RBSE Class 12th 2017 -SS-18-2017 Previous Year Papers
Class 12th students hunting authentic previous year papers for -SS-18-2017 (2017) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.
Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2017 |
| Subject | -SS-18-2017 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2017, and subject -SS-18-2017 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
How to practise with this question paper
Stage one: read the -SS-18-2017 question paper from 2017 without a timer and highlight command words — explain, prove, calculate, discuss. Stage two: attempt selected questions closed-book. Stage three: compare with solutions or teacher feedback.
Previous Year Papers work best when you log mistakes by topic, not only by question number. That log becomes your revision index before pre-boards.
RBSE Class 12th 2017 -SS-18-2017
Scroll through the Previous Year Papers pages for -SS-18-2017 (2017).
Rajasthan Board Class 12th -SS-18-2017 2017 solved Previous Year Question Papers
गृहविज्ञान (HOME SCIENCE)
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
- प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
- All the questions are compulsory.
- Write the answer to each question in the given answer-book only.
- For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
- If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SLNo. : No. of Questions — 30
नामांक Roll No. SS-8-Home Science (Supp.)
No. of Printed Pages — 07
उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2017
SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2017
SS-8—Home Science [ Turn Over
Tear Here
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
यहाँ से काटिए
खण्ड - अ / SECTION - A
6) खण्ड प्रश्न संख्या / Section Q. Nos.
| खण्ड / Section | प्रश्न संख्या / Q. Nos. | अंक प्रत्येक / Marks per question |
|---|---|---|
| A | 1-3 | 2 |
| B | 4-24 | 2 |
| C | 25-27 | 3 |
| D | 28-30 | 4 |
7) प्रश्न क्रमांक 30 में आन्तरिक विकल्प है।
There is internal choice in Question No. 30.
1) 'कूइंग' क्या है?
What is 'Cooing'?
उत्तर / Answer:
कूइंग (Cooing) शिशु के विकास की एक प्रारंभिक अवस्था है, जिसमें शिशु गले से 'कू-कू' जैसी मधुर ध्वनियाँ निकालता है। यह आमतौर पर 2-3 महीने की आयु में शुरू होता है और भाषा विकास का पहला चरण माना जाता है।
Cooing is an early stage of infant development where the baby produces soft, vowel-like sounds such as 'coo-coo'. It typically begins at 2-3 months of age and is considered the first stage of language development.
2) गर्भावस्था में वज़न वृद्धि के कारण लिखिये।
Write causes of increase in weight during pregnancy.
उत्तर / Answer:
गर्भावस्था में वज़न वृद्धि के प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- शिशु का विकास (भ्रूण का बढ़ना)
- गर्भाशय का आकार बढ़ना
- एम्नियोटिक द्रव (गर्भ जल) की मात्रा में वृद्धि
- प्लेसेंटा (अपरा) का निर्माण
- स्तन ग्रंथियों का विकास
- शरीर में रक्त और अन्य तरल पदार्थों की मात्रा में वृद्धि
- वसा (फैट) का संचय
The main causes of weight gain during pregnancy include: fetal growth, enlargement of the uterus, increase in amniotic fluid, formation of the placenta, development of breast tissue, increase in blood and other body fluids, and fat storage.
SS—8—Home Science — 45
3) स्तनत्याग से क्या अभिप्राय है?
What is weaning?
हिंदी: स्तनत्याग (Weaning) से अभिप्राय शिशु को माँ के स्तनपान से धीरे-धीरे हटाकर ठोस या अर्ध-ठोस आहार पर लाने की प्रक्रिया से है। यह आमतौर पर 6 महीने की आयु के बाद शुरू किया जाता है।
English: Weaning refers to the gradual process of introducing an infant to solid or semi-solid foods while reducing breastfeeding. It typically begins after 6 months of age.
4) ज्वर में ऊर्जा की आवश्यकता कितनी बढ़ जाती है, और क्यों?
How much energy requirement is increased during fever and why?
हिंदी: ज्वर में शरीर का तापमान बढ़ने के कारण बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) बढ़ जाता है। प्रत्येक 1°F तापमान वृद्धि पर ऊर्जा की आवश्यकता लगभग 7% बढ़ जाती है। कारण: शरीर को संक्रमण से लड़ने और तापमान नियंत्रित करने के लिए अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
English: During fever, the basal metabolic rate (BMR) increases due to elevated body temperature. For every 1°F rise in temperature, energy requirement increases by about 7%. Reason: The body needs extra energy to fight infection and regulate temperature.
5) मौद्रिक आय से क्या तात्पर्य है?
What do you understand by money income?
हिंदी: मौद्रिक आय से तात्पर्य उस आय से है जो धन (मुद्रा) के रूप में प्राप्त होती है, जैसे वेतन, मजदूरी, ब्याज, लाभांश आदि। यह वस्तुओं और सेवाओं के बदले में प्राप्त नकद या बैंक हस्तांतरण हो सकती है।
English: Money income refers to income received in the form of money (currency), such as salary, wages, interest, dividends, etc. It is cash or bank transfers received in exchange for goods and services.
6) विरंजक कितने प्रकार के होते हैं?
Name the types of bleaching agents.
हिंदी: विरंजक मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं:
- क्लोरीन आधारित विरंजक (जैसे सोडियम हाइपोक्लोराइट)
- ऑक्सीजन आधारित विरंजक (जैसे हाइड्रोजन पेरॉक्साइड)
English: Bleaching agents are mainly of two types:
- Chlorine-based bleaching agents (e.g., sodium hypochlorite)
- Oxygen-based bleaching agents (e.g., hydrogen peroxide)
7) एगमार्क का प्रयोग किन वस्तुओं पर किया जाता है?
On which products AGMARK is used?
हिंदी: एगमार्क (AGMARK) का प्रयोग कृषि उपजों पर किया जाता है, जैसे अनाज, दालें, मसाले, तेल, फल, सब्जियाँ, शहद, घी आदि। यह गुणवत्ता प्रमाणन चिह्न है।
English: AGMARK is used on agricultural products such as grains, pulses, spices, oils, fruits, vegetables, honey, ghee, etc. It is a quality certification mark.
8) बी.सी.जी. का टीका शिशु को कब लगाया जाता है?
When is B.C.G. shot given to an infant?
हिंदी: बी.सी.जी. (BCG) का टीका शिशु को जन्म के तुरंत बाद या जन्म के 48 घंटों के भीतर लगाया जाता है। यह क्षय रोग (टीबी) से बचाव के लिए दिया जाता है।
English: BCG vaccine is given to an infant immediately after birth or within 48 hours of birth. It is given to protect against tuberculosis (TB).
9) सामाजिक विकास से क्या तात्पर्य है?
What do you understand by Social Development?
हिंदी: सामाजिक विकास से तात्पर्य व्यक्ति की समाज में दूसरों के साथ संबंध स्थापित करने, सहयोग करने, नियमों का पालन करने और सामाजिक भूमिकाओं को समझने की क्षमता के विकास से है। यह बचपन से शुरू होकर जीवनभर चलता है।
English: Social development refers to the development of an individual's ability to form relationships, cooperate, follow rules, and understand social roles within society. It begins in childhood and continues throughout life.
10) बैंक के मुख्य कार्य क्या हैं?
What are the main functions of a bank?
हिंदी: बैंक के मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
- जमा स्वीकार करना (बचत, चालू, सावधि जमा)
- ऋण और अग्रिम प्रदान करना
- धन हस्तांतरण (चेक, ड्राफ्ट, ऑनलाइन)
- विदेशी मुद्रा विनिमय
- लॉकर सुविधा प्रदान करना
- सरकारी सेवाएँ (कर संग्रह, पेंशन वितरण)
English: The main functions of a bank are:
- Accepting deposits (savings, current, fixed deposits)
- Providing loans and advances
- Money transfer (cheques, drafts, online)
- Foreign exchange
- Providing locker facilities
- Government services (tax collection, pension distribution)
प्रश्न 1
मशीन में स्लाइड प्लेट का क्या कार्य है?
What is the function of slide plate in sewing machine?
स्लाइड प्लेट सिलाई मशीन का एक महत्वपूर्ण भाग है। इसका कार्य कपड़े को सुई के नीचे सही ढंग से ले जाना और सिलाई के दौरान कपड़े को स्थिर रखना है। यह कपड़े को फिसलने से रोकता है और सिलाई को सीधा और समान बनाने में मदद करता है।
The slide plate in a sewing machine helps to guide the fabric smoothly under the needle, preventing it from slipping and ensuring straight and even stitching.
प्रश्न 2
साबुन का संगठन लिखिये।
Write composition of soap.
साबुन मुख्यतः वसा (तेल) और क्षार (जैसे सोडियम हाइड्रॉक्साइड) के रासायनिक अभिक्रिया (साबुनीकरण) से बनता है। इसकी संरचना में लंबी कार्बन श्रृंखला वाले फैटी एसिड के लवण होते हैं। सामान्य साबुन में सोडियम या पोटैशियम के स्टीयरेट, पामिटेट या ओलिएट जैसे यौगिक पाए जाते हैं।
Soap is composed of salts of fatty acids (like sodium stearate, palmitate, or oleate) produced by the reaction of fats/oils with an alkali (saponification).
प्रश्न 3
वस्त्र का द्वितीयक कार्य क्या है?
What are the secondary functions of clothes?
वस्त्र के द्वितीयक कार्यों में शामिल हैं: सामाजिक प्रतिष्ठा और पहचान दर्शाना, व्यक्तित्व और सौंदर्य को बढ़ाना, सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का पालन करना, तथा मौसम और पर्यावरण से सुरक्षा प्रदान करना (जैसे गर्मी या सर्दी से बचाना)।
Secondary functions of clothes include: indicating social status and identity, enhancing personality and aesthetics, following cultural/religious traditions, and providing protection from weather and environment.
खण्ड - ब / SECTION - B
प्रश्न 4
एक कामकाजी महिला अपने एक वर्ष के बालक को पालनागृह में रखना चाहती है? वह पालनागृह में किन सुविधाओं का ध्यान रखेगी?
A working woman wants to keep her one year old baby in a creche. What facilities should she look for in the creche?
एक कामकाजी महिला को पालनागृह (क्रेच) में निम्नलिखित सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए:
- स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण
- प्रशिक्षित और देखभाल करने वाला स्टाफ
- बच्चे के लिए पौष्टिक भोजन और दूध की व्यवस्था
- सोने और खेलने के लिए उपयुक्त स्थान
- चिकित्सा सुविधा और आपातकालीन प्रबंधन
- बच्चे की दिनचर्या और गतिविधियों की जानकारी देने की व्यवस्था
A working woman should look for: clean and safe environment, trained staff, nutritious food and milk, proper sleeping and playing areas, medical facilities, and regular updates about the child's activities.
प्रश्न 5
मंदबुद्धि बालकों की दो विशेषताएँ लिखिये। उन्हें समाज का उपयोगी सदस्य कैसे बनाया जा सकता है?
Write two characteristics of mentally retarded children. How they can be made useful member of the society?
मंदबुद्धि बालकों की दो विशेषताएँ:
- बौद्धिक क्षमता सामान्य से कम होती है, जिससे सीखने और समझने में कठिनाई होती है।
- सामाजिक और व्यावहारिक कौशल विकसित करने में धीमे होते हैं, जैसे आत्म-देखभाल और संवाद।
उन्हें समाज का उपयोगी सदस्य बनाने के उपाय:
- विशेष शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करना जो उनकी क्षमताओं के अनुकूल हो।
- सरल और दोहराए जाने वाले कार्यों में प्रशिक्षित करना, जैसे हस्तशिल्प या पैकेजिंग।
- सामाजिक समावेशन और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए समूह गतिविधियों में भागीदारी।
- परिवार और समुदाय का सहयोग और प्रोत्साहन।
Two characteristics: Lower intellectual ability causing learning difficulties; slower development of social and practical skills.
How to make them useful: Provide special education and vocational training; train in simple repetitive tasks; encourage social inclusion and group activities; ensure family and community support.
प्रश्न 6
बालक के गामक विकास में परिपक्वता एवं सीखने का क्या महत्व है?
What is the importance of maturity and learning in the motor development of a child?
बालक के गामक (मोटर) विकास में परिपक्वता और सीखना दोनों का महत्वपूर्ण योगदान है:
- परिपक्वता (Maturity): यह शारीरिक और तंत्रिका तंत्र के विकास को संदर्भित करता है। परिपक्वता के बिना, बालक कुछ गतिविधियाँ (जैसे चलना या पकड़ना) नहीं कर सकता, भले ही उसे सिखाया जाए। यह विकास की नींव प्रदान करती है।
- सीखना (Learning): यह अभ्यास और अनुभव के माध्यम से कौशल को निखारता है। सीखने से बालक अपनी गतिविधियों को अधिक सटीक, समन्वित और कुशल बनाता है।
दोनों मिलकर गामक विकास को संभव बनाते हैं: परिपक्वता क्षमता प्रदान करती है, जबकि सीखना उस क्षमता को व्यावहारिक कौशल में बदलता है।
Maturity provides the physical and neurological foundation for motor skills, while learning through practice and experience refines these skills into coordinated and efficient movements. Both are essential for motor development.
7. सुरक्षित पेयजल से क्या तात्पर्य है? घर पर पीने के जल को सुरक्षित बनाने की विधियाँ लिखिये। [2]
What is safe drinking water? Write the methods of making drinking water safe at home.
सुरक्षित पेयजल: वह जल जो रोगाणुओं, हानिकारक रसायनों और अशुद्धियों से मुक्त हो तथा पीने के लिए स्वास्थ्यवर्धक हो, सुरक्षित पेयजल कहलाता है।
घर पर जल को सुरक्षित बनाने की विधियाँ:
- उबालना: जल को कम से कम 10-15 मिनट तक उबालने से अधिकांश रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।
- छानना: कपड़े या जाली से छानकर बड़े कणों को हटाया जा सकता है।
- क्लोरीन की गोलियाँ: निर्देशानुसार क्लोरीन की गोलियाँ डालकर जल को शुद्ध किया जा सकता है।
- सौर जल शोधन: पारदर्शी बोतल में जल को धूप में 6-8 घंटे रखने से पराबैंगनी किरणें रोगाणुओं को नष्ट करती हैं।
8. वृद्धावस्था की पोषण सम्बंधी विभिन्न समस्याओं को लिखिये। [2]
Write down various nutritional problems of old age.
वृद्धावस्था की पोषण सम्बंधी समस्याएँ:
- कुपोषण: भूख कम लगने और पोषक तत्वों के अवशोषण में कमी के कारण।
- हड्डियों का कमजोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस): कैल्शियम और विटामिन D की कमी से।
- एनीमिया: आयरन और विटामिन B12 की कमी से।
- पाचन समस्याएँ: कब्ज, अपच, और पोषक तत्वों का अवशोषण कम होना।
- दाँतों की समस्या: चबाने में कठिनाई के कारण ठोस आहार न ले पाना।
9. धात्री माता के लिये आहार व्यवस्था करते समय आप किन बातों का ध्यान रखेंगे? [2]
Which points will you consider while preparing meal management for a lactating mother?
ध्यान रखने योग्य बातें:
- पोषक तत्वों की अधिकता: प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, विटामिन और खनिजों से भरपूर आहार दें।
- पर्याप्त कैलोरी: दूध उत्पादन के लिए अतिरिक्त 500-600 कैलोरी प्रतिदिन आवश्यक है।
- जल की मात्रा: दिन में 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ लें।
- सुपाच्य भोजन: हल्का, पौष्टिक और आसानी से पचने वाला भोजन दें।
- बार-बार भोजन: छोटे-छोटे अंतराल पर 5-6 बार भोजन करें।
20. विज्ञापन से क्या तात्पर्य है? भ्रामक विज्ञापन की पहचान आप कैसे करेंगे? [2]
What do you understand by advertisement? How will you identify a deceptive advertisement?
विज्ञापन: यह किसी उत्पाद या सेवा के बारे में जानकारी देने और उसे बढ़ावा देने का एक माध्यम है।
भ्रामक विज्ञापन की पहचान:
- अतिशयोक्तिपूर्ण दावे: यदि कोई उत्पाद असंभव या अत्यधिक लाभ का दावा करता है।
- गलत जानकारी: कीमत, गुणवत्ता या परिणामों के बारे में झूठ बोलना।
- प्रमाण का अभाव: वैज्ञानिक या विशेषज्ञ प्रमाण के बिना दावे करना।
- छिपी हुई शर्तें: छोटे अक्षरों में लिखी शर्तों से ग्राहक को भ्रमित करना।
2. अपने धन को विनियोजित करते समय किन प्रमुख चार बिन्दुओं का ध्यान रखना चाहिये और क्यों? [2]
Which major four points should be kept in mind while investing your money and why?
चार प्रमुख बिन्दु:
- सुरक्षा: निवेश सुरक्षित होना चाहिए ताकि मूलधन न डूबे।
- तरलता: आवश्यकता पड़ने पर आसानी से नकदी में बदला जा सके।
- लाभप्रदता: निवेश से उचित और स्थिर आय मिलनी चाहिए।
- विविधता: जोखिम कम करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में निवेश करें।
क्यों: ये बिन्दु वित्तीय सुरक्षा, आपातकालीन आवश्यकताओं की पूर्ति, मुद्रास्फीति से बचाव और जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित करते हैं।
22. तैयार पोशाक में सीवन एवं बंधक के महत्व को समझाइये। [2]
Explain the importance of seam and fasteners in readymade garments.
सीवन का महत्व:
- यह कपड़े के टुकड़ों को जोड़कर पोशाक का आकार देता है।
- पोशाक को मजबूती और टिकाऊपन प्रदान करता है।
- सही सीवन पोशाक को फिट और आकर्षक बनाता है।
बंधक (फास्टनर) का महत्व:
- यह पोशाक को पहनने और उतारने में सुविधा प्रदान करता है (जैसे बटन, जिपर, हुक)।
- पोशाक को शरीर पर ठीक से फिट रखने में मदद करता है।
- पोशाक की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखता है।
23. वस्त्रों का संग्रहण करते समय किन बिन्दुओं को ध्यान में रखना चाहिये? [2]
Which points should be kept in mind while storage of clothes?
ध्यान रखने योग्य बिन्दु:
- साफ-सफाई: संग्रहण से पहले वस्त्रों को अच्छी तरह धोकर सुखा लें।
- नमी से बचाव: सूखी और हवादार जगह पर रखें, नमी से फफूंद लग सकती है।
- कीटों से सुरक्षा: नेफ्थलीन या लैवेंडर की पोटली रखें।
- मोड़कर रखना: भारी वस्त्रों को लटकाएं, हल्के वस्त्रों को मोड़कर रखें।
- रंगों का अलगाव: गहरे और हल्के रंग के वस्त्र अलग-अलग रखें ताकि रंग न छूटे।
24) एक सफल उद्यमी में किन-किन गुणों का होना आवश्यक है? [2]
What essential qualities are needed in a successful business-man?
उत्तर: एक सफल उद्यमी में निम्नलिखित गुण आवश्यक हैं:
- आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता
- जोखिम उठाने की क्षमता
- नवाचार और रचनात्मकता
- नेतृत्व और संचार कौशल
- दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत
- वित्तीय प्रबंधन और योजना बनाने की क्षमता
Answer: Essential qualities of a successful entrepreneur include self-confidence, decision-making ability, risk-taking, innovation, leadership, communication skills, determination, hard work, and financial management.
खण्ड - स / SECTION - C
25) मिलावट को वर्गीकृत कीजिये। मिलावटी भोज्य पदार्थों का स्वास्थ्य पर क्या दुष्प्रभाव पड़ता है? [3]
Classify adulteration. What are the ill effects of adulterated foods on health?
उत्तर: मिलावट का वर्गीकरण:
- जानबूझकर मिलावट: लाभ के लिए सस्ते या हानिकारक पदार्थ मिलाना (जैसे दूध में पानी, मसालों में रंग)
- अनजाने में मिलावट: भंडारण या प्रसंस्करण के दौरान दूषित होना (जैसे कीटनाशक, धूल)
- प्राकृतिक मिलावट: प्राकृतिक रूप से हानिकारक तत्वों का मिलना (जैसे अनाज में कवक)
स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव:
- पाचन संबंधी समस्याएं (दस्त, उल्टी)
- लीवर और किडनी को नुकसान
- कैंसर का खतरा
- एलर्जी और त्वचा रोग
- पोषण की कमी
- दीर्घकालिक रोग (जैसे उच्च रक्तचाप, मधुमेह)
Answer: Adulteration is classified into intentional (adding cheap/harmful substances for profit), unintentional (contamination during storage/processing), and natural (harmful elements like fungi). Ill effects include digestive issues, liver/kidney damage, cancer risk, allergies, nutritional deficiency, and chronic diseases.
26) "राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम" पर टिप्पणी कीजिये। [3]
Write a short note on "National Vaccination Programme".
उत्तर: राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम (National Vaccination Programme) भारत सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यक्रम है। इसके अंतर्गत शिशुओं और गर्भवती महिलाओं को संक्रामक रोगों से बचाव के लिए मुफ्त टीके लगाए जाते हैं। प्रमुख टीकों में BCG (तपेदिक), OPV (पोलियो), DPT (डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस), खसरा, हेपेटाइटिस B आदि शामिल हैं। इस कार्यक्रम ने पोलियो उन्मूलन और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
Answer: The National Vaccination Programme is a government initiative providing free vaccines to infants and pregnant women against infectious diseases like TB, polio, diphtheria, pertussis, tetanus, measles, and hepatitis B. It has significantly reduced child mortality and helped eradicate polio in India.
27) "उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम" के क्षेत्रों का वर्णन करें। [3]
Write in detail the areas of "Consumer Protection Act".
उत्तर: उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (Consumer Protection Act) के प्रमुख क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- उपभोक्ता अधिकार: सुरक्षा, सूचना, चयन, सुनवाई, शिकायत निवारण, शिक्षा का अधिकार
- अनुचित व्यापार प्रथाओं पर रोक: झूठे विज्ञापन, मिलावट, अधिक मूल्य वसूलना
- शिकायत निवारण तंत्र: जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपभोक्ता फोरम और आयोग
- दंड और मुआवजा: दोषपूर्ण वस्तुओं/सेवाओं के लिए जुर्माना और क्षतिपूर्ति
- उत्पाद दायित्व: निर्माता/विक्रेता की जिम्मेदारी
Answer: The Consumer Protection Act covers consumer rights (safety, information, choice, hearing, redressal, education), prohibition of unfair trade practices, complaint redressal mechanisms at district/state/national levels, penalties and compensation for defective goods/services, and product liability.
28) डिज़ाइन के सिद्धांतों का वर्णन कीजिये। [4]
Describe the principles of design.
उत्तर: डिज़ाइन के प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
- संतुलन (Balance): दृश्य भार का समान वितरण - सममित (symmetrical) या असममित (asymmetrical)
- अनुपात (Proportion): विभिन्न तत्वों के आकार और मात्रा में सामंजस्य
- लय (Rhythm): तत्वों की पुनरावृत्ति या क्रमबद्धता से गति का भाव
- एकता (Unity): सभी तत्वों का एक साथ मिलकर एक पूर्ण रूप बनाना
- जोर (Emphasis): किसी एक तत्व को विशेष रूप से उभारना
- विविधता (Variety): रुचि बनाए रखने के लिए विभिन्न तत्वों का प्रयोग
- सादगी (Simplicity): अनावश्यक विवरणों से बचना
Answer: The principles of design include balance (symmetrical/asymmetrical), proportion (harmony in size and quantity), rhythm (repetition for movement), unity (cohesive whole), emphasis (highlighting a focal point), variety (interest through diversity), and simplicity (avoiding clutter).
29) उपभोक्ता की समस्याओं को विस्तार से समझाइये। [4]
Write in detail about consumer problems.
उपभोक्ता की समस्याएँ (Consumer Problems):
उपभोक्ता को बाजार में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मुख्य समस्याएँ निम्नलिखित हैं:
- मिलावट (Adulteration): खाद्य पदार्थों में मिलावट करना एक गंभीर समस्या है। उदाहरण के लिए, दूध में पानी मिलाना, मसालों में रंग मिलाना आदि।
- अधिक मूल्य वसूलना (Overcharging): विक्रेता अक्सर वस्तुओं के वास्तविक मूल्य से अधिक मूल्य वसूलते हैं, विशेषकर आवश्यक वस्तुओं पर।
- घटिया गुणवत्ता (Poor Quality): उपभोक्ता को अक्सर घटिया या खराब गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचे जाते हैं, जो जल्दी खराब हो जाते हैं या काम नहीं करते।
- गलत वजन या माप (Incorrect Weight or Measure): कई बार विक्रेता कम वजन या माप देते हैं, जिससे उपभोक्ता को आर्थिक हानि होती है।
- भ्रामक विज्ञापन (Misleading Advertisements): कंपनियाँ अपने उत्पादों के बारे में झूठे या अतिरंजित दावे करती हैं, जिससे उपभोक्ता धोखा खा जाते हैं।
- सुरक्षा मानकों का अभाव (Lack of Safety Standards): कई उत्पाद, विशेषकर बिजली के उपकरण या खिलौने, सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते और दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
- बिक्री के बाद सेवा का अभाव (Lack of After-Sales Service): कई बार उत्पाद खरीदने के बाद वारंटी या गारंटी का लाभ नहीं मिलता या सेवा केंद्र उपलब्ध नहीं होते।
- एकाधिकार (Monopoly): कुछ वस्तुओं या सेवाओं पर एकाधिकार के कारण उपभोक्ता के पास विकल्प नहीं होता और उसे अधिक कीमत चुकानी पड़ती है।
इन समस्याओं से बचने के लिए उपभोक्ता को जागरूक रहना चाहिए, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का ज्ञान होना चाहिए, और शिकायत दर्ज कराने में संकोच नहीं करना चाहिए।
30) आहार आयोजन के सिद्धांतों को समझाइये। [4]
Explain the principles of meal planning.
अथवा / OR
गर्भावस्था में होने वाली पोषण संबंधी समस्याओं एवं पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर प्रकाश डालिये।
Enlighten the nutritional problems and nutritional requirements during pregnancy.
आहार आयोजन के सिद्धांत (Principles of Meal Planning):
आहार आयोजन का अर्थ है दिन भर में खाए जाने वाले भोजन की योजना बनाना ताकि वह पौष्टिक, संतुलित और आर्थिक रूप से सुलभ हो। इसके प्रमुख सिद्धांत निम्नलिखित हैं:
- पोषण संतुलन (Nutritional Balance): भोजन में सभी आवश्यक पोषक तत्व – कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और जल – उचित मात्रा में होने चाहिए।
- विविधता (Variety): एक ही प्रकार का भोजन नीरस होता है और सभी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। अतः विभिन्न खाद्य समूहों (अनाज, दालें, सब्जियाँ, फल, दूध, मांस आदि) का समावेश आवश्यक है।
- परिवार की आवश्यकताएँ (Family Needs): आहार योजना परिवार के सभी सदस्यों की आयु, लिंग, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार बनाई जानी चाहिए।
- आर्थिक सामर्थ्य (Economic Affordability): भोजन परिवार की आय के अनुकूल होना चाहिए। महँगे पदार्थों के स्थान पर सस्ते लेकिन पौष्टिक विकल्पों का उपयोग किया जा सकता है।
- मौसमी उपलब्धता (Seasonal Availability): मौसमी फल और सब्जियाँ सस्ती, ताजी और अधिक पौष्टिक होती हैं, इसलिए उन्हें प्राथमिकता देनी चाहिए।
- समय और श्रम की बचत (Time and Labour Saving): भोजन की तैयारी में लगने वाले समय और श्रम का ध्यान रखना चाहिए। सरल और जल्दी बनने वाले व्यंजनों को शामिल किया जा सकता है।
- स्वाद और रुचि (Taste and Preference): भोजन स्वादिष्ट होना चाहिए और परिवार के सदस्यों की पसंद-नापसंद का ध्यान रखना चाहिए, ताकि सभी भोजन का आनंद ले सकें।
- स्वच्छता और सुरक्षा (Hygiene and Safety): भोजन साफ-सुथरी जगह पर बनाया जाए और पोषक तत्वों को बनाए रखने के लिए उचित पकाने की विधि अपनाई जाए।
अथवा (OR) – गर्भावस्था में पोषण संबंधी समस्याएँ और आवश्यकताएँ:
पोषण संबंधी समस्याएँ (Nutritional Problems during Pregnancy):
- एनीमिया (Anemia): आयरन की कमी से रक्ताल्पता हो जाती है, जिससे थकान, कमजोरी और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- कैल्शियम की कमी (Calcium Deficiency): इससे दाँतों और हड्डियों की समस्या हो सकती है, साथ ही गर्भवती महिला को ऐंठन की शिकायत हो सकती है।
- प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण (Protein-Energy Malnutrition): अपर्याप्त प्रोटीन और कैलोरी के कारण भ्रूण का विकास प्रभावित होता है और कम वजन का शिशु जन्म ले सकता है।
- फोलिक एसिड की कमी (Folic Acid Deficiency): इससे न्यूरल ट्यूब दोष (स्पाइना बिफिडा) जैसी जन्मजात विकृतियाँ हो सकती हैं।
- अत्यधिक वजन बढ़ना (Excessive Weight Gain): अनियंत्रित आहार से मोटापा और गर्भकालीन मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है।
पोषण संबंधी आवश्यकताएँ (Nutritional Requirements during Pregnancy):
- अतिरिक्त ऊर्जा (Extra Energy): सामान्य से लगभग 300-350 कैलोरी अधिक प्रतिदिन आवश्यक होती है।
- प्रोटीन (Protein): प्रतिदिन लगभग 60-65 ग्राम प्रोटीन की आवश्यकता होती है, जो दालें, दूध, अंडे, मांस आदि से मिलता है।
- आयरन (Iron): एनीमिया से बचाव के लिए 35-40 मिलीग्राम आयरन प्रतिदिन आवश्यक है। हरी पत्तेदार सब्जियाँ, चुकंदर, अनार आदि इसके अच्छे स्रोत हैं।
- कैल्शियम (Calcium): हड्डियों और दाँतों के विकास के लिए 1000-1200 मिलीग्राम कैल्शियम प्रतिदिन आवश्यक है। दूध, दही, पनीर, रागी आदि इसके स्रोत हैं।
- फोलिक एसिड (Folic Acid): गर्भावस्था के पहले तीन महीनों में 400-500 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड आवश्यक है। यह हरी सब्जियों, दालों और फोर्टिफाइड अनाजों में पाया जाता है।
- विटामिन और खनिज (Vitamins and Minerals): विटामिन A, C, D, B12 और जिंक, आयोडीन आदि की भी पर्याप्त मात्रा आवश्यक है।
- जल (Water): दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे और कब्ज जैसी समस्याओं से बचा जा सके।
गर्भावस्था में संतुलित आहार लेने से माँ और शिशु दोनों स्वस्थ रहते हैं और प्रसव के बाद जटिलताओं का खतरा कम होता है।