RBSE Class 12th 2018 Political Science-SS-11-2018 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2018 |
| Subject | Political Science-SS-11-2018 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2018 Political Science-SS-11-2018
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Rajasthan Board Class 12th Political Science-SS-11-2018 2018 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2018
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2018
राजनीति विज्ञान
POLITICAL SCIENCE
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
SS-II-Pol. Sc. 046 [ Turn Over ]
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
TEAR HERE TO OPEN THE QUESTION PAPER
यहाँ से काटिए
निर्देश (Instructions)
5) प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी संस्करण में किसी प्रकार की त्रुटि/अन्तर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error/difference/contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
6) प्रश्न संख्या, अंक एवं शब्द सीमा का विवरण:
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | प्रति प्रश्न अंक (Marks per question) | उत्तर की शब्द सीमा (Words limit of answer) |
|---|---|---|---|
| क (A) | 1 - 7 | 1 | 20 शब्द |
| ख (B) | 8 - 14 | 2 | 40 शब्द |
| ग (C) | 15 - 27 | 4 | 100 शब्द |
| घ (D) | 28 - 30 | 6 | 200 शब्द |
7) प्रश्न क्रमांक 28 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
There are internal choices in Question Nos. 28 to 30.
SS-II-Pol. Sc. 046
खण्ड - अ
SECTION - A
-
अरस्तू के अनुसार 'वितरणात्मक न्याय' का अर्थ बताइये। (1)
What is the meaning of distributive justice according to Aristotle?
उत्तर: अरस्तू के अनुसार वितरणात्मक न्याय का अर्थ है कि समाज में संसाधनों, सम्मान और अवसरों का वितरण प्रत्येक व्यक्ति की योग्यता, गुण और समाज में उसके योगदान के अनुपात में किया जाना चाहिए। यह समानता पर आधारित नहीं, बल्कि आनुपातिक समानता पर आधारित है।
Answer: According to Aristotle, distributive justice means that resources, honors, and opportunities in society should be distributed in proportion to each person's merit, virtue, and contribution to society. It is based on proportional equality, not absolute equality.
-
हेनरी फेयोल द्वारा दी गई 'सत्ता' की परिभाषा लिखिये। (1)
Write the definition of ‘Authority’ given by Henri Fayol.
उत्तर: हेनरी फेयोल के अनुसार, "सत्ता वह अधिकार है जो किसी व्यक्ति को दूसरों से आदेश देने और उनसे आज्ञापालन कराने का अधिकार प्रदान करता है।" उन्होंने सत्ता को दो भागों में विभाजित किया: (1) औपचारिक सत्ता (पद से प्राप्त) और (2) व्यक्तिगत सत्ता (ज्ञान, अनुभव और नेतृत्व क्षमता से प्राप्त)।
Answer: According to Henri Fayol, "Authority is the right to give orders and the power to exact obedience." He divided authority into two parts: (1) Formal authority (derived from position) and (2) Personal authority (derived from knowledge, experience, and leadership ability).
-
'राज्य' सम्बन्धी दृष्टिकोण के आधार पर परम्परागत एवं आधुनिक उदारवाद में अन्तर कीजिये। (2)
Differentiate between traditional and modern liberalism from the perspective of the ‘State’.
उत्तर: परम्परागत उदारवाद (क्लासिकल लिबरलिज्म) राज्य को न्यूनतम हस्तक्षेप वाला मानता है, जहाँ राज्य का कार्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा करना है। इसके विपरीत, आधुनिक उदारवाद (सामाजिक उदारवाद) राज्य को कल्याणकारी भूमिका निभाने वाला मानता है, जहाँ राज्य सामाजिक-आर्थिक असमानताओं को कम करने, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सेवाएँ प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाता है।
Answer: Traditional liberalism (classical liberalism) views the state as minimal, with its role limited to maintaining law and order and protecting individual liberty. In contrast, modern liberalism (social liberalism) views the state as a welfare state, actively involved in reducing socio-economic inequalities and providing services like education, health, and employment.
-
पूंजीपति व मजदूर वर्ग के पारस्परिक सम्बन्धों के आधार पर समाजवाद व मार्क्सवाद में क्या अन्तर है? (2)
What is the difference between Socialism and Marxism on the basis of mutual relations between the capitalists and labourers?
उत्तर: समाजवाद पूंजीपतियों और मजदूरों के बीच सहयोग और समझौते पर जोर देता है, जिसमें राज्य के माध्यम से धन का पुनर्वितरण किया जाता है। मार्क्सवाद पूंजीपतियों और मजदूरों के बीच वर्ग-संघर्ष को अपरिहार्य मानता है और पूंजीवादी व्यवस्था को समाप्त करके मजदूर वर्ग के शासन (सर्वहारा वर्ग की तानाशाही) की स्थापना का समर्थन करता है।
Answer: Socialism emphasizes cooperation and compromise between capitalists and labourers, with wealth redistribution through the state. Marxism considers class struggle between capitalists and labourers as inevitable and advocates for the abolition of the capitalist system and establishment of the dictatorship of the proletariat.
-
किस संवैधानिक संशोधन द्वारा सम्पति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची से हटा दिया गया? (1)
By which constitutional amendment the right to property was removed from the list of Fundamental rights?
उत्तर: 44वें संवैधानिक संशोधन (1978) द्वारा सम्पति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की सूची (अनुच्छेद 31) से हटाकर संविधान के भाग XII में अनुच्छेद 300A के रूप में एक सामान्य कानूनी अधिकार बना दिया गया।
Answer: By the 44th Constitutional Amendment (1978), the right to property was removed from the list of Fundamental Rights (Article 31) and made a general legal right under Article 300A in Part XII of the Constitution.
-
भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद द्वारा 'अस्पृश्यता' का निषेध किया गया है? (1)
By which Article 'Untouchability' is prohibited in Indian constitution?
उत्तर: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 द्वारा 'अस्पृश्यता' का निषेध किया गया है। यह एक मौलिक अधिकार है जो अस्पृश्यता को समाप्त करता है और किसी भी रूप में इसके आचरण को दंडनीय अपराध घोषित करता है।
Answer: Article 17 of the Indian Constitution prohibits 'Untouchability'. It is a fundamental right that abolishes untouchability and declares its practice in any form as a punishable offence.
-
वर्तमान में लोकसभा में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति के लिये कितने स्थान आरक्षित है? (1)
How many seats are reserved for SC and ST in Loksabha at present?
उत्तर: वर्तमान में लोकसभा में अनुसूचित जाति (SC) के लिए 84 स्थान और अनुसूचित जन जाति (ST) के लिए 47 स्थान आरक्षित हैं। कुल मिलाकर 131 सीटें (लोकसभा की कुल 543 सीटों में से) अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के लिए आरक्षित हैं।
Answer: At present, 84 seats are reserved for Scheduled Castes (SC) and 47 seats for Scheduled Tribes (ST) in the Lok Sabha. In total, 131 seats (out of 543 seats in Lok Sabha) are reserved for SC and ST.
8) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को किन दशाओं में पद से हटाया जा सकता है? [0]
In what conditions, the judges of Supreme court can be removed from their post?
उत्तर: सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को केवल सिद्ध कदाचार (proved misbehaviour) या अक्षमता (incapacity) के आधार पर ही पद से हटाया जा सकता है। हटाने की प्रक्रिया संसद के दोनों सदनों द्वारा विशेष बहुमत से प्रस्ताव पारित करने के बाद राष्ट्रपति के आदेश से होती है।
9) गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के संस्थापक कौन थे? [0]
Who were the Founders of Non-Aligned movement?
उत्तर: गुटनिरपेक्ष आन्दोलन के प्रमुख संस्थापक थे: भारत के प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, यूगोस्लाविया के राष्ट्रपति जोसिप ब्रोज़ टीटो, मिस्र के राष्ट्रपति गमाल अब्देल नासर, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुकर्णो और घाना के राष्ट्रपति क्वामे नक्रूमा।
10) अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय का मुख्यालय कहाँ स्थित है? [0]
Where is the headquarters of International court of justice situated?
उत्तर: अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) का मुख्यालय नीदरलैंड के हेग (The Hague) शहर में स्थित है।
खण्ड - ब / SECTION - B
1) “कानूनी न्याय का अर्थ स्पष्ट कीजिये। [2]
Explain the meaning of legal justice.
उत्तर: कानूनी न्याय (Legal Justice) का अर्थ है कि राज्य द्वारा बनाए गए कानूनों के अनुसार न्याय प्रदान करना। यह न्यायालयों द्वारा लागू किया जाता है, जहाँ कानून के समक्ष सभी नागरिक समान होते हैं। इसमें अपराधियों को दंडित करना और पीड़ितों को उनके अधिकार दिलाना शामिल है।
2) शक्ति एवं प्रभाव में दो अन्तर बताइये। [l+l=2]
Write two differences between power and influence.
उत्तर: शक्ति (Power) और प्रभाव (Influence) में दो अन्तर:
- आधार: शक्ति बल या अधिकार पर आधारित होती है, जबकि प्रभाव विश्वास या अनुनय पर आधारित होता है।
- प्रयोग: शक्ति में आदेश देने और अनुपालन कराने की क्षमता होती है, जबकि प्रभाव में दूसरों को मनाने या प्रेरित करने की क्षमता होती है।
3) “समाजवाद जनतान्त्रिक व्यवस्था में विश्वास करता है।” इस कथन पर प्रकाश डालिये। [2]
‘Socialism believes in democratic system’. I/luminate.
उत्तर: समाजवाद जनतान्त्रिक व्यवस्था में विश्वास करता है क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि सभी नागरिकों को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने का अधिकार हो। जनतंत्र के माध्यम से ही समाजवादी लक्ष्य जैसे आर्थिक समानता, सामाजिक न्याय और संसाधनों का समान वितरण प्राप्त किया जा सकता है। यह लोकतांत्रिक तरीकों जैसे चुनाव, बहस और सहमति के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन लाने पर जोर देता है।
4) मार्क्स के अनुसार अतिरिक्त-मूल्य' के समाज पर क्या प्रभाव है? (कोई दो) [l+=2]
What are the impacts of 'Surplus Value' on society according to Marx?(any two)
उत्तर: मार्क्स के अनुसार अतिरिक्त-मूल्य (Surplus Value) के समाज पर दो प्रभाव:
- शोषण: पूंजीपति श्रमिकों के श्रम से उत्पन्न अतिरिक्त मूल्य को हड़प लेते हैं, जिससे श्रमिकों का शोषण होता है और वे गरीब बने रहते हैं।
- वर्ग संघर्ष: अतिरिक्त मूल्य के कारण पूंजीपति और श्रमिक वर्ग के बीच संघर्ष बढ़ता है, जो अंततः क्रांति और साम्यवादी समाज की स्थापना की ओर ले जाता है।
5) राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्त के समर्थक के रूप में आप इनके कोई दो महत्व बताइये। [l + = 2]
As a supporter of the Directive principles of the state policy, write its any two importance.
उत्तर: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धान्तों (Directive Principles of State Policy) के दो महत्व:
- सामाजिक और आर्थिक न्याय: ये सिद्धांत राज्य को सामाजिक और आर्थिक न्याय स्थापित करने का मार्गदर्शन देते हैं, जैसे समान वेतन, शिक्षा का अधिकार और गरीबी उन्मूलन।
- कल्याणकारी राज्य: ये राज्य को कल्याणकारी राज्य बनाने में सहायक होते हैं, जिसमें नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार, स्वास्थ्य सेवाएं और पर्यावरण संरक्षण शामिल है।
SS-II-Pol. Se. 046
खण्ड - ब / SECTION - B
6) आप संवैधानिक उपचारों के अधिकार को मौलिक अधिकारों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण मानते है। अपनी मान्यता के पक्ष में दो तर्क दीजिये। [1+1=2]
You consider the 'right to constitutional remedies' as the most important fundamental right. Give two arguments in favour of your assumption.
उत्तर / Answer:
- यह अधिकार अन्य सभी मौलिक अधिकारों की रक्षा करता है। यदि सरकार या कोई अन्य व्यक्ति किसी नागरिक के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, तो नागरिक सीधे उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय में जा सकता है।
- यह अधिकार नागरिकों को सरकार के मनमाने कार्यों से सुरक्षा प्रदान करता है और लोकतंत्र में न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति को सुनिश्चित करता है।
This right protects all other fundamental rights. If the government or any other person violates a citizen's fundamental rights, the citizen can directly approach the Supreme Court or High Court. It provides protection against arbitrary actions of the government and ensures the power of judicial review in a democracy.
7) साम्प्रदायिकता के दो परिणामों का संक्षेप में वर्णन कीजिये। [1+1=2]
Describe in brief any two repercussions of communalism.
उत्तर / Answer:
- साम्प्रदायिकता से समाज में विभाजन और तनाव बढ़ता है, जिससे सांप्रदायिक दंगे और हिंसा होती है, जो जान-माल की हानि का कारण बनती है।
- यह राष्ट्रीय एकता और अखंडता को कमजोर करती है, क्योंकि लोग धर्म के आधार पर बंट जाते हैं और आपसी सद्भाव नष्ट होता है।
Communalism increases division and tension in society, leading to communal riots and violence, causing loss of life and property. It weakens national unity and integrity as people get divided on religious lines, destroying mutual harmony.
8) 8 नवम्बर 2016 को पाँच सौ व एक हजार रूपये के नोटों का विमुद्रीकरण करने के क्या उद्देश्य थे ? संक्षेप में लिखिये। [2]
What were the objectives of demonetisation of the notes of five hundred and one thousand rupees done on Nov. 8, 2016?
उत्तर / Answer:
- काला धन (अघोषित आय) को समाप्त करना।
- नकली मुद्रा के प्रचलन को रोकना।
- आतंकवाद और भ्रष्टाचार के वित्तपोषण पर अंकुश लगाना।
- डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना।
To eliminate black money (unaccounted income), stop circulation of fake currency, curb financing of terrorism and corruption, and promote a digital economy.
खण्ड - स / SECTION - C
9) स्वतन्त्रता एवं समानता में पारस्परिक सम्बन्धों की विवेचना कीजिये। [2+2=4]
Explain the mutual relationship between Equality and Liberty.
उत्तर / Answer:
स्वतंत्रता और समानता परस्पर संबंधित हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। स्वतंत्रता के बिना समानता अर्थहीन है, क्योंकि यदि सभी समान हैं लेकिन उन्हें अपने विचार व्यक्त करने या कार्य करने की स्वतंत्रता नहीं है, तो समानता का कोई मूल्य नहीं। इसी प्रकार, समानता के बिना स्वतंत्रता केवल कुछ लोगों के लिए ही सार्थक होगी, क्योंकि असमान परिस्थितियों में स्वतंत्रता का लाभ केवल शक्तिशाली लोग ही उठा सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि सभी को शिक्षा की स्वतंत्रता है लेकिन आर्थिक असमानता के कारण गरीब बच्चे स्कूल नहीं जा सकते, तो स्वतंत्रता का कोई अर्थ नहीं। इसलिए, एक स्वस्थ लोकतंत्र में स्वतंत्रता और समानता दोनों का संतुलन आवश्यक है।
Liberty and equality are interrelated and complementary. Without liberty, equality is meaningless because if all are equal but have no freedom to express or act, equality has no value. Similarly, without equality, liberty will only be meaningful for a few, as in unequal conditions only the powerful can enjoy liberty. For example, if everyone has the freedom to education but due to economic inequality poor children cannot attend school, liberty has no meaning. Therefore, a balance of both liberty and equality is essential in a healthy democracy.
10) राजनीतिक समाजीकरण के निम्न साधनों का वर्णन कीजिये:
अ) राजनीतिक दल
ब) जनसंचार के साधन [2+2=4]
Describe the following tools of political socialization:
a) Political parties.
b) Means of communication.
उत्तर / Answer:
अ) राजनीतिक दल (Political parties): राजनीतिक दल राजनीतिक समाजीकरण का एक महत्वपूर्ण साधन हैं। वे लोगों को राजनीतिक मुद्दों, नीतियों और विचारधाराओं के बारे में शिक्षित करते हैं। चुनाव प्रचार, रैलियों, और पार्टी कार्यक्रमों के माध्यम से वे नागरिकों को राजनीतिक प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हैं और उनमें राजनीतिक जागरूकता पैदा करते हैं।
ब) जनसंचार के साधन (Means of communication): जनसंचार के साधन जैसे समाचार पत्र, टेलीविजन, रेडियो, और सोशल मीडिया राजनीतिक समाजीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे लोगों को सरकार की नीतियों, राजनीतिक घटनाओं और विभिन्न दृष्टिकोणों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं। ये साधन जनमत को आकार देने और राजनीतिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने में सहायक होते हैं।
Political parties are an important tool of political socialization. They educate people about political issues, policies, and ideologies. Through election campaigns, rallies, and party programs, they motivate citizens to participate in the political process and create political awareness. Means of communication like newspapers, television, radio, and social media play a crucial role in political socialization. They provide information about government policies, political events, and different viewpoints. These tools help shape public opinion and encourage political participation.
11) गाँधीवाद के समर्थक के रूप में आप सरकारी नीतियों के विरोध हेतु किन साधनों को अपनाना पसन्द करेंगे ? स्पष्ट कीजिये। [4]
As a follower of Gandhism, which means would you use to oppose the governmental policies?
उत्तर / Answer:
गाँधीवाद के अनुयायी के रूप में, मैं सरकारी नीतियों के विरोध के लिए अहिंसक और सत्याग्रह पर आधारित साधनों को अपनाऊंगा। इनमें शामिल हैं:
- सत्याग्रह: अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और धरना देना।
- असहयोग आंदोलन: सरकारी संस्थानों और सेवाओं का बहिष्कार करना, जैसे करों का भुगतान न करना या सरकारी नौकरियों से इस्तीफा देना।
- सविनय अवज्ञा: अन्यायपूर्ण कानूनों का जानबूझकर उल्लंघन करना और सजा भुगतने को तैयार रहना।
- जन जागरूकता: शांतिपूर्ण मार्च, भाषण और लेखन के माध्यम से लोगों को अन्यायपूर्ण नीतियों के बारे में जागरूक करना।
ये सभी साधन अहिंसा और सत्य पर आधारित हैं, जो गाँधीवाद के मूल सिद्धांत हैं।
As a follower of Gandhism, I would adopt non-violent and Satyagraha-based means to oppose governmental policies. These include: Satyagraha (peaceful protests and sit-ins against unjust policies), Non-cooperation movement (boycotting government institutions and services, such as non-payment of taxes or resigning from government jobs), Civil disobedience (deliberately violating unjust laws and being ready to accept punishment), and Public awareness (educating people about unjust policies through peaceful marches, speeches, and writings). All these means are based on non-violence and truth, which are the core principles of Gandhism.
प्रश्न 22
कोई चार जल प्रदूषकों एवं उनके प्रभावों को तालिका बनाकर दर्शाइये। [4]
Show any four water pollutants and their effects in a table.
| जल प्रदूषक (Water Pollutant) | प्रभाव (Effect) |
|---|---|
| 1. औद्योगिक अपशिष्ट (Industrial Waste) – जैसे भारी धातुएँ (पारा, सीसा) | जल में घुलकर मछलियों और मनुष्यों में विषाक्तता पैदा करता है; मिनामाता रोग का कारण बनता है। |
| 2. कृषि रसायन (Agricultural Chemicals) – कीटनाशक, उर्वरक | जल स्रोतों में मिलकर यूट्रोफिकेशन (शैवाल प्रस्फुटन) का कारण बनते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो जाती है और जलीय जीवन नष्ट होता है। |
| 3. घरेलू सीवेज (Domestic Sewage) – मल, अपशिष्ट जल | जल में रोगजनक जीवाणु (जैसे हैजा, टाइफाइड) फैलाता है, जिससे जलजनित रोग होते हैं। |
| 4. तेल रिसाव (Oil Spills) – समुद्र में तेल का रिसाव | समुद्री जीवों (पक्षियों, मछलियों) के पंखों और गलफड़ों को चिपका देता है, जिससे उनकी मृत्यु हो जाती है; पारिस्थितिकी तंत्र को भारी नुकसान पहुँचता है। |
प्रश्न 23
आपके मतानुसार भारतीय संविधान एकात्मक व संघात्मक तत्वों का अद्भूत संयोग है, कैसे? सिद्ध कीजिये। [4]
According to your view Indian constitution is the remarkable fusion of unitary and federal elements, how? Prove it.
भारतीय संविधान में एकात्मक और संघात्मक दोनों तत्वों का अद्भुत संयोग है। यह एक संघीय व्यवस्था है, लेकिन इसमें एकात्मक विशेषताएँ भी प्रबल हैं। इसे सिद्ध करने के लिए निम्नलिखित बिंदु प्रस्तुत हैं:
- संघात्मक तत्व: (i) लिखित संविधान, (ii) केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों का विभाजन (संघ सूची, राज्य सूची, समवर्ती सूची), (iii) स्वतंत्र न्यायपालिका, (iv) द्विसदनीय व्यवस्था (राज्यसभा राज्यों का प्रतिनिधित्व करती है)।
- एकात्मक तत्व: (i) एकल नागरिकता, (ii) केंद्र के पास अवशिष्ट शक्तियाँ, (iii) राज्यपाल की नियुक्ति केंद्र द्वारा, (iv) आपातकाल के दौरान संविधान एकात्मक रूप धारण कर लेता है (अनुच्छेद 352, 356), (v) केंद्र को राज्यों को निर्देश देने का अधिकार, (vi) एकीकृत न्यायपालिका।
इस प्रकार, भारतीय संविधान न तो पूर्णतः संघात्मक है और न ही पूर्णतः एकात्मक, बल्कि दोनों का एक अनूठा मिश्रण है। डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने इसे "संघीय ढाँचे वाला एकात्मक राज्य" कहा है।
प्रश्न 24
भारतीय संसद मन्त्रिपरिषद पर किन तरीकों से नियन्त्रण रखती है, का वर्णन कीजिये। [4]
Describe the methods by which Indian Parliament exercise control over the executive.
भारतीय संसद मंत्रिपरिषद (कार्यपालिका) पर नियंत्रण रखने के लिए निम्नलिखित तरीकों का उपयोग करती है:
- प्रश्नकाल (Question Hour): सांसद मंत्रियों से उनके विभागों से संबंधित प्रश्न पूछ सकते हैं, जिससे मंत्रियों को जवाबदेह होना पड़ता है।
- अविश्वास प्रस्ताव (No-Confidence Motion): लोकसभा मंत्रिपरिषद के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें बर्खास्त कर सकती है (अनुच्छेद 75)।
- स्थगन प्रस्ताव (Adjournment Motion): किसी अत्यावश्यक सार्वजनिक महत्व के मामले पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाया जा सकता है, जिससे सरकार की नीतियों की आलोचना होती है।
- समितियाँ (Committees): विभिन्न संसदीय समितियाँ (जैसे प्राक्कलन समिति, लोक लेखा समिति) मंत्रालयों के कार्यों और व्यय की जाँच करती हैं।
- बजट और वित्तीय नियंत्रण: संसद बजट पारित करती है और सरकार को धन देने की मंजूरी देती है, जिससे वित्तीय नियंत्रण सुनिश्चित होता है।
- कटौती प्रस्ताव (Cut Motion): सांसद बजट में कटौती का प्रस्ताव लाकर सरकार की नीतियों की आलोचना कर सकते हैं।
प्रश्न 25
भारत के एक जागरूक नागरिक के रूप में 73 वें संविधान संशोधन की उन विशेषताओं का वर्णन कीजिये, जिसने पंचायती राज को बहुत प्रभावी बना दिया। (कोई चार) [4×1=4]
As an enlightened citizen of India describe the features of 73rd constitutional amendment which made the Panchayati Raj very effective. (Any Four)
73वें संविधान संशोधन (1992) ने पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा देकर इसे अधिक प्रभावी बनाया। इसकी चार प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- तीन-स्तरीय पंचायती राज संरचना: ग्राम स्तर (ग्राम पंचायत), मध्यवर्ती स्तर (पंचायत समिति/ब्लॉक), और जिला स्तर (जिला परिषद) पर पंचायतों का गठन अनिवार्य किया गया।
- नियमित चुनाव: हर पाँच वर्ष में पंचायतों के चुनाव अनिवार्य किए गए, और राज्य चुनाव आयोग को चुनाव कराने का अधिकार दिया गया।
- महिलाओं और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण: पंचायतों में महिलाओं के लिए कम से कम एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गईं, और अनुसूचित जाति/जनजाति के लिए उनकी जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण दिया गया।
- ग्यारहवीं अनुसूची: इसमें 29 विषयों (जैसे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क) को पंचायतों को हस्तांतरित करने का प्रावधान किया गया, जिससे वे स्थानीय विकास के लिए अधिक सशक्त बनीं।
प्रश्न 26
“भारतीय राजनीति में जाति की भूमिका को विविध रूपों में देखा जा सकता है।” आपके मतानुसार कोई चार रूपों की संक्षेप में विवेचना कीजिये। [4×1=4]
‘The role of caste in Indian Politics is visible in various Forms'. Explain in brief any four forms according to your view.
भारतीय राजनीति में जाति की भूमिका विभिन्न रूपों में दिखाई देती है। इसके चार प्रमुख रूप निम्नलिखित हैं:
- वोट बैंक की राजनीति: राजनीतिक दल जाति के आधार पर वोट बैंक बनाने का प्रयास करते हैं। वे किसी विशेष जाति के मुद्दों को उठाकर उनके वोट हासिल करते हैं।
- चुनावी उम्मीदवारों का चयन: दल चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों का चयन करते समय जातिगत समीकरणों को ध्यान में रखते हैं, ताकि उस जाति के वोटरों को आकर्षित किया जा सके।
- जातिगत गठबंधन: विभिन्न जातियों के बीच गठबंधन बनाकर सरकारें बनाई जाती हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जातियों और दलितों का गठबंधन।
- जाति आधारित आंदोलन: जाति के नाम पर राजनीतिक आंदोलन (जैसे दलित आंदोलन, ओबीसी आंदोलन) होते हैं, जो आरक्षण और सामाजिक न्याय की माँग करते हैं।
प्रश्न 27
आपके मतानुसार दक्षिणी पूर्वी एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) भारत के लिये उपयोगी है। अपने मत के पक्ष में कोई चार तर्क दीजिये। [4×1=4]
According to your view Association of South East Asian Nations (ASEAN) is useful for India. Give any four arguments in favour of your view.
आसियान (ASEAN) भारत के लिए अत्यधिक उपयोगी है। इसके पक्ष में चार प्रमुख तर्क निम्नलिखित हैं:
- आर्थिक लाभ: आसियान देशों के साथ भारत का व्यापार बढ़ रहा है। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से भारतीय वस्तुओं और सेवाओं को नए बाजार मिलते हैं, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है।
- रणनीतिक सुरक्षा: आसियान के साथ सहयोग से भारत को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी रणनीतिक स्थिति मजबूत करने में मदद मिलती है। यह चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने में सहायक है।
- समुद्री सुरक्षा: आसियान के साथ मिलकर भारत समुद्री डकैती, आतंकवाद और हिंद महासागर में नौवहन की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहयोग कर सकता है।
- सांस्कृतिक और कूटनीतिक संबंध: आसियान के साथ भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। यह मंच भारत को अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय एकता को मजबूत करने का अवसर देता है।
खण्ड - द (SECTION - D)
प्रश्न 28
राजनीतिक संस्कृति का अर्थ बताते हुए इसकी विशेषताओं की विवेचना कीजिये। [5 + 1 = 6]
अथवा
राजनीतिक सहभागिता का अर्थ बताते हुए इसके सकारात्मक एवं नकारात्मक प्रभावों की विवेचना कीजिये।
Write the meaning of Political culture and explain its characteristics.
OR
Write the meaning of political participation and explain its positive and negative effects.
उत्तर (राजनीतिक संस्कृति):
अर्थ: राजनीतिक संस्कृति से तात्पर्य किसी समाज के सदस्यों द्वारा राजनीतिक व्यवस्था के प्रति रखे गए दृष्टिकोण, विश्वास, मूल्यों और भावनाओं के समूह से है। यह राजनीतिक व्यवहार को आकार देती है और यह निर्धारित करती है कि नागरिक सरकार, कानून और राजनीतिक प्रक्रियाओं को किस प्रकार देखते हैं।
विशेषताएँ:
- सीखी हुई: राजनीतिक संस्कृति जन्मजात नहीं होती, बल्कि परिवार, शिक्षा और मीडिया के माध्यम से सीखी जाती है।
- सामूहिक: यह किसी व्यक्ति विशेष की नहीं, बल्कि पूरे समाज या समूह की साझा विशेषता होती है।
- निरंतरता: यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होती है, जिससे राजनीतिक व्यवस्था में स्थिरता आती है।
- गतिशील: यह समय के साथ बदलती है, नए अनुभवों और सामाजिक परिवर्तनों के अनुसार ढलती है।
- व्यवहार को प्रभावित करने वाली: यह नागरिकों के राजनीतिक भागीदारी, मतदान और सरकार के प्रति समर्थन के तरीके को प्रभावित करती है।
अथवा
उत्तर (राजनीतिक सहभागिता):
अर्थ: राजनीतिक सहभागिता से तात्पर्य नागरिकों द्वारा सरकार की नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने के लिए की जाने वाली गतिविधियों से है, जैसे मतदान, चुनाव लड़ना, विरोध प्रदर्शन, या राजनीतिक दलों में शामिल होना।
सकारात्मक प्रभाव:
- लोकतंत्र को मजबूत बनाती है और सरकार को जवाबदेह बनाती है।
- नागरिकों को अपनी राय व्यक्त करने और नीति-निर्माण में योगदान देने का अवसर मिलता है।
- सामाजिक जागरूकता और राजनीतिक शिक्षा को बढ़ावा मिलता है।
नकारात्मक प्रभाव:
- अत्यधिक या हिंसक भागीदारी से सामाजिक अशांति और अस्थिरता हो सकती है।
- कभी-कभी अल्पसंख्यकों या कमजोर वर्गों की आवाज को दबाया जा सकता है।
- गलत सूचना या प्रचार के कारण भागीदारी नकारात्मक परिणाम दे सकती है।
प्रश्न 29
वैश्वीकरण का अर्थ बताते हुए इसके राजनीतिक प्रभावों की व्याख्या कीजिये। [6]
अथवा
ग्लोबल वार्मिंग क्या है? इसके कारणों की विवेचना कीजिये।
What is Globalisation? Explain its political impacts.
OR
What is Global warming? Explain its causes.
उत्तर (वैश्वीकरण):
अर्थ: वैश्वीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और तकनीकी संबंधों का तीव्र विस्तार होता है, जिससे दुनिया एक वैश्विक गाँव में बदल जाती है। यह वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी, सूचना और लोगों के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देता है।
राजनीतिक प्रभाव:
- राष्ट्र-राज्य की भूमिका में कमी: अंतर्राष्ट्रीय संगठनों (जैसे UN, WTO) और बहुराष्ट्रीय कंपनियों का प्रभाव बढ़ा है, जिससे राष्ट्रीय सरकारों की स्वायत्तता कम हुई है।
- लोकतंत्र का प्रसार: वैश्वीकरण ने लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के प्रसार में मदद की है।
- अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: वैश्विक समस्याओं (जैसे आतंकवाद, जलवायु परिवर्तन) के समाधान के लिए देशों के बीच सहयोग बढ़ा है।
- सांस्कृतिक प्रभाव: पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ा है, जिससे स्थानीय संस्कृतियों पर खतरा पैदा हुआ है।
अथवा
उत्तर (ग्लोबल वार्मिंग):
अर्थ: ग्लोबल वार्मिंग पृथ्वी के औसत तापमान में लगातार वृद्धि को कहते हैं, जो मुख्यतः ग्रीनहाउस गैसों (जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन) के उत्सर्जन के कारण होती है।
कारण:
- औद्योगीकरण: कारखानों और बिजली संयंत्रों से जीवाश्म ईंधन (कोयला, तेल) के जलने से CO₂ उत्सर्जन बढ़ा है।
- वनों की कटाई: पेड़ CO₂ को अवशोषित करते हैं, लेकिन वनों की कटाई से यह क्षमता कम हो गई है।
- कृषि: चावल की खेती और पशुपालन से मीथेन गैस का उत्सर्जन होता है।
- परिवहन: वाहनों से निकलने वाली गैसें ग्रीनहाउस प्रभाव को बढ़ाती हैं।
- अपशिष्ट: लैंडफिल में जैविक कचरे के सड़ने से मीथेन उत्पन्न होती है।
प्रश्न 30
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के गठन एवं कार्यों की विवेचना कीजिये। [6]
अथवा
भारत-पाक युद्ध 1971 एवं शिमला समझौते की विवेचना कीजिये।
Explain the formation and functions of the security council of United Nations Organisation.
OR
Explain the Indo-Pak war of 1971 and the 'Simla-Agreement'.
उत्तर (सुरक्षा परिषद):
गठन: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का गठन 1945 में संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत किया गया था। इसमें कुल 15 सदस्य होते हैं:
- 5 स्थायी सदस्य: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस और चीन। इनके पास वीटो शक्ति होती है।
- 10 अस्थायी सदस्य: इन्हें महासभा द्वारा 2 वर्षों के लिए चुना जाता है, जिसमें 5 एशिया और अफ्रीका से, 2 लैटिन अमेरिका से, 2 पश्चिमी यूरोप से और 1 पूर्वी यूरोप से होता है।
कार्य:
- अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना: यह संघर्षों को रोकने और हल करने के लिए कार्रवाई करता है।
- प्रतिबंध लगाना: आर्थिक प्रतिबंध या हथियारों पर प्रतिबंध लगा सकता है।
- सैन्य कार्रवाई: शांति बनाए रखने के लिए सैन्य बल भेज सकता है।
- नए सदस्यों का प्रवेश: संयुक्त राष्ट्र में नए सदस्यों के प्रवेश की सिफारिश करता है।
- अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय: अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों के चुनाव में भाग लेता है।
अथवा
उत्तर (भारत-पाक युद्ध 1971 और शिमला समझौता):
भारत-पाक युद्ध 1971: यह युद्ध पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) में स्वतंत्रता आंदोलन के कारण हुआ। पाकिस्तानी सेना ने वहां अत्याचार किए, जिससे लाखों शरणार्थी भारत आए। भारत ने बांग्लादेश की मुक्ति वाहिनी का समर्थन किया और 3 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान ने भारत पर हमला किया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 16 दिसंबर 1971 को पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना के समक्ष आत्मसमर्पण करवाया, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का जन्म हुआ।
शिमला समझौता: यह समझौता 2 जुलाई 1972 को भारत के प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला में हस्ताक्षरित हुआ। इसके मुख्य बिंदु:
- दोनों देशों ने शांति से विवादों को हल करने का वचन दिया।
- नियंत्रण रेखा (LoC) को सीमा के रूप में मान्यता दी गई, लेकिन इसे अंतर्राष्ट्रीय सीमा नहीं माना गया।
- द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया गया।
- युद्धबंदियों की वापसी और कश्मीर मुद्दे पर शांतिपूर्ण चर्चा का प्रावधान किया गया।