RBSE Class 12th 2019 Agriculture-SS-84-2019 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Agriculture-SS-84-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2019 Agriculture-SS-84-2019
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Rajasthan Board Class 12th Agriculture-SS-84-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019
कृषि विज्ञान
AGRICULTURE
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 56
No. of Questions : 30 Code : SS-84-Agriculture
No. of Printed Pages : 07
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
-
परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
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सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory.
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प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
-
जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.
-
प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
SLNo. : PT TET. नामांक / Roll No.
Note : Tear Here to open the question paper.
मृदा के प्राकृतिक क्षरण को परिभाषित कीजिए |
Define natural erosion of soil.
उत्तर: मृदा के प्राकृतिक क्षरण से तात्पर्य मृदा के ऊपरी उपजाऊ सतह के प्राकृतिक कारकों जैसे वायु, जल, हिमानी (ग्लेशियर) आदि द्वारा अपरदन से है, जो मानवीय हस्तक्षेप के बिना होता है। यह एक धीमी प्रक्रिया है जो भू-आकृति को संतुलित करती है।
Answer: Natural erosion of soil refers to the wearing away of the top fertile layer of soil by natural agents like wind, water, glaciers, etc., without human intervention. It is a slow process that balances the landform.
पी. एस. बी. का पूरा नाम लिखिए |
Write full name of "P.S.B".
उत्तर: पी. एस. बी. का पूरा नाम "फॉस्फेट सॉल्युबिलाइजिंग बैक्टीरिया" (Phosphate Solubilizing Bacteria) है।
Answer: The full name of "P.S.B" is "Phosphate Solubilizing Bacteria".
मक्का में सिंचाई के लिए क्रान्तिक अवस्थायें लिखिए |
Write the critical stages for irrigation in Maize crop.
उत्तर: मक्का की फसल में सिंचाई के लिए निम्नलिखित क्रान्तिक अवस्थाएँ हैं:
- अंकुरण अवस्था (Germination stage)
- पुष्पन अवस्था (Flowering stage)
- दाना भरने की अवस्था (Grain filling stage)
Answer: The critical stages for irrigation in Maize crop are:
- Germination stage
- Flowering stage
- Grain filling stage
सापेक्ष खरपतवार किसे कहते हैं?
Explain relative weeds.
उत्तर: सापेक्ष खरपतवार वे पौधे हैं जो किसी विशेष फसल में खरपतवार की तरह उगते हैं, लेकिन दूसरी फसलों में उपयोगी हो सकते हैं। उदाहरण के लिए, गेहूं की फसल में सरसों का पौधा खरपतवार माना जाता है, जबकि सरसों की फसल में यह मुख्य फसल है।
Answer: Relative weeds are plants that grow as weeds in a particular crop but may be useful in other crops. For example, mustard plant is considered a weed in wheat crop, while it is the main crop in mustard cultivation.
अन्त: शस्य किसे कहते हैं?
What is inter cropping?
उत्तर: अन्त: शस्य (Intercropping) एक कृषि पद्धति है जिसमें एक ही खेत में एक साथ दो या दो से अधिक फसलों को एक निश्चित पंक्ति व्यवस्था में उगाया जाता है। इसका उद्देश्य भूमि का अधिकतम उपयोग करना और उत्पादन बढ़ाना है।
Answer: Intercropping is an agricultural practice in which two or more crops are grown simultaneously in the same field in a definite row arrangement. Its aim is to maximize land use and increase production.
फसल चक्र को परिभाषित कीजिए |
Define crop rotation.
उत्तर: फसल चक्र (Crop Rotation) एक कृषि पद्धति है जिसमें एक ही भूमि पर विभिन्न फसलों को एक निश्चित क्रम में उगाया जाता है। इससे मृदा की उर्वरता बनी रहती है, कीट एवं रोगों का प्रकोप कम होता है और फसल उत्पादन में स्थिरता आती है।
Answer: Crop rotation is an agricultural practice in which different crops are grown on the same land in a definite sequence. This maintains soil fertility, reduces pest and disease infestation, and brings stability in crop production.
गर्मी के दिनों में दूध में पैदा होने वाले बैक्टीरिया का नाम लिखिए |
Write the name of bacteria which develop in the milk in the summer season.
उत्तर: गर्मी के दिनों में दूध में पैदा होने वाले बैक्टीरिया का नाम "लैक्टोबैसिलस" (Lactobacillus) है। यह दूध को खट्टा कर देता है।
Answer: The name of the bacteria which develop in milk in the summer season is "Lactobacillus". It sours the milk.
प्रश्न 8
पेल्ट के दो उपयोग लिखिए।
Write the two uses of Pelt.
उत्तर: पेल्ट (खाल) के दो उपयोग निम्नलिखित हैं:
- इसका उपयोग फर कोट, जैकेट और अन्य वस्त्र बनाने में किया जाता है।
- इसका उपयोग सजावटी वस्तुएं और कालीन बनाने में किया जाता है।
प्रश्न 9
पशुओं में चयापचयी (उपापचयी) जनित रोग का नाम लिखिए।
Write the name of metabolic disease in animals.
उत्तर: पशुओं में चयापचयी जनित रोग का नाम कीटोसिस (Ketosis) है। यह रोग मुख्यतः दुधारू पशुओं में ऊर्जा चयापचय में असंतुलन के कारण होता है।
प्रश्न 10
फड़किया रोग के दो लक्षण लिखिए।
Write the two symptoms of enterotoxemia disease.
उत्तर: फड़किया रोग (एंटरोटॉक्सीमिया) के दो प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं:
- पशु अचानक बेचैन हो जाता है और दस्त (डायरिया) होने लगता है।
- पशु की मांसपेशियों में कंपन और लंगड़ापन देखा जाता है।
प्रश्न 11
एन. डी. डी. बी. का पूरा नाम लिखिए।
Write the full name of N.D.D.B.
उत्तर: एन. डी. डी. बी. का पूरा नाम नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (National Dairy Development Board) है।
प्रश्न 12
गाय में भ्रूण स्थानान्तरण तकनीक को समझाइये।
Explain Embryo transfer technique in Cow.
उत्तर: गाय में भ्रूण स्थानान्तरण तकनीक एक उन्नत प्रजनन विधि है, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाली गाय (डोनर) से भ्रूण निकालकर कम गुणवत्ता वाली गाय (रिसीवर) में स्थानांतरित किया जाता है। इस तकनीक के चरण निम्नलिखित हैं:
- डोनर गाय का चयन: उच्च दूध उत्पादन क्षमता वाली गाय का चयन किया जाता है।
- हार्मोन उपचार: डोनर गाय को हार्मोन (FSH) देकर अधिक अंडे उत्पन्न करने के लिए प्रेरित किया जाता है।
- गर्भाधान: डोनर गाय का उत्तम नस्ल के सांड के वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान किया जाता है।
- भ्रूण निकालना: गर्भाधान के 6-8 दिन बाद भ्रूण को बिना शल्यक्रिया के निकाला जाता है।
- भ्रूण स्थानान्तरण: निकाले गए भ्रूण को रिसीवर गाय के गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है।
इस तकनीक से एक उत्तम गाय से कई बछड़े प्राप्त किए जा सकते हैं, जिससे पशुधन सुधार में तेजी आती है।
प्रश्न 13
मूँगफली की फसल की जलमाँग लिखिये।
Write the water demand of Groundnut crop.
उत्तर: मूँगफली की फसल की जलमाँग (पानी की आवश्यकता) लगभग 500-600 मिमी होती है। यह फसल अधिक पानी सहन नहीं कर पाती, इसलिए हल्की और बार-बार सिंचाई की आवश्यकता होती है। फूल आने और फली बनने के समय पानी की अधिक आवश्यकता होती है, जबकि पकने के समय कम पानी चाहिए।
प्रश्न 14
निम्न पर टिप्पणी लिखिए।
Write short notes on following:
अ) आधार बीज (Foundation seed)
उत्तर: आधार बीज (Foundation seed) उच्च गुणवत्ता वाला बीज होता है जो ब्रीडर बीज (नस्ल सुधारक बीज) से उत्पन्न किया जाता है। यह बीज आनुवंशिक रूप से शुद्ध होता है और इसका उपयोग प्रमाणित बीज (Certified seed) उत्पादन के लिए किया जाता है। आधार बीज का उत्पादन विशेष संस्थानों या कृषि विश्वविद्यालयों द्वारा किया जाता है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जाती है।
ब) प्रमाणित बीज (Certified seed)
उत्तर: प्रमाणित बीज (Certified seed) आधार बीज से उत्पन्न किया जाता है और यह किसानों को बुवाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। यह बीज गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरता है और इसे सरकारी या अर्ध-सरकारी संस्थाओं द्वारा प्रमाणित किया जाता है। प्रमाणित बीज में न्यूनतम अंकुरण क्षमता, शुद्धता और रोग-मुक्तता सुनिश्चित की जाती है, जिससे किसानों को अच्छी पैदावार प्राप्त होती है।
प्रश्न 5
बूँद-बूँद सिंचाई विधि के कोई चार लाभ लिखिए।
Write any four benefits of drip irrigation method.
बूँद-बूँद सिंचाई (ड्रिप इरिगेशन) के चार प्रमुख लाभ:
- जल की बचत: इसमें पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुँचता है, जिससे वाष्पीकरण और रिसाव में कमी आती है और पानी की 30-70% तक बचत होती है।
- खरपतवार नियंत्रण: चूँकि पानी केवल निर्धारित स्थानों पर ही दिया जाता है, खरपतवारों की वृद्धि कम होती है।
- उर्वरक दक्षता में वृद्धि: उर्वरकों को सीधे जड़ क्षेत्र में डाला जा सकता है (फर्टिगेशन), जिससे पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है।
- उपज में वृद्धि: नमी का नियंत्रित और समान वितरण पौधों की वृद्धि और उपज को बढ़ाता है।
प्रश्न 6
सम्पर्क शाकनाशी व स्थानान्तरित शाकनाशी में अन्तर स्पष्ट कीजिए।
Explain the difference between contact herbicides and translocated herbicides.
| क्र. | सम्पर्क शाकनाशी (Contact Herbicide) | स्थानान्तरित शाकनाशी (Translocated Herbicide) |
|---|---|---|
| 1. | यह केवल उन्हीं भागों को नष्ट करता है जिनके संपर्क में आता है (जैसे पत्तियाँ, तना)। | यह पौधे के अंदर प्रवेश करके जाइलम और फ्लोएम के माध्यम से पूरे पौधे में फैल जाता है, जिसमें जड़ें भी शामिल हैं। |
| 2. | यह तेजी से काम करता है और परिणाम कुछ घंटों में दिखाई देते हैं। | यह धीमी गति से काम करता है और परिणाम दिखने में कई दिन लग सकते हैं। |
| 3. | यह बारहमासी खरपतवारों की जड़ों को नष्ट नहीं करता, इसलिए वे पुनः उग सकते हैं। | यह जड़ों तक पहुँचकर बारहमासी खरपतवारों को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। |
| 4. | उदाहरण: पैराक्वाट, डाइक्वाट। | उदाहरण: 2,4-D, ग्लाइफोसेट। |
प्रश्न 7
गन्ने की फसल में बीजोपचार को समझाइये।
Explain the seed treatment in Sugarcane crop.
गन्ने की फसल में बीजोपचार का अर्थ है बुवाई से पहले गन्ने के टुकड़ों (सेट्स) को रासायनिक या जैविक पदार्थों से उपचारित करना। इसका उद्देश्य फफूंद और जीवाणु जनित रोगों (जैसे लाल सड़न, गुच्छा रोग) से बचाव करना तथा अंकुरण दर में सुधार करना है।
विधि: गन्ने के सेट्स को 0.1% कार्बेन्डाजिम या 0.2% थायरम के घोल में 15-20 मिनट तक डुबोया जाता है। इसके बाद उन्हें छाया में सुखाकर बुवाई की जाती है। जैविक उपचार के लिए ट्राइकोडर्मा विरिडी का उपयोग भी किया जाता है।
प्रश्न 8
फलोंद्यान में पौधे लगाने की वर्गाकार व षट्भुजाकार विधियों का वर्णन कीजिए।
Describe the Square and Hexagonal methods of planting in orchard.
वर्गाकार विधि (Square Method): इस विधि में पौधों को एक वर्ग के कोनों पर लगाया जाता है। पंक्तियाँ एक-दूसरे के समकोण पर होती हैं। पौधों के बीच की दूरी समान रखी जाती है। इससे अंतर-सांस्कृतिक कार्य (जुताई, सिंचाई) आसान होते हैं और प्रकाश का समान वितरण होता है।
षट्भुजाकार विधि (Hexagonal Method): इसमें पौधों को एक समबाहु त्रिभुज के कोनों पर लगाया जाता है, जिससे पौधों की स्थिति षट्भुज के आकार में होती है। इस विधि में प्रति हेक्टेयर पौधों की संख्या वर्गाकार विधि से लगभग 15% अधिक होती है, जिससे भूमि का अधिकतम उपयोग होता है। हालाँकि, इसमें अंतर-सांस्कृतिक कार्य थोड़े कठिन होते हैं।
प्रश्न 9
पादप वृद्धि नियंत्रकों के प्रयोग करने की कोई चार विधियाँ लिखिए।
Write any four methods of application of plant growth regulators.
- पर्णीय छिड़काव (Foliar Spray): पादप वृद्धि नियंत्रकों (PGR) के घोल को पौधों की पत्तियों पर छिड़का जाता है, जहाँ से यह अवशोषित हो जाता है।
- बीजोपचार (Seed Treatment): बुवाई से पहले बीजों को PGR के घोल में भिगोया जाता है ताकि अंकुरण और प्रारंभिक वृद्धि बेहतर हो।
- मृदा अनुप्रयोग (Soil Application): PGR को सीधे मिट्टी में मिलाया जाता है, जहाँ से यह जड़ों द्वारा ग्रहण किया जाता है।
- तना/शाखा लेपन (Stem/Branch Painting): PGR के घोल को पौधे के तने या शाखाओं पर ब्रश से लगाया जाता है, विशेषकर फलों के आकार और गुणवत्ता को नियंत्रित करने के लिए।
प्रश्न 10
टमाटर के सॉस बनाने की विधि का वर्णन कीजिए।
Explain the method of tomato sauce preparation.
टमाटर सॉस बनाने की विधि:
- टमाटर का चयन और धुलाई: पके, लाल और स्वस्थ टमाटरों को चुनकर अच्छी तरह धोएँ।
- टुकड़े करना और पकाना: टमाटरों के छोटे टुकड़े करके एक बर्तन में डालें और मध्यम आँच पर तब तक पकाएँ जब तक वे नरम न हो जाएँ।
- गूदा निकालना: पके हुए टमाटरों को छलनी या मिक्सर से छानकर गूदा (पल्प) अलग कर लें। बीज और छिलके हटा दें।
- गाढ़ा करना और मसाला मिलाना: गूदे को वापस आँच पर रखें और इसमें चीनी, नमक, सिरका, लहसुन, अदरक, और मसाले (जैसे काली मिर्च, लौंग) मिलाएँ। इसे तब तक पकाएँ जब तक यह वांछित गाढ़ापन न आ जाए।
- पैकेजिंग: गर्म सॉस को निष्फल बोतलों में भरकर सील कर दें।
प्रश्न 11
गाय के दूध का रासायनिक संघटन लिखिए।
Write the chemical composition of Cow's milk.
गाय के दूध का औसत रासायनिक संघटन निम्नलिखित है:
- जल: 87.5%
- वसा (Fat): 3.5-4.0%
- प्रोटीन (Protein): 3.5% (केसीन 2.8%, मट्ठा प्रोटीन 0.7%)
- लैक्टोज (Lactose): 4.8%
- खनिज (Minerals): 0.7% (कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, मैग्नीशियम आदि)
- विटामिन: विटामिन A, D, E, K, B समूह (थोड़ी मात्रा में)
प्रश्न 12
बकरी की जमुनापारी व सिरोही नस्ल की उपयोगिता लिखिए।
Write the utility of Jamunapari and Sirohi breeds of Goat.
जमुनापारी
पशुओं में थनैला रोग (Mastitis) के कोई चार लक्षण लिखिए। थनैला रोग के चार प्रमुख लक्षण: राजस्थान में डेयरी के विकास पर टिप्पणी लिखिए। राजस्थान में डेयरी का विकास धीमी गति से हुआ है, लेकिन हाल के वर्षों में इसमें सुधार देखा गया है। राज्य में दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सहकारी समितियों, जैसे सरस डेयरी, का गठन किया गया है। सरकार द्वारा पशुपालकों को प्रशिक्षण, कृत्रिम गर्भाधान, और पशु चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके बावजूद, दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए बेहतर बाजार पहुंच और आधुनिक तकनीकों की आवश्यकता है। वर्मी कम्पोस्ट किसे कहते हैं? इसके कोई चार लाभ लिखिए। वर्मी कम्पोस्ट: यह केंचुओं की सहायता से जैविक अपशिष्ट (जैसे गोबर, पत्तियां, सब्जी के छिलके) को विघटित करके बनाया गया एक प्राकृतिक खाद है। चार लाभ: कलम किसे कहते हैं? सर्पाकार दाब व ट्रेन्च दाब विधि का सचित्र वर्णन कीजिए। कलम (Layering): यह पादप प्रवर्धन की एक विधि है जिसमें मातृ पौधे की शाखा को मिट्टी में दबाकर जड़ें निकाली जाती हैं, और बाद में इसे अलग करके नया पौधा तैयार किया जाता है। सर्पाकार दाब विधि (Serpentine Layering): इस विधि में लंबी शाखा को मिट्टी में बारी-बारी से दबाया और खुला छोड़ा जाता है, जिससे सर्प (सांप) जैसी आकृति बनती है। दबाए गए भागों से जड़ें निकलती हैं। ट्रेन्च दाब विधि (Trench Layering): इसमें शाखा को एक खाई (ट्रेन्च) में रखकर मिट्टी से ढक दिया जाता है। शाखा के ऊपरी भाग को मिट्टी से बाहर रखा जाता है। कुछ समय बाद दबे भाग से जड़ें निकल आती हैं। (चित्र के लिए स्थान: सर्पाकार और ट्रेन्च दाब विधि के चित्र यहां बनाए जा सकते हैं।) जैम क्या है? जैम बनाने की विधि का वर्णन कीजिए। जैम (Jam): यह फलों के गूदे को चीनी के साथ पकाकर बनाया गया एक गाढ़ा, मीठा उत्पाद है, जिसमें फल के टुकड़े बरकरार रहते हैं। जैम बनाने की विधि: गेहूं की खेती का निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर वर्णन कीजिए: i) जलवायु (Climate): गेहूं की खेती के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु उपयुक्त होती है। बुवाई के समय तापमान 10-15°C और पकने के समय 20-25°C होना चाहिए। अधिक वर्षा या अधिक गर्मी फसल को नुकसान पहुंचाती है। ii) चार उन्नत किस्में (Four improved varieties): राजस्थान में गेहूं की उन्नत किस्मों में शामिल हैं: राज-3077, राज-3765, एचडी-2967, और डब्ल्यूआर-544। iii) बीजदर एवं बीजोपचार (Seed rate and seed treatment): बीजदर 100-125 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर होती है। बीजोपचार के लिए बीजों को कवकनाशी (जैसे थीरम या कार्बेन्डाजिम) से उपचारित किया जाता है ताकि मृदा जनित रोगों से बचाव हो सके। iv) दो प्रमुख रोग (Two important diseases): गेहूं के दो प्रमुख रोग हैं: पीला रतुआ (Yellow Rust) और करनाल बंट (Karnal Bunt)। बाजरे की खेती का निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर वर्णन कीजिए : i) जलवायु: बाजरा गर्म और शुष्क जलवायु की फसल है। इसके लिए 25°C से 35°C तापमान उपयुक्त रहता है। यह कम वर्षा (40-60 सेमी) वाले क्षेत्रों में भी अच्छी पैदावार देता है। ii) चार उन्नत किस्में: iii) बीजदर एवं बीजोपचार: बीजदर 3-4 किग्रा प्रति हेक्टेयर रखी जाती है। बीजोपचार के लिए बीजों को थीरम या कार्बेन्डाजिम 2-3 ग्राम प्रति किग्रा बीज की दर से उपचारित करना चाहिए। iv) दो प्रमुख रोग: आँवला की खेती का निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर वर्णन कीजिए : [1+1+1+1=4] i) चार उन्नत किस्में: ii) प्रवर्धन: आँवला का प्रवर्धन बीज द्वारा तथा कलम द्वारा किया जाता है। व्यावसायिक स्तर पर गुटिका बाँधना (budding) विधि अधिक प्रचलित है। iii) सिंचाई व काट-छाँट: गर्मियों में 10-15 दिन के अंतराल पर सिंचाई आवश्यक है। काट-छाँट में सूखी, रोगग्रस्त एवं अनावश्यक शाखाओं को हटाया जाता है। iv) दो प्रमुख कीट: अनार की खेती का निम्नलिखित बिन्दुओं के आधार पर वर्णन कीजिए : i) चार उन्नत किस्में: ii) प्रवर्धन: अनार का प्रवर्धन कलम (cutting) द्वारा किया जाता है। सर्वोत्तम परिणाम के लिए अर्ध-काष्ठीय कलमों का प्रयोग करें। iii) सिंचाई व काट-छाँट: फल लगने के समय नियमित सिंचाई आवश्यक है। काट-छाँट में पुरानी शाखाओं को हटाकर नई शाखाओं को बढ़ावा दिया जाता है। iv) दो प्रमुख कीट: SS-84-Agriculture 337 आंवला की खेती का वर्णन निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर कीजिए: अथवा अनार की खेती का वर्णन निम्नलिखित बिंदुओं के आधार पर कीजिए: (i) चार उन्नत किस्में (Four improved varieties): (ii) प्रवर्धन (Propagation): आंवला का प्रवर्धन प्रायः बीज द्वारा किया जाता है, लेकिन व्यावसायिक स्तर पर कलम (बडिंग) विधि का उपयोग किया जाता है। टी-बडिंग या पैच बडिंग विधि से कलम लगाई जाती है। पौध तैयार करने के लिए बीजों को नर्सरी में बोया जाता है और एक वर्ष बाद कलम लगाई जाती है। (iii) प्रशिक्षण एवं छंटाई (Training and pruning): पौधों को मुख्य तने के साथ 3-4 शाखाएं रखकर प्रशिक्षित किया जाता है। छंटाई में सूखी, रोगग्रस्त और आपस में उलझी शाखाओं को हटाया जाता है। फल तुड़ाई के बाद हल्की छंटाई की जाती है। (iv) दो महत्वपूर्ण कीट (Two important insect pests): (i) चार उन्नत किस्में (Four improved varieties): (ii) प्रवर्धन (Propagation): अनार का प्रवर्धन प्रायः कलम (कटिंग) विधि द्वारा किया जाता है। 20-25 सेमी लंबी, एक वर्ष पुरानी शाखाओं की कलम लगाई जाती है। ग्राफ्टिंग और बडिंग विधि का भी उपयोग किया जाता है। (iii) प्रशिक्षण एवं छंटाई (Training and pruning): पौधों को झाड़ीदार आकार देने के लिए प्रशिक्षित किया जाता है। प्रारंभिक वर्षों में मुख्य तने को 60-75 सेमी ऊंचाई पर काट दिया जाता है। छंटाई में सूखी, रोगग्रस्त और कमजोर शाखाओं को हटाया जाता है। फल तुड़ाई के बाद हल्की छंटाई की जाती है। (iv) दो महत्वपूर्ण कीट (Two important insect pests): गाय की जर्सी नस्ल एवं गिर नस्ल की विशेषताओं की तुलनात्मक विवेचना कीजिए। अथवा बकरी की टोगनबर्ग व बरबरी नस्लों की विशेषताओं की तुलनात्मक विवेचना कीजिए। Compare and describe the characteristics of Jersey and Gir breeds of Cow. OR Compare and describe the characteristics of Toggenberg and Barbari breeds of Goat.प्रश्न 23
प्रश्न 24
प्रश्न 25
प्रश्न 26
प्रश्न 27
प्रश्न 28
खण्ड – 6 (Page 6 of 7)
प्रश्न 28 (अथवा/OR)
बाजरे की खेती का वर्णन
प्रश्न 29
आँवला की खेती का वर्णन
अथवा (OR)
अनार की खेती का वर्णन
प्रश्न 29 (वैकल्पिक)
आंवला की खेती (Cultivation of Aonla)
अनार की खेती (Cultivation of Pomegranate)
प्रश्न 30 (वैकल्पिक)
गाय की जर्सी नस्ल एवं गिर नस्ल की तुलनात्मक विवेचना
विशेषता
जर्सी नस्ल (Jersey)
गिर नस्ल (Gir)
उत्पत्ति स्थान
जर्सी द्वीप (इंग्लैंड)
गुजरात (भारत)
रंग
हल्का भूरा, गहरा भूरा या काला
सफेद, लाल, भूरा या चितकबरा
शारीरिक संरचना
छोटे आकार की, थन बड़े और अच्छी तरह विकसित
बड़े आकार की, माथा उभरा हुआ, सींग मुड़े हुए
दूध उत्पादन
अधिक (3000-4000 लीटर प्रति वर्ष), वसा अधिक (4.5-5.5%)
मध्यम (2000-3000 लीटर प्रति वर्ष), वसा 4.5-5%
अनुकूलन क्षमता
समशीतोष्ण जलवायु में अच्छी, गर्मी सहन नहीं कर पाती
उष्णकटिबंधीय जलवायु में अच्छी, रोग प्रतिरोधक क्षमता अधिक
उपयोग
मुख्यतः दूध उत्पादन के लिए
दूध उत्पादन और कृषि कार्य दोनों के लिए
बकरी की टोगनबर्ग व बरबरी नस्लों की तुलनात्मक विवेचना
विशेषता
टोगनबर्ग नस्ल (Toggenberg)
बरबरी नस्ल (Barbari)
उत्पत्ति स्थान
स्विट्जरलैंड
भारत (उत्तर प्रदेश, राजस्थान)
रंग
हल्का भूरा से गहरा भूरा, चेहरे पर सफेद धारियां
सफेद या हल्का भूरा, शरीर पर भूरे धब्बे
शारीरिक संरचना
मध्यम आकार, सीधी पीठ, छोटे सींग
छोटे आकार, मजबूत शरीर, छोटे सींग या सींग रहित
दूध उत्पादन
अच्छा (700-