RBSE Class 12th 2014 -SS-03-2014 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2014 |
| Subject | -SS-03-2014 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2014 -SS-03-2014
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Rajasthan Board Class 12th -SS-03-2014 2014 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014
कम्प्यूटर विज्ञान
COMPUTER SCIENCE
ऐच्छिक (Optional)
समय : 3 घण्टे | पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SS—03—Compu.Sc. (Opt.) [85-5503] [ Turn over
खण्ड - अ / Part - A
-
स्टैक (Stack) में PUSH का क्या कार्य है?
What is the function of PUSH in stack?PUSH एक स्टैक ऑपरेशन है जो स्टैक के शीर्ष (top) पर एक नया डेटा तत्व जोड़ता है। इससे स्टैक का आकार बढ़ जाता है और नया तत्व सबसे ऊपर आ जाता है।
-
बायां शिफ्ट ऑपरेटर व दायां शिफ्ट ऑपरेटर को समझाइए।
Explain Left shift operator and Right shift operator.बायां शिफ्ट ऑपरेटर (<<): यह बिट्स को बाईं ओर स्थानांतरित करता है। प्रत्येक शिफ्ट पर मान 2 से गुणा हो जाता है। उदाहरण:
5 << 1 = 10(बाइनरी 101 → 1010)।दायां शिफ्ट ऑपरेटर (>>): यह बिट्स को दाईं ओर स्थानांतरित करता है। प्रत्येक शिफ्ट पर मान 2 से भाग हो जाता है। उदाहरण:
10 >> 1 = 5(बाइनरी 1010 → 101)। -
डाटाबेस बनाने के लिए कमाण्ड लिखिए।
Write a command to create a database.SQL में डाटाबेस बनाने का कमाण्ड:
CREATE DATABASE database_name;उदाहरण:
CREATE DATABASE SchoolDB; -
रिलेशनल ऑपरेटर को समझाइए।
Explain relational operator.रिलेशनल ऑपरेटर दो मानों की तुलना करते हैं और एक बूलियन परिणाम (सत्य/असत्य) लौटाते हैं। मुख्य रिलेशनल ऑपरेटर:
==(बराबर)!=(बराबर नहीं)>(से बड़ा)<(से छोटा)>=(से बड़ा या बराबर)<=(से छोटा या बराबर)
उदाहरण:
5 > 3का परिणाम सत्य (true) होता है।
यूनिक प्रतिबन्ध को समझाइए।
Explain unique constraint.
यूनिक प्रतिबन्ध (Unique Constraint) एक डेटाबेस प्रतिबन्ध है जो यह सुनिश्चित करता है कि किसी तालिका के एक या अधिक कॉलम में सभी मान अद्वितीय (unique) हों। इसका अर्थ है कि किसी भी दो पंक्तियों में इस कॉलम के लिए समान मान नहीं हो सकता। यह प्राथमिक कुंजी (Primary Key) के समान है, लेकिन यह NULL मानों की अनुमति देता है (हालांकि प्रति कॉलम केवल एक NULL मान की अनुमति होती है)।
हाफ डुप्लैक्स से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by half duplex?
हाफ डुप्लैक्स (Half Duplex) एक संचार मोड है जिसमें डेटा दोनों दिशाओं में प्रेषित किया जा सकता है, लेकिन एक समय में केवल एक दिशा में। इसका अर्थ है कि एक उपकरण डेटा भेज सकता है या प्राप्त कर सकता है, लेकिन एक साथ दोनों नहीं कर सकता। उदाहरण के लिए, वॉकी-टॉकी में एक व्यक्ति बोलता है और दूसरा सुनता है, फिर भूमिकाएँ बदल जाती हैं।
कन्सट्रक्टर को परिभाषित कीजिए।
Define constructor.
कन्सट्रक्टर (Constructor) एक विशेष सदस्य फलन (member function) है जो किसी वर्ग (class) के ऑब्जेक्ट बनाए जाने पर स्वचालित रूप से कॉल होता है। इसका नाम वर्ग के नाम के समान होता है और इसका कोई रिटर्न प्रकार नहीं होता। इसका मुख्य उद्देश्य ऑब्जेक्ट के डेटा सदस्यों को प्रारंभ (initialize) करना है।
डाटा एनकैप्सूलेशन को परिभाषित कीजिए।
Define data encapsulation.
डाटा एनकैप्सूलेशन (Data Encapsulation) ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग की एक अवधारणा है जिसमें डेटा और उस डेटा पर काम करने वाले फलनों (functions) को एक इकाई (जैसे क्लास) में बांधा जाता है। यह डेटा को बाहरी पहुँच से छिपाने (data hiding) में मदद करता है, जिससे डेटा की सुरक्षा और अखंडता बनी रहती है।
ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर के दो उदाहरण लिखिए।
Write two examples of open source software.
- लिनक्स (Linux) – एक ओपन सोर्स ऑपरेटिंग सिस्टम।
- मोज़िला फ़ायरफ़ॉक्स (Mozilla Firefox) – एक ओपन सोर्स वेब ब्राउज़र।
C++ में overflow से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by overflow in C++?
ओवरफ्लो (Overflow) C++ में तब होता है जब किसी वेरिएबल को उसके डेटा प्रकार की अधिकतम सीमा से अधिक मान निर्दिष्ट (assign) किया जाता है। उदाहरण के लिए, यदि int प्रकार का वेरिएबल 32767 (16-बिट सिस्टम पर) से अधिक मान रखता है, तो यह ओवरफ्लो का कारण बनता है, जिसके परिणामस्वरूप मान रैप-अराउंड (wrap-around) हो सकता है या अप्रत्याशित व्यवहार हो सकता है।
क्लास स्कोप का उपयोग लिखिए।
Write use of class scope.
क्लास स्कोप (Class Scope) का उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जाता है कि किसी वर्ग के सदस्य (members) – जैसे डेटा सदस्य और सदस्य फलन – कहाँ से पहुँच योग्य (accessible) हैं। यह स्कोप रिज़ॉल्यूशन ऑपरेटर (::) का उपयोग करके किसी वर्ग के बाहर सदस्यों को परिभाषित करने में मदद करता है, और यह सुनिश्चित करता है कि विभिन्न वर्गों के समान नाम वाले सदस्यों के बीच कोई संघर्ष (conflict) न हो।
क्रम विनिमेय का नियम लिखिए।
Write the commutative law.
क्रम विनिमेय का नियम (Commutative Law) बूलियन बीजगणित में कहता है कि किसी ऑपरेशन के संकार्यों (operands) के क्रम को बदलने से परिणाम प्रभावित नहीं होता। इसे निम्न प्रकार लिखा जाता है:
- OR ऑपरेशन के लिए: A + B = B + A
- AND ऑपरेशन के लिए: A · B = B · A
प्रश्न 1: व्यूह में सुरक्षित किये गए मान को जोड़ने की दो विधियों के नाम लिखिए।
Write two methods for adding a value in Array.
उत्तर: व्यूह (Array) में मान जोड़ने की दो विधियाँ निम्नलिखित हैं:
- पुश (Push) विधि: इस विधि में नए मान को व्यूह के अंत में जोड़ा जाता है।
- अनशिफ्ट (Unshift) विधि: इस विधि में नए मान को व्यूह के प्रारंभ में जोड़ा जाता है।
Two methods for adding a value in Array are:
- Push method: Adds a new value at the end of the array.
- Unshift method: Adds a new value at the beginning of the array.
खण्ड - ब (Part - B)
प्रश्न 2: द्वि-विमीय Array संरचना को सिन्टेक्स की सहायता से समझाइए।
Explain two-dimensional Array with the help of syntax.
उत्तर: द्वि-विमीय Array (Two-dimensional Array) एक ऐसा व्यूह है जिसमें डेटा को पंक्तियों (rows) और स्तंभों (columns) के रूप में संग्रहीत किया जाता है। इसे मैट्रिक्स (Matrix) भी कहा जाता है।
सिन्टेक्स (Syntax):
data_type array_name[rows][columns];
उदाहरण: int arr[3][4]; — यह 3 पंक्तियों और 4 स्तंभों वाला एक पूर्णांक व्यूह है।
व्याख्या: पहला सूचकांक (index) पंक्ति को दर्शाता है और दूसरा सूचकांक स्तंभ को। उदाहरण के लिए, arr[1][2] दूसरी पंक्ति और तीसरे स्तंभ के मान को संदर्भित करता है।
प्रश्न 3: मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स को समझाइए।
Explain multilevel inheritance.
उत्तर: मल्टीलेवल इनहेरिटेन्स (Multilevel Inheritance) एक प्रकार की वंशानुक्रम (inheritance) है जिसमें एक व्युत्पन्न वर्ग (derived class) किसी अन्य व्युत्पन्न वर्ग से विरासत प्राप्त करता है, जो स्वयं किसी आधार वर्ग (base class) से विरासत प्राप्त करता है। इस प्रकार वर्गों की एक श्रृंखला बनती है।
उदाहरण:
class A { ... }; // आधार वर्ग
class B : public A { ... }; // B, A से विरासत प्राप्त करता है
class C : public B { ... }; // C, B से विरासत प्राप्त करता है
यहाँ, वर्ग C को वर्ग A और वर्ग B दोनों के गुण प्राप्त होते हैं।
प्रश्न 4: SQL में POWER() व ROUND() कमाण्ड को समझाइए।
Explain POWER() and ROUND() commands in SQL.
उत्तर:
- POWER() फंक्शन: यह किसी संख्या को निर्दिष्ट घात (power) तक बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।
सिन्टेक्स:POWER(base, exponent)
उदाहरण:SELECT POWER(2, 3);— परिणाम 8 होगा। - ROUND() फंक्शन: यह किसी संख्या को निर्दिष्ट दशमलव स्थानों तक पूर्णांकित (round) करता है।
सिन्टेक्स:ROUND(number, decimal_places)
उदाहरण:SELECT ROUND(3.14159, 2);— परिणाम 3.14 होगा।
प्रश्न 5: इनपुट व आउटपुट स्ट्रीम को समझाइए।
Explain input and output streams.
उत्तर: स्ट्रीम (Stream) डेटा का एक क्रम (sequence) है जो स्रोत (source) से गंतव्य (destination) तक प्रवाहित होता है।
- इनपुट स्ट्रीम (Input Stream): यह डेटा को इनपुट डिवाइस (जैसे कीबोर्ड, फ़ाइल) से प्रोग्राम में पढ़ने के लिए उपयोग किया जाता है। C++ में
cinएक इनपुट स्ट्रीम है। - आउटपुट स्ट्रीम (Output Stream): यह डेटा को प्रोग्राम से आउटपुट डिवाइस (जैसे मॉनिटर, फ़ाइल) पर भेजने के लिए उपयोग किया जाता है। C++ में
coutएक आउटपुट स्ट्रीम है।
प्रश्न 6: SQL की विशेषताएँ लिखिए।
Write the merits of SQL.
उत्तर: SQL (Structured Query Language) की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- सरलता (Simplicity): SQL का सिन्टेक्स सरल और अंग्रेजी भाषा के समान है, जिससे इसे सीखना आसान है।
- पोर्टेबिलिटी (Portability): SQL को विभिन्न डेटाबेस सिस्टम (जैसे MySQL, Oracle, SQL Server) पर उपयोग किया जा सकता है।
- डेटा हेरफेर (Data Manipulation): SQL डेटा को सम्मिलित (INSERT), अद्यतन (UPDATE), हटाने (DELETE) और पुनर्प्राप्त (SELECT) करने की क्षमता प्रदान करता है।
- डेटा परिभाषा (Data Definition): SQL का उपयोग डेटाबेस संरचना (जैसे टेबल बनाना, संशोधित करना) को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।
- सुरक्षा (Security): SQL उपयोगकर्ताओं को डेटा तक पहुँच नियंत्रित करने की अनुमति देता है।
प्रश्न 7: सत्य सारणी (Truth Table) की सहायता से यूनिवर्सल गेट को समझाइए।
Explain the universal gates with the help of Truth Table.
उत्तर: यूनिवर्सल गेट (Universal Gate) वे लॉजिक गेट हैं जिनका उपयोग किसी भी अन्य लॉजिक गेट (AND, OR, NOT) को बनाने के लिए किया जा सकता है। दो मुख्य यूनिवर्सल गेट हैं: NAND गेट और NOR गेट।
1. NAND गेट: यह AND गेट का निषेध (complement) है। इसका आउटपुट केवल तब 0 होता है जब सभी इनपुट 1 हों, अन्यथा 1 होता है।
| इनपुट A | इनपुट B | आउटपुट (A NAND B) |
|---|---|---|
| 0 | 0 | 1 |
| 0 | 1 | 1 |
| 1 | 0 | 1 |
| 1 | 1 | 0 |
2. NOR गेट: यह OR गेट का निषेध है। इसका आउटपुट केवल तब 1 होता है जब सभी इनपुट 0 हों, अन्यथा 0 होता है।
| इनपुट A | इनपुट B | आउटपुट (A NOR B) |
|---|---|---|
| 0 | 0 | 1 |
| 0 | 1 | 0 |
| 1 | 0 | 0 |
| 1 | 1 | 0 |
NAND और NOR गेट को यूनिवर्सल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इनका उपयोग करके AND, OR, NOT जैसे किसी भी मूल गेट को बनाया जा सकता है।
20. कॉपी कंस्ट्रक्टर को उदाहरण देते हुए समझाइए।
Explain copy constructor with the help of example.
कॉपी कंस्ट्रक्टर (Copy Constructor): यह एक विशेष प्रकार का कंस्ट्रक्टर है जो किसी ऑब्जेक्ट को उसी क्लास के किसी दूसरे ऑब्जेक्ट से इनिशियलाइज़ करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसका प्रारूप ClassName(const ClassName &obj) होता है।
उदाहरण:
class Sample {
int a;
public:
Sample(int x) { a = x; } // Parameterized constructor
Sample(const Sample &s) { a = s.a; } // Copy constructor
void display() { cout << a; }
};
int main() {
Sample s1(10);
Sample s2(s1); // Copy constructor called
s2.display(); // Output: 10
return 0;
}
21. बस टोपोलॉजी को समझाइए।
Explain Bus topology.
बस टोपोलॉजी (Bus Topology): यह एक नेटवर्क टोपोलॉजी है जिसमें सभी कंप्यूटर एक ही केबल (बस) से जुड़े होते हैं। डेटा एक सिरे से दूसरे सिरे तक यात्रा करता है और प्रत्येक नोड अपने लिए डेटा की जाँच करता है। इसके सिरों पर टर्मिनेटर लगाए जाते हैं ताकि सिग्नल वापस न लौटे।
विशेषताएँ: सस्ती, स्थापित करना आसान, लेकिन केबल खराब होने पर पूरा नेटवर्क डाउन हो जाता है।
22. डेस्ट्रक्टर को समझाइये एवं इसका उपयोग लिखिए।
Define Destructor. Write its uses.
डेस्ट्रक्टर (Destructor): यह एक विशेष मेंबर फंक्शन है जो किसी ऑब्जेक्ट के नष्ट होने पर स्वचालित रूप से कॉल होता है। इसका नाम क्लास के नाम के समान होता है और इसके आगे टिल्ड (~) चिह्न लगता है। यह कोई पैरामीटर नहीं लेता और न ही कोई मान लौटाता है।
उपयोग:
- डायनामिक रूप से आवंटित मेमोरी को मुक्त करना (जैसे
deleteका उपयोग करके)। - फ़ाइल हैंडल या डेटाबेस कनेक्शन जैसे संसाधनों को बंद करना।
- ऑब्जेक्ट के जीवनकाल के अंत में सफाई कार्य करना।
23. get() व getline() फंक्शन को समझाइए।
Explain get() and getline() functions.
get() फंक्शन: यह इनपुट स्ट्रीम से एक एकल कैरेक्टर पढ़ता है, जिसमें व्हाइटस्पेस (स्पेस, टैब, न्यूलाइन) भी शामिल है। प्रारूप: cin.get(ch); या cin.get(array, size);
getline() फंक्शन: यह इनपुट स्ट्रीम से कैरेक्टर्स की एक लाइन पढ़ता है जब तक कि न्यूलाइन कैरेक्टर ('\n') न मिल जाए। यह न्यूलाइन को हटा देता है और स्ट्रिंग के अंत में null कैरेक्टर जोड़ता है। प्रारूप: cin.getline(array, size);
अंतर: get() न्यूलाइन को स्ट्रीम में छोड़ देता है जबकि getline() उसे हटा देता है।
24. ऑपरेटर फंक्शन को समझाइए एवं प्रारूप लिखिए।
Explain operator function and write their syntax.
ऑपरेटर फंक्शन (Operator Function): यह C++ में ऑपरेटर ओवरलोडिंग के लिए उपयोग किया जाने वाला एक विशेष फंक्शन है जो किसी ऑपरेटर (जैसे +, -, *, /) को यूज़र-डिफ़ाइंड डेटा टाइप पर काम करने की अनुमति देता है।
प्रारूप (Syntax):
return_type operator operator_symbol (parameter_list) {
// function body
}
उदाहरण: Complex operator + (const Complex &c); जो दो कॉम्प्लेक्स संख्याओं को जोड़ता है।
खण्ड - C (Part - C)
25. C++ में एक द्वि-विमीय व्यूह का प्रोग्राम बनाइए जिसमें पंक्ति-वार संख्यांक मान वाले दो NxM आव्यूहों का योग हो।
Write a C++ program for 2D Array for addition of row-wise for two NxM arrays.
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
int N, M;
cout << "Enter rows and columns: ";
cin >> N >> M;
int A[N][M], B[N][M], C[N][M];
cout << "Enter elements of first matrix:\n";
for(int i = 0; i < N; i++)
for(int j = 0; j < M; j++)
cin >> A[i][j];
cout << "Enter elements of second matrix:\n";
for(int i = 0; i < N; i++)
for(int j = 0; j < M; j++)
cin >> B[i][j];
// Row-wise addition
for(int i = 0; i < N; i++)
for(int j = 0; j < M; j++)
C[i][j] = A[i][j] + B[i][j];
cout << "Resultant matrix:\n";
for(int i = 0; i < N; i++) {
for(int j = 0; j < M; j++)
cout << C[i][j] << " ";
cout << endl;
}
return 0;
}
व्याख्या: यह प्रोग्राम दो NxM आव्यूहों को इनपुट लेता है और पंक्ति-वार (row-wise) योग करके तीसरे आव्यूह में संग्रहीत करता है।
26. कोमा ऑपरेटर को उदाहरण सहित समझाइए।
Explain comma operator with the help of example.
कोमा ऑपरेटर (Comma Operator): यह C++ में एक बाइनरी ऑपरेटर है जो दो एक्सप्रेशन को अलग करता है और बाएँ से दाएँ मूल्यांकन करता है। यह दाएँ एक्सप्रेशन के मान को लौटाता है। इसका उपयोग आमतौर पर लूप या एक ही स्टेटमेंट में कई एक्सप्रेशन को जोड़ने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
int a = 5, b = 10, c;
c = (a += 2, b += 3, a + b); // a=7, b=13, c=20
cout << "a=" << a << ", b=" << b << ", c=" << c;
// Output: a=7, b=13, c=20
व्याख्या: पहले a += 2 (a=7), फिर b += 3 (b=13), और अंत में a + b (20) को c में असाइन किया जाता है।
27. विभिन्न लॉजिक गेट को NOR गेट की सहायता से बनाइए।
Draw the different logic gates with the help of NOR gate.
Solution: NOR gate एक Universal Gate है, जिसकी सहायता से सभी बुनियादी लॉजिक गेट (AND, OR, NOT, NAND, XOR, XNOR) बनाए जा सकते हैं।
- NOT Gate: NOR गेट के दोनों इनपुट को एक साथ जोड़कर (short) करने पर NOT गेट प्राप्त होता है।
- OR Gate: NOT गेट के बाद NOR गेट का आउटपुट OR गेट के समान होता है। वास्तव में, NOR + NOT = OR.
- AND Gate: दो NOR गेट और एक NOT गेट (या NOR गेट को NOT के रूप में) का उपयोग करके AND गेट बनाया जाता है।
- NAND Gate: AND गेट के आउटपुट को NOT गेट से जोड़कर NAND प्राप्त होता है।
- XOR और XNOR: इन्हें AND, OR, NOT गेट के संयोजन से बनाया जाता है, जो स्वयं NOR गेट से बने होते हैं।
28. डाटा फाइल हैंडलिंग का विस्तार से वर्णन करें।
Explain Data file handling in detail.
Solution: डाटा फाइल हैंडलिंग का अर्थ है फाइलों में डेटा को स्टोर करना, पढ़ना, लिखना और संशोधित करना। C++ में फाइल हैंडलिंग के लिए fstream, ifstream, और ofstream क्लासेज का उपयोग किया जाता है।
- फाइल खोलना:
open()फंक्शन या कंस्ट्रक्टर द्वारा। - फाइल में लिखना:
<<ऑपरेटर याwrite()फंक्शन। - फाइल से पढ़ना:
>>ऑपरेटर याread()फंक्शन। - फाइल बंद करना:
close()फंक्शन। - मोड:
ios::in,ios::out,ios::app,ios::binaryआदि।
उदाहरण: ofstream fout("data.txt"); fout << "Hello"; fout.close();
अथवा / OR
रेफरेंस वेरिएबल क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
What is reference variable? Explain with example.
Solution: रेफरेंस वेरिएबल किसी दूसरे वेरिएबल का एक उपनाम (alias) होता है। इसे & ऑपरेटर से डिक्लेयर किया जाता है। रेफरेंस को एक बार इनिशियलाइज़ करने के बाद दूसरे वेरिएबल को रेफर नहीं किया जा सकता।
उदाहरण:
int a = 10;
int &ref = a; // ref, a का रेफरेंस है
ref = 20; // अब a = 20
cout << a; // आउटपुट: 20
रेफरेंस का उपयोग फंक्शन में पैरामीटर पास करने (call by reference) और ऑपरेटर ओवरलोडिंग में किया जाता है।
29. लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम से आप क्या समझते हैं? इनके विभिन्न डाइरेक्टरी कमांड व फाइल कमांड को समझाइए।
What do you mean by Linux operating system? Explain its different directory command and file command.
Solution: लिनक्स एक ओपन-सोर्स, यूनिक्स-आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम है जो मल्टीयूज़र और मल्टीटास्किंग को सपोर्ट करता है। इसकी विशेषताएँ: सुरक्षा, स्थिरता, और कमांड-लाइन इंटरफ़ेस।
डाइरेक्टरी कमांड:
pwd– वर्तमान डाइरेक्टरी दिखाता है।ls– फाइलों और फोल्डरों की सूची।cd– डाइरेक्टरी बदलना।mkdir– नई डाइरेक्टरी बनाना।rmdir– खाली डाइरेक्टरी हटाना।
फाइल कमांड:
cat– फाइल की सामग्री दिखाना।cp– फाइल कॉपी करना।mv– फाइल मूव या रीनेम करना।rm– फाइल हटाना।chmod– फाइल अनुमतियाँ बदलना।
अथवा / OR
एक्टिव सर्वर पेज (ए एस पी) को समझाइए। ए एस पी कोड की उपयोगिता एवं क्रियान्वित करने की विधि लिखिए।
Explain Active Server Page. Write application and execution method of ASP code.
Solution: Active Server Pages (ASP) माइक्रोसॉफ्ट की एक सर्वर-साइड स्क्रिप्टिंग तकनीक है जो डायनामिक वेब पेज बनाने के लिए उपयोग होती है। ASP कोड HTML के साथ मिलाकर लिखा जाता है और सर्वर पर प्रोसेस होता है।
उपयोगिता:
- डेटाबेस से कनेक्ट कर डायनामिक कंटेंट दिखाना।
- यूज़र इनपुट प्रोसेस करना।
- सत्र (session) और कुकीज़ मैनेज करना।
क्रियान्वित करने की विधि:
- ASP फाइल (.asp एक्सटेंशन) बनाएँ जिसमें HTML और सर्वर-साइड स्क्रिप्ट (VBScript या JScript) हो।
- फाइल को IIS (Internet Information Services) सर्वर पर रखें।
- ब्राउज़र से फाइल का URL एक्सेस करें। सर्वर ASP कोड को प्रोसेस करके HTML आउटपुट भेजता है।
उदाहरण: <% Response.Write("Hello World") %>
30. व्यूह में सुरक्षित मानों को हटाने का प्रोग्राम लिखिए।
Write a program to delete preserved values from Array.
Program (C++):
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
int arr[100], n, pos, i;
cout << "Enter number of elements: ";
cin >> n;
cout << "Enter " << n << " elements: ";
for(i = 0; i < n; i++)
cin >> arr[i];
cout << "Enter position to delete (1-based index): ";
cin >> pos;
if(pos < 1 || pos > n) {
cout << "Invalid position!";
return 1;
}
for(i = pos - 1; i < n - 1; i++)
arr[i] = arr[i + 1];
n--;
cout << "Array after deletion: ";
for(i = 0; i < n; i++)
cout << arr[i] << " ";
return 0;
}
Explanation: The program takes an array and a position as input. It shifts all elements after the given position one step left, effectively deleting the element at that position. The array size is reduced by 1.
अथवा / OR
फंक्शन ओवरलोडिंग को विस्तार से समझाइए।
Explain function overloading in detail.
Function Overloading: Function overloading is a feature in C++ where multiple functions can have the same name but different parameters (different number or types of parameters). The compiler determines which function to call based on the arguments passed.
Key Points:
- Functions must differ in the number or type of parameters.
- Return type alone cannot differentiate overloaded functions.
- It improves code readability and reusability.
Example:
#include <iostream>
using namespace std;
int add(int a, int b) {
return a + b;
}
double add(double a, double b) {
return a + b;
}
int add(int a, int b, int c) {
return a + b + c;
}
int main() {
cout << "Sum of 2 integers: " << add(5, 10) << endl;
cout << "Sum of 2 doubles: " << add(5.5, 10.2) << endl;
cout << "Sum of 3 integers: " << add(5, 10, 15) << endl;
return 0;
}
Output:
Sum of 2 integers: 15 Sum of 2 doubles: 15.7 Sum of 3 integers: 30
Explanation: Here, three functions named add are defined. The first takes two integers, the second takes two doubles, and the third takes three integers. The compiler selects the appropriate function based on the arguments provided in the call.