RBSE Class 12th 2015 Sindhi Sahitya-SS-23-2015 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2015
Subject Sindhi Sahitya-SS-23-2015
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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RBSE Class 12th 2015 Sindhi Sahitya-SS-23-2015

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Rajasthan Board Class 12th Sindhi Sahitya-SS-23-2015 2015 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2015

SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2015

SINDHI SAHITYA

समय : 3 घंटे     पूर्णांक : 80


नामांक (Roll No.) : ____________________

No. of Questions — 3    SS—23—Sindhi Sah.

No. of Printed Pages — 7


शागिर्दनि लाइ इम्तहान जा साधारण नियम :

  1. सुवाल करण ज़रूरी आहिनि।
  2. हरहिक सुवाल जे साम्हूं मार्कू डिलल आहिनि।

SS—23—Sindhi Sah.   SS-6023   [ Turn over ]

प्रश्न 1:

दिए गए गद्यांश को ध्यान से पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए:

तवारीखुनि पढ़ण करे माण्हू डाहो थिए थो। शहरनि पढ़ण करे माण्हू ख्याली ऐं समझू थिए थो। हिसाबी कम सिखण करे माण्हू पूरो ऐं समझू थिए थो। इल्म तबईअ पढ़ण करे माण्हू कामिलु ऐं ख्याली थिए थो। हिकमत पढ़ण करे माण्हू गंभीरू ऐं सिंजीदो थिए थो। मुन्तक पढ़ण करे माण्हू बहस करण में चालाकु ऐं होशियार थिए थो। मतलब त असां जे अकुल में कहिड़ो बि खललु या खराबी हूँदी हुई, त बि हिकिड़े न विए इल्म जे पढ़ण सां उनजे दूर करे सघिजे थो। जहिड़ीअ तरह बदनजे मर्जन खे हिकिड़ीअ न बीअ वर्जशि ऐं इस्तेमाल सां दूरी करे सघिजे थो।

(i) मथिएं टुकिरे जो सुहिणो सिरो लिखो।

उत्तर: इल्म जे पढ़ण जा फायदा (या) पढ़ण जे फायदा।

(ii) उन्हें ख्याल वारो माण्हू कडहि थिए ?

उत्तर: शहरनि पढ़ण करे माण्हू ख्याली ऐं समझू थिए थो।

(iii) मथिएं टुकिरे जो सारू लिखो।

उत्तर: इस गद्यांश का सार यह है कि विभिन्न प्रकार के ज्ञान (इतिहास, राजनीति, गणित, प्राकृतिक विज्ञान, नीति, तर्कशास्त्र) का अध्ययन मनुष्य को विभिन्न गुणों (ईर्ष्यालु, विचारशील, पूर्ण, कुशल, गंभीर, वाद-विवाद में चतुर) से युक्त बनाता है। अंत में यह बताया गया है कि जिस प्रकार शारीरिक व्यायाम से शरीर के रोग दूर होते हैं, उसी प्रकार ज्ञान के अध्ययन से मन की कमियाँ दूर होती हैं।

2. कंहिं fa हिक विषय ते मज़मून लिखो (अटिकल 200 अखरनि में):

  1. चुंड़िन जो जलबो
  2. सिंधी भाषा पढ़ण मां फायदा
  3. भारत में सफाई सिरश्तो
  4. जेकडहि मां प्रधानमंत्री हुजो हां ?

3. वेट जे पिता साहिब जी बदली बिए शहर में दुबण सबब स्कूल जे प्रिंसीपल खे टी. सी. (टी. सी.) डियण दरख्वास्त लिखो।

या

पंहिंजे दोस्त / साहिड़ीअ खे जन्म से जूं वाधायुनि जो ख़त लिखो।

4. दोहो छा खे चइबो आहे। परिभाषा डेई मिसाल लिखो।

दोहो: दोहो एक प्रकार का छंद है जिसमें दो पंक्तियाँ होती हैं। प्रत्येक पंक्ति में 24 मात्राएँ होती हैं (पहली पंक्ति में 13 और दूसरी में 11 मात्राएँ)। यह मुख्यतः हिंदी और सिंधी साहित्य में प्रयोग होता है।

मिसाल:

जो जन जन के काम आए, वही सच्चा इंसान।
दुखियों के दुख हरने वाला, करे सबका सम्मान।।

5. उपमा अलंकार छा खे चइबो आहें खोलें समझाए मिसाल लिखो।

उपमा अलंकार: उपमा अलंकार वह अलंकार है जिसमें दो वस्तुओं या व्यक्तियों के बीच समानता दिखाई जाती है। इसमें 'जैसे', 'सा', 'समान', 'न्याय' आदि शब्दों का प्रयोग होता है।

उदाहरण: "वह सूरज की तरह चमकता है।" यहाँ 'सूरज' और 'वह' के बीच समानता दिखाई गई है।

खोलें समझाए: उपमा अलंकार में चार अंग होते हैं: उपमेय (जिसकी तुलना की जाए), उपमान (जिससे तुलना की जाए), साधारण धर्म (समानता का गुण), और वाचक शब्द (जैसे, सा आदि)।

4

  1. هيٺين مان ڪنھن به ٽن پڇاڙين جا مختصر جواب لکو:

    1. 'ڪاش' سبق جي آڌار تي ٻڌايو ته ڪلھاڻيءَ جو ڪھڙو خواب پورو ٿيو؟

      جواب: 'ڪاش' سبق ۾ ڪلھاڻيءَ جو خواب هو ته هو پنهنجي پٽ کي پڙهائي لاءِ شهر موڪلي. آخرڪار هن جو اهو خواب پورو ٿيو ۽ سندس پٽ پڙهڻ لاءِ شهر ويو.

    2. جماعت راءِ جي پٽ جو نالو ڇا هو؟ ۽ اڳتي هلي ان جو نالو ڇا پيو؟

      جواب: جماعت راءِ جي پٽ جو نالو 'گوبند' هو. اڳتي هلي هو مشهور شاعر 'گوبند' جي نالي سان مشهور ٿيو.

    3. 'پھريون تجربو' سبق جي ليکڪا جي تجربي ۽ گوبند ۾ ڪھڙو فرق آيو؟

      جواب: ليکڪا جو تجربو هو ته هوءَ پنهنجي مڙس جي وفات کان پوءِ اڪيلي ٿي وئي، جڏهن ته گوبند جو تجربو هو ته هو پنهنجي زال جي وفات کان پوءِ اڪيلو ٿي ويو. ٻنهي جي تجربن ۾ فرق اهو هو ته ليکڪا پنهنجي تجربي کي برداشت ڪيو، جڏهن ته گوبند پنهنجي تجربي کي برداشت نه ڪري سگهيو.

    4. سماج جي سچي خدمت ڪھڙي آهي؟

      جواب: سماج جي سچي خدمت اها آهي جيڪا بنا ڪنهن مفاد جي، خلوص سان ۽ سماج جي ڀلائي لاءِ ڪئي وڃي. ان ۾ غريبن، بيواهن ۽ يتيمن جي مدد ڪرڻ، تعليم ۽ صحت جي سهولتون فراهم ڪرڻ شامل آهن.

    5. 'سوداگر' نظم ۾ شاعر ڪھڙو راز کوليو آهي؟

      جواب: 'سوداگر' نظم ۾ شاعر اهو راز کوليو آهي ته سوداگر پنهنجي مال کي وڪڻڻ لاءِ مختلف حيلا استعمال ڪندا آهن ۽ غريب ماڻهن کي ٺڳيندا آهن. شاعر انهن جي حرڪتن کي بي نقاب ڪيو آهي.

    6. 'غزل' ۾ 'ليک راج عزيز' ڪھڙي طرح چٽيو آهي؟

      جواب: 'غزل' ۾ 'ليک راج عزيز' پنهنجي محبوب جي حسن ۽ خوبصورتي کي بيان ڪيو آهي. هن پنهنجي غزل ۾ محبوب جي اکين، وارن ۽ چهري جي خوبصورتي کي چٽيو آهي.

    7. پھرين شاعر سچل سرمست بابت شاهه صاحب ڇا فرمايو هو؟

      جواب: شاهه صاحب سچل سرمست بابت فرمايو هو ته "سچل سرمست هڪ وڏو شاعر آهي، جنهن پنهنجي شاعري ۾ عشق ۽ معرفت جي ڳالهه ڪئي آهي."

    8. 'ٿا' ۾ نارائڻ شيام ڇا ٻڌايو آهي؟

      جواب: 'ٿا' ۾ نارائڻ شيام ٻڌايو آهي ته انسان کي پنهنجي زندگي ۾ هميشه خوش رهڻ گهرجي ۽ پريشانين کي نظرانداز ڪرڻ گهرجي.


7

  1. 'اڄو' ناول جي ادبي ڪٿ ڪريو.

    جواب: 'اڄو' ناول سنڌي ادب جو هڪ اهم ناول آهي، جيڪو سماجي ۽ ثقافتي مسئلن تي روشني وجهي ٿو. هن ناول ۾ ليکڪ اڄو جي زندگي ۽ جدوجهد کي بيان ڪيو آهي. ناول جي ادبي ڪٿ ۾ ان جي پلاٽ، ڪردارن، ۽ ٻولي جي خوبين تي بحث ڪيو ويندو آهي. هي ناول سنڌي ادب ۾ هڪ اهم مقام رکي ٿو.

  2. 'اڄو' ناول جي ڪردار 'مون' جو ڪردار نگاري ڪريو.

    جواب: 'اڄو' ناول ۾ 'مون' هڪ اهم ڪردار آهي. هو هڪ نوجوان آهي جيڪو پنهنجي زندگي ۾ مختلف مسئلن کي منهن ڏئي ٿو. هو محنتي، ايماندار ۽ پنهنجي خاندان سان پيار ڪندڙ آهي. هن جي ڪردار جي ذريعي ليکڪ سماج جي حقيقتن کي بيان ڪيو آهي. 'مون' جو ڪردار ناول جي پلاٽ کي اڳتي وڌائڻ ۾ مددگار ثابت ٿئي ٿو.

SS—23—Sindhi Sah. SS-6023

8. को बि हिक हवालो खोले समुझायो :

(i) “टके जी मुगी बारिहें आने जो मसालो।”

(ii) “मुहिंजी त मिठी वि माठि, मुठी वि माठि।”

उत्तर: (i) यह हवालो संत कवि दरियाबाई के काव्य से लिया गया है। इसमें 'टके जी मुगी' (टके की मूंग) और 'बारिहें आने जो मसालो' (बारह आने का मसाला) के माध्यम से संसार की नश्वरता और मोह-माया के त्याग का संदेश दिया गया है।

(ii) यह हवालो संत कवि हरदास के काव्य से है। 'मुहिंजी त मिठी वि माठि, मुठी वि माठि' का अर्थ है कि मेरी माता मीठी भी है और नमकीन भी है, यानी जीवन में सुख-दुख दोनों का समान भाव से स्वागत करना चाहिए।

9. हरदास जे जीवन जे बारे में तव्हां खे कहिड़ी जाण आहे खोले समझायो।

उत्तर: हरदास जी सिंधी साहित्य के प्रसिद्ध संत कवि थे। उनका जीवन सादगी, भक्ति और समाज सेवा को समर्पित था। उन्होंने अपने काव्य में प्रेम, एकता और ईश्वर भक्ति का संदेश दिया। उनके जीवन की मुख्य विशेषताएँ हैं: सांसारिक मोह-माया से दूर रहना, सभी धर्मों का सम्मान करना, और निरंतर ईश्वर का स्मरण करना। उनके उपदेश आज भी लोगों को प्रेरणा देते हैं।

“पछिताउ” कहाणीअ जो सार पंहिजें लफ्ज़नि में लिखो।

उत्तर: “पछिताउ” कहानी का सार यह है कि मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है। कहानी में एक व्यक्ति अपने गलत निर्णयों के कारण पछताता है और अंत में सीख लेता है कि जीवन में सोच-समझकर कदम उठाने चाहिए। यह कहानी मानवीय कमजोरियों और उनके परिणामों को दर्शाती है, तथा पाठक को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित करती है।

0. दर ते दिलबर' शहर जो थोरे में सार लिखो।

उत्तर: “दर ते दिलबर” शहर एक प्रतीकात्मक रचना है जिसमें 'दर' (दरवाजा) और 'दिलबर' (प्रियतम) के माध्यम से ईश्वर और भक्त के संबंध को दर्शाया गया है। इस शहर में भक्त अपने प्रियतम (ईश्वर) की खोज में भटकता है और अंत में पाता है कि वह उसके हृदय में ही बसता है। यह रचना आध्यात्मिक प्रेम और आत्म-साक्षात्कार का संदेश देती है।

“मुंदूं मोटी are” में सचल सांईअ छा फरमायो आहे ?

उत्तर: “मुंदूं मोटी are” (मूंग मोटी आरे) में सचल सांईअ ने फरमायो है कि संसार में सब कुछ नश्वर है और मनुष्य को मोह-माया से दूर रहकर ईश्वर की भक्ति में लीन रहना चाहिए। यह रचना जीवन की क्षणभंगुरता और आध्यात्मिक जागरूकता का संदेश देती है।

प्रश्न 1: कोष्ठक में दिए गए हवालों को खोलकर समझाइए

  1. "फेर डिसनि महल का, अंदर जूं आहूं
    मुल्क मोटी वजण जूं, बंदि थियूं वे
    से दिलयूं कनि दांहूं, वतुनु वियो जनि हथा।"

    व्याख्या: यह पंक्तियाँ किसी राजा या शासक के महल के भीतर की स्थिति का वर्णन करती हैं। महल के अंदर लोगों के दिल बंद हैं और वे अपने वतन (देश) से दूर हो गए हैं। यहाँ 'महल' का अर्थ शासन या सत्ता से है, और 'बंदि थियूं' का अर्थ है कि लोग अपनी भावनाओं को दबा रहे हैं।
  2. "कीअं न पंहिंजनि में वि अजु कलह गुम थिए थो आदमी,
    रोश्नीअ में भी न डेखारी डिए थो आदमी !"

    व्याख्या: यह पंक्तियाँ मनुष्य की आत्म-विस्मृति और अज्ञानता को दर्शाती हैं। मनुष्य अपने ही भीतर कलह (संघर्ष) में खो गया है और रोशनी (ज्ञान या सत्य) में भी खुद को नहीं दिखा पा रहा है। यह आध्यात्मिक अंधकार की ओर संकेत करता है।

प्रश्न 2: हेठियनि सुवालनि जा ज़वाब लगभग 20 लफ्ज़नि में लिखो

  1. बाम बाया जो नालो बदिले छा रखियो वियो ?

    बाम बाया का नाम बदलकर 'बाम बाया' ही रखा गया था। यह एक प्रसिद्ध सिंधी कवि या लेखक का नाम है।
  2. केत दर्सी किताब में पोपटी हीरानंदाणीअ जो कहिड़ो लेख पढ़ियो आहे ?

    पोपटी हीरानंदाणी का लेख 'केत दर्सी' नामक पुस्तक में पढ़ा जाता है। यह एक सिंधी साहित्यिक कृति है।
  3. मुहमद राम केरू हो ?

    मुहमद राम एक सिंधी कवि या लेखक थे। वे अपनी रचनाओं के लिए प्रसिद्ध हैं।
  4. मोहन अस्पताल में छो भर्ती थियो ?

    मोहन को अस्पताल में भर्ती किया गया था क्योंकि वह बीमार था या उसे चोट लगी थी।
  5. जपान जे कहिड़नि बिनि शहरनि मथां बम उछलाया विया ?

    जापान में हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर बम गिराए गए थे। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था।

प्रश्न 13. कहिं तीन हिक नज़्म जो सारु लिखो :

  1. अखड़ियूं
  2. सुरू लीला चनेसरू

उत्तर:

1. अखड़ियूं: यह नज़्म राजस्थानी लोक जीवन और संघर्ष को दर्शाती है। इसमें कवि ने अखड़ियों (कठिनाइयों) का सामना करने की प्रेरणा दी है। नज़्म में जीवन की कठिनाइयों को सहन करने और आगे बढ़ने का संदेश है।

2. सुरू लीला चनेसरू: यह नज़्म सिंधी संस्कृति और प्रेम की भावना को उजागर करती है। इसमें चनेसर (एक स्थान) की सुंदरता और वहाँ की लीला (क्रीड़ा) का वर्णन है। कवि ने प्रकृति और मानवीय भावनाओं को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया है।