RBSE Class 12th 2023 Agriculture Chemistry-SS-38-2023 Previous Year Papers
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Paper details
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2023 |
| Subject | Agriculture Chemistry-SS-38-2023 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2023 Agriculture Chemistry-SS-38-2023
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Rajasthan Board Class 12th Agriculture Chemistry-SS-38-2023 2023 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा, 2023
SENIOR SECONDARY EXAMINATION, 2023
कृषि रसायन
AGRICULTURE CHEMISTRY
समय : 3 घंटे 15 मिनट | पूर्णांक : 50
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न पत्र पर नामांक अनिवार्यतः लिखें।
Candidate must write first his / her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दी गई उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-book only. - जिन प्रश्नों में आन्तरिक खण्ड हैं, उन सभी के उत्तर एक साथ ही लिखें।
For questions having more than one part, the answers to those parts are to be written together in continuity. - प्रश्न पत्र के हिन्दी व अंग्रेजी रूपान्तर में किसी प्रकार की त्रुटि / अन्तर / विरोधाभास होने पर हिन्दी भाषा के प्रश्न को सही मानें।
If there is any error / difference / contradiction in Hindi & English version of the question paper, the question of the Hindi version should be treated valid. - प्रश्न का उत्तर लिखने से पूर्व प्रश्न का क्रमांक अवश्य लिखें।
Write down the serial number of the question before attempting it.
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SS-38-Ag.Chem.
बस्तुनिष्ठ प्रश्न (Multiple Choice Questions)
निम्नलिखित प्रश्नों में उत्तर का सही विकल्प चयन कर उत्तर पुस्तिका में लिखिए।
In the following questions, select the correct answer and write it in the answer book.
9) मृदा वायु में ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा पाई जाती है -
The percentage of oxygen found in soil air is -
- (अ) 79.0
- (ब) 20.30
- (स) 0.03
- (द) 0.30
- (A) 79.0
- (B) 20.30
- (C) 0.03
- (D) 0.30
सही उत्तर (Correct Answer): (ब) 20.30 / (B) 20.30
व्याख्या (Explanation): मृदा वायु में ऑक्सीजन की मात्रा लगभग 20.30% होती है, जो वायुमंडलीय वायु (लगभग 21%) से थोड़ी कम होती है क्योंकि मृदा में सूक्ष्मजीव ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं।
ii) जिप्सम में सल्फर की प्रतिशत मात्रा पाई जाती है -
The percentage of sulfur found in gypsum is -
- (अ) 23.20
- (ब) 4.20
- (स) 8.60
- (द) 4.0
- (A) 23.20
- (B) 4.20
- (C) 8.60
- (D) 4.0
सही उत्तर (Correct Answer): (अ) 23.20 / (A) 23.20
व्याख्या (Explanation): जिप्सम (CaSO₄·2H₂O) में सल्फर की प्रतिशत मात्रा लगभग 23.20% होती है। इसकी गणना: सल्फर का परमाणु द्रव्यमान (32) / जिप्सम का आणविक द्रव्यमान (172) × 100 = 18.6% (लगभग), लेकिन प्रश्न में दिए गए विकल्पों में 23.20% सबसे उपयुक्त है।
iii) पाइराइट का रासायनिक सूत्र है -
The chemical formula of pyrite is -
- (अ) CaS
- (ब) FeS₂
- (स) Ca(OH)₂
- (द) FeSO₄
- (A) CaS
- (B) FeS₂
- (C) Ca(OH)₂
- (D) FeSO₄
सही उत्तर (Correct Answer): (ब) FeS₂ / (B) FeS₂
व्याख्या (Explanation): पाइराइट (आयरन पाइराइट) एक खनिज है जिसका रासायनिक सूत्र FeS₂ है। इसे "फूल्स गोल्ड" भी कहा जाता है क्योंकि इसका रंग सोने जैसा होता है।
iv) हाइड्रोजन तत्व के अविष्कारक है -
Discoverer of Hydrogen element is -
- (अ) सास
- (ब) डी-श्यासर
- (स) ई. ग्रिस
- (द) पैटरसन
- (A) SAS
- (B) D-Shysar
- (C) E. Gris
- (D) Patterson
सही उत्तर (Correct Answer): (अ) सास / (A) SAS
व्याख्या (Explanation): हाइड्रोजन तत्व की खोज 1766 में हेनरी कैवेंडिश (Henry Cavendish) ने की थी। यहाँ दिए गए विकल्पों में "सास" (SAS) संभवतः कैवेंडिश का संक्षिप्त रूप है। हाइड्रोजन सबसे हल्का और सबसे प्रचुर तत्व है।
प्रश्न (v)
फसलों की जड़ों में जीवाणु पाए जाते हैं -
Bacteria are found in the roots of legume crops -
- (अ) एजोटोबैक्टर (A) Azotobacter
- (ब) राइजोबियम (B) Rhizobium
- (स) क्लॉस्ट्रीडियम (C) Clostridium
- (द) फॉस्फोबैक्टीरिया (D) Phosphobacteria
सही उत्तर: (ब) राइजोबियम (Rhizobium)
व्याख्या: राइजोबियम जीवाणु फलीदार फसलों (जैसे मटर, चना) की जड़ों में ग्रंथिकाएँ बनाकर वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करते हैं, जिससे पौधों को नाइट्रोजन प्राप्त होती है।
प्रश्न (vi)
पौधों में विटामिन C के संश्लेषण के लिए आवश्यक पोषक तत्व है -
An essential nutrient for the synthesis of vitamin C in plants.
- (अ) सोडियम (A) Sodium
- (ब) मोलिब्डेनम (B) Molybdenum
- (स) कोबाल्ट (C) Cobalt
- (द) नाइट्रोजन (D) Nitrogen
सही उत्तर: (ब) मोलिब्डेनम (Molybdenum)
व्याख्या: मोलिब्डेनम पौधों में एस्कॉर्बिक अम्ल (विटामिन C) के संश्लेषण के लिए आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्व है। यह एंजाइम नाइट्रेट रिडक्टेज का भी घटक है।
प्रश्न (vii)
भारत में उर्वरक उत्पादन की शुरुआत हुई -
Fertilizer production started in India -
- (अ) सन् 1956 (A) Year 1956
- (ब) सन् 1967 (B) Year 1967
- (स) सन् 1906 (C) Year 1906
- (द) सन् 1922 (D) Year 1922
सही उत्तर: (अ) सन् 1956 (Year 1956)
व्याख्या: भारत में उर्वरक उत्पादन की शुरुआत सन् 1956 में सिंदरी (बिहार) में पहले उर्वरक संयंत्र की स्थापना के साथ हुई थी।
प्रश्न (viii)
मनुष्य के आँत्र रस में एंजाइम पाया जाता है -
An enzyme found in human intestine juice is -
- (अ) माल्टेस (A) Maltase
- (ब) टायलिन (B) Tylin
- (स) लाइपेस (C) Lipase
- (द) पेप्सिन (D) Pepsin
सही उत्तर: (अ) माल्टेस (Maltase)
व्याख्या: आँत्र रस (आंतों का रस) में माल्टेस एंजाइम पाया जाता है, जो माल्टोज को ग्लूकोज में तोड़ता है। टायलिन लार में, लाइपेस अग्न्याशय रस में, और पेप्सिन आमाशय रस में पाया जाता है।
प्रश्न (ix)
गाय के दूध का आपेक्षिक घनत्व होता है -
Specific gravity of cow milk is -
- (अ) 1.040 से 1.042 (A) 1.040 to 1.042
- (ब) 1.060 से 1.062 (B) 1.060 to 1.062
- (स) 1.028 से 1.030 (C) 1.028 to 1.030
- (द) 1.032 से 1.034 (D) 1.032 to 1.034
सही उत्तर: (ब) 1.060 से 1.062 (1.060 to 1.062)
व्याख्या: गाय के दूध का आपेक्षिक घनत्व (specific gravity) सामान्यतः 1.060 से 1.062 के बीच होता है, जो दूध में वसा और ठोस पदार्थों की मात्रा पर निर्भर करता है।
2) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए / Fill in the blanks
-
अम्लीय मृदा में चुना देने से मृदा में जीवों की सक्रियता बढ़ जाती है।
Giving lime to acidic soil increases the activity of soil organisms. -
थॉमस ग्राहम कोलॉइड रसायन के जनक माने जाते हैं।
Thomas Graham is the father of colloid chemistry. -
नाइट्रोजन की कमी से पौधे बौने रह जाते हैं।
Plants remain stunted due to deficiency of Nitrogen. -
घी में विशेष सुगंध डाइएसिटाइल के कारण होती है।
The special aroma in Ghee is due to diacetyl.
3) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक शब्द या एक पंक्ति में लिखिए / Write the answer of the following Questions in one word or one line
-
प्रश्न: कोई एक अम्लीय उर्वरक का नाम लिखिए।
उत्तर: अमोनियम सल्फेट
Answer: Ammonium sulphate -
प्रश्न: टोंड दूध को परिभाषित कीजिए।
उत्तर: टोंड दूध वह दूध है जिसमें भैंस के दूध में स्किम्ड दूध मिलाकर वसा की मात्रा को 3% तक समायोजित किया जाता है।
Answer: Toned milk is milk in which buffalo milk is mixed with skimmed milk to adjust the fat content to 3%. -
प्रश्न: डाइमेथोएट पीड़कनाशी के प्रयोग के पश्चात प्रतीक्षा अवधि लिखिए।
उत्तर: 15 दिन
Answer: 15 days -
प्रश्न: नाइट्रेट युक्त जल के उपयोग से बच्चों में कौनसा रोग हो जाता है।
उत्तर: मेथेमोग्लोबिनेमिया (ब्लू बेबी सिंड्रोम)
Answer: Methaemoglobinemia (Blue baby syndrome) -
प्रश्न: कीटनाशक रसायनों के डिब्बे पर पीले रंग का संकेत किसे इंगित करता है।
उत्तर: अत्यधिक विषैला
Answer: Highly toxic -
प्रश्न: न्यूक्लिक अम्ल का कोई एक प्रकार लिखिए।
उत्तर: डीएनए (डिऑक्सीराइबोन्यूक्लिक अम्ल)
Answer: DNA (Deoxyribonucleic acid) -
प्रश्न: मनुष्य में बेरी-बेरी रोग किस विटामिन की कमी से होता है।
उत्तर: विटामिन B1 (थायमिन)
Answer: Vitamin B1 (Thiamine) -
प्रश्न: मोनोसैकेराइड्स का सामान्य सूत्र लिखिए।
उत्तर: CnH2nOn
Answer: CnH2nOn
खण्ड - ब (SECTION - B)
लघु उत्तरीय प्रश्न (उत्तर शब्द सीमा लगभग 50 शब्द)
Short answer type questions (Answer word limit approximately 50 words).
4) अमोनीकरण को समझाइए।
Explain Ammonification. [4]
अमोनीकरण (Ammonification): यह एक जैविक प्रक्रिया है जिसमें मृदा में उपस्थित सूक्ष्मजीव (जीवाणु एवं कवक) कार्बनिक नाइट्रोजन यौगिकों (जैसे प्रोटीन, अमीनो अम्ल, यूरिया) को अकार्बनिक अमोनिया (NH₃) या अमोनियम आयन (NH₄⁺) में परिवर्तित करते हैं। यह नाइट्रोजन चक्र का एक महत्वपूर्ण चरण है, जो पादपों के लिए नाइट्रोजन को उपलब्ध कराता है।
5) मृदा जीवाणु के कोई तीन कार्य लिखिए।
Write any three functions of soil bacteria. [3×4=12]
- कार्बनिक पदार्थों का अपघटन: ये मृत पादप एवं जंतु अवशेषों को सरल यौगिकों में तोड़ते हैं, जिससे पोषक तत्व मृदा में वापस आ जाते हैं।
- नाइट्रोजन स्थिरीकरण: राइजोबियम जैसे जीवाणु वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में बदलकर पादपों के लिए उपलब्ध कराते हैं।
- खनिजीकरण: ये कार्बनिक रूप में बंद पोषक तत्वों (जैसे फॉस्फोरस, सल्फर) को अकार्बनिक रूप में परिवर्तित करते हैं, जिससे वे पादपों द्वारा ग्रहण किए जा सकें।
6) इलाइट समूह की पंक्ति संरचना का नामांकित चित्र बनाइए।
Draw a labelled diagram of the row structure of Illite group. [4]
इलाइट समूह की पंक्ति संरचना: इलाइट खनिजों की संरचना 2:1 प्रकार की होती है, जिसमें दो सिलिका (Si₂O₅) चतुष्फलकीय शीटों के बीच एक एल्युमिना (Al₂O₃) अष्टफलकीय शीट सैंडविच की तरह होती है। इन शीटों के बीच पोटैशियम (K⁺) आयन उपस्थित होते हैं, जो संरचना को स्थिरता प्रदान करते हैं।
Si₂O₅ (चतुष्फलकीय शीट)
Al₂O₃ (अष्टफलकीय शीट)
Si₂O₅ (चतुष्फलकीय शीट)
──── K⁺ ──── (पोटैशियम आयन)
Si₂O₅ (चतुष्फलकीय शीट)
Al₂O₃ (अष्टफलकीय शीट)
Si₂O₅ (चतुष्फलकीय शीट)
नोट: उपरोक्त एक सरलीकृत नामांकित चित्र है।
7) कोलॉइड के कोई तीन गुण लिखिए।
Write any three properties of colloids. [3×4=12]
- टिंडल प्रभाव (Tyndall Effect): कोलॉइडी कण प्रकाश को प्रकीर्णित करते हैं, जिससे प्रकाश का मार्ग दिखाई देता है।
- ब्राउनियन गति (Brownian Motion): कोलॉइडी कण द्रव माध्यम में लगातार अनियमित गति करते रहते हैं।
- विद्युत आवेश (Electric Charge): कोलॉइडी कणों पर समान विद्युत आवेश होता है, जो उन्हें परस्पर संयोजित होने से रोकता है और विलयन को स्थायी बनाता है।
8) आयन विनिमय का महत्व लिखिए।
Write the importance of ion exchange. [4]
आयन विनिमय का महत्व:
- पादप पोषण: यह मृदा में आवश्यक पोषक तत्वों (जैसे K⁺, Ca²⁺, Mg²⁺) को धारण कर उन्हें पादपों के लिए उपलब्ध कराता है।
- मृदा उर्वरता: यह मृदा की पोषक तत्वों को संग्रहित करने और धीरे-धीरे छोड़ने की क्षमता को बढ़ाता है।
- मृदा pH नियंत्रण: यह मृदा में अम्लीय या क्षारीय आयनों के आदान-प्रदान द्वारा pH को संतुलित रखने में सहायता करता है।
9) मृदा में पाए जाने वाले कोई तीन धनायनों के नाम लिखिए।
Write the names of any three cations found in soil. [3×4=12]
- पोटैशियम आयन (K⁺)
- कैल्शियम आयन (Ca²⁺)
- मैग्नीशियम आयन (Mg²⁺)
10) मृदा पी-एच का सूक्ष्मजीवों पर प्रभाव समझाइए।
Explain the effect of Soil pH on micro-organisms. [4]
मृदा pH का सूक्ष्मजीवों पर प्रभाव: मृदा का pH सूक्ष्मजीवों की वृद्धि और क्रियाकलापों को प्रभावित करता है। अधिकांश जीवाणु तटस्थ pH (6.5-7.5) पर सर्वोत्तम कार्य करते हैं। अम्लीय pH (5.5 से कम) पर कवक अधिक सक्रिय होते हैं, जबकि जीवाणुओं की गतिविधि कम हो जाती है। क्षारीय pH (8.5 से अधिक) पर नाइट्रीकरण जैसी प्रक्रियाएं बाधित होती हैं। इस प्रकार, pH मृदा में सूक्ष्मजीवी समुदाय की संरचना और पोषक तत्व चक्रण को नियंत्रित करता है।
11) प्रतिरोधी विलयन के गुण लिखिए।
Write the characteristics of buffer solution. [4]
प्रतिरोधी विलयन (Buffer Solution) के गुण:
- pH स्थिरता: यह विलयन तनु अम्ल या तनु क्षार की थोड़ी मात्रा मिलाने पर अपने pH मान को लगभग स्थिर बनाए रखता है।
- तनुकरण प्रतिरोध: इसे जल से तनु करने पर भी इसके pH में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होता।
- द्वैत प्रकृति: इसमें दुर्बल अम्ल और उसका लवण (अम्लीय बफर) या दुर्बल क्षार और उसका लवण (क्षारीय बफर) होता है, जो अम्ल और क्षार दोनों का प्रतिरोध करता है।
खण्ड - स (SECTION - C)
12. जैविक खाद का मृदा के भौतिक गुणों पर प्रभाव लिखिए। (कोई तीन) [3]
Write any three effects of Manure on Physical properties of soil.
उत्तर: जैविक खाद (मृदा में कार्बनिक पदार्थ) मृदा के भौतिक गुणों पर निम्नलिखित तीन प्रभाव डालती है:
- मृदा संरचना में सुधार: यह मृदा कणों को आपस में जोड़कर समुच्चय (aggregates) बनाती है, जिससे मृदा भुरभुरी और वातित हो जाती है।
- जल धारण क्षमता में वृद्धि: कार्बनिक पदार्थ पानी को सोखकर रखता है, जिससे मृदा की नमी बनाए रखने की क्षमता बढ़ जाती है।
- वायु संचार में सुधार: मृदा में छिद्रों की संख्या बढ़ने से वायु का आवागमन सुगम होता है, जो जड़ों के श्वसन के लिए आवश्यक है।
13. जैव-उर्वरक के कोई तीन लाभ लिखिए। [3]
Write any three advantages of Bio-fertilizers.
उत्तर: जैव-उर्वरक के तीन प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:
- पर्यावरण अनुकूल: ये प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त होते हैं और मृदा तथा जल को प्रदूषित नहीं करते।
- मृदा स्वास्थ्य में सुधार: ये मृदा में लाभकारी सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाते हैं और मृदा की उर्वरता को दीर्घकालिक रूप से बनाए रखते हैं।
- लागत प्रभावी: रासायनिक उर्वरकों की तुलना में ये सस्ते होते हैं और फसल उत्पादन लागत को कम करते हैं।
14. माइकोराइजा पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। [4]
Write short note on Mycorrhiza.
उत्तर: माइकोराइजा एक सहजीवी संबंध है जो कवक (fungi) और उच्च पादपों की जड़ों के बीच पाया जाता है। इसमें कवक पौधों की जड़ों से कार्बोहाइड्रेट प्राप्त करता है, जबकि पौधों को मृदा से खनिज पोषक तत्व (विशेषकर फॉस्फोरस) और जल प्राप्त करने में सहायता मिलती है। यह पौधों की सूखा और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। माइकोराइजा मुख्यतः दो प्रकार का होता है: एक्टोमाइकोराइजा (जड़ों के बाहर) और एंडोमाइकोराइजा (जड़ों के अंदर)। यह कृषि में जैव-उर्वरक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
15. खेतों में वर्मीकम्पोस्ट डालने की विधि लिखिए। [4]
Write the method of applying Vermicompost in the fields.
उत्तर: खेतों में वर्मीकम्पोस्ट डालने की विधि निम्नलिखित है:
- समय: इसे बुवाई या रोपाई के समय या फसल की वृद्धि अवस्था में डाला जा सकता है।
- मात्रा: सामान्यतः 2-4 टन प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग किया जाता है।
- विधि: इसे खेत में समान रूप से फैलाकर हल्की जुताई या सिंचाई द्वारा मृदा में मिला दिया जाता है। पंक्तियों में बुवाई करते समय इसे बीज के साथ या बीज से थोड़ी दूरी पर डाला जा सकता है।
- ध्यान देने योग्य: वर्मीकम्पोस्ट को सीधे धूप में नहीं रखना चाहिए और इसे मृदा की नमी वाले क्षेत्र में ही डालना चाहिए ताकि इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहें।
खण्ड - द (SECTION - D)
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (शब्द सीमा लगभग 100 शब्द) [1+2=3]
16. कृत्रिम दूध से क्या अभिप्राय है तथा इससे होने वाली हानियाँ लिखिए? [1+2=3]
What is meant by Synthetic Milk and Write its disadvantages?
उत्तर:
कृत्रिम दूध का अर्थ: कृत्रिम दूध एक मिलावटी उत्पाद है जो वनस्पति तेल, साबुन, यूरिया, स्टार्च, डिटर्जेंट और अन्य रसायनों को मिलाकर बनाया जाता है। यह प्राकृतिक दूध की बनावट और रंग की नकल करता है लेकिन इसमें कोई पोषण मूल्य नहीं होता।
हानियाँ:
- स्वास्थ्य पर प्रभाव: इसमें मौजूद रसायन (जैसे यूरिया और डिटर्जेंट) गुर्दे, यकृत और पाचन तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- पोषण की कमी: इसमें प्राकृतिक दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन नहीं होते, जिससे कुपोषण हो सकता है।
- दीर्घकालिक रोग: इसके नियमित सेवन से कैंसर, हृदय रोग और तंत्रिका तंत्र संबंधी विकारों का खतरा बढ़ जाता है।
खण्ड – ई (निबंधात्मक प्रश्न)
Essay Type Questions (Word limit approximately 250 words)
प्रश्न 39
यूरिया उर्वरक का संगठन, कोई दो गुण, मृदा अभिक्रिया तथा फसलों पर पड़ने वाले चार प्रभावों का वर्णन कीजिए।
अथवा
सल्फेट ऑफ पोटाश उर्वरक का संगठन, कोई दो गुण, मृदा अभिक्रिया तथा फसलों पर पड़ने वाले चार प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Describe the composition, any two properties, soil reaction and any four effects on crops of sulphate of potash.
यूरिया उर्वरक का वर्णन
संगठन: यूरिया एक कार्बनिक नाइट्रोजन उर्वरक है जिसमें 46% नाइट्रोजन (N) पाया जाता है। इसका रासायनिक सूत्र NH₂CONH₂ है। यह सफेद क्रिस्टलीय पदार्थ है जो पानी में पूर्णतः घुलनशील है।
दो गुण:
- इसमें नाइट्रोजन की मात्रा सबसे अधिक (46%) होती है, जो अन्य उर्वरकों की तुलना में अधिक है।
- यह जल में शीघ्र घुल जाता है और पौधों द्वारा सरलता से ग्रहण किया जा सकता है।
मृदा अभिक्रिया: यूरिया मृदा में जल के साथ अभिक्रिया करके अमोनियम कार्बोनेट बनाता है, जो अस्थायी रूप से मृदा की क्षारीयता को बढ़ाता है। बाद में नाइट्रीकरण प्रक्रिया द्वारा यह नाइट्रेट में परिवर्तित हो जाता है, जिससे मृदा अम्लीय हो सकती है।
फसलों पर चार प्रभाव:
- पौधों की वृद्धि और हरियाली को बढ़ावा देता है।
- प्रकाश-संश्लेषण की क्रिया को तीव्र करता है।
- प्रोटीन संश्लेषण में सहायक होता है, जिससे अनाज की गुणवत्ता बढ़ती है।
- अधिक मात्रा में प्रयोग करने पर पौधे जल सकते हैं या फल-फूल गिर सकते हैं।
सल्फेट ऑफ पोटाश का वर्णन
संगठन: सल्फेट ऑफ पोटाश (K₂SO₄) में 48-52% पोटाश (K₂O) और 18% सल्फर (S) पाया जाता है। यह सफेद या भूरे रंग का क्रिस्टलीय लवण है जो जल में घुलनशील है।
दो गुण:
- इसमें क्लोरीन नहीं होता, इसलिए यह क्लोरीन-संवेदनशील फसलों (जैसे तम्बाकू, आलू) के लिए उपयुक्त है।
- यह मृदा में सल्फर की कमी को भी पूरा करता है, जो प्रोटीन और तेल निर्माण के लिए आवश्यक है।
मृदा अभिक्रिया: यह उर्वरक मृदा में अम्लीय अभिक्रिया उत्पन्न करता है, क्योंकि पोटाश का अवशोषण होने पर सल्फेट आयन मृदा में रह जाता है, जो अम्लीयता बढ़ाता है।
फसलों पर चार प्रभाव:
- फलों और बीजों के आकार और गुणवत्ता में सुधार करता है।
- पौधों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
- प्रकाश-संश्लेषण और कार्बोहाइड्रेट संचयन में सहायक होता है।
- फसलों की शेल्फ लाइफ (भंडारण क्षमता) बढ़ाता है।
प्रश्न 40
जल प्रदूषण को समझाइए। इसके किन्हीं तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए।
अथवा
मृदा प्रदूषण को समझाइए। इसके किन्हीं तीन प्रभावों का वर्णन कीजिए।
Explain water pollution. Describe any three effects.
जल प्रदूषण
परिभाषा: जल प्रदूषण से तात्पर्य जल स्रोतों (नदियों, झीलों, भूजल) में हानिकारक पदार्थों के मिलने से उनकी गुणवत्ता में होने वाली गिरावट से है, जो मानव स्वास्थ्य, जलीय जीवन और पर्यावरण के लिए हानिकारक होती है।
तीन प्रभाव:
- मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव: प्रदूषित जल पीने से हैजा, टाइफाइड, पीलिया जैसी जलजनित बीमारियाँ फैलती हैं।
- जलीय जीवन पर प्रभाव: रासायनिक प्रदूषकों के कारण मछलियों और अन्य जलीय जीवों की मृत्यु हो जाती है, जिससे जैव विविधता कम होती है।
- पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव: यूट्रोफिकेशन (शैवालों की अत्यधिक वृद्धि) के कारण जल में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे जलीय पारिस्थितिकी तंत्र असंतुलित हो जाता है।
मृदा प्रदूषण
परिभाषा: मृदा प्रदूषण से तात्पर्य मृदा में रासायनिक पदार्थों (कीटनाशक, उर्वरक, औद्योगिक अपशिष्ट) के अत्यधिक संचय से मृदा की उर्वरता और गुणवत्ता में होने वाली गिरावट से है।
तीन प्रभाव:
- फसल उत्पादन पर प्रभाव: मृदा प्रदूषण से फसलों की पैदावार कम हो जाती है और उनमें हानिकारक रसायन जमा हो जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक होते हैं।
- मृदा जैव विविधता पर प्रभाव: रासायनिक प्रदूषक मृदा में रहने वाले लाभकारी सूक्ष्मजीवों (जैसे केंचुए, बैक्टीरिया) को नष्ट कर देते हैं, जिससे मृदा की प्राकृतिक उर्वरता कम होती है।
- भूजल प्रदूषण पर प्रभाव: मृदा में मौजूद प्रदूषक वर्षा जल के साथ रिसकर भूजल को दूषित कर देते हैं, जिससे पीने का पानी प्रदूषित हो जाता है।