RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers

Class 12th students hunting authentic previous year papers for Political Science-SS-11-2014 (2014) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.

Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2014
Subject Political Science-SS-11-2014
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2014, and subject Political Science-SS-11-2014 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

How to practise with this question paper

Stage one: read the Political Science-SS-11-2014 question paper from 2014 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.

Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.

RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014

Scroll through the Previous Year Papers pages for Political Science-SS-11-2014 (2014).

RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 3
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 4
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 5
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 6
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2014 Political Science-SS-11-2014 Previous Year Papers 7
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 12th Political Science-SS-11-2014 2014 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014

राजनीति विज्ञान
POLITICAL SCIENCE

समय : 3 घण्टे 15 मिनट     पूर्णांक : 80

No. of Questions — 30     No. of Printed Pages — 7


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :

GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
  5. प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
    If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

[ Turn over ]

खण्ड - अ (Part - A)

1. पूर्व सोवियत संघ से स्वतंत्र हुए राष्ट्रों ने किस संगठन का निर्माण किया ?

Which organisation was formed by the independent states of former Soviet Union?

उत्तर: स्वतंत्र राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल (CIS - Commonwealth of Independent States) का निर्माण किया।

2. 'शॉक थेरेपी' से आपका क्या अभिप्राय है ?

What do you mean by 'Shock Therapy' ?

उत्तर: 'शॉक थेरेपी' से अभिप्राय उन आर्थिक सुधारों से है जो सोवियत संघ के विघटन के बाद रूस और अन्य पूर्व सोवियत गणराज्यों में लागू किए गए। इसमें अचानक से मूल्य नियंत्रण हटाना, राज्य के स्वामित्व वाले उद्योगों का निजीकरण और बाजार अर्थव्यवस्था की ओर तीव्र परिवर्तन शामिल था।

3. “आतंकवाद के विरुद्ध विश्वव्यापी युद्ध” के अंग के रूप में अमेरिका ने कौन-सा अभियान चलाया ?

Which operation was launched by America as a part of 'Global war against Terrorism' ?

उत्तर: अमेरिका ने 'ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम' (Operation Enduring Freedom) चलाया, जिसके तहत अफगानिस्तान में तालिबान शासन और अल-कायदा के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की गई।


प्रश्न संरचना (Question Structure)

खण्ड (Part) प्रश्न संख्या (Q. Nos.) प्रति प्रश्न अंक (Marks per question) शब्द सीमा (Word limit)
A 1-9 1 20 शब्द
B 10-17 2 40 शब्द
C 18, 20-27 4 100 शब्द
D 28-30 5 150 शब्द

7. प्रश्न संख्या 49 भारत के राजनीतिक मानचित्र से सम्बन्धित है और 4 अंक का है।

Question No. 49 is related to political map of India and carries 4 marks.

8. प्रश्न क्रमांक 28 से 30 में आंतरिक विकल्प हैं।

There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.

पारम्परिक सुरक्षा को धारणा के अन्तर्गत 'अवरोध' का क्या अभिप्राय है ?

What is the meaning of ‘deterrence’ in the context of traditional security concept?

उत्तर: पारम्परिक सुरक्षा की धारणा में 'अवरोध' (Deterrence) का अभिप्राय है कि किसी देश के पास इतनी सैन्य शक्ति (विशेषकर परमाणु हथियार) हो कि कोई अन्य देश उस पर हमला करने से डरे। इसका उद्देश्य हमले को रोकना है, न कि युद्ध छेड़ना। यह शक्ति संतुलन पर आधारित है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे को नष्ट करने की क्षमता रखते हैं, जिससे कोई भी पक्ष पहल नहीं करता।

संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यावरण एवं विकास मुद्दे पर केन्द्रित पृथ्वी सम्मेलन' में किन्होंने भाग लिया था ?

Who attended 'Earth Summit’ organised by UN on environment and development?

उत्तर: पृथ्वी सम्मेलन (Earth Summit) 1992 में रियो डी जनेरियो, ब्राजील में आयोजित हुआ था। इसमें 172 देशों के प्रतिनिधियों, 108 राष्ट्राध्यक्षों, और हजारों गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) ने भाग लिया। यह सम्मेलन पर्यावरण और विकास के मुद्दों पर वैश्विक सहमति बनाने के लिए आयोजित किया गया था।

भारत विभाजन के समय धार्मिक बहुसंख्यकों के आधार पर विभाजित हुए दो प्रान्तों के नाम बताइए।

Name two provinces which were bifurcated according to the religious majority at the time of India's partition.

उत्तर: भारत विभाजन के समय धार्मिक बहुसंख्यकों के आधार पर विभाजित हुए दो प्रान्त थे:

  1. पंजाब – पश्चिमी पंजाब (मुस्लिम बहुल) पाकिस्तान को और पूर्वी पंजाब (हिंदू/सिख बहुल) भारत को मिला।
  2. बंगाल – पूर्वी बंगाल (मुस्लिम बहुल) पाकिस्तान को और पश्चिमी बंगाल (हिंदू बहुल) भारत को मिला।

भारत में निर्वाचन आयोग का गठन कब हुआ ?

When was the Election Commission of India set up?

उत्तर: भारत में निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) का गठन 25 जनवरी 1950 को किया गया था। यह एक स्वतंत्र संवैधानिक निकाय है जो देश में चुनावों के संचालन की देखरेख करता है।

योजना आयोग के सदस्य के रूप में आप भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना में किस क्षेत्र पर बल देते ?

As a member of Planning Commission on which area will you emphasise in First Five-Year Plan of India?

उत्तर: योजना आयोग के सदस्य के रूप में मैं भारत की प्रथम पंचवर्षीय योजना (1951-1956) में कृषि क्षेत्र पर बल दूंगा। इसका कारण यह है कि उस समय भारत खाद्यान्न की कमी से जूझ रहा था और अर्थव्यवस्था का अधिकांश हिस्सा कृषि पर निर्भर था। प्रथम योजना का मुख्य लक्ष्य कृषि उत्पादन बढ़ाना और देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाना था।

शिमला समझौते पर कब व किसने हस्ताक्षर किये ?

When and who signed on Shimla Agreement?

उत्तर: शिमला समझौते पर 2 जुलाई 1972 को हस्ताक्षर किए गए। इस पर हस्ताक्षर करने वाले नेता थे:

  • भारत की ओर से प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी
  • पाकिस्तान की ओर से राष्ट्रपति ज़ुल्फिकार अली भुट्टो

यह समझौता 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के बाद शांति स्थापित करने और कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से हल करने के लिए किया गया था।


खण्ड - ब

Part - B

शीतयुद्ध के दौरान दोनों महाशक्तियों को छोटे देशों ने क्यों आकर्षित किया ? कोई दो कारण बताइए।

Why did the smaller countries attract the both super powers during the cold war? Give any two reasons.

उत्तर: शीतयुद्ध के दौरान छोटे देशों ने दोनों महाशक्तियों (अमेरिका और सोवियत संघ) को निम्नलिखित कारणों से आकर्षित किया:

  1. रणनीतिक स्थान: कई छोटे देश भौगोलिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर स्थित थे, जैसे समुद्री मार्गों या सीमाओं के पास। इन देशों पर नियंत्रण से महाशक्तियों को सैन्य और रणनीतिक लाभ मिलता था।
  2. संसाधन और समर्थन: छोटे देशों के पास प्राकृतिक संसाधन (जैसे तेल, खनिज) होते थे या वे संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर वोटिंग में समर्थन दे सकते थे। महाशक्तियाँ अपने गुट का विस्तार करने और वैश्विक प्रभाव बढ़ाने के लिए इन देशों को अपने पक्ष में करना चाहती थीं।

शीतयुद्ध के दौरान भारत व सोवियत संघ के बीच आर्थिक सम्बन्धों की विवेचना कीजिए।

Explain Indo-Soviet economic relations during the cold war.

उत्तर: शीतयुद्ध के दौरान भारत और सोवियत संघ के बीच आर्थिक संबंध मजबूत और पारस्परिक लाभकारी थे। मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • औद्योगिक सहायता: सोवियत संघ ने भारत को भारी उद्योगों की स्थापना में मदद की, जैसे भिलाई स्टील प्लांट, बोकारो स्टील प्लांट, और तेल शोधक कारखाने।
  • व्यापार: दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा, जिसमें भारत चाय, जूट, और कपड़ा निर्यात करता था, जबकि सोवियत संघ मशीनरी, तेल, और हथियार भेजता था।
  • रुपया-रूबल समझौता: दोनों देशों ने मुद्रा विनिमय के लिए एक विशेष समझौता किया, जिससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई और व्यापार सरल हुआ।
  • तकनीकी सहयोग: सोवियत संघ ने भारत को अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, और रक्षा क्षेत्रों में तकनीकी सहायता प्रदान की।

ये संबंध भारत की गुटनिरपेक्ष नीति के अनुरूप थे और दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करते थे।

12. सोवियत संघ के विघटन के कोई दो परिणाम स्पष्ट कीजिए।

Explain any two consequences of disintegration of Soviet Union.

दो परिणाम:

  1. शीत युद्ध की समाप्ति: सोवियत संघ के विघटन के साथ ही अमेरिका और सोवियत संघ के बीच चल रहा शीत युद्ध समाप्त हो गया। दुनिया द्विध्रुवीय से एकध्रुवीय हो गई, जिसमें अमेरिका एकमात्र महाशक्ति बनकर उभरा।
  2. नए स्वतंत्र राष्ट्रों का उदय: सोवियत संघ के 15 गणराज्य स्वतंत्र हो गए, जैसे रूस, यूक्रेन, बेलारूस, कजाकिस्तान आदि। इससे विश्व राजनीति में नए देशों का उदय हुआ और क्षेत्रीय संघर्ष बढ़े।

13. आपकी दृष्टि में बुनियादी तौर पर किसी सरकार के पास युद्ध की स्थिति में कौन-से विकल्प हो सकते हैं? कोई दो स्पष्ट कीजिए।

According to your views which basic options may be used by any government in the threat of war? Give any two.

दो विकल्प:

  1. कूटनीतिक वार्ता: सरकार युद्ध की स्थिति में पहले कूटनीतिक माध्यमों से समस्या का समाधान करने का प्रयास कर सकती है, जैसे संयुक्त राष्ट्र या अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों के माध्यम से बातचीत करना।
  2. सैन्य तैयारी: यदि कूटनीति विफल होती है, तो सरकार अपनी सेना को युद्ध के लिए तैयार कर सकती है, जिसमें सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाना, हथियारों का उत्पादन और सैनिकों की तैनाती शामिल है।

14. 'साझी सम्पदा' से आपका क्या अभिप्राय है? आप इसमें किन क्षेत्रों को सम्मिलित करेंगे?

What do you mean by 'Global Commons'? Which areas would you like to include in it?

अभिप्राय: 'साझी सम्पदा' (Global Commons) उन संसाधनों और क्षेत्रों को कहते हैं जो किसी एक देश के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते, बल्कि पूरी मानवता की साझा संपत्ति होते हैं।

सम्मिलित क्षेत्र: इसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को शामिल किया जा सकता है:

  • अंतरिक्ष (Outer Space)
  • गहरे समुद्र का तल (Deep Seabed)
  • अंटार्कटिका (Antarctica)
  • वायुमंडल (Atmosphere)

15. आपके मतानुसार 'एकल पार्टी प्रभुत्व' से क्या अभिप्राय है? भारत में इस स्थिति का कालखण्ड बताइए।

According to your views what is the meaning of 'one party dominance'? Write the duration of it in India.

अभिप्राय: 'एकल पार्टी प्रभुत्व' (One Party Dominance) का अर्थ है कि किसी देश में एक ही राजनीतिक दल लगातार लंबे समय तक सत्ता में बना रहता है, जबकि अन्य दल कमजोर होते हैं। यह एकदलीय व्यवस्था नहीं है, बल्कि बहुदलीय लोकतंत्र में एक दल का वर्चस्व है।

भारत में कालखण्ड: भारत में यह स्थिति 1947 से 1967 तक रही, जब कांग्रेस पार्टी का प्रभुत्व था। विशेष रूप से 1952 से 1967 तक कांग्रेस ने केंद्र और अधिकांश राज्यों में सरकार बनाई।

16. निम्न को सुमेलित कीजिए:

Match the following:

सूची I (गठबंधन) सूची II (घटक दल)
i) राष्ट्रीय मोर्चा (National Front) जनता दल और क्षेत्रीय दल (Janta Dal and regional parties)
ii) संयुक्त मोर्चा (United Front) काँग्रेस और क्षेत्रीय दल (Congress and regional parties)
iii) राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) भाजपा और क्षेत्रीय दल (BJP and regional parties)
iv) संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) काँग्रेस और राष्ट्रीय मोर्चा (Congress and National Front)

सही सुमेलन:

  • i) राष्ट्रीय मोर्चा — जनता दल व क्षेत्रीय दल
  • ii) संयुक्त मोर्चा — काँग्रेस व क्षेत्रीय दल
  • iii) NDA — भाजपा व क्षेत्रीय दल
  • iv) UPA — काँग्रेस व राष्ट्रीय मोर्चा

17. मंडल आयोग के अध्यक्ष कौन थे? इसकी प्रमुख सिफारिश क्या थी?

Who was the Chairperson of Mandal Commission? What was the main recommendation of it?

अध्यक्ष: मंडल आयोग के अध्यक्ष बी.पी. मंडल (B.P. Mandal) थे।

प्रमुख सिफारिश: इस आयोग की मुख्य सिफारिश यह थी कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 27% आरक्षण दिया जाए। इस प्रकार कुल आरक्षण 49.5% (SC/ST के 22.5% + OBC के 27%) हो जाता है।

खण्ड - स (Part - C)

20. क्यूबा का मिसाइल संकट क्या था? स्पष्ट कीजिए।

What was the Cuban Missile Crisis? Explain.

उत्तर: क्यूबा मिसाइल संकट (1962) अमेरिका और सोवियत संघ के बीच शीत युद्ध का एक गंभीर टकराव था। सोवियत संघ ने क्यूबा में परमाणु मिसाइलें तैनात कीं, जो अमेरिका के लिए सीधा खतरा थीं। अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी ने क्यूबा की नौसैनिक नाकाबंदी का आदेश दिया। 13 दिनों तक दुनिया परमाणु युद्ध के कगार पर रही। अंततः सोवियत संघ ने मिसाइलें हटाने पर सहमति जताई, जबकि अमेरिका ने तुर्की से अपनी मिसाइलें हटाने और क्यूबा पर आक्रमण न करने का वादा किया। यह शीत युद्ध का सबसे खतरनाक क्षण था।

21. प्रदत्त भारत के मानचित्र में निम्न को दर्शाइए:

Point out the following in the given map of India:

  1. दो राज्य जहाँ 1967 के विधानसभा चुनाव में काँग्रेस को बहुमत मिला। (Two states where Congress got majority in 1967 assembly polls.)
  2. दो राज्य जहाँ 1967 के विधानसभा चुनाव में काँग्रेस को बहुमत नहीं मिला। (Two states where Congress did not get majority in 1967 assembly polls.)

उत्तर: (मानचित्र में दर्शाने के लिए)

i) काँग्रेस को बहुमत मिलने वाले राज्य: राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उड़ीसा, असम, आदि। (कोई भी दो)

ii) काँग्रेस को बहुमत न मिलने वाले राज्य: केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, आदि। (कोई भी दो)

नोट: 1967 के चुनावों में काँग्रेस को कई राज्यों में हार का सामना करना पड़ा था, जिससे भारतीय राजनीति में गठबंधन सरकारों का दौर शुरू हुआ।

22. "आसियान तेजी से बढ़ता हुआ एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय संगठन है।" कथन के पक्ष में चार तर्क दीजिए।

"ASEAN is rapidly growing to be an important regional organisation." Give any four arguments in favour of the statement.

उत्तर: आसियान (ASEAN) के महत्व के पक्ष में चार तर्क:

  1. आर्थिक एकीकरण: आसियान ने आसियान आर्थिक समुदाय (AEC) का गठन किया है, जो दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। इससे सदस्य देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ा है।
  2. राजनीतिक स्थिरता: आसियान ने दक्षिण-पूर्व एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, विवादों को बातचीत से सुलझाने पर जोर दिया है।
  3. सुरक्षा सहयोग: आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF) के माध्यम से सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा और सहयोग को बढ़ावा देता है, जिसमें आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और साइबर सुरक्षा शामिल हैं।
  4. वैश्विक प्रभाव: आसियान ने चीन, जापान, भारत और अमेरिका जैसी बड़ी शक्तियों के साथ संवाद साझेदारी स्थापित की है, जिससे यह वैश्विक राजनीति में एक महत्वपूर्ण मध्यस्थ और प्रभावशाली समूह बन गया है।

23. आपके मतानुसार एक स्वतंत्र देश स्वयं को 'वर्चस्व' के प्रभाव से कैसे बचा सकता है? कोई चार सुझाव दीजिए।

According to your views how can an independent country get itself beyond the impact of 'Hegemony'? Give any four suggestions.

उत्तर: एक स्वतंत्र देश वर्चस्व (Hegemony) के प्रभाव से बचने के लिए निम्नलिखित चार सुझाव अपना सकता है:

  1. बहु-ध्रुवीय विदेश नीति: किसी एक महाशक्ति पर निर्भर रहने के बजाय, कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहिए।
  2. आर्थिक आत्मनिर्भरता: अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना, स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देना और विदेशी ऋण पर निर्भरता कम करना आवश्यक है।
  3. सैन्य क्षमता का विकास: अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करना और रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना वर्चस्व के दबाव को कम करता है।
  4. अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भूमिका: संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन जैसे वैश्विक मंचों पर सक्रिय भागीदारी और विकासशील देशों के साथ गठबंधन बनाकर अपनी आवाज उठानी चाहिए।

24. क्या आप इस बात से सहमत हैं कि संयुक्त राष्ट्र संघ जैसा अंतरराष्ट्रीय संगठन पूरे विश्व के लिए अपरिहार्य है? अपने उत्तर के पक्ष में कोई चार कारण स्पष्ट कीजिए।

Do you agree that the international organisation like UNO is essential for whole world? Give any four reasons in favour of your answer.

उत्तर: हाँ, मैं इस बात से सहमत हूँ कि संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) पूरे विश्व के लिए अपरिहार्य है। इसके पक्ष में चार कारण:

  1. वैश्विक शांति और सुरक्षा: संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना मिशनों और राजनयिक प्रयासों के माध्यम से देशों के बीच युद्ध को रोकने और शांति बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  2. मानवाधिकारों का संरक्षण: UNO मानवाधिकारों की सार्वभौमिक घोषणा और विभिन्न संधियों के माध्यम से दुनिया भर में मानवाधिकारों को बढ़ावा देता है और उनकी रक्षा करता है।
  3. विकास और मानवीय सहायता: UNDP, UNICEF, WHO जैसी एजेंसियों के माध्यम से UNO गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा राहत में महत्वपूर्ण योगदान देता है।
  4. अंतर्राष्ट्रीय कानून का विकास: UNO अंतर्राष्ट्रीय कानून के विकास और संहिताकरण का केंद्र है, जो राज्यों के बीच संबंधों को नियंत्रित करता है और वैश्विक व्यवस्था बनाए रखता है।

25. वैश्वीकरण ने विश्व की राज व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है। आपके मतानुसार कोई चार प्रभावों की विवेचना कीजिए।

Globalisation effected the political systems of the world. Explain any four effects according to your views.

उत्तर: वैश्वीकरण के विश्व की राज व्यवस्थाओं पर चार प्रभाव:

  1. राष्ट्र-राज्य की भूमिका में परिवर्तन: वैश्वीकरण ने राष्ट्र-राज्यों की संप्रभुता को चुनौती दी है। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, बहुराष्ट्रीय निगमों और वैश्विक वित्तीय संस्थानों ने नीति-निर्माण में राज्यों की स्वायत्तता को सीमित किया है।
  2. लोकतंत्र का प्रसार: वैश्वीकरण ने सूचना और संचार के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों, मानवाधिकारों और स्वतंत्रता के विचारों को दुनिया भर में फैलाने में मदद की है, जिससे कई देशों में लोकतांत्रिक आंदोलनों को बल मिला है।
  3. क्षेत्रीय और वैश्विक शासन का उदय: वैश्वीकरण ने EU, ASEAN, UNO जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक शासन संस्थानों को मजबूत किया है, जो सीमाओं से परे मुद्दों (जैसे जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद) का समाधान करते हैं।
  4. सांस्कृतिक और राजनीतिक ध्रुवीकरण: वैश्वीकरण ने एक ओर सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक नागरिकता की भावना को बढ़ावा दिया है, वहीं दूसरी ओर इसने राष्ट्रवाद, पहचान की राजनीति और सांस्कृतिक संरक्षण के आंदोलनों को भी जन्म दिया है, जिससे राजनीतिक ध्रुवीकरण बढ़ा है।

24. भारत में मणिपुर के विलय को स्पष्ट कीजिए।

Explain the merger of Manipur in India.

उत्तर: मणिपुर का भारत में विलय 15 अक्टूबर 1949 को हुआ। महाराजा बोधचंद्र सिंह ने विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद मणिपुर भारत का हिस्सा बना। यह विलय भारत सरकार और मणिपुर के शासक के बीच एक समझौते के तहत हुआ। विलय के बाद मणिपुर को 1956 में केंद्र शासित प्रदेश और 1972 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।

26. “नियोजन के शुरुआती दौर में 'कृषि बनाम उद्योग' का विवाद रहा।” इस कथन को स्पष्ट कीजिए।

"At the beginning of Planning there was a controversy like ‘agriculture versus industry’." Explain the statement.

उत्तर: नियोजन के शुरुआती दौर में यह विवाद था कि भारत को पहले कृषि पर ध्यान देना चाहिए या उद्योग पर। कुछ अर्थशास्त्रियों का मानना था कि कृषि को प्राथमिकता दी जानी चाहिए क्योंकि भारत की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर थी और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक था। वहीं, दूसरे समूह का तर्क था कि तीव्र आर्थिक विकास के लिए भारी उद्योगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अंततः दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) में भारी उद्योगों पर जोर दिया गया, जिसे 'महालनोबिस मॉडल' के नाम से जाना जाता है।

27. बांग्लादेश युद्ध, 1971 पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Write a short note on Bangladesh War, 1971.

उत्तर: बांग्लादेश युद्ध 1971 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ था। यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में बंगालियों के स्वतंत्रता संग्राम और पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों के कारण शुरू हुआ। भारत ने बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी का समर्थन किया। 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना ने आत्मसमर्पण कर दिया और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। इस युद्ध में भारत की निर्णायक भूमिका रही।

28. “भारत में पूर्वोत्तर की क्षेत्रीय आकांक्षा स्वायत्तता की माँग रही है।” इस कथन की विवेचना कीजिए।

"The regional aspiration of North-East is a demand for autonomy in India." Explain the statement.

उत्तर: भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में विभिन्न जनजातीय समूहों और क्षेत्रों ने लंबे समय से स्वायत्तता की माँग की है। यह माँग सांस्कृतिक पहचान, भाषाई विविधता और आर्थिक विकास की असमानता से उपजी है। उदाहरण के लिए, नागालैंड, मिजोरम और असम के कुछ हिस्सों में स्वायत्तता की माँग उठी। भारत सरकार ने इन माँगों को पूरा करने के लिए राज्य पुनर्गठन, स्वायत्त परिषदों का गठन और विशेष दर्जा (जैसे अनुच्छेद 371) प्रदान किया। यह क्षेत्रीय आकांक्षा केंद्र सरकार से अधिक स्वायत्तता और स्थानीय संसाधनों पर नियंत्रण की माँग के रूप में सामने आई है।

खण्ड - द (Part - D)

दक्षिण एशियाई देश पाकिस्तान प्रजातान्त्रिक व्यवस्था को लगातार स्थापित क्यों नहीं रख सका? स्पष्ट कीजिए।

Why did one South Asian country, Pakistan could not establish democratic set-up continuously? Explain.

उत्तर: पाकिस्तान लगातार प्रजातान्त्रिक व्यवस्था स्थापित नहीं कर सका, इसके निम्नलिखित कारण हैं:

  1. सैन्य हस्तक्षेप: पाकिस्तान में सेना ने कई बार सत्ता पर कब्जा किया (1958, 1977, 1999) और लंबे समय तक शासन किया।
  2. राजनीतिक अस्थिरता: लोकतांत्रिक सरकारें अक्सर भ्रष्टाचार और अक्षमता के कारण जल्दी गिर गईं।
  3. सामाजिक विभाजन: पूर्वी और पश्चिमी पाकिस्तान के बीच भाषाई और सांस्कृतिक मतभेदों ने लोकतंत्र को कमजोर किया।
  4. इस्लामी कट्टरवाद: धार्मिक तत्वों ने लोकतांत्रिक मूल्यों को चुनौती दी।
  5. कमजोर संस्थाएँ: न्यायपालिका और संसदीय संस्थाएँ सैन्य शासन के दौरान कमजोर हुईं।

अथवा (OR)

दक्षिण एशिया में शान्ति एवं सहयोग हेतु किये गये प्रयासों की विवेचना कीजिए।

Explain the efforts taken in South Asia for peace and cooperation.

उत्तर: दक्षिण एशिया में शान्ति एवं सहयोग हेतु निम्नलिखित प्रयास किए गए:

  1. सार्क (SAARC): 1985 में दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (SAARC) की स्थापना हुई, जो आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देता है।
  2. द्विपक्षीय समझौते: भारत-पाकिस्तान शिमला समझौता (1972) और भारत-बांग्लादेश मैत्री समझौता (1972) जैसे प्रयास।
  3. व्यापार समझौते: दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (SAFTA) 2006 में लागू हुआ।
  4. शांति पहल: भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम और वार्ता के प्रयास (जैसे 1999 लाहौर घोषणा)।
  5. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: संयुक्त राष्ट्र और अन्य संगठनों के माध्यम से शांति स्थापना के प्रयास।

29. 1975 में आंतरिक आपातकाल क्यों घोषित किया गया? इस दौरान कौन-से परिणाम महसूस किये गये? स्पष्ट कीजिए।

कारण: 1975 में आंतरिक आपातकाल घोषित करने के प्रमुख कारण थे:

  • देश में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता और विपक्षी आंदोलन (जैसे गुजरात और बिहार आंदोलन)।
  • इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित करना।
  • सरकार और न्यायपालिका के बीच बढ़ता संघर्ष।
  • देश की एकता और सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लगाया गया।

परिणाम: इस दौरान निम्नलिखित परिणाम महसूस किये गये:

  • नागरिक स्वतंत्रताओं पर अंकुश लगा, प्रेस पर सेंसरशिप लागू हुई।
  • विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया और राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा।
  • प्रशासन में केंद्रीकरण बढ़ा और न्यायिक समीक्षा सीमित हुई।
  • अर्थव्यवस्था पर नियंत्रण बढ़ा, लेकिन जनता में असंतोष और भय का माहौल बना।

अथवा

निम्न बिन्दुओं का वर्णन आपातकाल, 1975 की पृष्ठभूमि के संदर्भ में कीजिए:

(अ) गुजरात व बिहार आंदोलन: 1974-75 में गुजरात और बिहार में भ्रष्टाचार, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ व्यापक आंदोलन हुए। गुजरात में नवनिर्माण समिति और बिहार में जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में छात्र-युवा आंदोलन ने सरकार को चुनौती दी। इन आंदोलनों ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ाया और आपातकाल की पृष्ठभूमि तैयार की।

(ब) सरकार व न्यायपालिका में संघर्ष: 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया। सरकार ने इसे न्यायपालिका द्वारा कार्यपालिका में हस्तक्षेप माना। इस संघर्ष ने आपातकाल लगाने का तात्कालिक कारण प्रदान किया, क्योंकि सरकार ने न्यायिक फैसले को अपनी सत्ता के लिए खतरा माना।

30. 'नर्मदा बचाओ आंदोलन' को विवेचना कीजिए।

नर्मदा बचाओ आंदोलन एक प्रमुख पर्यावरणीय और सामाजिक आंदोलन है, जो नर्मदा नदी पर बनने वाले बांधों (विशेषकर सरदार सरोवर बांध) के विरोध में शुरू हुआ। इस आंदोलन का नेतृत्व मेधा पाटकर और बाबा आमटे जैसे कार्यकर्ताओं ने किया।

  • उद्देश्य: बांधों के कारण विस्थापित होने वाले आदिवासियों और किसानों के पुनर्वास की मांग, और पर्यावरणीय क्षति को रोकना।
  • प्रमुख मुद्दे: बांध निर्माण से वनों का विनाश, जैव विविधता पर प्रभाव, और लाखों लोगों का विस्थापन।
  • उपलब्धियां: इस आंदोलन ने सरकार को पुनर्वास नीतियों में सुधार करने और पर्यावरणीय प्रभाव आकलन को गंभीरता से लेने पर मजबूर किया।
  • महत्व: यह आंदोलन भारत में पर्यावरणीय न्याय और जनजातीय अधिकारों के लिए एक मील का पत्थर है।

अथवा

ताड़ी विरोधी आंदोलन से आपका क्या अभिप्राय है? विवेचना करें।

ताड़ी विरोधी आंदोलन (Anti-Arrack Movement) 1990 के दशक में आंध्र प्रदेश में महिलाओं द्वारा चलाया गया एक सामाजिक आंदोलन था। इसका उद्देश्य शराब (ताड़ी) के उत्पादन और बिक्री पर प्रतिबंध लगाना था, क्योंकि इससे घरेलू हिंसा, गरीबी और सामाजिक बुराइयां बढ़ रही थीं।

  • कारण: पुरुषों द्वारा अत्यधिक शराब पीने से महिलाओं को शारीरिक और आर्थिक शोषण का सामना करना पड़ता था।
  • प्रमुख विशेषताएं: यह एक ग्रामीण, महिला-केंद्रित आंदोलन था, जिसमें महिलाओं ने शराब की दुकानों के सामने धरना दिया और तोड़फोड़ की।
  • परिणाम: इस आंदोलन के दबाव में आंध्र प्रदेश सरकार ने 1994 में राज्य में शराब पर प्रतिबंध लगा दिया (बाद में आंशिक रूप से हटा लिया गया)।
  • महत्व: यह आंदोलन महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधार का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जिसने नीति निर्माण पर जनता की शक्ति को दर्शाया।

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014

Subject : POLITICAL SCIENCE

Page content could not be transcribed.