RBSE Class 12th 2023 Economics-SS-10-2023 Previous Year Papers
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| Board | RBSE |
|---|---|
| Class | Class 12th |
| Exam year | 2023 |
| Subject | Economics-SS-10-2023 |
| Resource type | Previous Year Papers |
| Category | RBSE Previous Year Question Papers |
| Website | RBSE Solution |
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RBSE Class 12th 2023 Economics-SS-10-2023
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Rajasthan Board Class 12th Economics-SS-10-2023 2023 solved Previous Year Question Papers
उच्च माध्यमिक परीक्षा 2023
SENIOR SECONDARY EXAMINATION 2023
अर्थशास्त्र
ECONOMICS
परीक्षार्थियों के लिए सामान्य निर्देश :
GENERAL INSTRUCTIONS TO THE EXAMINEES :
- परीक्षार्थी सर्वप्रथम अपने प्रश्न-पत्र पर अनिवार्यतः अपना अनुक्रमांक लिखें।
Candidates must write first his/her Roll No. on the question paper compulsorily. - सभी प्रश्न अनिवार्य हैं।
All the questions are compulsory. - प्रत्येक प्रश्न का उत्तर दिए गए उत्तर-पुस्तिका में ही लिखें।
Write the answer to each question in the given answer-sheet only.
SS-10- Economics
SECTION - A
बहुविकल्पी प्रश्न :
Multiple choice questions
-
समष्टि अर्थशास्त्र का अध्ययन क्षेत्र है -
The study area of macro economics is -
- a) उपभोक्ता की रूचि / Taste of consumer
- b) एक फर्म का व्यवहार / Behaviour of a firm
- c) वस्तु की कीमत / Price of commodity
- d) सामान्य कीमत स्तर / General price level
Explanation: Macro economics studies the economy as a whole, focusing on aggregate variables like general price level, national income, and employment, not individual units.
-
पूँजी को उसके उपयोग के बदले प्राप्त होता है -
Capital received in returns for its use -
- a) लगान / Rent
- b) ब्याज / Interest
- c) मजदूरी / Labour
- d) लाभ / Profit
Explanation: Capital is a factor of production, and its reward is interest, which is paid for the use of borrowed capital.
-
भारत में सकल राष्ट्रीय उत्पाद का आकलन करता है -
Calculate the Gross domestic product in India -
- a) रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया / Reserve Bank of India
- b) नीति आयोग / Niti Aayog
- c) केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन / Central Statistical Organization
- d) वित्त आयोग / Finance Commission
Explanation: The Central Statistical Organization (CSO) is responsible for estimating Gross Domestic Product (GDP) and other national income aggregates in India.
-
डिजिटल भुगतान का सरल तरीका है -
Easy form of digital payment mode is -
- a) ई-वॉलेट्स / e-wallets
- b) चैक / Cheque
- c) ड्राफ्ट / Draft
- d) बैंक पास बुक / Bank passbook
Explanation: E-wallets are a simple and popular digital payment method that allows users to store funds and make transactions electronically without physical instruments.
V) बैंकों के लिए अंतिम ऋणदाता होता है –
- सरकार (Government)
- केन्द्रीय बैंक (Central bank)
- उपभोक्ता (Consumer)
- वाणिज्यिक बैंक (Commercial banks)
Explanation: केन्द्रीय बैंक (जैसे भारत में RBI) बैंकों के लिए अंतिम ऋणदाता होता है। जब वाणिज्यिक बैंकों को धन की आवश्यकता होती है, तो वे केन्द्रीय बैंक से ऋण ले सकते हैं।
vi) प्रेरित उपभोग (cY) निर्भर करता है –
- ब्याज पर (On Interest)
- आय पर (On Income)
- कीमत स्तर पर (On Price Level)
- करों पर (On Taxes)
Explanation: प्रेरित उपभोग (cY) आय पर निर्भर करता है। जैसे-जैसे आय बढ़ती है, उपभोग भी बढ़ता है, लेकिन आय से कम अनुपात में।
vii) केन्द्रीकृत योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण निर्णय कौन लेता है –
- सरकार (Government)
- बाजार (Market)
- बैंक (Bank)
- उपभोक्ता (Consumer)
Explanation: केन्द्रीकृत योजनाबद्ध अर्थव्यवस्था में सभी महत्वपूर्ण आर्थिक निर्णय सरकार द्वारा लिए जाते हैं, जैसे उत्पादन, वितरण और मूल्य निर्धारण।
viii) निम्नलिखित में निम्नस्तरीय वस्तु का एक उदाहरण है –
- आभूषण (Jewellery)
- आधुनिक पोशाक (Modern dress)
- मोटा अनाज (Coarse cereals)
- स्मार्ट फोन (Smart phone)
Explanation: निम्नस्तरीय वस्तुएँ वे होती हैं जिनकी माँग आय बढ़ने पर घट जाती है। मोटा अनाज (जैसे ज्वार, बाजरा) इसका उदाहरण है, क्योंकि आय बढ़ने पर लोग गेहूँ या चावल जैसी उच्चस्तरीय वस्तुओं की ओर रुख करते हैं।
प्रश्न (ix) उत्पादन फलन को व्यक्त कर सकते हैं -
उत्पादन फलन को व्यक्त कर सकते हैं -
- q = f(L, K)
- q = f(L + K)
- q = f(L - K)
- q = f(L × K)
Production function shows as -
- q = f(L, K)
- q = f(L + K)
- q = f(L - K)
- q = f(L × K)
सही उत्तर: A) q = f(L, K)
उत्पादन फलन श्रम (L) और पूंजी (K) के बीच तकनीकी संबंध को दर्शाता है, जो q = f(L, K) के रूप में व्यक्त किया जाता है।
प्रश्न (x) कुल लागत और कुल परिवर्ती लागत के मध्य अंतर होता है -
कुल लागत और कुल परिवर्ती लागत के मध्य अंतर होता है -
- औसत लागत के बराबर
- सीमांत लागत के बराबर
- औसत स्थिर लागत के बराबर
- कुल स्थिर लागत के बराबर
Difference between total cost and total variable cost Is -
- Equal to Average cost
- Equal to marginal cost
- Equal to Average fix cost
- Equal to total fix cost
सही उत्तर: D) Equal to total fix cost
कुल लागत (TC) = कुल स्थिर लागत (TFC) + कुल परिवर्ती लागत (TVC), अतः TC - TVC = TFC (कुल स्थिर लागत)।
प्रश्न (xi) दीर्घकालीन औसत लागत वक्र को दीर्घकालीन सीमान्त लागत वक्र सदैव काटता है -
दीर्घकालीन औसत लागत वक्र को दीर्घकालीन सीमान्त लागत वक्र सदैव काटता है -
- उच्चतम बिंदु पर
- न्यूनतम बिंदु पर
- उच्चतम बिंदु से नीचे
- मध्य बिंदु से ऊपर
Long run average cost always intersect the Long run marginal cost at -
- On higher point
- On minimum point
- Below from higher point
- Above from mid point
सही उत्तर: B) On minimum point
दीर्घकालीन औसत लागत वक्र (LAC) और दीर्घकालीन सीमांत लागत वक्र (LMC) एक-दूसरे को LAC के न्यूनतम बिंदु पर काटते हैं, जहाँ LMC = LAC होता है।
प्रश्न (xii) कौन-से बाजार में फर्म सामूहिक लाभों के लिए 'कार्टेल' बना लेती हैं -
कौन-से बाजार में फर्म सामूहिक लाभों के लिए 'कार्टेल' बना लेती हैं -
- एकाधिकार
- पूर्ण प्रतियोगिता
- द्वयाधिकार
- अल्पाधिकार
In which market firms make 'cartel' to get combined profit -
- Monopoly
- Perfect Competition
- Duopoly
- Oligopoly
सही उत्तर: D) Oligopoly
अल्पाधिकार (Oligopoly) बाजार में कुछ बड़ी फर्में मिलकर कार्टेल बनाती हैं ताकि उत्पादन और मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण कर सामूहिक लाभ अर्जित कर सकें।
खण्ड - 6 (प्रश्न संख्या 2 एवं 3)
2) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए :
Fill in the blanks :
-
एडम स्मिथ की प्रसिद्ध पुस्तक 'वेल्थ ऑफ नेशन्स' .......... वर्ष में प्रकाशित हुई।
Adam Smith's famous book 'Wealth of Nations' published in year ___.1776
-
सकल निवेश से .......... घटाने पर निवल निवेश प्राप्त होता है।
Subtract _______ from gross investment then get net investment.मूल्यह्रास (Depreciation)
-
प्रत्याशित समस्त माँग, कुल प्रत्याशित उपभोग व्यय तथा .......... का योग होती है।
The ex ante aggregate demand is the sum of the total ex ante consumption expenditure and ______.प्रत्याशित निवेश व्यय (Ex ante investment expenditure)
-
सड़कें तथा सरकारी प्रशासन, जिन्हें .......... वस्तुएँ कहा जाता है।
Roads and government administration are called ______ goods.सार्वजनिक (Public)
-
.......... गैर-योजनागत राजस्व व्यय का एक सबसे बड़ा घटक है।
______ is the single largest component of non-plan revenue expenditure.ब्याज भुगतान (Interest payments)
-
चाय व कॉफी जैसी वस्तुएँ .......... वस्तुओं का उदाहरण हैं।
Tea and coffee are just like example of ______ goods.स्थानापन्न (Substitute)
3) निम्न प्रश्नों के उत्तर 0-20 शब्दों में दीजिए :
Answer the following questions in 0-20 words :
-
निर्यात से आप क्या समझते हैं?
What do you understand by export?निर्यात का अर्थ है देश की सीमा के बाहर वस्तुओं एवं सेवाओं को बेचना। यह विदेशी मुद्रा अर्जित करने का एक मुख्य स्रोत है।
-
स्टॉक को परिभाषित कीजिए।
Define stock.स्टॉक एक आर्थिक चर है जो किसी विशिष्ट समय बिंदु पर मापा जाता है, जैसे कि धन की मात्रा या पूंजी स्टॉक। यह प्रवाह के विपरीत है।
-
बैंक दर से क्या अभिप्राय है?
What is meant by bank rate?बैंक दर वह ब्याज दर है जिस पर केंद्रीय बैंक वाणिज्यिक बैंकों को ऋण प्रदान करता है। यह मौद्रिक नीति का एक महत्वपूर्ण उपकरण है।
-
निवेश गुणक का सूत्र लिखिए।
Write the formula of investment multiplier.निवेश गुणक (K) = 1 / (1 - MPC) या K = 1 / MPS, जहाँ MPC = सीमांत उपभोग प्रवृत्ति और MPS = सीमांत बचत प्रवृत्ति।
-
उपभोग माँग सर्वाधिक किस पर निर्भर करती है?
What does consumption demand depend the most on?उपभोग माँग सर्वाधिक प्रयोज्य आय (disposable income) पर निर्भर करती है। आय बढ़ने पर उपभोग भी बढ़ता है, लेकिन आय से कम अनुपात में।
-
करों में परिवर्तन से आय के संतुलन पर प्रभाव को रेखाचित्र से दर्शाइये।
Diagramatically show the effect of change in tax on the income equilibrium.करों में वृद्धि से प्रयोज्य आय घटती है, जिससे उपभोग और समग्र माँग कम हो जाती है। इससे संतुलन आय स्तर में कमी आती है। रेखाचित्र में, कुल माँग वक्र (AD) नीचे की ओर खिसकता है, जिससे नया संतुलन कम आय स्तर पर स्थापित होता है।
विल) पूँजी खाते से आपका क्या अभिप्राय है?
What do you mean by capital account?
उत्तर: पूँजी खाता भुगतान संतुलन का वह भाग है जो किसी देश की अंतर्राष्ट्रीय परिसंपत्तियों और देनदारियों में परिवर्तन को दर्शाता है। इसमें विदेशी निवेश, ऋण, और अन्य पूँजी प्रवाह शामिल होते हैं।
Answer: The capital account is a part of the balance of payments that records changes in a country's international assets and liabilities. It includes foreign investment, loans, and other capital flows.
विल) गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण क्या है?
What is ordinal utility analysis?
उत्तर: गणनावाचक उपयोगिता विश्लेषण एक आर्थिक सिद्धांत है जो मानता है कि उपयोगिता को मापा नहीं जा सकता, बल्कि केवल क्रमबद्ध किया जा सकता है। उपभोक्ता वस्तुओं को उनकी प्राथमिकता के अनुसार रैंक करते हैं, न कि संख्यात्मक मान देते हैं।
Answer: Ordinal utility analysis is an economic theory that assumes utility cannot be measured but can only be ranked. Consumers rank goods according to their preference, rather than assigning numerical values.
इक) अनधिमान मानचित्र से आप क्या समझते हैं?
What do you understand by indifference map?
उत्तर: अनधिमान मानचित्र विभिन्न अनधिमान वक्रों का एक समूह है जो उपभोक्ता की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। प्रत्येक वक्र वस्तुओं के उन संयोजनों को दिखाता है जो उपभोक्ता को समान संतुष्टि प्रदान करते हैं। उच्च वक्र अधिक संतुष्टि का संकेत देते हैं।
Answer: An indifference map is a set of different indifference curves that represent a consumer's preferences. Each curve shows combinations of goods that give the consumer equal satisfaction. Higher curves indicate greater satisfaction.
एक्स) अल्पकाल को संक्षेप में समझाइये।
Explain short run in brief.
उत्तर: अल्पकाल वह समय अवधि है जिसमें कम से कम एक उत्पादन का साधन स्थिर रहता है, जबकि अन्य साधन परिवर्तनशील होते हैं। फर्म अपने उत्पादन को केवल परिवर्तनशील साधनों (जैसे श्रम) को बदलकर समायोजित कर सकती है, लेकिन स्थिर साधन (जैसे पूँजी) को नहीं बदल सकती।
Answer: The short run is a time period in which at least one factor of production is fixed, while others are variable. A firm can adjust its output only by changing variable factors (like labor), but cannot change fixed factors (like capital).
एकादश) औसत स्थिर लागत की आकृति कैसी होती है?
What is the shape of average fixed cost?
उत्तर: औसत स्थिर लागत (AFC) की आकृति आयताकार अतिपरवलय (rectangular hyperbola) जैसी होती है। यह उत्पादन बढ़ने के साथ घटती जाती है, क्योंकि कुल स्थिर लागत स्थिर रहती है और उत्पादन की मात्रा बढ़ती है। यह कभी भी शून्य नहीं होती।
Answer: The shape of average fixed cost (AFC) is like a rectangular hyperbola. It decreases as output increases because total fixed cost remains constant while output rises. It never reaches zero.
द्वादश) कुल परिवर्ती लागत का रेखाचित्र बनाइये।
Draw the diagram of total variable cost.
उत्तर: कुल परिवर्ती लागत (TVC) का रेखाचित्र मूल बिंदु से शुरू होता है और उत्पादन बढ़ने के साथ बढ़ता है। प्रारंभ में यह धीमी गति से बढ़ता है, फिर तेजी से बढ़ता है, जो घटते प्रतिफल के नियम को दर्शाता है। यह एक ऊपर की ओर झुका हुआ वक्र होता है।
Answer: The diagram of total variable cost (TVC) starts from the origin and increases as output increases. Initially it rises slowly, then more rapidly, reflecting the law of diminishing returns. It is an upward-sloping curve.
SECTION - B
प्रत्येक प्रश्न के उत्तर 30-40 शब्दों में दीजिए:
Answer the following questions in 30-40 words:
4) दिए गए मूल्यों से बाजार कीमत पर सकल घरेलू उत्पाद की गणना कीजिए - (करोड़ में) (2)
C = 4,000, I = 500, G = 500, X = 250, M = 750
Calculate the gross domestic product at market price by given values - (In Crore)
C = 4,000, I = 500, G = 500, X = 250, M = 750
हल: बाजार कीमत पर सकल घरेलू उत्पाद (GDPMP) = C + I + G + (X - M)
= 4,000 + 500 + 500 + (250 - 750)
= 5,000 + (-500)
= 4,500 करोड़
Solution: Gross Domestic Product at Market Price (GDPMP) = C + I + G + (X - M)
= 4,000 + 500 + 500 + (250 - 750)
= 5,000 + (-500)
= 4,500 Crore
5) वस्तु विनिमय प्रणाली को समझाइये। [2]
Explain the barter system.
उत्तर: वस्तु विनिमय प्रणाली वह प्रणाली है जिसमें वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान सीधे अन्य वस्तुओं और सेवाओं के लिए किया जाता है, बिना मुद्रा के उपयोग के। इसकी मुख्य समस्याएँ हैं: आवश्यकताओं का दोहरा संयोग न होना, मूल्य का सामान्य मापक न होना, और वस्तुओं का विभाजन कठिन होना।
Answer: The barter system is a system where goods and services are exchanged directly for other goods and services without using money. Its main problems are: lack of double coincidence of wants, absence of a common measure of value, and difficulty in dividing goods.
प्रश्न 6
मितव्ययता के विरोधाभास से आप क्या समझते हैं?
What do you mean by Paradox of thrift?
उत्तर: मितव्ययता का विरोधाभास (Paradox of Thrift) एक आर्थिक अवधारणा है जो बताती है कि जब सभी लोग एक साथ अधिक बचत करने का प्रयास करते हैं, तो इससे कुल बचत में कमी आ सकती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बचत बढ़ाने से उपभोग घटता है, जिससे कुल मांग कम हो जाती है, उत्पादन घटता है, और अंततः आय और बचत दोनों गिर जाते हैं। यह विरोधाभास जॉन मेनार्ड कीन्स द्वारा प्रतिपादित किया गया था।
प्रश्न 7
उपभोग व्यय के वर्गीकरण को समझाइये।
Explain the classification of consumption expenditure.
उत्तर: उपभोग व्यय को मुख्यतः तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है:
- अनिवार्य उपभोग व्यय: यह जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं जैसे भोजन, वस्त्र, आवास पर किया जाने वाला व्यय है।
- वैकल्पिक उपभोग व्यय: यह आवश्यकता से अधिक सुविधाओं और विलासिता की वस्तुओं पर किया जाने वाला व्यय है, जैसे मनोरंजन, यात्रा आदि।
- स्थायी उपभोग व्यय: यह लंबे समय तक उपयोग में आने वाली वस्तुओं जैसे फर्नीचर, वाहन, उपकरणों पर किया जाने वाला व्यय है।
प्रश्न 8
यदि आयात = 1,500 मिलियन अमेरिकी डॉलर, निर्यात = 2,400 मिलियन अमेरिकी डॉलर, अदृश्य वस्तुएं = 520 मिलियन अमेरिकी डॉलर, तो व्यापार संतुलन ज्ञात कीजिए।
If Import = 1,500 Million USD, Export = 2,400 Million USD, Invisibles = 520 Million USD, then calculate trade balance?
उत्तर: व्यापार संतुलन (Trade Balance) = निर्यात - आयात
व्यापार संतुलन = 2,400 मिलियन USD - 1,500 मिलियन USD = 900 मिलियन USD (अधिशेष)
चूंकि अदृश्य वस्तुएं (Invisibles) व्यापार संतुलन में शामिल नहीं होती हैं, केवल दृश्य वस्तुओं के निर्यात और आयात पर विचार किया जाता है। अतः व्यापार संतुलन 900 मिलियन अमेरिकी डॉलर का अधिशेष है।
प्रश्न 9
व्यष्टि अर्थशास्त्र एवं समष्टि अर्थशास्त्र में कोई दो अंतर लिखिए।
Write any two differences between micro and macro economics.
उत्तर: व्यष्टि अर्थशास्त्र और समष्टि अर्थशास्त्र में दो प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं:
| क्रमांक | व्यष्टि अर्थशास्त्र (Micro Economics) | समष्टि अर्थशास्त्र (Macro Economics) |
|---|---|---|
| 1. | यह व्यक्तिगत आर्थिक इकाइयों जैसे उपभोक्ता, फर्म, उद्योग का अध्ययन करता है। | यह संपूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन करता है जैसे राष्ट्रीय आय, कुल रोजगार। |
| 2. | इसका उपयोग व्यक्तिगत वस्तुओं की कीमत निर्धारण में होता है। | इसका उपयोग सामान्य मूल्य स्तर और मुद्रास्फीति निर्धारण में होता है। |
प्रश्न 10
बाजार अर्थव्यवस्था की कोई दो विशेषताएँ लिखिए।
Write any two characteristics of market economy.
उत्तर: बाजार अर्थव्यवस्था की दो प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- निजी संपत्ति का अधिकार: इसमें व्यक्तियों को निजी संपत्ति रखने और उसका उपयोग करने का अधिकार होता है।
- मूल्य तंत्र: वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें बाजार में मांग और पूर्ति के आधार पर निर्धारित होती हैं, सरकारी हस्तक्षेप न्यूनतम होता है।
प्रश्न 11
सामान्य वस्तुएँ और निम्नस्तरीय वस्तुओं में भेद कीजिए।
Distinguish between normal goods and inferior goods.
उत्तर: सामान्य वस्तुएँ और निम्नस्तरीय वस्तुओं में निम्नलिखित अंतर हैं:
| क्रमांक | सामान्य वस्तुएँ (Normal Goods) | निम्नस्तरीय वस्तुएँ (Inferior Goods) |
|---|---|---|
| 1. | जैसे-जैसे आय बढ़ती है, इन वस्तुओं की मांग बढ़ती है। | जैसे-जैसे आय बढ़ती है, इन वस्तुओं की मांग घटती है। |
| 2. | आय की लोच धनात्मक (Positive) होती है। | आय की लोच ऋणात्मक (Negative) होती है। |
| 3. | उदाहरण: गुणवत्ता वाले कपड़े, कार, फल। | उदाहरण: सस्ते अनाज, पुराने कपड़े, सार्वजनिक परिवहन। |
प्रश्न 13
उत्पादन फलन की संक्षिप्त व्याख्या कीजिए। [2]
Explain briefly the production functions.
उत्तर: उत्पादन फलन उत्पादन के साधनों (जैसे श्रम, पूंजी, भूमि) और उत्पादित वस्तु की मात्रा के बीच तकनीकी संबंध को दर्शाता है। इसे गणितीय रूप में इस प्रकार व्यक्त किया जाता है:
Q = f(L, K, N, ...)
जहाँ Q = उत्पादन, L = श्रम, K = पूंजी, N = भूमि आदि। यह बताता है कि दी गई तकनीक से साधनों के विभिन्न संयोजनों से अधिकतम कितना उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
प्रश्न 14
पूर्ण प्रतियोगी बाजार में 'कीमत स्वीकारक व्यवहार' को समझाइये। [2]
Explain the 'price taking behaviour' in perfect competition market.
उत्तर: पूर्ण प्रतियोगी बाजार में असंख्य क्रेता और विक्रेता होते हैं, और प्रत्येक विक्रेता बाजार की कुल आपूर्ति का एक नगण्य हिस्सा होता है। इसलिए कोई भी एक विक्रेता बाजार कीमत को प्रभावित नहीं कर सकता। विक्रेता को बाजार द्वारा निर्धारित कीमत को स्वीकार करना होता है, और वह इसी कीमत पर अपनी इच्छानुसार कोई भी मात्रा बेच सकता है। इसे 'कीमत स्वीकारक व्यवहार' कहते हैं।
प्रश्न 15
मान लीजिए गेहूँ के लिए बाजार माँग वक्र तथा बाजार पूर्ति वक्र का मान क्रमश: qd = 200 - p, qs = 20 + p है तो संतुलन कीमत तथा संतुलन मात्रा ज्ञात कीजिए। [1+1=2]
Suppose given values of market demand and market supply respectively are qd = 200 - p, qs = 20 + p: then calculate the equilibrium price and equilibrium quantity.
हल: संतुलन की स्थिति में बाजार माँग = बाजार पूर्ति होती है।
qd = qs
200 - p = 20 + p
200 - 20 = p + p
180 = 2p
p = 90
अतः संतुलन कीमत = 90
अब संतुलन मात्रा ज्ञात करने के लिए p का मान किसी भी समीकरण में रखें:
q = 200 - 90 = 110
या q = 20 + 90 = 110
अतः संतुलन कीमत = 90 तथा संतुलन मात्रा = 110
प्रश्न 16
नीचे दी गई सारणी से कुल संप्राप्ति की गणना कीजिए - [1+1=2]
Calculate the total revenue by below given table -
| मात्रा (Q) | 2 | 3 | 4 |
|---|---|---|---|
| कीमत (P) | 2 | 4 | 6 |
| कुल संप्राप्ति (TR) |
हल: कुल संप्राप्ति (TR) = मात्रा (Q) × कीमत (P)
- जब Q = 2, P = 2: TR = 2 × 2 = 4
- जब Q = 3, P = 4: TR = 3 × 4 = 12
- जब Q = 4, P = 6: TR = 4 × 6 = 24
अतः पूर्ण सारणी:
| मात्रा (Q) | 2 | 3 | 4 |
|---|---|---|---|
| कीमत (P) | 2 | 4 | 6 |
| कुल संप्राप्ति (TR) | 4 | 12 | 24 |
खण्ड "से" (Section - C)
निम्न प्रश्नों के उत्तर 60-80 शब्दों में दीजिए:
Answer the following questions in 60-80 words:
प्रश्न 7 (Question 7)
राजस्व घाटा, राजकोषीय घाटा एवं प्राथमिक घाटा को समझाइए।
Explain the revenue deficit, fiscal deficit and primary deficit.
उत्तर:
- राजस्व घाटा: यह सरकार की कुल राजस्व प्राप्तियों और कुल राजस्व व्यय के बीच का अंतर है। यह दर्शाता है कि सरकार की आय उसके नियमित खर्चों को पूरा करने में कितनी कम पड़ती है।
- राजकोषीय घाटा: यह सरकार के कुल व्यय और कुल प्राप्तियों (उधार को छोड़कर) के बीच का अंतर है। यह सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है।
- प्राथमिक घाटा: यह राजकोषीय घाटे में से ब्याज भुगतान को घटाकर प्राप्त किया जाता है। यह सरकार की वास्तविक वित्तीय स्थिति को दर्शाता है, बिना पिछले ऋणों के ब्याज के प्रभाव के।
प्रश्न 8 (Question 8)
'वास्तव में अधिकांश अर्थव्यवस्थाएँ खुली हैं।' इसे स्थापित करने के तीन तरीकों का वर्णन कीजिए।
'In reality, most modern economies are open.' Describe any three ways to establish it.
उत्तर: अधिकांश आधुनिक अर्थव्यवस्थाएँ खुली हैं, इसे स्थापित करने के तीन तरीके निम्नलिखित हैं:
- अंतर्राष्ट्रीय व्यापार: देश वस्तुओं और सेवाओं का आयात और निर्यात करते हैं, जो घरेलू उत्पादन और खपत को प्रभावित करता है।
- पूंजी प्रवाह: देशों के बीच पूंजी का प्रवाह (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, ऋण) होता है, जो निवेश और बचत को प्रभावित करता है।
- विनिमय दर तंत्र: मुद्राओं की विनिमय दरें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में निर्धारित होती हैं, जो व्यापार और पूंजी प्रवाह को प्रभावित करती हैं।
प्रश्न 9 (Question 9)
उपभोक्ता के इष्टतम चयन को बजट रेखा कैसे नियमित करती है? समझाइए।
How does the budget line regulate the consumer's optimum choice? Explain.
उत्तर: बजट रेखा उपभोक्ता के इष्टतम चयन को नियमित करती है क्योंकि यह उपभोक्ता की क्रय शक्ति को सीमित करती है। उपभोक्ता अपनी आय और वस्तुओं की कीमतों के अनुसार बजट रेखा पर विभिन्न संयोजनों का चयन कर सकता है। इष्टतम चयन वह बिंदु होता है जहाँ बजट रेखा उदासीनता वक्र को स्पर्श करती है। इस बिंदु पर, उपभोक्ता को अधिकतम संतुष्टि प्राप्त होती है क्योंकि वह अपनी सीमित आय में सर्वोत्तम संभव वस्तुओं का संयोजन चुनता है। बजट रेखा उपभोक्ता को उसकी आय की सीमा के भीतर ही चुनाव करने के लिए बाध्य करती है।
प्रश्न 10 (Question 10)
एकाधिकारी फर्म के बाजार माँग वक्र को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए।
Explain the market demand curve of a monopoly firm with the help of a diagram.
उत्तर: एकाधिकारी फर्म के बाजार माँग वक्र का ढलान नीचे की ओर होता है, जो दर्शाता है कि कीमत और माँगी गई मात्रा के बीच विपरीत संबंध है। एकाधिकारी फर्म बाजार में एकमात्र विक्रेता होती है, इसलिए फर्म का माँग वक्र ही बाजार का माँग वक्र होता है।
रेखाचित्र:
कीमत (Price) | | D | / | / |/______ मात्रा (Quantity) D
इस रेखाचित्र में, D माँग वक्र है जो नीचे की ओर झुका हुआ है। एकाधिकारी फर्म कीमत निर्धारक होती है और वह माँग वक्र के अनुसार कीमत तय करती है। जब फर्म कीमत कम करती है, तो माँगी गई मात्रा बढ़ जाती है, और जब कीमत बढ़ाती है, तो माँगी गई मात्रा घट जाती है।
खण्ड - द (Section - D)
निम्न प्रश्नों के उत्तर 100-150 शब्दों में दीजिए:
Answer the following questions in 100-150 words:
प्रश्न 24 (Question 24)
मुद्रा की पूर्ति में केन्द्रीय बैंक एवं वाणिज्यिक बैंकों की भूमिका की व्याख्या कीजिए।
Discuss the role of central bank and commercial banks in money supply.
उत्तर: मुद्रा पूर्ति में केन्द्रीय बैंक और वाणिज्यिक बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है:
केन्द्रीय बैंक (भारतीय रिजर्व बैंक) की भूमिका:
- केन्द्रीय बैंक मुद्रा (करेंसी) जारी करता है और मुद्रा पूर्ति को नियंत्रित करता है।
- यह बैंक दर, नकद आरक्षित अनुपात (CRR), वैधानिक तरलता अनुपात (SLR) और खुले बाजार की क्रियाओं के माध्यम से मुद्रा पूर्ति को प्रभावित करता है।
- यह वाणिज्यिक बैंकों के लिए अंतिम ऋणदाता के रूप में कार्य करता है।
वाणिज्यिक बैंकों की भूमिका:
- वाणिज्यिक बैंक जमा स्वीकार करते हैं और ऋण प्रदान करते हैं, जिससे मुद्रा का सृजन होता है।
- वे साख निर्माण (credit creation) की प्रक्रिया के माध्यम से मुद्रा पूर्ति को बढ़ाते हैं।
- वे केन्द्रीय बैंक की नीतियों को लागू करने में सहायक होते हैं।
अथवा (OR)
प्रश्न 24 (वैकल्पिक)
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मुद्रा पूर्ति नियंत्रण के उपायों का वर्णन कीजिए।
Describe the measures of money supply control by the Reserve Bank of India.
उत्तर: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) मुद्रा पूर्ति को नियंत्रित करने के लिए निम्नलिखित उपायों का उपयोग करता है:
- बैंक दर (Bank Rate): यह वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है। बैंक दर बढ़ाने से ऋण महंगा हो जाता है और मुद्रा पूर्ति कम हो जाती है।
- नकद आरक्षित अनुपात (CRR): यह वह प्रतिशत है जो बैंकों को अपनी जमा राशि का RBI के पास रखना होता है। CRR बढ़ाने से बैंकों की ऋण देने की क्षमता कम हो जाती है।
- वैधानिक तरलता अनुपात (SLR): यह वह प्रतिशत है जो बैंकों को अपनी जमा राशि का सरकारी प्रतिभूतियों में रखना होता है। SLR बढ़ाने से ऋण देने के लिए उपलब्ध धन कम हो जाता है।
- खुले बाजार की क्रियाएँ (Open Market Operations): RBI सरकारी प्रतिभूतियों को खरीदकर या बेचकर मुद्रा पूर्ति को नियंत्रित करता है। प्रतिभूतियाँ बेचने से मुद्रा पूर्ति कम होती है।
- मार्जिन आवश्यकताएँ (Margin Requirements): ऋण देते समय मार्जिन बढ़ाने से ऋण की मात्रा कम हो जाती है।
22) रेखाचित्र की सहायता से माँग के नियम की व्याख्या कीजिए। [4]
Explain law of demand with the help of diagram.
माँग का नियम (Law of Demand): इस नियम के अनुसार, अन्य बातें समान रहने पर, किसी वस्तु की कीमत बढ़ने पर उसकी माँग कम हो जाती है और कीमत घटने पर माँग बढ़ जाती है। कीमत और माँग में विपरीत संबंध होता है।
रेखाचित्र व्याख्या: एक सामान्य माँग वक्र (Demand Curve) नीचे की ओर झुका हुआ होता है। X-अक्ष पर माँगी गई मात्रा (Quantity Demanded) और Y-अक्ष पर कीमत (Price) दर्शाई जाती है। माँग वक्र DD बाएँ से दाएँ नीचे की ओर जाता है, जो कीमत और माँग के विपरीत संबंध को दर्शाता है।
(रेखाचित्र में एक नीचे की ओर झुकी हुई रेखा DD दिखाएँ, जिसमें बिंदु A पर उच्च कीमत P1 और कम मात्रा Q1, तथा बिंदु B पर निम्न कीमत P2 और अधिक मात्रा Q2 अंकित हो।)
अथवा / OR
बाजार माँग को एक उपयुक्त रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [4]
Explain market demand with the help of a suitable diagram.
बाजार माँग (Market Demand): बाजार माँग किसी वस्तु की वह कुल मात्रा है जिसे सभी उपभोक्ता एक निश्चित कीमत पर खरीदने को तैयार होते हैं। यह सभी व्यक्तिगत माँगों का योग होती है।
रेखाचित्र व्याख्या: बाजार माँग वक्र भी व्यक्तिगत माँग वक्र की तरह नीचे की ओर झुका होता है। इसे दो उपभोक्ताओं (A और B) के व्यक्तिगत माँग वक्रों को क्षैतिज रूप से जोड़कर प्राप्त किया जाता है। प्रत्येक कीमत पर, दोनों उपभोक्ताओं द्वारा माँगी गई मात्राओं को जोड़कर बाजार माँग वक्र बनाया जाता है।
(रेखाचित्र में तीन भाग दिखाएँ: पहले में उपभोक्ता A का माँग वक्र DA, दूसरे में उपभोक्ता B का माँग वक्र DB, और तीसरे में बाजार माँग वक्र DM जो DA और DB का क्षैतिज योग है।)
23) पूर्ण प्रतिस्पर्धी बाजार में 'उत्पादन बंदी बिंदु' को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [4]
Explain the ‘shutdown point' in perfect competition market with the help of diagram.
उत्पादन बंदी बिंदु (Shutdown Point): पूर्ण प्रतिस्पर्धा में, उत्पादन बंदी बिंदु वह स्थिति है जहाँ फर्म की कीमत (Price) उसके औसत परिवर्तनीय लागत (AVC) के न्यूनतम बिंदु के बराबर होती है। यदि कीमत AVC से भी कम हो जाए, तो फर्म को उत्पादन बंद कर देना चाहिए क्योंकि वह अपनी परिवर्तनीय लागतें भी वसूल नहीं कर पाएगी।
रेखाचित्र व्याख्या: एक सामान्य रेखाचित्र में, X-अक्ष पर उत्पादन मात्रा (Output) और Y-अक्ष पर लागत/कीमत (Cost/Price) दर्शाई जाती है। MC (सीमांत लागत), ATC (औसत कुल लागत), और AVC (औसत परिवर्तनीय लागत) वक्र बनाए जाते हैं। उत्पादन बंदी बिंदु वहाँ होता है जहाँ MC वक्र AVC वक्र को उसके न्यूनतम बिंदु पर काटता है। इस बिंदु पर कीमत P = AVC (न्यूनतम) होती है। यदि कीमत इससे नीचे जाती है, तो फर्म उत्पादन बंद कर देती है।
(रेखाचित्र में MC, ATC, और AVC वक्र दिखाएँ। बिंदु S पर MC, AVC को न्यूनतम बिंदु पर काटता है, और इस बिंदु पर कीमत P0 अंकित हो।)
अथवा / OR
निम्न स्थितियों में बाजार संतुलन में परिवर्तन को रेखाचित्र की सहायता से समझाइए। [2+2=4]
Explain changes in market equilibrium in following conditions with the help of diagram -
i) मांग में शिफ्ट (Shift in demand) ii) पूर्ति में शिफ्ट (Shift in supply)
i) मांग में शिफ्ट (Shift in Demand): जब मांग बढ़ती है (दाईं ओर शिफ्ट), तो संतुलन कीमत और संतुलन मात्रा दोनों बढ़ जाती हैं। जब मांग घटती है (बाईं ओर शिफ्ट), तो संतुलन कीमत और संतुलन मात्रा दोनों घट जाती हैं।
(रेखाचित्र में प्रारंभिक मांग वक्र D1 और पूर्ति वक्र S दिखाएँ। मांग बढ़ने पर D2 दिखाएँ जो नया संतुलन E2 (उच्च कीमत और मात्रा) देता है।)
ii) पूर्ति में शिफ्ट (Shift in Supply): जब पूर्ति बढ़ती है (दाईं ओर शिफ्ट), तो संतुलन कीमत घट जाती है और संतुलन मात्रा बढ़ जाती है। जब पूर्ति घटती है (बाईं ओर शिफ्ट), तो संतुलन कीमत बढ़ जाती है और संतुलन मात्रा घट जाती है।
(रेखाचित्र में प्रारंभिक मांग वक्र D और पूर्ति वक्र S1 दिखाएँ। पूर्ति बढ़ने पर S2 दिखाएँ जो नया संतुलन E2 (कम कीमत और अधिक मात्रा) देता है।)