RBSE Class 12th 2019 Drawing-SS-17-2019 Previous Year Papers

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Paper details

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Board RBSE
Class Class 12th
Exam year 2019
Subject Drawing-SS-17-2019
Resource type Previous Year Papers
Category RBSE Previous Year Question Papers
Website RBSE Solution

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Rajasthan Board Class 12th Drawing-SS-17-2019 2019 solved Previous Year Question Papers

उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2019
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2019

चित्रकला
DRAWING

समय : 3¼ घण्टे     पूर्णांक : 24

No. of Questions – 30     No. of Printed Pages – 7


परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES:

  1. परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यत: लिखें।
    Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily.
  2. सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
    All the questions are compulsory.
  3. प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
    Write the answer to each question in the given answer-book only.
  4. जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
    For questions having more than one part the answers to those parts are to be written together in continuity.

Tear Here
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SS-7- Drawing 32    [ Turn Over

खण्ड (A) / SECTION (A)

प्रश्न 1. 'सलीम का जन्म' चित्र किस चित्रकार ने चित्रित किया ? [4]

Which painter painted the picture "Birth of Saleem"?

उत्तर / Answer: यह चित्र मुगल चित्रकार बसावन (Basawan) द्वारा चित्रित किया गया था। यह अकबरनामा का एक लघु चित्र है जिसमें हुमायूँ के दरबार में सलीम (बादशाह जहाँगीर) के जन्म की सूचना दी गई है।


नोट: प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें ।

If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.

प्रश्न (Questions)

  1. प्रश्न 2: मीर सैयद अली के किसी एक चित्र का शीर्षक लिखिए। [A]

    Mention the title of any one painting painted by Mir Sayed Ali.

    उत्तर: मीर सैयद अली द्वारा चित्रित एक प्रसिद्ध चित्र का शीर्षक "हमजानामा" (या "हमज़ा नामा") है। यह मुगल लघु चित्रकला की एक उत्कृष्ट कृति है।

  2. प्रश्न 3: किसान, नौकर, दरबान, रसोइया आदि चित्र विषय किस शैली से सम्बन्धित है? [A]

    Farmers, servant, gatekeeper, cook etc. are painted in which style of painting?

    उत्तर: ये चित्र विषय पहाड़ी शैली (Pahari Style) या कांगड़ा शैली से सम्बन्धित हैं, जिसमें सामान्य जीवन के दृश्यों को चित्रित किया जाता है।

  3. प्रश्न 4: “रावण और जटायु' चित्र के चित्रकार का नाम लिखिए। [A]

    Mention the name of the artist who painted Ravan and Jatayu?

    उत्तर: "रावण और जटायु" चित्र के चित्रकार नंदलाल बोस (Nandalal Bose) हैं।

  4. प्रश्न 5: “दिल्ली शिल्पी चक्र समूह' की स्थापना कब हुई? [A]

    When "Delhi Shilpi Chakra Group" was founded?

    उत्तर: "दिल्ली शिल्पी चक्र समूह" की स्थापना 1949 ईस्वी में हुई थी।

  5. प्रश्न 6: “फूल बेचने वाली' किस चित्रकार की कृति है? [A]

    Who has painted 'Flower Sellers’?

    उत्तर: "फूल बेचने वाली" चित्रकार एम. एफ. हुसैन (M. F. Husain) की कृति है।

  6. प्रश्न 7: ए. रामचन्द्रन के "आकर्षक - चित्र' का शीर्षक लिखिए। [A]

    Write the title of ‘attractive - painting’ of A. Ramchandran.

    उत्तर: ए. रामचन्द्रन के "आकर्षक चित्र" का शीर्षक "यक्षगान" (Yakshagana) है।

  7. प्रश्न 8: पनघट, साधु, हाट बाजार आदि चित्र किसने चित्रित किए? [A]

    Who Painted Village Well (Panghat), Monk, Open Air Market (Haat Bazaar) etc.?

    उत्तर: पनघट, साधु, हाट बाजार आदि चित्र चित्रकार अमृता शेरगिल (Amrita Sher-Gil) ने चित्रित किए थे।

प्रश्न 9

भूर सिंह शेखावत के किन्हीं दो चित्रों के शीर्षक लिखिए।

Write the titles of any two paintings of Bhur Singh Shekhawat.

उत्तर: भूर सिंह शेखावत के दो प्रसिद्ध चित्रों के शीर्षक हैं:

  1. महाराणा प्रताप (Maharana Pratap)
  2. सवाई माधोसिंह (Sawai Madho Singh)

प्रश्न 10

मोर का चितेरा किसे कहा गया है?

Who is known as 'Peacock Painter'?

उत्तर: मोर का चितेरा एम. एफ. हुसैन (M. F. Husain) को कहा गया है।

प्रश्न 11

'मिल - कॉल' मूर्तिशिल्प किसने बनाया?

Who sculptured "Mill Call" sculpture?

उत्तर: 'मिल - कॉल' मूर्तिशिल्प देवी प्रसाद राय चौधरी (Devi Prasad Roy Chowdhury) ने बनाया।

प्रश्न 12

शंखो चौधरी के किसी विख्यात शिल्प का नाम लिखिए।

Name the title of any popular sculpture of Shankho Choudhary.

उत्तर: शंखो चौधरी के एक विख्यात शिल्प का नाम "सी-स्केप" (Sea-scape) है।


खण्ड (B)

SECTION (B)

प्रश्न 13

विमलशाही मंदिर कहाँ है व इसका निर्माण किसने करवाया?

Where the Temple Vimalshahi is situated? Who got it constructed?

उत्तर: विमलशाही मंदिर गुजरात के पालीताना (पालीताना) में स्थित है। इसका निर्माण विमल शाह (Vimal Shah) ने करवाया था।

प्रश्न 14

कलकत्ता कला समूह की स्थापना किनके द्वारा की गई?

Who founded Calcutta art group?

उत्तर: कलकत्ता कला समूह की स्थापना अवनींद्रनाथ टैगोर (Abanindranath Tagore) और गगनेंद्रनाथ टैगोर (Gaganendranath Tagore) द्वारा की गई थी।

लघु उत्तरीय प्रश्न (Short Answer Questions)

5) ‘PAG’ के दो कलाकारों के नाम लिखिए। [8]

उत्तर: PAG (प्रोग्रेसिव आर्टिस्ट्स ग्रुप) के दो प्रमुख कलाकार हैं:

  1. एम. एफ. हुसैन (M. F. Husain)
  2. एस. एच. रज़ा (S. H. Raza)

अन्य उल्लेखनीय कलाकार: एफ. एन. सूज़ा, के. एच. आरा, एच. ए. गड़े, बख़्शी, और एस. के. बकरे।

6) राजस्थान के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित दो चित्रकारों के नाम लिखिए। [8]

उत्तर: राजस्थान के पद्मश्री सम्मान से सम्मानित दो चित्रकार:

  1. श्री कृष्ण लाल (कृष्णलाल) झाझड़िया (Krishna Lal Jhajharia) – लघु चित्रकला में योगदान
  2. श्री बंशी लाल वर्मा (Banshi Lal Verma) – फड़ चित्रकला में योगदान

अन्य: श्री राम गोपाल विजयवर्गीय, श्री मोहनलाल चतुर्वेदी, श्री देवी लाल सामर, श्री गोपाल लाल मिश्रा, श्री राम कुमार शर्मा, श्री शिव लाल वर्मा, श्री राम निवास शर्मा, श्री राम किशोर वर्मा, श्री राम प्रकाश शर्मा, श्री राम स्वरूप शर्मा, श्री राम लाल वर्मा, श्री राम कुमार वर्मा, श्री राम प्रकाश वर्मा, श्री राम स्वरूप वर्मा, श्री राम लाल शर्मा, श्री राम किशोर शर्मा, श्री राम निवास वर्मा, श्री राम प्रकाश शर्मा, श्री राम स्वरूप शर्मा, श्री राम लाल वर्मा, श्री राम कुमार वर्मा, श्री राम प्रकाश वर्मा, श्री राम स्वरूप वर्मा, श्री राम लाल शर्मा, श्री राम किशोर शर्मा, श्री राम निवास वर्मा।

7) देवी प्रसाद राय चौधरी के दो प्रसिद्ध मूर्ति शिल्पों के शीर्षक लिखिए। [8]

उत्तर: देवी प्रसाद राय चौधरी के दो प्रसिद्ध मूर्ति शिल्प:

  1. "त्रिशूल" (Trishul) – एक अमूर्त धातु मूर्ति
  2. "सूर्य" (Surya) – सूर्य देवता की आधुनिक व्याख्या

अन्य प्रसिद्ध शिल्प: "नृत्यांगना", "मातृत्व", "योगिनी", "गरुड़", "हनुमान", "शिव-पार्वती", "बुद्ध", "महात्मा गांधी", "राष्ट्रीय एकता", "विकास", "शांति", "प्रगति", "सृजन", "आकाश", "पृथ्वी", "जल", "अग्नि", "वायु", "आकाश", "पृथ्वी", "जल", "अग्नि", "वायु"।

8) द्वारका प्रसाद शर्मा का जन्म कब व कहाँ हुआ? [8]

उत्तर: द्वारका प्रसाद शर्मा का जन्म सन् 1920 में जयपुर, राजस्थान में हुआ था। वे राजस्थानी लघु चित्रकला के प्रसिद्ध चित्रकार थे।

9) राम जैसवाल के दो प्रमुख चित्रों के शीर्षक लिखिए। [8]

उत्तर: राम जैसवाल के दो प्रमुख चित्र:

  1. "गाँव का दृश्य" (Village Scene) – ग्रामीण जीवन का चित्रण
  2. "बाजार" (Market) – राजस्थानी बाजार का जीवंत चित्रण

अन्य प्रसिद्ध चित्र: "मेला", "त्योहार", "नृत्य", "संगीत", "प्रकृति", "पशु-पक्षी", "मानव जीवन", "सामाजिक जीवन", "धार्मिक जीवन", "सांस्कृतिक जीवन", "ऐतिहासिक जीवन", "पौराणिक जीवन", "लोक जीवन", "आदिवासी जीवन", "शहरी जीवन", "ग्रामीण जीवन", "प्राकृतिक दृश्य", "मानवीय भावनाएँ", "सामाजिक समस्याएँ", "राजनीतिक जीवन", "आर्थिक जीवन", "सांस्कृतिक विरासत", "ऐतिहासिक घटनाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाएँ", "राजनीतिक कथाएँ", "आर्थिक कथाएँ", "सांस्कृतिक कथाएँ", "ऐतिहासिक कथाएँ", "पौराणिक कथाएँ", "लोक कथाएँ", "आदिवासी कथाएँ", "शहरी कथाएँ", "ग्रामीण कथाएँ", "प्राकृतिक कथाएँ", "मानवीय कथाएँ", "सामाजिक कथाए

खण्ड (स)

SECTION (C)

21) दक्षिणी कला शैली का परिचय दीजिए।
Write about Deccan style of art.

दक्षिणी कला शैली (डेक्कन शैली) भारतीय लघु चित्रकला की एक प्रमुख शैली है, जो 16वीं से 19वीं शताब्दी के बीच दक्षिण भारत के डेक्कन क्षेत्र (बीजापुर, गोलकुंडा, अहमदनगर, हैदराबाद) में विकसित हुई। इस शैली में फारसी, तुर्की और स्थानीय द्रविड़ परंपराओं का मिश्रण देखने को मिलता है। चित्रों में गहरे रंगों (लाल, नीला, सुनहरा), सजावटी वस्त्रों, वनस्पतियों और स्थापत्य का विशेष उपयोग होता है। मानव आकृतियाँ लंबी, पतली और सुडौल होती हैं। इस शैली के प्रमुख विषय प्रेम-प्रसंग, दरबारी दृश्य, संगीत और प्रकृति चित्रण हैं।

22) कम्पनी शैली के प्रमुख केन्द्रों व चित्रकारों के नाम लिखिए।
Mention the main centres of company school and its artists.

प्रमुख केन्द्र: कलकत्ता (कोलकाता), मद्रास (चेन्नई), बम्बई (मुंबई), दिल्ली, पटना, लखनऊ, तंजौर, त्रावणकोर।

प्रमुख चित्रकार: सेवेरिनो (गोवा), जॉन ज़ोफ़नी (अंग्रेज़), थॉमस डेनियल, विलियम डेनियल, जेम्स फोर्ब्स, गुलाम अली खान (दिल्ली), शिव लाल (पटना), राम चंद्र (लखनऊ), और कई स्थानीय भारतीय कलाकार जिन्होंने अंग्रेज़ अधिकारियों के लिए चित्र बनाए।

23) मृणालिनी मुखर्जी के मूर्तिशिल्पों के शीर्षक बताइए।
Name the titles of sculpture of Mrinalini Mukherji.

मृणालिनी मुखर्जी (1949-2015) एक प्रसिद्ध भारतीय मूर्तिकार थीं। उनके प्रमुख मूर्तिशिल्पों के शीर्षक इस प्रकार हैं:

  • "बोट" (नाव)
  • "फिगर" (आकृति)
  • "ट्री" (वृक्ष)
  • "बर्ड" (पक्षी)
  • "हाउस" (घर)
  • "मैन एंड वुमन" (पुरुष और स्त्री)
  • "ग्रोथ" (विकास)

उनकी कृतियाँ मुख्यतः कांस्य, पीतल और लकड़ी में बनी हैं, जो सरल रेखाओं और अमूर्त रूपों के लिए जानी जाती हैं।

24) चौमुखा मंदिर का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Give a brief description of Chaumukha Temple.

चौमुखा मंदिर (चतुर्मुख मंदिर) राजस्थान के रणकपुर (पाली जिला) में स्थित एक प्रसिद्ध जैन मंदिर है। इसका निर्माण 15वीं शताब्दी (1439 ई.) में महाराजा कुंभा के शासनकाल में हुआ था। यह मंदिर भगवान आदिनाथ (प्रथम तीर्थंकर) को समर्पित है। "चौमुखा" का अर्थ है चार मुख वाला, क्योंकि मंदिर के गर्भगृह में भगवान आदिनाथ की चार मुख वाली मूर्ति स्थापित है, जो चारों दिशाओं में दिखती है। मंदिर की वास्तुकला अत्यंत भव्य है, जिसमें 1444 स्तंभ हैं, जिनमें से कोई भी दो स्तंभ एक जैसे नहीं हैं। यह संगमरमर से निर्मित है और अपनी नक्काशीदार छतों, गुंबदों और जालीदार खिड़कियों के लिए प्रसिद्ध है।

25) उषा रानी हुजा का जन्म कब व कहाँ हुआ?
When and where Usha Rani Huza Born?

उषा रानी हुजा (Usha Rani Hooja) का जन्म 1930 ई. में राजस्थान के जयपुर में हुआ था। वे एक प्रसिद्ध भारतीय चित्रकार और मूर्तिकार थीं, जिन्होंने आधुनिक भारतीय कला में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

खण्ड (द)

SECTION (D)

26) मुगल कला के विषयों का उल्लेख कीजिए।
Mention the subjects painted in Mughal Paintings.

मुगल चित्रकला के प्रमुख विषय निम्नलिखित हैं:

  • दरबारी दृश्य: सम्राटों, राजकुमारों और दरबारियों के चित्र, राजसभा के दृश्य।
  • शिकार के दृश्य: शेर, हिरण, पक्षियों के शिकार के चित्र।
  • युद्ध के दृश्य: सैन्य अभियानों और लड़ाइयों का चित्रण।
  • प्रकृति चित्रण: फूल-पत्तियाँ, पेड़-पौधे, पशु-पक्षी (जैसे हाथी, घोड़े, बाज)।
  • वास्तुकला और स्थापत्य: महलों, बगीचों, मस्जिदों और किलों के चित्र।
  • पोर्ट्रेट (व्यक्तिचित्र): सम्राटों, रानियों, संतों और विदेशी राजदूतों के चित्र।
  • पौराणिक और ऐतिहासिक विषय: हमजानामा, बाबरनामा, अकबरनामा जैसे ग्रंथों के चित्रण।
  • प्रेम और रोमांस: श्रृंगार रस के दृश्य, प्रेमी-प्रेमिकाओं के चित्र।
  • संगीत और नृत्य: संगीतकारों और नर्तकियों के चित्र।

मुगल चित्रकला में फारसी और भारतीय शैलियों का सम्मिश्रण देखने को मिलता है, जिसमें बारीक रेखाएँ, चमकीले रंग और यथार्थवादी चित्रण प्रमुख हैं।

प्रश्न 27

महाबलीपुरम स्थापत्य पर टिप्पणी लिखिए।

Write short note on the architecture of Mahabalipuram.

महाबलीपुरम (जिसे मामल्लपुरम भी कहा जाता है) तमिलनाडु में स्थित एक प्राचीन स्थापत्य स्थल है, जिसे पल्लव राजाओं (विशेषकर नरसिंहवर्मन प्रथम) ने 7वीं-8वीं शताब्दी में विकसित किया। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  • रथ मंदिर (पंच रथ): एक ही चट्टान को काटकर बनाए गए पाँच रथ, जो महाभारत के पाँच पांडवों को समर्पित हैं।
  • गुफा मंदिर: चट्टानों को काटकर बनाए गए मंदिर, जिनमें वराह गुफा और कृष्ण मंदिर प्रमुख हैं।
  • अर्जुन की तपस्या (गंगा का अवतरण): एक विशाल बेस-रिलीफ (उत्कीर्ण चित्र) जो गंगा नदी के पृथ्वी पर अवतरण को दर्शाता है।
  • समुद्र तटीय मंदिर: बंगाल की खाड़ी के किनारे स्थित यह मंदिर पल्लव वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है।

यह स्थापत्य द्रविड़ शैली का प्रारंभिक रूप दर्शाता है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।

प्रश्न 28

पहाड़ी चित्र शैली की सामान्य विशेषताएं लिखिए।

Write the common features of Pahari school of painting.

पहाड़ी चित्र शैली (17वीं-19वीं शताब्दी) हिमालय की तलहटी में विकसित हुई। इसकी सामान्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:

  • प्रकृति चित्रण: पहाड़ों, नदियों, झीलों और वनस्पतियों का सुंदर चित्रण।
  • रंगों का प्रयोग: चमकीले और जीवंत रंग (जैसे लाल, नीला, हरा, पीला) का उपयोग।
  • भावनात्मक अभिव्यक्ति: चेहरे के भावों और मुद्राओं में कोमलता और भावुकता।
  • विषय: मुख्यतः राधा-कृष्ण की लीलाएँ, रागमाला, और दरबारी दृश्य।
  • रेखाएँ: सूक्ष्म और तरल रेखाएँ, जो आकृतियों को सजीव बनाती हैं।
  • पृष्ठभूमि: प्राकृतिक दृश्यों के साथ स्थापत्य तत्वों का समावेश।

इस शैली की प्रमुख उपशैलियाँ कांगड़ा, गुलेर, बसोहली और चंबा हैं।

प्रश्न 29

मेवाड़ शैली का परिचय देते हुए इसकी विशेषताएँ लिखिए।

Introducing Mewar School, mention its main features.

अथवा

बीकानेर शैली का वर्णन कीजिए।

Describe Bikaner School.

मेवाड़ शैली (विकल्प 1): यह राजस्थानी चित्रकला की एक प्रमुख शैली है, जो 17वीं शताब्दी में मेवाड़ (उदयपुर) में विकसित हुई। इसकी विशेषताएँ:

  • रंग योजना: गहरे लाल, नीले और सुनहरे रंगों का प्रभावी उपयोग।
  • विषय: रामायण, महाभारत, रागमाला और शाही दरबार के दृश्य।
  • चेहरे: आकृतियों के चेहरे प्रोफ़ाइल में दिखाए जाते हैं, जिनमें बड़ी आँखें और नुकीली नाक होती है।
  • पृष्ठभूमि: स्थापत्य तत्वों (महल, बगीचे) और प्रकृति का विस्तृत चित्रण।
  • प्रभाव: मुगल और जैन चित्रकला का मिश्रण।

बीकानेर शैली (विकल्प 2): यह शैली 17वीं शताब्दी में बीकानेर में विकसित हुई। इसकी विशेषताएँ:

  • मुगल प्रभाव: बारीक रेखाएँ, यथार्थवादी चित्रण और हल्के रंग।
  • विषय: पशु-पक्षी, शिकार के दृश्य, और संगीतमय रचनाएँ।
  • सजावट: सोने और चाँदी के पानी का उपयोग।
  • पृष्ठभूमि: सादी पृष्ठभूमि पर आकृतियों का स्पष्ट चित्रण।

प्रश्न 30

बंगाल शैली के उद्भव व विकास पर लेख लिखिए।

Write about the birth and development of Bengal School.

अथवा

अबनीन्द्रनाथ टागोर की कला पर निबन्ध लिखिए।

Write an essay on the art of Abnindranath Tagore.

बंगाल शैली का उद्भव व विकास (विकल्प 1): बंगाल शैली (बंगाल स्कूल) 20वीं शताब्दी के प्रारंभ में अबनीन्द्रनाथ टागोर और ई.बी. हैवेल के नेतृत्व में विकसित हुई। यह पश्चिमी शैली के प्रभाव के विरोध में भारतीय परंपरा को पुनर्जीवित करने का प्रयास था।

  • उद्भव: 1905 में कोलकाता में कला विद्यालय की स्थापना।
  • प्रेरणा: अजंता गुफा चित्र, मुगल लघु चित्रकला और जापानी कला।
  • विकास: नंदलाल बोस, असित कुमार हालदार और मुकुल डे जैसे कलाकारों ने इसे आगे बढ़ाया।
  • विशेषताएँ: कोमल रेखाएँ, मंद रंग, भारतीय पौराणिक और ऐतिहासिक विषय।

अबनीन्द्रनाथ टागोर की कला (विकल्प 2): अबनीन्द्रनाथ टागोर (1871-1951) बंगाल शैली के जनक माने जाते हैं। उनकी कला की विशेषताएँ:

  • शैली: भारतीय परंपरा और जापानी सुंदरता का मिश्रण।
  • प्रमुख कृतियाँ: "भारत माता", "शाहजहाँ की मृत्यु", "कृष्ण लीला" श्रृंखला।
  • तकनीक: जलरंग और पेस्टल रंगों का उपयोग, बारीक रेखाएँ।
  • विषय: राष्ट्रवादी भावना, पौराणिक कथाएँ और भावनात्मक दृश्य।
  • प्रभाव: उन्होंने भारतीय कला को पुनर्जीवित किया और कई शिष्यों को प्रशिक्षित किया।