RBSE Class 12th 2018 Drawing-SS-17-2018 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | Drawing-SS-17-2018 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2018 Drawing-SS-17-2018
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Rajasthan Board Class 12th Drawing-SS-17-2018 2018 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2018
चित्रकला
DRAWING
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 24
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
No. of Questions — 30 SS-7-Drawing
No. of Printed Pages — 7
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ काटें।
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
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खण्ड (अ) SECTION (A)
1) 'नुजूम - अल - उलूम' चित्रित ग्रन्थ किस विद्या पर आधारित हैं? [1]
On which knowledge the book "Nujum - Al -Uloom" is based?
उत्तर: यह ग्रन्थ ज्योतिष विद्या (Astrology) पर आधारित है।
Answer: This book is based on the knowledge of Astrology.
2) हरमेन गोयटन के अनुसार 'दक्खिनी कला' पर किस शैली का प्रभाव था? [1]
According to Harman Goyatan, which school influenced Dakkhini art?
उत्तर: हरमेन गोयटन के अनुसार दक्खिनी कला पर बीजापुर शैली का प्रभाव था।
Answer: According to Harman Goyatan, Dakkhini art was influenced by the Bijapur school.
नोट: प्रश्न क्रमांक 29 और 30 में आंतरिक विकल्प हैं।
Note: There are internal choices in Question Nos. 29 and 30.
लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)
प्रश्न 3: भारत में मुगलों का प्रवेश कब हुआ?
When did the Mughals enter India?
मुगलों का भारत में प्रवेश 1526 ई. में पानीपत के प्रथम युद्ध के साथ हुआ, जब बाबर ने इब्राहिम लोदी को पराजित किया।
The Mughals entered India in 1526 AD with the First Battle of Panipat, when Babur defeated Ibrahim Lodi.
प्रश्न 4: 'आइन-ए-अकबरी' के लेखक कौन हैं?
Who wrote the book 'Ain-i-Akbari'?
'आइन-ए-अकबरी' के लेखक अबुल फजल हैं। यह 'अकबरनामा' का तीसरा भाग है।
The author of 'Ain-i-Akbari' is Abul Fazl. It is the third part of 'Akbarnama'.
प्रश्न 5: मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना किसने की?
Who established "Madarsa-e-Hunari"?
मदरसा-ए-हुनरी की स्थापना मुगल सम्राट अकबर ने की थी। यह कला और शिल्प की शिक्षा के लिए एक प्रसिद्ध संस्थान था।
Madarsa-e-Hunari was established by Mughal Emperor Akbar. It was a famous institution for art and craft education.
प्रश्न 6: रामगोपाल विजयवर्गीय ने कलाशिक्षा किससे प्राप्त की?
From whom did Ram Gopal Vijayawargi take his art education?
रामगोपाल विजयवर्गीय ने कलाशिक्षा प्रसिद्ध चित्रकार श्री नंदलाल बोस से प्राप्त की।
Ram Gopal Vijayawargi received his art education from the famous painter Shri Nandalal Bose.
प्रश्न 7: 'भीलों का चितेरा' नाम से कौनसा चित्रकार जाना जाता है?
Which artist is known by the title "Bheelon ka Chitera"?
'भीलों का चितेरा' नाम से प्रसिद्ध चित्रकार श्री रामगोपाल विजयवर्गीय जाने जाते हैं। उन्होंने भील जनजाति के जीवन को अपने चित्रों में जीवंत किया।
The artist known as 'Bheelon ka Chitera' is Shri Ram Gopal Vijayawargi. He vividly depicted the life of the Bhil tribe in his paintings.
प्रश्न 8: बी.सी. गुई के दो चित्रों के नाम बताइये।
Write any two names of paintings by B.C. Guha.
बी.सी. गुई (B.C. Guha) के दो प्रसिद्ध चित्र हैं:
- "गाँव की बस्ती" (Village Settlement)
- "नदी किनारे" (By the River)
Two famous paintings by B.C. Guha are "Village Settlement" and "By the River".
प्रश्न 9: 'गंगा अवतरण' शिल्प कहाँ बना है?
Where is the sculpture 'Ganga Avataran' situated?
'गंगा अवतरण' शिल्प महाबलीपुरम (मामल्लपुरम), तमिलनाडु में स्थित है। यह एक विशाल शैल-उत्कीर्ण शिल्प है जो गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण को दर्शाता है।
The 'Ganga Avataran' sculpture is situated at Mahabalipuram (Mamallapuram), Tamil Nadu. It is a massive rock-cut relief depicting the descent of the Ganges River to Earth.
प्रश्न 10 (Question 10)
ऐलिफेन्टा गुफा मन्दिर कहाँ बने हैं? [4]
Where is the Elephanta Cave temple situated?
उत्तर / Answer: ऐलिफेन्टा गुफा मन्दिर मुम्बई (महाराष्ट्र) के निकट एलिफेंटा द्वीप पर स्थित हैं। / The Elephanta Cave temple is situated on Elephanta Island near Mumbai (Maharashtra).
प्रश्न 11 (Question 11)
हर्षत माता मन्दिर का निर्माण किस राजा ने करवाया था? [4]
Who built the temple 'Harshat Mata Mandir'?
उत्तर / Answer: हर्षत माता मन्दिर का निर्माण राजा भोज ने करवाया था। / The temple 'Harshat Mata Mandir' was built by King Bhoja.
प्रश्न 12 (Question 12)
खजुराहो नाम से कौन से मन्दिर जाने जाते हैं? [4]
Which temples are known by the name Khajuraho of Rajasthan?
उत्तर / Answer: राजस्थान के खजुराहो नाम से जाखम माता मन्दिर (जाखम माता का मन्दिर) जाने जाते हैं, जो बूंदी जिले में स्थित है। / The temples known as Khajuraho of Rajasthan are the Jakham Mata Temple (Jakham Mata ka Mandir) located in Bundi district.
खण्ड (ब) / SECTION (B)
प्रश्न 3 (Question 3)
दक्खिनी शैली की किस उपशैली में नारी चित्रण को ऊँचाईयाँ मिली? [8]
Which sub-school of Dakkhini school got height to paint females?
उत्तर / Answer: दक्खिनी शैली की हैदराबाद उपशैली में नारी चित्रण को ऊँचाईयाँ मिली। इस उपशैली में महिलाओं के चित्रण में सौंदर्य, भाव-भंगिमा और वस्त्रों का विशेष ध्यान रखा गया। / The Hyderabad sub-school of the Dakkhini school gave height to painting females. In this sub-school, special attention was given to beauty, expressions, and clothing in female depictions.
प्रश्न 4 (Question 4)
भारत में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली कब व किसने लागू की? [4+4=8]
Who began English education system in India?
उत्तर / Answer: भारत में अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली लॉर्ड विलियम बेंटिंक ने 1835 ई. में लागू की। इसका मुख्य उद्देश्य अंग्रेजी भाषा और पश्चिमी शिक्षा का प्रसार करना था। / The English education system in India was introduced by Lord William Bentinck in 1835 AD. Its main objective was to spread the English language and Western education.
प्रश्न 5 (Question 5)
“कलकत्ता कला समूह” की स्थापना कब व किसने की? [4+4=8]
Who established "Calcutta Kala Samooh" and when?
उत्तर / Answer: “कलकत्ता कला समूह” (Calcutta Kala Samooh) की स्थापना अवनीन्द्रनाथ टैगोर ने 1907 ई. में की थी। यह समूह बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। / The "Calcutta Kala Samooh" (Calcutta Art Group) was established by Abanindranath Tagore in 1907 AD. This group played an important role in the development of the Bengal School of Art.
SS-17 Drawing 052
प्रश्न 6
के. के. हेब्बर के दो चित्रों के नाम लिखिये।
Write name of any two paintings of K.K. Hebbar.
उत्तर: के. के. हेब्बर की दो प्रसिद्ध चित्रकृतियाँ हैं:
- "बर्थ ऑफ ए बर्ड" (Birth of a Bird)
- "द लास्ट सपर" (The Last Supper)
प्रश्न 7
खजुराहो के दो मन्दिरों के नाम लिखिए।
Write any two name of temples of Khajuraho.
उत्तर: खजुराहो के दो प्रमुख मन्दिर हैं:
- कंदारिया महादेव मन्दिर (Kandariya Mahadeva Temple)
- लक्ष्मण मन्दिर (Lakshmana Temple)
प्रश्न 8
चौमुखा मन्दिर का निर्माण किसने कराया, ये किस पत्थर से बना है?
Who built the temple "Chavmukha" and with which type of stone it is built?
उत्तर: चौमुखा मन्दिर (Chavmukha Temple) का निर्माण जैन श्रेष्ठी श्री संघ ने कराया था। यह मन्दिर सफेद संगमरमर (White Marble) पत्थर से बना है।
प्रश्न 9
बाडोली कहाँ है? यहाँ बने मन्दिरों को प्रकाश में लाने का श्रेय किसको जाता है?
Where the Badoli is situated? And who got credit to open these temples for public.
उत्तर: बाडोली राजस्थान राज्य में स्थित है। यहाँ बने मन्दिरों को प्रकाश में लाने का श्रेय महाराणा कुम्भा को जाता है।
प्रश्न 20
"यह बोझ नहीं मेरा भाई है" मूर्तिशिल्प के मूर्तिकार का नाम लिखिए।
Who built the Sculpture "Yah Bojh Nahi Mera Bhai hai".
उत्तर: "यह बोझ नहीं मेरा भाई है" (Yah Bojh Nahi Mera Bhai hai) नामक मूर्तिशिल्प के मूर्तिकार देवी प्रसाद राय चौधरी (Devi Prasad Roy Chowdhury) हैं।
खण्ड (C) SECTION (C)
प्रश्न 2
राजा रवि वर्मा के कला जीवन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Write a short note on art life of Raja Ravi Verma.
उत्तर: राजा रवि वर्मा (1848-1906) भारतीय चित्रकला के एक महान चित्रकार थे। उन्होंने भारतीय पौराणिक कथाओं और महाकाव्यों (जैसे रामायण, महाभारत) को यथार्थवादी शैली में चित्रित किया। उनकी कला शैली में यूरोपीय शैक्षणिक चित्रकला का प्रभाव था, लेकिन उन्होंने भारतीय विषयों को प्रमुखता दी। उन्होंने "रवि वर्मा प्रेस" की स्थापना कर अपनी कृतियों को जन-सामान्य तक पहुँचाया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में "शकुंतला", "दमयंती", "लक्ष्मी" आदि शामिल हैं। उन्हें भारतीय चित्रकला को आधुनिक बनाने का श्रेय दिया जाता है।
खण्ड (C) / SECTION (C)
22. नारायण श्रीधर बेंद्रे की कला पर संक्षिप्त लेख लिखिए।
Depict an essay, in brief, on art of Narayan Shridhara Bendre.
नारायण श्रीधर बेंद्रे (1910-1992) भारतीय आधुनिक कला के अग्रणी चित्रकारों में से एक थे। उन्हें 'बेंद्रे' के नाम से भी जाना जाता है। उनकी कला की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- प्रकृति चित्रण: बेंद्रे ने प्रकृति के विभिन्न रूपों को अपने चित्रों में उतारा, विशेषकर पहाड़ियों, नदियों और वृक्षों को।
- रंगों का प्रयोग: उन्होंने चमकीले और जीवंत रंगों का प्रयोग किया, जो दर्शकों को तुरंत आकर्षित करते हैं।
- भारतीयता: उनकी कला में भारतीय संस्कृति और परंपरा की गहरी छाप है, लेकिन वे पश्चिमी कला तकनीकों से भी प्रभावित थे।
- प्रसिद्ध कृतियाँ: 'ब्लू पॉटरी', 'गर्ल विद पिचर', 'लैंडस्केप' आदि उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं।
बेंद्रे को 1969 में पद्मश्री और 1970 में राजस्थान ललित कला अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी कला ने भारतीय चित्रकला को एक नई दिशा दी।
23. 'ब्लू पॉटरी' के रचनाकार कौन हैं? इनके कला जीवन पर संक्षिप्त टिप्पणी कीजिए।
Who is the creator of 'Blue Pottery'? Write a short note on his art life.
'ब्लू पॉटरी' के रचनाकार नारायण श्रीधर बेंद्रे हैं।
कला जीवन पर टिप्पणी: नारायण श्रीधर बेंद्रे (1910-1992) भारतीय आधुनिक कला के महान चित्रकार थे। उनका जन्म इंदौर में हुआ था। उन्होंने मुंबई के सर जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट से कला की शिक्षा प्राप्त की। बेंद्रे ने अपने चित्रों में प्रकृति, मानवीय भावनाओं और भारतीय संस्कृति का अद्भुत चित्रण किया। उनकी कला में रंगों का साहसिक प्रयोग और भारतीयता की गहरी छाप देखने को मिलती है। 'ब्लू पॉटरी' उनकी सबसे प्रसिद्ध कृति है, जिसमें उन्होंने नीले रंग के विभिन्न शेड्स का प्रयोग कर एक अद्वितीय कलाकृति बनाई। बेंद्रे को 1969 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
24. "एलिफेंटा गुफा मंदिर किस धर्म से संबंधित हैं, यहाँ बने मूर्तिशिल्पों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
To which religion "Elephanta Cave Temple" belongs, write a short note on its sculptures.
एलिफेंटा गुफा मंदिर हिंदू धर्म से संबंधित है, विशेषकर शैव संप्रदाय से।
मूर्तिशिल्पों का संक्षिप्त वर्णन:
- त्रिमूर्ति शिव: यहाँ की सबसे प्रसिद्ध मूर्ति तीन मुख वाले शिव की है, जो ब्रह्मा (सृष्टिकर्ता), विष्णु (पालनकर्ता) और शिव (संहारक) के रूप में दिखाई देते हैं। यह मूर्ति 20 फीट ऊँची है और अत्यंत भव्य है।
- अर्धनारीश्वर: शिव और पार्वती के अर्ध-पुरुष, अर्ध-स्त्री रूप की मूर्ति, जो पुरुष और स्त्री तत्वों के एकीकरण को दर्शाती है।
- गंगाधर शिव: शिव की वह मूर्ति जिसमें वे गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर रहे हैं।
- अन्य मूर्तियाँ: यहाँ नटराज, शिव-पार्वती विवाह, रावण द्वारा कैलाश पर्वत उठाने जैसे दृश्यों की मूर्तियाँ भी हैं।
ये मूर्तियाँ गुप्त काल की उत्कृष्ट कला का प्रतिनिधित्व करती हैं और अपनी सुंदरता, भाव-भंगिमा और तकनीकी कौशल के लिए प्रसिद्ध हैं।
25. पद्मश्री अर्जुन लाल प्रजापति का परिचय दीजिए, उनके कलाकर्म पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
Introduce Padma Shri Arjun Lal Prajapati and write a short note on his art work.
परिचय: पद्मश्री अर्जुन लाल प्रजापति राजस्थान के प्रसिद्ध मूर्तिकार और शिल्पकार हैं। वे मिट्टी और पत्थर की मूर्तियाँ बनाने में निपुण हैं। उन्हें भारतीय शिल्प कला में उनके योगदान के लिए 2021 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कलाकर्म पर टिप्पणी: अर्जुन लाल प्रजापति की कला की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- पारंपरिक शैली: वे राजस्थानी और मुगल शैली की मूर्तिकला को आगे बढ़ाते हैं।
- मिट्टी और पत्थर का काम: वे मिट्टी, पत्थर और संगमरमर पर अद्भुत नक्काशी करते हैं।
- धार्मिक और सांस्कृतिक विषय: उनकी मूर्तियों में हिंदू देवी-देवताओं, राजस्थानी लोक जीवन और ऐतिहासिक घटनाओं का चित्रण मिलता है।
- प्रसिद्ध कृतियाँ: उन्होंने कई मंदिरों और सार्वजनिक स्थानों पर मूर्तियाँ बनाई हैं, जो अपनी बारीक कारीगरी के लिए प्रसिद्ध हैं।
उनकी कला ने राजस्थान की शिल्प परंपरा को जीवित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खण्ड (D) / SECTION (D)
26. अकबर कालीन चित्रकारों के नाम व इनके चित्रण की विशेषता बताइये।
Write name of artists of Akbar period and characteristics of their paintings.
अकबर कालीन प्रमुख चित्रकार:
- दसवंत: वे अकबर के दरबार के सबसे प्रसिद्ध चित्रकार थे। उन्होंने 'रज्मनामा' (महाभारत का फारसी अनुवाद) और 'हम्जानामा' का चित्रण किया।
- बसावन: वे रंगों के सूक्ष्म प्रयोग और प्रकृति चित्रण के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने 'बाबरनामा' और 'अकबरनामा' में चित्र बनाए।
- मिस्किन: वे युद्ध दृश्यों और शिकार के चित्रण में निपुण थे। उनके चित्रों में गति और ऊर्जा का अद्भुत समन्वय होता था।
- फारुख बेग: वे फारसी शैली से प्रभावित थे और उन्होंने सूक्ष्म रेखाओं और सजावटी तत्वों का प्रयोग किया।
- गोवर्धन: वे भारतीय और फारसी शैली के मिश्रण के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 'अकबरनामा' और 'जहाँगीरनामा' में चित्र बनाए।
चित्रण की विशेषताएँ:
- यथार्थवाद: चित्रों में मानवीय भावनाओं और प्रकृति का यथार्थ चित्रण किया गया।
- रंगों का प्रयोग: चमकीले और गहरे रंगों का प्रयोग किया गया, विशेषकर लाल, नीला और सुनहरा रंग।
- परिप्रेक्ष्य: चित्रों में गहराई और दूरी का प्रभाव दिखाने का प्रयास किया गया।
- सजावटी तत्व: चित्रों में फूल-पत्तियों, ज्यामितीय आकृतियों और सुनहरे बॉर्डर का प्रयोग किया गया।
- विषय: युद्ध दृश्य, शिकार, दरबारी जीवन, धार्मिक कथाएँ और प्रकृति चित्रण प्रमुख विषय थे।
27. कांगड़ा शैली के उद्भव व विकास को विस्तार से समझाइये।
Elaborately define origin and development of Kangara school.
कांगड़ा शैली का उद्भव: कांगड़ा शैली पहाड़ी चित्रकला की एक प्रमुख शैली है, जिसका उद्भव 18वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा क्षेत्र में हुआ। यह शैली मुगल चित्रकला और राजस्थानी चित्रकला से प्रभावित थी, लेकिन इसने अपनी एक अलग पहचान बनाई।
विकास के चरण:
- प्रारंभिक चरण (1775-1800): इस चरण में कांगड़ा शैली का विकास राजा गोवर्धन सिंह (1744-1773) और राजा संसार चंद (1775-1823) के संरक्षण में हुआ। चित्रों में मुगल शैली का प्रभाव स्पष्ट था, लेकिन भारतीय तत्व भी दिखाई देने लगे थे।
- स्वर्ण काल (1800-1830): यह कांगड़ा शैली का सबसे उत्कृष्ट काल था। राजा संसार चंद के संरक्षण में चित्रकारों ने अद्वितीय कृतियाँ बनाईं। इस काल में राधा-कृष्ण की लीलाओं, भागवत पुराण और गीत गोविंद के चित्रण पर विशेष ध्यान दिया गया।
- पतन का काल (1830-1900): 1830 के बाद राजनीतिक अस्थिरता और अंग्रेजों के आगमन के कारण कांगड़ा शैली का पतन शुरू हुआ। चित्रकारों को संरक्षण मिलना बंद हो गया और शैली धीरे-धीरे लुप्त होने लगी।
कांगड़ा शैली की विशेषताएँ:
- प्रकृति चित्रण: पहाड़ियों, नदियों, वृक्षों और फूलों का अत्यंत सुंदर चित्रण किया गया।
- नायिका भेद: नायिकाओं के विभिन्न भावों (अष्टनायिका) का चित्रण इस शैली की विशेषता है।
- रंगों का प्रयोग: हल्के और मुलायम रंगों का प्रयोग किया गया, जिसमें हरा, पीला, नीला और गुलाबी रंग प्रमुख हैं।
- रेखाएँ: चित्रों में सूक्ष्म और कोमल रेखाओं का प्रयोग किया गया।
- भाव-भंगिमा: चित्रों में मानवीय भावनाओं का अत्यंत सजीव चित्रण किया गया।
कांगड़ा शैली ने भारतीय चित्रकला को एक नई दिशा दी और आज भी इसे भारतीय कला का एक महत्वपूर्ण
Write short note on any two. i) रामकिंकर बैज (Ram Kinkar Baij): रामकिंकर बैज (1910–1980) भारतीय आधुनिक कला के अग्रणी मूर्तिकार और चित्रकार थे। वे शांतिनिकेतन से जुड़े रहे और उन्होंने मूर्तिकला में अभिव्यंजनावादी शैली को अपनाया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'संथाल परिवार', 'मिल-मजदूर' और 'कॉल द मिलर' शामिल हैं। उन्होंने पत्थर, कांस्य और सीमेंट जैसी सामग्रियों का प्रयोग कर मानवीय भावनाओं को गहराई से उकेरा। ii) मृणालिनी मुखर्जी (Mranaline Mukharji): मृणालिनी मुखर्जी (1928–2015) एक प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार और चित्रकार थीं। वे शांतिनिकेतन से जुड़ी रहीं और उनकी कला में प्रकृति, मानवीय संबंधों और स्त्री-जीवन के विविध पहलुओं को अभिव्यक्त किया गया। उन्होंने मिट्टी, पत्थर और धातु में काम किया और उनकी मूर्तियाँ भावनात्मक गहराई और सादगी के लिए जानी जाती हैं। iii) धनराज भगत (Dhanraj Bhagat): धनराज भगत (1917–1988) एक प्रमुख भारतीय मूर्तिकार थे, जिन्होंने अमूर्त और अर्ध-अमूर्त शैली में काम किया। वे दिल्ली से जुड़े रहे और उनकी कृतियाँ लकड़ी, पत्थर और धातु में उकेरी गईं। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में 'द फैमिली', 'द डांसर' और 'द थिंकर' शामिल हैं। उनकी कला में मानवीय रूपों का सरलीकरण और भावनात्मक अभिव्यक्ति प्रमुख है। Write on characteristic of 'Dhoodhar school’ explain origin and development of its. उद्भव और विकास: गोरे शैली (या ढूंढाड़ शैली) राजस्थानी चित्रकला की एक महत्वपूर्ण शैली है, जिसका विकास 17वीं शताब्दी के मध्य में आमेर (जयपुर) क्षेत्र में हुआ। यह शैली मुगल चित्रकला और राजस्थानी लोक कला के मिश्रण से विकसित हुई। आमेर के राजा मान सिंह प्रथम के समय में मुगल प्रभाव बढ़ा, जिसने इस शैली को आकार दिया। बाद में जयपुर राज्य की स्थापना के साथ यह शैली और परिपक्व हुई। 18वीं शताब्दी में यह अपने चरम पर पहुँची, जहाँ राजपूत और मुगल शैलियों का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। शैलीगत विशेषताएँ: अथवा / OR Write short note on. i) बणी-ठणी (चित्र): बणी-ठणी राजस्थानी चित्रकला की किशनगढ़ शैली की एक अमर कृति है, जिसे 18वीं शताब्दी में चित्रकार निहाल चंद ने बनाया था। यह चित्र किशनगढ़ के राजा सावंत सिंह की प्रेयसी बणी-ठणी (जिसका वास्तविक नाम विशाखा था) का है। इस चित्र की विशेषता है कि इसमें नायिका को अत्यंत सुंदर, सुडौल और भावपूर्ण मुद्रा में दिखाया गया है। उसकी आँखों में प्रेम और विरह की भावना स्पष्ट झलकती है। चित्र में बारीक रेखाएँ, चमकीले रंग और सुंदर आभूषणों का चित्रण किया गया है। यह चित्र राजस्थानी चित्रकला की उत्कृष्टता का प्रतीक माना जाता है। ii) बीकानेर शैली: बीकानेर शैली राजस्थानी चित्रकला की एक प्रमुख शैली है, जिसका विकास 17वीं शताब्दी में बीकानेर राज्य में हुआ। इस शैली पर मुगल चित्रकला का गहरा प्रभाव है, क्योंकि बीकानेर के शासकों का मुगलों से घनिष्ठ संबंध था। इस शैली की विशेषताएँ हैं – बारीक और सुंदर रेखाएँ, हल्के और मुलायम रंगों का प्रयोग (जैसे नीला, हरा, सुनहरा), प्रकृति चित्रण में वृक्षों और पशु-पक्षियों का यथार्थवादी चित्रण, और मानव आकृतियों में मुगल वेशभूषा का प्रभाव। इस शैली में दरबारी दृश्य, शिकार के दृश्य और रागमाला चित्र प्रमुख हैं। प्रसिद्ध चित्रकारों में रुकनुद्दीन, अली रजा और मीर कलाम शामिल हैं। Write your opinion, what was the contribution of Amrita Shergil in development of contemporary Indian art? अमृता शेरगिल (1913–1941) का आधुनिक भारतीय कला के विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान है। वे भारतीय आधुनिक कला की अग्रदूत मानी जाती हैं। उनके योगदान को निम्नलिखित बिंदुओं में समझा जा सकता है: मेरे विचार में, अमृता शेरगिल का सबसे बड़ा योगदान यह है कि उन्होंने भारतीय कला को वैश्विक पहचान दिलाई और यह सिद्ध किया कि भारतीय विषयों को आधुनिक शैली में चित्रित करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा जा सकता है। अथवा / OR The work of Yamini Roy is influenced from folk art. Explain it through his work and personality. यामिनी राय (1887–1972) भारतीय आधुनिक कला के एक प्रमुख चित्रकार थे, जिनकी कला गहराई से लोक कला से प्रभावित थी। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के आधार पर इसे इस प्रकार समझा जा सकता है: इस प्रकार, यामिनी राय ने लोक कला के तत्वों को आधुनिक चित्रकला में शामिल कर भारतीय कला को एक नई पहचान दी। उनकी कला आज भी लोकप्रिय है और भारतीय आधुनिक कला के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जाती है। — o0o — SS-7- Drawing
खंड – द (प्रश्न 28–30)
प्रश्न 28. टिप्पणी लिखिए (कोई दो) [1+1=2]
उत्तर / Answer
प्रश्न 29. 'गोरे शैली' के उद्भव व विकास क्रम को रेखांकित करते हुए इसकी शैलीगत विशेषता बताइये। [3]
उत्तर / Answer
टिप्पणी कीजिए – [1½+1½=3]
उत्तर / Answer
प्रश्न 30. अमृता शेरगिल का आधुनिक भारतीय कला के विकास में क्या योगदान हैं? अपने विचार लिखिए। [3]
उत्तर / Answer
यामिनीराय की कला लोक कला से प्रभावित थी, इनके कृतित्व व व्यक्तित्व के आधार पर समझाइये। [3]
उत्तर / Answer