RBSE Class 12th 2018 -SS-10-2018 Previous Year Papers
Class 12th students hunting authentic previous year papers for -SS-10-2018 (2018) land here for a reason: the paper below matches how RBSE assessments are remembered from that year. RBSE Solution does not mix years on one page; each combination gets its own notes.
Skim the overview sections, then work through the scanned pages. Pair this practice with RBSE books and solutions when you need to relearn a concept a question exposed.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | -SS-10-2018 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2018, and subject -SS-10-2018 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
Turning 2018 papers into insight
One -SS-10-2018 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.
Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 12th expect clear numbering even in practice sessions.
RBSE Class 12th 2018 -SS-10-2018
Scroll through the Previous Year Papers pages for -SS-10-2018 (2018).
Rajasthan Board Class 12th -SS-10-2018 2018 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY SUPPLEMENTARY EXAMINATION, 2018
अर्थशास्त्र
ECONOMICS
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
SS-0-Econ. 255 [ Turn Over
निर्देश (Instructions)
5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी संस्करणों में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
6) खण्ड, प्रश्न संख्या, अंक एवं प्रत्येक प्रश्न के उत्तर की शब्द सीमा:
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | अंक प्रति प्रश्न (Marks per question) | उत्तर की शब्द सीमा (Word limit of answer) |
|---|---|---|---|
| A | 1 – 7 | 1 | 10 शब्द |
| B | 8 – 17 | 2 | 20 शब्द |
| C | 18 – 27 | 4 | 30 – 40 शब्द |
| D | 28 – 30 | 6 | 250 – 300 शब्द |
7) प्रश्न क्रमांक 28, 29 तथा 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 28, 29 and 30 have internal choices.
SS-0-Econ. 255
खण्ड - अ / SECTION - A
-
अर्थव्यवस्था का तात्पर्य लिखिए। [4]
Write the meaning of economy.उत्तर: अर्थव्यवस्था एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें लोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सीमित संसाधनों का उपयोग करके वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन, वितरण, विनिमय और उपभोग करते हैं। यह आर्थिक गतिविधियों का एक जाल है जो समाज में संसाधनों के आवंटन को निर्धारित करता है।
Answer: An economy is a system where people produce, distribute, exchange, and consume goods and services using limited resources to satisfy their needs. It is a network of economic activities that determines the allocation of resources in a society.
-
उत्पादन संभावना वक्र क्या है? [1]
What is production possibility curve?उत्तर: उत्पादन संभावना वक्र (PPC) एक वक्र है जो दो वस्तुओं के उन विभिन्न संयोजनों को दर्शाता है जिनका उत्पादन दिए गए संसाधनों और प्रौद्योगिकी के साथ किया जा सकता है। यह विकल्पों और अवसर लागत की अवधारणा को समझाने में मदद करता है।
Answer: The Production Possibility Curve (PPC) is a curve that shows the different combinations of two goods that can be produced with given resources and technology. It helps explain the concept of choice and opportunity cost.
-
आर्थिक विश्लेषण की कोई एक मान्यता समझाइए। [1]
Explain any one assumption of economic analysis.उत्तर: आर्थिक विश्लेषण की एक महत्वपूर्ण मान्यता यह है कि उपभोक्ता तर्कसंगत (rational) होते हैं। इसका अर्थ है कि उपभोक्ता अपनी सीमित आय के साथ अधिकतम संतुष्टि प्राप्त करने का प्रयास करते हैं और वे अपने निर्णय तर्क और जानकारी के आधार पर लेते हैं।
Answer: One important assumption of economic analysis is that consumers are rational. This means that consumers try to maximize their satisfaction with their limited income and make decisions based on logic and information.
-
अव्यक्त लागत को समझाइए। [1]
Explain the implicit cost.उत्तर: अव्यक्त लागत (Implicit Cost) वह लागत है जो किसी फर्म द्वारा अपने स्वयं के संसाधनों (जैसे स्वामी का श्रम, भूमि, या पूंजी) के उपयोग से उत्पन्न होती है, लेकिन जिसके लिए कोई मौद्रिक भुगतान नहीं किया जाता है। यह अवसर लागत का एक रूप है।
Answer: Implicit cost is the cost that arises from a firm's use of its own resources (such as owner's labor, land, or capital) for which no monetary payment is made. It is a form of opportunity cost.
-
उत्पादन फलन को समझाइए। [1]
Explain the production function.उत्तर: उत्पादन फलन (Production Function) एक गणितीय संबंध है जो उत्पादन के साधनों (जैसे श्रम, पूंजी, भूमि) और प्राप्त उत्पादन की मात्रा के बीच दर्शाता है। इसे सामान्यतः Q = f(L, K) के रूप में व्यक्त किया जाता है, जहाँ Q उत्पादन, L श्रम और K पूंजी है।
Answer: The production function is a mathematical relationship that shows the relationship between inputs (such as labor, capital, land) and the quantity of output produced. It is generally expressed as Q = f(L, K), where Q is output, L is labor, and K is capital.
-
थोक बाजार क्या है? [1]
What is Wholesale market?उत्तर: थोक बाजार (Wholesale Market) वह बाजार है जहाँ वस्तुओं का बड़ी मात्रा में क्रय-विक्रय किया जाता है। यह आमतौर पर उत्पादकों और खुदरा विक्रेताओं के बीच मध्यस्थ के रूप में कार्य करता है। थोक बाजार में कीमतें खुदरा बाजार की तुलना में कम होती हैं।
Answer: A wholesale market is a market where goods are bought and sold in large quantities. It usually acts as an intermediary between producers and retailers. Prices in the wholesale market are lower compared to the retail market.
-
निवेश का अर्थ लिखिए। [1]
Write the meaning of investment.उत्तर: निवेश (Investment) का अर्थ है पूंजीगत वस्तुओं (जैसे मशीनरी, भवन, उपकरण) के स्टॉक में वृद्धि करना। यह भविष्य में अधिक उत्पादन और आय अर्जित करने के उद्देश्य से किया जाता है। मैक्रोइकॉनॉमिक्स में, निवेश में सकल स्थिर पूंजी निर्माण और स्टॉक में परिवर्तन शामिल होते हैं।
Answer: Investment means an increase in the stock of capital goods (such as machinery, buildings, equipment). It is done with the aim of earning more production and income in the future. In macroeconomics, investment includes gross fixed capital formation and changes in stock.
-
अंतिम वस्तुएँ क्या हैं? [1]
What is final goods?उत्तर: अंतिम वस्तुएँ (Final Goods) वे वस्तुएँ हैं जिनका उपयोग अंतिम उपभोग या निवेश के लिए किया जाता है और जिनका आगे किसी उत्पादन प्रक्रिया में पुनः उपयोग नहीं होता। ये सीधे उपभोक्ताओं द्वारा खरीदी जाती हैं, जैसे भोजन, कपड़े, और मशीनरी।
Answer: Final goods are those goods that are used for final consumption or investment and are not used again in any production process. These are purchased directly by consumers, such as food, clothing, and machinery.
SS—0—Econ. 255 [ Turn Over ]
प्रश्न 9: सामान्य निवासियों की अवधारणा को समझाइए।
सामान्य निवासी (Normal Residents) वे व्यक्ति या संस्थाएँ होती हैं जो किसी देश की आर्थिक सीमा (Economic Territory) में एक वर्ष या उससे अधिक समय तक निवास करते हैं और उस देश की आर्थिक गतिविधियों में भाग लेते हैं। इनकी आय देश की राष्ट्रीय आय में शामिल की जाती है।
स्पष्टीकरण: सामान्य निवासियों में देश के नागरिक, विदेशी जो एक वर्ष से अधिक समय से देश में रह रहे हैं, और देश में स्थित कंपनियाँ शामिल हैं। ये देश की आर्थिक सीमा के भीतर उत्पादन, उपभोग और निवेश जैसी गतिविधियाँ करते हैं।
प्रश्न 10: खुली अर्थव्यवस्था का तात्पर्य लिखिए।
खुली अर्थव्यवस्था (Open Economy) वह अर्थव्यवस्था है जो अन्य देशों के साथ वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम का आदान-प्रदान करती है। इसमें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय लेन-देन शामिल होते हैं।
स्पष्टीकरण: खुली अर्थव्यवस्था में निर्यात और आयात होते हैं, विदेशी निवेश की अनुमति होती है, और विनिमय दर बाजार द्वारा निर्धारित होती है। यह बंद अर्थव्यवस्था के विपरीत है जहाँ अंतर्राष्ट्रीय लेन-देन नहीं होते।
खण्ड-ब (SECTION - B)
प्रश्न 1: व्यष्टि अर्थशास्त्र की अवधारणा को समझाइए।
व्यष्टि अर्थशास्त्र (Micro Economics) अर्थशास्त्र की वह शाखा है जो व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों जैसे उपभोक्ताओं, उत्पादकों, फर्मों और बाजारों के व्यवहार का अध्ययन करती है। यह मूल्य निर्धारण, माँग और पूर्ति, उपभोक्ता व्यवहार, और उत्पादन लागत जैसे विषयों पर केंद्रित होती है।
स्पष्टीकरण: व्यष्टि अर्थशास्त्र "व्यक्तिगत" स्तर पर आर्थिक निर्णयों का विश्लेषण करता है। उदाहरण के लिए, यह बताता है कि एक उपभोक्ता किसी वस्तु की कितनी मात्रा खरीदेगा या एक फर्म कितनी मात्रा में उत्पादन करेगी।
प्रश्न 2: स्थानापन्न वस्तु के लिए माँग वक्र बनाइए।
स्थानापन्न वस्तुएँ (Substitute Goods) वे वस्तुएँ होती हैं जो एक-दूसरे की जगह ले सकती हैं, जैसे चाय और कॉफी। इनके लिए माँग वक्र सामान्यतः नीचे की ओर झुका होता है, लेकिन एक वस्तु की कीमत में परिवर्तन दूसरी वस्तु की माँग को प्रभावित करता है।
स्पष्टीकरण: स्थानापन्न वस्तुओं के लिए माँग वक्र सामान्य माँग वक्र की तरह होता है (कीमत और माँग में विपरीत संबंध)। उदाहरण के लिए, यदि चाय की कीमत बढ़ती है, तो कॉफी की माँग बढ़ जाती है, जिससे कॉफी का माँग वक्र दाईं ओर खिसक जाता है।
प्रश्न 3: एकाधिकार के कोई दो स्रोत लिखिए।
- प्राकृतिक एकाधिकार: जब एक ही फर्म पूरे बाजार की माँग को कम लागत पर पूरा कर सकती है, जैसे बिजली वितरण।
- कानूनी एकाधिकार: जब सरकार पेटेंट, कॉपीराइट या लाइसेंस के माध्यम से किसी एक फर्म को विशेष अधिकार देती है।
स्पष्टीकरण: एकाधिकार के अन्य स्रोतों में संसाधनों पर नियंत्रण, बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ, और तकनीकी श्रेष्ठता शामिल हैं। ये सभी कारक एक फर्म को बाजार में प्रतिस्पर्धा से बचाते हैं।
प्रश्न 4: आय के चक्राकार प्रवाह के दो क्षेत्र लिखिए।
- परिवार क्षेत्र (Household Sector): यह उत्पादन के साधन (श्रम, पूंजी, भूमि) प्रदान करता है और आय प्राप्त करता है।
- फर्म क्षेत्र (Firm Sector): यह वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करता है और परिवारों को आय का भुगतान करता है।
स्पष्टीकरण: आय का चक्राकार प्रवाह दर्शाता है कि परिवार फर्मों को उत्पादन के साधन प्रदान करते हैं और बदले में आय प्राप्त करते हैं, जिससे वे फर्मों से वस्तुएँ खरीदते हैं। यह प्रक्रिया निरंतर चलती रहती है।
प्रश्न 5: स्टॉक तथा प्रवाह में अन्तर बताइए।
| क्र. | स्टॉक (Stock) | प्रवाह (Flow) |
|---|---|---|
| 1 | यह एक निश्चित समय बिंदु पर मापा जाता है। | यह एक समय अवधि में मापा जाता है। |
| 2 | उदाहरण: बैंक में जमा राशि, देश की जनसंख्या। | उदाहरण: मासिक आय, वार्षिक उत्पादन। |
| 3 | इसमें समय आयाम नहीं होता। | इसमें समय आयाम होता है (प्रति दिन, प्रति वर्ष)। |
स्पष्टीकरण: स्टॉक एक स्थिर अवधारणा है जो किसी विशेष क्षण पर मात्रा दर्शाता है, जबकि प्रवाह एक गतिशील अवधारणा है जो समय के साथ परिवर्तन को मापता है। उदाहरण के लिए, पानी की टंकी में पानी की मात्रा स्टॉक है, जबकि नल से बहने वाले पानी की मात्रा प्रवाह है।
प्रश्न 6: राजकोषीय नीति से आपका क्या अभिप्राय है?
राजकोषीय नीति (Fiscal Policy) सरकार द्वारा अपने व्यय और कराधान के माध्यम से अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने की नीति है। इसका उपयोग आर्थिक स्थिरता, विकास और वितरण को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
स्पष्टीकरण: राजकोषीय नीति के दो मुख्य उपकरण हैं: सरकारी व्यय (जैसे बुनियादी ढाँचा परियोजनाएँ) और कर (जैसे आयकर)। मंदी के दौरान सरकार व्यय बढ़ाकर और कर घटाकर माँग को प्रोत्साहित करती है, जबकि मुद्रास्फीति के दौरान विपरीत कदम उठाती है।
प्रश्न 7: जेंडर बजटिंग को समझाइए।
जेंडर बजटिंग (Gender Budgeting) सरकारी बजट का एक विश्लेषण है जो यह सुनिश्चित करता है कि बजट आवंटन महिलाओं और पुरुषों की विभिन्न आवश्यकताओं को समान रूप से संबोधित करे। इसका उद्देश्य लैंगिक असमानता को कम करना है।
स्पष्टीकरण: जेंडर बजटिंग में बजट के प्रत्येक घटक का मूल्यांकन किया जाता है कि वह महिलाओं और पुरुषों को कैसे प्रभावित करता है। उदाहरण के लिए, शिक्षा बजट में लड़कियों की शिक्षा के लिए विशेष प्रावधान करना जेंडर बजटिंग का हिस्सा है। यह सुनिश्चित करता है कि संसाधनों का वितरण न्यायसंगत हो।
8) नकदी विहीन लेन-देन की कोई दो सीमाएँ लिखिए। [1+1=2]
Write any two limitations of cashless transactions.
Limitations of Cashless Transactions:
- Technical Issues: Dependence on internet connectivity, electricity, and digital infrastructure; system failures or cyber attacks can disrupt transactions.
- Security Risks: Risk of fraud, hacking, identity theft, and unauthorized access to bank accounts or payment details.
खण्ड - स (SECTION - C)
9) माँग वक्र में विवर्तन को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [2+2=4]
Explain the shift in demand curve with the help of diagram.
Explanation: A shift in the demand curve occurs when there is a change in demand due to factors other than the price of the commodity itself (e.g., change in income, tastes, prices of related goods).
- Rightward Shift (Increase in Demand): At the same price, more quantity is demanded. The curve shifts to the right (from D to D1).
- Leftward Shift (Decrease in Demand): At the same price, less quantity is demanded. The curve shifts to the left (from D to D2).
Diagram: (Draw a graph with Price on Y-axis and Quantity on X-axis. Show original demand curve D, new demand curves D1 (right) and D2 (left).)
20) औसत आगम तथा सीमान्त आगम की गणना कीजिए। [8×¼=4]
Calculate average revenue and marginal revenue.
| Units Sold | Total Revenue (Rs.) | Average Revenue (Rs.) | Marginal Revenue (Rs.) |
|---|---|---|---|
| 1 | 20 | 20 | 20 |
| 2 | 36 | 18 | 16 |
| 3 | 48 | 16 | 12 |
| 4 | 56 | 14 | 8 |
Formulae:
- Average Revenue (AR) = Total Revenue (TR) ÷ Units Sold
- Marginal Revenue (MR) = Change in Total Revenue ÷ Change in Units Sold
Calculations:
- For 1 unit: AR = 20/1 = 20; MR = 20 (since first unit)
- For 2 units: AR = 36/2 = 18; MR = (36-20)/(2-1) = 16
- For 3 units: AR = 48/3 = 16; MR = (48-36)/(3-2) = 12
- For 4 units: AR = 56/4 = 14; MR = (56-48)/(4-3) = 8
2) किसी वस्तु की पूर्ति में कमी होने पर बाजार सन्तुलन पर पड़नेवाले प्रभाव को रेखाचित्र की सहायता से व्याख्या कीजिए। [2+2=4]
Explain the effect of decrease in supply of a commodity on market equilibrium with the help of diagram.
Explanation: When supply of a commodity decreases (due to factors like rise in input costs, natural disasters, or government regulations), the supply curve shifts leftward (from S to S1). At the original equilibrium price, there is excess demand. This leads to competition among buyers, pushing the price upward. The new equilibrium is reached at a higher price (P1) and lower quantity (Q1).
Effect:
- Equilibrium price increases (from P to P1)
- Equilibrium quantity decreases (from Q to Q1)
Diagram: (Draw a graph with Price on Y-axis and Quantity on X-axis. Show original demand curve D, original supply curve S intersecting at E (P, Q). Show new supply curve S1 to the left, intersecting D at E1 (P1, Q1).)
SS-10-Econ. 255
22. आपके अनुसार एकाधिकार की चार प्रमुख विशेषताएँ कौनसी है? समझाइए। [4]
According to you, what are the four main features of monopoly? Explain.
एकाधिकार की चार प्रमुख विशेषताएँ (Four Main Features of Monopoly):
- एक विक्रेता (Single Seller): बाजार में केवल एक ही विक्रेता होता है जो किसी वस्तु या सेवा का उत्पादन करता है।
- कोई निकट विकल्प नहीं (No Close Substitutes): एकाधिकारी द्वारा बेची जाने वाली वस्तु का कोई निकट विकल्प उपलब्ध नहीं होता।
- प्रवेश में बाधाएँ (Barriers to Entry): नई फर्मों के लिए बाजार में प्रवेश करना अत्यंत कठिन या असंभव होता है (जैसे कानूनी, तकनीकी या प्राकृतिक बाधाएँ)।
- मूल्य निर्धारण में नियंत्रण (Price Control): एकाधिकारी फर्म अपने उत्पाद की कीमत स्वयं निर्धारित कर सकती है, क्योंकि बाजार में कोई प्रतिस्पर्धा नहीं होती।
23. राष्ट्रीय आय की कोई चार अवधारणाएँ लिखिए। [4]
Write any four concepts of national income.
राष्ट्रीय आय की चार अवधारणाएँ (Four Concepts of National Income):
- सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP - Gross National Product): एक देश के निवासियों द्वारा किसी वर्ष में उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मौद्रिक मूल्य।
- सकल घरेलू उत्पाद (GDP - Gross Domestic Product): देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं और सेवाओं का कुल मूल्य।
- शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP - Net National Product): सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से मूल्यह्रास (Depreciation) घटाने पर प्राप्त मूल्य।
- राष्ट्रीय आय (National Income at Factor Cost): उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम, पूंजी, उद्यम) को उनके योगदान के बदले दिया गया कुल भुगतान।
24. मुद्रा पूर्ति मापन के चार वैकल्पिक रूपों को समझाइए। [4]
Explain the four alternative forms to measure money supply.
मुद्रा पूर्ति मापन के चार वैकल्पिक रूप (Four Alternative Measures of Money Supply): भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) मुद्रा पूर्ति को चार स्तरों (M1, M2, M3, M4) में मापता है:
- M1 (संकीर्ण मुद्रा - Narrow Money): इसमें जनता के पास रखी मुद्रा (करेंसी) + बैंकों में जमा माँग जमा (Demand Deposits) + RBI की अन्य जमाएँ शामिल हैं। यह सबसे अधिक तरल रूप है।
- M2: M1 + डाकघरों में बचत जमा (Post Office Savings Deposits) शामिल है।
- M3 (व्यापक मुद्रा - Broad Money): M1 + बैंकों में सावधि जमा (Time Deposits) शामिल है। इसका उपयोग अर्थव्यवस्था में कुल मुद्रा आपूर्ति मापने के लिए किया जाता है।
- M4: M3 + डाकघरों में कुल जमा (सिवाय बचत जमा के) शामिल है। यह सबसे कम तरल रूप है।
25. किसी अर्थव्यवस्था में आय तथा उपभोग का स्तर क्रमशः 20,000 करोड़ तथा 6,000 करोड़ है। औसत उपभोग प्रवृति तथा औसत बचत प्रवृति की गणना कीजिए। [2+2=4]
Income and consumption level of an economy are Rs. 20,000 crores and Rs. 6,000 crores respectively. Calculate average propensity to consume and average propensity to save.
हल (Solution):
दिया गया है (Given):
आय (Y) = 20,000 करोड़
उपभोग (C) = 6,000 करोड़
औसत उपभोग प्रवृत्ति (APC) की गणना:
APC = उपभोग / आय = C / Y
APC = 6,000 / 20,000 = 0.3 या 30%
औसत बचत प्रवृत्ति (APS) की गणना:
बचत (S) = आय - उपभोग = Y - C = 20,000 - 6,000 = 14,000 करोड़
APS = बचत / आय = S / Y
APS = 14,000 / 20,000 = 0.7 या 70%
उत्तर (Answer): औसत उपभोग प्रवृत्ति (APC) = 0.3 (30%) और औसत बचत प्रवृत्ति (APS) = 0.7 (70%)।
26. व्यापक आर्थिक साम्य को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [2+2=4]
Explain the macro economic equilibrium with the help of diagram.
व्यापक आर्थिक साम्य (Macro Economic Equilibrium): व्यापक आर्थिक साम्य वह स्थिति है जहाँ कुल माँग (Aggregate Demand - AD) और कुल पूर्ति (Aggregate Supply - AS) बराबर होती है। इसे आय-व्यय दृष्टिकोण (Income-Expenditure Approach) द्वारा समझा जा सकता है।
रेखाचित्र की व्याख्या (Explanation with Diagram):
- एक ग्राफ में X-अक्ष पर राष्ट्रीय आय (Y) और Y-अक्ष पर कुल माँग (AD) दर्शाई जाती है।
- 45° रेखा (AS रेखा) वह बिंदु दर्शाती है जहाँ कुल माँग = कुल पूर्ति (AD = AS) होती है।
- कुल माँग रेखा (AD = C + I) ऊपर की ओर झुकी होती है, जो उपभोग और निवेश को दर्शाती है।
- जहाँ AD रेखा 45° रेखा को काटती है, वह बिंदु (E) व्यापक आर्थिक साम्य कहलाता है। इस बिंदु पर अर्थव्यवस्था में न तो अतिरिक्त माँग होती है और न ही अतिरिक्त पूर्ति।
(नोट: रेखाचित्र में 45° रेखा और AD रेखा के प्रतिच्छेदन बिंदु को साम्य बिंदु के रूप में दर्शाया जाता है।)
27. आपके अनुसार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का क्या महत्व है? कोई चार बिन्दु दीजिए। [4]
According to you, what is the importance of international trade? Give any four points.
अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का महत्व (Importance of International Trade):
- संसाधनों का कुशल उपयोग (Efficient Use of Resources): देश उन वस्तुओं का उत्पादन कर सकते हैं जिनमें उनकी तुलनात्मक लागत कम होती है, जिससे वैश्विक संसाधनों का कुशल उपयोग होता है।
- उपभोक्ताओं को विविधता (Variety for Consumers): उपभोक्ताओं को विभिन्न देशों के उत्पाद उपलब्ध होते हैं, जिससे उनके पास अधिक विकल्प होते हैं और जीवन स्तर बेहतर होता है।
- आर्थिक विकास को बढ़ावा (Promotes Economic Growth): अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से बाजार का विस्तार होता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है, रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और आर्थिक विकास को गति मिलती है।
- प्रौद्योगिकी और ज्ञान का आदान-प्रदान (Exchange of Technology and Knowledge): व्यापार के माध्यम से देश नई तकनीकों, विचारों और ज्ञान का आदान-प्रदान कर सकते हैं, जिससे उत्पादकता बढ़ती है।
28. बाजार माँग क्या है? बाजार माँग को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [2+2+2=6]
What is market demand? Explain the market demand with the help of diagram.
बाजार माँग (Market Demand): बाजार माँग किसी वस्तु या सेवा की वह कुल मात्रा है जिसे एक निश्चित कीमत पर, एक निश्चित समय अवधि में, बाजार के सभी उपभोक्ता खरीदने को तैयार हों। यह सभी व्यक्तिगत उपभोक्ताओं की माँगों का योग होती है।
रेखाचित्र की सहायता से व्याख्या (Explanation with Diagram):
- बाजार माँग वक्र (Market Demand Curve) नीचे की ओर झुका होता है, जो कीमत और माँग के बीच विपरीत संबंध (Law of Demand) को दर्शाता है।
- जब कीमत अधिक होती है (P1), तो बाजार माँग कम होती है (Q1)।
- जब कीमत कम होती है (P2), तो बाजार माँग अधिक होती है (Q2)।
- बाजार माँग वक्र को दो या दो से अधिक व्यक्तिगत माँग वक्रों को क्षैतिज रूप से जोड़कर (Horizontal Summation) प्राप्त किया जाता है।
(नोट: रेखाचित्र में X-अक्ष पर माँग की मात्रा और Y-अक्ष पर कीमत दर्शाई जाती है। बाजार माँग वक्र DD नीचे की ओर झुका होता है।)
अथवा (OR)
उपयोगिता विश्लेषण की कोई दो मान्यताएँ लिखिए। कुल उपयोगिता तथा सीमान्त उपयोगिता के सम्बंध को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [2+2+2=6]
Write any two assumptions of utility analysis. Explain the relation between total utility and marginal utility with the help of diagram.
उपयोगिता विश्लेषण की दो मान्यताएँ (Two Assumptions of Utility Analysis):
- उपयोगिता मापनीयता (Cardinal Measurability of Utility): यह माना जाता है कि उपयोगिता को संख्यात्मक रूप में मापा जा सकता है (जैसे 1, 2, 3... यूटिल)।
- तर्कसंगत उपभोक्ता (Rational Consumer): उपभोक्ता तर्कसंगत होता है और अपनी उपयोगिता को अधिकतम करने का प्रयास करता है।
कुल उपयोगिता (TU) और सीमांत उपयोगिता (MU) में संबंध (Relation between Total Utility and Marginal Utility):
- प्रारंभिक अवस्था: जब उपभोग बढ़ता है, तो कुल उपयोगिता (TU) बढ़ती है और सीमांत उपयोगिता (MU) धनात्मक होती है।
- अधिकतम बिंदु: जब TU अधिकतम होती है, तब MU शून्य हो जाती है। यह संतृप्ति बिंदु (Saturation Point) कहलाता है।
- गिरावट की अ
29) सीमान्त आगम तथा सीमान्त लागत विधि से फर्म के सन्तुलन निर्धारण को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
[2+4=6]
उत्तर: फर्म का सन्तुलन वहाँ निर्धारित होता है जहाँ सीमान्त आगम (MR) = सीमान्त लागत (MC) होती है और MC वक्र MR वक्र को नीचे से काटता है। रेखाचित्र में X-अक्ष पर उत्पादन मात्रा और Y-अक्ष पर आगम/लागत दर्शाई जाती है। MR वक्र नीचे की ओर झुका होता है, जबकि MC वक्र U-आकार का होता है। सन्तुलन बिन्दु पर MR = MC होता है, जहाँ फर्म को अधिकतम लाभ प्राप्त होता है।
(रेखाचित्र में MR और MC वक्रों का प्रतिच्छेदन बिन्दु E दर्शाया जाता है।)
अथवा
दीर्घकालीन लागतों को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
उत्तर: दीर्घकालीन लागतों में दीर्घकालीन कुल लागत (LTC), दीर्घकालीन औसत लागत (LAC) और दीर्घकालीन सीमान्त लागत (LMC) शामिल हैं। LAC वक्र U-आकार का होता है, जो पैमाने के बचत (economies of scale) और पैमाने के अपचय (diseconomies of scale) को दर्शाता है। रेखाचित्र में LAC वक्र अल्पकालीन औसत लागत वक्रों (SAC) को नीचे से स्पर्श करता है।
(रेखाचित्र में LAC वक्र को SAC वक्रों के नीचे दर्शाया जाता है।)
30) मुद्रा के महत्व के कोई चार बिन्दु समझाइए।
[3×4=12]
उत्तर: मुद्रा के महत्व के चार बिन्दु निम्नलिखित हैं:
- विनिमय का माध्यम: मुद्रा वस्तु-विनिमय प्रणाली की कठिनाइयों को दूर करती है और वस्तुओं एवं सेवाओं के आदान-प्रदान को सरल बनाती है।
- मूल्य का मापक: मुद्रा सभी वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को एक सामान्य इकाई (जैसे रुपया) में मापने का कार्य करती है।
- मूल्य का संचय: मुद्रा के रूप में धन को संचित किया जा सकता है, जिससे भविष्य में उपयोग के लिए बचत संभव होती है।
- आस्थगित भुगतानों का मानक: मुद्रा ऋणों और भविष्य के भुगतानों को निर्धारित करने का एक मानक प्रदान करती है।
अथवा
भारतीय रिज़र्व बैंक के कोई चार कार्य समझाइए।
उत्तर: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के चार प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- मुद्रा जारी करना: RBI भारत में मुद्रा (नोट और सिक्के) जारी करने का एकमात्र अधिकार रखता है, सिवाय एक रुपये के नोट के।
- बैंकों का बैंक: RBI वाणिज्यिक बैंकों के लिए केन्द्रीय बैंक के रूप में कार्य करता है, उन्हें ऋण प्रदान करता है और उनके खाते रखता है।
- मौद्रिक नीति का संचालन: RBI मुद्रा आपूर्ति और ब्याज दरों को नियंत्रित करके मूल्य स्थिरता और आर्थिक विकास सुनिश्चित करता है।
- विदेशी मुद्रा प्रबंधन: RBI विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करता है और विनिमय दर को स्थिर रखने का प्रयास करता है।
SS-0-Econ. 255