RBSE Class 12th 2016 Biology-SS-42-2016 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2016
Subject Biology-SS-42-2016
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Biology-SS-42-2016 2016 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016

जीव विज्ञान
BIOLOGY

समय : 3¼ घण्टे     पूर्णांक : 56

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

SS-42-Bio.     [ 433 ]     [Turn Over

खण्ड - अ / SECTION - A

1) विपुंसन किसे कहते हैं?

What is emasculation? [1]

उत्तर / Answer: विपुंसन (Emasculation) एक प्रक्रिया है जिसमें किसी पुष्प के नर भाग (पुंकेसर) को परागण से पहले हटा दिया जाता है, ताकि स्व-परागण को रोका जा सके और नियंत्रित संकरण किया जा सके।

Emasculation is the process of removing the male parts (stamens) of a flower before pollination to prevent self-pollination and allow controlled hybridization.


नोट / Note: प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी संस्करणों में किसी प्रकार की अशुद्धि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

खण्ड / Section प्रश्न संख्या / Q. Nos. अंक प्रति प्रश्न / Marks per question
अ / A 1-13 1
ब / B 4-24 2
स / C 25-27 3
द / D 28-30 4

नोट / Note: प्रश्न क्रमांक 24, 27, 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।

Question Nos. 24, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.

SS_42-Bio. 433

प्रश्न (Questions)

  1. सगर्भता के उत्तरार्ध की अवधि में अण्डाशय द्वारा स्रावित हारमोन का नाम बताइये।

    Write down the name of hormone secreted by ovary in the later phase of pregnancy.

    उत्तर: रिलैक्सिन (Relaxin)

    Explanation: गर्भावस्था के उत्तरार्ध में अंडाशय द्वारा रिलैक्सिन हार्मोन स्रावित होता है, जो प्रसव के समय गर्भाशय ग्रीवा को शिथिल करने और पेल्विक लिगामेंट्स को ढीला करने में सहायता करता है।

  2. निषेचन की उपयोगिता बताइये।

    Mention the application of invitrofertilization.

    उत्तर: टेस्ट ट्यूब बेबी तकनीक (IVF) का उपयोग बांझपन के इलाज में किया जाता है, जहाँ शुक्राणु और अंडाणु को प्रयोगशाला में निषेचित करके भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।

    Explanation: IVF का उपयोग फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज, पुरुष बांझपन, या अन्य कारणों से प्राकृतिक गर्भधारण में असमर्थ दम्पतियों के लिए किया जाता है।

  3. गर्भ निरोधक की किसी एक प्राकृतिक विधि का नाम लिखिये।

    Write down the name of any one natural method of contraceptive.

    उत्तर: लय विधि (Rhythm Method) या कैलेंडर विधि

    Explanation: इस विधि में महिला के ओव्यूलेशन के समय (मासिक चक्र के 10-17 दिन) संभोग से परहेज किया जाता है, क्योंकि इस अवधि में गर्भधारण की संभावना अधिक होती है।

  4. होमो सेपियन्स का विकास किस महाद्वीप में हुआ?

    On which continent Homosapiens arose?

    उत्तर: अफ्रीका (Africa)

    Explanation: वैज्ञानिक प्रमाणों के अनुसार, आधुनिक मानव (होमो सेपियन्स) का विकास लगभग 2-3 लाख वर्ष पूर्व अफ्रीका महाद्वीप में हुआ था।

  5. टाइफाइड उत्पन्न करने वाले रोगजनक का नाम बताइये।

    Write down the name of typhoid causing pathogen.

    उत्तर: साल्मोनेला टाइफी (Salmonella typhi)

    Explanation: यह एक जीवाणु है जो दूषित भोजन या पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है और टाइफाइड बुखार उत्पन्न करता है।

  6. ओपिओइड्स ड्रग शरीर को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?

    How does opioids effect the body?

    उत्तर: ओपिओइड्स मस्तिष्क में दर्द संकेतों को अवरुद्ध करके दर्द निवारक और सुखद अनुभूति (उत्साह) उत्पन्न करते हैं, लेकिन इनके अधिक उपयोग से निर्भरता, श्वसन अवसाद और मृत्यु हो सकती है।

    Explanation: ये ड्रग्स मस्तिष्क में ओपिओइड रिसेप्टर्स से जुड़कर डोपामाइन स्राव बढ़ाते हैं, जिससे लत लग जाती है।

  7. नील क्रांति क्या है?

    What is Blue - Revolution?

    उत्तर: नील क्रांति मत्स्य पालन (मछली पालन) और जलीय कृषि में तीव्र वृद्धि को संदर्भित करती है।

    Explanation: यह क्रांति मछली उत्पादन बढ़ाने, जलीय संसाधनों के सतत उपयोग और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि पर केंद्रित है।

  8. दूध को दही के रूप में बदलने वाले जीवाणु की दो लाभदायक भूमिका बताइये।

    Write down the two beneficial roles of bacteria converting milk in to curd.

    उत्तर: लैक्टोबैसिलस (Lactobacillus) जीवाणु की दो लाभदायक भूमिकाएँ:

    1. यह दूध में लैक्टोज को लैक्टिक एसिड में बदलता है, जिससे दूध जमकर दही बनता है और पाचन में सहायता मिलती है।
    2. यह आंतों में अच्छे बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाकर प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है और हानिकारक जीवाणुओं से बचाता है।

    Explanation: लैक्टोबैसिलस एक प्रोबायोटिक है जो पाचन तंत्र के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।

  9. प्रतिजैविक (एंटीबायोटिक) को परिभाषित कीजिये।

    Define Antibiotics.

    उत्तर: एंटीबायोटिक वे रासायनिक पदार्थ हैं जो जीवाणुओं (बैक्टीरिया) की वृद्धि को रोकते हैं या उन्हें नष्ट करते हैं।

    Explanation: ये सूक्ष्मजीवों (जैसे कवक या बैक्टीरिया) द्वारा उत्पादित होते हैं और जीवाणु संक्रमण के उपचार में उपयोग किए जाते हैं। उदाहरण: पेनिसिलिन।

खण्ड - ब (SECTION - B)

प्रश्न 1 (Question 1)

जीन चिकित्सा की परिभाषा दीजिये।
Define gene therapy.

उत्तर: जीन चिकित्सा (Gene therapy) एक चिकित्सा पद्धति है जिसमें रोगों के उपचार या रोकथाम के लिए किसी व्यक्ति की कोशिकाओं में जीनों को डाला, हटाया या संशोधित किया जाता है। इसका उद्देश्य दोषपूर्ण जीन को सही करना या रोग से लड़ने के लिए नए जीन जोड़ना होता है।

प्रश्न 2 (Question 2)

बीटी (Bt) जीवविष किस जीवाणु द्वारा निर्मित होता है?
Which bacteria produces Bt toxin?

उत्तर: बीटी (Bt) जीवविष बैसिलस थुरिंजिएन्सिस (Bacillus thuringiensis) नामक जीवाणु द्वारा निर्मित होता है।

प्रश्न 3 (Question 3)

समष्टि किसे कहते हैं?
Define population.

उत्तर: समष्टि (Population) एक ही प्रजाति के उन सभी जीवों का समूह है जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहते हैं और आपस में प्रजनन कर सकते हैं।

प्रश्न 4 (Question 4)

'फंजाई तथा पादपों में द्वेलिंगी एवं एकलिंगी स्थिति को किस प्रकार उल्लेखित किया जाता है?
How bisexual and unisexual conditions in fungi and plants are denoted?

उत्तर: फंजाई (कवक) तथा पादपों में द्वेलिंगी (bisexual) स्थिति को उभयलिंगी (hermaphrodite) कहा जाता है, जहाँ एक ही जीव में नर और मादा दोनों जनन अंग पाए जाते हैं। एकलिंगी (unisexual) स्थिति में नर और मादा जनन अंग अलग-अलग जीवों में पाए जाते हैं, जिन्हें क्रमशः नर (male) और मादा (female) कहा जाता है।

प्रश्न 5 (Question 5)

शुक्र जनन क्रिया को विस्तार से समझाइये।
Explain the process of spermatogenesis in detail.

उत्तर: शुक्रजनन (Spermatogenesis) नर जनन कोशिकाओं (शुक्राणु) के निर्माण की प्रक्रिया है, जो वृषण (testes) की शुक्रजनन नलिकाओं (seminiferous tubules) में होती है। इसके मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:

  1. प्रजनन काल (Multiplication phase): शुक्रजनन कोशिकाएँ (spermatogonia) समसूत्री विभाजन (mitosis) द्वारा बढ़ती हैं।
  2. वृद्धि काल (Growth phase): प्राथमिक शुक्राणु कोशिकाएँ (primary spermatocytes) आकार में बढ़ती हैं और अर्धसूत्री विभाजन (meiosis) के लिए तैयार होती हैं।
  3. परिपक्वन काल (Maturation phase): प्राथमिक शुक्राणु कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन I (meiosis I) से गुज़रकर दो द्वितीयक शुक्राणु कोशिकाएँ (secondary spermatocytes) बनाती हैं। फिर ये अर्धसूत्री विभाजन II (meiosis II) से गुज़रकर चार अगुणित (haploid) शुक्राणु कोशिकाएँ (spermatids) बनाती हैं।
  4. रूपांतरण काल (Spermiogenesis): शुक्राणु कोशिकाएँ रूपांतरित होकर परिपक्व शुक्राणु (spermatozoa) बनती हैं, जिनमें सिर, मध्य भाग और पूँछ होती है।

यह प्रक्रिया पुरुषों में यौवनारंभ से लेकर जीवनभर चलती रहती है।

प्रश्न 6 (Question 6)

सहप्रभाविता किसे कहते हैं? मानव में सहप्रभाविता को उदाहरण देकर समझाइये।
What is co-dominance? With the help of example explain co-dominance in human being.

उत्तर: सहप्रभाविता (Co-dominance) वह स्थिति है जिसमें किसी जीन के दोनों युग्मविकल्पी (alleles) एक साथ व्यक्त (express) होते हैं और संकर (heterozygous) अवस्था में दोनों लक्षण स्वतंत्र रूप से दिखाई देते हैं।

मानव में उदाहरण: मानव में ABO रक्त समूह प्रणाली सहप्रभाविता का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें IA और IB युग्मविकल्पी सहप्रभावी (co-dominant) होते हैं। जब किसी व्यक्ति में IA और IB दोनों युग्मविकल्पी उपस्थित होते हैं (IAIB), तो रक्त समूह AB बनता है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाओं पर A और B दोनों प्रतिजन (antigens) पाए जाते हैं।

प्रश्न 7 (Question 7)

आनुवंशिकी कोड की चार विशेषताएं बताइये।
Write down the four salient features of genetic code.

उत्तर: आनुवंशिक कोड (Genetic code) की चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  1. त्रिक कोड (Triplet code): प्रत्येक कोडन (codon) तीन न्यूक्लियोटाइड (nucleotides) का समूह होता है, जो एक विशिष्ट अमीनो अम्ल (amino acid) को निर्दिष्ट करता है।
  2. अस्पष्टता (Degeneracy): अधिकांश अमीनो अम्ल एक से अधिक कोडन द्वारा निर्दिष्ट होते हैं। उदाहरण के लिए, ल्यूसीन (leucine) के लिए छह कोडन होते हैं।
  3. सार्वभौमिकता (Universality): आनुवंशिक कोड सभी जीवों (वायरस से लेकर मनुष्य तक) में समान होता है, हालाँकि कुछ अपवाद भी हैं।
  4. अतिव्यापी न होना (Non-overlapping): कोडन एक-दूसरे पर अतिव्यापी (overlap) नहीं होते; mRNA पर न्यूक्लियोटाइड का प्रत्येक त्रिक एक स्वतंत्र कोडन बनाता है।

प्रश्न 8 (Question 8)

तुलनात्मक शरीर विज्ञान (शारीरिकी) या आकारिकी के आधार पर जैव विकास की पुष्टि कीजिये।
Prove the organic evolution on the basis of comparative anatomy and morphology.

उत्तर: तुलनात्मक शरीर रचना (Comparative anatomy) और आकारिकी (morphology) जैव विकास (organic evolution) के प्रमाण प्रदान करते हैं:

  1. समजात अंग (Homologous organs): ये वे अंग हैं जिनकी मूल संरचना (basic structure) समान होती है लेकिन कार्य भिन्न होते हैं। उदाहरण: मनुष्य का हाथ, चमगादड़ का पंख, व्हेल का फ्लिपर और घोड़े का पैर। ये सभी एक सामान्य पूर्वज से विकसित हुए हैं, जो विकास को दर्शाता है।
  2. समवृत्ति अंग (Analogous organs): ये वे अंग हैं जिनकी संरचना भिन्न होती है लेकिन कार्य समान होते हैं। उदाहरण: पक्षी का पंख और कीट का पंख। ये अलग-अलग पूर्वजों से विकसित हुए हैं लेकिन समान वातावरणीय दबाव के कारण समान कार्य करते हैं।
  3. अवशेषी अंग (Vestigial organs): ये वे अंग हैं जो पूर्वजों में कार्यशील थे लेकिन विकास के दौरान अपना कार्य खो चुके हैं। उदाहरण: मानव में अपेंडिक्स, कोक्सीक्स (tail bone) और निक्टिटेटिंग मेम्ब्रेन (nictitating membrane) के अवशेष।

ये सभी तथ्य स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि जीवों में समय के साथ विकास हुआ है।

9. सहज प्रतिरक्षा किसे कहते हैं? सहज प्रतिरक्षा में कितने प्रकार के रोध होते हैं? नाम लिखिये।

What is innate immunity? How many types of barriers are present in innate immunity? Write down their names. [1+1=2]

सहज प्रतिरक्षा (Innate Immunity): यह जन्मजात प्रतिरक्षा है जो शरीर में पहले से मौजूद होती है और किसी भी रोगाणु के प्रवेश पर तुरंत प्रतिक्रिया करती है। यह गैर-विशिष्ट होती है।

सहज प्रतिरक्षा में चार प्रकार के रोध (Barriers) होते हैं:

  1. भौतिक रोध (Physical barriers) – जैसे त्वचा, श्लेष्मा झिल्ली
  2. शारीरिक रोध (Physiological barriers) – जैसे अमाशय का अम्ल, लार में लाइसोजाइम
  3. कोशिकीय रोध (Cellular barriers) – जैसे श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBCs), फैगोसाइट्स
  4. प्रदाहक रोध (Inflammatory barriers) – जैसे सूजन, लालिमा, बुखार

20. पादप प्रजनन के उद्देश्य बताइये। किसी भी फसल की नई आनुवंशिकी नस्ल के प्रजनन के चरण बताइये।

Write down the objectives of plant breeding. Mention the main steps in breeding any new genetic crop. [1+1=2]

पादप प्रजनन के उद्देश्य (Objectives of Plant Breeding):

  • उच्च उपज देने वाली किस्मों का विकास करना
  • रोगों और कीटों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाना
  • प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों (सूखा, लवणता) के प्रति सहनशीलता विकसित करना
  • पोषण गुणवत्ता में सुधार करना

नई आनुवंशिकी नस्ल के प्रजनन के मुख्य चरण (Main Steps in Breeding a New Genetic Crop):

  1. आनुवंशिक विभिन्नता का संग्रहण (Collection of genetic variability)
  2. जनक पौधों का चयन (Selection of parents)
  3. संकरण (Hybridization) – दो भिन्न जनकों के बीच परागण
  4. संकर पीढ़ी का चयन और मूल्यांकन (Selection and evaluation of hybrids)
  5. नई किस्म का परीक्षण और विमोचन (Testing and release of new variety)

2. जैव उर्वरक की उपयोगिता बताइये। जैव उर्वरक के रूप में साइनोबैक्टीरिया की भूमिका बताइये।

Write down the application of biofertilizers. Explain the role of cyanobacteria as a biofertilizer. [1+1=2]

जैव उर्वरक की उपयोगिता (Applications of Biofertilizers):

  • मृदा की उर्वरता बढ़ाते हैं
  • रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करते हैं
  • पर्यावरण के अनुकूल होते हैं
  • फसल की उपज और गुणवत्ता में सुधार करते हैं

जैव उर्वरक के रूप में साइनोबैक्टीरिया की भूमिका (Role of Cyanobacteria as Biofertilizer):

साइनोबैक्टीरिया (जैसे Anabaena, Nostoc) वायुमंडलीय नाइट्रोजन को स्थिर करके मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा बढ़ाते हैं। ये धान के खेतों में विशेष रूप से उपयोगी होते हैं। ये प्रकाश संश्लेषण द्वारा कार्बनिक पदार्थ भी उत्पन्न करते हैं जो मृदा की संरचना में सुधार करते हैं।

22. आनुवंशिकत: रूपान्तरित जीव किसे कहते हैं? जी एम पौधों का उपयोग हमारे लिए किस प्रकार लाभप्रद है?

Define Genetically Modified Organism. How GM Plants are useful for us? [1+1=2]

आनुवंशिकत: रूपान्तरित जीव (Genetically Modified Organism – GMO): वे जीव जिनके आनुवंशिक पदार्थ (DNA) में कृत्रिम रूप से परिवर्तन किया गया हो, आनुवंशिकत: रूपान्तरित जीव कहलाते हैं।

जीएम पौधों की उपयोगिता (How GM Plants are Useful):

  • कीटों और रोगों के प्रति प्रतिरोधक क्षमता (जैसे Bt कपास)
  • शाकनाशियों के प्रति सहनशीलता
  • पोषण गुणवत्ता में वृद्धि (जैसे गोल्डन राइस में विटामिन A)
  • प्रतिकूल पर्यावरणीय परिस्थितियों में भी अच्छी उपज
  • फसल की शेल्फ लाइफ बढ़ाना

23. जैवविविधता किसे कहते है? जैव विविधता की क्षति के कारणों का वर्णन कीजिये। (किन्ही तीन)

What is bio-diversity? Mention the causes of loss of biodiversity (Any three) [1+1=2]

जैवविविधता (Biodiversity): पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी प्रकार के जीवों (पौधों, जंतुओं, सूक्ष्मजीवों) की विविधता और उनके पारिस्थितिक तंत्रों को जैवविविधता कहते हैं।

जैव विविधता की क्षति के तीन प्रमुख कारण (Three Causes of Loss of Biodiversity):

  1. आवास का विनाश (Habitat destruction): वनों की कटाई, शहरीकरण और कृषि विस्तार से जीवों के प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं।
  2. अति-दोहन (Over-exploitation): मनुष्य द्वारा प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपयोग (जैसे अत्यधिक मछली पकड़ना, शिकार) प्रजातियों को विलुप्त कर रहा है।
  3. आक्रामक प्रजातियां (Invasive species): विदेशी प्रजातियों का आगमन स्थानीय प्रजातियों के लिए खतरा बनता है (जैसे नीलगाय, लैंटाना)।

24. वायु प्रदूषण किसे कहते हैं? वाहनों द्वारा प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए किए गए प्रयासों को बताइये।

What is air pollution? Describe the efforts made for controlling vehicular air pollution. [1+1=2]

वायु प्रदूषण (Air Pollution): वायु में हानिकारक पदार्थों (जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, धूल कण) की मात्रा में वृद्धि को वायु प्रदूषण कहते हैं।

वाहनों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास (Efforts for Controlling Vehicular Air Pollution):

  • स्वच्छ ईंधन (CNG, LPG, इलेक्ट्रिक वाहन) का उपयोग
  • उत्सर्जन मानकों का सख्ती से पालन (जैसे भारत में BS-VI मानक)
  • पुराने वाहनों को हटाना और स्क्रैपिंग नीति
  • सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना
  • प्रदूषण जांच अनिवार्य करना

अथवा (OR)

प्रदूषण किसे कहते है? प्लास्टिक अपशिष्ट के उपचार सम्बंधी अध्ययन एवं प्रयासों का वर्णन कीजिये।

What is pollution? Describe the study and efforts made for the remedy of plastic waste. [1+1=2]

प्रदूषण (Pollution): पर्यावरण में ऐसे हानिकारक पदार्थों (प्रदूषकों) का प्रवेश जो जीवों और पारिस्थितिक तंत्र को नुकसान पहुंचाते हैं, प्रदूषण कहलाता है।

प्लास्टिक अपशिष्ट के उपचार के अध्ययन एवं प्रयास (Study and Efforts for Plastic Waste Remedy):

  • पुनर्चक्रण (Recycling): प्लास्टिक को पिघलाकर नए उत्पाद बनाना
  • जैव-अपघटनीय प्लास्टिक (Biodegradable plastics): ऐसे प्लास्टिक का विकास जो प्राकृतिक रूप से विघटित हो जाए
  • प्लास्टिक कचरे से ईंधन निर्माण: पायरोलिसिस जैसी तकनीकों से प्लास्टिक से तेल और गैस बनाना
  • सिंगल-यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध: कई देशों में प्लास्टिक बैग, स्ट्रॉ आदि पर रोक
  • जागरूकता अभियान: प्लास्टिक के कम उपयोग और सही निपटान के लिए शिक्षा

खण्ड - स (SECTION - C)

25.

पुष्पीय पादपों में निषेचन पश्च की घटनाओं के नाम बताइये। भ्रूण परिवर्धन की क्रिया समझाइये।

Write down the names of post fertilization events in flowering plants. Describe the process of embryo development. [1+2=3]

निषेचन पश्च की घटनाएँ (Post-fertilization events):

  1. भ्रूण का विकास (Embryo development)
  2. बीज का निर्माण (Seed formation)
  3. फल का निर्माण (Fruit formation)
  4. भ्रूणपोष का विकास (Endosperm development)

भ्रूण परिवर्धन की क्रिया (Process of embryo development): निषेचन के बाद युग्मनज (zygote) विभाजित होकर भ्रूण का निर्माण करता है। युग्मनज का प्रथम विभाजन असममित होता है, जिससे एक छोटी कोशिका (भ्रूणकोशिका) और एक बड़ी कोशिका (निलंबन कोशिका) बनती है। भ्रूणकोशिका आगे विभाजित होकर भ्रूण का निर्माण करती है, जबकि निलंबन कोशिका भ्रूण को पोषण प्रदान करती है। भ्रूण विकास के दौरान विभिन्न अवस्थाएँ होती हैं - गोलाकार, हृदयाकार, बाणाकार और अंततः परिपक्व भ्रूण।

26.

मेण्डल के द्विसंकर प्रयोग का वर्णन कीजिये। इस प्रयोग से प्रतिपादित नियम की व्याख्या कीजिये।

Describe the dihybrid cross experiment performed by Mendel. Explain the law postulated by this experiment. [2+1=3]

द्विसंकर प्रयोग (Dihybrid cross experiment): मेण्डल ने मटर के पौधों पर दो लक्षणों - बीज का रंग (पीला/हरा) और बीज की आकृति (गोल/झुर्रीदार) - का अध्ययन किया। उन्होंने शुद्ध पीले-गोल बीज वाले पौधे (YYRR) का संकरण शुद्ध हरे-झुर्रीदार बीज वाले पौधे (yyrr) से कराया। F1 पीढ़ी में सभी पौधे पीले-गोल बीज वाले (YyRr) प्राप्त हुए। F1 पौधों का स्वपरागण कराने पर F2 पीढ़ी में 9:3:3:1 का अनुपात प्राप्त हुआ - 9 पीले-गोल, 3 पीले-झुर्रीदार, 3 हरे-गोल, 1 हरा-झुर्रीदार।

प्रतिपादित नियम (Law postulated): इस प्रयोग से स्वतंत्र अपवर्तन का नियम (Law of Independent Assortment) प्रतिपादित हुआ। इस नियम के अनुसार, जब दो या दो से अधिक लक्षणों का एक साथ अध्ययन किया जाता है, तो प्रत्येक लक्षण के जीन युग्मकों में स्वतंत्र रूप से पृथक होते हैं और एक-दूसरे को प्रभावित नहीं करते।

27.

पर्यावरणीय अजीवीय कारकों के प्रति सजीवों में पाये जाने वाली अनुक्रियाएं बताइये। (कोई भी तीन)

अथवा

पर्यावरणीय कारकों की चरम परिस्थितियों का सामना करने के लिये जीवों में पाये जाने वाले अनुकूलनों को तीन उदाहरणों द्वारा समझाइये।

Describe the responses found in organisms against the environmental abiotic factors. (Any three) [3×1=3]

OR

Write down the adaptations found in organism to face the extremes conditions of environmental factors. (Any three) [3×1=3]

अजीवीय कारकों के प्रति अनुक्रियाएँ/अनुकूलन (Responses/Adaptations to abiotic factors):

  1. तापमान (Temperature): ध्रुवीय भालू में मोटी त्वचा और घने बाल ठंड से बचाते हैं; ऊँट में कूबड़ में वसा संचय गर्मी सहन करने में सहायक होता है।
  2. जल की उपलब्धता (Water availability): रेगिस्तानी पौधे (कैक्टस) में पत्तियाँ काँटों में रूपांतरित हो जाती हैं और तना मोटा होकर जल संचय करता है।
  3. प्रकाश (Light): गहरे समुद्र में रहने वाली मछलियों में बायोल्यूमिनिसेंस (स्वयं प्रकाश उत्पन्न करना) पाया जाता है।

खण्ड - द (SECTION - D)

28.

न्यूक्लिओसोम किसे कहते हैं? डी एन ए कुण्डली का पैकिजिंग समझाइये। न्यूक्लिओसोम का नामांकित चित्र बनाइये।

अथवा

अनुलेखन किसे कहते हैं? जीवाणु में अनुलेखन प्रक्रिया को नामांकित चित्र बनाकर समझाइये।

What is nucleosome? Explain the packaging of DNA helix. Draw the labelled diagram of nucleosome. [1+2+1=4]

न्यूक्लिओसोम (Nucleosome): न्यूक्लिओसोम DNA पैकिजिंग की मूल इकाई है। इसमें DNA का एक खंड हिस्टोन प्रोटीन के चारों ओर लिपटा होता है। प्रत्येक न्यूक्लिओसोम में 8 हिस्टोन प्रोटीन (H2A, H2B, H3, H4 की दो-दो प्रतियाँ) का एक कोर होता है, जिसके चारों ओर DNA लगभग 1.75 चक्कर लगाता है।

DNA कुण्डली का पैकिजिंग (Packaging of DNA helix): DNA की लंबी श्रृंखला को कोशिका के अंदर समेटने के लिए कई स्तरों पर पैकिजिंग होती है:

  1. DNA हिस्टोन प्रोटीन पर लिपटकर न्यूक्लिओसोम बनाता है।
  2. न्यूक्लिओसोम आपस में जुड़कर "बीड्स-ऑन-ए-स्ट्रिंग" संरचना बनाते हैं।
  3. यह संरचना और अधिक संघनित होकर 30 nm फाइबर बनाती है।
  4. अंततः यह क्रोमैटिन में बदल जाती है और कोशिका विभाजन के समय गुणसूत्र (chromosome) का रूप ले लेती है।

न्यूक्लिओसोम का नामांकित चित्र (Labelled diagram of nucleosome):

        DNA (लगभग 146 bp)
           ╱╲
          ╱  ╲
         ╱    ╲
        ╱      ╲
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─────────────────────────
│  हिस्टोन कोर (H2A,   │
│  H2B, H3, H4 की 2-2  │
│  प्रतियाँ)           │
─────────────────────────
        │
        │ H1 हिस्टोन (लिंकर)
        │
   अगला न्यूक्लिओसोम

नोट: चित्र में DNA हिस्टोन कोर के चारों ओर लिपटा हुआ दिखाया गया है। H1 हिस्टोन दो न्यूक्लिओसोमों को जोड़ता है।

SS_42-Bio. 433

प्रश्न 29

प्रश्न: प्रतिबंधन एण्डोन्यूक्लिएज की पुनर्योगज डी एन ए निर्माण में भूमिका विस्तार से समझाइये। इ. कोलाई क्लोनिंग संवाहक pBR 322 का नामांकित चित्र बनाइये।

अथवा

जैव प्रौद्योगिकी किसे कहते है? पुनर्योगज डी एन ए प्रौद्योगिकी के प्रक्रम बताते हुए प्रथम दो चरणों को समझाइये। पुनर्योगज डी एन ए तकनीक का प्रदर्शन आरेखी चित्र द्वारा निरूपित कीजिये।

OR

What is transcription? Explain the process of transcription in bacteria by labelled diagram. [4+2+4=4]

Explain in detail the role of restriction endonuclease in formation of recombinant DNA. Draw a labelled diagram of E.Coli cloning vector pBR 322. [3+4=4]

OR

Define biotechnology. Mentioning all steps and explain only first two steps of recombinant DNA technology in detail. Give diagrammatic representation of recombinant DNA technology. [3+4=4]

समाधान (Solution)

प्रतिबंधन एण्डोन्यूक्लिएज की भूमिका (पहला विकल्प):

प्रतिबंधन एण्डोन्यूक्लिएज (Restriction Endonuclease) वे एंजाइम हैं जो DNA अणु में विशिष्ट पहचान अनुक्रमों (Recognition Sequences) पर काटते हैं। ये पुनर्योगज DNA (Recombinant DNA) निर्माण में निम्नलिखित भूमिका निभाते हैं:

  1. DNA को विशिष्ट स्थानों पर काटना: ये एंजाइम DNA को पैलिंड्रोमिक अनुक्रमों पर काटते हैं, जिससे चिपचिपे सिरे (Sticky Ends) या कुंद सिरे (Blunt Ends) बनते हैं।
  2. वांछित जीन को अलग करना: स्रोत DNA (जैसे मानव DNA) को इन एंजाइमों द्वारा काटकर वांछित जीन को अलग किया जाता है।
  3. वेक्टर को खोलना: वेक्टर (जैसे प्लास्मिड pBR 322) को भी उसी प्रतिबंधन एंजाइम से काटा जाता है, जिससे वह रैखिक हो जाता है और उसमें चिपचिपे सिरे बन जाते हैं।
  4. जुड़ाव में सहायता: समान चिपचिपे सिरे होने के कारण, वांछित जीन और वेक्टर DNA आसानी से जुड़ जाते हैं (DNA लाइगेज एंजाइम की सहायता से), जिससे पुनर्योगज DNA बनता है।

pBR 322 का नामांकित चित्र: pBR 322 एक कृत्रिम प्लास्मिड वेक्टर है जिसमें निम्नलिखित प्रमुख भाग होते हैं:

  • ori (प्रतिकृति उद्गम): जहाँ से DNA प्रतिकृति शुरू होती है।
  • एम्पीसिलीन प्रतिरोध जीन (ampR): एम्पीसिलीन एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोध प्रदान करता है।
  • टेट्रासाइक्लिन प्रतिरोध जीन (tetR): टेट्रासाइक्लिन एंटीबायोटिक के प्रति प्रतिरोध प्रदान करता है।
  • प्रतिबंधन स्थल: विभिन्न प्रतिबंधन एंजाइमों (जैसे EcoRI, HindIII, BamHI, PstI, SalI) के लिए अद्वितीय स्थल।

(चित्र में एक वृत्ताकार DNA दिखाया जाता है जिसमें ori, ampR, tetR और विभिन्न प्रतिबंधन स्थलों को नामांकित किया जाता है।)


जैव प्रौद्योगिकी की परिभाषा (दूसरा विकल्प):

जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) वह तकनीक है जिसमें जीवों, जैविक प्रणालियों या उनके घटकों का उपयोग करके मानव कल्याण के लिए उत्पादों और प्रक्रियाओं का विकास किया जाता है।

पुनर्योगज DNA प्रौद्योगिकी के प्रक्रम (Steps):

  1. वांछित जीन का पृथक्करण (Isolation of desired gene): स्रोत जीव (जैसे मानव) से DNA निकाला जाता है और प्रतिबंधन एंजाइमों द्वारा वांछित जीन को काटकर अलग किया जाता है।
  2. वेक्टर का चयन और तैयारी (Selection and preparation of vector): एक उपयुक्त वेक्टर (जैसे प्लास्मिड) चुना जाता है और उसे उसी प्रतिबंधन एंजाइम से काटकर खोला जाता है।
  3. जीन का वेक्टर में जुड़ाव (Ligation): DNA लाइगेज एंजाइम की सहायता से वांछित जीन को वेक्टर में जोड़ा जाता है, जिससे पुनर्योगज DNA बनता है।
  4. पुनर्योगज DNA का मेजबान कोशिका में प्रवेश (Transformation): पुनर्योगज DNA को मेजबान कोशिका (जैसे E. coli) में प्रवेश कराया जाता है।
  5. क्लोनिंग और अभिव्यक्ति (Cloning and expression): मेजबान कोशिका में पुनर्योगज DNA की प्रतिकृति बनती है और वांछित जीन अभिव्यक्त होता है।

प्रथम दो चरणों की व्याख्या:

  • पहला चरण (जीन पृथक्करण): मानव कोशिका से DNA निकाला जाता है। फिर प्रतिबंधन एंजाइम (जैसे EcoRI) का उपयोग करके DNA को विशिष्ट स्थानों पर काटा जाता है। इससे वांछित जीन युक्त DNA खंड प्राप्त होता है।
  • दूसरा चरण (वेक्टर तैयारी): E. coli से प्लास्मिड pBR 322 निकाला जाता है। उसी प्रतिबंधन एंजाइम (EcoRI) से प्लास्मिड को काटा जाता है, जिससे वह रैखिक हो जाता है और उसके सिरे चिपचिपे हो जाते हैं।

आरेखी निरूपण: एक चित्र में दिखाया जाता है कि कैसे मानव DNA और प्लास्मिड DNA को एक ही प्रतिबंधन एंजाइम से काटा जाता है, फिर उन्हें जोड़कर पुनर्योगज DNA बनाया जाता है, जिसे E. coli में प्रवेश कराया जाता है।

प्रश्न 30

प्रश्न: पारिस्थितिकी पिरामिड किसे कहते हैं? इसकी गणना में किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिये। घास के मैदान की पारिस्थितितंत्र एवं ऊर्जा प्रवाह के पिरामिड का चित्र बनाइये।

अथवा

पारिस्थितिकी अनुक्रमण किसे कहते है? इसके विभिन्न चरणों को बताइये। जलारंभी एवं शुष्कतारंभी अनुक्रमण समझाते हुए इनके रेखीय आरेख बनाइये।

OR

What are ecological pyramids? What precautions should be kept in mind in calculating its different aspects? Draw the diagrams of pyramids of grassland ecosystem and energy flow ecosystem. [1+4+4=4]

OR

What is ecological succession. Mention its different steps. Explain Hydrach and Xerarch succession with diagramatic representation. [1+4+4=4]

समाधान (Solution)

पारिस्थितिकी पिरामिड (पहला विकल्प):

पारिस्थितिकी पिरामिड (Ecological Pyramid) किसी पारिस्थितिकी तंत्र में विभिन्न पोषी स्तरों (Trophic Levels) के बीच संबंधों का आरेखी निरूपण है। इसमें उत्पादक (Producer) सबसे नीचे और शीर्ष परभक्षी (Top Carnivore) सबसे ऊपर होते हैं।

गणना में ध्यान रखने योग्य बातें (Precautions):

  1. संख्या पिरामिड (Pyramid of Numbers): प्रत्येक पोषी स्तर पर जीवों की संख्या गिनी जाती है। ध्यान रखें कि कुछ जीव बहुत छोटे हो सकते हैं (जैसे पेड़ पर कीट), इसलिए आकार को ध्यान में रखना चाहिए।
  2. बायोमास पिरामिड (Pyramid of Biomass): प्रत्येक स्तर पर जीवों के कुल शुष्क भार (Dry Weight) को मापा जाता है। नमूना लेते समय प्रतिनिधि नमूना लेना आवश्यक है।
  3. ऊर्जा पिरामिड (Pyramid of Energy): प्रत्येक स्तर पर प्रति इकाई क्षेत्र प्रति इकाई समय में संचित ऊर्जा (kcal/m²/year) मापी जाती है। यह हमेशा सीधा (Upright) होता है।
  4. समय और स्थान: मापन एक निश्चित समय और स्थान पर किया जाना चाहिए ताकि तुलना संभव हो।

चित्र:

  • घास के मैदान का पारिस्थितिकी तंत्र पिरामिड: इसमें उत्पादक (घास) सबसे नीचे, फिर प्राथमिक उपभोक्ता (टिड्डे, चूहे), द्वितीयक उपभोक्ता (साँप, मेंढक) और शीर्ष परभक्षी (बाज, उल्लू) सबसे ऊपर होते हैं।
  • ऊर्जा प्रवाह का पिरामिड: यह हमेशा सीधा होता है, जिसमें उत्पादकों के पास सबसे अधिक ऊर्जा (100%) होती है, और प्रत्येक अगले स्तर पर केवल 10% ऊर्जा स्थानांतरित होती है (10% नियम)।

(चित्र में त्रिभुजाकार पिरामिड दिखाया जाता है जिसमें विभिन्न स्तरों को नामांकित किया जाता है।)


पारिस्थितिकी अनुक्रमण (दूसरा विकल्प):

पारिस्थितिकी अनुक्रमण (Ecological Succession) वह क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें एक क्षेत्र में समय के साथ समुदायों (Communities) का क्रमिक परिवर्तन होता है, जब तक कि एक स्थायी समुदाय (Climax Community) स्थापित न हो जाए।

विभिन्न चरण (Steps):

  1. नग्नीकरण (Nudation): किसी क्षेत्र का मौजूदा वनस्पति से रहित होना (जैसे ज्वालामुखी विस्फोट, बाढ़)।
  2. आक्रमण (Invasion): बीज, बीजाणु आदि का उस क्षेत्र में पहुँचना और अं