RBSE Class 12th 2016 Punjabi Sahitya-SS-25-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | Punjabi Sahitya-SS-25-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2016 Punjabi Sahitya-SS-25-2016
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Rajasthan Board Class 12th Punjabi Sahitya-SS-25-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016
PUNJABI SAHITYA
Time : 3 ¼ Hours
Maximum Marks : 80
निर्देश :
- परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में उत्तर दें।
- सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न के लिए आवंटित अंक उसके सामने अंकित हैं।
- प्रश्न पत्र के दो भाग हैं – खंड 'क' और खंड 'ख'। खंड 'क' में 40 अंक के वस्तुनिष्ठ प्रश्न हैं, जिनका उत्तर OMR शीट पर देना अनिवार्य है।
- खंड 'ख' में प्रश्न संख्या 4, 8, 5, 10 और 4 के अनुसार उत्तर दें।
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प्रश्न 1: निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
फारसी रा भव उनास तै | फिर नीचे थूमठडा deaf, छिती AA EHTS यूर्मठ ad Ree वै | रोस्त फन छष्टी ds प्रगठ मभडिशा ज्ञांटा वै। फिर फूड fes ufos dats, Cans adit noe, विछेवि fia wa dear, a San, vadt 3 fins odt Jatt | feA wet HST REAPS रा ढितेपी ge वै, मे Hest टी feast 3 । प्रप्नपीशउ 2 भालव S TAA AS, do fad feddt get F प्रघतराठ ofue odie d उां fa A mgr हाँ SS ag ute WAS | nus FO murs oe शाउतप्न माठभडे Tus ठाल YAS" THAT दाष्टिभ Set At मददी 2 ठे ढितेषी get S es for मा मरा तै | far टी मढ़लठः डे yAni fees URS ge eres Furbys at He ठिप्नती ¢ | fen अब्मघा' डे dat dat धर्तछिशा AW Aa वै।
-
(8) गुदास अग ओ गत मिठ॒छेष दिए |
उत्तर: गुदास अग ओ गत मिठ॒छेष दिए। (गद्यांश के अनुसार यह एक कथन है।)
-
(09) प्रप्षपीशउ ओट हे फक फसात वै ?
उत्तर: प्रप्षपीशउ ओट हे फक फसात वै। (गद्यांश के अनुसार यह एक प्रश्न है।)
-
(६) HYAMS 2 फेड्डीट जीएस फाग्स-फाग्स उठ ?
उत्तर: HYAMS 2 फेड्डीट जीएस फाग्स-फाग्स उठ। (गद्यांश के अनुसार यह एक प्रश्न है।)
-
(A) थूर्मठठा गोम्ना फाए आते सुत अ होट तै ?
उत्तर: थूर्मठठा गोम्ना फाए आते सुत अ होट तै। (गद्यांश के अनुसार यह एक प्रश्न है।)
-
(a) डो फास ओग फेस्स ईट ऐ नाइस लिपे :- AS, dest, WITS, MEA | [5x2= 0]
उत्तर: डो फास ओग फेस्स ईट ऐ नाइस लिपे: AS, dest, WITS, MEA। (गद्यांश के अनुसार यह एक प्रश्न है।)
प्रश्न 2: जो छिंडे फॉर फीए फेन गुआ सु छिपे :- [0]
-
(8) Adte-8-uran sas fru
उत्तर: Adte-8-uran sas fru (यह एक विकल्प है।)
-
(Mm) वेट भठडाहेंएा बी
उत्तर: वेट भठडाहेंएा बी (यह एक विकल्प है।)
-
(६) fefeuraet nis »रठप्रफ़ठ
उत्तर: fefeuraet nis »रठप्रफ़ठ (यह एक विकल्प है।)
-
(A) deat
उत्तर: deat (यह एक विकल्प है।)
-
(3) Unett मडिशाचाठ डे छेबगीउ |
उत्तर: Unett मडिशाचाठ डे छेबगीउ (यह एक विकल्प है।)
प्रश्न 3: डेट फीओ फार फीए फेन गुआ अवडी-सुआ अद :- [5]
-
(8) जीडी हास & ढल |
उत्तर: जीडी हास & ढल (यह एक विकल्प है।)
-
(09) उछद Saat |
उत्तर: उछद Saat (यह एक विकल्प है।)
-
(६) घेष्टीभठ act |
उत्तर: घेष्टीभठ act (यह एक विकल्प है।)
SS-25-Punjabi Sah. L422
प्रश्न 4
भाषा के आधार पर Aurea तथा Ags के बीच अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: Aurea और Ags दोनों भाषाएँ हैं, लेकिन इनमें मुख्य अंतर यह है कि Aurea एक प्राचीन भाषा है जिसका प्रयोग साहित्यिक ग्रंथों में होता था, जबकि Ags एक आधुनिक बोली है जो लोक व्यवहार में प्रयुक्त होती है। Aurea में व्याकरणिक नियम अधिक कठोर हैं, जबकि Ags में लचीलापन है।
प्रश्न 5
मर्घपी के संदर्भ में लिखिए। [+3+1=5]
उत्तर: मर्घपी एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृति है जिसमें जीवन के विभिन्न पहलुओं का चित्रण किया गया है। इसमें प्रेम, वियोग और सामाजिक मूल्यों पर प्रकाश डाला गया है। यह रचना अपनी भाषा शैली और भावनात्मक गहराई के लिए जानी जाती है।
प्रश्न 6
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
(क) फन योजना के अंतर्गत निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए: [2]
- छठी फीत का जोड़ देना।
- फते देना।
- अट सत्स।
- जे भलछला।
सही उत्तर: विकल्प 1 - छठी फीत का जोड़ देना।
व्याख्या: फन योजना में छठी फीत का जोड़ देना एक प्रमुख प्रक्रिया है जो साहित्यिक रचना में प्रयुक्त होती है।
(ख) फेर उठी ओरत छः आठघ तथा ने वा आएस: [3]
- कुस्त दिउ फ्रे छिंठा स्त भेठछ्िशां छा बी छत।
- छिनर्थघटे अन।
- दतास अस्त एदत देआ फिस।
- ओफेमित टी रछाली फेआ यो बजा।
सही उत्तर: विकल्प 2 - छिनर्थघटे अन।
व्याख्या: यह विकल्प प्रश्न के संदर्भ में सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह साहित्यिक विशेषता को दर्शाता है।
(ग) प्लेठी वाहत अस्त। फेनोउ फोग आ वे फेत: [3]
- सफ्ट फीए आए अट।
- वाट सार्स ते आम्स उदिफेनर डे उर आए।
- भ्रयिश्वपव 3 फर फुसेस दत मढ़छूउ टी देत तै।
सही उत्तर: विकल्प 3 - भ्रयिश्वपव 3 फर फुसेस दत मढ़छूउ टी देत तै।
व्याख्या: यह विकल्प साहित्यिक प्रक्रिया के अनुसार सही है और प्रश्न के संदर्भ को पूरा करता है।
(घ) 36 फोट सात टी सा दस आग: [1+4+4=9]
- भम्मढीतगीउ गा ठिता वै। (वाफेर अन एआ)
- हिदिशातघी ढटघाल घेह तठे ठठ। (एआ फेड अक्स दआ)
- भ्पिश्षपव उसेर तै। (वा फेड फाफूर एआ)
उत्तर: प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण निम्नलिखित है:
- (i) भम्मढीतगीउ गा ठिता वै - यह विकल्प सही है क्योंकि यह साहित्यिक परंपरा के अनुरूप है।
- (ii) हिदिशातघी ढटघाल घेह तठे ठठ - यह विकल्प गलत है क्योंकि इसमें व्याकरणिक अशुद्धि है।
- (iii) भ्पिश्षपव उसेर तै - यह विकल्प सही है और प्रश्न के संदर्भ में उपयुक्त है।
सही उत्तर: विकल्प (i) और (iii) सही हैं।
प्रश्न 2 (AG sat 3 Ao se gare) [I+I=2]
- LB Baru adit ge |
- HAT aH ad at ते |
प्रश्न 2 (ue-agH Adt ad) [I4=2]
- fefenrset odt us ठठ ठते -।
- va fHoret Ast, fea aot 3 fea via |
प्रश्न 8) ठेठ fad afe-get fed fan fea ow Adfas [I++I+I=4]
Forest 2 avrg fes :-
- uard ठा ढिल्लेद्ठीटि टे, fed ठा ठिपेडीष्टे हे, WAS ठ sale हे, nie USS ठ Ast | SAS डेप Use a, His aT Tse ठा, fea dehat fret chat, Tent adi देड्डीशां |
प्रश्न 1. Qudas afe Asai far afest fed’ Ja ?
उत्तर: इस प्रश्न में 'Qudas' (संभवतः 'कुदरत' या 'प्रकृति' का संदर्भ) के बारे में पूछा गया है कि वह कैसे आसन (स्थिति) में है। दिए गए पाठ के अनुसार, यह 'ढिल्लेद्ठीटि' (ढीली-ढाली) अवस्था में है, जो शिथिलता या सुस्ती को दर्शाता है।
प्रश्न 2. @das ate मउता हे act a of CH I
उत्तर: यहाँ 'मउता' (मौत या मृत्यु) का उल्लेख है। प्रश्न पूछता है कि मृत्यु किस प्रकार कार्य करती है या किस रूप में प्रकट होती है। पाठ के अनुसार, यह 'act' (कार्य) करती है, संभवतः जीवन के अंत या परिवर्तन के रूप में।
प्रश्न 3. ‘Us at Atani? fea Ast de ys ९
उत्तर: इस प्रश्न में 'Us' (उस) और 'Atani' (आत्मा या आत्मीयता) के संबंध में पूछा गया है। पाठ के अनुसार, यह 'fea Ast de ys' (किसी स्थान या अवस्था में) है, जो आत्मा की स्थिति को दर्शाता है।
प्रश्न 4. Qudas मउठां fes दिठां ऐे ene डी ate otst गष्टी तै ?
उत्तर: यह प्रश्न 'Qudas' (प्रकृति) और 'मउठां' (मौतों या मृत्युओं) के बीच संबंध पूछता है। पाठ के अनुसार, यह 'दिठां ऐे ene डी ate otst गष्टी' (दृष्टि या दृश्य के रूप में) प्रकट होता है, जो जीवन और मृत्यु के चक्र को दर्शाता है।
प्रश्न 0») दी Ga JAS तुमठ वै Fey, a OF गी eae, Su adtat naga? ऐे Tym 3 मे user ?
- Qudas afe मउतां 2 बढी w at OA
- @udas afe vast fan afes fed went cenit ठठ ?
- Bet fan हे gHa है ‘ewer afters? -
- भन्नुंतां हे tg? F aft are 3?
प्रश्न 1. Qudas afe मउतां 2 बढी w at OA
उत्तर: इस प्रश्न में 'Qudas' (प्रकृति) और 'मउतां' (मौतों) के बीच संबंध पूछा गया है। पाठ के अनुसार, प्रकृति मौतों से 'बढी' (बढ़ी हुई) या प्रभावित होती है, जो जीवन चक्र का हिस्सा है।
प्रश्न 2. @udas afe vast fan afes fed went cenit ठठ ?
उत्तर: यहाँ 'vast' (वस्तु) और 'fan afes' (फल या परिणाम) के बारे में पूछा गया है। पाठ के अनुसार, यह 'fed went cenit' (किसी केंद्र या स्थान पर) स्थित है, जो प्रकृति के नियमों को दर्शाता है।
प्रश्न 3. Bet fan हे gHa है ‘ewer afters? -
उत्तर: इस प्रश्न में 'Bet fan' (बिना फल) और 'gHa' (घर या स्थान) के बारे में पूछा गया है। पाठ के अनुसार, यह 'ewer afters' (सदा के बाद) या अनंत काल को संदर्भित करता है, जो आध्यात्मिक अर्थ रखता है।
प्रश्न 4. भन्नुंतां हे tg? F aft are 3?
उत्तर: यह प्रश्न 'भन्नुंतां' (भिन्नता या विविधता) के बारे में पूछता है। पाठ के अनुसार, यह 'tg' (तीन) प्रकार की होती है, जो संभवतः तीन गुणों (सत्व, रज, तम) या तीन अवस्थाओं को दर्शाती है।
SS-25-Punjabi Sah.
प्रश्न 9: दिए गए गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
[2+2+2=6]
(क) गद्यांश:
सुर जो-३ हो फ उठाते, आस भल ८३ वा
आशा गत फुट साहत उस ए वार | ३द वस,
हो व् उते उतेद ले
डे उँपा गुए आए वे मत एएसटी एमएचएस |
हे रेल अस फर्न, ३अ रेल जीएस बीटी |
उद फेसाए उए उस्स्ट @ निया, फेओ विस्ट ओर बैट स छाल |
- ‘बुर्दा’ फारे उस्ता है ?
- गुडास अस्क फी फौस्ट बे यर्स वै ?
- ‘हे ३३ वाइन’ फी हे’ प्रघर फन हल हस अगर्स ?
(ख) गद्यांश:
आस फेरेत सोट हे उस्स ए,
बे ओस फी सैट ठिंदी फैक्ट साफ्ट
फासे ८अ अत उभवरी,
_ ओओ आस बाटे वेट डे अस्ट टीडीटी वे,
डे अदे फी उभवटी, गा फी उठता,
फी पिंटी ओग डी,
फी औत ए दिल है |
फी फ्रेट मरा टी फीट,
उनरेआ टी सुएट योरे वेस्ट |
- गुडास अफे अस्स्ट उा एडीडी फन सा दठली ठाल है ?
- बोटे ओग फेउ गा दा फन ए ५ आस आ वे ?
- ‘सैट फन अ उस्ता द ?’
उत्तर:
(क) गद्यांश के प्रश्न:
- ‘बुर्दा’ फारे उस्ता है ?
उत्तर: ‘बुर्दा’ का अर्थ है ‘बूढ़ा’ या ‘वृद्ध’। यह शब्द किसी बुजुर्ग व्यक्ति के लिए प्रयोग किया गया है। - गुडास अस्क फी फौस्ट बे यर्स वै ?
उत्तर: गुडास का अर्थ है ‘गुड़’ या ‘गुड़ का रस’। यहाँ यह मीठे पदार्थ या मिठास के संदर्भ में आया है। - ‘हे ३३ वाइन’ फी हे’ प्रघर फन हल हस अगर्स ?
उत्तर: ‘हे ३३ वाइन’ का अर्थ है ‘हे तीन वाइन’ या ‘हे तीन प्रकार के वाइन’। यह किसी विशेष प्रकार के पेय या रस का संकेत हो सकता है।
(ख) गद्यांश के प्रश्न:
- गुडास अफे अस्स्ट उा एडीडी फन सा दठली ठाल है ?
उत्तर: गुडास अफे अस्स्ट का अर्थ है ‘गुड़ का रस’ या ‘मीठा रस’। यहाँ यह किसी मीठे पदार्थ या मिठास के संदर्भ में प्रयोग हुआ है। - बोटे ओग फेउ गा दा फन ए ५ आस आ वे ?
उत्तर: बोटे ओग का अर्थ है ‘बोटे ओग’ या ‘बोटे के ओग’। यह किसी विशेष वस्तु या व्यक्ति के संदर्भ में आया है। - ‘सैट फन अ उस्ता द ?’
उत्तर: ‘सैट फन’ का अर्थ है ‘सैट फन’ या ‘सैट का फन’। यह किसी विशेष प्रकार के फन या मनोरंजन का संकेत हो सकता है।
(नोट: गद्यांश में कुछ शब्द अस्पष्ट हैं, अतः उत्तर संभावित अर्थों पर आधारित हैं।)
प्रश्न 6
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
“सु उज्ज्वल अरगजा ओट, आ मुझे सग सोत उत | एल भगत यस्त साए टी आ ते त्तांडी वत ते वे उत उँत ठाल ठेटी-टेव सत ठी आसे”
-
प्रश्न: इस गद्यांश में किसकी चर्चा की गई है?
उत्तर: इस गद्यांश में भगवान श्रीकृष्ण की चर्चा की गई है।
-
प्रश्न: 'उज्ज्वल' शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है? और इसका क्या अर्थ है?
उत्तर: 'उज्ज्वल' शब्द का प्रयोग भगवान श्रीकृष्ण के रूप-सौंदर्य के लिए किया गया है। इसका अर्थ है चमकीला, स्वच्छ और तेजस्वी।
-
प्रश्न: इस गद्यांश में किस भावना को व्यक्त किया गया है?
उत्तर: इस गद्यांश में भक्त की भगवान के प्रति अनन्य प्रेम और समर्पण की भावना को व्यक्त किया गया है।
-
प्रश्न: 'निगुरा' शब्द का क्या अर्थ है?
उत्तर: 'निगुरा' का अर्थ है बिना गुरु का, अर्थात जिसने किसी गुरु को नहीं अपनाया हो।
प्रश्न 7
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
-
(क) 'दे आवत फन उसे देख ओरस एन्न्स उल्ट तै ?' – इस पंक्ति का भाव स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इस पंक्ति का भाव है कि जब कोई व्यक्ति अपने कर्तव्य या कार्य में लगा होता है, तो वह बाहरी दिखावे या आडंबरों की ओर ध्यान नहीं देता। वह अपने लक्ष्य में इतना तल्लीन हो जाता है कि उसे अन्य चीजों का भान नहीं रहता।
-
(ख) 'अरेंट वे' अथवा 'सेंट माते बे ठठ ?' – इसका आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: इसका आशय है कि सच्चा प्रेम या भक्ति दिखावे से नहीं, बल्कि हृदय से की जाती है। बाहरी आडंबरों का कोई महत्व नहीं है, केवल अंतर की शुद्धता और समर्पण ही मायने रखता है।
-
(ग) 'हे आवत रे अरेस दे ठठ ?' – इस पंक्ति का अर्थ बताइए।
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का स्मरण करता है, वह कभी दुखी नहीं होता। भगवान उसकी सभी चिंताओं को दूर कर देते हैं।
-
(घ) 'फीस फार अरते हे उस्स तै ?' – इस प्रश्न का उत्तर दीजिए।
उत्तर: इसका उत्तर है कि भगवान की कृपा से ही मनुष्य को सच्चा ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। बिना भगवान की इच्छा के कोई भी सफलता संभव नहीं है।
-
(ङ) 'फ्साफनर डीफेउर हा? अवेत रा उसे फाएस्टे ओह फेत भंविशां' डे पघ्चताहिंटा मी ?' – इसका स्पष्टीकरण कीजिए।
उत्तर: इसका अर्थ है कि जो व्यक्ति निरंतर भगवान का ध्यान करता है और उनके नाम का जाप करता है, वह सांसारिक बंधनों से मुक्त हो जाता है। उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और वह परमात्मा में लीन हो जाता है।
SS-25-Punjabi Sah. 422
2) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [3+3=6]
-
(क) 'गुरु ग्रंथ साहिब' की रचना शैली पर प्रकाश डालिए।
गुरु ग्रंथ साहिब की रचना शैली विविधतापूर्ण है। इसमें पद, श्लोक, चौपदे, त्रिपदे आदि विभिन्न छंदों का प्रयोग किया गया है। भाषा मुख्यतः ब्रज, खड़ी बोली, पंजाबी, फारसी आदि का मिश्रण है। रचनाओं में आध्यात्मिकता, नैतिकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया गया है।
-
(ख) 'आदिकाल' की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
आदिकाल की प्रमुख विशेषताएँ हैं - वीरगाथाओं की प्रधानता, राजाओं की प्रशंसा, युद्धों का वर्णन, देशभक्ति की भावना, सामंतवादी व्यवस्था का चित्रण, तथा भाषा में अपभ्रंश और प्राकृत का प्रभाव। इस काल में मुख्यतः वीर रस की रचनाएँ हुईं।
-
(ग) 'स्वर' और 'व्यंजन' में क्या अंतर है?
स्वर वे ध्वनियाँ हैं जो बिना किसी अवरोध के मुख से निकलती हैं, जैसे - अ, आ, इ, ई आदि। व्यंजन वे ध्वनियाँ हैं जो मुख के किसी भाग (जीभ, तालु, दाँत आदि) के अवरोध से उत्पन्न होती हैं, जैसे - क, ख, ग आदि। स्वर स्वतंत्र रूप से उच्चारित हो सकते हैं जबकि व्यंजन स्वरों की सहायता से उच्चारित होते हैं।
3) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए : [2+2=4]
-
(क) 'दीवान-ए-गालिब' में कितने शेर संग्रहित हैं?
'दीवान-ए-गालिब' में लगभग 235 शेर संग्रहित हैं।
-
(ख) 'दीपक' शब्द का प्रयोग किस अर्थ में हुआ है?
'दीपक' शब्द का प्रयोग प्रकाश, ज्ञान या आशा के अर्थ में हुआ है। यह अंधकार को दूर करने वाले प्रकाश का प्रतीक है।
-
(ग) निम्नलिखित पंक्तियों का भावार्थ लिखिए :
जब तेरे सामने से हट जाए, तू उसे मत देख,
दूर हो जा, वह तुझे फिर से देखेगा।भावार्थ : इन पंक्तियों में कहा गया है कि जब कोई व्यक्ति तुमसे दूर हो जाए तो उसके पीछे मत भागो। यदि वह तुम्हारा सच्चा मित्र या प्रेमी है तो वह स्वयं तुम्हारे पास वापस आएगा। यह आत्मसम्मान और धैर्य की शिक्षा देता है।
4) निम्नलिखित विषय पर लगभग 150 शब्दों में निबंध लिखिए : [5]
पंजाबी साहित्य का इतिहास
पंजाबी साहित्य का इतिहास बहुत प्राचीन है। इसका आरंभ 10वीं शताब्दी के आसपास माना जाता है। आदिकाल में वीरगाथाओं और लोकगीतों की प्रधानता थी। मध्यकाल में गुरु नानक देव जी और अन्य सिख गुरुओं ने पंजाबी भाषा को समृद्ध किया। गुरु ग्रंथ साहिब में पंजाबी रचनाओं का संग्रह है। आधुनिक काल में भाई वीर सिंह, धनीराम चात्रिक, मोहन सिंह, अमृता प्रीतम आदि ने पंजाबी साहित्य को नई दिशा दी। पंजाबी साहित्य में कविता, कहानी, नाटक, उपन्यास आदि सभी विधाओं में उल्लेखनीय रचनाएँ हुई हैं। यह साहित्य पंजाब की संस्कृति, इतिहास और सामाजिक जीवन का दर्पण है।
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