RBSE Class 12th 2014 Agriculture-SS-84-2014 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2014 |
| Subject | Agriculture-SS-84-2014 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2014 Agriculture-SS-84-2014
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Rajasthan Board Class 12th Agriculture-SS-84-2014 2014 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014
कृषि विज्ञान
AGRICULTURE
समय : 3.15 घण्टे पूर्णांक : 56
नामांक / Roll No. : _________________________
No. of Questions — 30 SS—84—AGRICULTURE
No. of Printed Pages — 7
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
-
परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्नपत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. -
सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. -
प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. -
जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity. -
प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SS—84—AGRICULTURE [ SS - 5584 ] [ Turn over
प्रश्न पत्र – कृषि (SS–84) 2014
लघु उत्तरीय प्रश्न
1. टिकाऊ खेती किसे कहते हैं ?
What do you mean by sustainable farming?
उत्तर: टिकाऊ खेती (Sustainable Farming) वह कृषि पद्धति है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का इस प्रकार उपयोग किया जाता है कि वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी हों, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता न हो। इसमें मृदा स्वास्थ्य, जल संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन पर ध्यान दिया जाता है।
2. दो औषधीय फसलों के नाम लिखिये ।
Write the names of two medicinal crops.
उत्तर: दो औषधीय फसलों के नाम निम्नलिखित हैं:
- अश्वगंधा (Withania somnifera)
- तुलसी (Ocimum sanctum)
3. पौधों में जिंक पोषक तत्व के कोई दो कार्य लिखिये ।
Write any two functions of Zinc Nutrients in plants.
उत्तर: पौधों में जिंक (Zinc) के दो प्रमुख कार्य:
- यह ऑक्सिन (Auxin) हार्मोन के संश्लेषण में सहायक होता है, जो पौधों की वृद्धि को नियंत्रित करता है।
- यह एंजाइमों (जैसे कार्बोनिक एनहाइड्रेज़) का सक्रियक है, जो प्रकाश संश्लेषण और श्वसन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
4. मक्का की फसल में किस क्रान्तिक अवधि पर एट्राजिन खरपतवार नाशी का प्रयोग किया जाता है?
At which critical stage / duration is the Atrazine weedicide used in maize crop?
उत्तर: मक्का की फसल में एट्राजिन (Atrazine) खरपतवार नाशी का प्रयोग बुवाई के तुरंत बाद या अंकुरण से पूर्व (Pre-emergence stage) किया जाता है। यह क्रान्तिक अवधि फसल के प्रारंभिक विकास के दौरान खरपतवारों को नियंत्रित करने में सबसे प्रभावी होती है।
5. सम्बन्धित खरपतवार किसे कहते हैं ?
What are related weeds?
उत्तर: सम्बन्धित खरपतवार (Related weeds) वे खरपतवार होते हैं जो किसी विशेष फसल के साथ निकटता से जुड़े होते हैं और उसी वातावरण में उगते हैं। ये प्रायः फसल के समान वानस्पतिक गुण रखते हैं और फसल के साथ प्रतिस्पर्धा करते हैं। उदाहरण: गेहूँ के साथ गेहूँ का जंगली रूप (Wild oat) सम्बन्धित खरपतवार है।
6. बरसीम की दो टेट्राप्लाइड किस्मों के नाम लिखिये ।
Write two tetraploid varieties of Egyptian clover (Barseem).
उत्तर: बरसीम (Egyptian clover) की दो टेट्राप्लाइड किस्में:
- वरदान (Vardan)
- बीएल-1 (BL-1)
7. गन्ने के लाल सड़न रोग का एक लक्षण एवं रोकथाम का उपाय लिखिये ।
Write one symptom and one control measure of Red Rot disease of sugarcane.
उत्तर:
लक्षण: गन्ने के तने के अंदर लाल-भूरे रंग के धब्बे दिखाई देते हैं, जो बाद में सफेद धब्बों में बदल जाते हैं। पत्तियाँ पीली पड़कर सूखने लगती हैं।
रोकथाम का उपाय: रोग प्रतिरोधी किस्मों (जैसे Co 0238) का उपयोग करें और संक्रमित पौधों को हटाकर नष्ट कर दें। बीज उपचार के लिए कार्बेन्डाजिम (0.1%) का प्रयोग करें।
लताएँ किसे कहते हैं ?
What are climbers?
लताएँ (क्लाइम्बर्स) वे पौधे हैं जो अपने तने को सहारे के चारों ओर लपेटकर या टेंड्रिल्स की सहायता से ऊपर चढ़ते हैं। ये स्वयं खड़े नहीं हो सकते और इन्हें किसी आधार की आवश्यकता होती है। उदाहरण: मटर, बेल, अंगूर।
मिश्रित गृह वाटिका से आप क्या समझते हैं ?
What do you understand by kitchen mixed garden?
मिश्रित गृह वाटिका (किचन मिक्स्ड गार्डन) एक छोटा सा बगीचा होता है जो घर के पास बनाया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार की सब्जियाँ, फल, और जड़ी-बूटियाँ एक साथ उगाई जाती हैं। इसका उद्देश्य परिवार की दैनिक आवश्यकताओं के लिए ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है।
विटामिन ए की कमी से होने वाले चार रोगों के नाम लिखिये ।
Write the names of four diseases due to the deficiency of Vitamin A.
- रतौंधी (नाइट ब्लाइंडनेस)
- ज़ेरोफ्थैल्मिया (आँखों का सूखापन)
- केराटोमैलेशिया (कॉर्निया का नरम होना)
- त्वचा का रूखापन और संक्रमण
फसल विविधता के कोई दो महत्व लिखिये ।
Write any two importances of diversification in crops.
- फसल विविधता से मृदा की उर्वरता बनी रहती है और कीट-रोगों का प्रकोप कम होता है।
- इससे किसानों की आय में स्थिरता आती है और बाजार में विभिन्न उत्पादों की उपलब्धता बढ़ती है।
बाजरा की फसल में उगने वाले कोई दो खरपतवार के नाम लिखिये ।
Write the names of any two weeds grown in Bajra.
- मोथा (साइपरस रोटंडस)
- हाथी घास (पेनिसेटम पुरप्यूरियम)
फास्फोरस तत्व की कमी के कोई दो लक्षण लिखिये ।
Write any two symptoms of deficiency due to phosphorus.
- पत्तियों का रंग गहरा हरा या बैंगनी हो जाना, विशेषकर पुरानी पत्तियों में।
- पौधों की वृद्धि रुक जाना और जड़ों का कमजोर होना।
गोबर की खाद के कोई चार महत्व लिखिये ।
Write any four importances of farmyard manures.
- मृदा में कार्बनिक पदार्थ की मात्रा बढ़ाता है, जिससे मृदा की संरचना में सुधार होता है।
- मृदा की जल धारण क्षमता बढ़ाता है।
- पौधों को धीरे-धीरे पोषक तत्व प्रदान करता है।
- मृदा में सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को बढ़ावा देता है।
मृदा उर्वरता किसे कहते हैं ? मृदा उर्वरता को प्रभावित करने वाले कोई चार प्राकृतिक कारक लिखिये ।
What is soil fertility? Write any four natural causes which affect soil fertility.
मृदा उर्वरता: मृदा की वह क्षमता जिसके द्वारा वह पौधों को आवश्यक पोषक तत्व, जल और वायु प्रदान कर सके, मृदा उर्वरता कहलाती है।
मृदा उर्वरता को प्रभावित करने वाले चार प्राकृतिक कारक:
- जलवायु (तापमान, वर्षा)
- मूल चट्टान का प्रकार
- स्थलाकृति (ढलान, ऊँचाई)
- समय (मृदा निर्माण की अवधि)
प्रश्न 20
लाल दोमट एवं पहाड़ी मृदाओं का संक्षेप में वर्णन कीजिये।
Write in brief about Red loam soils and Hilly soils.
अंक: 1+1=2
लाल दोमट मृदा (Red Loam Soil): यह मृदा लाल रंग की होती है, जो आयरन ऑक्साइड की अधिकता के कारण होती है। यह दोमट प्रकृति की होती है, जिसमें रेत और चिकनी मिट्टी का मिश्रण पाया जाता है। यह मृदा अच्छी जल निकासी वाली होती है और कपास, गेहूं, दलहन आदि फसलों के लिए उपयुक्त होती है।
पहाड़ी मृदा (Hilly Soil): यह मृदा पहाड़ी क्षेत्रों में पाई जाती है, जो जैविक पदार्थों से भरपूर होती है। यह आमतौर पर अम्लीय प्रकृति की होती है और इसमें जल धारण क्षमता कम होती है। यह चाय, कॉफी, मसाले और फलों के पेड़ों के लिए उपयुक्त होती है।
प्रश्न 21
जल माँग किसे कहते हैं? जल माँग को प्रभावित करने वाले कोई दो कारण लिखिये।
What is water requirement? Write any two factors affecting it.
अंक: 1+1=2
जल माँग (Water Requirement): किसी फसल को उसकी पूर्ण वृद्धि और विकास के लिए आवश्यक पानी की कुल मात्रा को जल माँग कहते हैं। इसमें वाष्पोत्सर्जन, वाष्पीकरण और फसल के ऊतकों में संग्रहित पानी शामिल होता है।
जल माँग को प्रभावित करने वाले दो कारण:
- जलवायु: तापमान, आर्द्रता, हवा की गति और सूर्य की रोशनी जल माँग को प्रभावित करते हैं। उच्च तापमान और कम आर्द्रता पर जल माँग बढ़ जाती है।
- फसल का प्रकार: विभिन्न फसलों की जल माँग अलग-अलग होती है। उदाहरण के लिए, धान की जल माँग अधिक होती है जबकि बाजरे की कम।
प्रश्न 22
सिंचाई की चेक बेसिन विधि का चित्र बनाइये एवं इस विधि का वर्णन कीजिये।
Draw a diagram and describe check basin method of irrigation.
अंक: 1+1=2
चेक बेसिन विधि (Check Basin Method): इस विधि में खेत को छोटे-छोटे वर्गाकार या आयताकार बेसिनों (क्यारियों) में बांट दिया जाता है। प्रत्येक बेसिन के चारों ओर मिट्टी की मेड़ें बनाई जाती हैं। पानी को एक नहर या पाइप के माध्यम से प्रत्येक बेसिन में भरा जाता है। यह विधि समतल भूमि के लिए उपयुक्त है और पानी के समान वितरण में सहायक होती है।
चित्र: (चित्र में एक आयताकार खेत दिखाया गया है जिसमें छोटे-छोटे वर्गाकार बेसिन बने हैं, प्रत्येक बेसिन के चारों ओर मेड़ें हैं, और एक मुख्य नहर से पानी बेसिनों में जा रहा है।)
प्रश्न 23
मानव आहार में विटामिन सी के चार महत्व का वर्णन कीजिये।
Give four importances of Vitamin C in Human diet.
अंक: 2
विटामिन सी के चार महत्व:
- प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करना: विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।
- कोलेजन निर्माण: यह त्वचा, हड्डियों, दांतों और रक्त वाहिकाओं के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक कोलेजन प्रोटीन के निर्माण में सहायक होता है।
- एंटीऑक्सीडेंट गुण: यह शरीर को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है।
- आयरन अवशोषण: विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाता है, जिससे एनीमिया (खून की कमी) से बचाव होता है।
प्रश्न 24
अलंकृत उद्यान किसे कहते हैं? इसकी दो विशेषतायें लिखिये।
What is ornamental gardening? Give any two characteristics.
अंक: 1+1=2
अलंकृत उद्यान (Ornamental Gardening): यह उद्यान विज्ञान की वह शाखा है जिसमें सुंदरता और सौंदर्य के लिए फूलों, पत्तियों, झाड़ियों और पेड़ों की खेती की जाती है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण को आकर्षक और मनोरम बनाना है।
दो विशेषताएं:
- इसमें मुख्य रूप से सजावटी पौधे जैसे गुलाब, गेंदा, गुलदाउदी आदि लगाए जाते हैं।
- इसमें पौधों को विशेष आकार (जैसे टोपरी) और डिजाइन में काट-छांट कर सजाया जाता है।
प्रश्न 25
कृन्तन किसे कहते हैं? कृन्तन के कोई दो उद्देश्य लिखिये।
What is pruning? Give any two objects of pruning.
अंक: 1+1=2
कृन्तन (Pruning): पौधों की शाखाओं, टहनियों या जड़ों को काटने की क्रिया को कृन्तन कहते हैं। यह पौधों के स्वास्थ्य, आकार और उत्पादन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।
कृन्तन के दो उद्देश्य:
- फल एवं फूल उत्पादन बढ़ाना: अनावश्यक शाखाओं को काटने से पोषक तत्व फल और फूल देने वाली शाखाओं तक पहुंचते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ता है।
- पौधे को आकार देना: कृन्तन द्वारा पौधे को वांछित आकार (जैसे गोल, शंकु आदि) दिया जा सकता है, जिससे वह सुंदर दिखता है और प्रकाश व हवा का संचार अच्छा होता है।
प्रश्न 26
निम्नलिखित पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिये:
(अ) केन्द्रीय अग्र प्रणाली
(ब) खुला केन्द्र प्रणाली
Write short notes on the following:
(a) Central Leader system
(b) Open Centre system.
अंक: 1+1=2
(अ) केन्द्रीय अग्र प्रणाली (Central Leader System): इस प्रणाली में पौधे का एक मुख्य तना (केन्द्रीय अग्र) सीधा ऊपर बढ़ता है, और इससे पार्श्व शाखाएं निकलती हैं। यह प्रणाली सेब, नाशपाती जैसे फलों के पेड़ों में उपयोग की जाती है। इसमें पेड़ का आकार शंकु जैसा होता है, जिससे प्रकाश और हवा का संचार अच्छा होता है।
(ब) खुला केन्द्र प्रणाली (Open Centre System): इस प्रणाली में पौधे के मुख्य तने को काट दिया जाता है, जिससे पार्श्व शाखाएं बाहर की ओर बढ़ती हैं और केंद्र खाली रहता है। यह प्रणाली आड़ू, अमरूद, नींबू जैसे पेड़ों में उपयोग की जाती है। इससे पेड़ का आकार कटोरे जैसा हो जाता है, जिससे फल तोड़ना आसान होता है और प्रकाश अंदर तक पहुंचता है।
23. साधारण दाब का नामांकित चित्र बनाकर वर्णन कीजिये।
Draw a labelled diagram and describe simple layering. (1+1=2)
साधारण दाब (Simple Layering) का वर्णन:
साधारण दाब एक प्रवर्धन विधि है जिसमें किसी पौधे की एक शाखा को मिट्टी में दबा दिया जाता है, जबकि वह शाखा मातृ पौधे से जुड़ी रहती है। दबे हुए भाग से जड़ें निकलती हैं और बाद में इसे मातृ पौधे से अलग कर एक नया पौधा तैयार किया जाता है।
चित्र का वर्णन (Labelled Diagram):
चित्र में एक मातृ पौधा दिखाया गया है जिसकी एक शाखा को मोड़कर मिट्टी में दबाया गया है। दबे हुए भाग पर जड़ें विकसित होती दिखाई गई हैं। शाखा का ऊपरी सिरा मिट्टी से बाहर निकला हुआ है। चित्र में निम्नलिखित भागों को नामांकित किया गया है:
- मातृ पौधा (Mother Plant)
- शाखा (Branch)
- दबा हुआ भाग (Buried Portion)
- जड़ें (Roots)
- नया पौधा (New Plant)
24. जलवायु के आधार पर उष्ण तथा उपोष्णीय फल पौधों का उदाहरण सहित वर्णन कीजिये।
On the basis of climate, describe the tropical and sub-tropical fruit plants with examples. (4×½=2)
उष्ण फल पौधे (Tropical Fruit Plants): ये पौधे उच्च तापमान (25°C से 35°C) और अधिक आर्द्रता वाले क्षेत्रों में उगते हैं। ये पाले के प्रति संवेदनशील होते हैं।
- उदाहरण: आम (Mango), केला (Banana), पपीता (Papaya), अनानास (Pineapple)
उपोष्णीय फल पौधे (Sub-tropical Fruit Plants): ये पौधे मध्यम तापमान (10°C से 25°C) वाले क्षेत्रों में उगते हैं। ये हल्की पाला सहन कर सकते हैं।
- उदाहरण: संतरा (Orange), नींबू (Lemon), अंगूर (Grape), अनार (Pomegranate)
25. खरपतवारों द्वारा होने वाली कोई छः हानियों का वर्णन कीजिये।
अथवा
खरपतवार नियन्त्रण की कोई छः यांत्रिक विधियों का वर्णन कीजिये।
Describe any six demerits caused by weeds. (6×½=3)
OR
Give any six mechanical methods of weed control. (6×½=3)
खरपतवारों द्वारा होने वाली छः हानियाँ (Six Demerits Caused by Weeds):
- खरपतवार फसलों के साथ पानी, पोषक तत्वों और सूर्य के प्रकाश के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं, जिससे फसल की उपज कम हो जाती है।
- ये फसलों में रोग और कीटों को आश्रय प्रदान करते हैं, जिससे फसल को नुकसान होता है।
- खरपतवार कृषि कार्यों में बाधा उत्पन्न करते हैं और श्रम लागत बढ़ाते हैं।
- कुछ खरपतवार जहरीले होते हैं और पशुओं के चारे में मिल जाने पर उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- ये फसलों की गुणवत्ता को कम करते हैं, जैसे अनाज में खरपतवार के बीज मिल जाने से उसकी बाजार कीमत घट जाती है।
- खरपतवार सिंचाई नालियों और जल निकासी व्यवस्था को अवरुद्ध कर सकते हैं, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है।
अथवा (OR)
खरपतवार नियन्त्रण की छः यांत्रिक विधियाँ (Six Mechanical Methods of Weed Control):
- हाथ से निराई (Hand Weeding): हाथों या छोटे औजारों से खरपतवार निकालना।
- गुड़ाई (Hoeing): कुदाल या खुरपी से मिट्टी को उखाड़कर खरपतवार नष्ट करना।
- जुताई (Ploughing): हल या ट्रैक्टर से खेत की जुताई करके खरपतवार को दबाना।
- निराई-गुड़ाई (Cultivation): ट्रैक्टर चालित कल्टीवेटर से खरपतवार निकालना।
- मल्चिंग (Mulching): प्लास्टिक या जैविक पदार्थों से मिट्टी को ढककर खरपतवार के अंकुरण को रोकना।
- जल प्रबंधन (Flooding): खेत में पानी भरकर खरपतवार को डुबो देना (जैसे धान के खेत में)।
26. जैली बनाने की विधि का वर्णन कीजिये।
अथवा
डिब्बाबन्दी की प्रक्रिया के विभिन्न चरणों का वर्णन कीजिये।
Describe the method of Jelly preparation. (3)
OR
Describe the various processes of canning. (3)
जैली बनाने की विधि (Method of Jelly Preparation):
- फलों का चयन और धुलाई: अच्छे पके हुए फल (जैसे अमरूद, सेब, अंगूर) चुनें और उन्हें अच्छी तरह धो लें।
- फलों को उबालना: फलों को पानी में डालकर तब तक उबालें जब तक वे नरम न हो जाएं। इससे फलों से पेक्टिन और रस निकल आता है।
- रस निकालना: उबले हुए फलों को मलमल के कपड़े या छलनी से छानकर साफ रस अलग कर लें।
- चीनी मिलाना: रस में बराबर मात्रा में चीनी (1 कप रस में 1 कप चीनी) मिलाएं और अच्छी तरह मिलाएं।
- उबालना और जैली बिंदु तक पकाना: मिश्रण को तेज आंच पर उबालें। जब यह गाढ़ा हो जाए और चम्मच से लेने पर बूंदें जमने लगें (जैली बिंदु), तो आंच बंद कर दें।
- डिब्बाबंदी: गर्म जैली को साफ, सूखे जार में डालें और ढक्कन बंद कर दें। ठंडा होने पर यह जम जाएगी।
अथवा (OR)
डिब्बाबन्दी की प्रक्रिया के विभिन्न चरण (Various Processes of Canning):
- चयन और धुलाई (Selection and Washing): ताजे, पके और स्वस्थ फलों या सब्जियों का चयन करें और उन्हें अच्छी तरह धो लें।
- छीलना और काटना (Peeling and Cutting): फलों या सब्जियों को छीलकर आवश्यक आकार में काट लें।
- ब्लांचिंग (Blanching): कटे हुए टुकड़ों को उबलते पानी में 2-5 मिनट के लिए डालें और फिर ठंडे पानी में डालकर ठंडा करें। इससे एंजाइम निष्क्रिय हो जाते हैं।
- भराई (Filling): ब्लांच किए हुए टुकड़ों को साफ डिब्बों या जार में भरें और उनमें चीनी या नमक का घोल (सिरप या ब्राइन) डालें।
- एक्जॉस्टिंग (Exhausting): डिब्बों से हवा निकालने के लिए उन्हें गर्म पानी या भाप में रखें। इससे वैक्यूम बनता है।
- सील करना (Sealing): डिब्बों या जार को तुरंत सील कर दें ताकि हवा अंदर न जा सके।
- स्टरलाइज़ेशन (Sterilization): सील किए गए डिब्बों को उच्च तापमान (100°C से 121°C) पर गर्म करके सभी सूक्ष्मजीवों को नष्ट करें।
- ठंडा करना और भंडारण (Cooling and Storage): डिब्बों को ठंडा करें और ठंडी, सूखी जगह पर स्टोर करें।
27. फल परिरक्षण के कोई तीन सिद्धान्तों का वर्णन कीजिये।
Describe the three basic principles of fruit preservation. (3)
फल परिरक्षण के तीन सिद्धान्त (Three Basic Principles of Fruit Preservation):
- सूक्ष्मजीवों का नाश या निष्क्रियीकरण (Destruction or Inactivation of Microorganisms): फलों को खराब करने वाले बैक्टीरिया, यीस्ट और फफूंद को गर्मी (जैसे पाश्चुरीकरण, स्टरलाइज़ेशन) या रसायनों (जैसे सल्फर डाइऑक्साइड) द्वारा नष्ट किया जाता है।
- एंजाइमों का निष्क्रियीकरण (Inactivation of Enzymes): फलों में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले एंजाइम (जैसे पॉलीफेनोल ऑक्सीडेज) रंग, स्वाद और बनावट को बदल सकते हैं। इन्हें ब्लांचिंग (गर्म पानी या भाप) द्वारा निष्क्रिय किया जाता है।
- पुनः संक्रमण को रोकना (Prevention of Recontamination): परिरक्षण प्रक्रिया के बाद फलों को हवा, नमी और सूक्ष्मजीवों से बचाने के लिए उन्हें वायुरोधी पैकेजिंग (जैसे डिब्बे, जार) में भरा जाता है और उचित तापमान पर संग्रहीत किया जाता है।
प्रश्न 28
जल निकास की सतही जल निकास विधि का वर्णन कीजिये।
अथवा
जल निकास की भूमिगत जल निकास विधि का वर्णन कीजिये।
Describe the surface drainage methods. 4
OR
Describe the sub-surface drainage method.
सतही जल निकास विधि (Surface Drainage Method)
सतही जल निकास विधि में खेत की सतह पर जमा अतिरिक्त पानी को नालियों या ढलानों के माध्यम से बाहर निकाला जाता है। यह विधि भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में उपयोगी है। मुख्य विधियाँ हैं:
- खुली नालियाँ (Open Ditches): खेत के किनारों पर नालियाँ बनाकर पानी को बहा दिया जाता है।
- मेड़बंदी (Ridge and Furrow): खेत में मेड़ें बनाकर पानी को नालियों में एकत्र किया जाता है।
- समतलीकरण (Land Leveling): खेत को समतल करके पानी को एक दिशा में बहाया जाता है।
भूमिगत जल निकास विधि (Sub-surface Drainage Method)
भूमिगत जल निकास विधि में मिट्टी के नीचे से अतिरिक्त पानी को निकाला जाता है। यह विधि उच्च जल स्तर वाले क्षेत्रों में उपयोगी है। मुख्य विधियाँ हैं:
- छिद्रित पाइप (Perforated Pipes): मिट्टी के नीचे छिद्रित पाइप बिछाकर पानी को एकत्र किया जाता है।
- मोल ड्रेनेज (Mole Drainage): एक विशेष उपकरण से मिट्टी में सुरंगें बनाई जाती हैं।
- टाइल ड्रेनेज (Tile Drainage): मिट्टी या कंक्रीट की टाइलों को जोड़कर पानी निकाला जाता है।
प्रश्न 29
मक्का की वैज्ञानिक खेती का वर्णन निम्नलिखित बिन्दुओं पर कीजिये:
(अ) जलवायु (ब) चार उन्नतशील किस्में (स) खाद एवं उर्वरक (द) एक प्रमुख कीट।
अथवा
बाजरा की वैज्ञानिक खेती का वर्णन निम्नलिखित बिन्दुओं पर कीजिये:
(अ) बीज की मात्रा प्रति हैक्टर (ब) चार उन्नतशील किस्में (स) उपज प्रति हैक्टर (द) एक प्रमुख रोग।
Describe the scientific cultivation of Maize crop on the following points: l+l+l+l=4
(a) Climate (b) Four improved varieties (c) Manures and fertilizers (d) One important insect-pest.
OR
Describe the scientific cultivation of Bajra crop on the following points: l+l+l+=4
(a) Seed Rate/hectare (b) Four improved varieties (c) Yield/hectare (d) One important disease.
मक्का की वैज्ञानिक खेती (Scientific Cultivation of Maize)
- (अ) जलवायु (Climate): मक्का गर्म और आर्द्र जलवायु की फसल है। इसके लिए 21°C से 27°C तापमान और 50-75 सेमी वार्षिक वर्षा उपयुक्त होती है। पाला इसके लिए हानिकारक है।
- (ब) चार उन्नतशील किस्में (Four improved varieties): गंगा-5, गंगा-11, देवी, और प्रकाश।
- (स) खाद एवं उर्वरक (Manures and fertilizers): 10-15 टन गोबर की खाद प्रति हैक्टर डालें। रासायनिक उर्वरकों में 120 किग्रा नाइट्रोजन, 60 किग्रा फॉस्फोरस, और 40 किग्रा पोटाश प्रति हैक्टर दें।
- (द) एक प्रमुख कीट (One important insect-pest): तना छेदक (Stem borer) मक्का का प्रमुख कीट है। यह तने में छेद कर पौधे को नष्ट करता है। नियंत्रण के लिए कार्बोफ्यूरान दानेदार कीटनाशक का प्रयोग करें।
बाजरा की वैज्ञानिक खेती (Scientific Cultivation of Bajra)
- (अ) बीज की मात्रा प्रति हैक्टर (Seed Rate/hectare): बाजरा के लिए 4-5 किग्रा बीज प्रति हैक्टर पर्याप्त होता है।
- (ब) चार उन्नतशील किस्में (Four improved varieties): राज बाजरा-1, राज बाजरा-2, एचबी-1, और पूसा कमल।
- (स) उपज प्रति हैक्टर (Yield/hectare): उन्नत किस्मों से 20-25 क्विंटल प्रति हैक्टर उपज प्राप्त होती है।
- (द) एक प्रमुख रोग (One important disease): बाजरा का प्रमुख रोग ग्रीन ईयर (Green Ear) या डाउनी मिल्ड्यू है। इसके नियंत्रण के लिए मैन्कोजेब या मेटालैक्सिल का छिड़काव करें।
SS—84— AGRICULTURE [ 55 - 5584 ]
प्रश्न 30
आम की वैज्ञानिक खेती का वर्णन निम्नलिखित बिन्दुओं पर कीजिये :
- (अ) जलवायु
- (ब) सिंचाई
- (स) चार उन्नतशील किस्में
- (द) एक प्रमुख रोग
अथवा
'फूलगोभी की वैज्ञानिक खेती का वर्णन निम्नलिखित बिन्दुओं पर कीजिये :
- (अ) खाद एवं उर्वरक
- (ब) बीज की मात्रा प्रति हैक्टर
- (स) ब्लांचिंग
- (द) सिंचाई
Describe the scientific cultivation of Mango fruit plant on the following points : (1+1+1+1=4)
- (a) Climate
- (b) Irrigation
- (c) Four improved varieties
- (d) One important disease.
OR
Describe the scientific cultivation of Cauliflower on the following points : (1+1+1+1=4)
- (a) Manure and fertilizer
- (b) Seed Rate/hectare
- (c) Blanching
- (d) Irrigation.
Solution (Mango):
(a) Climate: Mango requires a tropical or subtropical climate. It thrives in warm, frost-free areas with temperatures between 24°C to 30°C. It needs a distinct dry period for flowering and fruit set.
(b) Irrigation: Young mango plants need regular watering. Mature trees require irrigation during the flowering and fruit development stages. Drip irrigation is recommended for water efficiency. Over-irrigation should be avoided.
(c) Four improved varieties: 1. Dashehari, 2. Langra, 3. Chausa, 4. Alphonso.
(d) One important disease: Powdery mildew (caused by Oidium mangiferae). It affects leaves, flowers, and young fruits. Control: Spraying with sulfur-based fungicides or carbendazim.
Solution (Cauliflower):
(a) Manure and fertilizer: Apply well-decomposed farmyard manure (FYM) at 20-25 tonnes per hectare. Basal dose: N (50 kg/ha), P (60 kg/ha), K (40 kg/ha). Top dressing of N (50 kg/ha) after 30 days.
(b) Seed Rate/hectare: For early varieties: 500-600 g/ha; for main season varieties: 400-500 g/ha; for late varieties: 300-400 g/ha.
(c) Blanching: Blanching is done to keep the curd white and tender. When the curd is about 5-7 cm in diameter, tie the outer leaves over the curd to exclude sunlight. Harvest after 7-10 days.
(d) Irrigation: Light and frequent irrigation is required. Irrigate immediately after transplanting. Subsequent irrigations at 7-10 day intervals depending on soil and climate. Avoid waterlogging.