RBSE Class 12th 2020 Sociology-SS-29-2020 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2020 |
| Subject | Sociology-SS-29-2020 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2020 Sociology-SS-29-2020
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Rajasthan Board Class 12th Sociology-SS-29-2020 2020 solved Previous Year Question Papers
समाजशास्र (SOCIOLOGY)
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2020
समय : 3¼ घण्टे पूर्णांक : 80
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न करने अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only.
No. of Questions — 30
No. of Printed Pages — 8
S S-29-Sociology
परीक्षा निर्देश (Exam Instructions)
(4) जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity.
(5) प्रश्न-पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपांतर में किसी प्रकार की त्रुटि/अंतर/विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को ही सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English versions of the question paper, the question of Hindi version should be treated valid.
(6)
| खण्ड (Section) | प्रश्न संख्या (Q. Nos.) | अंक (Marks per question) | उत्तर की शब्द सीमा (Word limit of answer) |
|---|---|---|---|
| अ (A) | 1-0 | 1 | 0 शब्द (0 words) |
| ब (B) | 11-15 | 2 | 30 शब्द (30 words) |
| स (C) | 6-25 | 3 | 45 शब्द (45 words) |
| द (D) | 26-30 | 6 | 200 शब्द (200 words) |
(7) प्रश्न संख्या 26 से 30 में आंतरिक विकल्प हैं।
Question Nos. 26 to 30 have internal choices.
SS-29-Sociology
खण्ड-अ / Section - A
-
“अनुसूचित जाति” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया ?
Who was first to use the term ‘Scheduled Castes’?
उत्तर: “अनुसूचित जाति” शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम साइमन कमीशन (1928) ने किया था। बाद में इसे भारत सरकार अधिनियम 1935 में शामिल किया गया।
Answer: The term ‘Scheduled Castes’ was first used by the Simon Commission (1928). It was later incorporated in the Government of India Act 1935.
-
भारत में सर्वप्रथम जनगणना कब हुई ?
When was the first census conducted in India?
उत्तर: भारत में सर्वप्रथम जनगणना 1872 में हुई थी। हालांकि, पहली सम्पूर्ण और एक साथ जनगणना 1881 में की गई।
Answer: The first census in India was conducted in 1872. However, the first complete and simultaneous census was conducted in 1881.
-
लिंगानुपात को परिभाषित कीजिए।
Define ‘Sex-ratio’.
उत्तर: लिंगानुपात से तात्पर्य प्रति 1000 पुरुषों पर स्त्रियों की संख्या से है। इसे सामान्यतः इस प्रकार व्यक्त किया जाता है: (स्त्रियों की संख्या / पुरुषों की संख्या) × 1000।
Answer: Sex-ratio refers to the number of females per 1000 males. It is generally expressed as: (Number of females / Number of males) × 1000.
-
जनसंख्या वृद्धि के गुणोत्तर सिद्धान्त को किसने स्पष्ट किया ?
Who explained the geometrical theory of population growth?
उत्तर: जनसंख्या वृद्धि के गुणोत्तर सिद्धान्त को थॉमस रॉबर्ट माल्थस (T.R. Malthus) ने अपनी पुस्तक “An Essay on the Principle of Population” (1798) में स्पष्ट किया। उनके अनुसार जनसंख्या गुणोत्तर श्रेणी (2, 4, 8, 16…) में बढ़ती है जबकि खाद्यान्न समान्तर श्रेणी (1, 2, 3, 4…) में बढ़ता है।
Answer: The geometrical theory of population growth was explained by Thomas Robert Malthus in his book “An Essay on the Principle of Population” (1798). According to him, population grows in geometrical progression (2, 4, 8, 16…) while food supply grows in arithmetical progression (1, 2, 3, 4…).
-
भारत की दो मेगा सिटीज के नाम लिखिए।
Write the names of two mega cities of India.
उत्तर: भारत की दो प्रमुख मेगा सिटीज (10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर) हैं:
- मुम्बई (Mumbai) – महाराष्ट्र
- दिल्ली (Delhi) – राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र
Answer: Two major mega cities of India (cities with population over 10 lakh) are: Mumbai (Maharashtra) and Delhi (National Capital Territory).
-
राजस्थान में पंचायती राज की शुरुआत कहाँ से हुई ?
Where was the Panchayatiraj System started in Rajasthan?
उत्तर: राजस्थान में पंचायती राज की शुरुआत नागौर जिले से हुई। 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में ही राजस्थान में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था का शुभारम्भ किया गया था।
Answer: The Panchayatiraj System in Rajasthan was started from Nagaur district. The three-tier Panchayati Raj system was inaugurated in Nagaur on 2 October 1959.
-
नगर नियोजन के सम्बन्ध में मैगस्थनीज ने भारत के किस नगर का उदाहरण प्रस्तुत किया ?
Megasthenes gave an example of which city regarding town planning?
उत्तर: नगर नियोजन के सम्बन्ध में मैगस्थनीज ने पाटलिपुत्र (Patliputra) – वर्तमान पटना – का उदाहरण प्रस्तुत किया। उसने अपने ग्रन्थ ‘इण्डिका’ में पाटलिपुत्र की सुनियोजित नगर योजना का वर्णन किया।
Answer: Regarding town planning, Megasthenes gave the example of Patliputra (modern-day Patna). In his book ‘Indica’, he described the well-planned city layout of Patliputra.
SS-29-Sociology [ Turn over ]
खण्ड-ब (Section-B)
8. जनसंचार की दो इकाइयों का उल्लेख कीजिए।
Mention the names of two units of mass communication.
उत्तर: जनसंचार की दो इकाइयाँ निम्नलिखित हैं:
- समाचार पत्र (Newspaper)
- दूरदर्शन (Television)
(अन्य उदाहरण: रेडियो, इंटरनेट, पत्रिकाएँ आदि भी मान्य हैं।)
9. शुद्धि आन्दोलन क्या है?
What is ‘Purification movement’?
उत्तर: शुद्धि आन्दोलन एक धार्मिक-सामाजिक आन्दोलन था, जिसका उद्देश्य उन हिंदुओं को पुनः हिंदू धर्म में शामिल करना था जो इस्लाम या ईसाई धर्म अपना चुके थे। यह आन्दोलन 19वीं और 20वीं शताब्दी में आर्य समाज के नेतृत्व में चलाया गया था।
10. भगत आन्दोलन का मुख्य केन्द्र कौन सा था?
Which was the main centre of Bhagat movement?
उत्तर: भगत आन्दोलन का मुख्य केन्द्र गुजरात था। यह आन्दोलन मुख्यतः गुजरात के आदिवासी क्षेत्रों में फैला हुआ था।
खण्ड-ब (Section-B)
11. सम्बन्धों के आधार पर परिवार के प्रकार लिखिए।
Write the types of families on the basis of relationships.
उत्तर: सम्बन्धों के आधार पर परिवार के निम्नलिखित प्रकार हैं:
- पितृसत्तात्मक परिवार (Patriarchal Family): जिसमें पिता या सबसे बड़ा पुरुष सदस्य परिवार का मुखिया होता है।
- मातृसत्तात्मक परिवार (Matriarchal Family): जिसमें माता या सबसे बड़ी महिला सदस्य परिवार की मुखिया होती है।
- समानाधिकार परिवार (Equalitarian Family): जिसमें पति-पत्नी दोनों को समान अधिकार प्राप्त होते हैं।
12. भारतीय संविधान की किन धाराओं में अल्पसंख्यकों का विवरण दिया गया है?
Which articles of Indian Constitution describe minorities?
उत्तर: भारतीय संविधान में अल्पसंख्यकों का विवरण निम्नलिखित धाराओं में दिया गया है:
- अनुच्छेद 29: अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण का अधिकार।
- अनुच्छेद 30: अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थानों की स्थापना और प्रशासन का अधिकार।
13. जॉब चारनॉक ने कौन से क्षेत्र को पट्टे पर लिया था?
Which place was taken on lease by Job Charnock?
उत्तर: जॉब चारनॉक ने सुतानुटी (Sutanuti) नामक क्षेत्र को पट्टे पर लिया था। यह क्षेत्र बाद में कोलकाता (कलकत्ता) शहर के विकास का आधार बना।
14. लॉबी क्या है?
What is ‘Lobby’?
उत्तर: लॉबी (Lobby) एक ऐसा समूह या संगठन है जो सरकारी नीतियों और निर्णयों को प्रभावित करने के लिए काम करता है। यह आमतौर पर विशेष हितों (जैसे व्यापार, उद्योग, या सामाजिक मुद्दों) को बढ़ावा देने के लिए विधायकों और अधिकारियों से संपर्क करता है।
5. अमृत मिशन के मुख्य उद्देश्यों का उल्लेख कीजिए।
Mention the main purposes of Amrut Mission.
उत्तर: अमृत मिशन (AMRUT - Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation) के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
- सभी घरों में नल के पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
- सीवरेज और स्वच्छता सुविधाओं का विकास करना।
- हरित क्षेत्रों और पार्कों का विकास करके शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।
- शहरी परिवहन और बुनियादी ढाँचे को मजबूत करना।
खण्ड - स
SECTION — C
6. भारतीय समाज में कर्म के कितने प्रकार बताए गए हैं?
How many kinds of Karmas are there in Indian Society?
उत्तर: भारतीय समाज में कर्म के तीन प्रकार बताए गए हैं:
- संचित कर्म: पिछले जन्मों के कर्मों का संचय जो वर्तमान जीवन को प्रभावित करता है।
- प्रारब्ध कर्म: वर्तमान जीवन में भोगे जाने वाले कर्मों का वह भाग जो पहले से निर्धारित है।
- क्रियमाण कर्म: वर्तमान जीवन में किए जा रहे कर्म जो भविष्य को प्रभावित करते हैं।
7. भारत में धार्मिक विविधता पर टिप्पणी लिखिए।
Write a note on religious diversities in India.
उत्तर: भारत में धार्मिक विविधता अत्यधिक समृद्ध और बहुआयामी है। यहाँ प्रमुख धर्मों में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन और पारसी शामिल हैं। इसके अलावा, आदिवासी समुदायों की अपनी धार्मिक परंपराएँ हैं। यह विविधता सह-अस्तित्व, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और धार्मिक सहिष्णुता को बढ़ावा देती है, जो भारतीय समाज की एक प्रमुख विशेषता है।
8. जनसांख्यिकीय संक्रमण का सिद्धान्त क्या है?
What is theory of Demographic Transition?
उत्तर: जनसांख्यिकीय संक्रमण का सिद्धांत (Theory of Demographic Transition) जनसंख्या परिवर्तन की एक प्रक्रिया है जो समाज के विकास के साथ जन्म दर और मृत्यु दर में होने वाले बदलावों को समझाता है। इसके अनुसार, समाज तीन चरणों से गुजरता है:
- प्रथम चरण: उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर के कारण जनसंख्या स्थिर रहती है।
- द्वितीय चरण: मृत्यु दर में गिरावट आती है जबकि जन्म दर उच्च रहती है, जिससे जनसंख्या तेजी से बढ़ती है।
- तृतीय चरण: जन्म दर में भी गिरावट आती है, जिससे जनसंख्या फिर से स्थिर हो जाती है।
9. भारत में गिरते हुए लिंगानुपात के मुख्य कारणों का उल्लेख कीजिए।
Mention the main causes of decline of sex-ratio in India.
उत्तर: भारत में गिरते लिंगानुपात के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
- कन्या भ्रूण हत्या: लिंग निर्धारण और गर्भपात के कारण बालिकाओं की संख्या में कमी।
- पुत्र प्राप्ति की इच्छा: सामाजिक और आर्थिक कारणों से पुत्र को प्राथमिकता देना।
- दहेज प्रथा: दहेज के बोझ के कारण कन्या जन्म को अवांछनीय मानना।
- महिलाओं के प्रति भेदभाव: स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण में महिलाओं की उपेक्षा।
20. लर्नर के अनुसार आधुनिकीकरण की तीन विशेषताएँ लिखिए।
Write three characteristics of modernization according to Lerner.
उत्तर: डैनियल लर्नर के अनुसार आधुनिकीकरण की तीन प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- सहानुभूति (Empathy): व्यक्ति की दूसरों की भूमिकाओं और दृष्टिकोणों को समझने की क्षमता।
- गतिशीलता (Mobility): सामाजिक, भौगोलिक और मानसिक रूप से बदलाव के लिए तत्परता।
- मीडिया की भागीदारी (Media Participation): जनसंचार माध्यमों के माध्यम से सूचना और विचारों के आदान-प्रदान में वृद्धि।
2]. भारत में पश्चिमीकरण का प्रभाव जीवन के किन-किन क्षेत्रों पर पड़ा?
Westernization has influenced which fields of life in India?
उत्तर: भारत में पश्चिमीकरण का प्रभाव जीवन के निम्नलिखित क्षेत्रों पर पड़ा है:
- शिक्षा: पश्चिमी शिक्षा प्रणाली, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा का प्रसार।
- पहनावा और खान-पान: पश्चिमी कपड़े (जैसे जींस, टी-शर्ट) और खाद्य पदार्थ (जैसे पिज्जा, बर्गर) का चलन।
- भाषा और साहित्य: अंग्रेजी भाषा का बढ़ता प्रभाव और पश्चिमी साहित्य का अध्ययन।
- सामाजिक मूल्य: व्यक्तिवाद, समानता और स्वतंत्रता जैसे मूल्यों का प्रसार।
- राजनीति और प्रशासन: लोकतांत्रिक संस्थाओं, कानूनी प्रणाली और नौकरशाही का विकास।
खण्ड - द (Section - D)
22. श्रीनिवास ने धर्मनिरपेक्षीकरण की परिभाषा में कौन से मुख्य तत्त्वों का उल्लेख किया हैं ?
Which main elements are mentioned by Srinivas in his definition of secularization ?
उत्तर: समाजशास्त्री एम.एन. श्रीनिवास ने धर्मनिरपेक्षीकरण की परिभाषा में निम्नलिखित मुख्य तत्त्वों का उल्लेख किया है:
- धार्मिक विश्वासों और प्रथाओं का कम होना
- धर्म का सार्वजनिक जीवन से पृथक होना
- धार्मिक संस्थाओं का सामाजिक नियंत्रण में कमी आना
- विज्ञान और तर्क पर आधारित दृष्टिकोण का बढ़ना
- धार्मिक सहिष्णुता और बहुलवाद का विकास
23. शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधायें उपलब्ध कराने की दिशा में क्या-क्या बाधाएँ हैं ?
What are the obstacles in providing housing facilities in the urban areas ?
उत्तर: शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाएँ उपलब्ध कराने में निम्नलिखित बाधाएँ हैं:
- भूमि की कमी: शहरों में आवास के लिए उपयुक्त भूमि की उपलब्धता सीमित है।
- उच्च भूमि मूल्य: शहरी क्षेत्रों में जमीन की कीमतें बहुत अधिक होती हैं।
- अनियोजित शहरीकरण: तीव्र गति से हो रहे अनियोजित शहरीकरण के कारण आवास की समस्या बढ़ती जा रही है।
- आर्थिक असमानता: गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग महँगे आवास नहीं खरीद पाते।
- कानूनी और प्रशासनिक बाधाएँ: भूमि अधिग्रहण, बिल्डिंग परमिट और अन्य नियामक प्रक्रियाओं में देरी होती है।
- बुनियादी ढाँचे की कमी: पानी, बिजली, सीवरेज जैसी सुविधाओं का अभाव आवास विकास में बाधा डालता है।
24. नगरीय समाज में विकास के किन्हीं तीन मुद्दों का उल्लेख कीजिए |
Mention any three issues of development in Urban Society.
उत्तर: नगरीय समाज में विकास के तीन प्रमुख मुद्दे निम्नलिखित हैं:
- आवास की समस्या: शहरों में बढ़ती जनसंख्या के कारण पर्याप्त और सस्ते आवास की कमी एक गंभीर मुद्दा है।
- पर्यावरण प्रदूषण: औद्योगीकरण और वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण शहरी जीवन को प्रभावित कर रहा है।
- बुनियादी ढाँचे का अभाव: शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अपर्याप्त विकास विकास में बाधा उत्पन्न करता है।
25. बाल श्रमिक (निषेध तथा नियमन) अधिनियम, 1986 क्या है ?
What is the Child Labour (Prohibition and Regulations) Act, 1986 ?
उत्तर: बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) अधिनियम, 1986 भारत सरकार द्वारा पारित एक महत्वपूर्ण कानून है। इस अधिनियम के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:
- इस अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक उद्योगों और व्यवसायों में काम करने से प्रतिबंधित किया गया है।
- गैर-खतरनाक कार्यों में बाल श्रम को नियमित किया गया है, जिसमें काम के घंटे, कार्य की स्थितियाँ आदि निर्धारित की गई हैं।
- इस अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को शोषण से बचाना और उन्हें शिक्षा तथा स्वस्थ विकास के अवसर प्रदान करना है।
- इस कानून के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है।
26. भारत में महिलाओं के उत्थान हेतु किये गये संवैधानिक प्रयासों का वर्णन कीजिए |
Describe the constitutional efforts for upliftment of women in India.
उत्तर: भारतीय संविधान में महिलाओं के उत्थान के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं, जो निम्नलिखित हैं:
- समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18): संविधान सभी नागरिकों को कानून के समक्ष समानता और समान संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है। अनुच्छेद 15(3) राज्य को महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष प्रावधान बनाने की शक्ति देता है।
- रोजगार में समान अवसर (अनुच्छेद 16): सार्वजनिक रोजगार के मामलों में सभी नागरिकों को समान अवसर प्रदान किए गए हैं।
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24): मानव तस्करी और बाल श्रम पर प्रतिबंध लगाया गया है, जो महिलाओं के शोषण को रोकने में सहायक है।
- राज्य के नीति निदेशक तत्त्व (अनुच्छेद 39, 42, 44): अनुच्छेद 39(डी) पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्य के लिए समान वेतन का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 42 कार्य की उचित दशाएँ और मातृत्व अवकाश सुनिश्चित करता है। अनुच्छेद 44 समान नागरिक संहिता की बात करता है।
- राजनीतिक भागीदारी: 73वें और 74वें संवैधानिक संशोधनों के तहत पंचायतों और नगरपालिकाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गई हैं।
- मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51A): नागरिकों का कर्तव्य है कि वे महिलाओं की गरिमा का सम्मान करें।
इन संवैधानिक प्रावधानों के अलावा, सरकार ने महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न कानून और योजनाएँ भी बनाई हैं, जैसे कि घरेलू हिंसा से महिला संरक्षण अधिनियम, 2005 और बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना।
अथवा (OR)
धार्मिक अल्पसंख्यकों से आप क्या समझते हैं ? उनके संरक्षण के लिए क्या उपाय किए गए हैं ?
What do you understand by religious minorities ? What are the provisions for their protection ?
उत्तर: धार्मिक अल्पसंख्यकों से तात्पर्य उन धार्मिक समुदायों से है जो किसी देश या क्षेत्र की कुल जनसंख्या में संख्यात्मक रूप से कम हैं। भारत में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन और पारसी धार्मिक अल्पसंख्यकों की श्रेणी में आते हैं।
धार्मिक अल्पसंख्यकों के संरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान:
- अनुच्छेद 25: सभी व्यक्तियों को अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म के अबाध रूप से मानने, आचरण करने और प्रचार करने का अधिकार प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 26: प्रत्येक धार्मिक समूह को धार्मिक और धर्मार्थ कार्यों के लिए संस्थाएँ स्थापित करने और उनकी संपत्ति रखने का अधिकार देता है।
- अनुच्छेद 29: अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण का अधिकार प्रदान करता है।
- अनुच्छेद 30: धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यकों को अपनी पसंद की शैक्षणिक संस्थाएँ स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार देता है।
- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग: अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा और उनके कल्याण के लिए एक वैधानिक निकाय का गठन किया गया है।
- अल्पसंख्यक कल्याण योजनाएँ: सरकार अल्पसंख्यक समुदायों के शैक्षिक और आर्थिक विकास के लिए विभिन्न योजनाएँ चलाती है, जैसे कि प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियाँ।
27. नगरीकरण का भारतीय समाज पर क्या प्रभाव पड़ा है ? विवेचना कीजिए |
नगरीकरण का भारतीय समाज पर प्रभाव:
- सामाजिक संरचना में परिवर्तन: संयुक्त परिवार का विघटन और एकल परिवारों का उदय।
- आर्थिक प्रभाव: कृषि से उद्योग और सेवा क्षेत्र की ओर रोजगार का स्थानांतरण।
- सांस्कृतिक प्रभाव: पारंपरिक मूल्यों का क्षरण और पश्चिमी संस्कृति का प्रभाव बढ़ना।
- शिक्षा और जागरूकता: शिक्षा का प्रसार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता में वृद्धि।
- सामाजिक समस्याएं: बेरोजगारी, अपराध, प्रदूषण, झुग्गी-झोपड़ियों का विकास और सामाजिक विषमता।
- जाति व्यवस्था पर प्रभाव: गोपनीयता और मिश्रित आवासीय क्षेत्रों के कारण जातिगत बंधनों में ढील।
अथवा
परम्परा एवं आधुनिकता के मध्य क्या सम्बन्ध है ? व्याख्या कीजिए |
परम्परा और आधुनिकता के मध्य सम्बन्ध:
- पूरक सम्बन्ध: परम्परा और आधुनिकता एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। आधुनिकता परम्परा के आधार पर ही विकसित होती है।
- सह-अस्तित्व: भारतीय समाज में परम्परा और आधुनिकता साथ-साथ विद्यमान हैं। उदाहरण: आधुनिक शिक्षा के साथ पारंपरिक त्योहारों का मनाया जाना।
- परिवर्तन और निरंतरता: परम्परा में निरंतरता होती है, जबकि आधुनिकता परिवर्तन लाती है। दोनों मिलकर सामाजिक विकास को गति देते हैं।
- चयनात्मक अनुकूलन: समाज परम्परा के कुछ तत्वों को बनाए रखते हुए आधुनिकता के उपयोगी पहलुओं को अपनाता है।
- संघर्ष और समायोजन: कभी-कभी परम्परा और आधुनिकता में संघर्ष होता है, लेकिन अंततः समाज उनमें समायोजन स्थापित कर लेता है।
28. दबाव समूह क्या है ? वर्तमान राजनीति में दबाव समूह की आवश्यकता पर लेख लिखिए |
दबाव समूह: दबाव समूह ऐसे संगठित समूह हैं जो सरकार और राजनीतिक दलों पर दबाव डालकर अपने हितों और मांगों को पूरा कराने का प्रयास करते हैं। ये समूह सत्ता में भागीदारी नहीं करते, बल्कि नीति-निर्माण को प्रभावित करते हैं।
वर्तमान राजनीति में दबाव समूह की आवश्यकता:
- लोकतंत्र को मजबूत बनाना: दबाव समूह विभिन्न वर्गों की आवाज को सरकार तक पहुंचाते हैं, जिससे लोकतंत्र अधिक सहभागी बनता है।
- नीति-निर्माण में विशेषज्ञता: ये समूह अपने क्षेत्र की विशेषज्ञता प्रदान करके सरकार को बेहतर नीतियां बनाने में मदद करते हैं।
- हितों का प्रतिनिधित्व: किसान, मजदूर, व्यापारी, महिलाएं आदि विभिन्न वर्गों के हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
- सरकार पर नियंत्रण: दबाव समूह सरकार की नीतियों और कार्यों की निगरानी करते हैं और अनुचित नीतियों का विरोध करते हैं।
- जनमत निर्माण: ये समूह जनमत को प्रभावित करके सरकार को अपनी मांगों के अनुसार कार्य करने के लिए बाध्य करते हैं।
- सामाजिक परिवर्तन: पर्यावरण संरक्षण, महिला अधिकार, उपभोक्ता संरक्षण जैसे मुद्दों पर दबाव समूह सामाजिक परिवर्तन लाने में सहायक होते हैं।
अथवा
पंचायती राज संस्थाओं द्वारा ग्रामीण समाज में हुए परिवर्तन पर लेख लिखो |
पंचायती राज संस्थाओं द्वारा ग्रामीण समाज में परिवर्तन:
- लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण: ग्रामीण स्तर पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का विस्तार हुआ, जिससे ग्रामीणों को निर्णय लेने में भागीदारी मिली।
- महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए 33% आरक्षण ने उन्हें राजनीतिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया।
- ग्रामीण विकास: सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास हुआ।
- सामाजिक न्याय: अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों को आरक्षण मिलने से उनकी सामाजिक स्थिति में सुधार हुआ।
- जागरूकता में वृद्धि: ग्रामीण जनता में राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता बढ़ी है।
- भ्रष्टाचार में कमी: स्थानीय स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने से भ्रष्टाचार में कमी आई है।
- गरीबी उन्मूलन: रोजगार गारंटी योजनाओं और विकास कार्यों से ग्रामीण गरीबी में कमी आई है।
29. राजस्थान में बालिका शिक्षा के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ हैं ? विस्तार से लिखें |
राजस्थान में बालिका शिक्षा के लिए प्रमुख योजनाएँ:
- राजश्री योजना (2016): बालिका जन्म से लेकर 12वीं कक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इसमें जन्म पंजीकरण, टीकाकरण, स्कूल प्रवेश, 8वीं, 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने पर अनुदान दिया जाता है।
- मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना: बालिकाओं को शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
- बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना: निर्धन परिवारों की बालिकाओं को शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।
- सर्व शिक्षा अभियान के तहत: बालिकाओं के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त पाठ्यपुस्तकें, गणवेश और साइकिल वितरण।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय: पिछड़े क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए आवासीय विद्यालय संचालित।
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ: केंद्र सरकार की योजना जो राजस्थान में बालिका शिक्षा और लिंगानुपात सुधार पर केंद्रित है।
- डिजिटल शिक्षा पहल: बालिकाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए टैबलेट और लैपटॉप वितरण।
अथवा
राजस्थान में महिलाओं की स्थिति में सुधार के लिए किए गए प्रयासों की चर्चा कीजिए |
राजस्थान में महिलाओं की स्थिति में सुधार के प्रयास:
- शैक्षिक प्रयास: बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राजश्री योजना, मुफ्त शिक्षा, छात्रवृत्ति और आवासीय विद्यालयों की स्थापना।
- आर्थिक सशक्तिकरण: महिला स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा, मुद्रा योजना के तहत ऋण, और कौशल विकास प्रशिक्षण।
- कानूनी सुधार: दहेज प्रथा, बाल विवाह, घरेलू हिंसा के खिलाफ सख्त कानून और जागरूकता अभियान।
- राजनीतिक भागीदारी: पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण, जिससे निर्णय लेने में उनकी भागीदारी बढ़ी।
- स्वास्थ्य सुधार: मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, जननी सुरक्षा योजना, और पोषण अभियान।
- सामाजिक जागरूकता: बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, महिला हेल्पलाइन, और मीडिया अभियानों के माध्यम से जागरूकता फैलाना।
- सुरक्षा उपाय: महिला सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस इकाइयां, सीसीटीवी निगरानी, और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था।
30. बिजौलिया किसान आन्दोलन के घटनाक्रम की विवेचना कीजिए |
बिजौलिया किसान आन्दोलन का घटनाक्रम:
- प्रारंभिक चरण (1913-1915): बिजौलिया ठिकाने के किसानों पर अत्यधिक लगान, बेगार (मुफ्त मजदूरी), और जुल्म बढ़ गए। साधु सीताराम दास ने किसानों को संगठित किया। 1913 में किसानों ने लगान देने से इनकार कर दिया।
- विजय सिंह पथिक का नेतृत्व (1916-1919): 1916 में विजय सिंह पथिक ने आन्दोलन की कमान संभाली। उन्होंने 'बिजौलिया किसान सभा' की स्थापना की। किसानों ने लगान न देने का प्रण लिया। पथिक ने दिल्ली और आगरा में जाकर इस आन्दोलन को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित किया।
- दमन और संघर्ष (1917-1921): ठिकाने और ब्रिटिश सरकार ने किसानों पर अत्याचार किए। कई किसान जेल गए। पथिक पर राजद्रोह का मुकदमा चला। 1921 में महात्मा गांधी ने इस आन्दोलन को अपना समर्थन दिया।
- समाप्ति और परिणाम (1922-1923): 1922 में बिजौलिया ठाकुर और किसानों के बीच समझौता हुआ। लगान में कमी, बेगार की समाप्ति और किसानों को कुछ अधिकार मिले। यह आन्दोलन राजस्थान के किसान आन्दोलनों का मील का पत्थर माना जाता है।
अथवा
भारतीय समाज में मास-मीडिया की भूमिका को समझाइए |
भारतीय समाज में मास-मीडिया की भूमिका:
- सूचना और जागरूकता: मास-मीडिया (समाचार पत्र, रेडियो, टीवी, इंटरनेट) लोगों को देश-दुनिया की घटनाओं, सरकारी योजनाओं और सामाजिक मुद्दों की जानकारी देता है।
- शिक्षा और मनोरंजन: यह शैक्षिक कार्यक्रमों और मनोरंजन के माध्यम से लोगों को ज्ञान देता है और उनके मनोरंजन का साधन है।
- सामाजिक परिवर्तन: मास-मीडिया सामाजिक बुराइयों (जैसे दहेज, जातिवाद, बाल विवाह) के खिलाफ जागरूकता फैलाकर सामाजिक सुधार में मदद करता है।
- लोकतंत्र को मजबूत करना: यह सरकार की नीतियों पर निगरानी रखता है और जनता की राय को सरकार तक पहुंचाने का माध्यम बनता है।
- संस्कृति का संरक्षण और प्रसार: मास-मीडिया भारतीय संस्कृति, परंपराओं और भाषाओं को संरक्षित करने और उन्हें देश-विदेश में फैलाने का काम करता है।
Discuss the sequence of events of Bijoliya peasant movement.
Sequence of events of Bijoliya peasant movement:
- Initial Phase (1913-1915): Peasants of Bijoliya estate faced excessive rent, forced labor (begar), and oppression. Saint Sitaram Das organized them. In 1913, peasants refused to pay rent.
- Leadership of Vijay Singh Pathik (1916-1919): In 1916, Vijay Singh Pathik took over the leadership. He established 'Bijoliya Kisan Sabha'. Peasants vowed not to pay rent. Pathik publicized the movement at the national level from Delhi and Agra.
- Repression and Struggle (1917-1921): The estate and British government oppressed the peasants. Many peasants were jailed. Pathik was tried for sedition. In 1921, Mahatma Gandhi supported this movement.
- Conclusion and Results (1922-1923): In 1922, an agreement was reached between the Thakur of Bijoliya and the peasants. Rent was reduced, forced labor ended, and peasants got some rights. This movement is considered a milestone in the peasant movements of Rajasthan.
OR
Explain the role of mass media in Indian Society.
Role of mass media in Indian society:
- Information and Awareness: Mass media (newspapers, radio, TV, internet) provides information about national and international events, government schemes, and social issues.
- Education and Entertainment: It imparts knowledge through educational programs and serves as a source of entertainment.
- Social Change: Mass media helps in social reform by creating awareness against social evils like dowry, casteism, and child marriage.
- Strengthening Democracy: It monitors government policies and acts as a medium to convey public opinion to the government.
- Preservation and Dissemination of Culture: Mass media preserves Indian culture, traditions, and languages and spreads them across the country and abroad.