RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers

Public Administration-SS-06-2016 from the 2016 exam year is part of the Class 12th previous year papers archive on RBSE Solution. Many learners start here after finishing the textbook to see how questions were actually framed on the Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) paper.

Treat this question paper as a mock under gentle timing first, then as a marking exercise the second time. The introduction on this page is written only for this subject-and-year pair, not copied from other pages.

Bookmark the link if you coach juniors — the layout stays stable for search engines and classroom sharing.

Paper details

Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.

Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2016
Subject Public Administration-SS-06-2016
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2016, and subject Public Administration-SS-06-2016 before studying.

RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.

Turning 2016 papers into insight

One Public Administration-SS-06-2016 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.

Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 12th expect clear numbering even in practice sessions.

RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016

Scroll through the Previous Year Papers pages for Public Administration-SS-06-2016 (2016).

RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 0
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 1
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 2
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 3
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 4
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 5
https://rbsesolution.com
RBSE Class 12th 2016 Public Administration-SS-06-2016 Previous Year Papers 6
https://rbsesolution.com

Rajasthan Board Class 12th Public Administration-SS-06-2016 2016 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016

लोक प्रशासन
PUBLIC ADMINISTRATION

समय : 3¼ घण्टे    पूर्णांक : 80

परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
    Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड है, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

No. of Questions — 30    S S-06-Pub. Adm.
No. of Printed Pages — 07

[ Turn Over ]

खण्ड - अ / PART - A

1. 'इन्ट्रोडक्शन टू द स्टडी ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन' पुस्तक की रचना एल.डी.व्हाइट द्वारा किस सन में की गई? [1]

In which year L.D. White wrote the book entitled "Introduction to the study of Public Administration"?

उत्तर / Answer: 1926

एल.डी. व्हाइट ने यह पुस्तक 1926 में लिखी थी, जिसे लोक प्रशासन के अध्ययन की प्रथम पाठ्यपुस्तक माना जाता है।

2. मानव संबंध विचारधारा का जन्मदाता किसे माना जाता है? [1]

Who is known as the father of human relation ideology?

उत्तर / Answer: एल्टन मेयो (Elton Mayo)

एल्टन मेयो को हॉथोर्न प्रयोगों के माध्यम से मानव संबंध विचारधारा का जन्मदाता माना जाता है।

नोट / Note: प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।

If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

खण्ड / Part - प्रश्न संख्या / Q. Nos. - अंक प्रति प्रश्न / Marks Per Question

खण्ड / Part प्रश्न संख्या / Q. Nos. अंक प्रति प्रश्न / Marks Per Question
अ / A 1 1
ब / B 1-8 2
स / C 9-27 4
द / D 28-30 6

नोट / Note: प्रश्न क्रमांक 28 से 30 में आंतरिक विकल्प हैं। There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.

4) अभिप्रेरणा के 'X' और 'Y' सिद्धांत के प्रतिपादक कौन है?

Who is the propounder of the theory X and Y of motivation?

उत्तर: डगलस मैक्ग्रेगर (Douglas McGregor) ने अभिप्रेरणा के 'X' और 'Y' सिद्धांत का प्रतिपादन किया।

5) लोक प्रशासन में विकास प्रशासन की अवधारणा का सर्वप्रथम प्रतिपादन किसने किया?

Who firstly propounded the concept of development administration in public administration?

उत्तर: जॉर्ज एफ. गैंट (George F. Gant) ने लोक प्रशासन में विकास प्रशासन की अवधारणा का सर्वप्रथम प्रतिपादन किया।

6) संविधान की सातवीं अनुसूची में कितनी सूचियों का उल्लेख किया गया है?

How many lists have been mentioned under 7th schedule of Indian constitution?

उत्तर: संविधान की सातवीं अनुसूची में तीन सूचियों का उल्लेख किया गया है - संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची।

7) राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन किस वर्ष में हुआ?

In which year the national development council was constituted?

उत्तर: राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन वर्ष 1952 में हुआ।

8) बजट शब्द की उत्पत्ति किस भाषा से हुई है?

Budget word is derived from which language?

उत्तर: बजट शब्द की उत्पत्ति फ्रेंच भाषा के 'बौजेट' (Bougette) शब्द से हुई है, जिसका अर्थ छोटा बैग या थैला होता है।

9) लोक सेवकों के प्रशिक्षण के प्रकार बताइए।

Mention the types of training for the civil servants.

उत्तर: लोक सेवकों के प्रशिक्षण के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं:
  1. पूर्व-सेवा प्रशिक्षण (Pre-service Training)
  2. सेवाकालीन प्रशिक्षण (In-service Training)
  3. अभिविन्यास प्रशिक्षण (Orientation Training)
  4. कार्यक्रम प्रशिक्षण (Programme Training)
  5. विशेष प्रशिक्षण (Specialized Training)
  6. पुनश्चर्या प्रशिक्षण (Refresher Training)

10) भारत में जन शिकायत निवारण तंत्र के विभिन्न स्तरों को चिन्हित कीजिए।

Point out the different levels of the redressal of public grievances system in India.

उत्तर: भारत में जन शिकायत निवारण तंत्र के विभिन्न स्तर निम्नलिखित हैं:
  1. प्रशासनिक स्तर: विभागीय अधिकारी, विभागाध्यक्ष, मंत्रालय स्तर पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ।
  2. लोकपाल और लोकायुक्त स्तर: केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त।
  3. न्यायिक स्तर: उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से शिकायत निवारण।
  4. संसदीय स्तर: संसदीय समितियाँ जैसे प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति आदि।
  5. सूचना का अधिकार स्तर: सूचना आयोग के माध्यम से शिकायत निवारण।
  6. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) स्तर: भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों की जांच।

खण्ड - ब (PART - B)

प्रश्न 1 (Question 1)

राजस्थान के नागौर जिले में पं. जवाहर लाल नेहरू के द्वारा पंचायत राज व्यवस्था का प्रारंभ किस वर्ष में किया गया?

In which year did Pandit Jawahar Lal Nehru inaugurate the Panchayati Raj system in Nagaur district of Rajasthan?

उत्तर: पं. जवाहर लाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर जिले में पंचायत राज व्यवस्था का प्रारंभ 2 अक्टूबर 1959 को किया था। यह भारत में पंचायती राज व्यवस्था की शुरुआत का प्रतीक था।

प्रश्न 2 (Question 2)

फेयॉल ने औद्योगिक संस्थानों की समस्त गतिविधियों को कितने भागों में विभाजित किया है?

In how many parts did Henri Fayol divide all the industrial activities?

उत्तर: हेनरी फेयॉल ने औद्योगिक संस्थानों की समस्त गतिविधियों को 6 भागों में विभाजित किया है। ये हैं: (1) तकनीकी गतिविधियाँ, (2) वाणिज्यिक गतिविधियाँ, (3) वित्तीय गतिविधियाँ, (4) सुरक्षा गतिविधियाँ, (5) लेखा गतिविधियाँ, और (6) प्रबंधकीय गतिविधियाँ।

प्रश्न 3 (Question 3)

हॉथोर्न कारखाने में सन् 1924-27 के दौरान किसके द्वारा प्रयोग किए गए?

Who conducted experiments in the Hawthorne plant during 1924-27?

उत्तर: हॉथोर्न कारखाने में सन् 1924-27 के दौरान एल्टन मेयो (Elton Mayo) और उनके सहयोगियों द्वारा प्रयोग किए गए। ये प्रयोग मानवीय संबंधों के सिद्धांत के विकास के लिए प्रसिद्ध हैं।

प्रश्न 4 (Question 4)

नेतृत्व से क्या अभिप्राय है?

What is meant by leadership?

उत्तर: नेतृत्व से अभिप्राय किसी व्यक्ति की वह क्षमता है जिसके द्वारा वह समूह के सदस्यों को प्रभावित करके उन्हें सामूहिक लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में प्रेरित करता है। यह एक प्रक्रिया है जिसमें नेता अनुयायियों का मार्गदर्शन करता है और उनमें समन्वय स्थापित करता है।

प्रश्न 5 (Question 5)

तुलनात्मक लोक प्रशासन के उद्देश्य लिखिए।

Write the objectives of comparative public administration.

उत्तर: तुलनात्मक लोक प्रशासन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • विभिन्न देशों की प्रशासनिक प्रणालियों का तुलनात्मक अध्ययन करना।
  • प्रशासनिक सिद्धांतों और प्रथाओं में समानताएं और अंतर खोजना।
  • प्रशासनिक सुधारों के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं की पहचान करना।
  • प्रशासनिक विकास और आधुनिकीकरण में सहायता करना।
  • वैश्विक स्तर पर प्रशासनिक ज्ञान का विस्तार करना।

प्रश्न 6 (Question 6)

लोक सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था को बताइए।

Explain the reservation system in public services.

उत्तर: लोक सेवाओं में आरक्षण व्यवस्था का तात्पर्य सरकारी नौकरियों में अनुसूचित जातियों (SC), अनुसूचित जनजातियों (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को उनकी जनसंख्या के अनुपात में निश्चित प्रतिशत पदों का आरक्षण प्रदान करना है। इसका उद्देश्य सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों को सरकारी सेवाओं में उचित प्रतिनिधित्व देना और सामाजिक न्याय स्थापित करना है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 16(4) के तहत यह व्यवस्था प्रदान की गई है।

6) नीति निरूपण को प्रभावित करने वाले तत्व बताइए। [2]

Write the factors effecting policy making.

नीति निरूपण को प्रभावित करने वाले प्रमुख तत्व:

  • राजनीतिक वातावरण (Political Environment)
  • आर्थिक स्थितियाँ (Economic Conditions)
  • सामाजिक-सांस्कृतिक कारक (Socio-Cultural Factors)
  • जनमत और दबाव समूह (Public Opinion and Pressure Groups)
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव (International Influences)
  • संवैधानिक और कानूनी ढाँचा (Constitutional and Legal Framework)
  • प्रशासनिक तंत्र की क्षमता (Administrative Capacity)
  • पिछली नीतियों का अनुभव (Experience from Past Policies)

7) संसद की लोक लेखा समिति के कार्य बताइए। [2]

Write the functions of public accounts committee of parliament.

लोक लेखा समिति के प्रमुख कार्य:

  • सरकार के वार्षिक लेखाओं (CAG रिपोर्ट) की जाँच करना।
  • यह सुनिश्चित करना कि धन का उपयोग संसद द्वारा स्वीकृत उद्देश्यों के लिए हुआ है।
  • वित्तीय अनियमितताओं और अपव्यय को उजागर करना।
  • सरकारी खर्चों में मितव्ययिता और दक्षता की सिफारिश करना।
  • नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों की विस्तृत जाँच करना।

8) प्रशासनिक नैतिकता का अभिप्राय बताइए। [2]

Explain the meaning of administrative ethics.

प्रशासनिक नैतिकता का अभिप्राय: प्रशासनिक नैतिकता से तात्पर्य उन नैतिक सिद्धांतों, मूल्यों और आचार संहिताओं से है जो लोक प्रशासकों के व्यवहार और निर्णयों का मार्गदर्शन करते हैं। इसमें ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शिता, जवाबदेही और सार्वजनिक हित के प्रति समर्पण शामिल है। यह सुनिश्चित करता है कि प्रशासनिक कार्य नैतिक मानकों के अनुरूप हों और भ्रष्टाचार मुक्त हों।


खण्ड - स / PART - C

9) फेयोल के 'गैंग प्लैंक' की व्याख्या कीजिए। [4]

Explain the Fayol's 'Gangplank'.

फेयोल का 'गैंग प्लैंक' (Gangplank): हेनरी फेयोल के प्रबंधन सिद्धांतों में 'गैंग प्लैंक' एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह संगठन में संचार की एक क्षैतिज श्रृंखला को संदर्भित करता है, जो पदानुक्रमित श्रृंखला (स्केलर चेन) को तोड़े बिना विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के बीच सीधे संवाद की अनुमति देता है।

व्याख्या: फेयोल के अनुसार, संगठन में आदेश की एक श्रृंखला होती है (स्केलर चेन), जो ऊपर से नीचे तक जाती है। लेकिन कभी-कभी एक ही स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को त्वरित निर्णय लेने के लिए सीधे संवाद करने की आवश्यकता होती है। 'गैंग प्लैंक' इस सीधे संवाद को सक्षम बनाता है, बशर्ते कि उनके वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी हो और वे इसकी अनुमति दें। इससे समय की बचत होती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होती है।

उदाहरण: यदि विभाग A का प्रबंधक और विभाग B का प्रबंधक एक ही स्तर पर हैं, तो वे सीधे संवाद कर सकते हैं (गैंग प्लैंक का उपयोग करके) बजाय इसके कि वे अपने-अपने वरिष्ठों के माध्यम से संवाद करें।

10) निर्णय निर्माण प्रक्रिया में हरबर्ट साइमन के योगदान को बताइए। [4]

Explain the contribution of Herbert Simon in decision making process.

हरबर्ट साइमन का योगदान: हरबर्ट साइमन ने निर्णय निर्माण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रमुख योगदान निम्नलिखित हैं:

  • बाउंडेड रैशनलिटी (सीमित तर्कसंगतता): साइमन ने तर्क दिया कि मनुष्य पूर्णतः तर्कसंगत नहीं हो सकते क्योंकि उनके पास सीमित जानकारी, समय और संज्ञानात्मक क्षमताएँ होती हैं। इसलिए वे 'सैटिसफाइसिंग' (संतोषजनक) निर्णय लेते हैं, न कि 'ऑप्टिमाइजिंग' (अनुकूलतम)।
  • निर्णय निर्माण के तीन चरण: साइमन ने निर्णय निर्माण प्रक्रिया को तीन चरणों में विभाजित किया:
    • खुफिया गतिविधि (Intelligence Activity): समस्या की पहचान और जानकारी एकत्र करना।
    • डिजाइन गतिविधि (Design Activity): वैकल्पिक समाधान विकसित करना।
    • चयन गतिविधि (Choice Activity): सर्वोत्तम विकल्प का चयन करना।
  • प्रोग्राम्ड और नॉन-प्रोग्राम्ड निर्णय: साइमन ने निर्णयों को दो श्रेणियों में बाँटा: प्रोग्राम्ड (नियमित और पूर्वानुमानित) और नॉन-प्रोग्राम्ड (अनियमित और नए)।
  • प्रशासनिक व्यवहार: उनकी पुस्तक 'एडमिनिस्ट्रेटिव बिहेवियर' ने निर्णय निर्माण को प्रशासनिक सिद्धांत का केंद्र बिंदु बनाया।

11) विकास प्रशासन तथा प्रशासनिक विकास के मध्य अंतर की विवेचना कीजिए। [4]

Discuss the difference between development administration and administrative development.

विकास प्रशासन और प्रशासनिक विकास में अंतर:

क्र. विकास प्रशासन (Development Administration) प्रशासनिक विकास (Administrative Development)
1. इसका ध्यान राष्ट्रीय विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने पर है। इसका ध्यान प्रशासनिक तंत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने पर है।
2. यह नीतियों और कार्यक्रमों के कार्यान्वयन से संबंधित है। यह प्रशासनिक संरचना, प्रक्रियाओं और क्षमता में सुधार से संबंधित है।
3. इसमें सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने पर जोर दिया जाता है। इसमें प्रशासनिक दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाने पर जोर दिया जाता है।
4. यह व्यापक अवधारणा है जिसमें विकास के सभी पहलू शामिल हैं। यह संकीर्ण अवधारणा है जो केवल प्रशासनिक सुधारों पर केंद्रित है।
5. उदाहरण: गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम, शिक्षा का विस्तार। उदाहरण: प्रशिक्षण कार्यक्रम, नई प्रौद्योगिकी का उपयोग।

12) प्रशासनिक अधिकरण की अवधारणा को इंगित कीजिए। [4]

Point out the concept of administrative tribunals.

प्रशासनिक अधिकरण की अवधारणा: प्रशासनिक अधिकरण अर्ध-न्यायिक निकाय हैं जो सामान्य न्यायालयों के बोझ को कम करने और प्रशासनिक विवादों के त्वरित निपटान के लिए स्थापित किए जाते हैं। ये सरकार और नागरिकों के बीच या सरकारी विभागों के बीच उत्पन्न होने वाले विवादों का निपटारा करते हैं।

मुख्य विशेषताएँ:

  • ये न्यायालयों की तरह कार्य करते हैं लेकिन इनकी प्रक्रिया कम औपचारिक होती है।
  • इनमें विशेषज्ञ सदस्य होते हैं जिन्हें प्रशासनिक मामलों का ज्ञान होता है।
  • ये त्वरित और सस्ता न्याय प्रदान करते हैं।
  • भारत में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) और राज्य प्रशासनिक अधिकरण इसके उदाहरण हैं।
  • इनके निर्णयों के विरुद्ध उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपील की जा सकती है।

23) नियोजन निर्माण में सम्मिलित विभिन्न प्रशासनिक अभिकरणों के नामों का उल्लेख कीजिए ।

Mentioned the names of different administrative agencies involved in planning formulation.

उत्तर: नियोजन निर्माण में सम्मिलित प्रमुख प्रशासनिक अभिकरण निम्नलिखित हैं:

  • योजना आयोग (अब नीति आयोग)
  • केन्द्रीय मंत्रालय एवं विभाग
  • राज्य योजना बोर्ड
  • जिला योजना समिति
  • विभिन्न विशेषज्ञ समितियाँ एवं कार्यदल

24) बजट निर्माण प्रक्रिया का वर्णन कीजिए ।

Describe the process of Budget formulation.

उत्तर: बजट निर्माण प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं:

  1. पूर्व-बजट तैयारी: वित्त मंत्रालय द्वारा सभी मंत्रालयों को बजट अनुमान प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए जाते हैं।
  2. अनुमान प्रस्तुतीकरण: विभिन्न मंत्रालय अपने व्यय एवं राजस्व अनुमान प्रस्तुत करते हैं।
  3. समीक्षा एवं समायोजन: वित्त मंत्रालय द्वारा सभी अनुमानों की समीक्षा की जाती है और आवश्यक समायोजन किए जाते हैं।
  4. अंतिम प्रारूप तैयार करना: वित्त मंत्री के मार्गदर्शन में अंतिम बजट दस्तावेज तैयार किया जाता है।
  5. संसद में प्रस्तुतीकरण: बजट को संसद में पेश किया जाता है और पारित कराया जाता है।

25) लोक सेवा में भर्ती की अवधारणा को बताइए।

Explain the concept of recruitment in civil services.

उत्तर: लोक सेवा में भर्ती का अर्थ है सरकारी सेवाओं में योग्य व्यक्तियों का चयन करना। यह प्रक्रिया निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित है:

  • योग्यता के आधार पर चयन: प्रतियोगी परीक्षाओं और साक्षात्कार के माध्यम से सबसे योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
  • समान अवसर: सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के आवेदन करने का अवसर मिलता है।
  • पारदर्शिता: भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होती है।
  • आरक्षण नीति: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण का प्रावधान है।

26) लोक सेवकों की नवीन निरंकुशता' से आप क्या समझते है?

What do you mean by 'New Despotism' of civil servants?

उत्तर: 'नवीन निरंकुशता' (New Despotism) से तात्पर्य लोक सेवकों द्वारा अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए निरंकुश व्यवहार करने की प्रवृत्ति से है। यह अवधारणा लॉर्ड ह्यूविट द्वारा प्रतिपादित की गई थी। इसमें निम्नलिखित विशेषताएँ शामिल हैं:

  • प्रशासनिक निर्णयों में मनमानी
  • नियमों और कानूनों की अवहेलना
  • जनता के प्रति उत्तरदायित्व का अभाव
  • अपनी शक्तियों का विस्तार करने की प्रवृत्ति
  • लोकतांत्रिक नियंत्रण से बचने का प्रयास

27) भारत में प्रशासनिक सुधारों की समस्याओं का विवेचन कीजिए ।

Discuss the problems of administrative reforms in India.

उत्तर: भारत में प्रशासनिक सुधारों की प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:

  1. राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव: सुधारों को लागू करने के लिए आवश्यक राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पाता।
  2. नौकरशाही का प्रतिरोध: मौजूदा प्रशासनिक तंत्र में बदलाव के प्रति प्रतिरोध पाया जाता है।
  3. संसाधनों की कमी: सुधारों के लिए पर्याप्त वित्तीय और मानव संसाधन उपलब्ध नहीं होते।
  4. कानूनी बाधाएँ: पुराने कानून और नियम सुधारों में बाधा उत्पन्न करते हैं।
  5. समन्वय का अभाव: विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय का अभाव होता है।
  6. सांस्कृतिक बाधाएँ: प्रशासनिक संस्कृति में बदलाव लाना कठिन होता है।

खण्ड - द

PART - D

28) मानव संबंध विचारधारा का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।

Critically examine the Human relations theory

उत्तर: मानव संबंध विचारधारा का आलोचनात्मक परीक्षण निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर किया जा सकता है:

सकारात्मक पक्ष:

  • कार्यस्थल पर मानवीय तत्वों पर ध्यान केंद्रित किया
  • श्रमिकों की भावनाओं और सामाजिक आवश्यकताओं को महत्व दिया
  • अनौपचारिक समूहों के महत्व को पहचाना
  • प्रबंधन में मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया

आलोचनात्मक पक्ष:

  • यह सिद्धांत अत्यधिक सरलीकृत है और आर्थिक कारकों की उपेक्षा करता है
  • हॉथोर्न प्रयोगों की वैज्ञानिक पद्धति पर प्रश्न उठाए गए हैं
  • यह संघर्ष की भूमिका को नजरअंदाज करता है
  • श्रमिकों के हेरफेर के लिए इसका दुरुपयोग किया जा सकता है
  • यह संगठनात्मक संरचना और औपचारिक पहलुओं की उपेक्षा करता है

अथवा

मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए ।

Critically examine the max weber's theory of bureaucracy.

उत्तर: मैक्स वेबर के नौकरशाही सिद्धांत का आलोचनात्मक परीक्षण निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर किया जा सकता है:

सकारात्मक पक्ष:

  • स्पष्ट पदानुक्रम और अधिकार संरचना प्रदान करता है
  • नियमों और प्रक्रियाओं पर आधारित तर्कसंगत प्रणाली
  • योग्यता के आधार पर चयन और पदोन्नति
  • कार्य का विभाजन और विशेषज्ञता को बढ़ावा

आलोचनात्मक पक्ष:

  • अत्यधिक लालफीताशाही और कठोरता उत्पन्न करता है
  • मानवीय पहलू की उपेक्षा करता है
  • नियमों का पालन ही लक्ष्य बन जाता है (लक्ष्य विस्थापन)
  • परिवर्तन के प्रति अनुकूलन क्षमता कम होती है
  • अनौपचारिक संबंधों और समूहों की भूमिका को नजरअंदाज करता है
  • नौकरशाही में शक्ति का विकेंद्रीकरण नहीं होता

SS_06-Pub. Adm. | 406 |

प्रश्न 29

राज्य स्तर पर नीति निरूपण प्रक्रिया में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं की भूमिका बताइए। [6]

अथवा

जिला स्तरीय नियोजन की प्रकृति एवं उद्देश्य बताइए। [6]

Explain the role of political and administrative institutions in process of policy making at state level.

OR

Describe the nature and objectives of district level planning.

समाधान (विकल्प 1: राज्य स्तर पर नीति निरूपण में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संस्थाओं की भूमिका)

राज्य स्तर पर नीति निरूपण एक जटिल प्रक्रिया है जिसमें राजनैतिक और प्रशासनिक दोनों प्रकार की संस्थाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनकी भूमिका इस प्रकार है:

  • राजनैतिक संस्थाओं की भूमिका:
    • विधानमंडल (Legislature): विधानमंडल नीति निरूपण की सर्वोच्च संस्था है। यह कानून बनाकर नीतियों को वैधता प्रदान करता है। सदस्य जनता की आकांक्षाओं और समस्याओं को उठाकर नीति निर्माण को प्रभावित करते हैं।
    • मंत्रिपरिषद (Council of Ministers): मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद नीति निरूपण की मुख्य कार्यकारी संस्था है। यह नीतियों का प्रारूप तैयार करती है, उन पर निर्णय लेती है और उन्हें लागू करने की दिशा तय करती है।
    • राजनीतिक दल (Political Parties): सत्तारूढ़ दल अपने चुनावी घोषणापत्र और विचारधारा के आधार पर नीतियों को आकार देता है। विपक्षी दल रचनात्मक आलोचना और वैकल्पिक सुझाव देकर नीति निर्माण को संतुलित करते हैं।
  • प्रशासनिक संस्थाओं की भूमिका:
    • सचिवालय (Secretariat): राज्य सचिवालय नीति निरूपण का मुख्य प्रशासनिक केंद्र है। यह नीतियों के लिए आवश्यक डेटा, सूचना और विशेषज्ञ सलाह प्रदान करता है। सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी नीति प्रस्ताव तैयार करते हैं और मंत्रियों को सहायता प्रदान करते हैं।
    • विभाग (Departments): विभिन्न विभाग (जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि) अपने-अपने क्षेत्रों में नीति निर्माण में योगदान देते हैं। वे नीतियों की व्यवहार्यता, लागत और प्रभाव का आकलन करते हैं।
    • निदेशालय (Directorates): निदेशालय नीतियों को लागू करने वाली क्षेत्रीय इकाइयाँ हैं। वे नीतियों के क्रियान्वयन से प्राप्त अनुभवों और समस्याओं को सचिवालय तक पहुँचाकर नीति सुधार में मदद करते हैं।
    • सलाहकार समितियाँ (Advisory Committees): विशेषज्ञों और हितधारकों से युक्त ये समितियाँ नीति निर्माण में तकनीकी और विशेषज्ञ इनपुट प्रदान करती हैं।

इस प्रकार, राज्य स्तर पर नीति निरूपण में राजनैतिक संस्थाएँ जनता की इच्छा और मूल्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि प्रशासनिक संस्थाएँ तकनीकी ज्ञान, अनुभव और कार्यान्वयन क्षमता प्रदान करती हैं। दोनों का समन्वय प्रभावी नीति निर्माण के लिए आवश्यक है।

समाधान (विकल्प 2: जिला स्तरीय नियोजन की प्रकृति एवं उद्देश्य)

प्रकृति (Nature): जिला स्तरीय नियोजन विकेंद्रीकृत नियोजन का एक महत्वपूर्ण रूप है। इसकी प्रकृति निम्नलिखित है:

  • नीचे से ऊपर का दृष्टिकोण (Bottom-up Approach): यह ग्राम सभा और ब्लॉक स्तर से शुरू होकर जिला स्तर तक आता है, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं को प्राथमिकता मिलती है।
  • समग्र एवं एकीकृत (Comprehensive and Integrated): यह जिले के सभी क्षेत्रों (कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग आदि) को एकीकृत रूप से देखता है और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है।
  • भागीदारीपूर्ण (Participatory): इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विशेषज्ञों और आम नागरिकों की भागीदारी होती है।
  • लचीला (Flexible): यह स्थानीय परिस्थितियों और बदलती आवश्यकताओं के अनुसार समायोजित किया जा सकता है।
  • संसाधन आधारित (Resource-based): यह जिले में उपलब्ध संसाधनों (प्राकृतिक, मानवीय, वित्तीय) के यथार्थवादी आकलन पर आधारित होता है।

उद्देश्य (Objectives): जिला स्तरीय नियोजन के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति: जिले की विशिष्ट समस्याओं और आवश्यकताओं को पहचानकर उनके समाधान के लिए योजनाएँ बनाना।
  • संसाधनों का कुशल उपयोग: स्थानीय संसाधनों का अधिकतम और कुशल उपयोग सुनिश्चित करना।
  • आर्थिक विकास में तेजी लाना: कृषि, लघु उद्योग, सेवा क्षेत्र आदि के विकास के माध्यम से जिले के आर्थिक विकास को गति देना।
  • सामाजिक न्याय और समानता: कमजोर वर्गों, महिलाओं और वंचित समुदायों के कल्याण पर ध्यान केंद्रित करना।
  • रोजगार सृजन: स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और पलायन को कम करना।
  • बुनियादी ढाँचे का विकास: सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास करना।
  • जन भागीदारी को बढ़ावा देना: नियोजन प्रक्रिया में लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, जिससे योजनाओं का स्वामित्व और सफलता बढ़े।

प्रश्न 30

प्रशासनिक नैतिकता हेतु आचार संहिता नियमों की आवश्यकता के कारण बताइए। [6]

अथवा

भर्ती की समस्याओं पर प्रकाश डालिए। [6]

Explain the reasons for necessity of code of conduct for administrative ethics.

OR

Highlight the problems of recruitment.

समाधान (विकल्प 1: प्रशासनिक नैतिकता हेतु आचार संहिता की आवश्यकता के कारण)

प्रशासनिक नैतिकता को बनाए रखने और सुदृढ़ करने के लिए आचार संहिता (Code of Conduct) का होना अत्यंत आवश्यक है। इसकी आवश्यकता के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • भ्रष्टाचार पर अंकुश: आचार संहिता स्पष्ट रूप से बताती है कि क्या स्वीकार्य है और क्या नहीं। यह रिश्वतखोरी, भाई-भतीजावाद और अन्य भ्रष्ट प्रथाओं को रोकने में मदद करती है।
  • पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना: यह नियमों और प्रक्रियाओं को स्पष्ट करती है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आती है और अधिकारी अपने कार्यों के लिए जवाबदेह बनते हैं।
  • सार्वजनिक विश्वास बनाए रखना: जब नागरिक देखते हैं कि प्रशासनिक अधिकारी एक निश्चित आचार संहिता का पालन कर रहे हैं, तो उनका प्रशासन में विश्वास बढ़ता है।
  • हितों के टकराव से बचना: आचार संहिता अधिकारियों को ऐसी स्थितियों से बचने का निर्देश देती है जहाँ उनके व्यक्तिगत हित सार्वजनिक हितों से टकरा सकते हैं।
  • व्यावसायिकता और निष्पक्षता को बढ़ावा देना: यह अधिकारियों को पेशेवर, निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यवहार करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती है।
  • अनुशासन बनाए रखना: आचार संहिता के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान होता है, जो प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने में सहायक होता है।
  • लोक सेवा के मूल्यों की रक्षा: यह ईमानदारी, निष्ठा, सेवा भाव और न्याय जैसे मूल्यों को संरक्षित और प्रोत्साहित करती है।

इस प्रकार, आचार संहिता प्रशासनिक नैतिकता के लिए एक मार्गदर्शक दस्तावेज के रूप में कार्य करती है, जो प्रशासन को भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी और जन-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

समाधान (विकल्प 2: भर्ती की समस्याएँ)

लोक सेवा में भर्ती (Recruitment) एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, लेकिन इसमें अनेक समस्याएँ आती हैं। प्रमुख समस्याएँ निम्नलिखित हैं:

  • भाई-भतीजावाद और पक्षपात (Nepotism and Favoritism): भर्ती प्रक्रिया में रिश्तेदारों या परिचितों को प्राथमिकता देना एक गंभीर समस्या है, जो योग्य उम्मीदवारों के साथ अन्याय करती है।
  • भ्रष्टाचार (Corruption): भर्ती में रिश्वत लेना, पेपर लीक करना, या सीटों की खरीद-फरोख्त जैसी भ्रष्ट प्रथाएँ आम हैं।
  • राजनीतिक हस्तक्षेप (Political Interference): सत्तारूढ़ दल या राजनेता अपने समर्थकों को नौकरी दिलाने के लिए भर्ती प्रक्रिया में अनुचित दबाव डालते हैं।
  • पारदर्शिता का अभाव (Lack of Transparency): भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता न होने से उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया के बारे में संदेह होता है और विश्वास कम होता है।
  • अनियमित और विलंबित प्रक्रिया (Irregular and Delayed Process): भर्ती प्रक्रिया में अक्सर अनावश्यक देरी होती है, जिससे योग्य उम्मीदवार अन्य