RBSE Class 12th 2015 Home Science-SS-18-2015 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2015 |
| Subject | Home Science-SS-18-2015 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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Rajasthan Board Class 12th Home Science-SS-18-2015 2015 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2015
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2015
गृहविज्ञान
HOME SCIENCE
समय : 3 घण्टे पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें ।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं ।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें ।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें ।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्नपत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार को त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
No. of Questions — 30 No. of Printed Pages — 7
55-7-9---म्0776 Science SS -608 [ Turn over
खण्ड - अ / SECTION - A
1. दंत क्षय क्या है ?
What is Dental caries?
दंत क्षय (Dental caries) दांतों के कठोर ऊतकों (इनेमल, डेंटिन) का एक रोग है, जो मुंह में उपस्थित बैक्टीरिया (मुख्यतः स्ट्रेप्टोकोकस म्यूटन्स) द्वारा शर्करा के किण्वन से उत्पन्न अम्ल के कारण दांतों में छिद्र या सड़न पैदा करता है। इसे आमतौर पर दांतों में कीड़ा लगना भी कहा जाता है।
2. हैजे के लिए जिम्मेदार जीवाणु का नाम लिखिए।
Write the name of bacteria responsible for cholera.
हैजा के लिए जिम्मेदार जीवाणु का नाम विब्रियो कॉलेरी (Vibrio cholerae) है।
3. मानसिक आय को परिभाषित कीजिए।
Define Psychic Income.
मानसिक आय (Psychic Income) से तात्पर्य उन अमूर्त लाभों से है जो किसी कार्य या सेवा से प्राप्त होते हैं, जैसे संतोष, आनंद, मानसिक शांति, आत्म-सम्मान या सुरक्षा की भावना। यह आर्थिक आय के विपरीत, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक संतुष्टि को दर्शाता है।
4. गामक विकास से क्या तात्पर्य है ?
What do you mean by Motor Development?
गामक विकास (Motor Development) से तात्पर्य शारीरिक गतिविधियों और गति कौशलों के क्रमिक विकास से है। इसमें बड़ी मांसपेशियों (जैसे चलना, दौड़ना) और छोटी मांसपेशियों (जैसे लिखना, चित्र बनाना) के नियंत्रण एवं समन्वय में सुधार शामिल है। यह शैशवावस्था से वयस्कता तक एक निश्चित क्रम में होता है।
5. दीर्घकालीन ज्वर से आप क्या समझते हैं ?
What do you understand by continued fever?
दीर्घकालीन ज्वर (Continued Fever): यह एक प्रकार का बुखार है जिसमें शरीर का तापमान लगातार कई दिनों तक सामान्य से ऊपर बना रहता है और इसमें तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव नहीं होता। इसमें सुबह और शाम के तापमान में 1°C से कम का अंतर होता है। यह टाइफॉइड, निमोनिया, टाइफस जैसे रोगों में देखा जाता है।
Continued fever: It is a type of fever where body temperature remains persistently elevated above normal for several days, with minimal fluctuation (less than 1°C difference between morning and evening). It is commonly seen in diseases like typhoid, pneumonia, and typhus.
6. रोगप्रतिरोधक क्षमता क्या है ?
What is Immunity?
रोगप्रतिरोधक क्षमता (Immunity): यह शरीर की वह क्षमता है जिसके द्वारा वह रोगजनक सूक्ष्मजीवों (जैसे बैक्टीरिया, वायरस) और विषाक्त पदार्थों से अपनी रक्षा करता है। यह दो प्रकार की होती है: (1) जन्मजात या स्वाभाविक प्रतिरोधक क्षमता, और (2) अर्जित प्रतिरोधक क्षमता (जो संक्रमण या टीकाकरण से प्राप्त होती है)।
Immunity: It is the body's ability to defend itself against disease-causing microorganisms (like bacteria, viruses) and toxic substances. It is of two types: (1) Innate or natural immunity, and (2) Acquired immunity (obtained through infection or vaccination).
7. जन्म के समय नवजात का औसत वजन कितना होता है ?
What is the average weight of a neonate at the time of birth?
उत्तर: जन्म के समय एक स्वस्थ नवजात शिशु का औसत वजन लगभग 2.5 से 3.5 किलोग्राम (2500 से 3500 ग्राम) होता है। सामान्यतः इसे 2.8 से 3.2 किलोग्राम माना जाता है।
Answer: The average weight of a healthy neonate at birth is approximately 2.5 to 3.5 kilograms (2500 to 3500 grams). Typically, it is considered to be between 2.8 to 3.2 kg.
8. नैतिक विकास से आप क्या समझते हैं ?
What do you understand by Moral development?
नैतिक विकास (Moral development): यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चे सही और गलत, अच्छे और बुरे के बीच अंतर करना सीखते हैं तथा सामाजिक नियमों और मूल्यों को आत्मसात करते हैं। इसमें नैतिक तर्क, नैतिक भावनाएँ (जैसे अपराधबोध, सहानुभूति) और नैतिक व्यवहार शामिल हैं। पियाजे और कोहलबर्ग ने इसके सिद्धांत दिए हैं।
Moral development: It is the process through which children learn to distinguish between right and wrong, good and bad, and internalize social rules and values. It includes moral reasoning, moral emotions (like guilt, empathy), and moral behavior. Theories have been given by Piaget and Kohlberg.
9. गर्भावस्था में कौन-सा टीका लगाया जाता है ?
Which vaccination is given during pregnancy?
उत्तर: गर्भावस्था में टिटनेस का टीका (Tetanus Toxoid - TT) लगाया जाता है। यह माँ और नवजात को टिटनेस से बचाने के लिए दिया जाता है। पहली खुराक गर्भावस्था के 16-24 सप्ताह में और दूसरी खुराक 4 सप्ताह के अंतराल पर दी जाती है।
Answer: Tetanus Toxoid (TT) vaccine is given during pregnancy. It protects both the mother and the newborn from tetanus. The first dose is given at 16-24 weeks of pregnancy, and the second dose after an interval of 4 weeks.
10. आवर्ती जमा योजना क्या है ?
What is Recurring deposit scheme?
आवर्ती जमा योजना (Recurring Deposit Scheme): यह एक बचत योजना है जिसमें एक निश्चित राशि प्रत्येक माह (नियमित रूप से) एक निश्चित अवधि के लिए बैंक या डाकघर में जमा की जाती है। अवधि पूरी होने पर मूलधन और ब्याज सहित एकमुश्त राशि प्राप्त होती है। यह छोटी बचत को प्रोत्साहित करती है।
Recurring Deposit Scheme: It is a savings scheme where a fixed amount is deposited regularly every month for a fixed period in a bank or post office. On maturity, the depositor receives the total amount along with interest. It encourages small savings.
11. बालकों में स्थायी दांतों की कुल संख्या लिखिए |
Write down the numbers of permanent teeth in children.
उत्तर: बालकों (मनुष्यों) में स्थायी दांतों की कुल संख्या 32 होती है। इनमें 8 कृन्तक (incisors), 4 रदनक (canines), 8 अग्रचर्वणक (premolars) और 12 चर्वणक (molars) शामिल होते हैं।
Answer: The total number of permanent teeth in humans (children/adults) is 32. These include 8 incisors, 4 canines, 8 premolars, and 12 molars.
12. पूर्णतया अंधे बालकों को किस विधि से शिक्षा दी जाती है ?
Which method is used to teach totally blind children?
उत्तर: पूर्णतया अंधे बालकों को ब्रेल लिपि (Braille script) के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। यह एक स्पर्श-आधारित लेखन प्रणाली है जिसमें उभरे हुए बिंदुओं का उपयोग किया जाता है, जिसे बच्चे अपनी उंगलियों से पढ़ते हैं।
Answer: Totally blind children are taught using the Braille script. It is a tactile writing system using raised dots that children read with their fingers.
13. मंदबुद्धि बालक से आप क्या समझते हैं ?
What do you understand by mentally retarded child?
मंदबुद्धि बालक (Mentally retarded child): यह वह बालक है जिसकी बौद्धिक क्षमता (IQ) सामान्य से काफी कम होती है (सामान्यतः 70 से कम) और जिसमें अनुकूली व्यवहार (दैनिक जीवन कौशल, संचार, सामाजिक कौशल) में भी कमी पाई जाती है। यह स्थिति विकास काल (18 वर्ष से पहले) में प्रकट होती है। इसे बौद्धिक अक्षमता भी कहते हैं।
Mentally retarded child: A child with significantly below-average intellectual functioning (IQ typically below 70) along with deficits in adaptive behavior (daily living skills, communication, social skills). This condition manifests during the developmental period (before age 18). It is also called intellectual disability.
खण्ड - ब
SECTION - B
-
आपातिक मिलावट को उदाहरण देते हुए समझाइए।
Explain incidental / accidental adulteration by giving example.
उत्तर: आपातिक मिलावट वह मिलावट है जो अनजाने में या दुर्घटनावश भोजन में मिल जाती है। यह जानबूझकर नहीं की जाती।
उदाहरण: अनाज में कीड़े लगना, दूध में गंदगी गिर जाना, या मसालों में धूल-मिट्टी मिल जाना।
-
वस्त्रों के चयन को फैशन कैसे प्रभावित करता है?
How does fashion affect the selection of garments?
उत्तर: फैशन वस्त्रों के चयन को निम्न प्रकार प्रभावित करता है:
- लोग वर्तमान चलन के अनुसार कपड़े चुनते हैं।
- रंग, डिज़ाइन और कपड़े के प्रकार का चयन फैशन के अनुसार होता है।
- फैशन के कारण लोग नए और आधुनिक वस्त्रों को प्राथमिकता देते हैं।
- मौसमी फैशन के अनुसार वस्त्रों का चयन बदलता रहता है।
-
निर्जलीकरण क्या है? ओ.आर.एस. बनाने की विधि लिखिए।
What is dehydration? Write the method of preparation of O.R.S.
उत्तर:
निर्जलीकरण: शरीर से अत्यधिक मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का निकल जाना निर्जलीकरण कहलाता है। यह दस्त, उल्टी या अधिक पसीने के कारण होता है।
ओ.आर.एस. बनाने की विधि:
- एक लीटर साफ पानी लें।
- इसमें 6 चम्मच चीनी (लगभग 20 ग्राम) और आधा चम्मच नमक (लगभग 3.5 ग्राम) मिलाएं।
- अच्छी तरह घोलें जब तक चीनी और नमक पूरी तरह घुल न जाए।
- इस घोल को साफ बर्तन में रखें और उपयोग करें।
-
खाद्य स्वच्छता के बारे में लिखिए।
Write about the food hygiene.
उत्तर: खाद्य स्वच्छता का अर्थ है भोजन को साफ-सुथरा और स्वास्थ्यवर्धक रखना। इसमें निम्न बातें शामिल हैं:
- भोजन बनाने से पहले हाथ धोना।
- साफ बर्तनों का उपयोग करना।
- भोजन को ढककर रखना।
- ताजे और साफ सामग्री का उपयोग करना।
- भोजन को उचित तापमान पर रखना।
-
स्वरोजगार स्थापित करने के क्या लाभ हैं? (कोई 4)
What are the benefits of establishing Self Employment? (any 4)
उत्तर: स्वरोजगार के लाभ:
- आर्थिक स्वतंत्रता मिलती है।
- अपने निर्णय स्वयं ले सकते हैं।
- समय का लचीलापन होता है।
- अधिक आय की संभावना होती है।
-
ट्रेसिंग व्हील का सचित्र वर्णन कीजिए।
Describe Tracing Wheel with diagram.
उत्तर: ट्रेसिंग व्हील एक सिलाई उपकरण है जिसका उपयोग पैटर्न को कपड़े पर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।
विवरण: इसमें एक हैंडल और एक पहिया होता है जिसमें छोटे-छोटे दांत होते हैं। इसका उपयोग कार्बन पेपर के साथ किया जाता है।
(चित्र: एक हैंडल और दांतेदार पहिया दिखाने वाला सरल रेखाचित्र)
┌──────┐ │ │ │ ⚙️ │ ← दांतेदार पहिया │ │ └──┬───┘ │ │ ← हैंडल │
20. उपभोक्ता को उपभोक्ता सहायता की आवश्यकता क्यों पड़ती है ?
Why does consumer need to take the consumer aids ?
उत्तर: उपभोक्ता को उपभोक्ता सहायता की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से पड़ती है:
- बाजार में मिलावटी और घटिया वस्तुओं की पहचान करने के लिए।
- अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक होने के लिए।
- अनुचित व्यापार प्रथाओं और धोखाधड़ी से बचाव के लिए।
- गुणवत्ता और मूल्य के अनुसार सही वस्तु का चयन करने के लिए।
- शिकायत निवारण और कानूनी सहायता प्राप्त करने के लिए।
21. एक शिक्षित उपभोक्ता के किन्हीं 4 लक्षणों का वर्णन करें।
Write any four qualities of an educated consumer.
उत्तर: एक शिक्षित उपभोक्ता के चार प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- जागरूकता: वह अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति पूरी तरह जागरूक होता है।
- तुलनात्मक ज्ञान: वह विभिन्न वस्तुओं की गुणवत्ता, मूल्य और मात्रा की तुलना करके ही खरीदारी करता है।
- सतर्कता: वह मिलावट, घटिया वस्तुओं और धोखाधड़ी से सावधान रहता है।
- जिम्मेदारी: वह अपनी शिकायतों को उचित मंच पर दर्ज कराता है और दूसरों को भी जागरूक करता है।
22. डिजाइन के सिद्धांत के अन्तर्गत निम्न बिंदु समझाइए:
(अ) संतुलन (ब) अनुपात।
Explain the following points of principles of design: (a) Balance (b) Proportion.
उत्तर:
(अ) संतुलन (Balance): संतुलन डिजाइन का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है जो किसी वस्तु या पोशाक में दृश्य भार के समान वितरण को दर्शाता है। यह दो प्रकार का होता है:
- सममित संतुलन: इसमें दोनों ओर समान आकार, रंग और बनावट होती है, जैसे साड़ी के दोनों किनारों पर समान डिजाइन।
- असममित संतुलन: इसमें दोनों ओर भिन्न तत्व होते हैं लेकिन दृश्य भार समान रहता है, जैसे एक तरफ बड़ा बटन और दूसरी तरफ छोटे बटनों का समूह।
(ब) अनुपात (Proportion): अनुपात डिजाइन के विभिन्न भागों के बीच आकार, मात्रा और स्थान के संबंध को दर्शाता है। यह सुनिश्चित करता है कि डिजाइन के सभी तत्व एक-दूसरे के साथ सामंजस्य में हों। उदाहरण के लिए, किसी पोशाक में कॉलर, आस्तीन और शरीर के भागों का आकार एक-दूसरे के अनुपात में होना चाहिए।
23. पारिवारिक बजट के विभिन्न प्रकारों के नाम बताते हुए आदर्श बजट को समझाइए।
Write the names of different types of Budget. Explain Ideal Budget.
उत्तर: पारिवारिक बजट के विभिन्न प्रकार निम्नलिखित हैं:
- संतुलित बजट: जिसमें आय और व्यय बराबर होते हैं।
- अधिशेष बजट: जिसमें आय व्यय से अधिक होती है।
- घाटे का बजट: जिसमें व्यय आय से अधिक होता है।
- लचीला बजट: जिसमें आवश्यकतानुसार व्यय में परिवर्तन किया जा सकता है।
- स्थिर बजट: जिसमें व्यय की निश्चित सीमा होती है।
आदर्श बजट (Ideal Budget): आदर्श बजट वह होता है जो परिवार की सभी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बनाया जाता है। इसमें निम्नलिखित विशेषताएं होती हैं:
- यह यथार्थवादी और व्यावहारिक होता है।
- इसमें सभी सदस्यों की भागीदारी होती है।
- यह लचीला होता है और आपात स्थितियों के लिए बचत का प्रावधान करता है।
- यह परिवार के लक्ष्यों और प्राथमिकताओं के अनुरूप होता है।
- इसमें आय और व्यय का स्पष्ट लेखा-जोखा रखा जाता है।
24. पोशाक की परिसज्जा आप कैसे करेंगी?
How will you finish the garment?
उत्तर: पोशाक की परिसज्जा (फिनिशिंग) निम्नलिखित चरणों में की जाती है:
- सीवन की फिनिशिंग: सभी सीवनों को ओवरलॉक या फ्रेंच सीम से साफ किया जाता है ताकि कपड़ा फटे नहीं।
- हेमिंग: पोशाक के निचले किनारे, आस्तीन और कॉलर को मोड़कर सिलाई की जाती है।
- बटन और बटनहोल: बटनहोल को मजबूती से सिला जाता है और बटन लगाए जाते हैं।
- प्रेसिंग: पूरी पोशाक को इस्त्री करके सिलवटों को हटाया जाता है और उसे आकार दिया जाता है।
- अंतिम जांच: सभी सीवन, बटन और जिपर की जांच की जाती है और किसी भी ढीले धागे को काटा जाता है।
खण्ड - स
SECTION - C
25. आई० सी० डी० एस० के उद्देश्य बताइए ।
Write down the objectives of ICDS. [3]
उत्तर: आई० सी० डी० एस० (एकीकृत बाल विकास सेवाएँ) के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- 0-6 वर्ष के बच्चों के पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर में सुधार लाना।
- बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास के लिए आवश्यक आधार तैयार करना।
- कुपोषण, रुग्णता, मृत्यु दर एवं शिक्षा छोड़ने की दर को कम करना।
- माताओं एवं बच्चों के बीच स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना।
- गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पूरक पोषण प्रदान करना।
26. बचत एवं विनियोग में क्या अन्तर है ? उचित उदाहरण द्वारा समझाइए ।
What is the difference between savings and investment ? Explain with appropriate example. [3]
उत्तर: बचत और विनियोग में निम्नलिखित अंतर हैं:
| क्र. | बचत (Savings) | विनियोग (Investment) |
|---|---|---|
| 1. | आय का वह भाग जो खर्च न करके रख लिया जाए, बचत कहलाता है। | बचत को ऐसी परिसंपत्तियों में लगाना जिनसे भविष्य में आय या लाभ प्राप्त हो, विनियोग कहलाता है। |
| 2. | बचत में जोखिम नहीं होता या बहुत कम होता है। | विनियोग में जोखिम अधिक हो सकता है (जैसे शेयर बाजार)। |
| 3. | बचत पर ब्याज दर कम होती है (जैसे बैंक खाता)। | विनियोग पर प्रतिफल अधिक हो सकता है (जैसे म्यूचुअल फंड)। |
| 4. | उदाहरण: ₹1000 बचत खाते में रखना। | उदाहरण: ₹1000 का शेयर खरीदना या सावधि जमा करना। |
27. उपभोक्ता की निम्न समस्याओं को उदाहरण सहित समझाइये :
(i) नकली माल
(ii) अनावश्यक क्रय
(iii) भ्रामक विज्ञापन
Describe the following problems of consumer with example :
(i) Imitated goods
(ii) Unnecessary purchase
(iii) Misleading advertisement. [1+1+1=3]
उत्तर:
- नकली माल (Imitated goods): जब बाजार में किसी प्रसिद्ध ब्रांड के नाम पर घटिया या नकली उत्पाद बेचे जाते हैं।
उदाहरण: किसी प्रसिद्ध कंपनी के साबुन की नकल करके उसी जैसी पैकेजिंग में सस्ता व घटिया साबुन बेचना। - अनावश्यक क्रय (Unnecessary purchase): जब उपभोक्ता विज्ञापन या सेल के लालच में आकर ऐसी वस्तु खरीद लेता है जिसकी उसे वास्तव में आवश्यकता नहीं होती।
उदाहरण: 50% छूट देखकर एक अतिरिक्त मिक्सर खरीद लेना जबकि घर पर पहले से एक मिक्सर मौजूद है। - भ्रामक विज्ञापन (Misleading advertisement): जब विज्ञापन में उत्पाद के बारे में झूठे या अतिरंजित दावे किए जाते हैं।
उदाहरण: एक फेस क्रीम का विज्ञापन यह दावा करना कि यह 7 दिनों में त्वचा को गोरा कर देगी, जबकि वास्तव में ऐसा नहीं होता।
28. ऊनी और रेशमी वस्त्रों का संग्रहण आप किस प्रकार करेंगे ? वर्णन कीजिए ।
How will you store woolen and silken clothes ? Explain.
ऊनी वस्त्रों का संग्रहण:
- साफ करके, अच्छी तरह सुखाकर रखें।
- कीटनाशक (नेफ्थलीन या कपूर) के गोले रखें।
- हवादार कपड़े की थैली या प्लास्टिक कंटेनर में रखें।
- नमी से बचाएं, सीधी धूप में न सुखाएं।
रेशमी वस्त्रों का संग्रहण:
- साफ और सूखे होने पर ही रखें।
- मुलायम कपड़े में लपेटकर रखें।
- प्लास्टिक कवर का उपयोग न करें, सूती कपड़े का प्रयोग करें।
- कीटनाशक का प्रयोग करें, लेकिन सीधे संपर्क से बचाएं।
- ठंडी, सूखी और अंधेरी जगह पर रखें।
29. सुरक्षित पेयजल विषय पर निबन्ध लिखिए ।
Write an essay on safe drinking water.
सुरक्षित पेयजल पर निबंध:
सुरक्षित पेयजल मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह जल जीवाणु, विषाणु, रासायनिक प्रदूषकों और अन्य हानिकारक तत्वों से मुक्त होता है।
महत्व: सुरक्षित जल पीने से जलजनित रोगों (जैसे हैजा, टाइफाइड, पेचिश) से बचाव होता है। यह शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, पाचन में सहायता करता है और त्वचा को स्वस्थ रखता है।
जल शुद्धिकरण के तरीके:
- उबालना: कम से कम 10 मिनट तक उबालने से अधिकांश जीवाणु मर जाते हैं।
- क्लोरीनीकरण: क्लोरीन की गोलियां या तरल क्लोरीन मिलाकर जल को शुद्ध किया जाता है।
- फिल्टरेशन: रेत, चारकोल या सिरेमिक फिल्टर का उपयोग करके अशुद्धियां हटाई जाती हैं।
- सौर जल शोधन: पारदर्शी बोतल में पानी को धूप में रखकर कीटाणु नष्ट किए जाते हैं।
- आर.ओ. सिस्टम: रिवर्स ऑस्मोसिस तकनीक से रासायनिक अशुद्धियां हटाई जाती हैं।
सुझाव: जल को हमेशा ढककर रखें, बर्तन साफ रखें और जल स्रोतों को प्रदूषित होने से बचाएं। सुरक्षित पेयजल ही स्वस्थ जीवन का आधार है।
30. वृद्धावस्था में पौष्टिक आवश्यकताएँ समझाइए ।
Explain the nutritional requirements of old age.
वृद्धावस्था में पौष्टिक आवश्यकताएँ:
- कैलोरी: शारीरिक गतिविधि कम होने के कारण कैलोरी की आवश्यकता कम होती है, लेकिन पोषक तत्वों की मात्रा बनाए रखनी चाहिए।
- प्रोटीन: मांसपेशियों के क्षरण को रोकने के लिए पर्याप्त प्रोटीन (दालें, दूध, अंडे, मछली) आवश्यक है।
- कैल्शियम और विटामिन डी: हड्डियों को मजबूत रखने और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने के लिए दूध, दही, पनीर और धूप का सेवन जरूरी है।
- आयरन: एनीमिया से बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर, अनार का सेवन करें।
- फाइबर: कब्ज से बचने के लिए साबुत अनाज, फल और सब्जियां खाएं।
- विटामिन बी12: तंत्रिका तंत्र के स्वास्थ्य के लिए अंडे, मांस, दूध से प्राप्त करें।
- पानी: निर्जलीकरण से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- नमक और चीनी: उच्च रक्तचाप और मधुमेह से बचने के लिए सीमित मात्रा में लें।
अथवा
आहार आयोजन से आप क्या समझते हैं ? आहार आयोजन के सिद्धांतों को समझाइए ।
What do you understand by meal planning ? Explain the principles of meal planning.
आहार आयोजन: आहार आयोजन का अर्थ है परिवार के सभी सदस्यों की पोषण संबंधी आवश्यकताओं, पसंद, बजट और उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए भोजन की योजना बनाना।
आहार आयोजन के सिद्धांत:
- पोषण संतुलन: भोजन में सभी पोषक तत्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज) उचित मात्रा में हों।
- विविधता: भोजन में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल करें ताकि सभी पोषक तत्व मिल सकें।
- बजट: परिवार की आय के अनुसार खर्च करें, महंगे और सस्ते खाद्य पदार्थों का संतुलन रखें।
- मौसमी उपलब्धता: मौसमी फल और सब्जियां सस्ती और पौष्टिक होती हैं, उन्हें प्राथमिकता दें।
- पसंद और नापसंद: परिवार के सदस्यों की पसंद का ध्यान रखें ताकि भोजन बर्बाद न हो।
- समय और सुविधा: भोजन बनाने में लगने वाले समय और उपलब्ध रसोई उपकरणों का ध्यान रखें।
- स्वास्थ्य स्थिति: बीमारी, एलर्जी या विशेष आहार आवश्यकताओं (जैसे मधुमेह, उच्च रक्तचाप) को ध्यान में रखें।
- भोजन का आकर्षण: भोजन का रंग, स्वाद, बनावट और प्रस्तुति आकर्षक होनी चाहिए ताकि भूख बढ़े।