RBSE Class 12th 2016 Sindhi Sahitya-SS-23-2016 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2016 |
| Subject | Sindhi Sahitya-SS-23-2016 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2016 Sindhi Sahitya-SS-23-2016
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Rajasthan Board Class 12th Sindhi Sahitya-SS-23-2016 2016 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2016
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2016
SINDHI SAHITYA
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
नामांक / Roll No. : _________________________
SI.No. : PLT ETL ITO
शागि्दनि लाइ इम्तहान जा साधारण नियम :
- सुवाल करण ज़रूरी आहिनि।
- हरहिक सुवाल जे साम्हू ATH डिनल आहिनि।
No. of Questions — 3 S S-23-Sindhi Sah.
No. of Printed Pages — 07
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प्रश्न 3: (पाठ्यपुस्तक आधारित प्रश्न)
निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान से पढ़कर प्रश्नों के उत्तर लिखिए:
असांजे शरीर जो आधारु मनु ई आहे। शरीर खे शक्ती बख्शींदड़ मनु ई आहे। सांचो ई शरीर में शक्तीअ जो वाधारो थिए थो। मन मलीन थियण ते शरीरु बि मलीनु थिए। रोगी मन शरीर खे तंदरुस्तु रही कीन सघंदो। मन जे शुद्धता ते तन जी पवित्रता मदारु रखे थी। मन खे शरीर जो राजा चयो वेणु आहे। जडहिं मन में पवित्र वीचारनि जी धारा वहे थी, तडहिं शरीर में बि पवित्रता जो संचारु थी थी। इनकरे अंदर में बुरनि वीचारनि खे घिड़णु ई न वेणु।
- मथिएं टुकिरे जो सुहिणो सिरो लिखो।
- असांजे शरीर जो आधार छा आहे?
- मथिएं टुकिरे जो सार लिखो।
उत्तर:
- सुहिणो सिरो: "मन जो प्रभाव शरीर ते"
- असांजे शरीर जो आधार: मनु आहे।
- सार: इस गद्यांश में बताया गया है कि शरीर का आधार मन है। मन जैसा होता है, शरीर वैसा बनता है। शुद्ध मन से शरीर में पवित्रता आती है, जबकि रोगी मन शरीर को भी रोगी बना देता है। इसलिए मन को शरीर का राजा कहा गया है।
प्रश्न 4: (बहुविकल्पीय प्रश्न)
निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर चुनिए:
-
मन खे शरीर जो _____ चयो वेणु आहे।
- (क) सेवक
- (ख) राजा ✓ सही उत्तर
- (ग) दास
- (घ) मित्र
व्याख्या: गद्यांश में स्पष्ट कहा गया है कि "मन खे शरीर जो राजा चयो वेणु आहे" अर्थात मन को शरीर का राजा कहा गया है।
-
शरीर खे शक्ती बख्शींदड़ _____ ई आहे।
- (क) अन्न
- (ख) जल
- (ग) मन ✓ सही उत्तर
- (घ) वायु
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार "शरीर खे शक्ती बख्शींदड़ मनु ई आहे" अर्थात शरीर को शक्ति देने वाला मन ही है।
-
मन मलीन थियण ते शरीरु बि _____ थिए।
- (क) शुद्ध
- (ख) मलीनु ✓ सही उत्तर
- (ग) पवित्र
- (घ) तंदरुस्त
व्याख्या: गद्यांश में कहा गया है "मन मलीन थियण ते शरीरु बि मलीनु थिए" अर्थात मन के मलीन होने पर शरीर भी मलीन हो जाता है।
-
मन जे शुद्धता ते तन जी पवित्रता _____ रखे थी।
- (क) मदारु ✓ सही उत्तर
- (ख) आधार
- (ग) संबंध
- (घ) नातो
व्याख्या: गद्यांश के अनुसार "मन जे शुद्धता ते तन जी पवित्रता मदारु रखे थी" अर्थात मन की शुद्धता पर ही शरीर की पवित्रता निर्भर करती है।
3) कहिं हिक विषय ते मजमून लिखो (अटिकल 200 अखरनि में)
-
i) भारत में सफाई अभियान
भारत में सफाई अभियान एक महत्वपूर्ण सामाजिक आंदोलन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 2 अक्टूबर 2014 को 'स्वच्छ भारत मिशन' शुरू किया था। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश को साफ-सुथरा बनाना और खुले में शौच मुक्त भारत बनाना है। इसके तहत शौचालयों का निर्माण, कचरे का उचित निपटान और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना शामिल है। यह अभियान न केवल स्वास्थ्य के लिए बल्कि पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। हर नागरिक को इस अभियान में भाग लेना चाहिए और अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए।
-
ii) वधन्दड़ बेरोज़गारी और उनजो हलु
बेरोज़गारी एक गंभीर समस्या है जो देश के विकास में बाधा डालती है। इसके कई कारण हैं जैसे जनसंख्या वृद्धि, शिक्षा प्रणाली में कमी, और उद्योगों की कमी। इसका समाधान करने के लिए सरकार को रोजगार के अवसर बढ़ाने चाहिए, कौशल विकास कार्यक्रम चलाने चाहिए, और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए। युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना भी आवश्यक है।
-
iii) मेरो सुहिणो सपनो
मेरा सुंदर सपना एक ऐसे भारत का है जहाँ सभी लोग शिक्षित, स्वस्थ और खुश हों। मैं चाहता हूँ कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, हर व्यक्ति को रोजगार मिले, और कोई भी भूखा न सोए। मेरा सपना है कि हमारा देश प्रदूषण मुक्त हो, हरियाली हो, और सभी धर्मों के लोग मिलजुल कर रहें। इस सपने को पूरा करने के लिए हमें मेहनत करनी होगी और एकजुट होकर काम करना होगा।
-
iv) सिंधियत
सिंधियत सिंधी संस्कृति और सभ्यता का सार है। यह सिंधी भाषा, साहित्य, संगीत, कला और परंपराओं का सम्मिलित रूप है। सिंधियत में प्रेम, भाईचारा, सहिष्णुता और मेहमाननवाजी के गुण शामिल हैं। सिंधी समाज अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, जिसमें लोकगीत, नृत्य और त्योहार शामिल हैं। सिंधियत को बचाना और बढ़ावा देना हम सब की जिम्मेदारी है।
4) स्कूल जे सालियाने जलिसे में मुख्य मेहमान तौर शरीक थियण वास्ते डिसट्रिक एज्यूकेशन ऑफीसर खे भरियो खतु लिखो।
सेवा में,
जिला शिक्षा अधिकारी,
[जिले का नाम], [राज्य]
दिनांक: [तारीख]
विषय: स्कूल के वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का निमंत्रण
महोदय,
हमारा विद्यालय [विद्यालय का नाम] अपना वार्षिक समारोह [तारीख] को [समय] पर [स्थान] पर मनाने जा रहा है। इस अवसर पर हम आपको मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करते हैं। आपकी उपस्थिति हमारे छात्रों के लिए प्रेरणादायक होगी और समारोह की शोभा बढ़ाएगी।
कृपया अपनी सहमति से हमें अवगत कराएं।
धन्यवाद,
भवदीय,
[आपका नाम]
प्रधानाचार्य, [विद्यालय का नाम]
या
पहिंजे दोस्त / साहेड़ीअ खे कहिं हिक मेले जो बयान are खतु लिखो।
प्रिय मित्र [नाम],
नमस्ते,
आशा है तुम ठीक होगे। मैं तुम्हें एक मेले के बारे में बताना चाहता हूँ जिसमें मैं गया था। यह मेला [स्थान] में लगा था और बहुत बड़ा था। वहाँ कई तरह की दुकानें थीं, जिनमें खिलौने, कपड़े और खाने-पीने की चीज़ें मिलती थीं। मैंने झूले भी झूले और बहुत मज़ा आया। वहाँ एक मंच पर नाटक और संगीत का कार्यक्रम भी हुआ। तुम्हें भी वहाँ आना चाहिए था। अगली बार हम साथ चलेंगे।
तुम्हारा मित्र,
[आपका नाम]
5) 'अनुप्रास' जो मतिलब लिखी मिसाल लिखो।
अनुप्रास अलंकार एक शब्दालंकार है जिसमें किसी वाक्य या पंक्ति में एक ही वर्ण या व्यंजन की बार-बार आवृत्ति होती है। इससे कविता या वाक्य में संगीतात्मकता और लय आती है।
मिसाल: "चंदन चर्चित चंद्र चकोर" - यहाँ 'च' वर्ण की आवृत्ति हुई है।
समुझायो: इस पंक्ति में 'च' ध्वनि बार-बार आई है, जिससे एक मधुर लय उत्पन्न होती है और श्रोता का ध्यान आकर्षित होता है।
6) अनुप्रास अलंकार छा खे चड़बो आहे ? मिसाल डेई समुझायो।
अनुप्रास अलंकार को समझने के लिए यह जानना आवश्यक है कि यह एक शब्दालंकार है जिसमें किसी वाक्य में एक ही वर्ण या व्यंजन की पुनरावृत्ति होती है। यह अलंकार कविता में सौंदर्य और लय बढ़ाने के लिए प्रयोग किया जाता है।
मिसाल: "नव नील नीरद नीर" - यहाँ 'न' और 'नी' ध्वनियों की आवृत्ति है।
समुझायो: इस पंक्ति में 'न' और 'नी' ध्वनियाँ बार-बार आई हैं, जिससे एक सुंदर लय बनती है और बादलों के सौंदर्य का वर्णन प्रभावशाली हो जाता है।
९
हठियनि अत किनि फा पंजनि सुवालनि जा जवाब लिखो :
-
जड॒हिं पुलिस काके जे घर जो तालो भगो से माण्हुनि छा डिठो ?
उत्तर : जड॒हिं पुलिस काके जे घर जो तालो भगो, से माण्हुनि छा डिठो ?
-
लेखिका ईश्वरी जोतवाणी गोबिन्द ते कहिड़ो तजुर्बों कयो ?
उत्तर : लेखिका ईश्वरी जोतवाणी गोबिन्द ते कहिड़ो तजुर्बों कयो ?
-
शरली मिकलइन डॉक्टर हीरानंदाणी अत वट मिली ?
उत्तर : शरली मिकलइन डॉक्टर हीरानंदाणी अत वट मिली ?
-
गज़ल' (“गोर्वधन भारती) में शाइर इंसान जे कहिड़ियुनि गाल्हियुनि जो बयान कयो आहे ?
उत्तर : गज़ल' (“गोर्वधन भारती) में शाइर इंसान जे कहिड़ियुनि गाल्हियुनि जो बयान कयो आहे ?
-
छा कदियसि' नज़्म में हंदगाज दुखायल' कहिड़ी खुशी जो इजहार वट अमे ?
उत्तर : छा कदियसि' नज़्म में हंदगाज दुखायल' कहिड़ी खुशी जो इजहार वट अमे ?
-
केसीने जो मतलब छा आहे ?
उत्तर : केसीने जो मतलब छा आहे ?
-
हिरोशिमा में कहिड़ियुनि जगहियूं घुमणु लाइक आहिनि ?
उत्तर : हिरोशिमा में कहिड़ियुनि जगहियूं घुमणु लाइक आहिनि ?
-
हमीद खान पहिंजे विछुड़ियल माउ पीउ अइ कींअ मिलियो ?
उत्तर : हमीद खान पहिंजे विछुड़ियल माउ पीउ अइ कींअ मिलियो ?
SS—23—Sindhi Sah. 420
३. कहे tl Ang pS SOG १७७ jl9,5 eS pda geal ७
९
¢ ne) rere RIVES £ yee b& Og> are +> ॥
७) ‘अग’ नाविल में कहिड़ा किरदार आहिनि ? तव्हां खे केर पसंद आहे ऐं छो ?
उत्तर: ‘अग’ नाविल में मुख्य किरदार आहिनि: [यहाँ किरदारों के नाम और विवरण दिए जाने चाहिए, जैसे: नायक, नायिका, सहायक पात्र आदि।] तव्हां खे [पसंदीदा किरदार का नाम] पसंद आहे, कारण [कारण बताएं]।
“अझों' नाविल जूं भाषाई ऐं कलात्मक खूबियूं लिखो |
उत्तर: “अझों” नाविल जूं भाषाई खूबियूं में सरल, प्रवाहमयी और भावपूर्ण भाषा शामिल आहे। कलात्मक खूबियूं में चित्रात्मक वर्णन, पात्रों का मनोवैज्ञानिक चित्रण और संवादों की स्वाभाविकता प्रमुख आहे।
८) को fa fee हवालो समुझायो :-
- “जेको मुड़ियो सो जुड़ियो |
- “वाह, हिन्दुस्तान जा माण्हूं कहिड़ा न सादा सूदा आहिनि | मूं यटईअ जी mire ते अइ्तबार करे वया २”
व्याख्या:
- “जेको मुड़ियो सो जुड़ियो”: इस हवाले का अर्थ है कि जो व्यक्ति टूट गया है या बिखर गया है, वही फिर से जुड़ सकता है। यह जीवन में पुनर्निर्माण और सुधार की संभावना को दर्शाता है।
- “वाह, हिन्दुस्तान जा माण्हूं कहिड़ा न सादा सूदा आहिनि | मूं यटईअ जी mire ते अइ्तबार करे वया २”: इस हवाले में वक्ता हिंदुस्तान के लोगों की सादगी और सरलता पर आश्चर्य व्यक्त कर रहा है, और कहता है कि उसने अपनी आँखों से देखा है और इस पर विश्वास करता है।
९) संत सेठ नारायणदास खे कहिड़ो उजूरो feat ऐँ छो ?
उत्तर: संत सेठ नारायणदास खे [उजूरे का नाम] उजूरो feat ऐँ छो। [यहाँ उजूरे का विवरण दें, जैसे: वह एक धार्मिक या सामाजिक कार्य था जिसमें उन्होंने भाग लिया।]
या
“पछिताउ' कहाणीअ में लेखक खे कहिड़ी गाल्हि जो पछिताउ थियो । पहिंजनि लफ़्जनि में लिखो ।
उत्तर: “पछिताउ” कहाणीअ में लेखक खे [गाल्हि का नाम] जो पछिताउ थियो। [लेखक के शब्दों में पछिताउ का कारण और विवरण लिखें।]
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प्रश्न 9
“सौदागर” नज्म में शाइर असांखे कहिड़ी समझाणी डिनी आहे ?
उत्तर: “सौदागर” नज्म में शाइर असांखे (हमें) यह समझाणी दी है कि जीवन एक व्यापार है और हमें सच्चाई, ईमानदारी और नेकी के साथ अपना जीवन व्यतीत करना चाहिए। शाइर ने सौदागर के माध्यम से यह संदेश दिया है कि हमें अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है, इसलिए हमें अच्छे कर्म करने चाहिए।
प्रश्न 10
“सामुहां” में शाइर कहिड़ो पैगाम डिनो आहे ?
उत्तर: “सामुहां” (सामने) में शाइर ने यह पैगाम दिया है कि हमें अपने सामने आने वाली हर परिस्थिति का सामना धैर्य और साहस से करना चाहिए। शाइर ने जीवन की कठिनाइयों को पार करने और आशा न छोड़ने का संदेश दिया है।
प्रश्न 11
कोई एक श्लोक खोले समुझायो :
-
“निर्मल साधू जन संसार में
लेप न लगे तन खे, जींअ जलि रहनि कंवल
अंदर सम सीतल बाहर तता ताव जां”व्याख्या: इस श्लोक में कहा गया है कि निर्मल (पवित्र) साधु संसार में रहते हुए भी उसी प्रकार निर्लिप्त रहते हैं जैसे कमल का पत्ता पानी में रहने पर भी गीला नहीं होता। साधु का शरीर बाहर से गर्मी और ताप सहता है, लेकिन अंदर से वह शीतल और शांत रहता है। यह संसार में रहते हुए भी वैराग्य और आत्म-नियंत्रण का महत्व सिखाता है।
-
“अयबाणा बिलाशक न समुझाए सघंदड़,
मगर ज्ञान अंत छडींदइ यार”व्याख्या: इस श्लोक में कहा गया है कि अज्ञानी व्यक्ति को बिना किसी संदेह के समझाया नहीं जा सकता, लेकिन ज्ञान अंत में (अज्ञान को) छोड़ देता है। अर्थात ज्ञान प्राप्त करने पर अज्ञान स्वतः ही दूर हो जाता है। यह ज्ञान की शक्ति और महत्व को दर्शाता है।
प्रश्न 5
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में लिखिए (कोई 5):
- पी.एस. ल्ये बे कैल बेल ओ.सी. उएलेट क्लेयर (ii) - छल ले सी.एच.एस. ओ.ई. टी. = ओ.डब्ल्यू.एस. (iii) - ९ ५२९ ९०५) बी. हो. एस.यू. जी. टी.एम. (iv) - © ५०५५ जी. पी.पी.डी.ई. डब्ल्यू.यू. यो.डी.वी. एले ए. जी.ई.आई.एल.ई. (V)
प्रश्न 2 (हेठियनि सुवालनि जा जवाब अटिकल 20 लफ्जनि में लिखो)
- मोहन जे घर में घणा भाती हुआ?
- व्हा व्हा जे वापस अचण बाबति छा जवाब डिनो?
- कल्याण कैम्प जी कहिड़ी हालत हुई?
- मुम्बई जो नालो बदिले छा रखियो वियो?
- मद्रासीअ जी माउ संदसि नालो सुन्दरम छो रखियो?
प्रश्न 3 (अफद फा फे नज्म जो थोरे में सार लिखो)
- वीर लछमण दुबे
- सामीअ जा फैक्टा
नोट: यह पृष्ठ प्रश्नपत्र का अंतिम भाग है। उपरोक्त प्रश्नों के उत्तर छात्रों को स्वयं लिखने हैं। यहाँ केवल प्रश्नों को यथावत प्रस्तुत किया गया है।
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