RBSE Class 12th 2011 Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 Previous Year Papers
You opened the RBSE Class 12th 2011 Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 Previous Year Papers page — a focused place to read the real previous year question paper for that subject and year. RBSE Solution keeps exam-year sets together so you can practise the same cycle your seniors faced.
Previous year papers reward patience: read instructions, note mark distribution, then attempt questions before peeking at solutions elsewhere on the site. This URL always loads the same free previous year papers content for Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 (2011).
Use the details table to confirm class and year, then scroll to the paper images or PDF below. More subjects from 2011 are linked later on this page.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2011 |
| Subject | Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2011, and subject Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
Turning 2011 papers into insight
One Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.
Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 12th expect clear numbering even in practice sessions.
RBSE Class 12th 2011 Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011
Scroll through the Previous Year Papers pages for Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 (2011).
Rajasthan Board Class 12th Home Management Cloth & Costume-SS-91-2-2011 2011 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2012
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2012
वैकल्पिक समूह V — गृह विज्ञान (OPTIONAL GROUP V — HOME SCIENCE)
गृह प्रबन्ध, वस्त्र एवं परिधान — द्वितीय पत्र
(Home Management, Cloth and Costume — Second Paper)
समय : 3 घण्टे 15 मिनट पूर्णांक : 40
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - प्रश्न पत्र के हिन्दी एवं अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
प्रश्न पत्र कोड : SS—91-2—H. Manag. Cloth & Costu. II
प्रश्नों की संख्या : निर्धारित मुद्रित पृष्ठ : 3
SS—91-2—H. Manag. Cloth & Costu. II | SS-608-II
प्रश्न
प्रश्न 4
रफू बनाते समय किन-किन बिन्दुओं का ध्यान रखना चाहिये ?
What points should be considered while making darning?
अंक: 2
उत्तर: रफू बनाते समय निम्नलिखित बिन्दुओं का ध्यान रखना चाहिए:
- रफू के धागे का रंग और मोटाई कपड़े से मेल खाना चाहिए।
- रफू को कपड़े के बुनाई के पैटर्न के अनुसार ही बनाना चाहिए।
- रफू के टांके समान दूरी पर और समान आकार के होने चाहिए।
- रफू करते समय कपड़े को तना हुआ रखना चाहिए ताकि सिलवटें न पड़ें।
- रफू के किनारों को अच्छी तरह से फिक्स करना चाहिए ताकि वह खुले नहीं।
प्रश्न 5
पुराने व बिना फैशन के कपड़ो का परिवर्तन आप कैसे करेंगी ?
How will you alter old and out of fashion clothes?
अंक: 2
उत्तर: पुराने और बिना फैशन के कपड़ों को निम्नलिखित तरीकों से बदला जा सकता है:
- कपड़ों की लंबाई या चौड़ाई बदलकर नया लुक देना (जैसे लंबी स्कर्ट को छोटा करना)।
- नए बटन, लेस, या एम्ब्रॉयडरी जोड़कर कपड़े को आकर्षक बनाना।
- कपड़े के कट को बदलना, जैसे सादे टॉप को पेप्लम या फ्रॉक में बदलना।
- पुराने कपड़ों से नए आइटम बनाना, जैसे जींस से बैग या शर्ट से कुशन कवर।
- रंगाई या प्रिंटिंग करके कपड़े को नया रूप देना।
प्रश्न 6
ऊनी व रेशमी वस्त्रों के संग्रहण के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिए।
Describe the different steps of storage methods of woolen and silken clothes.
अंक: 3
उत्तर: ऊनी और रेशमी वस्त्रों के संग्रहण के विभिन्न चरण निम्नलिखित हैं:
- सफाई: वस्त्रों को संग्रहण से पहले अच्छी तरह से धोकर या ड्राई क्लीन करके सुखा लेना चाहिए ताकि कोई दाग या नमी न रहे।
- मोड़ना: वस्त्रों को सावधानीपूर्वक मोड़ना चाहिए ताकि सिलवटें न पड़ें। ऊनी वस्त्रों को हैंगर पर न लटकाएं क्योंकि इससे वे खिंच सकते हैं।
- कीटनाशक का उपयोग: ऊनी वस्त्रों को कीटों (जैसे पतंगे) से बचाने के लिए नेफ्थलीन या लैवेंडर की गोलियां रखें। रेशमी वस्त्रों के लिए हल्के कीटनाशक का उपयोग करें।
- पैकिंग: वस्त्रों को सांस लेने वाले कपड़े के बैग (जैसे कॉटन) में रखें, प्लास्टिक बैग का उपयोग न करें क्योंकि इससे नमी जमा हो सकती है।
- भंडारण स्थान: वस्त्रों को सूखी, ठंडी और अंधेरी जगह पर रखें। सीधी धूप और नमी से बचाएं।
- नियमित जांच: समय-समय पर वस्त्रों की जांच करें ताकि किसी भी प्रकार के नुकसान या कीट के प्रकोप को रोका जा सके।
प्रश्न 7
निम्नलिखित की धुलाई कार्य में क्या उपयोगिता है ?
(1) नील (2) कलफ (3) इस्त्री करना।
Explain the utility of the following in laundry work.
अंक: 1+1+1=3
उत्तर:
- नील (Blue): नील का उपयोग सफेद कपड़ों की धुलाई में उनकी चमक बढ़ाने और पीलेपन को दूर करने के लिए किया जाता है। यह कपड़ों को एक ताजा और सफेद रूप देता है।
- कलफ (Starch): कलफ का उपयोग कपड़ों को कड़ा और चिकना बनाने के लिए किया जाता है। यह कपड़ों को आकार देने, सिलवटों को कम करने और उन्हें अधिक समय तक साफ दिखाने में मदद करता है।
- इस्त्री करना (Ironing): इस्त्री करने से कपड़ों की सिलवटें दूर होती हैं और वे साफ-सुथरे दिखते हैं। यह कपड़ों को आकार देने और उनकी उम्र बढ़ाने में भी सहायक होता है।
प्रश्न 8
वस्त्रों की धुलाई के लिये किन-किन उपकरणों की आवश्यकता होती है ? किन्हीं दो उपकरणों का वर्णन कीजिए।
What equipment are required for washing clothes? Describe any two equipment.
अंक: 1+2=3
उत्तर: वस्त्रों की धुलाई के लिए आवश्यक उपकरणों में शामिल हैं: वॉशिंग मशीन, बाल्टी, स्क्रब बोर्ड, ब्रश, डिटर्जेंट, साबुन, पानी, ड्रायर, इस्त्री, और हैंगर।
दो उपकरणों का वर्णन:
- वॉशिंग मशीन: यह एक स्वचालित उपकरण है जो कपड़ों को धोने, रिंस करने और स्पिन करने का काम करता है। इसमें विभिन्न प्रोग्राम होते हैं जो विभिन्न प्रकार के कपड़ों के लिए उपयुक्त होते हैं। यह समय और श्रम बचाता है और कपड़ों को अच्छी तरह से साफ करता है।
- स्क्रब बोर्ड: यह एक पारंपरिक उपकरण है जिसका उपयोग कपड़ों को हाथ से धोने के लिए किया जाता है। इसमें रिब्ड सतह होती है जो कपड़ों को रगड़ने में मदद करती है, जिससे गंदगी और दाग आसानी से निकल जाते हैं। यह छोटे और नाजुक कपड़ों के लिए उपयोगी है।
अच्छी सिलाई करने हेतु आवश्यक चरण
अच्छी सिलाई के लिए निम्नलिखित चरण आवश्यक हैं:
- सही उपकरणों का चयन: सुई, धागा, कैंची, मापने का फीता, पिन आदि का उचित चयन करें।
- कपड़े की तैयारी: सिलाई से पहले कपड़े को धोकर इस्त्री करें ताकि सिकुड़न न हो।
- पैटर्न कटिंग: सही माप लेकर पैटर्न को सावधानीपूर्वक काटें।
- पिनिंग और बस्टिंग: कपड़े को पिन से स्थिर करें और हाथ से ढीली सिलाई (बस्टिंग) करें।
- सीधी सिलाई: मशीन या हाथ से सीधी और समान सिलाई करें, सीवन भत्ता (seam allowance) का ध्यान रखें।
- फिनिशिंग: सिलाई के बाद धागों को साफ करें, किनारों को हेम करें और इस्त्री करें।
व्यक्तित्व और परिधान का सम्बन्ध
व्यक्तित्व और परिधान का गहरा सम्बन्ध है। परिधान व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाता है और उसे प्रभावित भी करता है:
- आत्म-अभिव्यक्ति: परिधान व्यक्ति के स्वभाव, रुचि और संस्कृति को प्रकट करता है।
- आत्मविश्वास: उपयुक्त परिधान पहनने से आत्मविश्वास बढ़ता है।
- सामाजिक धारणा: लोग परिधान के आधार पर व्यक्ति के बारे में राय बनाते हैं।
- मनोदशा पर प्रभाव: रंग और शैली व्यक्ति की मनोदशा को प्रभावित कर सकते हैं।
- व्यावसायिक छवि: कार्यक्षेत्र में उचित परिधान पेशेवर छवि बनाता है।
डिजाइन के सिद्धान्त
डिजाइन के प्रमुख सिद्धान्त निम्नलिखित हैं:
- संतुलन (Balance): डिजाइन में दृश्य भार का समान वितरण, सममित या असममित हो सकता है।
- अनुपात (Proportion): विभिन्न भागों के बीच आकार और मात्रा का सही सम्बन्ध।
- लय (Rhythm): रेखाओं, रंगों या आकृतियों की पुनरावृत्ति से गति का भाव।
- एकता (Unity): सभी तत्वों का एक साथ मिलकर एक सम्पूर्ण रूप बनाना।
- प्रमुखता (Emphasis): किसी एक तत्व को विशेष रूप से उभारना।
- विविधता (Variety): एकरसता से बचने के लिए विभिन्न तत्वों का प्रयोग।
तैयार पोशाक चयन में जाँचने योग्य गुण
तैयार पोशाक का चयन करते समय निम्नलिखित गुणों की जाँच करनी चाहिए:
- कपड़े की गुणवत्ता: कपड़ा मजबूत, आरामदायक और टिकाऊ हो।
- सिलाई की गुणवत्ता: सीवन सीधे और मजबूत हों, कोई ढीला धागा न हो।
- फिटिंग: पोशाक शरीर पर सही ढंग से फिट हो, न बहुत ढीली न बहुत तंग।
- फिनिशिंग: हेम, बटन, ज़िपर और अन्य विवरण साफ और सही हों।
- रंग और डिजाइन: रंग फीका न हो, डिजाइन सममित और आकर्षक हो।
- लेबल और देखभाल निर्देश: कपड़े की देखभाल के निर्देश स्पष्ट हों।
- मूल्य: गुणवत्ता के अनुरूप मूल्य हो।
वस्त्रों के चयन पर व्यवसाय और मौसम का प्रभाव
वस्त्रों के चयन पर व्यवसाय और मौसम का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है:
व्यवसाय का प्रभाव:
- व्यावसायिक क्षेत्र में औपचारिक पोशाक (सूट, शर्ट, टाई) आवश्यक होती है।
- कारखानों या प्रयोगशालाओं में सुरक्षात्मक वस्त्र (एप्रन, दस्ताने) पहने जाते हैं।
- सेवा क्षेत्र (होटल, अस्पताल) में यूनिफॉर्म का प्रचलन है।
- रचनात्मक व्यवसायों में व्यक्तिगत शैली को अधिक स्वतंत्रता मिलती है।
मौसम का प्रभाव:
- गर्मी: हल्के, सूती, लिनन के कपड़े, हल्के रंग पसंद किए जाते हैं।
- सर्दी: ऊनी, फलालैन, जैकेट, स्वेटर, गहरे रंग उपयुक्त होते हैं।
- बरसात: जलरोधक कपड़े, रेनकोट, नायलॉन जैकेट का उपयोग किया जाता है।
- वसंत/शरद: मध्यम वजन के कपड़े, लेयरिंग उपयुक्त होती है।
सिलाई मशीन की सामान्य खराबियाँ और समाधान
सामान्य खराबियाँ और उन्हें दूर करने के उपाय:
| खराबी | कारण | समाधान |
|---|---|---|
| धागा टूटना | गलत तनाव, खराब सुई | तनाव समायोजित करें, सुई बदलें |
| सिलाई छूटना | सुई मुड़ी हुई, गलत धागा | सुई बदलें, सही धागा प्रयोग करें |
| कपड़ा नहीं चलना | फीड डॉग गंदा या नीचे | फीड डॉग साफ करें, ऊपर उठाएं |
| शोर होना | तेल की कमी, ढीले पुर्जे | तेल लगाएं, पुर्जे कसें |
| बॉबिन का धागा उलझना | गलत बॉबिन डालना | बॉबिन सही दिशा में डालें |