RBSE Class 12th 2020 -SS-42-2020 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2020 |
| Subject | -SS-42-2020 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2020 -SS-42-2020
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Rajasthan Board Class 12th -SS-42-2020 2020 solved Previous Year Question Papers
जीव विज्ञान (BIOLOGY)
उच्च माध्यमिक पूरक परीक्षा, 2020
समय : ३ घण्टे १५ मिनट | पूर्णांक : 56
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आंतरिक खंड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
No. of Questions — 30 | No. of Printed Pages — 8 | SS-42-Bio. (Supp.)
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परीक्षा निर्देश (Exam Instructions)
(5) प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि/अंतर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें ।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
(6) खण्ड प्रश्न संख्या अंक प्रत्येक प्रश्न
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | अंक प्रत्येक प्रश्न (Marks per question) |
|---|---|---|
| A | 1-3 | 1 |
| B | 4-24 | 2 |
| C | 25-27 | 3 |
| D | 28-30 | 4 |
(7) प्रश्न क्रमांक 4, 27, 28, 29 व 30 में आन्तरिक विकल्प हैं ।
Question Nos. 4, 27, 28, 29 and 30 have internal choices.
SS-42-Bio. (Supp.)
खण्ड-अ / Section—A
-
प्रोटैन्ड्री को परिभाषित कीजिए।
Define Protandry.उत्तर: प्रोटैन्ड्री वह स्थिति है जिसमें किसी पुष्प के पुंकेसर (नर भाग) स्त्रीकेसर (मादा भाग) के परिपक्व होने से पहले ही परिपक्व हो जाते हैं, जिससे स्व-परागण रुक जाता है।
Answer: Protandry is a condition in which the stamens (male parts) of a flower mature before the pistil (female part), preventing self-pollination. -
सक्रियण ऊर्जा किसे कहते हैं?
What is activation energy?उत्तर: सक्रियण ऊर्जा वह न्यूनतम ऊर्जा है जो अभिकारकों को रासायनिक अभिक्रिया प्रारंभ करने के लिए प्राप्त करनी होती है।
Answer: Activation energy is the minimum energy that reactants must acquire to start a chemical reaction. -
पादप में पुष्पन को प्रेरित करने वाले हार्मोन का नाम लिखिए।
Write name of hormones which activate flowering in plant.उत्तर: फ्लोरिजन (Florigen) / फ्लॉवरिंग हार्मोन।
Answer: Florigen (Flowering hormone). -
उस तकनीक का नाम लिखिए जिसमें DNA खण्डों को नाइट्रोसेल्युलोज फिल्टर पेपर पर स्थानान्तरित किया जाता है।
Write name of the technique in which DNA fragment is transferred on the nitrocellulose filter paper.उत्तर: सदर्न ब्लॉटिंग (Southern blotting)।
Answer: Southern blotting. -
"गोल्डन राइस" में किस विटामिन की प्रचुरता पायी जाती है?
Abundance of which vitamins found in "Golden Rice".उत्तर: विटामिन A (बीटा-कैरोटीन के रूप में)।
Answer: Vitamin A (as beta-carotene). -
मानव रुधिर में यूरिक अम्ल की अधिकता के कारण कौन सा रोग हो जाता है?
Which disease is caused by increase in uric acid in human blood?उत्तर: गठिया (गाउट / Gout)।
Answer: Gout. -
कौन सी ग्रंथि को "लैंगिक जैविक घड़ी" कहा जाता है?
Which gland is called "Sexual Biological Clock"?उत्तर: पीयूष ग्रंथि (पिट्यूटरी ग्रंथि / Pituitary gland)।
Answer: Pituitary gland. -
दूर-दृष्टि दोष निवारण हेतु उपयुक्त लेंस का नाम लिखिए।
Write name of lens suitable for correction of hypermetropia.उत्तर: उत्तल लेंस (Convex lens)।
Answer: Convex lens.
9. रेशम कीट की कोई दो जातियों का वैज्ञानिक नाम लिखिये।
Write scientific name of any two species of silk worm.
उत्तर / Answer:
- Bombyx mori (मलबेरी रेशम कीट)
- Antheraea assamensis (मूगा रेशम कीट)
(अन्य वैध जातियाँ जैसे Antheraea mylitta, Philosamia ricini भी स्वीकार्य हैं।)
10. एपिथेम किसे कहते है?
What is Epithem?
उत्तर / Answer: एपिथेम पादपों में हाइडेथोड (जलरन्ध्र) के नीचे पाया जाने वाला एक विशेष ऊतक है, जो कोशिकाओं का समूह होता है। यह जल एवं खनिज लवणों के स्राव में सहायता करता है।
11. काउपर ग्रंथि का एक कार्य लिखिए।
Write a function of Cowper’s Gland.
उत्तर / Answer: काउपर ग्रंथि (बल्बोयूरेथ्रल ग्रंथि) एक क्षारीय स्राव उत्पन्न करती है जो मूत्रमार्ग को चिकना करता है और शुक्राणुओं के लिए अनुकूल क्षारीय वातावरण प्रदान करता है, जिससे योनि की अम्लता निष्प्रभावी होती है।
12. अण्डाणु की सतह पर पाये जाने वाले रासायनिक पदार्थ का नाम लिखिए।
Write name of the Chemical substance found on surface of Ovum.
उत्तर / Answer: अण्डाणु की सतह पर पाया जाने वाला रासायनिक पदार्थ हायलूरोनिक अम्ल (Hyaluronic acid) है। यह कोरोना रेडिएटा कोशिकाओं के बीच उपस्थित होता है।
13. उत्प्रवास एवं आप्रवासन को परिभाषित कीजिए।
Define Emigration and Immigration.
उत्तर / Answer:
- उत्प्रवास (Emigration): किसी जीव या जनसंख्या का अपने मूल स्थान से बाहर किसी अन्य स्थान पर स्थायी रूप से जाना उत्प्रवास कहलाता है।
- आप्रवासन (Immigration): किसी जीव या जनसंख्या का किसी अन्य स्थान से आकर किसी नए क्षेत्र में स्थायी रूप से बस जाना आप्रवासन कहलाता है।
खण्ड-ब / SECTION - B
4. (i) मूल दाब किसे कहते है?
(ii) वाष्पोत्सर्जन खिंचाव सिद्धान्त के प्रमुख दो लक्षण लिखिए।
अथवा / OR
(i) वाष्पोत्सर्जन किसे कहते है?
(ii) स्पंदन सिद्धान्त को समझाइये।
उत्तर / Answer (पहला विकल्प):
(i) मूल दाब (Root Pressure): जड़ों द्वारा मृदा से जल एवं खनिज लवणों को सक्रिय रूप से अवशोषित करके जाइलम वाहिकाओं में धकेलने से उत्पन्न दाब को मूल दाब कहते हैं। यह दाब जल को तने में ऊपर चढ़ाने में सहायक होता है।
(ii) वाष्पोत्सर्जन खिंचाव सिद्धान्त (Transpiration Pull Theory) के प्रमुख दो लक्षण:
- यह सिद्धांत जल के अणुओं के मध्य ससंजक बल (Cohesion) तथा जाइलम भित्ति के साथ आसंजक बल (Adhesion) पर आधारित है।
- पत्तियों से वाष्पोत्सर्जन के कारण जल स्तंभ में तनाव (Tension) उत्पन्न होता है, जो जल को जड़ों से पत्तियों तक खींचता है।
उत्तर / Answer (दूसरा विकल्प - OR):
(i) वाष्पोत्सर्जन (Transpiration): पादपों द्वारा अपनी सतह से जल का वाष्प के रूप में निष्कासन वाष्पोत्सर्जन कहलाता है। यह मुख्यतः पत्तियों के रन्ध्रों (Stomata) द्वारा होता है।
(ii) स्पंदन सिद्धान्त (Pulsation Theory): यह सिद्धांत जे.सी. बोस (J.C. Bose) द्वारा प्रतिपादित किया गया। इसके अनुसार जाइलम वाहिकाओं में जीवित कोशिकाएं लयबद्ध रूप से स्पंदन (धड़कन) करती हैं, जिससे जल स्तंभ ऊपर की ओर गति करता है। यह स्पंदन जल के ऊर्ध्वाधर परिवहन में सहायक होता है।
5. पुनर्योगज डी.एन.ए. प्रौद्योगिकी किसे कहते है? इसके प्रमुख चरण लिखिए।
What is recombinant DNA technology? Write its main steps.
उत्तर / Answer:
पुनर्योगज डी.एन.ए. प्रौद्योगिकी (Recombinant DNA Technology): यह एक जैव प्रौद्योगिकी तकनीक है जिसमें विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डी.एन.ए. खंडों को काटकर (एंजाइमों की सहायता से) एक वाहक (जैसे प्लाज्मिड) में जोड़ा जाता है, जिससे पुनर्योगज डी.एन.ए. अणु बनता है। इसका उपयोग वांछित जीन को किसी जीव में प्रविष्ट कराने के लिए किया जाता है।
प्रमुख चरण (Main Steps):
- लक्ष्य जीन का पृथक्करण (Isolation of target gene): वांछित जीन को किसी जीव के जीनोम से अलग किया जाता है।
- वाहक का चयन एवं काटना (Selection and cutting of vector): एक उपयुक्त वाहक (जैसे प्लाज्मिड) को रेस्ट्रिक्शन एंजाइम द्वारा काटा जाता है।
- जीन का वाहक में जुड़ना (Ligation): लक्ष्य जीन को डी.एन.ए. लाइगेज एंजाइम की सहायता से कटे हुए वाहक में जोड़ा जाता है, जिससे पुनर्योगज डी.एन.ए. बनता है।
- परपोषी कोशिका में प्रवेश (Transformation): इस पुनर्योगज डी.एन.ए. को किसी परपोषी कोशिका (जैसे जीवाणु) में प्रविष्ट कराया जाता है।
- चयन एवं अभिव्यक्ति (Selection and Expression): परपोषी कोशिकाओं का चयन किया जाता है जिनमें पुनर्योगज डी.एन.ए. सफलतापूर्वक पहुंच गया है, और फिर वांछित जीन की अभिव्यक्ति (प्रोटीन निर्माण) प्राप्त की जाती है।
SS-42-Bio. (Supp.)
16. जीन स्थानान्तरण की “जीन गन” विधि का वर्णन कीजिए।
Describe “Gene Gun” method of Gene transfer.
जीन गन विधि (Gene Gun Method): यह एक भौतिक विधि है जिसमें सोने या टंगस्टन के सूक्ष्म कणों (माइक्रोप्रोजेक्टाइल्स) पर वांछित जीन को लेपित किया जाता है। इन कणों को उच्च दाब वाली गैस (जैसे हीलियम) या विद्युत निर्वहन की सहायता से तीव्र गति से कोशिकाओं में प्रवेश कराया जाता है। यह विधि विशेष रूप से पादप कोशिकाओं (जैसे मक्का, चावल) और कुछ जंतु कोशिकाओं में जीन स्थानांतरण के लिए उपयोगी है। इसके बाद कोशिकाएं संवर्धित की जाती हैं और ट्रांसजेनिक पादप विकसित किए जाते हैं।
17. खीस (कोलॉस्ट्रम) को परिभाषित कीजिए। माँ के दूध में पाये जाने वाले प्रतिरक्षी का नाम लिखिए।
Define the Colostrum. Write name of the antibody found in mother’s milk.
खीस (कोलॉस्ट्रम): यह प्रसव के तुरंत बाद माँ के स्तनों से निकलने वाला पीला, गाढ़ा द्रव है। यह पहले कुछ दिनों तक स्रावित होता है और इसमें उच्च मात्रा में प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), प्रोटीन, विटामिन और खनिज होते हैं। यह नवजात शिशु को निष्क्रिय प्रतिरक्षा प्रदान करता है।
माँ के दूध में पाया जाने वाला प्रतिरक्षी: IgA (इम्युनोग्लोबुलिन A) – विशेष रूप से स्रावी IgA (Secretory IgA) जो शिशु के आंतों और श्वसन मार्ग में संक्रमण से रक्षा करता है।
18. एंजाइम क्रियाविधि के प्रेरित आसंजन सिद्धान्त को समझाइये।
Explain the induced fit theory of enzyme action.
प्रेरित आसंजन सिद्धांत (Induced Fit Theory): यह सिद्धांत डैनियल कोशलैंड (Daniel Koshland) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इसके अनुसार, एंजाइम का सक्रिय स्थल (Active site) पूरी तरह से कठोर नहीं होता, बल्कि लचीला होता है। जब सब्सट्रेट एंजाइम से जुड़ता है, तो एंजाइम की आकृति में परिवर्तन (प्रेरित परिवर्तन) होता है, जिससे सक्रिय स्थल सब्सट्रेट के चारों ओर कसकर फिट हो जाता है। यह एक "हाथ और दस्ताने" (Hand and Glove) मॉडल के विपरीत, "हाथ और दस्ताने जो हाथ डालने पर आकार बदलता है" जैसा है। इससे एंजाइम-सब्सट्रेट कॉम्प्लेक्स अधिक स्थिर बनता है और अभिक्रिया की दर बढ़ जाती है।
19. मनुष्य में कोरकपुटी के निर्माण को समझाइये।
Explain formation of blastocyst in human.
कोरकपुटी (ब्लास्टोसिस्ट) का निर्माण: निषेचन के बाद, युग्मनज (Zygote) विभाजित होकर मोरुला (Morula) बनाता है। मोरुला गर्भाशय की ओर बढ़ता है और इसमें एक द्रव से भरी गुहा (ब्लास्टोसील) विकसित होती है, जिसे अब ब्लास्टोसिस्ट कहते हैं। ब्लास्टोसिस्ट में दो प्रकार की कोशिकाएँ होती हैं:
- ट्रोफोब्लास्ट (Trophoblast): बाहरी कोशिका स्तर, जो गर्भाशय की दीवार में प्रत्यारोपण (इम्प्लांटेशन) और प्लेसेंटा के निर्माण में सहायक होता है।
- आंतरिक कोशिका द्रव्यमान (Inner Cell Mass): अंदर की कोशिकाएँ, जो भ्रूण (Embryo) का निर्माण करती हैं।
यह ब्लास्टोसिस्ट गर्भाशय की दीवार में प्रत्यारोपित होता है और आगे विकसित होता है।
20. भाग — A में पादप का नाम और भाग — B में इससे संबंधित उन्नत किस्में हैं। निम्न को सुमेलित कीजिए:
Part — A contains the plant name and Part — B contains their related improved varieties. Match the following:
| भाग - A (Part - A) | भाग - B (Part - B) |
|---|---|
| (A) सरसों (Mustard) | (i) चन्द्रलक्ष्य (Chandralakshay) |
| (B) नारियल (Coconut) | (ii) पूसा कल्याणी (Pusa Kalyani) |
| (C) कपास (Cotton) | (iii) गिरनार (Girnar) |
| (D) मूँगफली (Groundnut) | (iv) सुजाता (Sujata) |
सही सुमेलन (Correct Matching):
- (A) सरसों (Mustard) — (ii) पूसा कल्याणी (Pusa Kalyani)
- (B) नारियल (Coconut) — (i) चन्द्रलक्ष्य (Chandralakshay)
- (C) कपास (Cotton) — (iii) गिरनार (Girnar)
- (D) मूँगफली (Groundnut) — (iv) सुजाता (Sujata)
व्याख्या: पूसा कल्याणी सरसों की उन्नत किस्म है, चन्द्रलक्ष्य नारियल की, गिरनार कपास की, और सुजाता मूँगफली की उन्नत किस्म है।
खण्ड-स (SECTION — C)
21. किन्हीं दो जैव-उर्वरकों का वर्णन कीजिए।
Describe any two Bio-fertilizers.
जैव-उर्वरक (Bio-fertilizers) वे जीवित सूक्ष्मजीव हैं जो मिट्टी में पोषक तत्वों की उपलब्धता बढ़ाते हैं। दो प्रमुख जैव-उर्वरक निम्नलिखित हैं:
- राइजोबियम (Rhizobium): यह जीवाणु फलीदार पौधों की जड़ों में ग्रंथियाँ बनाकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है, जिससे पौधों को नाइट्रोजन प्राप्त होती है।
- एजोस्पाइरिलम (Azospirillum): यह जीवाणु गैर-फलीदार पौधों (जैसे गेहूँ, मक्का) की जड़ों के आसपास रहकर नाइट्रोजन स्थिरीकरण करता है और पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
22. इरिश्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस रोग किसे कहते हैं? समझाइए।
What is Erythroblastosis foetalis? Explain.
इरिश्रोब्लास्टोसिस फीटेलिस (Erythroblastosis foetalis) एक गंभीर रक्त विकार है जो नवजात शिशुओं में Rh असंगति के कारण होता है। यह तब उत्पन्न होता है जब Rh-निगेटिव माँ का Rh-पॉजिटिव भ्रूण से रक्त संपर्क होता है। माँ का शरीर Rh एंटीजन के विरुद्ध एंटीबॉडी बनाता है, जो दूसरी गर्भावस्था में भ्रूण की लाल रक्त कोशिकाओं को नष्ट कर देती हैं, जिससे गंभीर एनीमिया, पीलिया और हाइड्रॉप्स फीटेलिस हो सकता है।
23. उपार्जित प्रतिरक्षा किसे कहते हैं? इसके प्रकारों के नाम लिखिए।
What is Acquired immunity? Write name of its types.
उपार्जित प्रतिरक्षा (Acquired immunity) वह प्रतिरक्षा है जो जीवनकाल में किसी रोगजनक के संपर्क में आने या टीकाकरण के बाद विकसित होती है। यह विशिष्ट और स्मृति-आधारित होती है। इसके दो प्रकार हैं:
- सक्रिय प्रतिरक्षा (Active immunity): जब शरीर स्वयं एंटीबॉडी बनाता है (जैसे संक्रमण या टीके से)।
- निष्क्रिय प्रतिरक्षा (Passive immunity): जब तैयार एंटीबॉडी बाहर से दी जाती है (जैसे माँ के दूध या एंटीसेरम से)।
24. अपूर्ण प्रभाविता का उदाहरण सहित वर्णन कीजिए।
Explain with example the incomplete dominance.
अपूर्ण प्रभाविता (Incomplete dominance) वह आनुवंशिक स्थिति है जिसमें कोई भी एलील पूरी तरह प्रभावी नहीं होता, और संकर (F1) पीढ़ी में माता-पिता दोनों के लक्षणों का मध्यवर्ती रूप दिखाई देता है।
उदाहरण: स्नैपड्रैगन (गुलाब) फूल में, लाल (RR) और सफेद (rr) फूलों के संकरण से F1 पीढ़ी में गुलाबी (Rr) फूल प्राप्त होते हैं। F2 पीढ़ी में 1 लाल : 2 गुलाबी : 1 सफेद का अनुपात होता है।
25. (i) पादपों में कितने प्रकार के भ्रूणपोष होते हैं? नाम लिखिए।
(i) How many types of endosperm are found in plant? Write the name.
पादपों में भ्रूणपोष (endosperm) तीन प्रकार के होते हैं:
- केन्द्रकीय भ्रूणपोष (Nuclear endosperm)
- कोशिकीय भ्रूणपोष (Cellular endosperm)
- हेलोबियल भ्रूणपोष (Helobial endosperm)
(ii) भ्रूणपोष का कार्य लिखिए।
(ii) Write function of Endosperm.
भ्रूणपोष (endosperm) का मुख्य कार्य विकासशील भ्रूण को पोषण प्रदान करना है। यह भ्रूण के अंकुरण तक आवश्यक पोषक तत्वों (जैसे स्टार्च, प्रोटीन, वसा) का भंडारण करता है।
(iii) केन्द्रकीय भ्रूणपोष का नामांकित चित्र बनाइए।
(iii) Draw labelled diagram of nuclear endosperm.
केन्द्रकीय भ्रूणपोष (Nuclear endosperm) में प्रारंभ में केन्द्रकों का विभाजन कोशिका भित्ति निर्माण के बिना होता है, जिससे बहुकेन्द्रकीय द्रव्य बनता है। बाद में कोशिका भित्ति बनती है। चित्र में निम्नलिखित भाग दर्शाए जाते हैं:
- भ्रूणकोश (Embryo sac)
- बहुकेन्द्रकीय भ्रूणपोष (Multinucleate endosperm)
- भ्रूण (Embryo)
- एंटीपोडल कोशिकाएँ (Antipodal cells)
- सिनर्जिड कोशिकाएँ (Synergid cells)
(चित्र में केन्द्रकीय भ्रूणपोष का एक सरल रेखाचित्र बनाकर उपरोक्त भागों को नामांकित करें।)
26. जीन विनिमय का सचित्र वर्णन कीजिए।
Describe crossing over with diagram.
जीन विनिमय (Crossing over) वह प्रक्रिया है जिसमें अर्धसूत्री विभाजन के प्रोफेज-I के पैकीटीन अवस्था में समजात गुणसूत्रों के बीच आनुवंशिक पदार्थ का आदान-प्रदान होता है। इससे नए जीन संयोजन बनते हैं, जो आनुवंशिक विविधता का कारण हैं।
प्रक्रिया:
- समजात गुणसूत्र जोड़े बनाते हैं (सिनैप्सिस)।
- गैर-बहन क्रोमैटिड्स के बीच काइआस्मा (chiasmata) बनता है।
- काइआस्मा पर गुणसूत्र खंड टूटकर आपस में जुड़ जाते हैं।
- इससे पुनर्संयोजन (recombination) होता है।
(चित्र में दो समजात गुणसूत्रों को दर्शाएँ, जिनमें काइआस्मा पर जीन विनिमय हो रहा हो।)
27. परासरण क्रिया को परिभाषित कीजिए | इसके प्रदर्शन हेतु एक प्रयोग का वर्णन कीजिए | (1+2=3)
परासरण (Osmosis) की परिभाषा: परासरण वह प्रक्रिया है जिसमें विलायक (जल) के अणु अर्धपारगम्य झिल्ली के माध्यम से कम सांद्रता वाले विलयन से अधिक सांद्रता वाले विलयन की ओर गति करते हैं, जब तक कि दोनों ओर सांद्रता बराबर न हो जाए।
प्रदर्शन हेतु प्रयोग (थैल्समैन प्रयोग):
- एक कच्चे अंडे को सिरके में रखकर उसका कैल्शियम कार्बोनेट का खोल हटा दें, जिससे अंडे के चारों ओर केवल अर्धपारगम्य झिल्ली बचे।
- इस अंडे को शुद्ध जल में रखें। कुछ समय बाद अंडा फूल जाएगा (अंतर्बाही परासरण) क्योंकि जल के अणु झिल्ली के माध्यम से अंडे के अंदर चले जाते हैं।
- अब इसी अंडे को सांद्र नमक के विलयन में रखें। कुछ समय बाद अंडा सिकुड़ जाएगा (बहिर्बाही परासरण) क्योंकि जल के अणु अंडे से बाहर निकल जाते हैं।
इस प्रयोग से परासरण क्रिया का प्रदर्शन होता है।
अथवा
पौधों में जल अवशोषण की क्रियाविधि का वर्णन कीजिए | मूल शीर्ष की संरचना का नामांकित चित्र बनाइये | (2+1=3)
पौधों में जल अवशोषण की क्रियाविधि: पौधों में जल अवशोषण मुख्यतः जड़ों द्वारा होता है। यह दो प्रकार से होता है:
- निष्क्रिय अवशोषण: इसमें जल का अवशोषण बिना ऊर्जा व्यय के होता है। यह वाष्पोत्सर्जन खिंचाव के कारण होता है, जहाँ पत्तियों से जल के वाष्पीकरण के कारण जड़ों में जल का निरंतर प्रवाह बना रहता है।
- सक्रिय अवशोषण: इसमें जड़ कोशिकाएं ATP ऊर्जा का उपयोग करके मृदा से जल को अवशोषित करती हैं। यह मुख्यतः परासरण और स्फीति दबाव के माध्यम से होता है।
मूल शीर्ष (Root Tip) की संरचना: मूल शीर्ष में निम्नलिखित भाग होते हैं:
- मूल टोपी (Root Cap): सबसे बाहरी भाग, जो जड़ के शीर्ष की रक्षा करता है।
- विभाजन क्षेत्र (Region of Cell Division): यहाँ कोशिकाएं सक्रिय रूप से विभाजित होती हैं।
- वृद्धि क्षेत्र (Region of Elongation): यहाँ कोशिकाएं लंबी होती हैं।
- परिपक्वता क्षेत्र (Region of Maturation): यहाँ कोशिकाएं परिपक्व होती हैं और मूल रोम (Root Hairs) पाए जाते हैं।
(नामांकित चित्र: मूल शीर्ष का चित्र जिसमें मूल टोपी, विभाजन क्षेत्र, वृद्धि क्षेत्र, परिपक्वता क्षेत्र और मूल रोम दर्शाए गए हैं।)
Define the process of Osmosis. Describe an experiment for its demonstration. (1+2=3)
Definition of Osmosis: Osmosis is the process in which solvent (water) molecules move through a semipermeable membrane from a region of lower solute concentration to a region of higher solute concentration until equilibrium is reached.
Experiment for Demonstration (Thalesman Experiment):
- Take a raw egg and place it in vinegar to dissolve the calcium carbonate shell, leaving only the semipermeable membrane.
- Place this egg in pure water. After some time, the egg will swell (endosmosis) as water molecules move into the egg through the membrane.
- Now place the same egg in a concentrated salt solution. After some time, the egg will shrink (exosmosis) as water molecules move out of the egg.
This experiment demonstrates the process of osmosis.
OR
Describe the mechanism of water absorption in plants. Draw labelled diagram of structure of root tip. (2+1=3)
Mechanism of Water Absorption in Plants: Water absorption in plants mainly occurs through roots. It happens in two ways:
- Passive Absorption: Water is absorbed without energy expenditure. It occurs due to transpiration pull, where water evaporation from leaves creates a continuous flow of water from roots.
- Active Absorption: Root cells use ATP energy to absorb water from soil. This mainly occurs through osmosis and turgor pressure.
Structure of Root Tip: The root tip consists of the following parts:
- Root Cap: The outermost part that protects the root apex.
- Region of Cell Division: Cells actively divide here.
- Region of Elongation: Cells elongate here.
- Region of Maturation: Cells mature here and root hairs are present.
(Labelled diagram: Diagram of root tip showing root cap, region of cell division, region of elongation, region of maturation, and root hairs.)
खण्ड-द (SECTION - D)
28. (i) प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया किस कोशिकांग में सम्पन्न होती है ?
प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया हरितलवक (क्लोरोप्लास्ट) नामक कोशिकांग में सम्पन्न होती है।
(ii) C₃ व C₄ चक्र में कोई चार अन्तर लिखिए |
| क्रमांक | C₃ चक्र | C₄ चक्र |
|---|---|---|
| 1. | प्रथम स्थायी उत्पाद 3-कार्बन वाला फॉस्फोग्लिसरिक अम्ल (PGA) होता है। | प्रथम स्थायी उत्पाद 4-कार्बन वाला ऑक्सेलोएसिटिक अम्ल (OAA) होता है। |
| 2. | यह केवल मीसोफिल कोशिकाओं में होता है। | यह मीसोफिल और बंडल शीथ कोशिकाओं दोनों में होता है। |
| 3. | इसमें प्रकाश-श्वसन अधिक होता है। | इसमें प्रकाश-श्वसन कम होता है। |
| 4. | CO₂ ग्रहण करने वाला एंजाइम RuBisCO है। | CO₂ ग्रहण करने वाला एंजाइम PEP कार्बोक्सिलेज है। |
(iii) C₃ चक्र का रेखा आरेख बनाइये | (1+2+1=4)
C₃ चक्र (कैल्विन चक्र) का रेखा आरेख:
CO₂ + RuBP → (एंजाइम RuBisCO) → 2 PGA → (ATP + NADPH) → G3P → (कुछ G3P ग्लूकोज बनाता है, शेष RuBP पुनर्जनन में जाता है)
(रेखा आरेख में CO₂ ग्रहण, कार्बन अपचयन, और RuBP पुनर्जनन के तीन चरण दर्शाए गए हैं।)
अथवा
(i) दीप्तिकालिता किसे कहते हैं ?
दीप्तिकालिता (Photoperiodism): पौधों में पुष्पन पर दिन और रात की सापेक्ष अवधि के प्रभाव को दीप्तिकालिता कहते हैं। यह पौधों की प्रकाश अवधि के प्रति अनुक्रिया है।
(ii) दीप्तिकालिता क्रियाविधि का फाइटोक्रोम सिद्धान्त समझाइये |
फाइटोक्रोम सिद्धान्त (Phytochrome Theory): फाइटोक्रोम एक नीला-हरा वर्णक है जो पौधों में प्रकाश ग्रहण करता है। यह दो रूपों में पाया जाता है:
- Pᵣ (Pr): लाल प्रकाश (660 nm) को अवशोषित करता है, निष्क्रिय रूप।
- Pᶠʳ (Pfr): दूर-लाल प्रकाश (730 nm) को अवशोषित करता है, सक्रिय रूप।
दिन के समय लाल प्रकाश Pᵣ को Pᶠʳ में बदल देता है, जो पुष्पन को प्रेरित करता है। रात में Pᶠʳ धीरे-धीरे वापस Pᵣ में बदल जाता है। लंबे दिन वाले पौधों में Pᶠʳ का स्तर अधिक रहता है जबकि छोटे दिन वाले पौधों में Pᶠʳ का स्तर कम रहता है।
(iii) फाइटोक्रोम सिद्धान्त का रेखा चित्रण दीजिए | (1+2+1=4)
फाइटोक्रोम सिद्धान्त का रेखा चित्रण:
Pᵣ (निष्क्रिय) ←(दूर-लाल प्रकाश, 730 nm)— Pᶠʳ (सक्रिय) →(लाल प्रकाश, 660 nm)→ Pᶠʳ (सक्रिय)
(रेखा चित्रण में Pᵣ और Pᶠʳ के बीच अंतर्रूपांतरण को दर्शाया गया है।)
(i) Reaction of photosynthesis take place in which cell organelle ?
The reactions of photosynthesis take place in the chloroplast cell organelle.
(ii) Write any four differences between C₃ and C₄ cycle.
| S.No. | C₃ Cycle | C₄ Cycle |
|---|---|---|
| 1. |
प्रश्न 29(i) किसी एक दृष्टि रंजक का नाम लिखिये। उत्तर: रोडोप्सिन (दंड कोशिकाओं में पाया जाने वाला दृष्टि रंजक)। (ii) मानव नेत्र की आंतरिक संरचना का नामांकित चित्र बनाइये। उत्तर: मानव नेत्र की आंतरिक संरचना में मुख्य भाग हैं: कॉर्निया, आइरिस, पुतली, लेंस, रेटिना, ऑप्टिक तंत्रिका, कांचाभ द्रव, जलीय द्रव, सिलियरी पेशियाँ। इन सभी को दर्शाते हुए एक नामांकित चित्र बनाइये। (iii) निकट-दृष्टि दोष निवारण में प्रयुक्त लेंस का नाम लिखिये। उत्तर: अवतल लेंस (अपसारी लेंस)। अथवा(i) मानव मस्तिष्क का कौन सा भाग ताप नियमन करता है? उत्तर: हाइपोथैलेमस (मस्तिष्क का यह भाग शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है)। (ii) मेरुर्ज्जु के अनुप्रस्थ-काट का नामांकित चित्र बनाइये। उत्तर: मेरुर्ज्जु के अनुप्रस्थ काट में ग्रे मैटर (H-आकार), व्हाइट मैटर, केंद्रीय नाल, पृष्ठीय सींग, अधर सींग, पृष्ठीय मूल, अधर मूल आदि दर्शाए जाते हैं। (iii) मेरुज्ज्जु के दो कार्य लिखिये। उत्तर: (1) यह मस्तिष्क और शरीर के बीच संवेदी एवं मोटर संदेशों का संचालन करता है। (2) यह प्रतिवर्ती क्रियाओं (जैसे घुटने का झटका) का केंद्र है। प्रश्न 30(i) मानव त्वचा की उदग्र काट का नामांकित चित्र बनाइये। उत्तर: मानव त्वचा की उदग्र काट में एपिडर्मिस (बाहरी स्तर), डर्मिस (भीतरी स्तर), स्वेद ग्रंथियाँ, वसामय ग्रंथियाँ, बाल कूप, रक्त वाहिकाएँ, तंत्रिका अंत आदि दर्शाए जाते हैं। (ii) मानव त्वचा के कार्यों का वर्णन कीजिए। उत्तर: मानव त्वचा के प्रमुख कार्य: (1) शरीर को बाहरी आघात, जीवाणु और विकिरण से रक्षा करना। (2) शरीर के तापमान को नियंत्रित करना (पसीने के माध्यम से)। (3) संवेदनाओं (स्पर्श, दबाव, दर्द) का अनुभव करना। (4) विटामिन D का संश्लेषण करना। (5) जल एवं इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना। अथवा(i) मानव के श्वसन तंत्र का नामांकित चित्र बनाइये। उत्तर: मानव श्वसन तंत्र में नासिका छिद्र, नासिका गुहा, ग्रसनी, स्वरयंत्र, श्वासनली, ब्रांकाई, ब्रांकियोल्स, एल्वियोली और फेफड़े शामिल हैं। इन सभी को दर्शाते हुए नामांकित चित्र बनाइये। (ii) मानव श्वसन क्रियाविधि को समझाइये। उत्तर: मानव श्वसन क्रियाविधि में दो चरण होते हैं:
एल्वियोली में ऑक्सीजन रक्त में विसरित होती है और कार्बन डाइऑक्साइड रक्त से एल्वियोली में आती है, जिसे बाहर निकाल दिया जाता है। |