RBSE Class 12th 2010 Home Science-SS-18-1-2010 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2010
Subject Home Science-SS-18-1-2010
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Home Science-SS-18-1-2010 2010 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2010
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2010

वैकल्पिक समूह I – कला
OPTIONAL GROUP I – Humanities

गृह विज्ञान – प्रथम पत्र
HOME SCIENCE – First Paper

समय : 3¼ घण्टे    पूर्णांक : 40


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
  3. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। प्रश्न क्रमांक 7 एवं 8 में आंतरिक विकल्प हैं।
    All the questions are compulsory. There are internal choices in Question Nos. 7 and 8.
  4. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.

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निर्देश (Instructions)

5. जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत् लिखें।

For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.

6. प्रश्न क्रमांक 1 में चार भाग (i, ii, iii, iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (A, B, C एवं D) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:

There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 1. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:

प्रश्न क्रमांक
Question No.
सही उत्तर का क्रमाक्षर
Correct letter of the Answer
(i)
(ii)
(iii)
(iv)

55-.-78--7-म्ठाए्ट 52. I SS-534

प्रश्न 1 (0)

किशोरावस्था सामान्यतः है

  1. 4 से 8 वर्ष
  2. 3 से 2 वर्ष
  3. 24 से 20 वर्ष
  4. 0 से 5 वर्ष

English: The age of adolescence is

  1. 4 to 8 years
  2. 3 to 2 years
  3. 2 to 20 years
  4. 0 to 5 years

Correct Answer: (स) 24 से 20 वर्ष / (C) 2 to 20 years

किशोरावस्था सामान्यतः 12 से 20 वर्ष की आयु के बीच होती है, जो विकास की एक संक्रमणकालीन अवस्था है। दिए गए विकल्पों में से (स) 24 से 20 वर्ष सबसे उपयुक्त है, हालांकि इसमें थोड़ा अंतर है। सामान्यतः किशोरावस्था 10-19 वर्ष (WHO) या 12-20 वर्ष मानी जाती है।

प्रश्न 2 (9)

एक निषेचित अण्ड कोशिका से शिशु बनने तक का नौ माह का सफर कहलाता है

  1. बाल्यावस्था
  2. गर्भावस्था
  3. शैशवावस्था
  4. युवावस्था

English: Ovulation for nine months of the fertilized egg cell till its becoming a baby is called

  1. childhood
  2. pregnancy
  3. early childhood
  4. adulthood

Correct Answer: (ब) गर्भावस्था / (B) pregnancy

निषेचित अंड कोशिका (युग्मनज) से शिशु बनने तक की नौ माह की अवधि को गर्भावस्था (pregnancy) कहते हैं। यह गर्भधारण से प्रसव तक का समय होता है, जिसमें भ्रूण का विकास होता है।

(ii) Goraen के दौरान अस्थि से सम्बन्धित होने वाले सामान्य रोग को कहते हैं

  • (अ) एनीमिया
  • (ब) रिकेट्स
  • (स) आस्टियोपोरोसिस
  • (द) बेरीबेरी

The disease related to bones commonly occurring in old age is called

  • (A) anaemia
  • (B) rickets
  • (C) osteoporosis
  • (D) beriberi

Explanation: Osteoporosis is a bone disease that occurs when the body loses too much bone mass or makes too little bone, leading to weak and brittle bones. It is most common in older adults, especially postmenopausal women, due to hormonal changes and aging.

(iv) शिशुओं के लिए किस प्रकार का वस्त्र चयन किया जाना चाहिए ?

  • (अ) रेशमी एवं गहरे रंग के
  • (ब) कृत्रिम एवं मोटे
  • (स) सूती, हल्के रंग के एवं मुलायम
  • (द) ऊनी एवं भारी

Which type of clothes should be selected for babies?

  • (A) Silken and dark coloured
  • (B) Synthetic and thick
  • (C) Cotton, soft and light coloured
  • (D) Woolen and heavy

Explanation: For babies, cotton clothes that are soft and light-coloured are recommended because cotton is breathable, gentle on sensitive skin, and light colours help avoid irritation from dyes. Synthetic, thick, or heavy fabrics can cause overheating or discomfort.

प्रश्न 2: एनीमिया क्या है?

एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें रक्त में लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) या हीमोग्लोबिन की मात्रा सामान्य से कम हो जाती है। इससे शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिसके कारण थकान, कमजोरी, पीलापन और सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।

उत्तर: एनीमिया रक्त में हीमोग्लोबिन या लाल रक्त कोशिकाओं की कमी है, जो ऑक्सीजन परिवहन को प्रभावित करता है।

प्रश्न 3: पाईका किसे कहते हैं?

पाईका एक खाने का विकार है जिसमें व्यक्ति गैर-पोषक पदार्थों जैसे मिट्टी, चाक, बर्फ, या कागज खाने की इच्छा रखता है। यह अक्सर गर्भवती महिलाओं या पोषण की कमी वाले व्यक्तियों में देखा जाता है।

उत्तर: पाईका एक असामान्य खाने की आदत है जिसमें गैर-खाद्य वस्तुओं का सेवन किया जाता है।

प्रश्न 4: डिमांड फीडिंग से क्या तात्पर्य है?

डिमांड फीडिंग का अर्थ है शिशु को उसकी भूख के अनुसार स्तनपान कराना, न कि एक निश्चित समय सारणी पर। इसमें जब भी शिशु भूख का संकेत देता है (जैसे रोना, होंठ चाटना), तब उसे दूध पिलाया जाता है।

उत्तर: डिमांड फीडिंग शिशु की भूख के अनुसार स्तनपान कराने की प्रक्रिया है, जो शिशु की आवश्यकताओं को पूरा करती है।

प्रश्न 5: साबुन कितने प्रकार के होते हैं?

साबुन मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:

  1. कठोर साबुन: सोडियम हाइड्रॉक्साइड से बना, जैसे बार साबुन।
  2. मृदु साबुन: पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड से बना, जैसे तरल साबुन।
  3. औषधीय साबुन: जीवाणुरोधी या विशेष गुणों वाला साबुन।

उत्तर: साबुन तीन प्रकार के होते हैं: कठोर, मृदु, और औषधीय।

प्रश्न 6: पूरक आहार किसे कहते हैं?

पूरक आहार वह भोजन है जो मुख्य आहार के अतिरिक्त दिया जाता है ताकि पोषण की कमी को पूरा किया जा सके। यह विशेष रूप से शिशुओं, गर्भवती महिलाओं, या कुपोषित व्यक्तियों के लिए उपयोगी होता है।

उत्तर: पूरक आहार मुख्य भोजन के साथ दिया जाने वाला अतिरिक्त पोषक भोजन है।

प्रश्न 7: वस्त्रों के द्वितीयक कार्य लिखिए।

वस्त्रों के द्वितीयक कार्य निम्नलिखित हैं:

  1. सामाजिक प्रतीक: स्थिति, संस्कृति या पेशे को दर्शाना।
  2. सुरक्षा: धूप, ठंड, या कीड़ों से बचाव।
  3. सजावट: व्यक्तिगत शैली और सौंदर्य बढ़ाना।
  4. पहचान: समूह या धार्मिक पहचान दर्शाना।

उत्तर: वस्त्रों के द्वितीयक कार्य सामाजिक प्रतीक, सुरक्षा, सजावट, और पहचान हैं।

प्रश्न 8: रेफरेंस पोर्शन से क्या तात्पर्य है?

रेफरेंस पोर्शन (संदर्भ भाग) एक मानक मात्रा है जिसका उपयोग पोषण संबंधी जानकारी देने के लिए किया जाता है, जैसे खाद्य लेबल पर प्रति सर्विंग मात्रा। यह उपभोक्ताओं को पोषक तत्वों की तुलना करने में मदद करता है।

उत्तर: रेफरेंस पोर्शन एक मानक मात्रा है जो पोषण मूल्यांकन के लिए उपयोग की जाती है।

प्रश्न 9: धात्री महिला के स्तनों से कम दूध निकलने के चार कारण लिखिए।

धात्री महिला के स्तनों से कम दूध निकलने के चार कारण:

  1. अपर्याप्त स्तनपान: बार-बार स्तनपान न कराने से दूध उत्पादन कम हो जाता है।
  2. तनाव और थकान: मानसिक तनाव दूध उत्पादन को प्रभावित करता है।
  3. खराब पोषण: माँ का अपर्याप्त आहार दूध की मात्रा को कम करता है।
  4. हार्मोनल असंतुलन: थायरॉइड या प्रोलैक्टिन की कमी दूध उत्पादन को प्रभावित करती है।

उत्तर: कम दूध के कारण: अपर्याप्त स्तनपान, तनाव, खराब पोषण, और हार्मोनल असंतुलन।

0. डिजाइन निर्माण हेतु किन-किन रेखाओं का उपयोग किया जाता है ?
How many kinds of lines are used for making designs?

उत्तर: डिजाइन निर्माण हेतु मुख्यतः चार प्रकार की रेखाओं का उपयोग किया जाता है:

  1. सीधी रेखा (Straight line)
  2. टेढ़ी रेखा (Curved line)
  3. ज़िग-ज़ैग रेखा (Zig-zag line)
  4. लहरदार रेखा (Wavy line)

Answer: Four kinds of lines are used for making designs: straight, curved, zig-zag, and wavy lines.

1. गर्भावस्था में पोषण संबंधी दो समस्याएँ एवं उनके समाधान लिखिए।
Write two nutrition related problems and their solution during pregnancy.

समस्या 1: आयरन की कमी से एनीमिया (Anemia due to iron deficiency)

समाधान: आयरन युक्त आहार जैसे पालक, चुकंदर, अनार, और आयरन की गोलियाँ लेना। विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे संतरा, नींबू) आयरन के अवशोषण में सहायक होते हैं।

समस्या 2: कैल्शियम की कमी से हड्डियों में दर्द और दांतों की समस्या (Calcium deficiency causing bone pain and dental issues)

समाधान: दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियाँ और कैल्शियम सप्लीमेंट का सेवन करें।

Problem 1: Anemia due to iron deficiency.
Solution: Consume iron-rich foods like spinach, beetroot, pomegranate, and iron supplements. Vitamin C-rich foods (e.g., orange, lemon) help in iron absorption.

Problem 2: Calcium deficiency causing bone pain and dental issues.
Solution: Consume milk, curd, paneer, green leafy vegetables, and calcium supplements.

2. मध्यम एवं वृद्ध व्यक्ति के लिए कैसे वस्त्र उपयोगी रहते हैं ?
What kind of clothes are suitable to middle and old aged peoples?

उत्तर: मध्यम एवं वृद्ध व्यक्तियों के लिए निम्नलिखित प्रकार के वस्त्र उपयोगी रहते हैं:

  • सूती और मुलायम कपड़े (Cotton and soft fabrics) – त्वचा को आराम देते हैं और पसीना सोखते हैं।
  • ढीले-ढाले वस्त्र (Loose-fitting clothes) – आवाजाही में सुविधा होती है और शरीर पर दबाव नहीं पड़ता।
  • हल्के रंग के वस्त्र (Light-colored clothes) – गर्मी में ठंडक प्रदान करते हैं।
  • आसानी से पहने और उतारे जा सकने वाले वस्त्र (Easy to wear and remove) – जैसे बटन या ज़िप वाले कपड़े।

Answer: Suitable clothes for middle and old aged people include: cotton and soft fabrics for comfort, loose-fitting clothes for ease of movement, light-colored clothes for coolness, and easy-to-wear/remove clothes with buttons or zippers.

3. किशोरावस्था में आहार आयोजन करते समय किन-किन बातों को ध्यान में रखेंगे ?
What points would you remember while planning meal in adolescence?

उत्तर: किशोरावस्था में आहार आयोजन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. पोषक तत्वों की आवश्यकता: तेजी से बढ़ते शरीर के लिए प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन और खनिजों की पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित करें।
  2. संतुलित आहार: सभी खाद्य समूहों (अनाज, दालें, फल, सब्जियाँ, दूध, मांस/अंडे) को शामिल करें।
  3. भोजन की मात्रा: भूख के अनुसार भोजन की मात्रा बढ़ाएँ, क्योंकि किशोरों की ऊर्जा आवश्यकता अधिक होती है।
  4. नियमित भोजन: समय पर भोजन करें और जंक फूड से बचें।
  5. हाइड्रेशन: पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें।

Answer: While planning meals in adolescence, remember: adequate nutrients (protein, calcium, iron, vitamins), balanced diet from all food groups, appropriate quantity according to hunger, regular meals avoiding junk food, and proper hydration.

4. सिलाई मशीन की देखभाल आप कैसे करेंगी ?
How will you maintain a sewing machine?

उत्तर: सिलाई मशीन की देखभाल के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए:

  1. सफाई: मशीन के अंदर धूल और रुई के फाहे को नियमित रूप से साफ करें। ब्रश या एयर ब्लोअर का उपयोग करें।
  2. तेल लगाना: मशीन के चलने वाले भागों (जैसे शटल, बॉबिन केस) पर हल्का मशीन तेल लगाएँ। अधिक तेल न लगाएँ।
  3. सुई बदलना: टूटी या मुड़ी हुई सुई को तुरंत बदलें। सही आकार की सुई का उपयोग करें।
  4. धागा और बॉबिन: सही प्रकार का धागा और बॉबिन का उपयोग करें। बॉबिन को सही ढंग से लगाएँ।
  5. ढक्कन: उपयोग के बाद मशीन को ढक्कन से ढकें ताकि धूल न लगे।
  6. सर्विसिंग: समय-समय पर मशीन की पेशेवर सर्विसिंग करवाएँ।

Answer: To maintain a sewing machine: clean dust and lint regularly, oil moving parts lightly, replace bent or broken needles, use correct thread and bobbin, cover the machine after use, and get professional servicing periodically.

5. मिलावट किसे कहते हैं ? मिलावट कितने प्रकार की होती है ?
What is adulteration? How many kinds of adulteration are there?

उत्तर: मिलावट किसी खाद्य पदार्थ में उसकी गुणवत्ता या शुद्धता को कम करने के लिए सस्ते या हानिकारक पदार्थों को मिलाने की प्रक्रिया है। इससे खाद्य पदार्थ की पोषण क्षमता कम हो जाती है और स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है।

मिलावट के प्रकार: मुख्यतः तीन प्रकार की मिलावट होती है:

  1. जानबूझकर की गई मिलावट (Intentional adulteration): लाभ कमाने के लिए जानबूझकर सस्ते पदार्थ मिलाना, जैसे दूध में पानी, मिर्च पाउडर में ईंट का चूरा।
  2. आकस्मिक मिलावट (Incidental adulteration): अनजाने में खाद्य पदार्थ में हानिकारक तत्व मिल जाना, जैसे अनाज में कीटनाशकों के अवशेष या धूल।
  3. प्राकृतिक मिलावट (Natural adulteration): प्राकृतिक रूप से खाद्य पदार्थ में अवांछित तत्व मौजूद होना, जैसे अनाज में खरपतवार के बीज।

Answer: Adulteration is the process of adding cheap or harmful substances to food items to reduce quality or purity. There are three kinds: intentional (deliberate mixing for profit), incidental (accidental contamination), and natural (presence of unwanted natural elements).

6. वृद्धावस्था की पोषण संबंधी समस्याएँ लिखिए।
Write nutritional problems of old age.

उत्तर: वृद्धावस्था में निम्नलिखित पोषण संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं:

  1. भूख न लगना (Loss of appetite): स्वाद और गंध की क्षमता कम होने के कारण भोजन में रुचि कम हो जाती है।
  2. पाचन संबंधी समस्याएँ (Digestive issues): कब्ज, एसिडिटी, और पोषक तत्वों का अवशोषण कम होना।
  3. कैल्शियम और विटामिन D की कमी (Calcium and Vitamin D deficiency): हड्डियों के कमजोर होने (ऑस्टियोपोरोसिस) का खतरा बढ़ जाता है।
  4. प्रोटीन की कमी (Protein deficiency): मांसपेशियों का क्षय (सार्कोपेनिया) हो सकता है।
  5. विटामिन B12 की कमी (Vitamin B12 deficiency): तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव और एनीमिया हो सकता है।
  6. निर्जलीकरण (Dehydration): प्यास कम लगने के कारण पर्याप्त पानी न पीना।

Answer: Nutritional problems in old age include: loss of appetite, digestive issues (constipation, poor absorption), calcium and Vitamin D deficiency (osteoporosis risk), protein deficiency (muscle wasting), Vitamin B12 deficiency (nerve issues, anemia), and dehydration due to reduced thirst sensation.

7. आहार आयोजन क्या है ? आहार आयोजन के सिद्धान्तों को स्पष्ट कीजिए।

What is meal planning? Explain the principles of meal planning.

आहार आयोजन (Meal Planning): आहार आयोजन का अर्थ है परिवार के सभी सदस्यों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं, स्वाद, बजट और उपलब्ध सामग्री को ध्यान में रखते हुए दिन भर के भोजन की योजना बनाना। यह एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जो संतुलित आहार सुनिश्चित करती है।

आहार आयोजन के सिद्धान्त (Principles of Meal Planning):

  1. पोषण संतुलन (Nutritional Balance): भोजन में सभी पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज) उचित मात्रा में हों।
  2. परिवार की आवश्यकताएँ (Family Needs): सदस्यों की आयु, लिंग, शारीरिक श्रम और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आहार की योजना बनाना।
  3. बजट (Budget): परिवार की आर्थिक क्षमता के अनुसार पौष्टिक और किफायती भोजन का चयन।
  4. मौसमी उपलब्धता (Seasonal Availability): मौसमी फलों और सब्जियों का उपयोग करना, जो सस्ते और अधिक पौष्टिक होते हैं।
  5. विविधता (Variety): भोजन में रंग, बनावट, स्वाद और पकाने की विधियों में विविधता लाना ताकि भोजन रुचिकर लगे।
  6. समय और ऊर्जा की बचत (Time and Energy Saving): ऐसे व्यंजन चुनना जो कम समय और प्रयास में तैयार हो सकें।
  7. पारिवारिक परंपराएँ और पसंद (Family Traditions and Preferences): परिवार की खान-पान की आदतों और धार्मिक/सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान करना।

अथवा (OR)

शारीरिक श्रम के आधार पर वयस्क व्यक्तियों को कितने वर्गों में बाँटा गया है? वयस्कावस्था में आयवर्ग के अनुसार संतुलित आहार व्यवस्था किस प्रकार की जा सकती है?

Based on the physical work, in how many categories are adults divided? How balanced diet arrangements could be made in adulthood based on their income groups?

शारीरिक श्रम के आधार पर वर्गीकरण: वयस्क व्यक्तियों को शारीरिक श्रम के आधार पर तीन वर्गों में बाँटा गया है:

  1. हल्का शारीरिक श्रम (Sedentary/Light Work): जैसे कार्यालयीन कर्मचारी, शिक्षक, डॉक्टर।
  2. मध्यम शारीरिक श्रम (Moderate Work): जैसे कारीगर, छोटे व्यापारी, गृहिणियाँ।
  3. भारी शारीरिक श्रम (Heavy Work): जैसे मजदूर, किसान, खिलाड़ी।

आयवर्ग के अनुसार संतुलित आहार व्यवस्था:

  • निम्न आय वर्ग: सस्ते और पौष्टिक खाद्य पदार्थों जैसे दालें, मोटे अनाज (बाजरा, ज्वार), मौसमी सब्जियाँ और स्थानीय फलों का उपयोग करें। अंकुरित अनाज और स्प्राउट्स को शामिल करें।
  • मध्यम आय वर्ग: गेहूँ, चावल, दालें, हरी सब्जियाँ, दूध, अंडे और फलों को संतुलित मात्रा में शामिल करें। सप्ताह में 2-3 बार मछली या मांस का सेवन कर सकते हैं।
  • उच्च आय वर्ग: सभी प्रकार के अनाज, दूध और दुग्ध उत्पाद, मांस, मछली, अंडे, फल और सूखे मेवे शामिल करें। अधिक वसा और शर्करा से बचें।

सभी वर्गों के लिए यह सुनिश्चित करें कि भोजन में कार्बोहाइड्रेट (50-60%), प्रोटीन (10-15%), वसा (20-30%), विटामिन और खनिज उचित अनुपात में हों।

8. एक उत्तम पोशाक का चयन किन-किन बिन्दुओं को ध्यान में रखकर करेंगे?

What all points will you consider for selecting an ideal dress?

एक उत्तम पोशाक का चयन करते समय निम्नलिखित बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिए:

  1. शरीर के आकार और प्रकार (Body Shape and Type): पोशाक ऐसी हो जो शरीर के अनुकूल हो और दोषों को छिपाकर गुणों को उभारे।
  2. अवसर (Occasion): पोशाक का चयन अवसर के अनुसार करें – दैनिक उपयोग, कार्यालय, पार्टी, शादी आदि।
  3. मौसम (Season): गर्मी में सूती, हल्के रंग; सर्दी में ऊनी, गहरे रंग; बरसात में जलरोधक कपड़े।
  4. कपड़े का प्रकार (Fabric Type): आरामदायक, टिकाऊ और देखभाल में आसान कपड़ा चुनें (जैसे सूती, लिनन, रेशम, पॉलिएस्टर)।
  5. रंग और डिज़ाइन (Color and Design): त्वचा के रंग, उम्र और फैशन के अनुसार रंग चुनें। डिज़ाइन सादा या पैटर्नयुक्त हो सकता है।
  6. आराम (Comfort): पोशाक पहनने में आरामदायक हो, चलने-फिरने में बाधा न डाले।
  7. बजट (Budget): अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार गुणवत्तापूर्ण पोशाक चुनें।
  8. देखभाल (Care): ऐसा कपड़ा चुनें जिसकी सफाई और रखरखाव आसान हो (ड्राई क्लीन या मशीन वॉश)।
  9. फैशन और ट्रेंड (Fashion and Trend): वर्तमान फैशन के अनुसार हो, लेकिन कालातीत (timeless) भी हो।
  10. व्यक्तित्व (Personality): पोशाक व्यक्ति के व्यक्तित्व और जीवनशैली को दर्शाए।

अथवा (OR)

धब्बे से क्या तात्पर्य है? धब्बों का वर्गीकरण चार्ट द्वारा करते हुए विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए।

What are meant by stains? Explain in detail the classification of stains with the help of a chart.

धब्बे (Stains): धब्बे कपड़े या सतह पर किसी पदार्थ के गिरने या लगने से बने अवांछित निशान होते हैं, जो रंग, बनावट या सफाई को प्रभावित करते हैं।

धब्बों का वर्गीकरण (Classification of Stains):

धब्बे का प्रकार (Type of Stain) उदाहरण (Examples) हटाने की विधि (Removal Method)
1. प्रोटीनयुक्त धब्बे (Protein Stains) खून, दूध, अंडा, मांस का रस ठंडे पानी में भिगोकर, एंजाइम युक्त डिटर्जेंट से धोएं। गर्म पानी का उपयोग न करें।
2. वसायुक्त धब्बे (Fatty/Oil Stains) तेल, मक्खन, घी, मेकअप टैल्कम पाउडर या कॉर्नस्टार्च से सोखें, फिर डिटर्जेंट या डिश सोप से धोएं।
3. कार्बोहाइड्रेट धब्बे (Carbohydrate Stains) चाय, कॉफी, फलों का रस, चॉकलेट गर्म पानी और डिटर्जेंट से धोएं। सफेद सिरका या नींबू का रस लगाएं।
4. रंगीन धब्बे (Dye Stains) स्याही, पेंट, मेंहदी, घास का रस अल्कोहल, नेल पॉलिश रिमूवर या ब्लीच (सफेद कपड़े के लिए) का उपयोग करें।
5. खनिज धब्बे (Mineral Stains) जंग, कैल्शियम जमा, मिट्टी नींबू का रस और नमक, या सिरका और बेकिंग सोडा का पेस्ट लगाएं।
6. मिश्रित धब्बे (Combined Stains) करी, ग्रेवी, सॉस पहले ठंडे पानी से धोएं, फिर डिटर्जेंट और सिरके का उपयोग करें।

चार्ट का सारांश: धब्बों को उनके मूल पदार्थ के आधार पर प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट, रंग, खनिज और मिश्रित श्रेणियों में बाँटा गया है। प्रत्येक प्रकार के धब्बे को हटाने के लिए अलग-अलग विधियाँ अपनाई जाती हैं, जैसे प्रोटीन के लिए ठंडा पानी, वसा के लिए अवशोषक पदार्थ, और रंगीन धब्बों के लिए विलायक (solvent) का उपयोग।