद) से भिन्न होती हैं और जिनका निर्यात हाल के दशकों में बढ़ा है।

प्रश्न 2: भारत में योजना आयोग का गठन किया गया

Planning Commission was set up in India on

  • (अ) 5 मार्च, 1952 (March 5, 1952)
  • (ब) 5 अगस्त, 1950 (August 5, 1950)
  • (स) 6 अगस्त, 1952 (August 6, 1952)
  • (द) 5 मार्च, 1950 (March 5, 1950) ✓ सही उत्तर

व्याख्या: भारत में योजना आयोग (Planning Commission) की स्थापना 15 मार्च 1950 को हुई थी, लेकिन प्रश्न में दिए गए विकल्पों में 5 मार्च 1950 (विकल्प द) सबसे निकटतम सही तिथि है। योजना आयोग का गठन प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956) के लिए किया गया था।

प्रश्न 3: सर्वप्रथम इंटरनेट प्रणाली की शुरुआत निम्नांकित किस देश में हुई?

Internet system was first started in which of the following countries?

  • (अ) अमेरिका (America) ✓ सही उत्तर
  • (ब) चीन (China)
  • (स) इंगलैण्ड (England)
  • (द) भारत (India)

व्याख्या: इंटरनेट प्रणाली की शुरुआत सबसे पहले संयुक्त राज्य अमेरिका में हुई थी। इसकी नींव 1960 के दशक में ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) के रूप में रखी गई थी, जो बाद में आधुनिक इंटरनेट में विकसित हुआ।

प्रश्न 4: निम्न में गैर परम्परागत ऊर्जा स्रोत है

Non-conventional source of energy among the following is

  • (अ) कोयला (coal)
  • (ब) खनिज तेल (mineral oil)
  • (स) बायो-गैस (bio-gas) ✓ सही उत्तर
  • (द) विद्युत (electricity)

व्याख्या: गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों में वे स्रोत शामिल हैं जो नवीकरणीय और पर्यावरण-अनुकूल होते हैं, जैसे बायो-गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा आदि। कोयला और खनिज तेल पारंपरिक (जीवाश्म) ऊर्जा स्रोत हैं, जबकि विद्युत एक ऊर्जा रूप है, स्रोत नहीं। बायो-गैस जैविक कचरे से प्राप्त होता है और इसे गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोत माना जाता है।

प्रश्न 2

जनसंख्या घनत्व से क्या अभिप्राय है ?

What is meant by population density?

उत्तर: जनसंख्या घनत्व से अभिप्राय किसी निश्चित क्षेत्र (जैसे प्रति वर्ग किलोमीटर) में रहने वाले लोगों की औसत संख्या से है। इसे कुल जनसंख्या को कुल भूमि क्षेत्रफल से विभाजित करके निकाला जाता है।

Answer: Population density refers to the average number of people living in a specific area (e.g., per square kilometer). It is calculated by dividing the total population by the total land area.

प्रश्न 3

निर्यात (2002 के आधार पर) की दृष्टि से, भारत का विश्व अर्थव्यवस्था में कौन-सा स्थान है?

Which is the position of India, with reference to export (on the base of 2002) in the world economy?

उत्तर: निर्यात (2002 के आधार पर) की दृष्टि से भारत का विश्व अर्थव्यवस्था में 30वां स्थान था।

Answer: With reference to exports (on the base of 2002), India's position in the world economy was 30th.

प्रश्न 4

विदेशी विनिमय प्रबन्धन अधिनियम (एफ.ई.एम.ए.) 1999 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

What is the main objective of Foreign Exchange Management Act, 1999 (FEMA)?

उत्तर: एफ.ई.एम.ए. 1999 का मुख्य उद्देश्य विदेशी विनिमय से संबंधित लेन-देन को सुव्यवस्थित करना, विदेशी मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखना और भारत में विदेशी व्यापार तथा भुगतान को बढ़ावा देना है।

Answer: The main objective of FEMA 1999 is to facilitate external trade and payments, promote orderly development and maintenance of foreign exchange market in India, and regulate foreign exchange transactions.

प्रश्न 5

भारत में नई लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली कब से लागू की गई?

When was the new target public distribution system started in India?

उत्तर: भारत में नई लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) जून 1997 से लागू की गई थी।

Answer: The new Targeted Public Distribution System (TPDS) was started in India in June 1997.

प्रश्न 6

भारत में जोत उपविभाजन एवं अपखण्डन के कोई तीन कारण लिखिए।

Write any three causes of land subdivisions and scattering of holdings in India.

उत्तर: भारत में जोत उपविभाजन एवं अपखण्डन के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  1. संयुक्त परिवार प्रथा का विघटन: संयुक्त परिवारों के टूटने से भूमि का विभाजन होता है, जिससे जोतें छोटी और बिखरी हो जाती हैं।
  2. उत्तराधिकार का नियम: भारत में पैतृक संपत्ति के बंटवारे की प्रथा के कारण प्रत्येक पीढ़ी में भूमि का उपविभाजन होता है।
  3. जनसंख्या वृद्धि: तेजी से बढ़ती जनसंख्या के कारण भूमि पर दबाव बढ़ता है, जिससे छोटी-छोटी जोतों का निर्माण होता है।

Answer: Three main causes of land subdivisions and scattering of holdings in India are:

  1. Disintegration of joint family system: The breakup of joint families leads to division of land, making holdings small and fragmented.
  2. Law of inheritance: Due to the practice of dividing ancestral property among heirs, land gets subdivided with each generation.
  3. Population growth: Rapid population increase puts pressure on land, resulting in the creation of small and scattered holdings.

प्रश्न 7

देश के विकास में जनसहभागिता प्राप्त करने और ग्रामीण युवाओं को स्वावलम्बी बनाने हेतु कोई तीन सुझाव दीजिए।

Give any three suggestions for ensuring people's participation in development of the country and for making the village youths self-reliant.

उत्तर: देश के विकास में जनसहभागिता प्राप्त करने और ग्रामीण युवाओं को स्वावलम्बी बनाने हेतु तीन सुझाव निम्नलिखित हैं:

  1. कौशल विकास प्रशिक्षण: ग्रामीण युवाओं को उनकी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण (जैसे कंप्यूटर, मोबाइल रिपेयरिंग, बुनाई, कृषि आधारित उद्योग) दिया जाए, ताकि वे स्वरोजगार शुरू कर सकें।
  2. स्वयं सहायता समूहों का गठन: ग्रामीण युवाओं को स्वयं सहायता समूहों में संगठित करके उन्हें बैंक ऋण, बाजार संपर्क और उद्यमिता प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे वे सामूहिक रूप से आर्थिक गतिविधियाँ संचालित कर सकें।
  3. ग्राम पंचायतों में भागीदारी: युवाओं को ग्राम पंचायतों और स्थानीय विकास समितियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए, जिससे वे विकास योजनाओं के निर्माण और कार्यान्वयन में भाग ले सकें।

Answer: Three suggestions for ensuring people's participation and making village youths self-reliant are:

  1. Skill development training: Provide vocational training (e.g., computer, mobile repairing, weaving, agro-based industries) to rural youths according to their interests and local resources, enabling them to start self-employment.
  2. Formation of self-help groups: Organize rural youths into self-help groups and provide them with bank loans, market linkages, and entrepreneurship training to collectively run economic activities.
  3. Participation in village panchayats: Encourage youths to take active roles in village panchayats and local development committees, allowing them to participate in the planning and implementation of development schemes.

प्रश्न 8

लघु एवं कुटीर उद्योगों में कोई तीन अन्तर स्पष्ट कीजिए।

Explain any three differences between small and cottage industries.

उत्तर: लघु एवं कुटीर उद्योगों में तीन प्रमुख अन्तर निम्नलिखित हैं:

क्रमांक लघु उद्योग (Small Industry) कुटीर उद्योग (Cottage Industry)
1. इसमें मशीनों और आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग होता है। इसमें पारंपरिक हस्तकला और सरल उपकरणों का उपयोग होता है।
2. यह बड़े पैमाने पर उत्पादन करता है और इसमें अधिक पूंजी निवेश होता है। यह छोटे पैमाने पर उत्पादन करता है और इसमें कम पूंजी की आवश्यकता होती है।
3. इसमें श्रमिक कारखाने में काम करते हैं और वेतन प्राप्त करते हैं। इसमें श्रमिक अपने घरों में काम करते हैं और परिवार के सदस्य भी सहायता करते हैं।

Answer: Three main differences between small and cottage industries are:

No. Small Industry Cottage Industry
1. It uses more machines and modern technology. It uses traditional handicrafts and simple tools.
2. It produces on a large scale and requires more capital investment. It produces on a small scale and requires less capital.
3. Workers work in factories and receive wages. Workers work at home, and family members also assist.

प्रश्न 1: भारत सरकार की खाद्य नीति के किन्हीं तीन तत्वों का उल्लेख कीजिए।

Mention any three features of India's Food Policy.

उत्तर: भारत सरकार की खाद्य नीति के तीन प्रमुख तत्व निम्नलिखित हैं:

  1. न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): सरकार किसानों को उनकी उपज का न्यूनतम मूल्य सुनिश्चित करती है, ताकि उन्हें बाजार में मूल्य में गिरावट से बचाया जा सके।
  2. सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS): सरकार राशन की दुकानों के माध्यम से गरीबों को सस्ती दरों पर खाद्यान्न (गेहूं, चावल, चीनी) उपलब्ध कराती है।
  3. खाद्य भंडारण और बफर स्टॉक: सरकार खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए अनाज का बफर स्टॉक बनाए रखती है।

प्रश्न 2: गाँधीजी के अनुसार, स्वदेशी अपनाने से ग्रामीणों को होने वाले कोई तीन लाभ लिखिए।

According to Gandhiji, write any three benefits to villagers from adopting Swadeshi.

उत्तर: गाँधीजी के अनुसार स्वदेशी अपनाने से ग्रामीणों को निम्नलिखित तीन लाभ होते हैं:

  1. रोजगार में वृद्धि: स्थानीय उत्पादों के उपयोग से गाँवों में छोटे उद्योगों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलता है, जिससे ग्रामीणों को रोजगार के अवसर मिलते हैं।
  2. आर्थिक आत्मनिर्भरता: स्वदेशी अपनाने से गाँव अपनी आवश्यकताओं को स्थानीय स्तर पर पूरा कर सकते हैं, जिससे वे बाहरी बाजारों पर निर्भर नहीं रहते और आर्थिक रूप से मजबूत होते हैं।
  3. ग्रामीण विकास को बढ़ावा: स्वदेशी के माध्यम से गाँवों में उत्पादन और खपत का चक्र स्थानीय स्तर पर चलता है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था का समग्र विकास होता है और गरीबी कम होती है।

प्रश्न 3: आपके अनुसार, भारत में औद्योगिक वित्त की तीन प्रमुख कमियों को स्पष्ट कीजिए।

According to you, explain any three important deficiencies of industrial finance in India.

उत्तर: भारत में औद्योगिक वित्त की तीन प्रमुख कमियाँ निम्नलिखित हैं:

  1. पूंजी की अपर्याप्तता: भारत में अधिकांश उद्योगों, विशेषकर लघु और मध्यम उद्योगों को पर्याप्त पूंजी उपलब्ध नहीं हो पाती, जिससे उनका विस्तार और आधुनिकीकरण बाधित होता है।
  2. वित्तीय संस्थानों की सीमित पहुँच: ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित उद्योगों तक बैंकों और वित्तीय संस्थानों की पहुँच सीमित है, जिससे उन्हें ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है।
  3. उच्च ब्याज दरें और जटिल प्रक्रियाएँ: औद्योगिक ऋणों पर ब्याज दरें अक्सर अधिक होती हैं, और ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया जटिल एवं समय लेने वाली होती है, जो उद्यमियों को हतोत्साहित करती है।

प्रश्न 4: द्वितीय पंचवर्षीय योजना के किन्हीं तीन उद्देश्यों को लिखिए।

Write any three objectives of Second Five-Year Plan.

उत्तर: द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956-1961) के तीन प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित थे:

  1. तेजी से औद्योगीकरण: भारी उद्योगों (जैसे इस्पात, मशीनरी, बिजली) के विकास पर जोर दिया गया, ताकि देश को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
  2. राष्ट्रीय आय में वृद्धि: योजना का लक्ष्य राष्ट्रीय आय में 25% की वृद्धि करना था, जिससे प्रति व्यक्ति आय में सुधार हो सके।
  3. रोजगार के अवसरों का सृजन: औद्योगिक विकास के माध्यम से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करना और बेरोजगारी को कम करना।

प्रश्न 5: अनौपचारिक शिक्षा के तीन कार्यक्रमों का उल्लेख कीजिए।

Mention any three informal educational programmes.

उत्तर: अनौपचारिक शिक्षा के तीन प्रमुख कार्यक्रम निम्नलिखित हैं:

  1. साक्षरता अभियान: वयस्कों और स्कूल न जाने वाले बच्चों को बुनियादी साक्षरता (पढ़ना, लिखना, गणित) प्रदान करने के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रम।
  2. व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम: कौशल विकास के लिए अल्पकालिक प्रशिक्षण, जैसे सिलाई, बढ़ईगीरी, कंप्यूटर शिक्षा, जो रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं।
  3. सामुदायिक शिक्षा कार्यक्रम: स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण और पर्यावरण जागरूकता पर केंद्रित कार्यक्रम, जो समुदाय के स्तर पर आयोजित किए जाते हैं।

प्रश्न 6: वन विकास हेतु कोई तीन सुझाव दीजिए।

Give any three suggestions to develop forests.

उत्तर: वन विकास हेतु तीन सुझाव निम्नलिखित हैं:

  1. वृक्षारोपण को बढ़ावा देना: बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाए जाएँ, विशेषकर बंजर भूमि और सड़कों के किनारे, ताकि वन क्षेत्र का विस्तार हो सके।
  2. अवैध कटाई पर रोक: वनों की अवैध कटाई को रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाएँ और निगरानी बढ़ाई जाए, साथ ही स्थानीय समुदायों को वन संरक्षण में शामिल किया जाए।
  3. जैव विविधता संरक्षण: वनों में जैव विविधता को बनाए रखने के लिए संरक्षित क्षेत्रों (जैसे राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य) का विकास किया जाए और वन्यजीवों की रक्षा की जाए।

प्रश्न 7: भारतीय अर्थव्यवस्था के विकासशील स्वरूप को दर्शाने वाली किन्हीं तीन विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।

Explain any three features of Indian economy showing India as a developing economy.

उत्तर: भारतीय अर्थव्यवस्था के विकासशील स्वरूप को दर्शाने वाली तीन विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. कृषि पर अधिक निर्भरता: भारत की अधिकांश जनसंख्या (लगभग 50%) कृषि पर निर्भर है, जो विकासशील अर्थव्यवस्था की एक प्रमुख विशेषता है, जबकि विकसित देशों में यह अनुपात बहुत कम होता है।
  2. निम्न प्रति व्यक्ति आय: भारत में प्रति व्यक्ति आय विकसित देशों की तुलना में काफी कम है, जो आर्थिक विकास के निम्न स्तर को दर्शाता है।
  3. असंगठित क्षेत्र का बड़ा आकार: भारत में अधिकांश श्रमिक असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं, जहाँ सामाजिक सुरक्षा और नियमित आय का अभाव है, जो विकासशील अर्थव्यवस्था की एक सामान्य विशेषता है।

प्रश्न 8: किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए, आर्थिक नियोजन के महत्व को तीन आधारों पर स्पष्ट कीजिए।

Explain importance of economic planning for the economy of any country on any three grounds.

उत्तर: किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए आर्थिक नियोजन के तीन महत्वपूर्ण आधार निम्नलिखित हैं:

  1. संसाधनों का कुशल आवंटन: आर्थिक नियोजन के माध्यम से देश के सीमित संसाधनों (पूंजी, श्रम, प्राकृतिक संसाधन) का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित किया जाता है, ताकि अधिकतम उत्पादन और विकास हो सके।
  2. आर्थिक स्थिरता और वृद्धि: नियोजन से मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और आर्थिक अस्थिरता को नियंत्रित करने में मदद मिलती है, साथ ही दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं।
  3. सामाजिक कल्याण और समानता: आर्थिक नियोजन का उद्देश्य आय और धन के असमान वितरण को कम करना, गरीबी उन्मूलन, और शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं तक सबकी पहुँच सुनिश्चित करना है।

20. भारतीय अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेश के छ: संभावित लाभों का उल्लेख कीजिए।

Mention any six probable benefits to Indian economy from foreign investment.

उत्तर / Answer:

भारतीय अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेश (Foreign Investment) के छ: संभावित लाभ निम्नलिखित हैं:

  1. पूंजी निर्माण में वृद्धि: विदेशी निवेश से देश में पूंजी की उपलब्धता बढ़ती है, जिससे नए उद्योग स्थापित होते हैं और आर्थिक विकास को गति मिलती है।
  2. रोजगार के अवसर: नए उद्योगों और व्यवसायों की स्थापना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित होते हैं।
  3. प्रौद्योगिकी हस्तांतरण: विदेशी निवेश के साथ आधुनिक तकनीक और उत्पादन विधियां देश में आती हैं, जिससे उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार होता है।
  4. प्रबंधकीय कौशल में सुधार: विदेशी कंपनियां अपने साथ बेहतर प्रबंधन तकनीक और कुशलता लाती हैं, जिससे घरेलू उद्योगों को लाभ होता है।
  5. निर्यात को बढ़ावा: विदेशी निवेश से उत्पादित वस्तुएं अक्सर अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी होती हैं, जिससे देश का निर्यात बढ़ता है और विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
  6. बुनियादी ढांचे का विकास: विदेशी निवेश से सड़क, बंदरगाह, बिजली, दूरसंचार जैसे बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा मिलता है।

21. भारत के किन्हीं छ: प्रमुख आयातों को लिखिए।

Write any six important imports of India.

उत्तर / Answer:

भारत के छ: प्रमुख आयात (Imports) निम्नलिखित हैं:

  1. कच्चा तेल (Crude Oil) और पेट्रोलियम उत्पाद: यह भारत का सबसे बड़ा आयात है, जो ऊर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करता है।
  2. इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी: कंप्यूटर, मोबाइल फोन, और औद्योगिक मशीनरी का आयात बड़ी मात्रा में किया जाता है।
  3. सोना और कीमती पत्थर: भारत सोने का सबसे बड़ा आयातकर्ता है, जिसका उपयोग आभूषण और निवेश के लिए होता है।
  4. रासायनिक उत्पाद: उर्वरक, दवाइयां, और अन्य रसायनों का आयात किया जाता है।
  5. कोयला: बिजली उत्पादन और उद्योगों के लिए कोयले का आयात किया जाता है।
  6. खाद्य तेल: पाम तेल, सोयाबीन तेल जैसे खाद्य तेलों का आयात घरेलू मांग को पूरा करने के लिए किया जाता है।

22. कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र के आधार पर सिंचाई परियोजनाओं का वर्गीकरण कीजिए।

Give classification of irrigation projects on the basis of cultivable command area.

उत्तर / Answer:

कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र (Cultivable Command Area - CCA) के आधार पर सिंचाई परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाता है:

  1. लघु सिंचाई परियोजना (Minor Irrigation Project): जिसका कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र 2,000 हेक्टेयर से कम होता है।
  2. मध्यम सिंचाई परियोजना (Medium Irrigation Project): जिसका कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र 2,000 हेक्टेयर से 10,000 हेक्टेयर के बीच होता है।
  3. प्रमुख सिंचाई परियोजना (Major Irrigation Project): जिसका कृषि योग्य कमाण्ड क्षेत्र 10,000 हेक्टेयर से अधिक होता है।

23. भारत की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (5 फरवरी, 2000) की कोई छ: प्रमुख बातों का उल्लेख कीजिए।

Mention any six main features of National Population Policy (February 15, 2000) of India.

उत्तर / Answer:

राष्ट्रीय जनसंख्या नीति (2000) की छ: प्रमुख बातें निम्नलिखित हैं:

  1. लक्ष्य: 2010 तक कुल प्रजनन दर (TFR) को 2.1 तक लाना और जनसंख्या स्थिरीकरण प्राप्त करना।
  2. विलंबित विवाह: लड़कियों के विवाह की आयु 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष को प्रोत्साहित करना।
  3. गर्भनिरोधकों तक पहुंच: सभी दंपतियों को स्वैच्छिक आधार पर गर्भनिरोधक सेवाएं उपलब्ध कराना।
  4. शिशु मृत्यु दर में कमी: शिशु मृत्यु दर (IMR) को प्रति 1000 जीवित जन्मों पर 30 से कम करना।
  5. मातृ मृत्यु दर में कमी: मातृ मृत्यु दर (MMR) को प्रति 1,00,000 जीवित जन्मों पर 100 से कम करना।
  6. स्कूली शिक्षा: सभी बच्चों को 14 वर्ष की आयु तक मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना।

24. आपके अनुसार, भारत में कृषि वित्त की कोई तीन कमियाँ या दोष बताइए।

According to you, state any three shortcomings or defects of agricultural finance in India.

उत्तर / Answer:

भारत में कृषि वित्त की तीन प्रमुख कमियाँ या दोष निम्नलिखित हैं:

  1. औपचारिक ऋण की अपर्याप्तता: अधिकांश छोटे और सीमांत किसानों को बैंकों और सहकारी समितियों से पर्याप्त ऋण नहीं मिल पाता, जिसके कारण वे साहूकारों और महाजनों पर निर्भर रहते हैं।
  2. उच्च ब्याज दरें: अनौपचारिक स्रोतों (साहूकारों) से लिए गए ऋण पर ब्याज दरें बहुत अधिक (24% से 60% तक) होती हैं, जो किसानों की आय को कम कर देती हैं।
  3. जटिल प्रक्रियाएं और भ्रष्टाचार: औपचारिक ऋण प्राप्त करने के लिए लंबी और जटिल कागजी कार्रवाई, जमानत की आवश्यकता और भ्रष्टाचार के कारण किसानों को कठिनाई होती है।

25. भारत में गरीबी तथा बेरोजगारी की समस्या के उन्मूलन हेतु संचालित किन्हीं छ: कार्यक्रमों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

Explain briefly any six programmes implemented for removal of poverty and unemployment problem in India.

उत्तर / Answer:

गरीबी और बेरोजगारी उन्मूलन के लिए संचालित छ: प्रमुख कार्यक्रमों का संक्षिप्त वर्णन निम्नलिखित है:

  1. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA): यह ग्रामीण परिवारों को प्रति वर्ष 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी प्रदान करता है, जिससे गरीबी कम होती है।
  2. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY): इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण किया जाता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और आर्थिक गतिविधियां प्रोत्साहित होती हैं।
  3. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM): यह ग्रामीण गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से संगठित कर उन्हें आजीविका के अवसर प्रदान करता है।
  4. प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP): यह युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करता है।
  5. दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (DAY-NULM): यह शहरी गरीबों को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करता है।
  6. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY): यह युवाओं को उद्योग-संबंधित कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाता है।

प्रश्न 23

भारत में औद्योगिक विकास की किन्हीं छ: प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।

अथवा

भारत में सीमेन्ट उद्योग की किन्हीं छ: प्रमुख समस्याओं का वर्णन कीजिए।

Describe any six major problems of industrial development in India.

OR

Describe any six major problems of cement industry in India.

(6×1=6)

भारत में औद्योगिक विकास की छ: प्रमुख समस्याएँ:

  1. पूँजी की कमी: भारत में पूँजी निर्माण की दर कम है, जिससे उद्योगों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं मिल पाते।
  2. अपर्याप्त तकनीकी ज्ञान: अधिकांश उद्योग पुरानी और अकुशल तकनीक का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादन लागत अधिक और गुणवत्ता कम होती है।
  3. कच्चे माल की कमी: कई उद्योगों को आवश्यक कच्चा माल समय पर और उचित मूल्य पर उपलब्ध नहीं होता।
  4. ऊर्जा संकट: बिजली और कोयले जैसी ऊर्जा की आपूर्ति अनियमित और अपर्याप्त है, जिससे उत्पादन बाधित होता है।
  5. परिवहन एवं संचार की समस्या: देश के कई भागों में परिवहन और संचार के साधन विकसित नहीं हैं, जिससे उद्योगों को माल ढुलाई और संपर्क में कठिनाई होती है।
  6. बाजार की सीमितता: जनसंख्या की कम क्रय शक्ति और असमान आय वितरण के कारण औद्योगिक उत्पादों का बाजार सीमित है।

अथवा

भारत में सीमेन्ट उद्योग की छ: प्रमुख समस्याएँ:

  1. अत्यधिक पूँजी आवश्यकता: सीमेन्ट उद्योग में भारी मशीनरी और संयंत्रों की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अधिक पूँजी चाहिए।
  2. बिजली की कमी: सीमेन्ट उत्पादन में बिजली की अधिक खपत होती है, और बिजली की अनियमित आपूर्ति उत्पादन को प्रभावित करती है।
  3. कोयले की समस्या: कोयले की गुणवत्ता और आपूर्ति में कमी के कारण उत्पादन लागत बढ़ जाती है।
  4. परिवहन लागत: कच्चा माल और तैयार माल दोनों के परिवहन की लागत अधिक होती है, जिससे उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता कम होती है।
  5. प्रतिस्पर्धा: बाजार में कई सीमेन्ट कंपनियाँ होने के कारण तीव्र प्रतिस्पर्धा होती है, जिससे लाभ मार्जिन कम हो जाता है।
  6. पर्यावरणीय नियम: सीमेन्ट उद्योग से प्रदूषण होता है, और सख्त पर्यावरणीय नियमों का पालन करना महँगा होता है।

प्रश्न 24

भारत में नीची कृषि उत्पादकता के कोई तीन कारण समझाइए। कृषि उत्पादकता में वृद्धि के किन्हीं तीन उपायों का सुझाव दीजिए।

अथवा

भारत में हरित क्रान्ति के किन्हीं तीन प्रमुख तत्वों को समझाइए। भारत में इसके किन्हीं तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए।

Explain any three reasons for low agricultural productivity in India. Suggest any three methods to increase agricultural productivity.

(3+3=6)

OR

Explain any three main features of Green Revolution in India. Describe any three effects of it in India.

(3+3=6)

भारत में नीची कृषि उत्पादकता के तीन कारण:

  1. भूमि का विखण्डन: जनसंख्या वृद्धि के कारण कृषि भूमि छोटे-छोटे टुकड़ों में बँट गई है, जिससे आधुनिक मशीनों का उपयोग संभव नहीं है।
  2. सिंचाई की कमी: अधिकांश कृषि वर्षा पर निर्भर है, और सिंचाई के साधन अपर्याप्त हैं, जिससे फसल उत्पादन अनिश्चित रहता है।
  3. पुरानी कृषि पद्धतियाँ: किसान पारंपरिक तरीकों और कम उपज देने वाले बीजों का उपयोग करते हैं, जिससे उत्पादकता कम होती है।

कृषि उत्पादकता में वृद्धि के तीन उपाय:

  1. उन्नत बीजों का उपयोग: उच्च उपज देने वाले और रोग प्रतिरोधी बीजों का प्रयोग करके उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
  2. सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: नहरों, ट्यूबवेलों और तालाबों के माध्यम से सिंचाई क्षमता बढ़ानी चाहिए।
  3. उर्वरकों और कीटनाशकों का उचित उपयोग: रासायनिक और जैविक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाई जा सकती है।

अथवा

भारत में हरित क्रान्ति के तीन प्रमुख तत्व:

  1. उच्च उपज देने वाले बीज: गेहूँ और चावल की नई किस्मों (जैसे कि नोरिन, सोनोरा) का विकास किया गया, जो अधिक उपज देती हैं।
  2. रासायनिक उर्वरकों का उपयोग: नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश आधारित उर्वरकों के प्रयोग से फसल उत्पादन में वृद्धि हुई।
  3. सिंचाई सुविधाओं का विस्तार: नहरों, ट्यूबवेलों और बाँधों के निर्माण से सिंचित क्षेत्र बढ़ा, जिससे फसलों को नियमित पानी मिल सका।

भारत में हरित क्रान्ति के तीन प्रभाव:

  1. खाद्यान्न उत्पादन में वृद्धि: गेहूँ और चावल के उत्पादन में भारी वृद्धि हुई, जिससे भारत खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बना।
  2. किसानों की आय में वृद्धि: अधिक उत्पादन से किसानों की आय बढ़ी, लेकिन यह लाभ मुख्यतः बड़े किसानों तक सीमित रहा।
  3. क्षेत्रीय असमानता: हरित क्रान्ति का लाभ मुख्यतः पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों को मिला, जबकि अन्य क्षेत्र पीछे रह गए।