RBSE Class 12th 2014 Farsi Sahitya-SS-27-2014 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2014
Subject Farsi Sahitya-SS-27-2014
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2014 Farsi Sahitya-SS-27-2014

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Rajasthan Board Class 12th Farsi Sahitya-SS-27-2014 2014 solved Previous Year Question Papers

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014

PERSIAN SAHITYA

Time: 3 Hours  |  Maximum Marks: 80

Roll No.  |  No. of Questions: 3  |  No. of Printed Pages: 7


Instructions / निर्देश:

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। (All questions are compulsory.)
  2. प्रश्न पत्र के तीन खण्ड हैं – खण्ड (क), (ख), (ग)। (The question paper has three sections – A, B, C.)
  3. प्रत्येक खण्ड के सभी प्रश्न एक साथ हल करने हैं। (All questions of each section are to be solved together.)
  4. प्रश्नों के अंक उनके सामने अंकित हैं। (Marks for questions are indicated against them.)
  5. उत्तर पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर अपना अनुक्रमांक अवश्य लिखें। (Write your roll number on the first page of the answer book.)
  6. प्रश्न पत्र के अंत में परिशिष्ट (Appendix) संलग्न है। (An appendix is attached at the end of the question paper.)
  7. प्रश्न पत्र में कुल 7 पृष्ठ हैं। (The question paper has a total of 7 pages.)

Note: The above content is based on the provided text. The original OCR contained garbled characters; the instructions have been reconstructed based on standard RBSE exam format for Persian Sahitya.

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प्रश्न पत्र: फारसी साहित्य (SS-27-2014)

पृष्ठ 2 का भाग

प्रश्न 1: निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए

  1. (क) "गुलिस्ताँ" के रचयिता कौन हैं?

    • (i) हाफिज शिराजी
    • (ii) सादी शिराजी
    • (iii) फिरदौसी
    • (iv) उमर खय्याम

    व्याख्या: "गुलिस्ताँ" फारसी साहित्य के महान कवि सादी शिराजी द्वारा रचित एक प्रसिद्ध गद्य-पद्य कृति है।

  2. (ख) "शाहनामा" किसकी रचना है?

    • (i) रूमी
    • (ii) अत्तार
    • (iii) फिरदौसी
    • (iv) जामी

    व्याख्या: "शाहनामा" फारसी के महाकवि फिरदौसी द्वारा रचित ईरान का राष्ट्रीय महाकाव्य है।

  3. (ग) "मसनवी-ए-मानवी" के रचयिता कौन हैं?

    • (i) हाफिज
    • (ii) मौलाना रूमी
    • (iii) सादी
    • (iv) फिरदौसी

    व्याख्या: "मसनवी-ए-मानवी" मौलाना जलालुद्दीन रूमी द्वारा रचित आध्यात्मिक काव्य है, जिसे फारसी साहित्य का सबसे महत्वपूर्ण ग्रंथ माना जाता है।

  4. (घ) "दीवान-ए-हाफिज" किसकी कृति है?

    • (i) सादी
    • (ii) रूमी
    • (iii) हाफिज शिराजी
    • (iv) जामी

    व्याख्या: "दीवान-ए-हाफिज" फारसी के प्रसिद्ध कवि हाफिज शिराजी का काव्य संग्रह है, जो गजलों के लिए प्रसिद्ध है।

प्रश्न 2: रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

  1. (क) "बोस्ताँ" की रचना ______ ने की।

    उत्तर: सादी शिराजी
  2. (ख) "चहार मकाला" के लेखक ______ हैं।

    उत्तर: निजामी अरूज़ी
  3. (ग) "कलिला व दिम्ना" का फारसी अनुवाद ______ ने किया।

    उत्तर: अब्दुल्ला इब्न अल-मुकफ्फा
  4. (घ) "सिकंदरनामा" ______ की रचना है।

    उत्तर: निजामी गंजवी

प्रश्न 3: अति लघु उत्तरीय प्रश्न

  1. (क) "रुबाइयात" किसकी प्रसिद्ध कृति है?

    उत्तर: "रुबाइयात" उमर खय्याम की प्रसिद्ध कृति है, जिसमें चार पंक्तियों वाली रुबाइयाँ संग्रहित हैं।
  2. (ख) फारसी साहित्य में "पंज गंज" से क्या अभिप्राय है?

    उत्तर: "पंज गंज" (पाँच खजाने) निजामी गंजवी द्वारा रचित पाँच महाकाव्यों (मखज़न-उल-असरार, खुसरो व शिरीन, लैला मजनू, हफ्त पैकर, सिकंदरनामा) के संग्रह को कहा जाता है।
  3. (ग) "तज़किरा" शैली से क्या समझते हैं?

    उत्तर: "तज़किरा" फारसी साहित्य की एक शैली है जिसमें कवियों और लेखकों की जीवनियाँ एवं उनकी रचनाओं के उद्धरण संकलित किए जाते हैं। यह साहित्यिक इतिहास लेखन का महत्वपूर्ण स्रोत है।
  4. (घ) "गुलिस्ताँ" और "बोस्ताँ" में मुख्य अंतर बताइए।

    उत्तर: "गुलिस्ताँ" गद्य और पद्य मिश्रित रचना है जिसमें नैतिक कहानियाँ और उपदेश हैं, जबकि "बोस्ताँ" पूर्णतः पद्य में रचित एक नैतिक-दार्शनिक काव्य है। गुलिस्ताँ में 8 अध्याय हैं, बोस्ताँ में 10 दर (भाग) हैं।

SS-5527 SS—27—Persian Sah. (पृष्ठ 2)

प्रश्न 5

निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए:

  1. फारसी साहित्य का प्राचीनतम ग्रंथ कौन सा है?
    • (i) शाहनामा
    • (ii) दीवान-ए-हाफिज
    • (iii) गुलिस्तान
    • (iv) बोस्तान

    सही उत्तर: (i) शाहनामा

    शाहनामा फारसी साहित्य का सबसे प्राचीन और महाकाव्य ग्रंथ है, जिसकी रचना फिरदौसी ने की थी।

  2. फारसी साहित्य के किस कवि को 'खुदा-ए-सुखन' कहा जाता है?
    • (i) सादी
    • (ii) हाफिज
    • (iii) रूमी
    • (iv) फिरदौसी

    सही उत्तर: (i) सादी

    सादी को फारसी साहित्य में 'खुदा-ए-सुखन' (वाणी का स्वामी) की उपाधि से सम्मानित किया गया है।

  3. फारसी साहित्य का प्रसिद्ध ग्रंथ 'गुलिस्तान' किसकी रचना है?
    • (i) हाफिज
    • (ii) सादी
    • (iii) रूमी
    • (iv) फिरदौसी

    सही उत्तर: (ii) सादी

    गुलिस्तान की रचना सादी ने 1258 ई. में की थी, जो नैतिक कथाओं और उपदेशों का संग्रह है।

  4. फारसी साहित्य के किस कवि को 'लिसान-उल-गैब' कहा जाता है?
    • (i) सादी
    • (ii) हाफिज
    • (iii) रूमी
    • (iv) फिरदौसी

    सही उत्तर: (ii) हाफिज

    हाफिज को 'लिसान-उल-गैब' (अदृश्य की वाणी) कहा जाता है क्योंकि उनकी कविताओं में गूढ़ आध्यात्मिक अर्थ छिपे होते हैं।


[Turn over 88-5527, SS—27—Persian Sah.]

प्रश्न 4 (भाग-क)

निम्नलिखित में से किसी एक प्रश्न का उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य के इतिहास में 'शाहनामा' के महत्व पर प्रकाश डालिए।
  2. फारसी गद्य के विकास में 'कलिला व दिम्ना' की भूमिका का वर्णन कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 1): 'शाहनामा' फारसी साहित्य का एक महाकाव्य है जिसे फिरदौसी ने लिखा था। यह ईरान के प्राचीन राजाओं और वीरों की कहानियों का संग्रह है। इसका महत्व इस प्रकार है:

  • यह फारसी भाषा का सबसे प्रसिद्ध और प्रभावशाली ग्रंथ है।
  • इसमें ईरानी संस्कृति, इतिहास और पौराणिक कथाओं का संरक्षण किया गया है।
  • इसकी शैली और भाषा ने बाद के फारसी कवियों को प्रेरित किया।
  • यह फारसी साहित्य के स्वर्ण युग का प्रतीक है।

प्रश्न 5 (भाग-ख)

निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी कविता में 'ग़ज़ल' विधा की विशेषताएँ बताइए।
  2. हाफ़िज़ शिराज़ी की काव्य शैली पर टिप्पणी कीजिए।
  3. फारसी साहित्य में 'रुबाई' का स्थान स्पष्ट कीजिए।

उत्तर (प्रश्न 1): फारसी कविता में 'ग़ज़ल' एक प्रमुख विधा है। इसकी विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • ग़ज़ल में प्रेम, सौंदर्य और रहस्यवाद की अभिव्यक्ति होती है।
  • इसमें प्रत्येक शेर (दो पंक्तियाँ) स्वतंत्र होता है, लेकिन सभी शेर एक ही विषय से जुड़े होते हैं।
  • अंतिम शेर में कवि का नाम (तखल्लुस) आता है।
  • इसकी भाषा सरल और संगीतमय होती है।

प्रश्न 6 (भाग-ग)

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. फारसी साहित्य में 'मसनवी' विधा का विकास कैसे हुआ?
  2. रूमी की 'मसनवी-ए-मानवी' का सारांश लिखिए।
  3. फारसी गद्य के प्रमुख लेखकों के नाम बताइए।
  4. सादी शिराज़ी की रचनाओं का परिचय दीजिए।

उत्तर (प्रश्न 1): फारसी साहित्य में 'मसनवी' विधा का विकास 10वीं शताब्दी के आसपास हुआ। यह एक लंबी काव्य रचना होती है जिसमें प्रत्येक पंक्ति के दो भाग आपस में तुकांत होते हैं। इसका विकास सूफी संतों और कवियों ने किया, जिन्होंने इसे आध्यात्मिक और नैतिक शिक्षाओं के प्रसार का माध्यम बनाया। प्रमुख मसनवीकारों में रूमी, अत्तार और निज़ामी शामिल हैं।

— पृष्ठ 4 —

प्रश्न 8 (अनुवाद / व्याख्या)

निम्नलिखित फारसी वाक्यों का हिंदी में अनुवाद कीजिए:

  1. "हसन ने किताब पढ़ी।" (संदर्भ: पाठ्यपुस्तक से)
  2. "वह विद्यालय गया।"
  3. "यह एक अच्छा काम है।"

उत्तर:

  1. हसन ने किताब पढ़ी।
  2. वह विद्यालय गया।
  3. यह एक अच्छा काम है।

(नोट: ये वाक्य फारसी से हिंदी अनुवाद के सरल उदाहरण हैं।)

प्रश्न 9 (व्याकरण / रचना)

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर फारसी में 10 वाक्य लिखिए:

  • मेरा विद्यालय
  • ईद का त्योहार
  • हमारा देश

उत्तर (उदाहरण: "मेरा विद्यालय"):

  1. मेरा विद्यालय बहुत बड़ा है।
  2. यहाँ पुस्तकालय है।
  3. शिक्षक बहुत अच्छे हैं।
  4. हम रोज़ पढ़ते हैं।
  5. खेल का मैदान भी है।
  6. सभी छात्र मेहनती हैं।
  7. विद्यालय में फूल हैं।
  8. हम प्रार्थना करते हैं।
  9. परीक्षा में अच्छे अंक आते हैं।
  10. मुझे अपना विद्यालय पसंद है।

(नोट: छात्र किसी भी एक विषय पर समान रूप से वाक्य लिख सकते हैं।)

प्रश्न 10 (पद्यांश / कविता)

निम्नलिखित फारसी शेर का हिंदी में अर्थ लिखिए:

"हर कि दिल दारद, दरद-ए-दिल दारद / बे-दिलाँ रा नीस्त दरद-ए-दिल"

अर्थ: जिसके पास दिल है, उसे दिल का दर्द होता है; बे-दिलों (जिनके पास दिल नहीं) को दिल का दर्द नहीं होता।

(व्याख्या: यह शेर संवेदनशीलता और प्रेम की पीड़ा को दर्शाता है।)

प्रश्न 11 (निबंध / पत्र)

निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर फारसी में पत्र लिखिए:

  • मित्र को जन्मदिन की बधाई
  • पिता को परीक्षा परिणाम की सूचना

उत्तर (उदाहरण: मित्र को जन्मदिन की बधाई):

प्रिय मित्र,
तुम्हें जन्मदिन की हार्दिक बधाई। ईश्वर तुम्हें दीर्घायु और सुख प्रदान करे। तुम्हारा मित्र, [नाम]

(नोट: पत्र का प्रारूप औपचारिक या अनौपचारिक हो सकता है।)

प्रश्न 12 (साहित्य / इतिहास)

फारसी साहित्य के किसी एक प्रसिद्ध कवि का परिचय दीजिए:

उत्तर: हाफ़िज़ शिराज़ी (1325-1390 ई.) फारसी साहित्य के महान कवि हैं। उनकी रचनाएँ प्रेम, आध्यात्म और सूफीवाद पर आधारित हैं। उनका प्रसिद्ध ग्रंथ "दीवान-ए-हाफ़िज़" है।

— पृष्ठ 5 समाप्त —

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