RBSE Class 12th 2014 Public Administration-SS-06-2014 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2014 |
| Subject | Public Administration-SS-06-2014 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2014 Public Administration-SS-06-2014
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Rajasthan Board Class 12th Public Administration-SS-06-2014 2014 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014
लोक प्रशासन
PUBLIC ADMINISTRATION
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions — 30 S—06—Pub Adm
No. of Printed Pages — 7
SS—06—Pub. Adm. SS-5506 [ Turn over
खण्ड - अ / PART - A
1. लोक प्रशासन के एक विषय के रूप में विकास में किस काल को 'सिद्धान्तों का स्वर्णयुग' कहा जाता है ?
Which period is known as ‘Golden era of principles’ in the development of Public Administration as a discipline?
उत्तर: लोक प्रशासन के विकास में 1927 से 1937 के दशक को 'सिद्धान्तों का स्वर्णयुग' कहा जाता है। इस अवधि में प्रशासनिक सिद्धांतों का व्यवस्थित विकास हुआ, विशेषकर हेनरी फेयोल, लूथर गुलिक और लिंडल उर्विक जैसे विद्वानों के कार्यों के माध्यम से।
2. प्रशासनिक व्यवहार' पुस्तक किसके द्वारा लिखी गयी है ?
Who has written the book “Administrative Behaviour”?
उत्तर: 'प्रशासनिक व्यवहार' (Administrative Behaviour) पुस्तक हर्बर्ट ए. साइमन (Herbert A. Simon) द्वारा लिखी गयी है। यह पुस्तक 1947 में प्रकाशित हुई थी और लोक प्रशासन में व्यवहारवादी दृष्टिकोण की नींव रखने वाली महत्वपूर्ण कृति मानी जाती है।
3. संरक्षण नौकरशाही क्या है ?
What is Patronage Bureaucracy?
उत्तर: संरक्षण नौकरशाही (Patronage Bureaucracy) वह प्रणाली है जिसमें सरकारी पदों पर नियुक्तियाँ योग्यता के बजाय राजनीतिक संरक्षण, व्यक्तिगत संबंधों या वफादारी के आधार पर की जाती हैं। इसमें सत्तारूढ़ दल या नेता अपने समर्थकों को पुरस्कृत करने के लिए प्रशासनिक पद प्रदान करते हैं, जिससे प्रशासन में अक्षमता और भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ जाती है।
प्रश्न संख्या वितरण / Question Number Distribution:
| खण्ड (Part) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | प्रति प्रश्न अंक (Marks per question) |
|---|---|---|
| अ (A) | 1-8 | 2 |
| ब (B) | 9-27 | 4 |
| द (D) | 28-30 | 6 |
नोट: प्रश्न क्रमांक 28 से 30 में आंतरिक विकल्प हैं। (There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.)
प्रश्न 3
फेयोल के अनुसार “आदेश की एकता” क्या है ?
According to Fayol, what is Unity of Command?
फेयोल के अनुसार, “आदेश की एकता” का अर्थ है कि किसी भी कर्मचारी को केवल एक ही वरिष्ठ अधिकारी से आदेश प्राप्त करने चाहिए। यह सिद्धांत सुनिश्चित करता है कि कर्मचारी को विरोधाभासी निर्देश न मिलें, जिससे कार्य में स्पष्टता और अनुशासन बना रहे।
According to Fayol, Unity of Command means that an employee should receive orders from only one superior. This principle ensures that the employee does not receive conflicting instructions, maintaining clarity and discipline in work.
प्रश्न 4
किन्हीं ऐसी दो प्रशासकीय संस्थाओं के नाम लिखिए जिनका उल्लेख भारतीय संविधान में किया गया है।
Write the names of any two administrative institutions which are mentioned in the Constitution of India.
भारतीय संविधान में उल्लिखित दो प्रशासकीय संस्थाएँ हैं:
- भारतीय निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) – अनुच्छेद 324
- भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (Comptroller and Auditor General of India) – अनुच्छेद 148
Two administrative institutions mentioned in the Constitution of India are:
- Election Commission of India – Article 324
- Comptroller and Auditor General of India – Article 148
प्रश्न 5
शासन की संघीय प्रणाली से आप क्या समझते हैं ?
What do you understand by federal system of Government?
शासन की संघीय प्रणाली एक ऐसी शासन व्यवस्था है जिसमें सत्ता का विभाजन एक केंद्रीय सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के बीच संवैधानिक रूप से किया जाता है। दोनों स्तरों की सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्र होती हैं, और संविधान सर्वोच्च होता है। भारत, अमेरिका और कनाडा इसके उदाहरण हैं।
A federal system of government is a system where power is constitutionally divided between a central government and various state governments. Both levels of government are independent in their own spheres, and the constitution is supreme. India, USA, and Canada are examples.
प्रश्न 6
किन्हीं दो सिद्धान्तों का उल्लेख कीजिए जिन पर एक बजट को आधारित होना चाहिए।
State any two principles on which a budget must be based.
एक बजट को निम्नलिखित दो सिद्धान्तों पर आधारित होना चाहिए:
- सार्वभौमिकता का सिद्धान्त (Principle of Universality) – बजट में सभी सरकारी आय और व्यय को शामिल किया जाना चाहिए, बिना किसी अपवाद के।
- वार्षिकता का सिद्धान्त (Principle of Annuality) – बजट एक निश्चित अवधि (सामान्यतः एक वर्ष) के लिए तैयार किया जाना चाहिए, ताकि नियमित समीक्षा और नियंत्रण संभव हो सके।
A budget must be based on the following two principles:
- Principle of Universality – All government revenue and expenditure should be included in the budget without exception.
- Principle of Annuality – The budget should be prepared for a fixed period (usually one year) to enable regular review and control.
प्रश्न 7
अनुमान समिति का प्रमुख कार्य बताइए।
Highlight the main function of the Estimates Committee.
अनुमान समिति का प्रमुख कार्य सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के व्यय अनुमानों की जाँच करना और यह सुनिश्चित करना है कि धन का उपयोग कुशलतापूर्वक और बिना अपव्यय के हो। यह समिति संसद को सिफारिशें प्रस्तुत करती है ताकि सरकारी खर्च में मितव्ययिता और दक्षता लाई जा सके।
The main function of the Estimates Committee is to examine the expenditure estimates of various ministries and departments of the government and ensure that money is used efficiently and without waste. This committee makes recommendations to Parliament to bring economy and efficiency in government expenditure.
प्रश्न 8
सेवा-पूर्व प्रशिक्षण से क्या तात्पर्य है ?
What is the meaning of Pre-Service Training?
सेवा-पूर्व प्रशिक्षण से तात्पर्य उस प्रशिक्षण से है जो किसी व्यक्ति को सरकारी सेवा में नियुक्त होने से पहले दिया जाता है। इसका उद्देश्य नए कर्मचारियों को उनके कार्यों, कर्तव्यों और संगठनात्मक नियमों से परिचित कराना है, ताकि वे सेवा में शामिल होने पर प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।
Pre-service training refers to the training given to a person before they are appointed to government service. Its purpose is to familiarize new employees with their tasks, duties, and organizational rules so that they can work effectively upon joining the service.
प्रश्न 9
लोकपाल अथवा लोकायुक्त के प्रमुख कार्य को बताइए।
State the main functions of Lokpal or Lokayukta.
लोकपाल (केंद्र स्तर) और लोकायुक्त (राज्य स्तर) के प्रमुख कार्य हैं:
- सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार और कदाचार की शिकायतों की जाँच करना।
- दोषी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई या अभियोजन की सिफारिश करना।
- प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
The main functions of Lokpal (at the central level) and Lokayukta (at the state level) are:
- To investigate complaints of corruption and misconduct against government officials and employees.
- To recommend disciplinary action or prosecution if found guilty.
- To ensure transparency and accountability in administration.
खण्ड - ब / PART - B
प्रश्न 10
भारत में लोक प्रशासन के अध्ययन एवं शोध के विकास को संक्षेप में बताइए।
State briefly the development of teaching and research of Public Administration in India.
भारत में लोक प्रशासन के अध्ययन एवं शोध का विकास निम्नलिखित चरणों में हुआ:
- प्रारंभिक चरण (1947-1960): स्वतंत्रता के बाद, लोक प्रशासन को राजनीति विज्ञान के अंतर्गत पढ़ाया जाने लगा। 1950 के दशक में भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षण के लिए लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) की स्थापना हुई।
- विस्तार चरण (1960-1980): विश्वविद्यालयों में लोक प्रशासन को एक स्वतंत्र विषय के रूप में मान्यता मिली। दिल्ली विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय आदि में पाठ्यक्रम शुरू हुए। भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (IIPA) की स्थापना 1954 में हुई, जिसने शोध को बढ़ावा दिया।
- आधुनिक चरण (1980-वर्तमान): निजीकरण, विकेंद्रीकरण और सुशासन पर जोर देने के साथ लोक प्रशासन में शोध का विस्तार हुआ। यूजीसी ने इस विषय में शोध को प्रोत्साहित किया। आज कई विश्वविद्यालयों में एम.फिल और पीएच.डी कार्यक्रम संचालित हैं।
The development of teaching and research of Public Administration in India occurred in the following stages:
- Initial Phase (1947-1960): After independence, Public Administration was taught under Political Science. In the 1950s, the Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration (LBSNAA) was established for training the Indian Administrative Service.
- Expansion Phase (1960-1980): Public Administration was recognized as an independent subject in universities. Courses started at Delhi University, University of Hyderabad, etc. The Indian Institute of Public Administration (IIPA) was established in 1954, promoting research.
- Modern Phase (1980-present): Research in Public Administration expanded with emphasis on privatization, decentralization, and good governance. UGC encouraged research in this subject. Today, many universities offer M.Phil and Ph.D programs.
नवीन लोक प्रबन्ध की किन्हीं चार विशेषताओं अथवा सिद्धान्तों को लिखिए।
Write any four features or principles of New Public Management.
नवीन लोक प्रबन्ध (New Public Management) की चार प्रमुख विशेषताएँ/सिद्धान्त:
- बाजार-उन्मुख दृष्टिकोण: सरकारी सेवाओं में प्रतिस्पर्धा और बाजार तंत्र को बढ़ावा देना।
- परिणाम-आधारित प्रबन्ध: इनपुट के बजाय आउटपुट और परिणामों पर ध्यान केंद्रित करना।
- विकेन्द्रीकरण: निर्णय लेने की शक्ति को निचले स्तरों पर हस्तांतरित करना।
- ग्राहक-केंद्रितता: नागरिकों को ग्राहक मानकर उनकी संतुष्टि को प्राथमिकता देना।
हर्बर्ट साइमन द्वारा बताए गए निर्णय प्रक्रिया के विभिन्न चरण बताइए।
Mention the different stages of Decision Making as suggested by Herbert Simon.
हर्बर्ट साइमन के अनुसार निर्णय प्रक्रिया के चरण:
- खुफिया चरण (Intelligence Phase): समस्या की पहचान और सूचना संग्रह।
- डिजाइन चरण (Design Phase): वैकल्पिक समाधानों का विकास और विश्लेषण।
- चयन चरण (Choice Phase): सर्वोत्तम विकल्प का चयन।
- समीक्षा चरण (Review Phase): लागू किए गए निर्णय का मूल्यांकन।
तुलनात्मक लोक प्रशासन के महत्वपूर्ण/प्रमुख योगदान को बताइए।
Discuss the main contribution or importance of Comparative Public Administration.
तुलनात्मक लोक प्रशासन के प्रमुख योगदान:
- विभिन्न देशों की प्रशासनिक प्रणालियों की तुलना करके सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान करना।
- प्रशासनिक सिद्धांतों को सार्वभौमिक बनाने में सहायता करना।
- विकासशील देशों के लिए प्रशासनिक सुधारों के मॉडल प्रदान करना।
- प्रशासनिक व्यवहार और संस्कृति को समझने में मदद करना।
एक प्रशासनिक अधिकरण की स्थापना के क्या उद्देश्य होते हैं ?
Explain the purposes behind the establishment of an Administrative Tribunal.
प्रशासनिक अधिकरण की स्थापना के उद्देश्य:
- सरकारी विवादों का त्वरित और सस्ता निपटारा करना।
- नियमित न्यायालयों पर बोझ कम करना।
- प्रशासनिक मामलों में विशेषज्ञता प्रदान करना।
- लचीली और अनौपचारिक प्रक्रिया के माध्यम से न्याय सुनिश्चित करना।
जिला स्तरीय जन शिकायत निराकरण तंत्र पर एक टिप्पणी लिखिए।
Write a note on district level Public Grievance Redressal Mechanism.
जिला स्तरीय जन शिकायत निराकरण तंत्र: जिला स्तर पर जन शिकायतों के निवारण के लिए मुख्य रूप से जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जन सुनवाई आयोजित की जाती है। इसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहते हैं और नागरिकों की शिकायतों का मौके पर निपटारा किया जाता है। इसके अलावा, ऑनलाइन पोर्टल और टोल-फ्री हेल्पलाइन के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। यह तंत्र पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करता है।
केन्द्र-राज्य सम्बन्धों के परिप्रेक्ष्य में सरकारिया आयोग की प्रमुख अनुशंसाएँ क्या थीं ?
Write the main recommendations of Sarkaria Commission regarding Centre-State relation.
सरकारिया आयोग की प्रमुख अनुशंसाएँ:
- राज्यपाल की नियुक्ति में राज्य सरकार से परामर्श किया जाए।
- अनुच्छेद 356 का प्रयोग अत्यंत सावधानी से किया जाए।
- केन्द्र और राज्यों के बीच विवादों के समाधान के लिए एक स्थायी अंतर-राज्य परिषद का गठन किया जाए।
- वित्तीय संबंधों में राज्यों को अधिक स्वायत्तता दी जाए।
- अवशिष्ट शक्तियाँ केन्द्र के पास रहें, लेकिन राज्यों की शक्तियों का सम्मान किया जाए।
राजस्थान में प्रशासनिक सुधार के लिए किए गए चार प्रमुख प्रयासों को बताइए।
Highlight any four major steps initiated for administrative reforms in Rajasthan.
राजस्थान में प्रशासनिक सुधार के चार प्रमुख प्रयास:
- ई-गवर्नेंस: सेवाओं का ऑनलाइन प्रावधान और डिजिटलीकरण।
- जन सुनवाई कार्यक्रम: जिला और ब्लॉक स्तर पर नियमित जन सुनवाई।
- सेवा का अधिकार अधिनियम: समयबद्ध सेवा वितरण सुनिश्चित करना।
- प्रशासनिक सुधार आयोग: प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए आयोग का गठन।
खण्ड -स / PART - C
टेलर की कार्यकारी फौरमैनशिप की अवधारणा को स्पष्ट कीजिए।
Explain Taylor’s concept of Functional Foremanship.
टेलर की कार्यकारी फौरमैनशिप (Functional Foremanship) की अवधारणा:
फ्रेडरिक विंसलो टेलर ने वैज्ञानिक प्रबंधन के अंतर्गत कार्यकारी फौरमैनशिप की अवधारणा प्रस्तुत की। इसके अनुसार, एक फोरमैन के पास सभी कौशल नहीं हो सकते, इसलिए कार्य को आठ विशिष्ट कार्यों में विभाजित किया गया, जिन्हें चार योजना कार्यालय के फोरमैन और चार उत्पादन फोरमैन द्वारा नियंत्रित किया जाता है।
योजना कार्यालय के फोरमैन:
- क्रम संख्या एवं मार्ग निर्धारक (Route Clerk)
- निर्देश पत्र लेखक (Instruction Card Clerk)
- समय एवं लागत लेखक (Time and Cost Clerk)
- अनुशासन अधिकारी (Shop Disciplinarian)
उत्पादन फोरमैन:
- गति बॉस (Speed Boss)
- निरीक्षक (Inspector)
- मरम्मत बॉस (Repair Boss)
- गैंग बॉस (Gang Boss)
इस प्रणाली का उद्देश्य श्रम विभाजन के माध्यम से दक्षता बढ़ाना और प्रबंधन को अधिक वैज्ञानिक बनाना था।
20. सिद्धान्त ‘X’ एवं सिद्धान्त ‘Y’ की मूल मान्यताओं को बताइए।
Write the basic assumptions of Theory ‘X’ and Theory ‘Y’.
सिद्धान्त ‘X’ की मूल मान्यताएँ:
- मनुष्य स्वभावतः आलसी होता है और कार्य से बचना चाहता है।
- उसे कार्य करने के लिए बलपूर्वक, नियंत्रित, निर्देशित और दण्ड की धमकी देनी पड़ती है।
- सामान्य मनुष्य उत्तरदायित्व लेने से बचता है और नेतृत्व की अपेक्षा अनुसरण करना पसंद करता है।
- वह मुख्यतः आर्थिक सुरक्षा चाहता है।
सिद्धान्त ‘Y’ की मूल मान्यताएँ:
- कार्य करना खेल या आराम की तरह स्वाभाविक है।
- बाहरी नियंत्रण और दण्ड की धमकी लक्ष्य प्राप्ति का एकमात्र साधन नहीं है; मनुष्य स्व-निर्देशन और आत्म-नियंत्रण कर सकता है।
- सामान्य मनुष्य उचित परिस्थितियों में उत्तरदायित्व लेना सीखता है और उसे स्वीकार करता है।
- संगठनात्मक समस्याओं के समाधान में उच्च स्तर की कल्पना, सृजनात्मकता और बुद्धिमत्ता व्यापक रूप से वितरित होती है।
21. निर्णय प्रक्रिया में ‘परिबद्ध विवेकता सिद्धान्त’ को समझाइए।
Explain the concept of ‘Bounded Rationality Model’ of decision making.
परिबद्ध विवेकता सिद्धान्त (Bounded Rationality Model) हर्बर्ट साइमन द्वारा प्रतिपादित किया गया। इसके अनुसार, निर्णयकर्ता पूर्णतः तर्कसंगत नहीं होता, बल्कि उसकी तर्कसंगता सीमित (बाउंडेड) होती है। मुख्य बिंदु:
- निर्णयकर्ता के पास सभी विकल्पों और उनके परिणामों की पूर्ण जानकारी नहीं होती।
- वह सीमित समय, संज्ञानात्मक क्षमता और सूचना की उपलब्धता के कारण ‘संतोषप्रद’ (Satisficing) विकल्प चुनता है, न कि ‘सर्वोत्तम’ (Optimizing) विकल्प।
- निर्णय प्रक्रिया में मानवीय सीमाओं और संगठनात्मक बाधाओं को ध्यान में रखा जाता है।
22. विकास प्रशासन की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
Describe the main characteristics of Development Administration.
- परिवर्तनोन्मुखी: यह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक परिवर्तन लाने पर केंद्रित है।
- लक्ष्योन्मुखी: इसके स्पष्ट विकास लक्ष्य (जैसे गरीबी उन्मूलन, शिक्षा, स्वास्थ्य) होते हैं।
- लचीला और गतिशील: यह बदलती परिस्थितियों के अनुसार ढलने में सक्षम है।
- भागीदारीपूर्ण: इसमें जनता की सक्रिय भागीदारी को प्रोत्साहित किया जाता है।
- नवाचारी: नई तकनीकों और विधियों को अपनाने पर बल देता है।
- परिणाम-उन्मुखी: यह केवल प्रक्रिया पर नहीं, बल्कि प्राप्त परिणामों पर ध्यान देता है।
23. विकास प्रशासन परम्परागत प्रशासन से किस प्रकार भिन्न है ?
How is Development Administration different from Traditional Administration?
| आधार | परम्परागत प्रशासन | विकास प्रशासन |
|---|---|---|
| उद्देश्य | कानून व्यवस्था बनाए रखना, नियमों का पालन | सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और विकास लाना |
| प्रकृति | स्थिर, नियम-केंद्रित, नौकरशाही | गतिशील, लचीला, नवाचारी |
| दृष्टिकोण | प्रक्रिया-उन्मुखी (नियमों का पालन) | परिणाम-उन्मुखी (लक्ष्य प्राप्ति) |
| जनता की भूमिका | निष्क्रिय, प्रजा के रूप में | सक्रिय भागीदारी, हितधारक के रूप में |
| परिवर्तन के प्रति | प्रतिरोधी, यथास्थिति बनाए रखने वाला | परिवर्तन को बढ़ावा देने वाला |
24. नियोजन के प्रमुख उद्देश्य क्या होते हैं ?
What are the main objectives of Planning?
- लक्ष्य निर्धारण: संगठन के भविष्य के लिए स्पष्ट उद्देश्य और लक्ष्य तय करना।
- संसाधनों का कुशल उपयोग: उपलब्ध संसाधनों (धन, समय, मानव) का इष्टतम उपयोग सुनिश्चित करना।
- अनिश्चितता को कम करना: भविष्य की घटनाओं का पूर्वानुमान लगाकर जोखिम को न्यूनतम करना।
- समन्वय स्थापित करना: विभिन्न विभागों और गतिविधियों के बीच समन्वय बनाना।
- नियंत्रण का आधार: योजना के अनुसार कार्य की प्रगति की तुलना करके नियंत्रण स्थापित करना।
- दक्षता में वृद्धि: कार्य को व्यवस्थित ढंग से करके उत्पादकता और दक्षता बढ़ाना।
25. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक प्रशासन पर वित्तीय नियंत्रण कैसे रखता है ?
How does the Comptroller and Auditor General have financial control over administration?
भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) निम्नलिखित तरीकों से प्रशासन पर वित्तीय नियंत्रण रखता है:
- लेखा परीक्षा (Audit): वह सभी सरकारी विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के खातों की लेखा परीक्षा करता है, यह सुनिश्चित करने के लिए कि धन का उपयोग विधिपूर्वक और उद्देश्य के अनुसार हुआ है।
- वित्तीय अनियमितताओं की रिपोर्ट: वह संसद (और राज्य विधानसभाओं) को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करता है, जिसमें वित्तीय अनियमितताओं, अपव्यय और भ्रष्टाचार को उजागर किया जाता है।
- स्वीकृति प्रदान करना: वह सरकारी व्यय की स्वीकृति (appropriation) की जाँच करता है कि क्या व्यय संसद द्वारा स्वीकृत राशि के भीतर हुआ है।
- सार्वजनिक लेखा समिति (PAC) की सहायता: उसकी रिपोर्टों की जाँच संसद की सार्वजनिक लेखा समिति द्वारा की जाती है, जो प्रशासन को जवाबदेह बनाती है।
26. भर्ती का अर्थ बताइए तथा सकारात्मक एवं नकारात्मक भर्ती की विधियों में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
State the meaning of recruitment and differentiate between Positive and Negative recruitment processes.
भर्ती का अर्थ: भर्ती वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा संगठन योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित करता है और उन्हें रिक्त पदों के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित करता है। यह चयन प्रक्रिया का पहला चरण है।
सकारात्मक एवं नकारात्मक भर्ती में अन्तर:
| आधार | सकारात्मक भर्ती | नकारात्मक भर्ती |
|---|---|---|
| उद्देश्य | अधिक से अधिक योग्य उम्मीदवारों को आकर्षित करना | केवल न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करने वाले उम्मीदवारों को आकर्षित करना |
| प्रचार | व्यापक प्रचार (विज्ञापन, कैम्पस प्लेसमेंट, आदि) | सीमित प्रचार (केवल आंतरिक या स्थानीय स्रोत) |
| लागत | अधिक लागत | कम लागत |
| परिणाम | बड़ा आवेदक पूल, बेहतर चयन की संभावना | छोटा आवेदक पूल, सीमित विकल्प |
| उपयोग | उच्च-कुशल या दुर्लभ प्रतिभा के लिए | निम्न-कुशल या आसानी से उपलब्ध प्रतिभ
खण्ड - दPART - D28. हॉथार्न प्रयोगों का वर्णन कीजिए तथा इनसे की गई मुख्य खोजों का विवेचन कीजिए। अथवा किन आधारों पर वेबर की नौकरशाही की अवधारणा की आलोचना को गई ? Describe the Hawthorne experiments and mention its major findings. OR On what grounds Weber’s concept of bureaucracy has been criticized ? Solution (Hawthorne Experiments): The Hawthorne experiments were conducted at the Western Electric Company's Hawthorne plant in Chicago (1924-1932) by Elton Mayo and his associates. The major experiments included:
Major Findings:
OR (Weber's Bureaucracy Criticism): Weber's concept of bureaucracy has been criticized on the following grounds:
29. राजस्थान में राज्य योजना मंडल के संगठन एवं कार्यों को बताइए। अथवा जिला नियोजन समिति के गठन एवं भूमिका का विवेचन कीजिए। Describe the organisation and functions of State Planning Board of Rajasthan. OR Discuss the organization and role of District Planning Committee. Solution (State Planning Board of Rajasthan): Organisation: The State Planning Board of Rajasthan is an advisory body headed by the Chief Minister as its Chairperson. It includes the Deputy Chief Minister, Finance Minister, Planning Minister, Chief Secretary, and other relevant ministers and secretaries. It also has expert members from fields like economics, agriculture, and social development. The Board is supported by the State Planning Department, which provides technical and administrative assistance. Functions:
OR (District Planning Committee): Organization: The District Planning Committee (DPC) is constituted under Article 243ZD of the Constitution. It is chaired by the Chairperson of the Zila Parishad (or the District Collector in some states). Members include elected representatives from Panchayati Raj institutions and municipalities, as well as officials from key departments like agriculture, education, health, and public works. Role:
SS—O6—Pub. Adm. SS-5506 30. लोक सेवकों के लिए आचार संहिता नियमों की आवश्यकता क्यों होती है? उनके नैतिक आचरण के लिए अन्य क्या प्रयास किए जा सकते हैं?आचार संहिता नियमों की आवश्यकता:
नैतिक आचरण के लिए अन्य प्रयास:
अथवासामान्यज्ञों और विशेषज्ञों में क्या अन्तर होता है? प्रशासन में सामान्यज्ञों की भूमिका के पक्ष में तर्क दीजिए।सामान्यज्ञ और विशेषज्ञ में अन्तर:
प्रशासन में सामान्यज्ञों की भूमिका के पक्ष में तर्क:
SS—O6—Pub. Adm. SS-5506 |