RBSE Class 12th 2019 Public Administration-SS-06-D&D-2019 Previous Year Papers
Public Administration-SS-06-D&D-2019 from the 2019 exam year is part of the Class 12th previous year papers archive on RBSE Solution. Many learners start here after finishing the textbook to see how questions were actually framed on the Rajasthan Board of Secondary Education (RBSE) paper.
Treat this question paper as a mock under gentle timing first, then as a marking exercise the second time. The introduction on this page is written only for this subject-and-year pair, not copied from other pages.
Bookmark the link if you coach juniors — the layout stays stable for search engines and classroom sharing.
Paper details
Quick reference for this previous year papers page — confirm board, class, and year & subject before you study.
| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2019 |
| Subject | Public Administration-SS-06-D&D-2019 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
The table summarises this Previous Year Papers resource. Confirm RBSE, Class 12th, year 2019, and subject Public Administration-SS-06-D&D-2019 before studying.
RBSE Solution organises previous year papers so each URL carries chapter-specific guidance — better for students and for search engines than one generic paragraph for the whole class.
Turning 2019 papers into insight
One Public Administration-SS-06-D&D-2019 paper reveals style; several from the same year reveal pattern. After this page, open sibling subjects listed below to see whether marks cluster in certain units.
Keep rough work dated in your notebook. Examiners in Class 12th expect clear numbering even in practice sessions.
RBSE Class 12th 2019 Public Administration-SS-06-D&D-2019
Scroll through the Previous Year Papers pages for Public Administration-SS-06-D&D-2019 (2019).
Rajasthan Board Class 12th Public Administration-SS-06-D&D-2019 2019 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक (मूक - afer) परीक्षा, 2039
लोक प्रशासन
PUBLIC ADMINISTRATION
समय : 44 घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
- सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
- प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
- जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
- प्रश्न संख्या एवं अंक प्रत्येक प्रश्न उत्तर की शब्द सीमा:
- प्रश्न 1-8 : 2 अंक, 40 शब्द
- प्रश्न 9-27 : 4 अंक, 00 शब्द
- प्रश्न 28-30 : 6 अंक, 50 शब्द
- प्रश्न संख्या 28 से 30 में आन्तरिक विकल्प हैं।
नामांक Roll No. SIL.No. : ________
No. of Questions - 30 SS-06-Pub. Adm.(D & D)
No. of Printed Pages — 03
SS-06—Pub. Adm. (0 & 9) 352_
यहाँ से काटिए
प्रश्न पत्र को खोलने के लिए यहाँ फाड़ें
हि तट ©
[ Turn Over ]
खण्ड - अ'
-
"The Study of Administration" किसकी कृति है?
- अ) वुडरो विल्सन
- ब) फैबियन
- स) डब्ल्यू. डी. व्हाइट
- द) डिमॉक
उत्तर: अ) वुडरो विल्सन
वुडरो विल्सन को लोक प्रशासन का जनक माना जाता है और उन्होंने 1887 में "The Study of Administration" नामक निबंध लिखा था।
-
भारत में बजट सर्वप्रथम कब प्रस्तुत किया गया था?
- अ) 1860
- ब) 1870
- स) 1890
- द) 1900
उत्तर: अ) 1860
भारत में पहला बजट 1860 में जेम्स विल्सन द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
-
अंग्रेजी शब्द ब्यूरोक्रेसी किस भाषा के शब्द से उत्पन्न हुआ है?
- अ) जर्मन
- ब) फ्रेंच
- स) स्पेनिश
- द) रूसी
उत्तर: ब) फ्रेंच
ब्यूरोक्रेसी शब्द फ्रेंच भाषा के 'bureau' (डेस्क) और ग्रीक 'kratos' (शासन) से मिलकर बना है।
-
ब्रिक्स (BRICS) संगठन में कौनसा देश शामिल नहीं है?
- अ) रूस
- ब) चीन
- स) भारत
- द) इंडोनेशिया
उत्तर: द) इंडोनेशिया
BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इंडोनेशिया इसका सदस्य नहीं है।
-
लोक प्रशासन विषय का जनक किसे माना जाता है?
उत्तर: वुडरो विल्सन को लोक प्रशासन का जनक माना जाता है।
-
POSDCORB विचारधारा के प्रतिपादक कौन है?
उत्तर: लूथर गुलिक और लिंडल उर्विक ने POSDCORB का प्रतिपादन किया था।
-
तुलनात्मक लोक प्रशासन की परिभाषा बताइए।
उत्तर: तुलनात्मक लोक प्रशासन विभिन्न देशों की प्रशासनिक प्रणालियों, संरचनाओं और प्रक्रियाओं का तुलनात्मक अध्ययन है। इसका उद्देश्य प्रशासनिक सिद्धांतों और व्यवहारों में समानताएं और अंतर खोजना है।
-
संविधान की किस अनुसूची में शक्तियों का विभाजन किया गया है?
उत्तर: संविधान की सातवीं अनुसूची में केंद्र, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से शक्तियों का विभाजन किया गया है।
-
सामान्यज्ञ लोक सेवक से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: सामान्यज्ञ लोक सेवक वह होता है जिसके पास प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों का सामान्य ज्ञान होता है और वह विभिन्न विभागों में कार्य करने में सक्षम होता है, जैसे IAS अधिकारी।
-
भारत में बजट किस अनुच्छेद के तहत प्रस्तुत किया जाता है?
उत्तर: भारत में बजट अनुच्छेद 112 के तहत संसद में प्रस्तुत किया जाता है।
खण्ड - 'ब'
-
विभेदात्मक मजदूरी दर प्रणाली क्या है?
उत्तर: विभेदात्मक मजदूरी दर प्रणाली वह प्रणाली है जिसमें विभिन्न कर्मचारियों को उनकी योग्यता, कार्य क्षमता और उत्पादकता के आधार पर अलग-अलग मजदूरी दरें दी जाती हैं।
-
तुलनात्मक लोक प्रशासन का उद्देश्य बताइए।
उत्तर: तुलनात्मक लोक प्रशासन का उद्देश्य विभिन्न देशों की प्रशासनिक प्रणालियों की तुलना करके सर्वोत्तम प्रथाओं को खोजना, प्रशासनिक सिद्धांतों का विकास करना और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देना है।
-
लाभांश बजट से क्या तात्पर्य है?
उत्तर: लाभांश बजट वह बजट है जिसमें सरकार की आय व्यय से अधिक होती है, अर्थात सरकार को बचत या अधिशेष प्राप्त होता है।
-
अप्रत्यक्ष भर्ती के विभिन्न प्रकारों के नाम बतलाइए।
उत्तर: अप्रत्यक्ष भर्ती के प्रकार हैं: (1) लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती, (2) संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के माध्यम से, (3) राज्य लोक सेवा आयोगों के माध्यम से, और (4) कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से भर्ती।
-
हर्बट साइमन ने निर्णय प्रक्रिया के कौन-कौन से चरण बताए हैं?
उत्तर: हर्बट साइमन ने निर्णय प्रक्रिया के तीन चरण बताए हैं: (1) खुफिया गतिविधि (Intelligence Activity) - समस्या की पहचान, (2) डिजाइन गतिविधि (Design Activity) - विकल्पों का विकास, और (3) चयन गतिविधि (Choice Activity) - सर्वोत्तम विकल्प का चयन।
-
अनुदान की माँग से क्या आशय है?
उत्तर: अनुदान की माँग वह प्रक्रिया है जिसमें सरकार के विभिन्न मंत्रालय और विभाग अपने खर्चों के लिए संसद से धन की मांग करते हैं। यह बजट प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
-
प्रशिक्षण के कोई दो प्रमुख उद्देश्य बताइए।
उत्तर: प्रशिक्षण के दो प्रमुख उद्देश्य हैं: (1) कर्मचारियों की कार्य क्षमता और दक्षता में वृद्धि करना, और (2) उन्हें नई तकनीकों और प्रक्रियाओं से अवगत कराना।
-
प्रशासन के संघात्मक स्वरूप से क्या आशय है?
उत्तर: प्रशासन के संघात्मक स्वरूप से आशय है कि प्रशासनिक शक्तियां केंद्र और राज्य सरकारों के बीच संवैधानिक रूप से विभाजित होती हैं, जहां दोनों स्तरों पर स्वतंत्र प्रशासनिक व्यवस्था होती है।
खण्ड - 'अ'
-
लोक प्रशासन के विकास के प्रथम चरण का वर्णन कीजिए। [4]
लोक प्रशासन के विकास का प्रथम चरण (1887-1926) 'प्रशासन-राजनीति पृथक्करण' का काल माना जाता है। इस चरण में वुडरो विल्सन, फ्रैंक जे. गुडनाउ, एल.डी. व्हाइट आदि विद्वानों ने प्रशासन को राजनीति से अलग करने पर बल दिया। इस चरण की प्रमुख विशेषता यह थी कि प्रशासन को एक तटस्थ, कुशल और वैज्ञानिक उपकरण के रूप में देखा गया, जो राजनीतिक नेतृत्व द्वारा निर्धारित नीतियों को लागू करता है। विल्सन ने अपने प्रसिद्ध लेख 'द स्टडी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन' (1887) में प्रशासन को राजनीति से पृथक करने का आह्वान किया।
-
संप्रेषण की प्रक्रिया का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। [4]
संप्रेषण (Communication) एक दो-तरफा प्रक्रिया है जिसमें प्रेषक (Sender) अपने विचारों को संदेश (Message) में बदलकर किसी माध्यम (Channel) के द्वारा प्राप्तकर्ता (Receiver) तक पहुँचाता है और प्राप्तकर्ता प्रतिपुष्टि (Feedback) देता है। इस प्रक्रिया के प्रमुख चरण हैं: (1) विचार निर्माण, (2) संदेश का कूटीकरण (Encoding), (3) माध्यम का चयन, (4) संदेश का प्रेषण, (5) संदेश का विकूटीकरण (Decoding), (6) प्राप्तकर्ता द्वारा समझना, और (7) प्रतिपुष्टि। प्रभावी संप्रेषण के लिए स्पष्टता, संक्षिप्तता और उपयुक्त माध्यम का चयन आवश्यक है।
-
विकास प्रशासन व प्रशासनिक विकास में अंतर स्पष्ट कीजिए। [4]
विकास प्रशासन (Development Administration) और प्रशासनिक विकास (Administrative Development) में निम्नलिखित अंतर हैं:
- विकास प्रशासन: इसका तात्पर्य उन प्रशासनिक तंत्रों, नीतियों और कार्यक्रमों से है जो राष्ट्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने के लिए बनाए जाते हैं। यह विकास के लक्ष्यों को प्राप्त करने पर केंद्रित है।
- प्रशासनिक विकास: इसका अर्थ प्रशासनिक तंत्र की क्षमता, दक्षता और प्रभावशीलता में सुधार लाना है। इसमें प्रशासनिक संरचना, प्रक्रियाओं, कार्मिकों और तकनीकों का आधुनिकीकरण शामिल है।
सरल शब्दों में, विकास प्रशासन 'क्या करना है' (विकास लक्ष्य) से संबंधित है, जबकि प्रशासनिक विकास 'कैसे करना है' (प्रशासनिक क्षमता) से संबंधित है।
-
लोक लेखा समिति के संगठन एवं कार्यों का उल्लेख कीजिए। [4]
संगठन: लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) भारतीय संसद की एक स्थायी समिति है। इसमें 22 सदस्य होते हैं - 15 लोकसभा से और 7 राज्यसभा से। सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति से एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है। समिति का अध्यक्ष लोकसभा के सदस्यों में से ही होता है, और परंपरानुसार विपक्ष का कोई वरिष्ठ सदस्य अध्यक्ष बनता है। मंत्री इस समिति के सदस्य नहीं बन सकते।
कार्य: (1) भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों की जांच करना। (2) यह देखना कि सरकार द्वारा धन का विनियोग संसद द्वारा स्वीकृत उद्देश्यों के अनुसार हुआ है या नहीं। (3) वित्तीय अनियमितताओं और अपव्यय को उजागर करना। (4) सरकारी खातों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना।
-
किन्हीं चार संवैधानिक निकायों के नाम तथा उनसे संबंधित संवैधानिक प्रावधानों का वर्णन कीजिए। [4]
चार प्रमुख संवैधानिक निकाय और उनसे संबंधित प्रावधान इस प्रकार हैं:
- निर्वाचन आयोग (अनुच्छेद 324): यह एक स्वतंत्र निकाय है जो संसद, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन, पर्यवेक्षण और नियंत्रण के लिए उत्तरदायी है।
- संघ लोक सेवा आयोग (अनुच्छेद 315-323): यह केंद्रीय सेवाओं के लिए भर्ती परीक्षाओं का आयोजन करता है और सेवा शर्तों, अनुशासन आदि पर सरकार को सलाह देता है।
- नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (अनुच्छेद 148-151): यह भारत सरकार और राज्य सरकारों के सभी खातों का लेखा-परीक्षण करता है और अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति/राज्यपाल को प्रस्तुत करता है।
- राज्यपाल (अनुच्छेद 153-162): राज्य का संवैधानिक प्रमुख, जो राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया जाता है। वह राज्य सरकार के गठन, विधानमंडल के सत्र आहूत करने, अध्यादेश जारी करने आदि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
-
अब्राहम मास्लो के आवश्यकता पद सोपान का वर्णन कीजिए। [4]
अब्राहम मास्लो ने मानवीय आवश्यकताओं का एक पदानुक्रम (Hierarchy of Needs) प्रस्तुत किया, जिसमें निम्नलिखित पाँच स्तर हैं:
- शारीरिक आवश्यकताएँ (Physiological Needs): भोजन, पानी, वायु, नींद, आश्रय आदि बुनियादी ज़रूरतें।
- सुरक्षा आवश्यकताएँ (Safety Needs): शारीरिक सुरक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, संपत्ति की सुरक्षा।
- सामाजिक आवश्यकताएँ (Social Needs): प्रेम, अपनापन, मित्रता, परिवार, समुदाय से जुड़ाव।
- सम्मान आवश्यकताएँ (Esteem Needs): आत्म-सम्मान, दूसरों से सम्मान, प्रतिष्ठा, उपलब्धि।
- आत्म-साक्षात्कार (Self-Actualization): अपनी पूर्ण क्षमता को प्राप्त करना, रचनात्मकता, समस्या-समाधान।
मास्लो के अनुसार, निचले स्तर की आवश्यकताएँ पूरी होने के बाद ही व्यक्ति उच्च स्तर की आवश्यकताओं की ओर बढ़ता है।
-
सामान्यज्ञ एवं विशेषज्ञ के मध्य अन्तर स्पष्ट कीजिए। [4]
सामान्यज्ञ (Generalist) और विशेषज्ञ (Specialist) में निम्नलिखित अंतर हैं:
- सामान्यज्ञ: यह व्यापक दृष्टिकोण रखता है और प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करने में सक्षम होता है। इसे प्रशासनिक सामान्यज्ञ (जैसे IAS अधिकारी) कहा जाता है। यह नीति निर्माण, समन्वय और समग्र प्रबंधन में दक्ष होता है।
- विशेषज्ञ: यह किसी विशिष्ट क्षेत्र (जैसे इंजीनियरिंग, चिकित्सा, वित्त) में गहन ज्ञान और कौशल रखता है। यह तकनीकी मामलों में विशेषज्ञता प्रदान करता है और अपने क्षेत्र से संबंधित निर्णयों में सहायता करता है।
सामान्यज्ञ का दायरा व्यापक होता है जबकि विशेषज्ञ का गहरा। आधुनिक प्रशासन में दोनों की भूमिका महत्वपूर्ण है और इनके बीच समन्वय आवश्यक है।
-
राज्य नियोजना विभाग के प्रमुख कार्यों का वर्णन कीजिए। [4]
राज्य नियोजना विभाग के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:
- राज्य की पंचवर्षीय योजनाओं और वार्षिक योजनाओं का निर्माण करना।
- विभिन्न विभागों की योजनाओं का समन्वय करना और उन्हें राज्य की प्राथमिकताओं के अनुरूप ढालना।
- योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी और मूल्यांकन करना।
- राज्य के संसाधनों का आकलन करना और योजनाओं के लिए वित्तीय आवंटन तैयार करना।
- नीति आयोग और केंद्र सरकार के साथ समन्वय स्थापित करना।
- आर्थिक सर्वेक्षण और अन्य सांख्यिकीय रिपोर्ट तैयार करना।
-
मंत्री-लोक सेवक विवादों को दूर करने के लिए कुछ प्रमुख सुझाव दीजिए। [4]
मंत्री और लोक सेवकों (सिविल सेवकों) के बीच विवादों को दूर करने के लिए निम्नलिखित सुझाव दिए जा सकते हैं:
- भूमिकाओं का स्पष्ट निर्धारण: मंत्री नीति निर्धारण करें और लोक सेवक उसे लागू करें - इस सिद्धांत का पालन होना चाहिए।
- पारस्परिक सम्मान: दोनों पक्षों को एक-दूसरे की विशेषज्ञता और अनुभव का सम्मान करना चाहिए।
- प्रभावी संवाद: नियमित बैठकों और खुले संवाद से गलतफहमियाँ दूर हो सकती हैं।
- लिखित निर्देश: महत्वपूर्ण निर्णय और निर्देश लिखित रूप में दिए जाने चाहिए।
- मध्यस्थता तंत्र: विवादों के समाधान के लिए एक स्वतंत्र मध्यस्थता तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए।
- प्रशिक्षण: दोनों पक्षों को संवैधानिक मूल्यों और प्रशासनिक नैतिकता का प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए।
खण्ड - 'ब'
-
हेनरी फेयॉल के प्रबन्धकीय योगदान का सं