RBSE Class 12th 2013 History-SS-13-2013 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2013 |
| Subject | History-SS-13-2013 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2013 History-SS-13-2013
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Rajasthan Board Class 12th History-SS-13-2013 2013 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2013
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2013
इतिहास
(HISTORY)
समय : 3 घण्टे 15 मिनट पूर्णांक : 80
No. of Questions — 30 No. of Printed Pages — 7
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
-
परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. -
सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. -
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. -
जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. -
प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
85-73 Hist. SS-520 [ Turn over
खण्ड - अ (Part - A)
प्रश्न 1
भारत में सोने के सिक्के सबसे पहले कब और किस वंश के राजाओं ने जारी किए थे?
When and kings of which dynasty issued gold coin in India for the first time?
उत्तर: भारत में सोने के सिक्के सबसे पहले ईसा पूर्व पहली शताब्दी में कुषाण वंश के राजाओं ने जारी किए थे। कुषाण शासकों ने रोमन सोने के सिक्कों के प्रभाव में स्वर्ण मुद्राएँ प्रचलित कीं।
प्रश्न 2
1971 में बंगाली मुसलमानों द्वारा पाकिस्तान से अलग होने का फैसला लेकर जिन्ना के किस सिद्धान्त को नकार दिया गया था?
Which theory of Jinnah was rejected by the Bengali Muslims through separating themselves from Pakistan in 1971?
उत्तर: बंगाली मुसलमानों ने 1971 में पाकिस्तान से अलग होकर द्वि-राष्ट्र सिद्धान्त (Two-Nation Theory) को नकार दिया था। इस सिद्धान्त के अनुसार हिंदू और मुसलमान दो अलग राष्ट्र हैं, लेकिन बांग्लादेश के निर्माण ने यह साबित कर दिया कि धर्म के आधार पर राष्ट्रवाद टिकाऊ नहीं है।
प्रश्न 3
नोआखली वर्तमान में किस देश में स्थित है?
At present in which country is Noakhali situated?
उत्तर: नोआखली वर्तमान में बांग्लादेश में स्थित है। यह चटगाँव विभाग का एक जिला है, जो 1947 के बाद पूर्वी पाकिस्तान का हिस्सा था और 1971 में बांग्लादेश बना।
प्रश्न संरचना (Question Structure)
| खण्ड (Part) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | प्रति प्रश्न अंक (Marks per question) | शब्द सीमा (Word limit) |
|---|---|---|---|
| A | 1 | 1 | 10 शब्द |
| B | 2-8 | 2 | 20 शब्द |
| C | 9-26 | 4 | 60 शब्द |
| D | 27-29 | 6 | 200 शब्द |
प्रश्न 30 (मानचित्र कार्य)
प्रश्न क्रमांक 30 का उत्तर भारत के रेखा मानचित्र में अंकित कीजिए। यह 5 अंक का है।
Mark the answer of Question No. 30 in the outline map of India. It carries 5 marks.
आंतरिक विकल्प
प्रश्न क्रमांक 27, 28 एवं 29 में आंतरिक विकल्प हैं।
There are internal choices in Question Nos. 27, 28 and 29.
खण्ड – अ (लघु उत्तरीय प्रश्न)
4. लगभग दूसरी शताब्दी ई० में सुदर्शन सरोवर का जीर्णोद्धार किस शक राजा ने करवाया था?
Name the Saka king who repaired the Sudarshan Lake during circa Second century A.D.
उत्तर: शक राजा रुद्रदामन प्रथम (Rudradaman I) ने लगभग दूसरी शताब्दी ईस्वी में सुदर्शन सरोवर का जीर्णोद्धार करवाया था।
5. हिन्दू धर्म की एक परम्परा वैष्णव है तो दूसरी कौन-सी है?
What is the other tradition of Hindu religion if one is Vaishnavism?
उत्तर: हिन्दू धर्म की दूसरी प्रमुख परम्परा शैव धर्म (Shaivism) है, जो भगवान शिव की उपासना पर आधारित है।
6. उन दो नेताओं के नाम लिखिए जो अन्त तक भारत के विभाजन का विरोध करते रहे।
Name two leaders who opposed to the India's partition till the end.
उत्तर: दो नेता जिन्होंने अंत तक भारत के विभाजन का विरोध किया:
- महात्मा गांधी (Mahatma Gandhi)
- खान अब्दुल गफ्फार खान (Khan Abdul Ghaffar Khan) – जिन्हें 'सीमांत गांधी' भी कहा जाता है।
7. मुगल काल में पांडुलिपि रचना का मुख्य केन्द्र क्या कहलाता था?
By which name was the main centre of manuscript preparation known during the Mughal period?
उत्तर: मुगल काल में पांडुलिपि रचना का मुख्य केन्द्र किताबखाना (Kitabkhana) कहलाता था। यह शाही पुस्तकालय और लेखन कार्यशाला के रूप में कार्य करता था।
8. स्वतंत्रता पूर्व का 'संयुक्त प्रान्त' वर्तमान में कौन-से राज्य के नाम से जाना जाता है?
Name the state by which pre-independence 'United Province' is known at present.
उत्तर: स्वतंत्रता पूर्व का 'संयुक्त प्रान्त' (United Province) वर्तमान में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के नाम से जाना जाता है।
9. ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा अपनी बस्तियों को किलेबन्दी करने का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
What was the main reason of fortification of their settlements by East India Company?
उत्तर: ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा अपनी बस्तियों को किलेबन्दी करने का प्रमुख उद्देश्य व्यापारिक सुरक्षा और स्थानीय शासकों तथा प्रतिद्वंद्वी यूरोपीय कम्पनियों (जैसे पुर्तगाली, फ्रांसीसी) से अपने ठिकानों की रक्षा करना था।
10. उन दो पुरावस्तुओं का उल्लेख कीजिए जिनके आधार पर पुरातत्वविद् यह मानते हैं कि खेत जोतने के लिए हड़प्पा संस्कृति में बैलों का प्रयोग होता था।
Mention two artefacts on whose basis the archaeologist believed that the oxen were used for ploughing in the Harappan culture.
उत्तर: दो पुरावस्तुएँ जिनके आधार पर पुरातत्वविद् मानते हैं कि हड़प्पा संस्कृति में बैलों का प्रयोग खेत जोतने के लिए होता था:
- हल के फाल (Ploughshares) – पत्थर या ताँबे से बने हल के फाल मिले हैं।
- बैलों की मिट्टी की मूर्तियाँ (Terracotta figurines of oxen) – जो कृषि कार्य में बैलों के उपयोग को दर्शाती हैं।
11. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के डाइरेक्टर जनरल रहे किन्हीं दो पुरातत्ववेत्ताओं के नाम लिखिए।
Mention the names of any two archaeologists who were Director General of Archaeological Survey of India.
उत्तर: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के डाइरेक्टर जनरल रहे दो पुरातत्ववेत्ता:
- सर अलेक्जेंडर कनिंघम (Sir Alexander Cunningham) – ASI के प्रथम डाइरेक्टर जनरल (1871-1885)।
- डॉ. राखालदास बनर्जी (Dr. Rakhaldas Banerjee) – जिन्होंने हड़प्पा सभ्यता की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में ASI के डाइरेक्टर जनरल बने।
खण्ड - B
Part - B
-
जर्मन होलोकास्ट और भारत के विभाजन में क्या अन्तर था ?
What was the difference between German Holocaust and the partition of India ?
उत्तर: जर्मन होलोकास्ट एक जातीय-नरसंहार था जिसमें नाजी शासन ने यहूदियों, रोमा और अन्य अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया। भारत का विभाजन धार्मिक आधार पर दो राष्ट्रों (भारत और पाकिस्तान) के निर्माण की प्रक्रिया थी, जिसमें बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक दंगे और जनसंख्या विस्थापन हुआ। होलोकास्ट में राज्य-प्रायोजित औद्योगिक हत्या थी, जबकि विभाजन में हिंसा मुख्यतः सांप्रदायिक संघर्ष और राजनीतिक निर्णयों का परिणाम थी।
-
बहिर्विवाह पद्धति किसे कहते हैं ? यह अन्तर्विवाह पद्धति से किस प्रकार भिन्न है ?
What is meant by exogamy ? How does it differ with the endogamy ?
उत्तर: बहिर्विवाह (Exogamy) वह सामाजिक प्रथा है जिसमें विवाह अपने समूह (गोत्र, कुल, गाँव आदि) के बाहर किया जाता है। अन्तर्विवाह (Endogamy) में विवाह अपने ही समूह (जाति, धर्म, समुदाय) के भीतर किया जाता है। बहिर्विवाह सामाजिक संबंधों का विस्तार करता है और आनुवंशिक विविधता लाता है, जबकि अन्तर्विवाह समूह की पहचान और शुद्धता बनाए रखता है।
-
स्त्रीधन को परिभाषित कीजिए।
Define Stridhana.
उत्तर: स्त्रीधन वह संपत्ति है जो विवाह के समय या बाद में स्त्री को उपहार, दहेज, या अर्जित आय के रूप में प्राप्त होती है। प्राचीन भारतीय कानून (मनुस्मृति आदि) के अनुसार, यह संपत्ति स्त्री की अपनी होती है और उस पर उसका पूर्ण अधिकार होता है, जिसे पति या परिवार के अन्य सदस्य बिना उसकी सहमति के उपयोग नहीं कर सकते।
-
बौद्ध संघ की संचालन पद्धति को स्पष्ट कीजिए।
Explain the functioning of Buddhist Sangha.
उत्तर: बौद्ध संघ एक लोकतांत्रिक संस्था थी जिसमें भिक्षु और भिक्षुणियाँ सम्मिलित होते थे। इसका संचालन नियमों (विनय पिटक) के अनुसार होता था। संघ के निर्णय बहुमत से लिए जाते थे, और विवादों का निपटारा समितियों द्वारा किया जाता था। संघ में सभी सदस्य समान होते थे, और नए सदस्यों का प्रवेश उपसंपदा (दीक्षा) के माध्यम से होता था। संघ की बैठकें नियमित रूप से होती थीं जिनमें धर्मचर्चा और अनुशासन संबंधी मामलों पर चर्चा होती थी।
-
बुद्ध के जीवन से जुड़े बोधगया एवं सारनाथ नामक स्थानों का महत्व बताइए।
Write the importance of Bodh Gaya and Sarnath which are linked with the life of Buddha.
उत्तर: बोधगया वह स्थान है जहाँ गौतम बुद्ध को पीपल के वृक्ष के नीचे ज्ञान (बोधि) प्राप्त हुआ था। यह बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है। सारनाथ वह स्थान है जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश (धर्मचक्र प्रवर्तन) दिया था, जिसे 'अनत्तलक्षण सुत्त' कहा जाता है। यहाँ उन्होंने अपने पाँच पूर्व साथियों को उपदेश दिया और बौद्ध संघ की स्थापना की।
-
अवध पर कब्जे में अंग्रेज़ों की दिलचस्पी क्यों थी ?
Why Britishers were interested in occupying Awadh ?
उत्तर: अवध एक उपजाऊ और समृद्ध क्षेत्र था जो भारत के उत्तरी भाग में रणनीतिक रूप से स्थित था। यहाँ से ब्रिटिश सेना को आपूर्ति और सैन्य संचालन में सुविधा होती थी। अवध में नील, कपास और अन्य फसलों का उत्पादन होता था, जो ब्रिटिश व्यापार के लिए लाभदायक था। इसके अलावा, अवध के नवाब कमजोर थे और ब्रिटिश नीति 'डॉक्ट्रिन ऑफ लैप्स' के तहत अवध को 1856 में कुशासन के बहाने ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया।
-
1857 के विद्रोह के संदर्भ में इंग्लैंड और भारत में छपी तस्वीरों से दोनों देशों के लोगों में उत्पन्न संवेदनाओं को संक्षेप में तुलना कीजिए।
Briefly compare the sensitivities of people of both the countries that arose by looking into the printed pictures related to 1857 revolt in England and India.
उत्तर: इंग्लैंड में छपी तस्वीरों में भारतीय विद्रोहियों को क्रूर, बर्बर और अत्याचारी दिखाया गया, जिससे ब्रिटिश जनता में भारतीयों के प्रति घृणा और बदले की भावना उत्पन्न हुई। वहीं, भारत में छपी तस्वीरों (जैसे ब्रिटिश अत्याचारों के चित्रण) ने भारतीयों में ब्रिटिश शासन के प्रति आक्रोश और राष्ट्रीय चेतना जगाई। ब्रिटिश तस्वीरों ने विद्रोह को दबाने के लिए समर्थन जुटाया, जबकि भारतीय तस्वीरों ने स्वतंत्रता संग्राम की भावना को प्रेरित किया।
खण्ड - स / Part - C
9. विजयनगर साम्राज्य में कृषि क्षेत्रों को किलेबन्द भूभाग में क्यों समाहित किया जाता था ?
Why were agriculture tracts incorporated with the fortified areas in Vijayanagar Empire ?
उत्तर: विजयनगर साम्राज्य में कृषि क्षेत्रों को किलेबन्द भूभाग में समाहित करने के निम्नलिखित कारण थे:
- सुरक्षा: किलेबन्द क्षेत्रों में कृषि करने से किसानों को आक्रमणों और लूटपाट से सुरक्षा मिलती थी।
- जल संसाधनों का संरक्षण: किलों के भीतर तालाब, बावड़ी और नहरें बनाई जाती थीं, जिससे सिंचाई सुगम होती थी।
- कर संग्रह में सुविधा: किलेबन्द क्षेत्रों में कृषि उपज पर नियंत्रण और कर वसूली आसान हो जाती थी।
- खाद्य सुरक्षा: युद्ध या अकाल के समय किले के भीतर अनाज उपलब्ध रहता था, जिससे सेना और नागरिकों की आपूर्ति सुनिश्चित होती थी।
20. भारतीय संविधान में विषयों को तीन सूचियों और अनुच्छेद 356 का उल्लेख कीजिए।
Explain the three lists of subjects and Article 356 of the Constitution of India.
उत्तर: भारतीय संविधान में शक्तियों का विभाजन तीन सूचियों के माध्यम से किया गया है:
- संघ सूची (Union List): इसमें 100 विषय हैं जिन पर केवल केंद्र सरकार कानून बना सकती है, जैसे रक्षा, विदेशी मामले, परमाणु ऊर्जा, रेलवे, आदि।
- राज्य सूची (State List): इसमें 61 विषय हैं जिन पर राज्य सरकारें कानून बना सकती हैं, जैसे पुलिस, कृषि, स्थानीय सरकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य, आदि।
- समवर्ती सूची (Concurrent List): इसमें 52 विषय हैं जिन पर केंद्र और राज्य दोनों कानून बना सकते हैं, जैसे शिक्षा, वन, श्रम कल्याण, आदि। संघर्ष की स्थिति में केंद्र का कानून प्रभावी होता है।
अनुच्छेद 356 (राष्ट्रपति शासन): यह अनुच्छेद राष्ट्रपति को राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल होने पर राज्य सरकार को निलंबित करने और राज्य का प्रशासन अपने हाथ में लेने का अधिकार देता है। यह छह माह के लिए लागू होता है, जिसे संसद की स्वीकृति से अधिकतम तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
21. भूस्वामित्व के संबंध में बरनियर के विचारों को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।
Explain briefly the ideas of Bernier regarding land ownership.
उत्तर: फ्रांसीसी यात्री फ्रांस्वा बरनियर (François Bernier) ने 17वीं शताब्दी में भारत में भूस्वामित्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए:
- उनके अनुसार, मुगल साम्राज्य में भूमि का निजी स्वामित्व नहीं था; सारी भूमि सम्राट की थी।
- किसान केवल भूमि पर काश्तकार थे, उनके पास भूमि का कोई स्थायी अधिकार नहीं था।
- उन्होंने इस प्रणाली की तुलना यूरोप के सामंती व्यवस्था से की, जहाँ जमींदारों के पास भूमि का स्वामित्व था।
- बरनियर ने तर्क दिया कि निजी संपत्ति के अभाव के कारण भारत में कृषि विकास और आर्थिक प्रगति बाधित हुई।
- उनके अनुसार, यह प्रणाली किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित नहीं करती थी, क्योंकि उन्हें अपनी उपज का अधिकांश भाग राज्य को देना पड़ता था।
22. "18 वीं शताब्दी के अंत तक भारत में स्थल आधारित साम्राज्यों का स्थान जल आधारित शक्तिशाली यूरोपीय साम्राज्यों ने ले लिया।" व्याख्या कीजिए।
"By the end of the Eighteenth century the land-based empires in India were replaced by the powerful sea-based European empires." Explain.
उत्तर: 18वीं शताब्दी के अंत तक भारत में राजनीतिक परिदृश्य में मूलभूत परिवर्तन हुआ:
- स्थल आधारित साम्राज्यों का पतन: मुगल साम्राज्य, मराठा साम्राज्य, और अन्य क्षेत्रीय शक्तियाँ (जैसे नवाबों के राज्य) आंतरिक संघर्षों, प्रशासनिक कमजोरी और आर्थिक संकट के कारण कमजोर हो गईं।
- यूरोपीय शक्तियों का उदय: ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी, फ्रांसीसी और पुर्तगाली जैसी यूरोपीय शक्तियाँ समुद्री मार्गों से भारत आईं और व्यापारिक गतिविधियों के माध्यम से राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया।
- जल आधारित साम्राज्य: ब्रिटिशों ने अपनी नौसेना की शक्ति का उपयोग करके भारत के तटीय क्षेत्रों पर नियंत्रण स्थापित किया और धीरे-धीरे आंतरिक क्षेत्रों में विस्तार किया।
- परिणाम: प्लासी (1757) और बक्सर (1764) के युद्धों के बाद ब्रिटिशों ने बंगाल, बिहार और उड़ीसा पर नियंत्रण कर लिया, और 19वीं शताब्दी तक लगभग पूरे भारत पर अपना साम्राज्य स्थापित कर लिया।
इस प्रकार, स्थल आधारित साम्राज्यों का स्थान समुद्री शक्ति पर आधारित यूरोपीय साम्राज्यों ने ले लिया।
23. अबुल फ़ज़्ल ने प्रभुसत्ता को एक सामाजिक अनुबन्ध के रूप में परिभाषित क्यों किया ?
Why did Abul Fazl define sovereignty as a social contract ?
उत्तर: अबुल फ़ज़्ल (Abul Fazl) ने अपने ग्रंथ 'आइन-ए-अकबरी' में प्रभुसत्ता को सामाजिक अनुबन्ध के रूप में परिभाषित किया। इसके प्रमुख कारण थे:
- शासक और प्रजा के बीच संबंध: उनके अनुसार, शासक और प्रजा के बीच एक अलिखित समझौता होता है, जिसमें शासक सुरक्षा और न्याय प्रदान करता है, और प्रजा कर और वफादारी देती है।
- धार्मिक सहिष्णुता: अकबर के शासनकाल में सुलह-ए-कुल (सार्वभौमिक शांति) की नीति अपनाई गई, जिसमें सभी धर्मों को समान सम्मान दिया गया। अबुल फ़ज़्ल ने इसे सामाजिक अनुबन्ध के रूप में प्रस्तुत किया।
- न्याय और कल्याण: उन्होंने तर्क दिया कि प्रभुसत्ता का आधार ईश्वरीय अधिकार नहीं, बल्कि प्रजा के कल्याण और न्याय की गारंटी है।
- यूरोपीय विचारों का प्रभाव: संभवतः वे यूरोपीय राजनीतिक विचारकों (जैसे हॉब्स या लॉक) के विचारों से प्रभावित थे, जिन्होंने सामाजिक अनुबन्ध सिद्धांत विकसित किया।
24. मोहनजोदड़ो के गृह स्थापत्य की वर्तमान संदर्भ में प्रासंगिकता सिद्ध कीजिए।
Prove the relevance of domestic architecture of Mohanjodaro in the context to present times.
उत्तर: मोहनजोदड़ो (सिंधु घाटी सभ्यता) के गृह स्थापत्य की वर्तमान संदर्भ में निम्नलिखित प्रासंगिकता है:
- जल निकासी प्रणाली: मोहनजोदड़ो के घरों में उन्नत जल निकासी और सीवरेज प्रणाली थी, जो आज के शहरी नियोजन में स्वच्छता और जल प्रबंधन के लिए प्रेरणा है।
- वेंटिलेशन और प्रकाश: घरों में आंगन और खिड़कियों का डिज़ाइन प्राकृतिक वेंटिलेशन और प्रकाश प्रदान करता था, जो ऊर्जा-कुशल भवन डिज़ाइन के लिए आज भी प्रासंगिक है।
- सामुदायिक योजना: घरों का समूहीकरण और सड़कों का ग्रिड पैटर्न आधुनिक शहरी नियोजन में स्थानिक दक्षता और सामुदायिक जीवन को बढ़ावा देता है।
- जल संरक्षण: कुएँ और जलाशयों का उपयोग जल संरक्षण की प्राचीन तकनीक को दर्शाता है, जो आज जल संकट के समय महत्वपूर्ण है।
- सुरक्षा और गोपनीयता: घरों की दीवारें और प्रवेश द्वार सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित करते थे, जो आधुनिक आवासीय डिज़ाइन में भी महत्वपूर्ण है।
25. मगध के शक्तिशाली महाजनपद के रूप में उदय के प्रमुख कारण लिखिए।
Write down the main reason of emergence of Magadh as a powerful Mahajanapada.
उत्तर: मगध के शक्तिशाली महाजनपद के रूप में उदय के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे:
- भौगोलिक स्थिति: मगध गंगा
खण्ड - द (Part - D)
26. “संथालों और पहाड़ियों के बीच लड़ाई हल और कुदाल के बीच लड़ाई थी।' सिद्ध कीजिए।
"The battle between Santhals and Paharias was the battle between the hoe and the plough." Prove it.
सिद्धि: यह कथन संथालों और पहाड़ियों के बीच संघर्ष को आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समझाता है। पहाड़ियाँ (Paharias) पहाड़ी क्षेत्रों में रहती थीं और कुदाल (hoe) से झूम खेती करती थीं, जो अस्थायी और कम उत्पादक थी। वे शिकार और वन उत्पादों पर भी निर्भर थीं। दूसरी ओर, संथाल (Santhals) मैदानी इलाकों में बस गए और हल (plough) से स्थायी कृषि करते थे, जो अधिक उत्पादक और व्यवस्थित थी। अंग्रेजों ने संथालों को पहाड़ियों की जमीन पर बसाया, जिससे भूमि और संसाधनों के लिए संघर्ष हुआ। यह लड़ाई दो अलग-अलग जीवनशैलियों—एक खानाबदोश और दूसरी स्थायी कृषि—के बीच थी, जिसे 'हल और कुदाल की लड़ाई' कहा गया।
27. मुगलकालीन कृषि समाज में महिलाओं की भूमिका की विवेचना कीजिए।
अथवा
मुगलकालीन जमींदारी व्यवस्था की विवेचना कीजिए।
Analyse the role of women in the agrarian society of Mughal period. 6
OR
Analyse the zamindari system of Mughal period. 6
महिलाओं की भूमिका: मुगलकालीन कृषि समाज में महिलाएँ खेतों में बीज बोने, निराई-गुड़ाई करने, फसल काटने और अनाज साफ करने का काम करती थीं। वे पशुपालन, दूध दुहने और घरेलू उद्योगों जैसे सूत कातने और बुनाई में भी सहायता करती थीं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उनका योगदान महत्वपूर्ण था, लेकिन उन्हें सामाजिक रूप से निम्न दर्जा प्राप्त था और वे पर्दा प्रथा का पालन करती थीं। कुछ महिलाएँ बाजारों में उपज बेचने का काम भी करती थीं।
अथवा जमींदारी व्यवस्था: मुगलकालीन जमींदारी व्यवस्था में जमींदार भूमि के मालिक नहीं थे, बल्कि राजस्व संग्रह के अधिकारी थे। वे किसानों से लगान वसूल करते थे और उसका एक हिस्सा राज्य को देते थे। जमींदारों के पास स्थानीय प्रशासनिक और सैन्य शक्ति भी थी। वे गाँवों में कानून व्यवस्था बनाए रखते थे और कभी-कभी किसानों पर अत्याचार भी करते थे। यह व्यवस्था मुगल साम्राज्य की आर्थिक नींव थी, लेकिन बाद में जमींदारों की शक्ति बढ़ने से यह कमजोर पड़ गई।
28. चिश्ती ख़ानक़ाह में जीवन और उपासना पद्धति का वर्णन कीजिए।
6
अथवा
अलवार एवं नयनार भक्ति परम्परा में जाति के प्रति क्या दृष्टिकोण था ? इस परम्परा में स्त्रियों की उपस्थिति और राज्य के प्रति दृष्टिकोण का भी उल्लेख कीजिए।
3+3
Describe the life and worshipping practices of Chishti Khangah. 6
OR
What was the attitude of Bhakti cult of Alvars and Nayanars towards the caste ? Also mention their attitude towards the presence of women and of state. 3+3
चिश्ती ख़ानक़ाह: चिश्ती ख़ानक़ाह में जीवन सादगी, सेवा और आध्यात्मिकता पर आधारित था। यहाँ शेख (गुरु) के नेतृत्व में शिष्य रहते थे और ध्यान, जप, नमाज और कुरान पाठ करते थे। उपासना में संगीत (कव्वाली) और समा (नृत्य) का प्रयोग होता था, जिससे ईश्वर से जुड़ाव महसूस किया जाता था। ख़ानक़ाह में सभी जाति और धर्म के लोगों के लिए भोजन (लंगर) और आश्रय की व्यवस्था थी। यह स्थान सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक शिक्षा का केंद्र था।
अथवा अलवार और नयनार: अलवार (विष्णु भक्त) और नयनार (शिव भक्त) भक्ति परम्परा में जाति के प्रति उदार दृष्टिकोण था। उन्होंने जाति-पाँति के भेदभाव को नकारा और सभी को भक्ति का अधिकार दिया। कई संत निम्न जातियों से आते थे, जैसे तिरुप्पान अलवार (पनार जाति) और नंदनार (दलित)। स्त्रियों की उपस्थिति भी महत्वपूर्ण थी; आंडाल जैसी महिला अलवार ने भक्ति कविताएँ लिखीं। राज्य के प्रति उनका दृष्टिकोण तटस्थ था—वे राजाओं को संरक्षण देने वाला मानते थे, लेकिन राजनीति से दूर रहते थे और भक्ति को सर्वोपरि मानते थे।
प्रश्न 29
"1919 तक महात्मा गाँधी ऐसे राष्ट्रवादी के रूप में उभर चुके थे जिनमें गरीबों के लिए गहरी सहानुभूति थी।" उदाहरण सहित कथन को सिद्ध कीजिए।
अथवा
आपकी दृष्टि में नमक यात्रा क्यों उल्लेखनीय थी ? इसके परिणामस्वरूप अंग्रेजों के साथ हुए संवादों की समीक्षा कीजिए।
"By 1919 Mahatma Gandhi emerged as a nationalist with a deep sympathy for the poor." Prove the statement with examples.
OR
Why was Salt March notable in your view ? Review the dialogues exchanged afterwards. (3+3)
उत्तर (पहला विकल्प): 1919 तक महात्मा गाँधी ने गरीबों के प्रति अपनी गहरी सहानुभूति को कई उदाहरणों से सिद्ध किया। उन्होंने चंपारण सत्याग्रह (1917) में नील की खेती करने वाले किसानों के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाई। खेड़ा सत्याग्रह (1918) में उन्होंने सूखा प्रभावित किसानों को कर माफी दिलाने में मदद की। अहमदाबाद मिल मजदूरों की हड़ताल (1918) में उन्होंने मजदूरों की मजदूरी बढ़ाने के लिए अनशन किया। इन आंदोलनों ने दिखाया कि गाँधी जी गरीबों और शोषितों के हितों के लिए प्रतिबद्ध थे।
उत्तर (दूसरा विकल्प): नमक यात्रा (1930) उल्लेखनीय थी क्योंकि यह ब्रिटिश नमक कानून के खिलाफ एक सीधा और प्रतीकात्मक विरोध था, जिसने आम जनता को जोड़ा। इसके परिणामस्वरूप गाँधी जी और वायसराय लॉर्ड इरविन के बीच वार्ता हुई, जिसमें गाँधी-इरविन समझौता (1931) हुआ। इस समझौते के तहत सविनय अवज्ञा आंदोलन वापस लिया गया और गाँधी जी को गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने का निमंत्रण मिला। हालांकि, यह समझौता पूरी तरह से सफल नहीं रहा, लेकिन इसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को वैश्विक मंच पर ला खड़ा किया।
प्रश्न 30
भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित स्थलों को अंकित कीजिए :
- मथुरा
- पाटलिपुत्र
- बनावली
- गोवा
- दिल्ली
Mark the following places in the outline map of India : (1+1+1+1+1)
- Mathura
- Pataliputra
- Banawali
- Goa
- Delhi
उत्तर: यह एक मानचित्र-आधारित प्रश्न है। छात्रों को भारत के रेखा मानचित्र में निम्नलिखित स्थानों को सही ढंग से अंकित करना चाहिए:
- मथुरा: उत्तर प्रदेश में, आगरा के उत्तर-पश्चिम में, यमुना नदी के तट पर।
- पाटलिपुत्र: बिहार में, गंगा नदी के दक्षिणी तट पर, वर्तमान पटना।
- बनावली: हरियाणा में, फतेहाबाद जिले में, सरस्वती नदी के तट पर (हड़प्पा सभ्यता का स्थल)।
- गोवा: पश्चिमी तट पर, महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच।
- दिल्ली: उत्तर भारत में, यमुना नदी के तट पर, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र।
नोट: मानचित्र में स्थानों को स्पष्ट रूप से चिह्नित करें और नाम लिखें।
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