RBSE Class 12th 2017 -SS-29-2017 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2017 |
| Subject | -SS-29-2017 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2017 -SS-29-2017
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Rajasthan Board Class 12th -SS-29-2017 2017 solved Previous Year Question Papers
SS-29-Sociology (Supp.)
उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2017
SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2017
समाजशास्त्र
SOCIOLOGY
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्नपत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
SS-29-Sociology 22 [ Turn Over
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खण्ड / Section
| खण्ड / Section | प्रश्न संख्या / Q. Nos. | अंक प्रति प्रश्न / Marks per question |
|---|---|---|
| क / A | 1-8 | 1 |
| ख / B | 9-4 | 2 |
| ग / C | 5-26 | 3 |
| घ / D | 27-30 | 6 |
उत्तर की शब्द सीमा / Word limit of answer
| खण्ड / Section | शब्द सीमा / Word limit |
|---|---|
| क / A | 0 शब्द / 0 words |
| ख / B | 30 शब्द / 30 words |
| ग / C | 45 शब्द / 45 words |
| घ / D | 200 शब्द / 200 words |
प्रश्न क्रमांक 27 से 30 तक में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 27 to 30 have internal choices.
SS_29-Sociology 22
खण्ड - अ / SECTION - A
-
लोकतंत्र से आपका क्या अभिप्राय है?
What do you mean by democracy?उत्तर: लोकतंत्र एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसमें जनता स्वयं अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और शासन जनता की इच्छा के अनुसार चलता है। यह 'जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए शासन' है।
Answer: Democracy is a system of government where the people elect their representatives and the government runs according to the will of the people. It is 'government of the people, by the people, for the people'.
-
भूमण्डलीकरण को समझाइए।
Explain 'Globalisation'.उत्तर: भूमण्डलीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें विश्व के विभिन्न देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सामाजिक संबंधों का विस्तार होता है। इससे वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, सूचना और लोगों का आदान-प्रदान बढ़ता है, जिससे विश्व एक वैश्विक गाँव बन जाता है।
Answer: Globalisation is the process of expanding economic, cultural, political and social relations among different countries of the world. It increases the exchange of goods, services, capital, information and people, making the world a global village.
-
भारत में क्षेत्रवाद कौन सी विविधताओं के कारण पाया जाता है?
Regionalism in India is found by which causes?उत्तर: भारत में क्षेत्रवाद निम्नलिखित विविधताओं के कारण पाया जाता है:
- भाषाई विविधता (Linguistic diversity)
- सांस्कृतिक विविधता (Cultural diversity)
- धार्मिक विविधता (Religious diversity)
- आर्थिक असमानताएँ (Economic inequalities)
- ऐतिहासिक एवं भौगोलिक कारक (Historical and geographical factors)
Answer: Regionalism in India is found due to the following diversities: linguistic diversity, cultural diversity, religious diversity, economic inequalities, and historical & geographical factors.
-
निर्योग्यता का कोई एक लक्षण दीजिये।
Give any one characteristic of disability.उत्तर: निर्योग्यता का एक प्रमुख लक्षण यह है कि व्यक्ति शारीरिक, मानसिक या संवेदी क्षमताओं में सीमित होता है, जिसके कारण वह सामान्य गतिविधियों को करने में असमर्थ होता है या उसे अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होती है।
Answer: One characteristic of disability is that a person is limited in physical, mental or sensory abilities, due to which he/she is unable to perform normal activities or requires additional assistance.
-
सामाजिक अपवर्जन' क्या है?
What is 'Social Exclusion'?उत्तर: सामाजिक अपवर्जन वह प्रक्रिया है जिसमें कुछ व्यक्तियों या समूहों को समाज के मुख्यधारा के संसाधनों, अवसरों और सेवाओं से वंचित रखा जाता है। यह गरीबी, भेदभाव और असमानता को बढ़ावा देता है।
Answer: Social exclusion is the process in which certain individuals or groups are deprived of mainstream resources, opportunities and services of society. It promotes poverty, discrimination and inequality.
-
सामाजिक स्तरीकरण को परिभाषित कीजिये।
Define social stratification.उत्तर: सामाजिक स्तरीकरण वह प्रणाली है जिसमें समाज के सदस्यों को विभिन्न स्तरों या वर्गों में विभाजित किया जाता है, जो धन, शक्ति, प्रतिष्ठा और अवसरों में असमानता पर आधारित होता है। यह समाज में पदानुक्रमित संरचना बनाता है।
Answer: Social stratification is the system in which members of society are divided into different levels or classes, based on inequality in wealth, power, prestige and opportunities. It creates a hierarchical structure in society.
-
हरित क्रान्ति' का अर्थ बताइए।
Give the meaning of 'Green Revolution'.उत्तर: हरित क्रान्ति से तात्पर्य कृषि क्षेत्र में उन्नत बीजों, रासायनिक उर्वरकों, कीटनाशकों और सिंचाई सुविधाओं के प्रयोग द्वारा खाद्यान्न उत्पादन में हुई भारी वृद्धि से है। यह 1960 के दशक में भारत में शुरू हुई थी और इसने देश को खाद्यान्न में आत्मनिर्भर बनाया।
Answer: Green Revolution refers to the massive increase in food grain production through the use of improved seeds, chemical fertilizers, pesticides and irrigation facilities in agriculture. It started in India in the 1960s and made the country self-sufficient in food grains.
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8) ‘anim’ से क्या तात्पर्य है? [1]
What is the meaning of 'Market'?
उत्तर: 'बाजार' (Market) से तात्पर्य उस स्थान या तंत्र से है जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय होता है। यह केवल भौतिक स्थान नहीं, बल्कि एक सामाजिक-आर्थिक संरचना है जिसमें विक्रेता और क्रेता आपस में लेन-देन करते हैं।
खण्ड - ब / SECTION - B
9) “मजदूर किसे कहा जाता है? [2]
To whom called as 'Foot Loose' labour?
उत्तर: 'फुट लूज़' (Foot Loose) श्रमिक उन मजदूरों को कहा जाता है जो स्थायी रूप से किसी एक स्थान पर बंधे नहीं होते, बल्कि रोजगार की तलाश में एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से जा सकते हैं। ये श्रमिक अक्सर अस्थायी, मौसमी या अनियमित कामों में लगे होते हैं और इनकी गतिशीलता अधिक होती है।
10) राष्ट्र से आप क्या समझते हैं? [2]
What do you understand by ‘Nation’?
उत्तर: राष्ट्र (Nation) एक ऐसा समुदाय है जो एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में रहता है, जिसकी एक समान संस्कृति, भाषा, इतिहास, परंपराएँ और साझा हित होते हैं। राष्ट्र के लोगों में एकता की भावना होती है और वे एक सामान्य राजनीतिक व्यवस्था के अंतर्गत रहते हैं।
11) साप्ताहिक बाजार का क्या महत्व है? [2]
What is the significance of "Weekly Market'?
उत्तर: साप्ताहिक बाजार (Weekly Market) का महत्व निम्नलिखित है:
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री का प्रमुख केंद्र होता है।
- यह छोटे किसानों और कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने का अवसर प्रदान करता है।
- उपभोक्ताओं को कम कीमत पर ताजा वस्तुएँ उपलब्ध होती हैं।
- यह सामाजिक मेल-मिलाप और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का स्थान भी है।
12) सम्प्रदायवाद' का अर्थ समझाइए। [2]
Explain the meaning of 'Communalism'.
उत्तर: सम्प्रदायवाद (Communalism) एक ऐसी विचारधारा है जो धार्मिक समुदायों के बीच विभाजन और संघर्ष को बढ़ावा देती है। इसमें एक धार्मिक समूह के हितों को दूसरे समूहों से ऊपर रखा जाता है, जिससे सामाजिक तनाव और असहिष्णुता उत्पन्न होती है। यह राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक है।
13) भारत में स्वतंत्रता से पूर्व संविधान सभा में बहस के प्रमुख मुद्दे क्या थे? [2]
What were the main issues of debate in the 'Constituent Assembly' in India before independence?
उत्तर: स्वतंत्रता से पूर्व संविधान सभा में बहस के प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित थे:
- संघीय बनाम एकात्मक शासन प्रणाली
- मौलिक अधिकारों का स्वरूप और दायरा
- अल्पसंख्यकों के अधिकार और सुरक्षा
- भाषा और राज्यों के पुनर्गठन का प्रश्न
- आर्थिक नीति और संपत्ति के अधिकार
- न्यायपालिका की स्वतंत्रता और शक्तियाँ
14) भूमंडलीय संचार के प्रमुख साधन कौन से हैं? [2]
Which are the basic means of global communication?
उत्तर: भूमंडलीय संचार (Global Communication) के प्रमुख साधन निम्नलिखित हैं:
- उपग्रह (Satellites) - दूरसंचार और प्रसारण के लिए
- इंटरनेट (Internet) - ईमेल, वेबसाइट, सोशल मीडिया
- टेलीफोन और मोबाइल नेटवर्क
- रेडियो और टेलीविजन प्रसारण
- फाइबर ऑप्टिक केबल - तेज डेटा ट्रांसमिशन के लिए
SS—29-Sociology 22
खण्ड - स / SECTION - C
-
जाति की कोई तीन विशेषताएं बताइए। [3]
Mention any three characteristics of caste.
उत्तर: जाति व्यवस्था की तीन प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- वंशानुगत सदस्यता: जाति में सदस्यता जन्म से निर्धारित होती है, व्यक्ति इसे बदल नहीं सकता।
- अंतर्विवाह (Endogamy): अधिकांश जातियों में विवाह अपनी ही जाति के भीतर ही किया जाता है।
- सामाजिक पदानुक्रम: जातियाँ एक श्रेणीबद्ध क्रम में व्यवस्थित होती हैं, जिसमें कुछ जातियाँ उच्च और कुछ निम्न मानी जाती हैं।
-
जाति और वर्ण में अन्तर बताइए। [3]
Differentiate between 'Caste' and 'Varna'.
उत्तर: जाति और वर्ण में निम्नलिखित अंतर हैं:
आधार जाति (Caste) वर्ण (Varna) संख्या हजारों जातियाँ पाई जाती हैं। केवल चार वर्ण होते हैं (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र)। आधार व्यवसाय, क्षेत्रीयता और सामाजिक प्रथाओं पर आधारित। सैद्धांतिक रूप से कर्म और गुण पर आधारित। लचीलापन अत्यंत कठोर, सदस्यता बदलना लगभग असंभव। सैद्धांतिक रूप से कुछ लचीलापन (जैसे वर्ण संकर) संभव। -
पण्यीकरण क्या है? [3]
What is commodification?
उत्तर: पण्यीकरण (Commodification) वह प्रक्रिया है जिसमें वस्तुओं, सेवाओं, विचारों या यहाँ तक कि मानवीय संबंधों को बाजार में खरीद-बिक्री की वस्तु (commodity) में बदल दिया जाता है। इसमें उन चीज़ों को आर्थिक मूल्य दे दिया जाता है जो पहले बाजार के दायरे में नहीं थीं, जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, या सांस्कृतिक प्रथाएँ।
-
आदिवासी संघर्ष के कोई तीन कारण बताइए। [3]
Give any three reasons of 'Adivasi conflict'.
उत्तर: आदिवासी संघर्ष के तीन प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:
- भूमि अधिकारों का हनन: विकास परियोजनाओं (बाँध, खनन) के कारण आदिवासियों की पारंपरिक भूमि छीनी जाती है।
- संसाधनों का दोहन: जंगलों और खनिज संपदा पर आदिवासियों के अधिकारों को नजरअंदाज कर बाहरी लोगों द्वारा शोषण किया जाता है।
- सांस्कृतिक पहचान का खतरा: आधुनिकीकरण और बाहरी हस्तक्षेप से आदिवासी संस्कृति, भाषा और परंपराओं के विलुप्त होने का भय।
-
नागरिक समाज के प्रकार्यों का वर्णन कीजिये। [3]
Mention the functions of civil society.
उत्तर: नागरिक समाज (Civil Society) के प्रमुख प्रकार्य (कार्य) निम्नलिखित हैं:
- लोकतंत्र को मजबूत करना: यह नागरिकों को संगठित होकर सरकार की नीतियों पर निगरानी रखने और आवाज उठाने का मंच प्रदान करता है।
- सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता: यह शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण जैसे मुद्दों पर जनजागरण करता है और सरकार पर दबाव बनाता है।
- सेवा प्रदान करना: कई गैर-सरकारी संगठन (NGOs) शिक्षा, स्वास्थ्य और राहत कार्यों में सरकार की कमियों को पूरा करते हैं।
-
राजा राम मोहन राय द्वारा स्त्रियों की स्थिति को सुधारने के लिये किये गये प्रयासों के बारे में समझाइए। [3]
Explain about the efforts made by Raja Ram Mohan Rai to improve the status of women.
उत्तर: राजा राम मोहन राय ने स्त्रियों की स्थिति सुधारने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए:
- सती प्रथा का विरोध: उन्होंने सती प्रथा (विधवा को पति की चिता पर जलाना) के खिलाफ अभियान चलाया और 1829 में इसे अवैध घोषित करवाने में सफलता पाई।
- विधवा पुनर्विवाह का समर्थन: उन्होंने विधवाओं के पुनर्विवाह की वकालत की और इसके लिए सामाजिक जागरूकता फैलाई।
- स्त्री शिक्षा पर बल: उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के महत्व पर जोर दिया और कलकत्ता में हिंदू कॉलेज की स्थापना में योगदान दिया, जहाँ लड़कियाँ भी शिक्षा प्राप्त कर सकें।
-
पश्चिमीकरण के अवधारणात्मक पहलू को स्पष्ट कीजिये। [3]
Explain the conceptual aspect of westernisation.
उत्तर: पश्चिमीकरण (Westernisation) की अवधारणा का तात्पर्य पश्चिमी देशों (विशेषकर यूरोप और अमेरिका) के मूल्यों, जीवनशैली, तकनीक, शिक्षा और संस्थाओं को अपनाने से है। इसके अवधारणात्मक पहलुओं में शामिल हैं:
- तर्कसंगतता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण: पश्चिमीकरण में अंधविश्वासों के स्थान पर तर्क और विज्ञान को प्राथमिकता दी जाती है।
- व्यक्तिवाद और स्वतंत्रता: सामूहिकता के बजाय व्यक्तिगत अधिकारों और स्वतंत्रता पर जोर दिया जाता है।
- आधुनिक संस्थाओं का विकास: लोकतंत्र, कानूनी समानता, नौकरशाही और बाजार अर्थव्यवस्था जैसी पश्चिमी संस्थाओं को अपनाया जाता है।
SS—29-Sociology 22
22. 73 वें संविधान संशोधन का पंचायती राज संस्थाओं पर क्या प्रभाव पड़ा?
What is the impact of 73rd constitutional amendment on Panchayati Raj Institutions?
प्रभाव: 73वें संविधान संशोधन (1992) ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। इसके प्रमुख प्रभाव इस प्रकार हैं:
- ग्राम सभा को संवैधानिक मान्यता मिली।
- तीन स्तरीय पंचायती राज व्यवस्था (ग्राम, मध्यवर्ती, जिला) अनिवार्य की गई।
- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं के लिए सीटें आरक्षित की गईं।
- पंचायतों का कार्यकाल 5 वर्ष निर्धारित किया गया।
- राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग का गठन अनिवार्य किया गया।
- पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएँ बनाने का अधिकार दिया गया।
23. कृषि मजदूरों का संचरण क्या है?
What is the 'Circulation of agriculture labours'?
कृषि मजदूरों का संचरण उस प्रक्रिया को कहते हैं जिसमें कृषि मजदूर फसल कटाई, बुवाई या अन्य कृषि कार्यों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान पर अस्थायी रूप से प्रवास करते हैं। यह मौसमी प्रवास का एक रूप है, जिसमें मजदूर बेहतर मजदूरी या रोजगार के अवसरों की तलाश में गाँवों, जिलों या राज्यों के बीच आवागमन करते हैं। यह संचरण प्रायः अनौपचारिक होता है और मजदूरों की आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
24. भारत में स्वतंत्रता के प्रारम्भिक वर्षों में किन-किन उद्योगों को प्राथमिकता दी गई?
Which industries were given priority during the initial years of independence?
स्वतंत्रता के प्रारम्भिक वर्षों (1950-1960 के दशक) में भारत ने भारी उद्योगों को प्राथमिकता दी। इनमें प्रमुख थे:
- लौह एवं इस्पात उद्योग: जैसे भिलाई, राउरकेला, दुर्गापुर इस्पात संयंत्र।
- भारी मशीनरी उद्योग: मशीन टूल्स, रेलवे इंजन, कृषि उपकरण।
- रासायनिक उद्योग: उर्वरक, दवाएँ, पेट्रोरसायन।
- ऊर्जा उद्योग: जलविद्युत, तापीय विद्युत परियोजनाएँ।
- खनन एवं खनिज उद्योग: कोयला, तेल, प्राकृतिक गैस।
इस नीति का उद्देश्य आयात प्रतिस्थापन और आत्मनिर्भरता प्राप्त करना था।
25. बम्बई टेक्सटाइल मिल की हड़ताल (1982) का क्या प्रभाव पड़ा?
What was the impact of the strike of Bombay Textile Mill (1982)?
1982 की बम्बई टेक्सटाइल मिल हड़ताल, जिसका नेतृत्व शंकर राव धनपाल (डॉ. धनपाल) ने किया था, का गहरा प्रभाव पड़ा:
- आर्थिक प्रभाव: हड़ताल लगभग 18 महीने चली, जिससे मिलों को भारी नुकसान हुआ और कई मिलें स्थायी रूप से बंद हो गईं।
- सामाजिक प्रभाव: लाखों मजदूर बेरोजगार हो गए, जिससे उनके परिवारों पर गंभीर संकट आया।
- औद्योगिक प्रभाव: मुंबई का कपड़ा उद्योग ध्वस्त हो गया और पावरलूम तथा अनौपचारिक क्षेत्र का विस्तार हुआ।
- राजनीतिक प्रभाव: मजदूर आंदोलन कमजोर पड़ा और संगठित क्षेत्र में यूनियनों की शक्ति घटी।
26. उपभोग की संस्कृति से क्या तात्पर्य है?
What is the meaning of 'Consumer Culture'?
उपभोग की संस्कृति से तात्पर्य उस सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था से है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं की खरीद-बिक्री को जीवन का केंद्रीय मूल्य माना जाता है। इसमें लोग अपनी पहचान, सामाजिक स्थिति और खुशी को उपभोग के माध्यम से व्यक्त करते हैं। यह संस्कृति विज्ञापन, मीडिया और बाजार द्वारा प्रोत्साहित होती है, जिसमें भौतिक वस्तुओं का अधिग्रहण और प्रदर्शन महत्वपूर्ण हो जाता है। आधुनिक समाज में यह प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, जिससे अधिक खपत, कर्ज और पर्यावरणीय समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं।
खण्ड - द (SECTION - D)
27. भारत की जनसंख्या नीति की व्याख्या कीजिए।
Analyse the population policy of India.
भारत की जनसंख्या नीति का उद्देश्य जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित करना और जनसंख्या की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसकी मुख्य विशेषताएँ:
- परिवार नियोजन: सरकार ने परिवार नियोजन कार्यक्रमों (जैसे नसबंदी, गर्भनिरोधक) को बढ़ावा दिया।
- राष्ट्रीय जनसंख्या नीति 2000: इसमें जनसंख्या स्थिरीकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया गया।
- स्वास्थ्य सेवाएँ: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, टीकाकरण और पोषण कार्यक्रमों के माध्यम से मृत्यु दर कम करना।
- शिक्षा: विशेषकर महिला शिक्षा को बढ़ावा देना, जिससे जन्म दर में कमी आती है।
- आर्थिक प्रोत्साहन: छोटे परिवारों को प्रोत्साहन देने के लिए वित्तीय लाभ और सब्सिडी।
इस नीति के बावजूद, भारत में जनसंख्या वृद्धि दर धीमी हुई है, लेकिन अभी भी चुनौतियाँ बनी हुई हैं, जैसे ग्रामीण-शहरी असमानता और गरीबी।
अथवा (OR)
भारत में जनसंख्या आधारित ग्रामीण-नगरीय विभिन्नताओं की विवेचना कीजिए।
Discuss the population based Rural-Urban differences in India.
भारत में जनसंख्या के आधार पर ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण अंतर पाए जाते हैं:
- जनसंख्या घनत्व: शहरों में जनसंख्या घनत्व अधिक होता है, जबकि गाँवों में कम।
- जन्म दर और मृत्यु दर: ग्रामीण क्षेत्रों में जन्म दर अधिक होती है, जबकि शहरों में मृत्यु दर कम (बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण)।
- प्रवास: ग्रामीण क्षेत्रों से शहरों की ओर प्रवास अधिक होता है, जिससे शहरी जनसंख्या बढ़ती है।
- आयु संरचना: शहरों में युवा जनसंख्या का अनुपात अधिक होता है, जबकि गाँवों में वृद्ध जनसंख्या अधिक।
- लिंग अनुपात: शहरों में पुरुषों का अनुपात अधिक होता है (प्रवास के कारण), जबकि गाँवों में महिलाओं का अनुपात अपेक्षाकृत अधिक।
- शिक्षा और रोजगार: शहरों में साक्षरता दर और रोजगार के अवसर अधिक होते हैं, जबकि गाँवों में कृषि पर निर्भरता अधिक।
ये विभिन्नताएँ सामाजिक-आर्थिक असमानता को दर्शाती हैं और नीति निर्माण में इन पर ध्यान देना आवश्यक है।
प्रश्न 28: भारत में जाति आधारित आन्दोलनों का वर्णन कीजिये।
उत्तर: भारत में जाति आधारित आन्दोलनों का उद्देश्य सामाजिक समानता और न्याय प्राप्त करना रहा है। ये आन्दोलन मुख्यतः निचली जातियों द्वारा ऊपरी जातियों के वर्चस्व और भेदभाव के विरुद्ध किए गए। प्रमुख आन्दोलनों में शामिल हैं:
- ब्राह्मणवाद विरोधी आन्दोलन: महाराष्ट्र में ज्योतिबा फुले और तमिलनाडु में पेरियार ई.वी. रामासामी ने ब्राह्मणवादी सामाजिक व्यवस्था का विरोध किया।
- दलित आन्दोलन: डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नेतृत्व में दलितों ने सामाजिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष किया।
- अन्य पिछड़ा वर्ग आन्दोलन: मंडल आयोग की सिफारिशों के बाद 1990 के दशक में ओबीसी आरक्षण के लिए आन्दोलन हुए।
- आदिवासी आन्दोलन: झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तर-पूर्वी राज्यों में आदिवासियों ने अपनी पहचान और अधिकारों के लिए आन्दोलन किए।
इन आन्दोलनों ने भारतीय समाज में जातिगत असमानताओं को उजागर किया और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अथवा: भारत में कामगारों के आन्दोलन की विवेचना करिये।
उत्तर: भारत में कामगार आन्दोलन का इतिहास औद्योगीकरण के साथ जुड़ा है। प्रमुख बिंदु:
- प्रारंभिक आन्दोलन: 19वीं शताब्दी के अंत में मिल मजदूरों ने काम के घंटे कम करने और मजदूरी बढ़ाने के लिए हड़तालें कीं।
- ट्रेड यूनियनों का गठन: 1920 में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) की स्थापना हुई।
- स्वतंत्रता के बाद: सरकार ने श्रम कानून बनाए, जैसे औद्योगिक विवाद अधिनियम (1947) और मजदूरी अधिनियम।
- हाल के आन्दोलन: अनौपचारिक क्षेत्र के मजदूरों, गिग इकॉनमी श्रमिकों और किसानों के आन्दोलन (जैसे 2020-21 का किसान आन्दोलन) शामिल हैं।
कामगार आन्दोलनों ने श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और बेहतर काम करने की स्थितियों के लिए संघर्ष किया है।
प्रश्न 29: भारत में औद्योगिकरण एवं नगरिकरण की विवेचना कीजिये।
उत्तर: स्वतंत्र भारत में औद्योगीकरण और नगरीकरण एक-दूसरे से जुड़ी प्रक्रियाएँ हैं।
- औद्योगीकरण: 1950 के दशक में सरकार ने भारी उद्योगों (इस्पात, रसायन, मशीनरी) पर ध्यान केंद्रित किया। बाद में उदारीकरण (1991) के बाद निजी क्षेत्र और सेवा क्षेत्र का विस्तार हुआ।
- नगरीकरण: औद्योगिक केंद्रों (मुंबई, दिल्ली, बंगलुरु, चेन्नई) के आसपास शहरों का विकास हुआ। गाँवों से शहरों की ओर पलायन बढ़ा।
- प्रभाव: आर्थिक विकास, रोजगार के अवसर, लेकिन साथ ही प्रदूषण, झुग्गी-झोपड़ियाँ और सामाजिक असमानता जैसी समस्याएँ भी उत्पन्न हुईं।
औद्योगीकरण और नगरीकरण ने भारत के सामाजिक-आर्थिक ढाँचे को बदल दिया है, लेकिन इसके साथ ही नियोजन और सतत विकास की आवश्यकता भी है।
अथवा: उपनिवेशवाद की आलोचनात्मक व्याख्या कीजिये।
उत्तर: उपनिवेशवाद एक ऐसी प्रणाली है जिसमें एक शक्तिशाली देश किसी दूसरे देश पर राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक नियंत्रण स्थापित करता है। आलोचनात्मक दृष्टिकोण:
- आर्थिक शोषण: उपनिवेशों से कच्चा माल लेकर तैयार माल बेचा जाता था, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था कमजोर हुई।
- सांस्कृतिक प्रभुत्व: उपनिवेशवादियों ने अपनी भाषा, शिक्षा और मूल्यों को थोपा, जिससे स्थानीय संस्कृति का ह्रास हुआ।
- राजनीतिक नियंत्रण: स्थानीय शासन व्यवस्था को नष्ट करके कठपुतली सरकारें बनाई गईं।
- सामाजिक विभाजन: जाति, धर्म और क्षेत्र के आधार पर लोगों को बाँटकर शासन किया गया।
उपनिवेशवाद ने विकासशील देशों को लंबे समय तक पिछड़ेपन में रखा, और इसके प्रभाव आज भी देखे जा सकते हैं।
प्रश्न 30: मुद्रण माध्यम (प्रिंट मीडिया) के महत्व को समझाइए।
उत्तर: मुद्रण माध्यम (प्रिंट मीडिया) का महत्व निम्नलिखित है:
- सूचना का प्रसार: समाचार पत्र, पत्रिकाएँ और पुस्तकें जनता तक सूचना पहुँचाने का सबसे पुराना और विश्वसनीय माध्यम हैं।
- जनमत निर्माण: प्रिंट मीडिया सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर जनमत बनाने में मदद करता है।
- शिक्षा और जागरूकता: यह लोगों को शिक्षित करने और जागरूकता फैलाने का कार्य करता है।
- लोकतंत्र में भूमिका: प्रिंट मीडिया सरकार की नीतियों की समीक्षा करता है और भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
- सांस्कृतिक संरक्षण: यह स्थानीय भाषाओं और संस्कृतियों को संरक्षित करने में सहायक है।
डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बावजूद, प्रिंट मीडिया आज भी अपनी विश्वसनीयता और गहराई के कारण महत्वपूर्ण बना हुआ है।
अथवा: स्वतंत्र भारत में मास मीडिया (जन संचार) की भूमिका की विवेचना कीजिये।
उत्तर: स्वतंत्र भारत में मास मीडिया (जन संचार) की भूमिका बहुआयामी रही है:
- सूचना और शिक्षा: रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट ने दूरदराज के क्षेत्रों तक सूचना पहुँचाई। दूरदर्शन और आकाशवाणी ने शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए।
- राष्ट्रीय एकता: मास मीडिया ने विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को जोड़ने का काम किया।
- सामाजिक परिवर्तन: इसने महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य जागरूकता जैसे मुद्दों को उठाया।
- लोकतंत्र को मजबूत करना: मीडिया ने चुनावों, सरकारी नीतियों और भ्रष्टाचार पर रिपोर्टिंग करके लोकतंत्र को मजबूत किया।
- मनोरंजन: फिल्में, धारावाहिक और संगीत ने लोगों का मनोरंजन किया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया।
हालाँकि, मास मीडिया के सामने फर्जी खबरें, व्यावसायीकरण और एकाधिकार जैसी चुनौतियाँ भी हैं।