RBSE Class 12th 2011 Political Science-SS-11-1-2011 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2011 |
| Subject | Political Science-SS-11-1-2011 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2011 Political Science-SS-11-1-2011
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Rajasthan Board Class 12th Political Science-SS-11-1-2011 2011 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2011
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2011
वैकल्पिक वर्ग I — कला (OPTIONAL GROUP I — Arts)
राजनीति विज्ञान — प्रथम पत्र
POLITICAL SCIENCE — First Paper
समय : 3 घंटे 15 मिनट | पूर्णांक : 60
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश:
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - इस पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं। प्रश्न क्रमांक 22 एवं 23 में आन्तरिक विकल्प हैं।
All the questions are compulsory. Question Nos. 22 and 23 have internal choices. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
ss—11—1—Pol. Sc. I | No. of Questions — 23 | No. of Printed Pages — 7
निर्देश / Instructions
जिस प्रश्न के एक से अधिक समान अंक वाले भाग हैं, उन सभी भागों का हल एक साथ सतत् लिखें।
For questions having more than one part carrying similar marks, the answers of those parts are to be written together in continuity.
प्रश्न 4 / Question No. 4
प्रश्न क्रमांक 4 के चार भाग (i, ii, iii तथा iv) हैं। प्रत्येक भाग के उत्तर के चार विकल्प (अ, ब, स एवं द) हैं। सही विकल्प का उत्तराक्षर उत्तर-पुस्तिका में निम्नानुसार तालिका बनाकर लिखें:
There are four parts (i, ii, iii and iv) in Question No. 4. Each part has four alternatives A, B, C and D. Write the letter of the correct alternative in the answer-book at a place by making a table as mentioned below:
| प्रश्न क्रमांक / Question No. | सही उत्तर का क्रमाक्षर / Correct letter of the Answer |
|---|---|
| (i) | |
| (ii) | |
| (iii) | |
| (iv) |
प्रश्न 4 (i) / Question 4 (i)
“मनुष्य स्वतन्त्र पैदा होता है परन्तु सर्वत्र बन्धनों से बन्धा हुआ दृष्टिगोचर होता है।” रूसो का यह कथन स्वतन्त्रता के जिस रूप की ओर इंगित करता है, वह है:
- (अ) आर्थिक स्वतन्त्रता
- (ब) नागरिक स्वतन्त्रता
- (स) प्राकृतिक स्वतन्त्रता
- (द) राजनीतिक स्वतन्त्रता
“Man is born free but he is everywhere in chains.” Which type of liberty is indicated by Rousseau’s statement?
- (A) Economic liberty
- (B) Civil liberty
- (C) Natural liberty
- (D) Political liberty
सही उत्तर / Correct Answer: (स) प्राकृतिक स्वतन्त्रता / (C) Natural liberty
व्याख्या / Explanation: रूसो का यह कथन प्राकृतिक अवस्था में मनुष्य की स्वतंत्रता और समाज में प्रवेश करने पर उसके बंधनों को दर्शाता है। वह प्राकृतिक स्वतंत्रता की ओर संकेत करता है, जो समाज में सीमित हो जाती है।
प्रश्न 4 (४)
विचारक जिसने धर्म को 'जनता की अफीम' की संज्ञा दी है, वह है
- रस्किन
- मुसोलिनी
- लास्को
- मार्क्स
The thinker who considered religion as ‘the opium for the people’, is
- Ruskin
- Mussolini
- Laski
- Marx
व्याख्या: कार्ल मार्क्स ने धर्म को 'जनता की अफीम' कहा था, जिसका अर्थ है कि धर्म जनता को उनके दुखों से बेखबर करता है और शोषण को सहने योग्य बनाता है।
प्रश्न 5 (५)
वह सिद्धान्त जिसका गाँधीजी ने आर्थिक असमानता को दूर करने के लिए समर्थन किया, है
- सत्य
- ट्रस्टीशिप
- अहिंसा
- सत्याग्रह
The principle which was favoured by Gandhiji to remove economic inequalities, is
- Truth
- Trusteeship
- Non-violence
- Satyagraha
व्याख्या: गाँधीजी ने 'ट्रस्टीशिप' (न्यासिता) सिद्धांत का समर्थन किया, जिसके अनुसार धनी लोग अपनी संपत्ति के न्यासी (trustee) होते हैं और उसे समाज के कल्याण के लिए उपयोग करना चाहिए, जिससे आर्थिक असमानता कम हो।
प्रश्न 6 (६)
निम्न में से वह विचारधारा जिसने मुसोलिनी को प्रभावित नहीं किया था, वह है
- समाजवाद
- व्यवहारवाद
- आदर्शवाद
- परम्परावाद
One of the following ideologies which did not influence Mussolini, is
- Socialism
- Pragmatism
- Idealism
- Traditionalism
व्याख्या: मुसोलिनी पर समाजवाद (प्रारंभ में), व्यवहारवाद और आदर्शवाद का प्रभाव था, लेकिन परम्परावाद (पारंपरिकता) ने उन्हें प्रभावित नहीं किया, क्योंकि फासीवाद परंपरा के बजाय क्रांति और शक्ति पर जोर देता है।
नोट – प्रश्न संख्या 2 से 8 तक अतिलघुत्तरात्मक हैं, जिनके प्रत्येक उत्तर एक पंक्ति में देने हैं।
Note – Question Nos. 2 to 5 are very short answer type. Their answers are to be given in one line each.
-
विधि सम्बन्धी उस विचारधारा का नाम बताइये जो इसकी उत्पत्ति का आधार अतीत की रीति-रिवाजों को मानती है।
Write the name of the school which assumes that law is based upon the customs and traditions of the past.
उत्तर / Answer: ऐतिहासिक विधि सम्प्रदाय (Historical School of Law).
-
मुसोलिनी ने इटली के लोगों को कौनसे दो नारे दिये?
Which two slogans were given by Mussolini to the people of Italy?
उत्तर / Answer: "विश्वास करो, आज्ञा पालन करो, संघर्ष करो" (Believe, Obey, Fight) तथा "सब कुछ राज्य के लिए, राज्य के विरुद्ध कुछ नहीं, राज्य से बाहर कुछ नहीं" (Everything for the State, nothing against the State, nothing outside the State).
-
परम्परागत एवं आधुनिक उदारवाद में 'स्वतन्त्रता' के आधार पर एक अन्तर बताइये।
Write down a difference between Traditional Liberalism and Modern Liberalism on the basis of ‘Freedom’.
उत्तर / Answer: परम्परागत उदारवाद स्वतन्त्रता को नकारात्मक (राज्य के हस्तक्षेप से मुक्ति) मानता है, जबकि आधुनिक उदारवाद स्वतन्त्रता को सकारात्मक (आर्थिक एवं सामाजिक अवसरों की उपलब्धता) मानता है।
-
“प्राचीन युग में इटली का राजचिह्न 'फेसियो' था।” 'फेसियो' का अर्थ बताइये।
“Fascio was the national symbol of ancient Italy.” What is the meaning of ‘Fascio’?
उत्तर / Answer: 'फेसियो' का अर्थ है – लाठियों का एक गुच्छा जिसके बीच में एक कुल्हाड़ी होती है, जो एकता और शक्ति का प्रतीक है।
-
कानून के किन्हीं तीन तत्वों की विवेचना कीजिये।
Explain any three elements of law.
उत्तर / Answer: कानून के तीन प्रमुख तत्व हैं – (1) आदेशात्मकता – कानून राज्य द्वारा जारी आदेश है, (2) बाध्यकारिता – इसका उल्लंघन करने पर दण्ड का प्रावधान है, (3) सार्वभौमिकता – यह राज्य के सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है।
-
एक राजनीतिक चिन्तक के रूप में आप भारत में स्वतन्त्रता के मार्ग में आने वाले कौनसी बाधाओं को दूर करना चाहेंगे? (कोई तीन)
As a political thinker which obstacles will you like to remove in the way of liberty in India? (Any three)
उत्तर / Answer: भारत में स्वतन्त्रता के मार्ग में तीन प्रमुख बाधाएँ हैं – (1) आर्थिक असमानता – गरीबी और बेरोजगारी को दूर करना, (2) सामाजिक भेदभाव – जाति, धर्म और लिंग आधारित असमानता को समाप्त करना, (3) राजनीतिक अज्ञानता – नागरिकों को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना।
प्रश्न 8
राजनीतिक उदासीनता से क्या अभिप्राय है ? इसके कोई दो प्रमुख कारण बताइये।
What do you mean by Political Apathy ? Give any two reasons of it.
राजनीतिक उदासीनता का अर्थ: राजनीतिक उदासीनता से तात्पर्य नागरिकों द्वारा राजनीतिक प्रक्रियाओं (जैसे मतदान, चुनावी भागीदारी, राजनीतिक चर्चा) में रुचि न लेना या उनसे दूर रहना है। यह राजनीतिक व्यवस्था के प्रति उदासीनता और निष्क्रियता की स्थिति है।
दो प्रमुख कारण:
- राजनीतिक अविश्वास: जब नागरिकों को लगता है कि उनके वोट या भागीदारी से कोई बदलाव नहीं आता, या राजनेता भ्रष्ट हैं, तो वे राजनीति से दूर हो जाते हैं।
- शिक्षा और जागरूकता का अभाव: राजनीतिक प्रक्रियाओं और अधिकारों के बारे में जानकारी न होने के कारण लोग राजनीतिक गतिविधियों में भाग नहीं लेते।
प्रश्न 9
आप राजनीतिक सहभागिता की प्रवृत्ति को रूपान्तरित करना चाहते है। इस हेतु आधुनिक तकनीक के कोई तीन साधनों का सुझाव दीजिये।
You want to transform the nature of political participation. Suggest any three means of modern technology to substantiate this.
राजनीतिक सहभागिता को रूपान्तरित करने के लिए आधुनिक तकनीक के तीन साधन निम्नलिखित हैं:
- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म: फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म नागरिकों को सीधे सरकार और नेताओं से जुड़ने, मुद्दों पर चर्चा करने और जनमत बनाने का अवसर देते हैं।
- ई-गवर्नेंस पोर्टल: ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप (जैसे माईगॉव) नागरिकों को सरकारी योजनाओं, नीतियों और शिकायत निवारण में सीधी भागीदारी का मौका देते हैं।
- डिजिटल वोटिंग सिस्टम: ऑनलाइन मतदान और ब्लॉकचेन आधारित वोटिंग तकनीक से मतदान प्रक्रिया को अधिक सुलभ, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सकता है, जिससे अधिक लोग भाग लेंगे।
प्रश्न 0
नागरिक राज्य के कानूनों का पालन क्यों करते हैं ? इसके कोई तीन आधार बताइये।
Why do citizens obey the laws of the state ? Write any three bases of it.
नागरिक राज्य के कानूनों का पालन निम्नलिखित तीन आधारों पर करते हैं:
- दंड का भय: कानून तोड़ने पर जुर्माना, कारावास या अन्य दंड का प्रावधान होता है, जिससे नागरिक कानून का पालन करने के लिए बाध्य होते हैं।
- नैतिक कर्तव्य: अधिकांश नागरिक कानून को नैतिक रूप से सही मानते हैं और समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए उनका पालन करना अपना कर्तव्य समझते हैं।
- सामाजिक स्वीकार्यता: समाज में कानून का पालन करने वाले व्यक्ति को सम्मान मिलता है, जबकि कानून तोड़ने वाले को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ सकता है।
प्रश्न l
वर्तमान समय में आप सभी राज्यों को अन्तरराष्ट्रीय कर्त्तव्यों के पालन हेतु कौनसे सुझाव देंगे ?
What suggestions would you like to give to all the states to obey the international duties in present time ?
वर्तमान समय में सभी राज्यों को अन्तरराष्ट्रीय कर्त्तव्यों के पालन हेतु निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं:
- अन्तरराष्ट्रीय संधियों का सम्मान: राज्यों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अन्य अन्तरराष्ट्रीय संधियों का पालन करना चाहिए, विशेषकर मानवाधिकार और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित संधियों का।
- वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना: राज्यों को आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन और महामारी जैसी वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए आपसी सहयोग और कूटनीति को प्राथमिकता देनी चाहिए।
- पारदर्शिता और जवाबदेही: राज्यों को अपने अन्तरराष्ट्रीय कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए और अन्तरराष्ट्रीय संगठनों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए।
नोट - प्रश्न संख्या 2 से 3 तक के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 100 शब्दों में दीजिये।
Note - Answer of each question from Question Nos. 2 to 3 should not exceed 100 words.
प्रश्न 2
कानून एवं नैतिकता के मध्य सम्बन्ध को स्पष्ट कीजिये।
Explain the relation between Law & Morality.
कानून और नैतिकता के मध्य घनिष्ठ सम्बन्ध है, लेकिन ये दोनों भिन्न भी हैं। कानून राज्य द्वारा बनाए गए नियमों का समूह है, जिसका उल्लंघन करने पर दंड मिलता है। नैतिकता समाज में सही-गलत के मानक हैं, जो व्यक्ति के विवेक पर आधारित होते हैं।
सम्बन्ध: कानून अक्सर नैतिक मूल्यों पर आधारित होते हैं (जैसे हत्या करना गलत है)। नैतिकता कानून को सामाजिक स्वीकार्यता प्रदान करती है। दूसरी ओर, कानून नैतिकता को लागू करने का साधन बन सकता है। हालांकि, सभी नैतिक नियम कानून नहीं बनते और सभी कानून नैतिक नहीं होते।
प्रश्न 3
राजनीतिक संस्कृति के कोई तीन लक्षणों की विवेचना कीजिये।
Explain any three features of political culture.
राजनीतिक संस्कृति के तीन प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- सामूहिकता: राजनीतिक संस्कृति किसी समाज के अधिकांश नागरिकों द्वारा साझा की जाती है, यह व्यक्तिगत नहीं बल्कि सामूहिक होती है।
- निरंतरता: यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती है और समय के साथ अपेक्षाकृत स्थिर रहती है, हालांकि इसमें धीरे-धीरे बदलाव भी आ सकता है।
- प्रभावशीलता: राजनीतिक संस्कृति नागरिकों के राजनीतिक व्यवहार, निर्णय लेने की प्रक्रिया और सरकार के प्रति उनके दृष्टिकोण को प्रभावित करती है।
20. राजनीतिक संस्कृति एवं सामान्य संस्कृति के मध्य सम्बन्ध स्पष्ट कीजिये।
Clarify the relationship between Political culture and General culture.
सम्बन्ध: राजनीतिक संस्कृति और सामान्य संस्कृति का आपस में गहरा सम्बन्ध है। सामान्य संस्कृति किसी समाज के मूल्यों, विश्वासों, परम्पराओं और जीवनशैली का समुच्चय है, जबकि राजनीतिक संस्कृति राजनीतिक व्यवस्था के प्रति लोगों के दृष्टिकोण, मूल्यों और व्यवहार को दर्शाती है।
- प्रभाव: सामान्य संस्कृति राजनीतिक संस्कृति को आकार देती है। उदाहरण के लिए, यदि समाज में लोकतांत्रिक मूल्य हैं, तो राजनीतिक संस्कृति भी सहभागी होगी।
- परावर्तन: राजनीतिक संस्कृति सामान्य संस्कृति का एक हिस्सा है और समाज के व्यापक सांस्कृतिक ढांचे को प्रतिबिंबित करती है।
- पारस्परिक निर्भरता: दोनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं। राजनीतिक परिवर्तन सामान्य संस्कृति को बदल सकते हैं और सांस्कृतिक बदलाव राजनीतिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं।
21. एक राजनीतिक दल के नेता के रूप में आप राजनीतिक समाजीकरण में कैसे भूमिका निभायेंगे?
As a leader of a political party how will you play your role in political socialization?
एक राजनीतिक दल के नेता के रूप में, मैं राजनीतिक समाजीकरण में निम्नलिखित भूमिका निभाऊंगा:
- जागरूकता फैलाना: जनसभाओं, मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को राजनीतिक प्रक्रिया, मतदान के महत्व और उनके अधिकारों के बारे में शिक्षित करूंगा।
- आदर्श प्रस्तुत करना: अपने आचरण और नीतियों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, जैसे सहिष्णुता, संवाद और कानून के शासन का पालन करूंगा, ताकि लोग इन्हें अपनाएं।
- भागीदारी को प्रोत्साहित करना: युवाओं और महिलाओं को राजनीति में शामिल होने, पार्टी की गतिविधियों में भाग लेने और नेतृत्व कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित करूंगा।
- शिक्षा कार्यक्रम: स्कूलों और समुदायों में कार्यशालाएं आयोजित करूंगा, जहां संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों पर चर्चा होगी।
22. एक राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी के रूप में आप राजनीतिक समाजीकरण को क्यों महत्व देंगे? कोई तीन कारण दीजिये।
As a student of Political Science why would you give importance to political socialization? Give any three reasons.
एक राजनीति विज्ञान के विद्यार्थी के रूप में, मैं राजनीतिक समाजीकरण को निम्नलिखित तीन कारणों से महत्व दूंगा:
- राजनीतिक व्यवस्था की समझ: राजनीतिक समाजीकरण यह समझने में मदद करता है कि लोग राजनीतिक मूल्यों और विश्वासों को कैसे अपनाते हैं, जो किसी भी राजनीतिक व्यवस्था के कामकाज को समझने के लिए आवश्यक है।
- नागरिक व्यवहार का विश्लेषण: यह बताता है कि नागरिक राजनीति में क्यों भाग लेते हैं या नहीं लेते, और उनके मतदान पैटर्न, राजनीतिक दलों के प्रति निष्ठा और सार्वजनिक मुद्दों पर दृष्टिकोण को आकार देने में मदद करता है।
- लोकतंत्र की मजबूती: राजनीतिक समाजीकरण लोकतांत्रिक मूल्यों जैसे सहिष्णुता, बहुलवाद और भागीदारी को बढ़ावा देता है, जो एक स्थिर और स्वस्थ लोकतंत्र के लिए आवश्यक हैं। इसका अध्ययन करके हम लोकतंत्र को मजबूत करने के तरीके खोज सकते हैं।
23. स्वतन्त्रता के अधिकार के किन्हीं तीन रूपों की विवेचना कीजिये।
Explain any three forms of the right to Freedom.
स्वतंत्रता के अधिकार के तीन प्रमुख रूप निम्नलिखित हैं:
- व्यक्तिगत स्वतंत्रता (Personal Freedom): इसमें व्यक्ति को अपने जीवन, शरीर और व्यक्तित्व के विकास का अधिकार शामिल है। इसमें विचार, अभिव्यक्ति, आवागमन, और निवास स्थान चुनने की स्वतंत्रता शामिल है, बशर्ते यह दूसरों के अधिकारों का उल्लंघन न करे।
- राजनीतिक स्वतंत्रता (Political Freedom): यह नागरिकों को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार देती है, जैसे मतदान करना, चुनाव लड़ना, राजनीतिक दल बनाना, और शांतिपूर्ण तरीके से सरकार की आलोचना करना।
- आर्थिक स्वतंत्रता (Economic Freedom): इसमें व्यक्ति को अपनी पसंद का व्यवसाय चुनने, संपत्ति रखने, और आर्थिक गतिविधियों में शामिल होने का अधिकार शामिल है। इसका उद्देश्य व्यक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
24. एक लोकतान्त्रिक नागरिक के लिये आप कौनसे तीन राजनीतिक अधिकारों को प्राथमिकता देंगे? वर्णन कीजिये।
What are the three political rights which you would like to prefer for a democratic citizen? Discuss.
एक लोकतांत्रिक नागरिक के लिए मैं निम्नलिखित तीन राजनीतिक अधिकारों को प्राथमिकता दूंगा:
- मतदान का अधिकार (Right to Vote): यह लोकतंत्र की आधारशिला है। यह नागरिकों को अपने प्रतिनिधियों को चुनने और सरकार के गठन में भाग लेने का अधिकार देता है। बिना इस अधिकार के लोकतंत्र अर्थहीन है।
- अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Expression): यह नागरिकों को अपने विचारों, राय और आलोचना को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने का अधिकार देता है। यह सरकार को जवाबदेह बनाने और सार्वजनिक बहस को प्रोत्साहित करने के लिए आवश्यक है।
- शांतिपूर्ण सभा और संगठन का अधिकार (Right to Peaceful Assembly and Association): यह नागरिकों को समूह बनाने, रैलियां करने और सामान्य हितों के लिए एकजुट होने का अधिकार देता है। यह दबाव समूहों, राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के गठन को संभव बनाता है।
25. यदि आप अधिकारों के ऐतिहासिक सिद्धान्त का समर्थन नहीं करते हैं तो अपनी असहमति के कोई तीन कारण दीजिये।
If you do not support the Historical theory of rights, give three reasons for your disagreement.
अधिकारों के ऐतिहासिक सिद्धांत के साथ मेरी असहमति के तीन कारण निम्नलिखित हैं:
- अनम्यता (Rigidity): यह सिद्धांत अधिकारों को परंपरा और इतिहास पर आधारित मानता है, जिससे वे बदलती सामाजिक आवश्यकताओं के अनुकूल नहीं हो पाते। उदाहरण के लिए, महिलाओं या दलितों के अधिकार ऐतिहासिक रूप से मान्यता प्राप्त नहीं थे, लेकिन आज वे आवश्यक हैं।
- प्रतिगामी प्रवृत्ति (Reactionary Nature): यह सिद्धांत अक्सर मौजूदा शक्ति संरचनाओं और असमानताओं को बनाए रखता है, क्योंकि यह उन अधिकारों को ही वैध मानता है जो ऐतिहासिक रूप से प्रचलित रहे हैं। यह सामाजिक सुधार और प्रगति में बाधा डालता है।
- सार्वभौमिकता का अभाव (Lack of Universality): यह सिद्धांत विभिन्न समाजों और संस्कृतियों में अलग-अलग अधिकारों को जन्म देता है, जिससे अधिकारों की सार्वभौमिक अवधारणा कमजोर होती है। यह मानव अधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा जैसे वैश्विक मानकों के विपरीत है।
26. “समाजवाद एक अनिश्चित लेकिन व्यापक विचारधारा है।” समाजवाद की अनिश्चितता के किन्हीं तीन कारणों का उल्लेख कीजिये।
“Socialism is a vague but extensive comprehensive ideology.” Describe any three reasons for the vagueness of socialism.
समाजवाद की अनिश्चितता के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- विभिन्न व्याख्याएं (Multiple Interpretations): समाजवाद की कोई एक सर्वमान्य परिभाषा नहीं है। मार्क्सवादी, लोकतांत्रिक, उदारवादी, और अराजकतावादी समाजवाद जैसी कई शाखाएं हैं, जो लक्ष्यों और साधनों में भिन्न हैं।
- लक्ष्यों में अस्पष्टता (Ambiguity in Goals): समाजवाद के अंतिम लक्ष्य, जैसे समानता और सामाजिक न्याय, की व्याख्या अलग-अलग तरीकों से की जाती है। कुछ पूर्ण आर्थिक समानता चाहते हैं, जबकि अन्य अवसर की समानता पर जोर देते हैं।
- व्यावहारिक विविधता (Practical Diversity): विभिन्न देशों में समाजवाद को लागू करने के तरीके अलग-अलग रहे हैं। चीन का साम्यवाद, स्वीडन का कल्याणकारी राज्य, और भारत का मिश्रित अर्थव्यवस्था मॉडल सभी समाजवाद के अलग-अलग रूप हैं, जो इसकी अनिश्चितता को दर्शाते हैं।
27. उदारवाद के किन्हीं दो सिद्धान्तों का वर्णन कीजिये।
Describe any two principles of Liberalism.
उदारवाद के दो प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
- व्यक्तिवाद (Individualism): उदारवाद व्यक्ति को सर्वोच्च मानता है। यह मानता है कि प्रत्येक व्यक्ति अद्वितीय है और उसे अपने जीवन के लक्ष्यों को निर्धारित करने और उन्हें प्राप्त करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। राज्य का कार्य व्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना है, न कि उस पर नियंत्रण थोपना।
- स्वतंत्रता (Freedom): उदारवाद स्वतंत्रता को एक मौलिक मूल्य मानता है। इसमें विचार, अभिव्यक्ति, धर्म, और आर्थिक गतिविधियों की स्वतंत्रता शामिल है। उदारवादियों का मानना है कि स्वत
नोट - प्रश्न संख्या 22 एवं 23 के प्रत्येक प्रश्न का उत्तर 500 शब्दों से अधिक में न लिखें।
Note - Answer to Question Nos. 22 to 23 should not exceed 500 words each.
22. स्वतन्त्रता का अर्थ बताइये। इसे रक्षित करने के साधनों का वर्णन कीजिये।
अथवा
समानता क्या है? समानता के अर्थ एवं प्रकारों का वर्णन कीजिये।
Write down the meaning of Liberty. Describe the means which can protect it.
OR
What is equality? Describe the meaning and kinds of equality.(2+6=8)
Solution (Liberty): Liberty refers to the freedom of an individual to act, think, and express oneself without undue restraint, within the framework of law. Means to protect it include: constitutional safeguards (fundamental rights), independent judiciary, rule of law, democratic governance, and active civil society.
Solution (Equality): Equality means absence of special privileges and provision of equal opportunities for all. Its kinds include: natural equality (all humans are born equal), social equality (no discrimination based on caste/class), political equality (equal voting rights), and economic equality (fair distribution of resources).
23. मार्क्स द्वारा प्रतिपादित अतिरिक्त मूल्य के सिद्धान्त की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिये।
अथवा
गाँधीवाद की प्रमुख विशेषताओं एवं वर्तमान परिस्थितियों में इनकी प्रासंगिकता को विवेचना कीजिये।
Critically analyse the theory of surplus value as propounded by Marx.
OR
Explain the main characteristics of Gandhism and their relevance in the contemporary circumstances.(9)
Solution (Surplus Value): Marx's theory of surplus value states that capitalists extract surplus value from workers by paying them less than the value of goods they produce. Critically, while it highlights exploitation, it overlooks factors like risk-taking by entrepreneurs, technological innovation, and market dynamics. It remains a foundational critique of capitalism but is debated for its deterministic view.
Solution (Gandhism): Main characteristics of Gandhism include non-violence (Ahimsa), truth (Satya), self-reliance (Swadeshi), simplicity, and decentralized governance. Its relevance today: non-violence aids conflict resolution, self-reliance promotes sustainable development, and simplicity counters consumerism. Gandhian ideas inspire movements for environmentalism and social justice globally.
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