RBSE Class 12th 2016 Chemistry-SS-41-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | Chemistry-SS-41-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2016 Chemistry-SS-41-2016
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Rajasthan Board Class 12th Chemistry-SS-41-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016
रसायन विज्ञान
CHEMISTRY
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
नोट : समीकरणों को आवश्यक शर्तों सहित संतुलित रूप में लिखिए।
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न हल करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/ difference/ contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SS—41—Chem. 432 [ Turn Over
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ से काटिए
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
खण्ड - अ / SECTION - A
1. निम्न ताप पर हाइड्रोजन किस प्रकार का आण्विक ठोस है?
At low temperature hydrogen is which type of molecular solid? [1]
उत्तर / Answer: निम्न ताप पर हाइड्रोजन अध्रुवीय आण्विक ठोस (non-polar molecular solid) है। यह केवल दुर्बल लंदन बलों द्वारा जुड़ा होता है।
2. आदिम घनीय एकक कोष्ठिका के एक परमाणु का कितना भाग वास्तव में एक विशिष्ट एकक कोष्ठिका से संबंधित रहता है?
How much part of an atom of the primitive cubic unit cell actually belongs to a particular unit cell? [1]
उत्तर / Answer: आदिम घनीय एकक कोष्ठिका में प्रति कोष्ठिका 1 परमाणु होता है। प्रत्येक कोने का परमाणु 8 कोष्ठिकाओं में साझा होता है, अतः प्रति कोष्ठिका भाग = 1/8 × 8 = 1 परमाणु।
प्रश्न संख्या / Question Numbers
| प्रश्न संख्या / Q. Nos. | अंक / Marks per question |
|---|---|
| 1 – 3 | 1 |
| 4 – 24 | 2 |
| 25 – 27 | 3 |
| 28 – 30 | 4 |
7) प्रश्न संख्या 2, 27, 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 2, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.
SS4I-Chem. 432
4. "Ag Br" में फ्रेन्केल दोष किस आयन के विस्थापन से उत्पन्न होता है?
Dislocation of which ion in "Ag Br" develops Frenkel defect?
उत्तर: AgBr में फ्रेन्केल दोष Ag⁺ (सिल्वर आयन) के विस्थापन से उत्पन्न होता है। इसमें Ag⁺ आयन अपने सामान्य स्थान से हटकर अंतराकाशी स्थान में चला जाता है, जिससे रिक्तिका और अंतराकाशी दोष उत्पन्न होता है।
Answer: In AgBr, Frenkel defect develops due to the dislocation of Ag⁺ (silver ion). The Ag⁺ ion leaves its normal lattice site and occupies an interstitial site, creating a vacancy and an interstitial defect.
5. मोल अंश ज्ञात करने का सूत्र लिखिए।
Write the formula to calculate the mole fraction?
उत्तर: किसी घटक का मोल अंश (χ) = (उस घटक के मोलों की संख्या) / (विलयन में उपस्थित सभी घटकों के कुल मोलों की संख्या)
उदाहरण के लिए, दो घटकों A और B वाले विलयन में:
χA = nA / (nA + nB)
χB = nB / (nA + nB)
जहाँ nA और nB क्रमशः A और B के मोल हैं।
Answer: Mole fraction (χ) of a component = (Number of moles of that component) / (Total number of moles of all components in the solution)
For a solution with two components A and B:
χA = nA / (nA + nB)
χB = nB / (nA + nB)
where nA and nB are moles of A and B respectively.
6. बेन्जीन में एथेनोइक अम्ल के लिए वान्ट हॉफ गुणांक का मान कितना होगा?
What will be the value of Van't Hoff factor for ethanoic acid in benzene?
उत्तर: बेन्जीन में एथेनोइक अम्ल (CH₃COOH) द्वितयन (dimerization) करता है। दो एथेनोइक अम्ल अणु हाइड्रोजन बंध द्वारा जुड़कर एक द्वितय (dimer) बनाते हैं।
2CH₃COOH ⇌ (CH₃COOH)₂
इसलिए, कणों की संख्या घट जाती है। वान्ट हॉफ गुणांक (i) का मान 1 से कम होता है। पूर्ण द्वितयन की स्थिति में i = 0.5 होता है।
Answer: Ethanoic acid (CH₃COOH) undergoes dimerization in benzene due to hydrogen bonding. Two molecules of ethanoic acid combine to form a dimer.
2CH₃COOH ⇌ (CH₃COOH)₂
Thus, the number of particles decreases. The Van't Hoff factor (i) is less than 1. In case of complete dimerization, i = 0.5.
7. कच्चे आम को सान्द्र लवणीय विलयन में रखे जाने पर क्या होता है?
What happens when a raw mango is placed in concentrated salt solution?
उत्तर: कच्चे आम को सान्द्र लवणीय विलयन में रखने पर, आम के अंदर का पानी बाहर निकल जाता है (परासरण द्वारा) और आम सिकुड़ जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बाहरी विलयन (नमक का पानी) आम के कोशिका रस की तुलना में अधिक सान्द्र होता है, जिससे जल बाहर की ओर गति करता है।
Answer: When a raw mango is placed in a concentrated salt solution, water from inside the mango moves out (by osmosis) and the mango shrinks. This happens because the external solution (salt water) is more concentrated than the cell sap of the mango, causing water to move out.
8. भौतिक अधिशोषण कौनसे बलों के कारण उत्पन्न होता है?
Due to which forces does physisorption arise?
उत्तर: भौतिक अधिशोषण (physisorption) दुर्बल वान्डर वाल्स बलों (weak van der Waals forces) के कारण उत्पन्न होता है। ये बल अधिशोष्य (adsorbate) और अधिशोषक (adsorbent) के अणुओं के बीच कार्य करते हैं।
Answer: Physisorption arises due to weak van der Waals forces between the adsorbate and adsorbent molecules.
9. निम्न आयनों को ऋण सॉल के स्कन्दन में ऊर्णन क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए: Na⁺, Al³⁺, Ba²⁺
Arrange the following ions according to their flocculation power in the coagulation of negative sol: Na⁺, Al³⁺, Ba²⁺
उत्तर: ऋण सॉल के स्कन्दन के लिए धनायनों की ऊर्णन क्षमता (flocculation power) उनके आवेश के अनुसार बढ़ती है। हार्डी-शुल्ज नियम के अनुसार, अधिक आवेश वाले आयन की ऊर्णन क्षमता अधिक होती है।
आयनों के आवेश: Na⁺ (+1), Ba²⁺ (+2), Al³⁺ (+3)
अतः ऊर्णन क्षमता का बढ़ता क्रम: Na⁺ < Ba²⁺ < Al³⁺
Answer: For coagulation of a negative sol, the flocculation power of cations increases with their charge. According to Hardy-Schulze rule, higher the charge, greater the flocculation power.
Charges: Na⁺ (+1), Ba²⁺ (+2), Al³⁺ (+3)
Increasing order of flocculation power: Na⁺ < Ba²⁺ < Al³⁺
10. जिंक को संक्रमण तत्व क्यों नहीं माना गया है?
Why is zinc not considered a transition element?
उत्तर: जिंक (Zn) को संक्रमण तत्व नहीं माना जाता क्योंकि इसके परमाणु में d-कक्षक (3d¹⁰) पूर्णतः भरे होते हैं और इसके सामान्य ऑक्सीकरण अवस्था (Zn²⁺) में भी d-कक्षक पूर्णतः भरे रहते हैं (3d¹⁰)। संक्रमण तत्वों की परिभाषा के अनुसार, उनमें अपूर्ण d-कक्षक होने चाहिए।
Answer: Zinc is not considered a transition element because its atom has completely filled d-orbitals (3d¹⁰) and in its common oxidation state (Zn²⁺), the d-orbitals remain completely filled (3d¹⁰). According to the definition of transition elements, they must have partially filled d-orbitals.
11. प्राथमिक एल्कोहॉल के ऑक्सीकरण से किस श्रेणी के यौगिक बनाए जाते हैं?
Which series of compounds can be prepared by oxidation of primary alcohols?
उत्तर: प्राथमिक एल्कोहॉल (primary alcohol) के ऑक्सीकरण से निम्नलिखित श्रेणी के यौगिक बनाए जाते हैं:
- एल्डिहाइड (Aldehyde): हल्के ऑक्सीकरण (जैसे PCC, CrO₃/pyridine) द्वारा प्राथमिक एल्कोहॉल एल्डिहाइड में ऑक्सीकृत होता है।
- कार्बोक्सिलिक अम्ल (Carboxylic acid): प्रबल ऑक्सीकरण (जैसे K₂Cr₂O₇/H₂SO₄, KMnO₄) द्वारा प्राथमिक एल्कोहॉल सीधे कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत होता है।
Answer: Oxidation of primary alcohols can produce the following series of compounds:
- Aldehyde: Mild oxidation (e.g., PCC, CrO₃/pyridine) converts primary alcohol to aldehyde.
- Carboxylic acid: Strong oxidation (e.g., K₂Cr₂O₇/H₂SO₄, KMnO₄) directly converts primary alcohol to carboxylic acid.
खण्ड - अ (Section - A)
प्रश्न 2:
सम बहुलक एवं सह बहुलक की परिभाषा लिखिए ?
Write definition of homo polymer & co-polymer?
सम बहुलक (Homopolymer): वे बहुलक जो एक ही प्रकार के एकलक (monomer) इकाइयों के बार-बार जुड़ने से बनते हैं, सम बहुलक कहलाते हैं। उदाहरण: पॉलीथीन (एथीन से), PVC (विनाइल क्लोराइड से)।
सह बहुलक (Copolymer): वे बहुलक जो दो या दो से अधिक विभिन्न प्रकार के एकलक इकाइयों के बार-बार जुड़ने से बनते हैं, सह बहुलक कहलाते हैं। उदाहरण: Buna-S (ब्यूटाडाइन + स्टाइरीन), नायलॉन-6,6 (हेक्सामेथिलीनडाइएमीन + एडिपिक अम्ल)।
प्रश्न 3:
तीन कार्बन युक्त नाइट्राइल के परॉक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में योगज बहुलकन से बनने वाले बहुलक जिसका उपयोग औद्योगिक रेशे (fibers) बनाने में किया जाता है, के बनाने का रासायनिक समीकरण दीजिए।
Write the chemical reaction to prepare, that polymer which is used to preparation of industrial fibers by addition polymerisation of nitrile containing three carbon atom in presence of peroxide catalyst?
तीन कार्बन युक्त नाइट्राइल एक्रिलोनाइट्राइल (CH₂=CH-CN) है। इसके परॉक्साइड उत्प्रेरक की उपस्थिति में योगज बहुलकन से पॉलीएक्रिलोनाइट्राइल (PAN) बनता है, जिसका उपयोग औद्योगिक रेशे (जैसे ऐक्रेलिक फाइबर) बनाने में होता है।
रासायनिक समीकरण:
n CH₂=CH-CN →परॉक्साइड [ -CH₂-CH(CN)- ]n
(एक्रिलोनाइट्राइल) &
The conductivity of 0.001 mol L⁻¹ acetic acid is 5×10⁻⁵ S cm⁻¹. Calculate its dissociation constant if Λ° for acetic acid is 250 S cm² mol⁻¹. Solution: Given: c = 0.001 mol L⁻¹ = 0.001 mol/1000 cm³ = 1×10⁻⁶ mol cm⁻³ (since 1 L = 1000 cm³) κ = 5×10⁻⁵ S cm⁻¹, Λ° = 250 S cm² mol⁻¹ Molar conductivity, Λm = κ × 1000 / c = (5×10⁻⁵ × 1000) / 0.001 = 50 S cm² mol⁻¹ Degree of dissociation, α = Λm / Λ° = 50 / 250 = 0.2 For weak acid, dissociation constant Ka = cα² / (1 - α) = (0.001 × (0.2)²) / (1 - 0.2) = (0.001 × 0.04) / 0.8 = 5×10⁻⁵ Ka = 5×10⁻⁵ Explain adsorption from solution phase. Write Freundlich equation related to it. Explanation: Adsorption from solution phase occurs when a solute from a solution accumulates on the surface of a solid adsorbent. The extent of adsorption depends on the concentration of the solute, nature of adsorbent and adsorbate, temperature, and surface area. Freundlich equation: x/m = k C1/n Where x = amount of solute adsorbed, m = mass of adsorbent, C = equilibrium concentration, k and n are constants (n > 1). How is copper refined by electrolytic method? Explain with necessary reaction. Explanation: In electrolytic refining of copper: Reactions: At anode (oxidation): Cu → Cu²⁺ + 2e⁻ (impurities like Zn, Fe, Ni also dissolve but settle as anode mud) At cathode (reduction): Cu²⁺ + 2e⁻ → Cu (pure copper deposits) Impurities like Ag, Au, Pt settle below the anode as anode mud. Explain colour and complex formation tendency of transition metal ions. Colour: Transition metal ions are coloured due to d-d transitions. In the presence of ligands, the d-orbitals split into two sets (t₂g and eₓ). When visible light is absorbed, electrons jump from lower to higher d-orbitals, and the complementary colour is observed. Complex formation tendency: Transition metals form complexes due to: Classify the following into homoleptic and heteroleptic complexes: i) K₃[Fe(CN)₆] ii) [Co(NH₃)₄(CO₃)]Cl Classification: [Ti(H₂O)₆]³⁺ संकुल के बैंगनी रंग की व्याख्या क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त के आधार पर कीजिए। Explain the violet colour of [Ti(H₂O)₆]³⁺ complex on the basis of the crystal field theory? [2] उत्तर: [Ti(H₂O)₆]³⁺ संकुल में Ti³⁺ आयन का इलेक्ट्रॉनिक विन्यास 3d¹ है। क्रिस्टल क्षेत्र सिद्धान्त के अनुसार, अष्टफलकीय क्षेत्र में d-कक्षक दो समूहों में विभाजित हो जाते हैं: t₂g (निम्न ऊर्जा) और e₉ (उच्च ऊर्जा)। एकमात्र इलेक्ट्रॉन t₂g कक्षक में स्थित होता है। जब दृश्य प्रकाश इस संकुल से गुजरता है, तो इलेक्ट्रॉन t₂g से e₉ कक्षक में उत्तेजित हो जाता है (d-d संक्रमण)। यह संक्रमण पीले-हरे प्रकाश को अवशोषित करता है, जिससे पूरक रंग बैंगनी दिखाई देता है। SN¹ अभिक्रिया को उचित उदाहरण की सहायता से समझाइये? Explain SN¹ reaction with appropriate example. [2] अथवा / OR सेत्जेफ (जेटसेफ) नियम क्या है? 2-ब्रोमोपेन्टेन में विलोपन अभिक्रिया को समझाइये? What is Saytzeff (Zaitser) rule? Explain elimination reaction in 2-bromopentane. [2] उत्तर (SN¹ अभिक्रिया): SN¹ अभिक्रिया एक एककणिक नाभिकरागी प्रतिस्थापन अभिक्रिया है जो दो चरणों में होती है। पहले चरण में, तृतीयक एल्किल हैलाइड (जैसे, तृतीयक-ब्यूटिल ब्रोमाइड) धीरे-धीरे आयनित होकर एक कार्बोकैटायन मध्यवर्ती बनाता है। दूसरे चरण में, नाभिकरागी (जैसे, OH⁻) तेजी से कार्बोकैटायन पर आक्रमण करता है। उदाहरण: (CH₃)₃C-Br + H₂O → (CH₃)₃C-OH + HBr। यह अभिक्रिया तृतीयक एल्किल हैलाइडों के लिए विशिष्ट है। उत्तर (सेत्जेफ नियम): सेत्जेफ नियम के अनुसार, विलोपन अभिक्रिया में अधिक प्रतिस्थापित एल्कीन (जहाँ द्विबंध से अधिक एल्किल समूह जुड़े हों) मुख्य उत्पाद के रूप में बनता है। 2-ब्रोमोपेन्टेन में विलोपन अभिक्रिया में, क्षार (जैसे, एल्कोहॉलिक KOH) की उपस्थिति में, HBr का विलोपन होता है। मुख्य उत्पाद 2-पेन्टीन (अधिक प्रतिस्थापित) और गौण उत्पाद 1-पेन्टीन (कम प्रतिस्थापित) बनता है। एरिल हैलाइड नाभिक राशी प्रतिस्थापन के प्रति कम क्रियाशील होती है। क्यों? समझाइये। Explain why aryl halides are less reactive towards nucleophilic substitution reactions? [2] उत्तर: एरिल हैलाइड (जैसे, क्लोरोबेन्जीन) नाभिकरागी प्रतिस्थापन के प्रति कम क्रियाशील होते हैं क्योंकि: एरोमेटिक वलय से जुड़ा हाइड्रॉक्सिल समूह एल्किल समूह से जुड़े हाइड्रॉक्सिल समूह से अधिक अम्लीय होता है क्यों? समझाइये। Explain why hydroxyl group attached to an aromatic ring is more acidic than the one in which hydroxyl group is attached to an alkyl group? [2] उत्तर: फीनॉल (एरोमेटिक वलय से जुड़ा -OH) एल्कोहॉल (एल्किल समूह से जुड़ा -OH) से अधिक अम्लीय होता है क्योंकि फीनॉल में, फीनॉक्साइड आयन (C₆H₅O⁻) बेंजीन वलय के साथ अनुनाद द्वारा स्थायी होता है, जिससे ऋणावेश वलय पर विस्थापित हो जाता है। इसके विपरीत, एल्कोहॉल में एल्कॉक्साइड आयन (RO⁻) पर ऋणावेश स्थानीयकृत रहता है और कोई अनुनाद स्थायीकरण नहीं होता। इस प्रकार, फीनॉल आसानी से प्रोटॉन त्यागता है, जिससे इसकी अम्लता अधिक होती है। निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं को पूर्ण कीजिए: Complete the following chemical reactions: a) CH₃CH₂OH → (28% H₂SO₄, 443 K) ? उत्तर: CH₃CH₂OH → (28% H₂SO₄, 443 K) CH₂=CH₂ + H₂O स्पष्टीकरण: यह एथेनॉल का निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) है, जिसमें सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल की उपस्थिति में एथीन और जल बनता है। a) CH₃CH₂OH —(Conc. H₂SO₄, 443K)→
उत्तर: CH₂=CH₂ + H₂O (एथीन का निर्माण)
b) (CH₃)₃C–O–CH₃ + HI →
उत्तर: (CH₃)₃C–I + CH₃OH (SN1 अभिक्रिया द्वारा तृतीयक ब्यूटिल आयोडाइड और मेथनॉल)
[4×2=8] a) एल्किल हैलाइडों के अमोनी अपघटन से आप क्या समझते हैं? रासायनिक समीकरण दीजिए। उत्तर: एल्किल हैलाइडों का अमोनी अपघटन वह अभिक्रिया है जिसमें एल्किल हैलाइड (R–X) अमोनिया (NH₃) के साथ अभिक्रिया करके प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक एमीन तथा चतुष्क अमोनियम लवण का मिश्रण देता है। रासायनिक समीकरण: R–X + NH₃ → R–NH₂ + HX (प्राथमिक एमीन) R–NH₂ + R–X → R₂NH + HX (द्वितीयक एमीन) R₂NH + R–X → R₃N + HX (तृतीयक एमीन) R₃N + R–X → R₄N⁺X⁻ (चतुष्क अमोनियम लवण) b) वह अभिक्रिया लिखिए जिसका उपयोग निम्न के लिए किया जाता है: उत्तर: i) Wurtz श्रेणी के आरोहण में: Wurtz अभिक्रिया का उपयोग किया जाता है। 2R–X + 2Na → R–R + 2NaX (शुष्क ईथर में) ii) एमाइड से एक कार्बन कम वाली एमीन संश्लेषण में: हॉफमैन ब्रोमामाइड अभिक्रिया (Hofmann bromamide degradation) का उपयोग किया जाता है। R–CONH₂ + Br₂ + 4KOH → R–NH₂ + K₂CO₃ + 2KBr + 2H₂O What do you mean by ammonolysis of alkyl halides? Give chemical reaction. अथवा / Or Write that reaction which is used for the following: [1+2=3] Ammonolysis of Alkyl Halides: The reaction of alkyl halides with ammonia (or amines) to form substituted amines is called ammonolysis. It is a nucleophilic substitution reaction. General Reaction: R–X + NH₃ → R–NH₂ + HX (Alkyl halide + Ammonia → Primary amine + Hydrogen halide) For Ascent of Amine Series (Hoffmann's Ammonolysis): This reaction is used to increase the number of carbon atoms in the amine chain. For example, when methyl iodide reacts with ammonia, it gives methylamine, which can further react to form dimethylamine and trimethylamine. For Synthesis of Amine with One Carbon Less (Hoffmann's Degradation of Amides): This reaction converts an amide into a primary amine with one less carbon atom. The reaction involves treating the amide with bromine and a strong base (like NaOH). R–CONH₂ + Br₂ + 4NaOH → R–NH₂ + 2NaBr + Na₂CO₃ + 2H₂O (Amide → Primary amine with one less carbon) मोनोसेकेराइड किसे कहते हैं? परिभाषा लिखिए। i) DNA के पूर्ण जल अपघटन से प्राप्त होने वाले यौगिकों के नाम लिखिए। ii) DNA तथा RNA में उपस्थित शर्करा अर्धाश के संरचना सूत्र लिखिए। अथवा / Or What are monosaccharides? Write the definition. i) Name the products yielded from the complete hydrolysis of DNA. ii) Write the structural formula of sugar moiety in DNA & RNA. [4+4+½=3] मोनोसेकेराइड (Monosaccharides): ये सरल शर्कराएँ हैं जिन्हें जल अपघटन द्वारा और सरल शर्कराओं में नहीं तोड़ा जा सकता। ये कार्बोहाइड्रेट की मूल इकाई हैं। उदाहरण: ग्लूकोज, फ्रक्टोज। i) DNA के पूर्ण जल अपघटन से प्राप्त यौगिक: ii) DNA और RNA में उपस्थित शर्करा अर्धाश के संरचना सूत्र: DNA में शर्करा (डीऑक्सीराइबोज): C₅H₁₀O₄ संरचना: CHO–CH₂–(CHOH)₂–CH₂OH (2-डीऑक्सीराइबोज) RNA में शर्करा (राइबोज): C₅H₁₀O₅ संरचना: CHO–CH₂–(CHOH)₃–CH₂OH (राइबोज) किसी दुर्घटना में मृतक के शरीर की पहचान करने के लिए DNA से सम्बन्धित विधि का नाम लिखिए। अथवा / Or Write the name of method related with DNA to identify the dead body in any accident. [4+4+½=3] DNA फिंगरप्रिंटिंग (DNA Fingerprinting) या DNA प्रोफाइलिंग (DNA Profiling) वह विधि है जिसका उपयोग किसी दुर्घटना में मृतक के शरीर की पहचान करने के लिए किया जाता है। इस विधि में मृतक के DNA की तुलना उसके परिजनों या ज्ञात नमूनों से की जाती है। प्रशांतक किसे कहते हैं? किसी एक मंद प्रशांतक का नाम लिखिए। खाद्य परिरक्षक कैसे कार्य करते हैं? खाद्य रक्षक का एक उदाहरण दीजिए। साबुन कठोर जल में कार्य क्यों नहीं करते हैं? अथवा / Or औषध का विभिन्न मापदंडों के अनुसार कितने प्रकार से वर्गीकरण कर सकते हैं? प्रत्येक का नाम लिखिए। [SS41-Chem. 432] प्रशांतक (Tranquilizers): ये ऐसी औषधियाँ हैं जो चिंता, तनाव और मानसिक अशांति को कम करती हैं तथा मस्तिष्क को शांत करती हैं। ये केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर कार्य करती हैं। मंद प्रशांतक का उदाहरण: डायजेपाम (Diazepam) या वैलियम (Valium)। खाद्य परिरक्षक (Food Preservatives): ये रसायन होते हैं जो खाद्य पदार्थों को सूक्ष्मजीवों (बैक्टीरिया, फफूंद) के विकास से रोकते हैं, जिससे भोजन खराब नहीं होता और लंबे समय तक सुरक्षित रहता है। ये सूक्ष्मजीवों की कोशिका भित्ति को नष्ट करके या उनके एंजाइमों को निष्क्रिय करके कार्य करते हैं। खाद्य रक्षक का उदाहरण: सोडियम बेंजोएट (Sodium benzoate) या सोडियम क्लोराइड (नमक)। साबुन कठोर जल में कार्य क्यों नहीं करते? कठोर जल में कैल्शियम (Ca²⁺) और मैग्नीशियम (Mg²⁺) आयन होते हैं। साबुन (सोडियम स्टीयरेट) इन आयनों के साथ अभिक्रिया करके अघुलनशील अवक्षेप (कैल्शियम/मैग्नीशियम स्टीयरेट) बनाता है, जो झाग नहीं बनने देता और साबुन की सफाई क्षमता को नष्ट कर देता है। अथवा (Or): औषध का वर्गीकरण विभिन्न मापदंडों के अनुसार: (अ) प्रतिहिस्टैमीन किस प्रकार कार्य करती है? किसी एक प्रतिहिस्टैमीन का उदाहरण दीजिए। (ब) किसी एक निद्राजनक बार्बिट्यूरेट का संरचना सूत्र लिखिए। अथवा (अ) What are tranquilizers? Write the name of any mild tranquilizer. (ब) How do food preservatives work? Give an example of a food preservative. (स) Why do soaps not work in hard water? अथवा (अ) How can drugs be classified according to different criteria? Write the name of each. (ब) How do antihistamines work? Give an example of any antihistamine. (स) Write the structural formula of any sleep-producing barbiturate. [7+7+7=3] (अ) प्रतिहिस्टैमीन का कार्य: प्रतिहिस्टैमीन (Antihistamines) हिस्टैमीन (Histamine) के प्रभाव को अवरुद्ध करके कार्य करते हैं। हिस्टैमीन एक रासायनिक यौगिक है जो एलर्जी के दौरान शरीर में स्रावित होता है और सूजन, खुजली, तथा लालिमा उत्पन्न करता है। प्रतिहिस्टैमीन हिस्टैमीन रिसेप्टर्स (H1 रिसेप्टर्स) से जुड़कर हिस्टैमीन को बंधने से रोकते हैं, जिससे एलर्जी के लक्षण कम हो जाते हैं। उदाहरण: डिफेनहाइड्रामीन (Diphenhydramine) या सेटीरिज़ीन (Cetirizine)। (ब) निद्राजनक बार्बिट्यूरेट का संरचना सूत्र: फेनोबार्बिटल (Phenobarbital) एक सामान्य निद्राजनक बार्बिट्यूरेट है। इसका संरचना सूत्र निम्नलिखित है: (यह फेनोबार्बिटल का संरचना सूत्र है, जिसमें बार्बिट्यूरिक अम्ल का व्युत्पन्न होता है।) (अ) Tranquilizers: Tranquilizers are drugs that reduce anxiety, tension, and stress without inducing sleep. They act on the central nervous system to calm the mind. Example of mild tranquilizer: Diazepam (Valium) or Meprobamate. (ब) Food preservatives: Food preservatives work by inhibiting the growth of microorganisms (bacteria, fungi, yeast) or by preventing chemical changes like oxidation. They extend the shelf life of food. Example: Sodium benzoate (used in pickles and soft drinks). (स) Soaps in hard water: Soaps do not work well in hard water because hard water contains calcium (Ca²⁺) and magnesium (Mg²⁺) ions. These ions react with soap (sodium or potassium salts of fatty acids) to form insoluble precipitates called scum (calcium or magnesium soaps). This reduces the cleaning action and wastes soap. (अ) Classification of drugs: Drugs can be classified according to different criteria: (ब) Antihistamines: Antihistamines work by blocking histamine receptors (H1 receptors) in the body, preventing histamine from causing allergic reactions like swelling, itching, and redness. Example: Loratadine (Claritin). (स) Structural formula of sleep-producing barbiturate: Phenobarbital (5-ethyl-5-phenylbarbituric acid) has the following structure: (अ) अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक कौन-कौन से हैं? वेग नियम की परिभाषा लिखिए। (ब) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए। (स) सक्रियण ऊर्जा पर उत्प्रेरक के प्रभाव को दर्शाने वाला आरेख बनाइये। अथवा (अ) प्रथम कोटि की अभिक्रिया किसे कहते हैं? इक्षु शर्करा का प्रतिलोमन किस प्रकार की अभिक्रिया है? रासायनिक समीकरण लिखिए। (ब) प्रथम कोटि की एक अभिक्रिया का वेग स्थिरांक 5×10⁻⁴ s⁻¹ हो तो इस अभिक्रिया की अर्धायु ज्ञात कीजिए। (स) आहेनिअस समीकरण के आधार पर ln K एवं 1/T के मध्य आलेख बनाइये। (अ) अभिक्रिया के वेग को प्रभावित करने वाले कारक: वेग नियम (Rate Law): वेग नियम वह समीकरण है जो अभिक्रिया के वेग को अभिकारकों की सांद्रता से संबंधित करता है। सामान्य अभिक्रिया aA + bB → उत्पाद के लिए, वेग = k[A]ᵐ[B]ⁿ, जहाँ k वेग स्थिरांक है तथा m और n अभिक्रिया की कोटि हैं। (ब) शून्य कोटि की अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का सूत्र: शून्य कोटि की अभिक्रिया में, वेग अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर नहीं करता। माना अभिक्रिया A → उत्पाद है। वेग = -d[A]/dt = k (जहाँ k वेग स्थिरांक है) समाकलन करने पर: ∫d[A] = -k∫dt [A] = -kt + C (C समाकलन स्थिरांक) t = 0 पर, [A] = [A]₀, अतः C = [A]₀ इसलिए, [A] = [A]₀ - kt या, k = ([A]₀ - [A]) / t जहाँ [A]₀ प्रारंभिक सांद्रता है और [A] समय t पर सांद्रता है। (स) सक्रियण ऊर्जा पर उत्प्रेरक के प्रभाव का आरेख: (आरेख में, उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा (Ea) को कम करता है, जिससे अभिक्रिया का वेग बढ़ जाता है। बिना उत्प्रेरक के सक्रियण ऊर्जा अधिक होती है, जबकि उत्प्रेरक की उपस्थिति में यह कम हो जाती है।) (अ) प्रथम कोटि की अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जिसका वेग केवल एक अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर करता है, प्रथम कोटि की अभिक्रिया कहलाती है। उदाहरण: रेडियोधर्मी क्षय। इक्षु शर्करा का प्रतिलोमन: इक्षु शर्करा (सुक्रोज) का प्रतिलोमन प्रथम कोटि की अभिक्रिया है। इसमें सुक्रोज अम्लीय माध्यम में जल-अपघटित होकर ग्लूकोज और फ्रक्टोज बनाता है। रासायनिक समीकरण: C₁₂H₂₂O₁₁ (सुक्रोज) + H₂O → C₆H₁₂O₆ (ग्लूकोज) + C₆H₁₂O₆ (फ्रक्टोज) (ब) अर्धायु की गणना: प्रथम कोटि की अभिक्रिया के लिए अर्धायु (t₁/₂) का सूत्र: t₁/₂ = 0.693 / k दिया गया है: k = 5 × 10⁻⁴ s⁻¹ t₁/₂ = 0.693 / (5 × 10⁻⁴) t₁/₂ = 1386 सेकंड अतः अभिक्रिया की अर्धायु 1386 सेकंड (लगभग 23.1 मिनट) है। (स) आहेनिअस समीकरण के आधार पर ln K एवं 1/T का आलेख: आहेनिअस समीकरण: k = A e^(-Ea/RT) ln k = ln A - (Ea/R) × (1/T) यह एक सरल रेखा का समीकरण है (y = mx + c), जहाँ y = ln k, x = 1/T, ढाल (m) = -Ea/R, और अंतःखंड (c) = ln A। (आलेख में, ln k और 1/T के बीच ऋणात्मक ढाल वाली सरल रेखा प्राप्त होती है।) रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं: शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए, अभिक्रिया की दर अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर नहीं करती है। माना अभिक्रिया: A → उत्पाद दर = -d[A]/dt = k [A]⁰ = k ⇒ -d[A] = k dt समाकलन करने पर: ∫ -d[A] = ∫ k dt ⇒ -[A] = kt + C (जहाँ C समाकलन स्थिरांक है) जब t = 0, [A] = [A]₀, तब C = -[A]₀ ⇒ -[A] = kt - [A]₀ ⇒ [A]₀ - [A] = kt ⇒ k = ([A]₀ - [A]) / t यह शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का सूत्र है। उत्प्रेरक द्वारा सक्रियण ऊर्जा में कमी का चित्र
ऊर्जा ↑ उत्प्रेरक सक्रियण ऊर्जा (Ea) को कम करता है, जिससे अभिक्रिया तीव्र हो जाती है। छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया: वह अभिक्रिया जो वास्तव में द्वितीय कोटि की होती है, लेकिन जिसमें एक अभिकारक की सांद्रता अत्यधिक मात्रा में होने के कारण स्थिर रहती है, जिससे अभिक्रिया प्रथम कोटि की प्रतीत होती है। गन्ने की चीनी का उत्क्रमण: यह एक छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया है। रासायनिक अभिक्रिया: C₁₂H₂₂O₁₁ + H₂O → C₆H₁₂O₆ + C₆H₁₂O₆ दिया गया है: k = 5 × 10⁻⁴ s⁻¹ प्रथम कोटि अभिक्रिया के लिए अर्ध-आयु (t₁/₂) का सूत्र: t₁/₂ = 0.693 / k ⇒ t₁/₂ = 0.693 / (5 × 10⁻⁴) ⇒ t₁/₂ = 1386 सेकंड अतः अर्ध-आयु 1386 सेकंड है। ln K बनाम 1/T का ग्राफ
ln K ↑ आरेनियस समीकरण: ln K = ln A - Ea/(RT) के अनुसार, ln K और 1/T के मध्य सीधी रेखा प्राप्त होती है, जिसका ढलान -Ea/R होता है। अमोनियम क्लोराइड को कैल्शियम हाइड्रॉक्साइड के साथ गर्म करने पर अमोनिया गैस प्राप्त होती है: 2NH₄Cl + Ca(OH)₂ → CaCl₂ + 2NH₃ + 2H₂O Cu²⁺ आयन की पहचान: Cu²⁺ विलयन में अमोनिया मिलाने पर प्रथमतः नीला अवक्षेप (Cu(OH)₂) बनता है, जो अधिक NH₃ में घुलकर गहरे नीले रंग का संकुल [Cu(NH₃)₄]²⁺ बनाता है। Cu²⁺ + 2NH₃ + 2H₂O → Cu(OH)₂↓ + 2NH₄⁺ Cu(OH)₂ + 4NH₃ → [Cu(NH₃)₄]²⁺ + 2OH⁻ Ag⁺ आयन की पहचान: Ag⁺ विलयन में अमोनिया मिलाने पर प्रथमतः सफेद अवक्षेप (AgOH/Ag₂O) बनता है, जो अधिक NH₃ में घुलकर रंगहीन संकुल [Ag(NH₃)₂]⁺ बनाता है। Ag⁺ + NH₃ + H₂O → AgOH↓ + NH₄⁺ AgOH + 2NH₃ → [Ag(NH₃)₂]⁺ + OH⁻ हैबर विधि द्वारा अमोनिया उत्पादन का प्रवाह चित्र:
N₂ (वायु से) + H₂ (जल गैस से) औद्योगिक विधि: सल्फर को वायु में जलाकर सल्फर डाइऑक्साइड बनाई जाती है। रासायनिक समीकरण: S + O₂ → SO₂ SO₂ को जल में प्रवाहित करने पर: सल्फ्यूरस अम्ल बनता है। SO₂ + H₂O → H₂SO₃ SO₂ के अपचायक गुण को प्रदर्शित करने वाली अभिक्रिया: SO₂ + 2H₂S → 3S + 2H₂O (SO₂ H₂S को अपचायित करता है) या SO₂ + 2FeCl₃ + 2H₂O → 2FeCl₂ + H₂SO₄ + 2HCl समचतुर्भुज सल्फर (α-सल्फर) की वलय संरचना
S समचतुर्भुज सल्फर में S₈ वलय होता है, जिसमें 8 सल्फर परमाणु एक मुकुटाकार संरचना में व्यवस्थित होते हैं। (अ) टॉलेन परीक्षण किस समूह की पहचान हेतु उपयोग में लाया जाता है? रासायनिक समीकरण दीजिए। For which group identification Tollens test is used? Give chemical equation. उत्तर: टॉलेन परीक्षण एल्डिहाइड समूह (-CHO) की पहचान के लिए उपयोग किया जाता है। यह परीक्षण एल्डिहाइड को कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत करता है, जबकि सिल्वर आयन (Ag⁺) सिल्वर धातु (Ag) में अपचयित हो जाता है, जो दर्पण जैसी परत बनाता है। रासायनिक समीकरण: R-CHO + 2[Ag(NH₃)₂]⁺ + 2OH⁻ → R-COO⁻ + 2Ag↓ + 4NH₃ + 2H₂O (जहाँ R = एल्किल या एरिल समूह) (ब) क्लीमेन्सन अपचयन एवं वोल्फ किश्नर अपचयन में कोई एक अन्तर लिखिए। Give one difference between Clemmensen reduction & Wolff Kishner reduction. उत्तर: क्लीमेन्सन अपचयन में अम्लीय माध्यम (जैसे Zn-Hg/HCl) का उपयोग होता है, जबकि वोल्फ किश्नर अपचयन में क्षारीय माध्यम (जैसे NH₂NH₂/KOH) का उपयोग होता है। क्लीमेन्सन अपचयन अम्ल-संवेदनशील यौगिकों के लिए उपयुक्त नहीं है, जबकि वोल्फ किश्नर अपचयन क्षार-संवेदनशील यौगिकों के लिए उपयुक्त नहीं है। (स) एल्डोल अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण की सहायता से समझाइये। Explain aldol reaction with chemical equation. उत्तर: एल्डोल अभिक्रिया एक कार्बनिक अभिक्रिया है जिसमें दो एल्डिहाइड या कीटोन अणु तनु क्षार की उपस्थिति में संघनित होकर β-हाइड्रॉक्सी एल्डिहाइड या β-हाइड्रॉक्सी कीटोन (एल्डोल) बनाते हैं। उदाहरण: एसीटैल्डिहाइड का एल्डोल संघनन CH₃-CHO + CH₃-CHO → (तनु NaOH) → CH₃-CH(OH)-CH₂-CHO (3-हाइड्रॉक्सीब्यूटेनल) यह अभिक्रिया एल्डिहाइड और कीटोन के α-हाइड्रोजन की उपस्थिति में होती है। (द) कार्बोनिल समूह निर्माण का कक्षीय आरेख बनाइये। Draw orbital diagram for the formation of carbonyl group. उत्तर: कार्बोनिल समूह (C=O) में कार्बन और ऑक्सीजन के बीच एक सिग्मा (σ) बंध और एक पाई (π) बंध होता है। कार्बन sp² संकरित होता है, जो तीन σ बंध बनाता है (एक ऑक्सीजन से और दो अन्य परमाणुओं से)। ऑक्सीजन भी sp² संकरित होता है, जिसमें दो एकाकी इलेक्ट्रॉन युग्म होते हैं। π बंध कार्बन के p कक्षक और ऑक्सीजन के p कक्षक के अक्षीय अतिव्यापन से बनता है। (आरेख: कार्बन और ऑक्सीजन के sp² संकरित कक्षक σ बंध बनाते हैं, और दोनों के p कक्षक π बंध बनाते हैं।) (अ) कार्बोक्सिल समूह की अनुनादी संरचना दीजिए। Give resonating structure of carboxylic group. उत्तर: कार्बोक्सिल समूह (-COOH) की दो मुख्य अनुनादी संरचनाएँ होती हैं: ये अनुनादी संरचनाएँ कार्बोक्सिल समूह को स्थायित्व प्रदान करती हैं। (ब) निम्न को प्राप्त करने की रासायनिक अभिक्रिया लिखिए: Give chemical reaction to obtain the following: उत्तर: (i) ग्रिग्नार्ड अभिकर्मक से कार्बोक्सिलिक अम्ल: R-MgX + CO₂ → R-COO-MgX → (H₃O⁺) → R-COOH + MgX(OH) (ii) एथिल बेन्जोएट से बेन्जोइक अम्ल: C₆H₅-COO-C₂H₅ + H₂O → (H⁺/OH⁻, Δ) → C₆H₅-COOH + C₂H₅OH (iii) बेन्जोइक अम्ल से बेन्जामाइड: C₆H₅-COOH + NH₃ → (Δ) → C₆H₅-COONH₄ → (Δ, -H₂O) → C₆H₅-CONH₂ (स) 2-प्रोपीनोइक अम्ल में अनुनादी संरचनाएँ बनाइये। Give resonating structures of propenoic acid. उत्तर: 2-प्रोपीनोइक अम्ल (CH₂=CH-COOH) में निम्नलिखित अनुनादी संरचनाएँ होती हैं: ये अनुनादी संरचनाएँ अणु को स्थायित्व प्रदान करती हैं। (द) एल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल में कैसे विभेद करोगे? How will you distinguish aldehyde, ketone & carboxylic acid? उत्तर: इन यौगिकों को निम्नलिखित परीक्षणों द्वारा विभेद किया जा सकता है: इस प्रकार, टॉलेन या फेलिंग परीक्षण से एल्डिहाइड की पहचान होती है, और NaHCO₃ परीक्षण से कार्बोक्सिलिक अम्ल की पहचान होती है। कीटोन इनमें से किसी भी परीक्षण में अभिक्रिया नहीं करता।5. वियोजन स्थिरांक की गणना
6. विलयन प्रावस्था से अधिशोषण
7. तांबे का विद्युत अपघटनी शोधन
8. प्रथम संक्रमण धातु आयनों के रंग एवं जटिल यौगिक बनाने की प्रवृत्ति
9. होमोलेप्टिक एवं हेट्रोलेप्टिक संकुलों का वर्गीकरण
iii) K₂[Zn(OH)₄] iv) [Pt(NH₃)₂Cl(NO₂)]
प्रश्न 20
प्रश्न 21
प्रश्न 22
प्रश्न 23
प्रश्न 24
25. निम्नलिखित रासायनिक अभिक्रियाओं को पूर्ण कीजिए:
खण्ड - C
प्रश्न 26
भाग (a)
भाग (b)
भाग (c)
प्रश्न 27
खण्ड - C (Section - C)
प्रश्न 28
उत्तर (विकल्प 1)
O
||
C6H5—C—NH
| \
C2H5—C—C=O
| /
C—NH
||
O
उत्तर (विकल्प 2)
उत्तर (विकल्प 3)
O
||
C6H5—C—NH
| \
C2H5—C—C=O
| /
C—NH
||
O
खण्ड - D (Section - D)
प्रश्न 29
उत्तर (विकल्प 1)
ऊर्जा
↑
| बिना उत्प्रेरक (उच्च Ea)
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
|/_________________\→ अभिक्रिया पथ
| उत्प्रेरक के साथ (निम्न Ea)
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
|/_________________\→ अभिक्रिया पथ
उत्तर (विकल्प 2)
ln k
↑
| /
| /
| /
| /
| /
| /
| /
| /
|/_________________→ 1/T
(ढाल = -Ea/R)
प्रश्न 29
(क) रासायनिक अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक
(ख) शून्य कोटि अभिक्रिया के लिए वेग स्थिरांक का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए
(ग) उत्प्रेरक का सक्रियण ऊर्जा पर प्रभाव दर्शाने वाला चित्र बनाइए
| सक्रिय संकुल (बिना उत्प्रेरक)
| / \
| / \
| / \
|/ \
| सक्रिय संकुल (उत्प्रेरक के साथ)
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
| / \
|/_________________\
| अभिकारक → उत्पाद
+------------------→ अभिक्रिया पथ
(घ) अथवा - छद्म प्रथम कोटि अभिक्रिया
(गन्ने की चीनी) (जल) (ग्लूकोज) (फ्रक्टोज)(ङ) प्रथम कोटि अभिक्रिया की अर्ध-आयु की गणना
(च) आरेनियस समीकरण के आधार पर ln K और 1/T के मध्य ग्राफ
| *
| *
| *
| *
| *
| *
| *
| *
|*
+------------------→ 1/T
प्रश्न 30
(क) अमोनियम क्लोराइड से अमोनिया बनाने की विधि का रासायनिक समीकरण
(ख) Cu²⁺ तथा Ag⁺ आयनों की पहचान NH₃ के अनुप्रयोग से
(ग) अमोनिया उत्पादन के लिए नामांकित प्रवाह चित्र
↓
संपीडक (200 atm दाब)
↓
उत्प्रेरक कक्ष (Fe + Mo, 450°C)
↓
N₂ + 3H₂ ⇌ 2NH₃ + ऊष्मा
↓
शीतलक (द्रव NH₃ संघनित)
↓
पृथक्करण पात्र
↓
द्रव NH₃ (संग्रह) ← अभिक्रिया न की गई गैसें (पुनः चक्रण)
(घ) अथवा - सल्फर डाइऑक्साइड गैस बनाने की औद्योगिक विधि
(ङ) समचतुर्भुज सल्फर के वलय का नामांकित चित्र
/ \
S S
/ \
S S
\ /
S S
\ /
S
प्रश्न 30
अथवा / OR
परीक्षण
एल्डिहाइड
कीटोन
कार्बोक्सिलिक अम्ल
टॉलेन परीक्षण
सिल्वर दर्पण बनता है
कोई अभिक्रिया नहीं
कोई अभिक्रिया नहीं
फेलिंग परीक्षण
लाल अवक्षेप (Cu₂O)
कोई अभिक्रिया नहीं
कोई अभिक्रिया नहीं
NaHCO₃ परीक्षण
कोई अभिक्रिया नहीं
कोई अभिक्रिया नहीं
CO₂ गैस उत्पन्न होती है