RBSE Class 12th 2015 -SS-03-2015 Previous Year Papers
-SS-03-2015 from the 2015 exam year is part of the Class 12th previous year papers archive on RBSE Solution. Many learners start here after finishing the textbook to see how questions were actually framed on the Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) paper.
Treat this question paper as a mock under gentle timing first, then as a marking exercise the second time. The introduction on this page is written only for this subject-and-year pair, not copied from other pages.
Bookmark the link if you coach juniors — the layout stays stable for search engines and classroom sharing.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2015 |
| Subject | -SS-03-2015 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2015, and subject -SS-03-2015 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
How to practise with this question paper
Stage one: read the -SS-03-2015 question paper from 2015 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.
Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.
RBSE Class 12th 2015 -SS-03-2015
Scroll through the Previous Year Papers pages for -SS-03-2015 (2015).
Rajasthan Board Class 12th -SS-03-2015 2015 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2015
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2015
कम्प्यूटर विज्ञान
COMPUTER SCIENCE
ऐच्छिक (Optional)
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions — 30 SS—03—Compu. Sc. (Opt.)
No. of Printed Pages — 7
SS—03—Compu.Sc. (Opt.) |SS-6003| [ Turn over
खण्ड - अ / Part - A
प्रश्न 1. डाटा एनकैप्सूलेशन से आप क्या समझते हैं ?
What do you mean by Data Encapsulation?
उत्तर: डाटा एनकैप्सूलेशन (Data Encapsulation) ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग (OOP) की एक प्रमुख अवधारणा है। इसमें डेटा (वेरिएबल्स) और उन पर काम करने वाले फंक्शन्स (मेथड्स) को एक ही इकाई (क्लास) में बांध दिया जाता है। इसका उद्देश्य डेटा को बाहरी अनधिकृत पहुंच से बचाना है, जिससे डेटा की सुरक्षा बढ़ती है। उदाहरण के लिए, किसी क्लास में प्राइवेट वेरिएबल्स को सार्वजनिक मेथड्स के माध्यम से ही एक्सेस किया जा सकता है।
प्रश्न 2. 'Go to' Statement का उपयोग किसमें किया जाता है ?
Write the uses of 'go to' statement.
उत्तर: 'Go to' स्टेटमेंट का उपयोग प्रोग्राम के नियंत्रण को एक स्थान से दूसरे स्थान पर अप्रतिबंधित रूप से स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग मुख्यतः लूप से बाहर निकलने, त्रुटि हैंडलिंग, या किसी विशिष्ट लेबल पर जाने के लिए किया जाता है। हालांकि, इसके अत्यधिक उपयोग से प्रोग्राम की संरचना खराब हो सकती है, इसलिए आधुनिक प्रोग्रामिंग में इसका उपयोग सीमित है।
प्रश्न 3. ऐरे कितने प्रकार के होते हैं ? उनके नाम लिखिए।
How many types of array are there ? Write their names.
उत्तर: ऐरे मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं:
- एक-आयामी ऐरे (One-Dimensional Array): इसमें डेटा एक पंक्ति में संग्रहीत होता है।
- द्वि-आयामी ऐरे (Two-Dimensional Array): इसमें डेटा पंक्तियों और स्तंभों के रूप में संग्रहीत होता है (जैसे मैट्रिक्स)।
- बहु-आयामी ऐरे (Multi-Dimensional Array): इसमें दो से अधिक आयाम होते हैं (जैसे त्रि-आयामी ऐरे)।
प्रश्न 4. C++ में टाइप कास्टिंग कितने प्रकार की होती है ?
How many type castings are there in C++ ?
उत्तर: C++ में टाइप कास्टिंग मुख्यतः दो प्रकार की होती है:
- इम्प्लिसिट टाइप कास्टिंग (Implicit Type Casting): यह कंपाइलर द्वारा स्वचालित रूप से की जाती है, जैसे किसी छोटे डेटा टाइप को बड़े डेटा टाइप में बदलना।
- एक्सप्लिसिट टाइप कास्टिंग (Explicit Type Casting): इसे प्रोग्रामर द्वारा जानबूझकर किया जाता है, जैसे
static_cast,dynamic_cast,const_cast, औरreinterpret_castका उपयोग करके।
द्विविमीय ऐरे को समझाइए।
Explain 2 D Array.
द्विविमीय ऐरे (2D Array): यह एक डेटा संरचना है जो डेटा को पंक्तियों और स्तंभों के रूप में संग्रहीत करती है। इसे मैट्रिक्स के रूप में भी जाना जाता है। उदाहरण: int arr[3][4]; एक 3 पंक्तियों और 4 स्तंभों वाला ऐरे है।
स्टेक किस पद्धति पर कार्य करता है ?
Which technique is used by stack ?
स्टेक (Stack) LIFO (Last In First Out) पद्धति पर कार्य करता है। इसका अर्थ है कि जो तत्व सबसे अंत में डाला जाता है, वह सबसे पहले निकाला जाता है।
डी बी एम एस का पूरा नाम लिखिए।
Write the full form of DBMS.
DBMS का पूरा नाम: Database Management System (डेटाबेस प्रबंधन प्रणाली) है।
डेटाबेस में टेबल बनाने के लिए किस कमाण्ड का उपयोग होता है ?
Which command is used to create table in database ?
CREATE TABLE कमांड का उपयोग डेटाबेस में टेबल बनाने के लिए किया जाता है। उदाहरण: CREATE TABLE student (id INT, name VARCHAR(50));
दो लॉजिक गेटों के नाम लिखिए।
Write the names of any two logic gates.
दो लॉजिक गेटों के नाम:
- AND गेट - यह तभी 1 आउटपुट देता है जब सभी इनपुट 1 हों।
- OR गेट - यह तभी 0 आउटपुट देता है जब सभी इनपुट 0 हों।
ट्विस्टेड पेयर केबल कितने प्रकार की होती है ? उसके नाम बताइए।
Write different types of twisted pair cable with their names.
ट्विस्टेड पेयर केबल दो प्रकार की होती है:
- शील्डेड ट्विस्टेड पेयर (STP) - इसमें धातु की परत होती है जो विद्युत चुम्बकीय हस्तक्षेप को कम करती है।
- अनशील्डेड ट्विस्टेड पेयर (UTP) - इसमें कोई धातु परत नहीं होती, यह सस्ता और सामान्य उपयोग के लिए होता है।
जीरो आर्गुमेंट कन्सट्रक्टर के बारे में बताइए।
Define zero argument constructor.
जीरो आर्गुमेंट कन्सट्रक्टर (Zero Argument Constructor): यह एक विशेष प्रकार का कन्सट्रक्टर है जो बिना किसी पैरामीटर के ऑब्जेक्ट को इनिशियलाइज़ करता है। इसे डिफ़ॉल्ट कन्सट्रक्टर भी कहा जाता है। उदाहरण: class A { public: A() { } };
NAND गेट किन गेटों के द्वारा बनाया जाता है ?
To create a NAND gate which gates are used ?
NAND गेट को AND गेट और NOT गेट के संयोजन से बनाया जाता है। पहले AND गेट का आउटपुट लिया जाता है, फिर उसे NOT गेट में इनपुट किया जाता है।
खण्ड - ब (Section B)
3. C++ ओवरलोडिंग कितने प्रकार की होती है ?
How many types of overloading are there in C++ ?
C++ में ओवरलोडिंग मुख्यतः दो प्रकार की होती है:
- फंक्शन ओवरलोडिंग (Function Overloading) – एक ही नाम के कई फंक्शन अलग-अलग पैरामीटर के साथ बनाना।
- ऑपरेटर ओवरलोडिंग (Operator Overloading) – ऑपरेटरों को नई कार्यक्षमता देना।
4. एकल आग्यूमेन्ट कन्सट्रक्टर उदाहरण देते हुए समझाइए।
Explain with example single argument constructor.
एकल आर्गुमेंट कंस्ट्रक्टर वह कंस्ट्रक्टर होता है जो केवल एक पैरामीटर लेता है। इसका उपयोग किसी एक मान से ऑब्जेक्ट को इनिशियलाइज़ करने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
class Number {
int value;
public:
Number(int v) { // एकल आर्गुमेंट कंस्ट्रक्टर
value = v;
}
void display() {
cout << "Value: " << value;
}
};
int main() {
Number n(10); // कंस्ट्रक्टर को 10 पास किया
n.display();
return 0;
}
यहाँ Number(int v) एकल आर्गुमेंट कंस्ट्रक्टर है जो v मान को value में असाइन करता है।
5. Read () व Write () को समझाइए।
Explain Read () and Write ().
Read() और Write() C++ में फ़ाइल इनपुट/आउटपुट के लिए उपयोग होने वाले फंक्शन हैं।
- Read() – इसका उपयोग बाइनरी फ़ाइल से डेटा पढ़ने के लिए किया जाता है। सिंटैक्स:
file.read((char*)&variable, sizeof(variable)); - Write() – इसका उपयोग बाइनरी फ़ाइल में डेटा लिखने के लिए किया जाता है। सिंटैक्स:
file.write((char*)&variable, sizeof(variable));
ये दोनों फंक्शन fstream क्लास के सदस्य हैं और बाइनरी डेटा को बाइट्स के रूप में हैंडल करते हैं।
6. कोई दो यूनरी ऑपरेटर को समझाइए और उनके उपयोग बताइए।
Explain any two unary operators and write their uses.
यूनरी ऑपरेटर वे ऑपरेटर होते हैं जो केवल एक ऑपरेंड पर कार्य करते हैं। दो मुख्य यूनरी ऑपरेटर:
- इन्क्रीमेंट ऑपरेटर (++) – ऑपरेंड के मान को 1 बढ़ाता है। उपयोग: लूप काउंटर, इंडेक्स बढ़ाने में।
- डिक्रीमेंट ऑपरेटर (--) – ऑपरेंड के मान को 1 घटाता है। उपयोग: लूप काउंटर, स्टैक पॉइंटर घटाने में।
उदाहरण: int x = 5; x++; // x अब 6
7. C++ में त्रिभुज का क्षेत्रफल ज्ञात करने का प्रोग्राम बनाइए।
Write a program in C++ to calculate the area of a triangle.
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
float base, height, area;
cout << "त्रिभुज का आधार (base) दर्ज करें: ";
cin >> base;
cout << "त्रिभुज की ऊंचाई (height) दर्ज करें: ";
cin >> height;
area = 0.5 * base * height;
cout << "त्रिभुज का क्षेत्रफल = " << area << endl;
return 0;
}
व्याख्या: त्रिभुज का क्षेत्रफल = ½ × आधार × ऊंचाई। प्रोग्राम उपयोगकर्ता से आधार और ऊंचाई लेता है और क्षेत्रफल की गणना करता है।
8. SQL के फायदे बताइए।
Explain the advantages of SQL.
SQL (Structured Query Language) के प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:
- सरलता (Simplicity) – SQL सीखना और उपयोग करना आसान है।
- पोर्टेबिलिटी (Portability) – SQL को विभिन्न डेटाबेस सिस्टम (MySQL, Oracle, SQL Server) पर उपयोग किया जा सकता है।
- उच्च प्रदर्शन (High Performance) – बड़ी मात्रा में डेटा को तेज़ी से प्रोसेस करता है।
- मानकीकरण (Standardization) – ANSI और ISO द्वारा मानकीकृत भाषा है।
- डेटा सुरक्षा (Data Security) – GRANT और REVOKE कमांड से डेटा तक पहुंच नियंत्रित की जा सकती है।
- एकीकृत डेटा (Integrated Data) – एक ही क्वेरी में कई टेबल्स से डेटा प्राप्त किया जा सकता है।
9. NOR गेट को सचित्र समझाइए।
Explain NOR gate with diagram.
NOR गेट एक डिजिटल लॉजिक गेट है जो OR गेट और NOT गेट का संयोजन है। यह तब 1 (हाई) आउटपुट देता है जब सभी इनपुट 0 (लो) हों, अन्यथा आउटपुट 0 होता है।
प्रतीक (Symbol):
A ──┬───┐
│ │─── Y = (A+B)'
B ──┴───┘
सत्य सारणी (Truth Table):
| A | B | Y (A NOR B) |
|---|---|---|
| 0 | 0 | 1 |
| 0 | 1 | 0 |
| 1 | 0 | 0 |
| 1 | 1 | 0 |
व्याख्या: NOR गेट का आउटपुट केवल तब 1 होता है जब दोनों इनपुट 0 हों। इसे "यूनिवर्सल गेट" भी कहा जाता है क्योंकि इससे AND, OR, NOT जैसे सभी गेट बनाए जा सकते हैं।
20. OR (ओर) गेट के स्विचिंग परिपथ को चित्र सहित समझाइए।
Explain OR gate switching circuit with diagram.
OR गेट स्विचिंग परिपथ: OR गेट एक डिजिटल लॉजिक गेट है जो कम से कम एक इनपुट 1 (उच्च) होने पर आउटपुट 1 (उच्च) देता है। स्विचिंग परिपथ में दो स्विच (A और B) समानांतर (parallel) में जुड़े होते हैं।
चित्र:
+V (Supply)
|
+----[Switch A]----+
| |
+----[Switch B]----+
| |
+----(Output)------+
|
GND
कार्य: यदि स्विच A या स्विच B (या दोनों) बंद (ON) होते हैं, तो सर्किट पूरा होता है और आउटपुट पर वोल्टेज मिलता है (लॉजिक 1)। यदि दोनों स्विच खुले (OFF) हैं, तो आउटपुट 0 होता है।
21. हिरारकीकल इन्हेरीटेन्स को प्रारूप के द्वारा समझाइए।
Explain Hierarchical inheritance with the help of structure.
हिरारकीकल इन्हेरीटेन्स (Hierarchical Inheritance): इसमें एक बेस क्लास (Base Class) से एक से अधिक डिराइव्ड क्लास (Derived Classes) बनाई जाती हैं। यह एक-से-अनेक (one-to-many) संबंध है।
प्रारूप (Structure):
Base Class
/ | \
/ | \
Derived1 Derived2 Derived3
उदाहरण: एक Animal नामक बेस क्लास से Dog, Cat, और Bird जैसी डिराइव्ड क्लास बनाई जा सकती हैं। सभी डिराइव्ड क्लास बेस क्लास के गुणों (properties) और विधियों (methods) को प्राप्त करती हैं।
22. की-वर्डस क्या होते हैं ? किन्हीं दो को समझाइए।
What are key words ? Explain any two keywords.
की-वर्डस (Keywords): ये वे आरक्षित शब्द (reserved words) होते हैं जिनका प्रोग्रामिंग भाषा में पूर्वनिर्धारित अर्थ होता है। इन्हें वेरिएबल या फंक्शन के नाम के रूप में उपयोग नहीं किया जा सकता।
दो की-वर्डस का विवरण:
- int: इसका उपयोग पूर्णांक (integer) डेटा टाइप को घोषित करने के लिए किया जाता है। जैसे:
int age = 18; - if: इसका उपयोग निर्णय लेने (decision making) के लिए किया जाता है। यह किसी शर्त (condition) के सत्य या असत्य होने पर कोड ब्लॉक को निष्पादित करता है। जैसे:
if (x > 0) { ... }
23. प्रविष्टि छांट की विधि समझाइए।
Explain Insertion sort technique.
प्रविष्टि छांट (Insertion Sort): यह एक सरल सॉर्टिंग एल्गोरिथम है जो ताश के पत्तों को व्यवस्थित करने की तरह काम करता है। इसमें एरे के प्रत्येक तत्व को उसके सही स्थान पर डाला जाता है।
विधि (Steps):
- पहले तत्व को सॉर्टेड मान लें।
- अगले तत्व को उठाएं और उसकी तुलना सॉर्टेड भाग के तत्वों से करें।
- तत्व को सही स्थान पर डालने के लिए बड़े तत्वों को एक स्थान दाईं ओर खिसकाएं।
- इस प्रक्रिया को तब तक दोहराएं जब तक सभी तत्व सॉर्ट न हो जाएं।
उदाहरण: एरे [5, 2, 4, 6, 1, 3] को सॉर्ट करने पर: पहले 5, फिर 2 को 5 से पहले डालें, फिर 4 को 2 और 5 के बीच, आदि। अंतिम सॉर्टेड एरे [1, 2, 3, 4, 5, 6] होगा।
24. एंटीटी रिलेशनशीप डाटा मॉडल को समझाइए।
Explain entity relationship data models.
एंटीटी रिलेशनशीप डाटा मॉडल (Entity Relationship Data Model - ER Model): यह एक उच्च-स्तरीय डेटा मॉडल है जो डेटाबेस की संरचना को ग्राफिकल रूप में दर्शाता है। इसमें तीन मुख्य घटक होते हैं:
- एंटीटी (Entity): कोई वास्तविक दुनिया की वस्तु या अवधारणा (जैसे: छात्र, कर्मचारी)।
- एट्रीब्यूट (Attribute): एंटीटी के गुण (जैसे: नाम, आयु, पता)।
- रिलेशनशीप (Relationship): दो या अधिक एंटीटी के बीच संबंध (जैसे: एक छात्र एक कोर्स में नामांकित है)।
उदाहरण: एक ER डायग्राम में "Student" एंटीटी में "RollNo", "Name" एट्रीब्यूट होंगे, और "Enrolls" रिलेशनशीप Student को Course से जोड़ेगा।
खण्ड -स (Part - C)
25. C++ में स्टेक पर तत्वों के जोड़ने का प्रोग्राम बनाइए।
Write a program in C++ for addition of elements in stack.
स्टेक (Stack): स्टेक एक LIFO (Last In First Out) डेटा संरचना है। इसमें तत्वों को जोड़ने की क्रिया को push कहते हैं।
#include <iostream>
using namespace std;
#define MAX 5
class Stack {
int top;
int arr[MAX];
public:
Stack() { top = -1; }
void push(int value) {
if (top >= MAX - 1) {
cout << "Stack Overflow!" << endl;
} else {
top++;
arr[top] = value;
cout << value << " pushed to stack." << endl;
}
}
};
int main() {
Stack s;
s.push(10);
s.push(20);
s.push(30);
return 0;
}
आउटपुट:
10 pushed to stack. 20 pushed to stack. 30 pushed to stack.
26. विभिन्न प्रकार के ट्रांसमिशन मीडिया को समझाइए।
Explain different types of transmission media.
ट्रांसमिशन मीडिया (Transmission Media): ये वे भौतिक मार्ग हैं जिनके माध्यम से डेटा एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस तक प्रेषित होता है। इन्हें दो मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है:
1. गाइडेड मीडिया (Guided Media) - तारयुक्त:
- ट्विस्टेड पेयर केबल (Twisted Pair Cable): दो इंसुलेटेड तांबे के तार एक-दूसरे के चारों ओर मुड़े होते हैं। टेलीफोन लाइनों में उपयोग होता है।
- कोएक्सियल केबल (Coaxial Cable): एक केंद्रीय तांबे का तार, इंसुलेटर, धातु की ढाल और बाहरी आवरण से बना होता है। केबल टीवी में उपयोग होता है।
- फाइबर ऑप्टिक केबल (Fiber Optic Cable): प्रकाश के रूप में डेटा संचारित करता है। उच्च गति और लंबी दूरी के लिए उपयुक्त।
2. अनगाइडेड मीडिया (Unguided Media) - वायरलेस:
- रेडियो तरंगें (Radio Waves): सर्वदिशात्मक (omnidirectional), AM/FM रेडियो, वाई-फाई में उपयोग।
- माइक्रोवेव (Microwaves): दिशात्मक (directional), उपग्रह संचार और रडार में उपयोग।
- इन्फ्रारेड (Infrared): कम दूरी, रिमोट कंट्रोल में उपयोग।
27. स्कोप रिसोल्यूशन ऑपरेटर क्या है? : : क्लास स्कोप ऑपरेटर को उदाहरण सहित समझाइए।
What is scope resolution operator? Explain : : Class scope operator with example.
स्कोप रिसोल्यूशन ऑपरेटर (::) C++ में एक विशेष ऑपरेटर है जो किसी वेरिएबल या फंक्शन के स्कोप को निर्धारित करता है। इसका उपयोग मुख्यतः क्लास के सदस्यों (मेम्बर्स) को परिभाषित करने या एक्सेस करने के लिए किया जाता है।
क्लास स्कोप ऑपरेटर (::) का उपयोग क्लास के बाहर उसके सदस्य फंक्शन को परिभाषित करने के लिए किया जाता है।
उदाहरण:
class Student {
public:
void display(); // फंक्शन डिक्लेरेशन
};
// क्लास के बाहर फंक्शन डेफिनिशन
void Student::display() {
cout << "Hello, Student!";
}
यहाँ :: ऑपरेटर बताता है कि display() फंक्शन Student क्लास का सदस्य है।
28. C++ में एकविमीय ऐरे में डाले गए मानों में से किसी एक मान को खोजने का प्रोग्राम लिखें।
Write a program in C++ for searching of the element in one dimensional array.
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
int arr[100], n, key, i;
bool found = false;
cout << "एरे का आकार दर्ज करें: ";
cin >> n;
cout << "एरे के तत्व दर्ज करें: ";
for(i = 0; i < n; i++) {
cin >> arr[i];
}
cout << "खोजने के लिए तत्व दर्ज करें: ";
cin >> key;
for(i = 0; i < n; i++) {
if(arr[i] == key) {
found = true;
break;
}
}
if(found) {
cout << "तत्व " << key << " स्थान " << i+1 << " पर पाया गया।";
} else {
cout << "तत्व नहीं मिला।";
}
return 0;
}
अथवा / OR
द्विविमीय ऐरे का C++ में संख्यांक मान वाले ऐरे के योग का प्रोग्राम लिखिए जिसमें ऐरे a[4][4], b[4][4] हो।
Write a program in C++ to add two dimensional array of size a[4][4], b[4][4].
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
int a[4][4], b[4][4], sum[4][4];
int i, j;
cout << "पहले ऐरे के तत्व दर्ज करें (4x4):\n";
for(i = 0; i < 4; i++) {
for(j = 0; j < 4; j++) {
cin >> a[i][j];
}
}
cout << "दूसरे ऐरे के तत्व दर्ज करें (4x4):\n";
for(i = 0; i < 4; i++) {
for(j = 0; j < 4; j++) {
cin >> b[i][j];
}
}
// दोनों ऐरे का योग
for(i = 0; i < 4; i++) {
for(j = 0; j < 4; j++) {
sum[i][j] = a[i][j] + b[i][j];
}
}
cout << "योग ऐरे:\n";
for(i = 0; i < 4; i++) {
for(j = 0; j < 4; j++) {
cout << sum[i][j] << " ";
}
cout << "\n";
}
return 0;
}
29. Do-While लूप की सहायता से C++ में A से Z तक प्रिंट करने का प्रोग्राम बनाइए।
Write a program in C++ to print A to Z using Do-While loop.
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
char ch = 'A';
do {
cout << ch << " ";
ch++;
} while(ch <= 'Z');
return 0;
}
अथवा / OR
While लूप की सहायता से C++ में फैक्टोरियल का प्रोग्राम लिखिए।
Write a program in C++ for factorial using While loop.
#include <iostream>
using namespace std;
int main() {
int n, fact = 1, i = 1;
cout << "एक संख्या दर्ज करें: ";
cin >> n;
while(i <= n) {
fact *= i;
i++;
}
cout << n << " का फैक्टोरियल = " << fact;
return 0;
}
30. विभिन्न प्रकार के नेटवर्क को चित्र सहित समझाइए।
Explain different types of networks with diagram.
नेटवर्क के प्रकार (Types of Networks):
कंप्यूटर नेटवर्क को उनके भौगोलिक क्षेत्र के आधार पर मुख्यतः तीन प्रकारों में बांटा गया है:
- LAN (Local Area Network) – स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क: यह एक छोटे भौगोलिक क्षेत्र जैसे कार्यालय, भवन या स्कूल में कंप्यूटरों को जोड़ता है। इसकी डेटा स्थानांतरण गति बहुत अधिक (10 Mbps से 10 Gbps) होती है।
- MAN (Metropolitan Area Network) – नगरीय क्षेत्र नेटवर्क: यह एक शहर या महानगर में फैला होता है। यह LAN से बड़ा और WAN से छोटा होता है। उदाहरण: केबल टीवी नेटवर्क।
- WAN (Wide Area Network) – विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क: यह बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र (देशों या महाद्वीपों) में फैला होता है। इंटरनेट WAN का सबसे बड़ा उदाहरण है।
चित्र (Diagram):
LAN (भवन/कार्यालय)
+--------+ +--------+ +--------+
| PC 1 |-----| PC 2 |-----| PC 3 |
+--------+ +--------+ +--------+
|
[स्विच/हब]
|
[राउटर] ----------- MAN (शहर) ----------- [राउटर]
|
WAN (इंटरनेट)
|
[दूरस्थ सर्वर]
अथवा / OR
TCP/IP से आप क्या समझते हैं ? TCP/IP की कार्यप्रणाली समझाइए।
What do you mean by TCP/IP ? Explain the working of TCP/IP.
TCP/IP (Transmission Control Protocol/Internet Protocol):
TCP/IP एक प्रोटोकॉल सूट (प्रोटोकॉलों का समूह) है जिसका उपयोग इंटरनेट और अन्य नेटवर्कों पर डेटा संचार के लिए किया जाता है। यह दो मुख्य प्रोटोकॉल का संयोजन है:
- TCP (Transmission Control Protocol): यह डेटा को छोटे-छोटे पैकेटों में विभाजित करता है, उन्हें सही क्रम में भेजता है, और यह सुनिश्चित करता है कि सभी पैकेट बिना त्रुटि के गंतव्य तक पहुंचें। यह कनेक्शन-ओरिएंटेड प्रोटोकॉल है।
- IP (Internet Protocol): यह प्रत्येक पैकेट को गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रूटिंग (पथ निर्धारण) का कार्य करता है। यह पैकेट में स्रोत और गंतव्य का IP पता जोड़ता है।
कार्यप्रणाली (Working of TCP/IP):
- डेटा विभाजन (Segmentation): TCP भेजे जाने वाले डेटा को छोटे पैकेटों में विभाजित करता है और प्रत्येक पैकेट को एक अनुक्रम संख्या (sequence number) प्रदान करता है।
- पैकेटिंग (Packetization): IP प्रत्येक पैकेट में स्रोत और गंतव्य का IP पता जोड़ता है, जिससे पैकेट को सही गंतव्य तक रूट किया जा सके।
- रूटिंग (Routing): पैकेट नेटवर्क में विभिन्न राउटरों के माध्यम से यात्रा करते हैं। प्रत्येक राउटर IP पते के आधार पर पैकेट को अगले सबसे उपयुक्त राउटर की ओर भेजता है।
- पुनःसंयोजन (Reassembly): गंतव्य पर TCP सभी पैकेटों को प्राप्त करता है, उन्हें अनुक्रम संख्या के अनुसार क्रमबद्ध करता है, और मूल डेटा को पुनः बनाता है। यदि कोई पैकेट खो जाता है, तो TCP उसे पुनः भेजने का अनुरोध करता है।
- त्रुटि जांच (Error Checking): TCP चेकसम (checksum) का उपयोग करके यह सुनिश्चित करता है कि डेटा में कोई त्रुटि तो नहीं है।
TCP/IP मॉडल की चार परतें (Four Layers of TCP/IP Model):
| परत (Layer) | कार्य (Function) | प्रोटोकॉल (Protocols) |
|---|---|---|
| एप्लिकेशन (Application) | उपयोगकर्ता अनुप्रयोगों को सेवा प्रदान करना | HTTP, FTP, SMTP, DNS |
| ट्रांसपोर्ट (Transport) | डेटा की विश्वसनीय डिलीवरी सुनिश्चित करना | TCP, UDP |
| इंटरनेट (Internet) | पैकेट रूटिंग और एड्रेसिंग | IP, ICMP, ARP |
| नेटवर्क एक्सेस (Network Access) | भौतिक मीडिया पर डेटा भेजना/प्राप्त करना | Ethernet, Wi-Fi |