RBSE Class 12th 2014 Punjabi Sahitya-SS-25-2014 Previous Year Papers

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2014
Subject Punjabi Sahitya-SS-25-2014
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2014 Punjabi Sahitya-SS-25-2014

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Rajasthan Board Class 12th Punjabi Sahitya-SS-25-2014 2014 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2014
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2014

PUNJABI SAHITYA

Time : 3 Hours     Maximum Marks : 80


निर्देश :

  1. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। प्रत्येक प्रश्न के लिए निर्धारित अंक उसके सामने दिए गए हैं।
  2. प्रश्नों के उत्तर उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर उसके लिए निर्धारित सीमा में ही लिखें।
  4. प्रश्न-पत्र के चार खण्ड हैं — खण्ड (क), (ख), (ग) तथा (घ)। सभी खण्डों के प्रश्नों के उत्तर एक ही उत्तर-पुस्तिका में क्रम से लिखें।
  5. प्रश्न संख्या 4, 8 और 12 के लिए आंतरिक विकल्प दिए गए हैं।

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प्रश्न 2 (भाग 3)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

मैं फेडरल मीडिया के द्वारा आपको बताना चाहता हूँ कि हमारे देश में शिक्षा का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है। इसका मुख्य कारण यह है कि शिक्षक अपने कर्तव्यों का पालन ठीक प्रकार से नहीं कर रहे हैं। विद्यार्थी भी पढ़ाई में मन नहीं लगा रहे हैं। परीक्षा में नकल करना एक आम बात हो गई है। इससे शिक्षा का स्तर गिर रहा है।

(क) छिपतेवड उग रा डँवां मित॒छेष फी?

उत्तर: गद्यांश में 'छिपतेवड' (शिक्षा) के डँवां (गिरने) का मुख्य कारण शिक्षकों द्वारा कर्तव्यों का ठीक प्रकार से पालन न करना और विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन न लगाना तथा परीक्षा में नकल करना बताया गया है।

(ख) अग गर्घिट मिष्य अत फेन अ गुस फेनिया दुइ मठ?

उत्तर: गद्यांश के अनुसार, शिक्षा के स्तर में गिरावट का मुख्य कारण शिक्षकों का अपने कर्तव्यों का पालन ठीक प्रकार से न करना है।

(ग) अग अत्स हॉट छत वोर फीओ फैड?

उत्तर: गद्यांश में 'हॉट' (विद्यार्थी) पढ़ाई में मन नहीं लगा रहे हैं और परीक्षा में नकल करना एक आम बात हो गई है।

(घ) अग ज्षी रा माता अलो फाए स्फुमर 2 गे फास्ट मधिठिट डठी?

उत्तर: गद्यांश के अनुसार, शिक्षा के स्तर में गिरावट का परिणाम यह है कि देश में शिक्षा का स्तर दिन-प्रतिदिन गिरता जा रहा है।

प्रश्न 3 (भाग 7)

छिथतेवड उग दिउ ओरे जोस पैक्ट टे उसे फोड:

सूड, वाड, मॉटे-स्ठिट, मैठा | 5×2=10

दो फाफ्टुंत फेड फार फीए फेट गुआ सु फेउ:

  1. (क) ... »ॉषीं छिंठा हॉर (™) — फानेनर्स
  2. (ख) अग अफदे फीव मट (ए) अस भठडाहिंरा सुआ
  3. (ग) अगारेत

प्रश्न 4 (भाग 5)

दो फैड मिठछेषां फेड फार फीए गुस बठली छिपे:

  1. (क) षीभाठराती रा ढछ फिया डेड।
  2. (ख) हारे ओड गैस ए।
  3. (ग) वेड 3 अगार।

SS—25—Punjabi Sah. SS-5525

4.

द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा ने भीमसेन को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। +3+4+=5

फिर भीमसेन ने उस ब्रह्मास्त्र को निष्फल कर दिया। (खण्ड क)

2 मान हारकर वह युद्ध से भाग गया।

5. (क) निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :-

  1. वियोग 'डे घिठाछहिला |
  2. फास उछी 'डे यठठा |
  3. दे यैठ होट |
  4. अोत ठुँ जा वे |

उत्तर: 1. वियोग 'डे घिठाछहिला

(ख) निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए :-

  1. आदे अद बे अत, वीरेत पा गष्टी अस्त ।
  2. उग टी भुठगी एम्स घठाघत |
  3. दल फास, देत ठा अस |
  4. गोत एडत सारा सोए तै ।
  5. भाज्ठा वा, एस्ट दा |

उत्तर: 2. उग टी भुठगी एम्स घठाघत

6. फेनोन फाक छा दे छिपे :-

यो 3 उरल डतरीशां दुँछ उफेमरत ठे भ्रापिश्ष' टी वीएसटी एसटी उस ठे उद्धिशरा डीफेमर डे ए फ्यू फेर्स भगत-भगठ उस णप्तीटरा श्राहेंटा ते निन-अय टे शछिशां रा ताल टेपे

7. (क) दो छिपे कैट टी राव दंड अद :-

  1. दान गीउ वीड । (ए फेड मीरेट फाफौर ए)
  2. अद साह भावठ बा उए | (ए फेड दठठा जीए)
  3. वेस जाल आसे ते | (ए फेड दतभ डीए)

उत्तर: 1. दान गीउ वीड

(ख) ठेठ छिपे उओ वाट हुँ बो ए वे छिपे :-

  1. @न ए फुस्ट अत वेरे अग फाम व ।
  2. अश 3 यस अस थी उठ ।

उत्तर: 1. @न ए फुस्ट अत वेरे अग फाम व

SS—25—Punjabi Sah. 55-55 25 [ Turn over

प्रश्न 8: थर-दतभ Aa दे छिपे

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (1+1=2)

  1. ठे घला बे we uti
  2. Aa Als भठि AIS

प्रश्न 8 (दो छिपे aofe-nint fed for fea वाढि-भ्रप्ति ऐे nis fea टिंठे थूप्रठां ऐे Gs fes):

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए। (1+1+1+1=4)

  1. aac ऐे dH दिल था के, wat As Ase छेघे ।
    dat sini रा दी बठीछे, fags us WSs wee येघे ।
    ठा Uden Yee AS, oT des Fe sda |
    Hoe ABE री fest qs, mA! Sa GIS Se ।
  2. Budas Aad रे बढी रा at CHI
  3. दिल fan से <n ये तिश्ा 2
  4. ‘Stam? a at mee तै ?
  5. Cudas Asc रा ate-nige fod |

प्रश्न 9: abt ठाऊ uBHe ad, AHT उंछी)आं भाटां

निर्देश: निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. nit 2 fea sua niag, frat टे दि urat |
    afoot ढठगे Ue Sai, sfoot eed aS |
    BS ढाले da Cai टे, Us fare ue |
  2. fes मउठां fan afes fed Jo ? acta ot ढी SH ।
  3. Het रीशां शॉपीशां oa at esa foot मी ?
  4. Haga ऐे पेट 3 ae fad fad मठ ?
  5. Haga ऐे dat यैठां टी ges दी मी ?

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9. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए (2+2+2=6)

(@) 'वैलेंस' और 'हीरो' शब्दों का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: 'वैलेंस' का अर्थ है – किसी तत्व की संयोजकता या रासायनिक बंध बनाने की क्षमता। 'हीरो' का अर्थ है – नायक या वीर पुरुष, जो किसी कहानी या घटना का मुख्य पात्र होता है।

1. 'अनुवाद' शब्द का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: 'अनुवाद' का अर्थ है – किसी एक भाषा में लिखी या कही गई बात को दूसरी भाषा में समान अर्थ के साथ प्रस्तुत करना।

2. 'अनुवाद' के प्रकार कितने होते हैं? नाम लिखिए।

उत्तर: अनुवाद के तीन प्रकार होते हैं:

  1. शाब्दिक अनुवाद
  2. भावानुवाद
  3. सारांश अनुवाद

3. 'अनुवाद' के गुण लिखिए।

उत्तर: अनुवाद के गुण निम्नलिखित हैं:

  • मूल भाषा के अर्थ का पूर्ण संरक्षण
  • लक्ष्य भाषा में स्वाभाविकता और सरलता
  • शब्दों का उचित चयन और वाक्य संरचना
  • भावों की स्पष्टता और सटीकता

(QM) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए (3×3=9)

1. 'अनुवाद' के महत्व को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: अनुवाद का महत्व निम्नलिखित है:

  • यह विभिन्न भाषाओं के बीच संवाद स्थापित करता है।
  • ज्ञान और साहित्य का एक भाषा से दूसरी भाषा में प्रसार संभव बनाता है।
  • वैश्वीकरण के युग में व्यापार, विज्ञान और संस्कृति के आदान-प्रदान में सहायक है।
  • यह विभिन्न समुदायों के बीच समझ और सहयोग बढ़ाता है।

2. 'अनुवाद' के विभिन्न प्रकारों का वर्णन कीजिए।

उत्तर: अनुवाद के तीन प्रकार हैं:

  1. शाब्दिक अनुवाद: इसमें मूल भाषा के प्रत्येक शब्द का शब्द-दर-शब्द अनुवाद किया जाता है। यह सरल होता है लेकिन कभी-कभी अर्थ स्पष्ट नहीं होता।
  2. भावानुवाद: इसमें मूल भाषा के भाव और अर्थ को लक्ष्य भाषा में स्वाभाविक रूप में प्रस्तुत किया जाता है। यह अधिक प्रभावी होता है।
  3. सारांश अनुवाद: इसमें मूल पाठ के मुख्य विचारों को संक्षेप में प्रस्तुत किया जाता है। यह लंबे पाठों के लिए उपयुक्त है।

3. 'अनुवाद' के गुणों का विस्तार से वर्णन कीजिए।

उत्तर: अनुवाद के गुण निम्नलिखित हैं:

  • सटीकता: अनुवाद में मूल भाषा के अर्थ को यथासंभव सटीक रखना चाहिए।
  • स्वाभाविकता: लक्ष्य भाषा में अनुवाद ऐसा होना चाहिए जैसे वह मूल रूप से उसी भाषा में लिखा गया हो।
  • सरलता: भाषा सरल और सुबोध होनी चाहिए ताकि पाठक आसानी से समझ सके।
  • शैली का संरक्षण: मूल लेखक की शैली और भाव को बनाए रखना चाहिए।
  • व्याकरणिक शुद्धता: लक्ष्य भाषा के व्याकरण के नियमों का पालन होना चाहिए।

प्रश्न 6 (अंक 2)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

“जीवन में सुख-दुख का चक्र चलता रहता है। मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए। संसार में कोई भी व्यक्ति पूर्णतः सुखी या दुखी नहीं होता। जो व्यक्ति अपने भाग्य पर भरोसा रखता है, वही सच्चे अर्थों में जीवन का आनंद ले पाता है।”

  1. गद्यांश के अनुसार जीवन में क्या चलता रहता है? उत्तर स्पष्ट कीजिए।
  2. गद्यांश के अनुसार मनुष्य को किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए?
  3. गद्यांश के अनुसार कौन सा व्यक्ति जीवन का आनंद ले पाता है?
  4. “पूर्णतः सुखी या दुखी” से लेखक का क्या अभिप्राय है?

उत्तर:

  1. गद्यांश के अनुसार जीवन में सुख-दुख का चक्र चलता रहता है।
  2. मनुष्य को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
  3. जो व्यक्ति अपने भाग्य पर भरोसा रखता है, वही सच्चे अर्थों में जीवन का आनंद ले पाता है।
  4. “पूर्णतः सुखी या दुखी” से लेखक का अभिप्राय है कि संसार में कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से सुखी या दुखी नहीं होता, बल्कि सबके जीवन में सुख-दुख का मिश्रण होता है।

प्रश्न 7 (अंक 4)

निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

“शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करना और उसे समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है। शिक्षा से मनुष्य में विवेक, तर्कशक्ति और नैतिकता का विकास होता है। एक शिक्षित व्यक्ति ही अपने अधिकारों और कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर सकता है।”

  1. गद्यांश के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य क्या है?
  2. शिक्षा से मनुष्य में किन गुणों का विकास होता है?
  3. एक शिक्षित व्यक्ति क्या कर सकता है?
  4. “जिम्मेदार नागरिक” से आप क्या समझते हैं?

उत्तर:

  1. गद्यांश के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के चरित्र का निर्माण करना और उसे समाज का एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
  2. शिक्षा से मनुष्य में विवेक, तर्कशक्ति और नैतिकता का विकास होता है।
  3. एक शिक्षित व्यक्ति अपने अधिकारों और कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर सकता है।
  4. “जिम्मेदार नागरिक” से तात्पर्य उस व्यक्ति से है जो अपने कर्तव्यों का पालन करता है, समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझता है और देश के विकास में योगदान देता है।

प्रश्न 8 (अंक 4)

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. “डॉ. वी.के. सरस्वती” कौन थे? उनका साहित्यिक योगदान बताइए।
  2. “पंजाबी साहित्य” में “प्रेमचंद” का क्या स्थान है?
  3. “गुरु नानक देव जी” की शिक्षाओं का सारांश लिखिए।
  4. “सूफी काव्य” की प्रमुख विशेषताएं बताइए।

उत्तर:

  1. डॉ. वी.के. सरस्वती एक प्रसिद्ध साहित्यकार और विद्वान थे। उन्होंने पंजाबी साहित्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया, विशेषकर आलोचना और शोध के क्षेत्र में। उनकी रचनाओं ने पंजाबी साहित्य को समृद्ध किया।
  2. पंजाबी साहित्य में प्रेमचंद का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपनी कहानियों और उपन्यासों के माध्यम से समाज की वास्तविकताओं को उजागर किया और सामाजिक सुधार का संदेश दिया।
  3. गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं का सारांश यह है कि ईश्वर एक है, सभी मनुष्य समान हैं, और सच्चाई, ईमानदारी तथा सेवा भाव से जीवन जीना चाहिए। उन्होंने जाति-पाति और ऊंच-नीच के भेदभाव का विरोध किया।
  4. सूफी काव्य की प्रमुख विशेषताएं हैं: प्रेम और भक्ति पर बल, ईश्वर से एकात्मता की भावना, सरल और सहज भाषा का प्रयोग, तथा मानवता और समानता का संदेश।

प्रश्न 9 (अंक 4)

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. “पंजाबी भाषा” के विकास में “गुरुमुखी लिपि” का क्या योगदान है?
  2. “लोक साहित्य” से आप क्या समझते हैं? इसकी विशेषताएं बताइए।
  3. “आधुनिक पंजाबी कविता” की प्रमुख प्रवृत्तियां क्या हैं?
  4. “नाटक” और “एकांकी” में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

  1. गुरुमुखी लिपि ने पंजाबी भाषा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस लिपि के माध्यम से गुरु ग्रंथ साहिब का लेखन हुआ, जिससे पंजाबी भाषा को एक मानक रूप मिला और इसका प्रचार-प्रसार हुआ।
  2. लोक साहित्य से तात्पर्य उन रचनाओं से है जो जनसामान्य द्वारा रची और गाई जाती हैं। इसकी विशेषताएं हैं: मौखिक परंपरा, सरल भाषा, सामूहिक रचना, और स्थानीय संस्कृति का प्रतिबिंब।
  3. आधुनिक पंजाबी कविता की प्रमुख प्रवृत्तियां हैं: यथार्थवाद, व्यक्तिवाद, सामाजिक चेतना, प्रयोगधर्मिता, और नए विषयों का समावेश।
  4. नाटक और एकांकी में मुख्य अंतर यह है कि नाटक लंबा होता है और इसमें कई अंक होते हैं, जबकि एकांकी एक ही अंक में पूरी कहानी प्रस्तुत करता है। एकांकी में समय और स्थान की एकता होती है, जबकि नाटक में यह आवश्यक नहीं है।

प्रश्न 10 (अंक 4)

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. “पंजाबी साहित्य” में “वारिस शाह” का क्या योगदान है?
  2. “हीर-रांझा” काव्य की मुख्य विशेषताएं बताइए।
  3. “शिव कुमार बटालवी” की कविता की विशेषता क्या है?
  4. “पंजाबी गद्य” के विकास में “भाई वीर सिंह” का योगदान स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

  1. वारिस शाह ने पंजाबी साहित्य में “हीर-रांझा” जैसी अमर कृति देकर महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी रचना प्रेम और समाज के यथार्थ को दर्शाती है और पंजाबी साहित्य की अमूल्य धरोहर है।
  2. “हीर-रांझा” काव्य की मुख्य विशेषताएं हैं: प्रेम की गहन अभिव्यक्ति, सामाजिक रूढ़ियों का चित्रण, सुंदर छंद योजना, और पंजाबी लोक संस्कृति का जीवंत चित्रण।
  3. शिव कुमार बटालवी की कविता की विशेषता है कि वे प्रेम, विरह और प्रकृति के सौंदर्य को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हैं। उनकी भाषा सरल और भावपूर्ण होती है।
  4. भाई वीर सिंह ने पंजाबी गद्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने पंजाबी में उपन्यास, कहानी और निबंध लिखकर गद्य को एक नई दिशा दी। उनकी रचनाएं धार्मिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित हैं।

प्रश्न 11 (अंक 4)

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  1. “पंजाबी साहित्य” में “मोहन सिंह” का क्या स्थान है?
  2. “साहित्य” और “समाज” में क्या संबंध है?
  3. “पंजाबी लोकगीतों” की प्रमुख विशेषताएं बताइए।
  4. “गद्य” और “पद्य” में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:

  1. मोहन सिंह पंजाबी साहित्य के एक प्रमुख कवि हैं। उन्होंने प्रकृति, प्रेम और मानवीय भावनाओं को अपनी कविताओं में चित्रित किया। उनकी रचनाएं पंजाबी कविता को एक नई ऊंचाई पर ले गईं।
  2. साहित्य और समाज का गहरा संबंध है। साहित्य समाज का दर्पण होता है, जो समाज की समस्याओं, मूल्यों और संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है। साथ ही, साहित्य समाज को प्रभावित करके बदलाव लाने में भी सहायक होता है।
  3. पंजाबी लोकगीतों की प्रमुख विशेषताएं हैं: सरल और मधुर भाषा, लयात्मकता, सामूहिक गायन, और जीवन के विभिन्न पहलुओं (जैसे विवाह, त्योहार, प्रेम) का चित्रण।
  4. गद्य और पद्य में मुख्य अंतर यह है कि गद्य में भाषा का सामान्य प्रवाह होता है और इसमें छंद या तुकबंदी नहीं होती, जबकि पद्य में छंद, लय और तुकबंदी होती है। गद्य का उपयोग कहानी, उपन्यास, निबंध आदि में होता है, जबकि पद्य का उपयोग कविता में।

— पृष्ठ 6 समाप्त —

प्रश्न 12

(A) 'फीस भरले ओरे ढूँढ ओस एस्ट 3 एचटीएस एएनएसई एएल?' छेराठठठां ऐे दे उत्तर दीजिए।

(S) 'अग फ्यूज' अवल रा सुआ दे दीजिए?

उत्तर : 3+3=6

प्रश्न 13

(8) दा ओह उम्तठी ए देई सत टी उस्स गड एड दीजिए।

(Mt) एएच दछीशां से वेत शापरी भां ओम ढूँढ फास्ट भठाएंटी तै?

(®) अगर्स उसद डॉ थिठा अतुदेद दीजिए।

उत्तर : 2+2=4

प्रश्न 14

(8) फेइग्ट 'दा अन' टी मर्भेमिश्मा वौउ अग दे छिपे।

(”) एडो मिथ हॉट्स री ओट्स एरे वेवसे वेत भवाठ एड अलास अफडर दीजिए।

(@) यूर्मण एफोस फेनरफिमर अग :

एआई, विन, हेत तुठ ते तठी तै। भेता जीएच जीएच एई फॉर तै। एट ठठ मैं मुझी 'डे ट॑गिशा फूट एट। एएस शत ते एएसआई टे घचिशां जीएस वेन एज टी छ्िप्रछफ उठतिन्न शिन्तान्नउ ओट सेर।

पंनाघी फीटैट एट व्राफी पंतघी अफेस्ट ऐे ठिवम़ वे फी एड हाउ ठेट फोड।

5 एट गति एटे @ फियर्स 'डे हाउ डे छिपे।

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